प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 1065
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ كَيْسَانَ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَرَأَ فِي رَكْعَتَيْ الْفَجْرِ قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ وَ قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ
हमें बताया गया है कि [याह्या बिन मैन] ने हमें बताया है [मरवान बिन मुअविया] ने हमें [यज़ीद बिन कैसन] [अबू हाज़िम] से [अबू हुरैरा] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सुबह (सुन्नत) की प्रार्थना के दो रकातों में "क़ुल या अय्युहल काफ़िरून" और "क़ुल हुवल्लाहु अहद" पढ़ा।