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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 49

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ زَكَرِيَّا بْنِ أَبِي زَائِدَةَ عَنْ مُصْعَبِ بْنِ شَيْبَةَ عَنْ طَلْقِ بْنِ حَبِيبٍ عَنْ ابْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَشْرٌ مِنْ الْفِطْرَةِ قَصُّ الشَّارِبِ وَإِعْفَاءُ اللِّحْيَةِ وَالسِّوَاكُ وَالِاسْتِنْشَاقُ بِالْمَاءِ وَقَصُّ الْأَظْفَارِ وَغَسْلُ الْبَرَاجِمِ وَنَتْفُ الْإِبِطِ وَحَلْقُ الْعَانَةِ وَانْتِقَاصُ الْمَاءِ يَعْنِي الِاسْتِنْجَاءَ بِالْمَاءِقَالَ زَكَرِيَّا قَالَ مُصْعَبٌ وَنَسِيتُ الْعَاشِرَةَ إِلَّا أَنْ تَكُونَ الْمَضْمَضَةَ حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ وَدَاوُدُ بْنُ شَبِيبٍ قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَ مُوسَى عَنْ أَبِيهِ و قَالَ دَاوُدُ عَنْ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ مِنْ الْفِطْرَةِ الْمَضْمَضَةَ وَالِاسْتِنْشَاقَ فَذَكَرَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ إِعْفَاءَ اللِّحْيَةِ وَزَادَ وَالْخِتَانَ قَالَ وَالِانْتِضَاحَ وَلَمْ يَذْكُرْ انْتِقَاصَ الْمَاءِ يَعْنِي الِاسْتِنْجَاءَ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرُوِيَ نَحْوُهُ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ وَقَالَ خَمْسٌ كُلُّهَا فِي الرَّأْسِ وَذَكَرَ فِيهَا الْفَرْقَ وَلَمْ يَذْكُرْ إِعْفَاءَ اللِّحْيَةِ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرُوِيَ نَحْوُ حَدِيثِ حَمَّادٍ عَنْ طَلْقِ بْنِ حَبِيبٍ وَمُجَاهِدٍ وَعَنْ بَكْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُزَنِيِّ قَوْلُهُمْ وَلَمْ يَذْكُرُوا إِعْفَاءَ اللِّحْيَةِ وَفِي حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِيهِ وَإِعْفَاءُ اللِّحْيَةِ وَعَنْ إِبْرَاهِيمَ النَّخَعِيِّ نَحْوُهُ وَذَكَرَ إِعْفَاءَ اللِّحْيَةِ وَالْخِتَانَ

हमें बताया है [याह्या बिन मैन] ने हमें बताया है [वाक़ी] [ज़कारिया बिन अबू ज़ैदा] से [मुशाब बिन स्याबा] से [थल्क बिन हबीब] से [इब्न अज़ ज़ुबैर] से [ऐस्या] से उन्होंने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "दस चीजें जो फ़ितरा का हिस्सा हैं: मूंछें काटना, दाढ़ी बढ़ाना (इसे बढ़ने देना), बरसीवाक, पानी से इस्तिनस्याक करना, नाखून काटना, उंगलियों के बीच धोना, बगल के बाल तोड़ना, जघन के बाल मुंडवाना और पानी से इस्तिंजा करना।" ज़करिया ने कहा; मुशाब ने समझाया; "मैं दसवीं भूल गया लेकिन यह सबसे अधिक संभावना है कि गरारे करना था।" हमें बताया है [मूसा बिन इस्माइल] और [दाऊद बिन स्याबीब] उन दोनों ने कहा; [हम्माद] ने हमें [अली बिन ज़ैद] से [सलमा बिन मुहम्मद बिन अम्मार बिन यासिर] से बताया, [मूसा] ने [अपने पिता] से कहा। और [दाऊद] ने कहा; [अम्मार बिन यासिर] से, कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "वास्तव में, प्राकृतिक चीजों में मुंह धोना और इस्तिंशाक करना है," फिर उन्होंने एक समान हदीस का उल्लेख किया, लेकिन उन्होंने दाढ़ी बढ़ाने का उल्लेख नहीं किया बल्कि जोड़ा; और खतना। उन्होंने वास्वास दूर करने के लिए जननांगों पर पानी छिड़कने का उल्लेख किया और पानी से इस्तिंजा करने का उल्लेख नहीं किया। अबू दाऊद ने कहा; और इसी तरह की एक हदीस इब्न अब्बास से वर्णित है और उन्होंने उल्लेख किया; सिर पर पाँच प्राकृतिक चीजें, फिर उन्होंने बालों को अलग करने का उल्लेख किया (आधा दाईं ओर और आधा बाईं ओर) और दाढ़ी बढ़ाने का उल्लेख नहीं किया। अबू दाऊद ने कहा; और मिसाल के तौर पर, हम्माद की हदीस में, थल्क बिन हबीब और मुजाहिद से और बक्र बिन अब्दुल्लाह अल मुज़ानी से, उनकी बातें बताई गई हैं, और उन्होंने दाढ़ी बढ़ाने की बात का ज़िक्र नहीं किया। और [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन अबू मरियम] की हदीस में [अबू सलमा] से [अबू हुरैरा] पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उसमें दाढ़ी बढ़ाने का ज़िक्र है। और मिसाल के तौर पर, इब्राहिम अन नखाई से, और उन्होंने दाढ़ी बढ़ाने और खतना करने की बात का ज़िक्र किया।

समर्थक हदीस :


इमाम अहमद : 23909
इमाम मुस्लिम : 384
इमाम अबू दाऊद : 49
इमाम तिर्मिदज़ी : 2681
इमाम इब्नु माजा : 289, 290