प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 52
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أُمِّ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ لَا يَرْقُدُ مِنْ لَيْلٍ وَلَا نَهَارٍ فَيَسْتَيْقِظُ إِلَّا تَسَوَّكَ قَبْلَ أَنْ يَتَوَضَّأَ
हमें बताया गया है कि [मुहम्मद बिन कसीर] ने हमें [अली बिन ज़ैद] से [उम्मू मुहम्मद] से [आइस्या] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रात या दिन में अपनी नींद से नहीं उठते थे, जब तक कि वह वज़ू करने से पहले सिवाक न कर लें।