Hadith Representative
Doa ruku' - 3: SUBHAANA RABBIYAL ADZHIIM 3x
Imam Tirmidzi : 242حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ عَنْ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ يَزِيدَ الْهُذَلِيِّ عَنْ عَوْنِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا رَكَعَ أَحَدُكُمْ فَقَالَ فِي رُكُوعِهِ سُبْحَانَ رَبِّيَ الْعَظِيمِ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ فَقَدْ تَمَّ رُكُوعُهُ وَذَلِكَ أَدْنَاهُ وَإِذَا سَجَدَ فَقَالَ فِي سُجُودِهِ سُبْحَانَ رَبِّيَ الْأَعْلَى ثَلَاثَ مَرَّاتٍ فَقَدْ تَمَّ سُجُودُهُ وَذَلِكَ أَدْنَاهُقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ حُذَيْفَةَ وَعُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ مَسْعُودٍ لَيْسَ إِسْنَادُهُ بِمُتَّصِلٍ عَوْنُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ لَمْ يَلْقَ ابْنَ مَسْعُودٍ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ يَسْتَحِبُّونَ أَنْ لَا يَنْقُصَ الرَّجُلُ فِي الرُّكُوعِ وَالسُّجُودِ مِنْ ثَلَاثِ تَسْبِيحَاتٍ وَرُوِيَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ أَنَّهُ قَالَ أَسْتَحِبُّ لِلْإِمَامِ أَنْ يُسَبِّحَ خَمْسَ تَسْبِيحَاتٍ لِكَيْ يُدْرِكَ مَنْ خَلْفَهُ ثَلَاثَ تَسْبِيحَاتٍ وَهَكَذَا قَالَ إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ
हमरा सभकेँ कहने छथि [अली बिन हुजर] कहलनि; हमरा सब [ईसा बिन यूनुस] के [इब्न अबू डीजी`ब] स [इशक बिन यजीद अल हुद्जाली] स [आउन बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह] स [इब्न मसूद] स रिपोर्ट केने छथि जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'अगर अहाँ सब में स कियो झुकि क अपन धनुष में कहैत अछि; सुभाना रब्बियाल अझिम -महिमा हमर भगवान, परम महान- तीन बेर तखन प्रणाम पूरा भ जाइत अछि | आ से न्यूनतम अछि। तखन जखन सजदा करब तखन कहब; सुभाना रब्बियाल अ'ला -महिमा हमर प्रभु परम- तीन बेर तखन प्रणाम पूर्ण भ' जाइत अछि । आ से न्यूनतम अछि'। ओ कहलनि; 'एहि अध्याय मे हुदजाइफा आ उकबाह बिन अमीर के हदीस सेहो अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'इब्न मसूद के हदीस निरंतर नै छै, कैन्हेंकि औन बिन अब्दुल्लाह बिन उत्बाह के इब्नू मसूद स भेंट नै भेलै। ई हदीस विज्ञान के विशेषज्ञऽ द्वारा अभ्यास करलऽ जाय छै, कि वू ई पसंद करै छै कि कोय व्यक्ति प्रणाम आरू सजदा करतें हुअ॑ तस्बीह के पढ़ाई म॑ कमी नै करै । आरू ई बात अब्दुल्ला बिन अल मुबारक स॑ रिवायत करलऽ गेलऽ छै, हुनी कहलकै; 'हमरा इमाम पाँच बेर तस्बीह पढ़ब बेसी नीक लगैत अछि जाहिसँ पाछूक व्यक्ति तीन बेर तस्बीह पढ़ि सकए ।' इशाक बिन इब्राहिम सेहो एहिना सोचैत छथि'।