प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1288
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدْعُو وَيَقُولُ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَمِنْ عَذَابِ النَّارِ وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ
हमें बताया है [मुस्लिम बिन इब्राहीम] ने हमें बताया है [हिशाम] ने हमें बताया है [याह्या] [अबू सलामा] से [अबू हुरैरा रदियल्लाहु अन्हु] ने कहा, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने प्रार्थना की: "अल्लाहुम्मा इन्नी 'अउदज़ु बिका मिन 'अदज़ाबिल क़बरी वा मिन 'अदज़ाबिन नार वा मिन फ़ितनतिल माहिया वल ममाति वा मिन फ़ितमतिल मसीह दज्जाल" (अर्थ): ("हे अल्लाह, मैं कब्र की कठिनाइयों से और नरक की पीड़ा से और जीवन और मृत्यु की बदनामी से और अल मसीह दज्जाल की बदनामी से आपकी शरण चाहता हूं")।
समर्थक हदीस :
इमाम अहमद : 2060, 2226, 2574, 2642, 2695, 7531, 7623, 8989, 9018, 9101, 9478, 9658, 9690, 9791, 9859, 10350
इमाम बुखारी : 1288
इमाम मुस्लिम : 924, 926, 927, 928, 929, 930
इमाम अबू दाऊद : 834, 1318
इमाम तिर्मिदज़ी : 3416
इमाम नसाई : 2033, 2036, 5410, 5411, 5413, 5414, 5415, 5416, 5417, 5418, 5419, 5420, 5421, 5422, 5423, 5424, 5425
इमाम इब्नु माजा : 3830
इमाम मलिक : 450