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Allah telah mewajibkan kepada mereka lima kali shalat setiap hari dan malam
Imam Tirmidzi : 567حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا زَكَرِيَّا بْنُ إِسْحَقَ الْمَكِّيُّ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ صَيْفِيٍّ عَنْ أَبِي مَعْبَدٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَعَثَ مُعَاذًا إِلَى الْيَمَنِ فَقَالَ لَهُ إِنَّكَ تَأْتِي قَوْمًا أَهْلَ كِتَابٍ فَادْعُهُمْ إِلَى شَهَادَةِ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَنِّي رَسُولُ اللَّهِ فَإِنْ هُمْ أَطَاعُوا لِذَلِكَ فَأَعْلِمْهُمْ أَنَّ اللَّهَ افْتَرَضَ عَلَيْهِمْ خَمْسَ صَلَوَاتٍ فِي الْيَوْمِ وَاللَّيْلَةِ فَإِنْ هُمْ أَطَاعُوا لِذَلِكَ فَأَعْلِمْهُمْ أَنَّ اللَّهَ افْتَرَضَ عَلَيْهِمْ صَدَقَةً فِي أَمْوَالِهِمْ تُؤْخَذُ مِنْ أَغْنِيَائِهِمْ وَتُرَدُّ عَلَى فُقَرَائِهِمْ فَإِنْ هُمْ أَطَاعُوا لِذَلِكَ فَإِيَّاكَ وَكَرَائِمَ أَمْوَالِهِمْ وَاتَّقِ دَعْوَةَ الْمَظْلُومِ فَإِنَّهَا لَيْسَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ اللَّهِ حِجَابٌوَفِي الْبَاب عَنْ الصُّنَابِحِيِّ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو مَعْبَدٍ مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ اسْمُهُ نَافِذٌ
हमरा सब के कहलक अछि [अबू कुरैब] हमरा सब के बता देने अछि [वाकी'] हमरा सब के बता देने अछि [जकारिया बिन इशाक अल मक्की] हमरा सब के [याह्या बिन अब्दुल्लाह बिन अस शैफी] के [अबू मा'बाद] स [इब्न अब्बास] स कहलक अछि जे अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुअदज के यमन पठौलनि, तखन ओ हुनका कहलखिन: 'सचहूँ अहाँ लोक के पास आबि जायब अहलुल किताब के, तखन हुनका सब के पंथ ला इलाहा इल्लाल्लाह पर बजाउ आ हम अल्लाह के रसूलुल्लाह छी। जँ ओ सभ अहाँक बात मानैत छथि तँ हुनका सभकेँ सिखा दियौन जे अल्लाह हुनका सभकेँ दिन-राति पाँच बेर नमाज पढ़ब अनिवार्य कएने छथि । जँ ओ सभ अहाँक बात मानैत छथि तँ हुनका सभकेँ कहू जे अल्लाह हुनका सभ पर अमीर सभसँ लेल गेल धनक जकात देब अनिवार्य कएने छथि जे हुनका सभक बीच गरीब सभकेँ बाँटि देल जाए। अगर ओ अहाँक बात मानैत छथि त हुनकर सबस नीक धन स जकात नहि ली आ अन्याय केनिहार के नमाज स सावधान रहू कियाक त हुनकर नमाज आ अल्लाह के बीच कोनो बाधा नै अछि। मुस्तजब-'। -कथाकार- कहलनि, एहि अध्याय मे -अल शुनाबिही सँ एकटा -पेन्ट- इतिहास सेहो अछि | अबू ईसा कहलकै, इब्न अब्बास केरऽ हदीस हसन केरऽ प्रामाणिक हदीस छै । अबू म'बाद इब्न अब्बास के गुलाम छल जेकर नाम नाफिज छल |