इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Shalat Seratus Raka'at Ketika duduk, berdzikir menunggu hingga matahari terbit Membaca SUBHANALLAH 33x, ALHAMDULILLAH 33x, ALLAHU AKBAR 33x, LAA ILAAHA ILLA ALLAH WAHDAHU LAA SYARIIKA LAH

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Membaca SUBHANALLAH 33x, ALHAMDULILLAH 33x, ALLAHU AKBAR 33x, LAA ILAAHA ILLA ALLAH WAHDAHU LAA SYARIIKA LAH
Imam Malik : 439

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي عُبَيْدٍ مَوْلَى سُلَيْمَانَ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ قَالَمَنْ سَبَّحَ دُبُرَ كُلِّ صَلَاةٍ ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ وَكَبَّرَ ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ وَحَمِدَ ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ وَخَتَمَ الْمِائَةَ بِلَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ غُفِرَتْ ذُنُوبُهُ وَلَوْ كَانَتْ مِثْلَ زَبَدِ الْبَحْرِ

मलिक हमरा के [अबू उबैद] से बतवले कि सुलेमान बिन अब्दुल मलिक के एगो गुलाम रहल सुलेमान बिन अब्दुल मलिक से [अथा बिन यजीद अल लैत्सी] से [अबू हुरैरा] से उ कहले कि, 'जे हर बेर तेतीस बेर नमाज खतम कईला प तसबीह करेला, तेतीस बेर तकबीर पढ़ेला, तेतीस बेर तहमीद करेला, अवुरी एकरा के एक तक पूरा करेला सौ के पाठ करके, 'ला इलाहा इल्लाहु वहदाहु ला स्यारीईकलाह, लाहुल मुलकु वा लाहुल हमदू वा हुवा 'आला कुल्ली स्याई`इन कादीर' -अल्लाह, सर्वशक्तिमान के अलावा कवनो देवता नइखे, कवनो साथी नइखे आ उनकर स्तुति बा। उनुका खातिर राज्य आ स्तुति बा। सर्वशक्तिमान सब कुछ तय करेला-', तब ओकर सब पाप माफ हो जाई भले ही उ समुद्र में झाग के बराबर होखे'।

हदीस :

Imam Ahmad : 8478, 9878
Imam Muslim : 939
Imam Malik : 439