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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
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- Thaharah Pemandian, Mandi besar (ghusl) dan Junub Disyariatkannya mandi: setelah menguburkan mayat hendaklah untuk mandi

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Disyariatkannya mandi: setelah menguburkan mayat hendaklah untuk mandi
Imam Abu Dawud : 2779

حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ عَنْ نَافِعٍ أَبِي غَالِبٍ قَالَكُنْتُ فِي سِكَّةِ الْمِرْبَدِ فَمَرَّتْ جَنَازَةٌ مَعَهَا نَاسٌ كَثِيرٌ قَالُوا جَنَازَةُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَيْرٍ فَتَبِعْتُهَا فَإِذَا أَنَا بِرَجُلٍ عَلَيْهِ كِسَاءٌ رَقِيقٌ عَلَى بُرَيْذِينَتِهِ وَعَلَى رَأْسِهِ خِرْقَةٌ تَقِيهِ مِنْ الشَّمْسِ فَقُلْتُ مَنْ هَذَا الدِّهْقَانُ قَالُوا هَذَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ فَلَمَّا وُضِعَتْ الْجَنَازَةُ قَامَ أَنَسٌ فَصَلَّى عَلَيْهَا وَأَنَا خَلْفَهُ لَا يَحُولُ بَيْنِي وَبَيْنَهُ شَيْءٌ فَقَامَ عِنْدَ رَأْسِهِ فَكَبَّرَ أَرْبَعَ تَكْبِيرَاتٍ لَمْ يُطِلْ وَلَمْ يُسْرِعْ ثُمَّ ذَهَبَ يَقْعُدُ فَقَالُوا يَا أَبَا حَمْزَةَ الْمَرْأَةُ الْأَنْصَارِيَّةُ فَقَرَّبُوهَا وَعَلَيْهَا نَعْشٌ أَخْضَرُ فَقَامَ عِنْدَ عَجِيزَتِهَا فَصَلَّى عَلَيْهَا نَحْوَ صَلَاتِهِ عَلَى الرَّجُلِ ثُمَّ جَلَسَ فَقَالَ الْعَلَاءُ بْنُ زِيَادٍ يَا أَبَا حَمْزَةَ هَكَذَا كَانَ يَفْعَلُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي عَلَى الْجَنَازَةِ كَصَلَاتِكَ يُكَبِّرُ عَلَيْهَا أَرْبَعًا وَيَقُومُ عِنْدَ رَأْسِ الرَّجُلِ وَعَجِيزَةِ الْمَرْأَةِ قَالَ نَعَمْ قَالَ يَا أَبَا حَمْزَةَ غَزَوْتَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ نَعَمْ غَزَوْتُ مَعَهُ حُنَيْنًا فَخَرَجَ الْمُشْرِكُونَ فَحَمَلُوا عَلَيْنَا حَتَّى رَأَيْنَا خَيْلَنَا وَرَاءَ ظُهُورِنَا وَفِي الْقَوْمِ رَجُلٌ يَحْمِلُ عَلَيْنَا فَيَدُقُّنَا وَيَحْطِمُنَا فَهَزَمَهُمْ اللَّهُ وَجَعَلَ يُجَاءُ بِهِمْ فَيُبَايِعُونَهُ عَلَى الْإِسْلَامِ فَقَالَ رَجُلٌ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ عَلَيَّ نَذْرًا إِنْ جَاءَ اللَّهُ بِالرَّجُلِ الَّذِي كَانَ مُنْذُ الْيَوْمَ يَحْطِمُنَا لَأَضْرِبَنَّ عُنُقَهُ فَسَكَتَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَجِيءَ بِالرَّجُلِ فَلَمَّا رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ تُبْتُ إِلَى اللَّهِ فَأَمْسَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يُبَايِعُهُ لِيَفِيَ الْآخَرُ بِنَذْرِهِ قَالَ فَجَعَلَ الرَّجُلُ يَتَصَدَّى لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِيَأْمُرَهُ بِقَتْلِهِ وَجَعَلَ يَهَابُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يَقْتُلَهُ فَلَمَّا رَأَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ لَا يَصْنَعُ شَيْئًا بَايَعَهُ فَقَالَ الرَّجُلُ يَا رَسُولَ اللَّهِ نَذْرِي فَقَالَ إِنِّي لَمْ أُمْسِكْ عَنْهُ مُنْذُ الْيَوْمَ إِلَّا لِتُوفِيَ بِنَذْرِكَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلَا أَوْمَضْتَ إِلَيَّ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّهُ لَيْسَ لِنَبِيٍّ أَنْ يُومِضَقَالَ أَبُو غَالِبٍ فَسَأَلْتُ عَنْ صَنِيعِ أَنَسٍ فِي قِيَامِهِ عَلَى الْمَرْأَةِ عِنْدَ عَجِيزَتِهَا فَحَدَّثُونِي أَنَّهُ إِنَّمَا كَانَ لِأَنَّهُ لَمْ تَكُنْ النُّعُوشُ فَكَانَ الْإِمَامُ يَقُومُ حِيَالَ عَجِيزَتِهَا يَسْتُرُهَا مِنْ الْقَوْمِ قَالَ أَبُو دَاوُد قَوْلُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُمِرْتُ أَنْ أُقَاتِلَ النَّاسَ حَتَّى يَقُولُوا لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ نُسِخَ مِنْ هَذَا الْحَدِيثِ الْوَفَاءُ بِالنَّذْرِ فِي قَتْلِهِ بِقَوْلِهِ إِنِّي قَدْ تُبْتُ

हमरा सब [दाउद बिन मुअदज] के कहलक अछि, [नाफी अबू गालिब] स हमरा सब के [अब्दुल वारित्स] के कहने अछि, ओ कहलनि; ऊँट के बान्हय वाला जगह पर गाछ के पंक्ति में छलहुं, तखन ओहि ठाम सं बहुत लोक के संग लाश के एकटा समूह गुजरैत छल. ओ सभ कहलक; ई अब्दुल्लाह बिन उमैरक लाश थिक, तेँ हम हुनकर पाछाँ-पाछाँ चललहुँ । अचानक हम घोड़ा पर हल्का कपड़ा पहिरने एकटा व्यक्तिक लग मे छलहुँ, आ माथक ऊपर एकटा कपड़ाक टुकड़ी छलैक जे ओकरा रौदक गर्मी सँ बचाबैत छलैक । हम कहैत छी; ई व्यक्ति के अछि ? ओ सभ कहलक; ई अनस बिन मलिक छथि। तखन जखन लाश राखल गेल तखन [अनस] ठाढ़ भ' क' ओकरा पर प्रार्थना केलक, जखन कि हम ओकर पाछू रही, हमरा आ ओकरा बीच किछु नहि छल। माथक बगल मे ठाढ़ भ’ चारि बेर तकबीर बाजल, बेसी काल नहि आ जल्दी नहि। तखन जा कऽ बैसि गेलाह। ई लोकनि कहलक; हे अबू हमजाह, ई एकटा अंसार स्त्री के शरीर अछि। तखन ओ सभ ओहि महिलाक लाश केँ हुनका लग अनलनि, लाश हरियर चिता मे झाँपि गेल छल | तखन अनस लाशक नितम्बक बगल मे ठाढ़ भ' गेल, तखन ओ ओहि आदमीक लाश केँ प्रार्थना करय जकाँ प्रार्थना केलक, आ फेर बैसि गेल। अल 'आला` बिन जियाद कहलनि; हे अबू हमजाह, की रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम चारि बेर तकबीर कहि, आ पुरुष लाशक माथ पर आ महिला लाशक नितम्ब पर ठाढ़ भ' क' अहाँक नमाज जकाँ मृत शरीरक लेल कोना दुआ केलनि? ओ कहलनि; हँ। ओ कहलनि; हे अबू हमजाह, की अहाँ कहियो नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स लड़ने छी? ओ कहलनि; हँ हम एक बेर हुनका संग हुनैन लड़ाई लड़ने रही। मुश्रिक सभ बाहर आबि हमरा सभ पर ताबत धरि हमला केलक जाबत धरि हम सभ हमरा सभक पीठक पाछू घोड़ा नहि देखलहुँ । आ एहि लोक सभ मे एकटा एहन आदमी छल जे हमरा सभ पर हमला केलक, ओ हमरा सभ पर मारि देलक आ हमरा सभ पर तमसा गेल। तखन अल्लाह, आ हुनका सब के अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने पेश कयल गेल आ हुनका इस्लाम स्वीकार करबाक लेल वफादारी के प्रण कयल गेल | तखन नबीक एकटा मित्र छलाह जे कहलनि; असल मे हम प्रण केने रही जे जँ अल्लाह एहन व्यक्ति केँ अनताह जे ओहि दिन सँ हमरा सभक प्रति अपन क्रोध उघार करत तऽ हम ओकर गर्दन निश्चित रूप सँ काटि देब जखन कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम चुप रहताह। तखन व्यक्ति के आनल गेल, फेर जखन ओ अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के देखलक त ओ कहलनि; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम अल्लाह के सामने पश्चाताप क लेने छी। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपना के संयमित क लेलक आ वफादारी नै केलक ताकि दोसर लोक अपन नज़र पूरा क सकथि। तखन मित्र रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सेवा केलक जे ओकरा मारय के आदेश देलक, आ मित्र रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ओहि व्यक्ति के मारय सं हिचकिचा रहल छल. तखन जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम देखलनि जे ओ किछु नहि क' रहल छथि त' हुनका प्रति वफादारी के प्रण केलनि। तखने मित्र कहलक; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर नज़र के की? ओ कहलनि: 'सत्ते, हम ओहि दिन सँ हुनका प्रति निष्ठा देबा सँ नहि परहेज केलहुँ अपितु अहाँ अपन व्रत पूरा करब'। मित्र कहलक; की अहाँ हमरा अपन आँखि सँ संकेत नहि दैत छी, हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह? तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'वास्तव मे नबी के लेल आँखिक उपयोग क संकेत देब उचित नहि अछि'। अबू गालिब कहलनि; तखन हम अनस के हरकत के बारे में पूछलियैन जखन एकटा महिला के नितम्ब के कात में लाश के प्रार्थना करैत छल. तखन ओ सभ हमरा कहलक जे चिता नहि अछि तेँ पुरोहित अपन नितम्ब मुँहे ठाढ़ भ' गेलाह तेँ लोक सभ सँ झाँपि देलनि । अबू दाउद कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बात हमरा आदेश देल गेल छल जे लोक स लड़ब जा धरि ओ नहि कहत: ला इलाहा इल्लाह’, हत्या के लेल नज़र के पूरा करब एहि हदीस स ओहि व्यक्ति के शब्द स हटा देल गेल छल जे मारय वाला छल; हम पश्चाताप कएने छी।

Hadith Corroboration :