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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम दरिमी : 1421

أَخْبَرَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ الدَّسْتَوَائِيُّ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ عَوْفٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَرَجَ عَلَيْهِمْ وَهُمْ يُصَلُّونَ بَعْدَ طُلُوعِ الشَّمْسِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَلَاةُ الْأَوَّابِينَ إِذَا رَمِضَتْ الْفِصَالُ

हमें [वहब बिन जरीर] ने [अल कासिम बिन औफ] से [ज़ैद बिन अरकम] से [हिसाम अद दस्तवाई] बताया है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनसे मिलने के लिए निकले, जब वे सूरज उगने के बाद नमाज़ पढ़ रहे थे। तब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "आज्ञाकारी की नमाज़ तब होती है जब सूरज चमक रहा हो (गर्म हो)।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 18463, 18470, 18514, 18540
इमाम मुस्लिम : 1237, 1238
इमाम दरिमी : 1421