हदीस
Rasulullah memerintahkan berwudhu untuk setiap makanan yang tersentuh oleh api
Imam Tirmidzi : 74حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْوُضُوءُ مِمَّا مَسَّتْ النَّارُ وَلَوْ مِنْ ثَوْرِ أَقِطٍقَالَ فَقَالَ لَهُ ابْنُ عَبَّاسٍ يَا أَبَا هُرَيْرَةَ أَنَتَوَضَّأُ مِنْ الدُّهْنِ أَنَتَوَضَّأُ مِنْ الْحَمِيمِ قَالَ فَقَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ يَا ابْنَ أَخِي إِذَا سَمِعْتَ حَدِيثًا عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَا تَضْرِبْ لَهُ مَثَلًا قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أُمِّ حَبِيبَةَ وأُمِّ سَلَمَةَ وَزَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ وَأَبِي طَلْحَةَ وَأَبِي أَيُّوبَ وَأَبِي مُوسَى قَالَ أَبُو عِيسَى وَقَدْ رَأَى بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ الْوُضُوءَ مِمَّا غَيَّرَتْ النَّارُ وَأَكْثَرُ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالتَّابِعِينَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ عَلَى تَرْكِ الْوُضُوءِ مِمَّا غَيَّرَتْ النَّارُ
हमनी के बतवले बाड़े [इब्न अबू उमर] कहले बाड़े; हमनी के [सुफयान बिन उयैनह] से [मुहम्मद बिन अमरू] से [अबू सलामाह] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़े उ कहले; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'आग से छूवल चीज़ प वज़ूद करे के चाही, भले उ सूखल दूध -पनीर- होखे।' अबू सलामाह कहले कि; इब्न अब्बास उनसे पूछले कि हे अबू हुरैरा, घी खाए के चलते वज़ूद करे के पड़ेला? आ का हमनी के गरम पानी पीये के वजह भी करे के पड़ेला?' अबू सलामाह कहले कि; एकरा बाद अबू हुरैरा जवाब दिहले, 'हे हमार भाई के बेटा, अगर आप अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से हदीस सुनतानी त उदाहरण मत बनाईं - समकक्ष -'। अबू ईसा कहले कि; 'एह अध्याय में उम्म हबीबाह, उम्म सलामाह, जैद बिन थाबीत, अबू सलामाह, अबू अय्यूब आ अबू मूसा से भी रिवायत बा'। अबू ईसा फेरु कहले, 'कुछ विद्वान लोग के राय बा कि जवन चीज़ आग से बदल जाला - कच्चा से पकावल - खातिर वज़ूद फर्ज बा, लेकिन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, तबी'इन अवुरी उनुका बाद के लोग के साथी में से अधिकांश विद्वान कवनो चीज़ खाती वज़ूद ना करेले, जवन कि आग से बदलल होखे'।
हदीस :
Imam Ahmad : 7287, 7350, 9154, 9527, 9691, 9814, 10138, 10428, 15757, 15768, 18731, 18872, 20615, 20655, 20660, 20668, 20673, 20680, 23439, 25499, 25548, 25553, 25554, 25557, 25558, 25559, 26131, 26138
Imam Muslim : 528, 529, 530
Imam Abu Dawud : 166, 167
Imam Tirmidzi : 74
Imam Nasa'i : 171, 172, 173, 174, 175, 176, 177, 178, 179, 180, 181, 185
Imam Ibnu Majah : 478, 479, 480
Imam Darimi : 720