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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 949

حَدَّثَنَا الْقَعْنَبِيُّ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ يَعْنِي ابْنَ بِلَالٍ عَنْ جَعْفَرٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ أَبِي رَافِعٍ قَالَصَلَّى بِنَا أَبُو هُرَيْرَةَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَقَرَأَ بِسُورَةِ الْجُمُعَةِ وَفِي الرَّكْعَةِ الْآخِرَةِ إِذَا جَاءَكَ الْمُنَافِقُونَ قَالَ فَأَدْرَكْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ حِينَ انْصَرَفَ فَقُلْتُ لَهُ إِنَّكَ قَرَأْتَ بِسُورَتَيْنِ كَانَ عَلِيٌّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقْرَأُ بِهِمَا بِالْكُوفَةِ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقْرَأُ بِهِمَا يَوْمَ الْجُمُعَةِ

हमें [अल क़नाबी] ने बताया है कि हमें [सुलेमान यानी इब्न बिलाल] ने [जाफ़र] से [अपने पिता] से [इब्न अबू रफ़ी] से बताया है, उन्होंने कहा; अबू हुरैरा ने शुक्रवार (नमाज़) को हमारी मंज़िममी नमाज़ पढ़ी, फिर उन्होंने पहली रकअत में सूरह अल जुमुआ और आखिरी रकअत में "इदज़ा जा-अकल मुनाफ़िक़ुन" पढ़ी। नमाज़ के बाद, मैं अबू हुरैरा से मिला और उनसे कहा; "बेशक, आपने वह खत वैसे ही पढ़ा जैसा अली बिन अबू तालिब ने कूफ़ा में पढ़ा था।" [अबू हुरैरा] ने कहा; "मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को शुक्रवार की नमाज़ के दौरान ये दो सूरह पढ़ते हुए सुना।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 3230, 9654
इमाम मुस्लिम : 1451
इमाम अबू दाऊद : 949
इमाम तिर्मिदज़ी : 477