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Shalat Rasulullah SAW, yang kalian tidak akan mampu mengerjakannya
Imam Tirmidzi : 544حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ قَالَسَأَلْنَا عَلِيًّا عَنْ صَلَاةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ النَّهَارِ فَقَالَ إِنَّكُمْ لَا تُطِيقُونَ ذَاكَ فَقُلْنَا مَنْ أَطَاقَ ذَاكَ مِنَّا فَقَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا كَانَتْ الشَّمْسُ مِنْ هَاهُنَا كَهَيْئَتِهَا مِنْ هَاهُنَا عِنْدَ الْعَصْرِ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ وَإِذَا كَانَتْ الشَّمْسُ مِنْ هَاهُنَا كَهَيْئَتِهَا مِنْ هَاهُنَا عِنْدَ الظُّهْرِ صَلَّى أَرْبَعًا وَصَلَّى أَرْبَعًا قَبْلَ الظُّهْرِ وَبَعْدَهَا رَكْعَتَيْنِ وَقَبْلَ الْعَصْرِ أَرْبَعًا يَفْصِلُ بَيْنَ كُلِّ رَكْعَتَيْنِ بِالتَّسْلِيمِ عَلَى الْمَلَائِكَةِ الْمُقَرَّبِينَ وَالنَّبِيِّينَ وَالْمُرْسَلِينَ وَمَنْ تَبِعَهُمْ مِنْ الْمُؤْمِنِينَ وَالْمُسْلِمِينَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ عَنْ عَلِيٍّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ و قَالَ إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَحْسَنُ شَيْءٍ رُوِيَ فِي تَطَوُّعِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي النَّهَارِ هَذَا وَرُوِي عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ أَنَّهُ كَانَ يُضَعِّفُ هَذَا الْحَدِيثَ وَإِنَّمَا ضَعَّفَهُ عِنْدَنَا وَاللَّهُ أَعْلَمُ لِأَنَّهُ لَا يُرْوَى مِثْلُ هَذَا عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَّا مِنْ هَذَا الْوَجْهِ عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ عَنْ عَلِيٍّ وَعَاصِمُ بْنُ ضَمْرَةَ هُوَ ثِقَةٌ عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالَ عَلِيُّ بْنُ الْمَدِينِيِّ قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ قَالَ سُفْيَانُ كُنَّا نَعْرِفُ فَضْلَ حَدِيثِ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ عَلَى حَدِيثِ الْحَارِثِ
हमरा सब के कहलक अछि [महमुद बिन घैलन] हमरा सब के बता देने अछि [वहब बिन जरीर] हमरा सब के [स्यूबाह] के [अबू इशक] स [अशिम बिन द्लामरह] स कहलक अछि ओ कहलनि, हम सब [अली] स दिन में रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नमाज के बारे में पूछलौं?, ओ जवाब देलखिन, सचमुच अहाँ सब ई काज करय में सक्षम नै छी, हम पूछलौं, तखन हमरा सब में स के सक्षम अछि करय लेल? ओ जवाब देलखिन, अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जखन अस्र के समय सूर्यास्त के तरह पूरब स सूर्य उगैत अछि त ओ दू रकाअत के नमाज पढ़ैत छथि, आ जखन दुपहर के समय में पूरब स सूर्य उगैत छथि त ओ चारि रकाअत के नमाज पढ़ैत छथि, फेर ओ मध्याह्न के नमाज स पहिने चारि रकाअत करैत छथि, फेर दू रकाअत, फेर असर स पहिने चारि रकाअत के नमाज पढ़ैत छथि। मुरसालिन आ जे कियो अपन बाट मुसलमान आ मुसलमान स ल लैत अछि। [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] न॑ हमरा सब क॑ बतैन॑ छै [मुहम्मद बिन जा’फर] न॑ हमरा सब क॑ [स्यूबाह] क॑ [अबी इशाक] स॑ [‘अशिम बिन द्लामराह] स॑ [अली] स॑ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वस्लाम स॑ बतैन॑ छै जैसनऽ कि ऊपर के हदीस छै । अबू ईसा कहलनि, ई हसन हदीस अछि। इशाक बिन इब्राहिम कहलनि जे, ई सबस नीक हदीस अछि जे दिन मे पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के तथवू' - सुन्नत के नमाज - के बात करैत अछि | अब्दुल्ला बिन मुबारक स रिवायत भेल अछि, जे ओ एहि हदीस कए कमजोर केलथि, यानी एहि लेल जे - अल्लाह बेसी स बेसी जनैत छथि - कियाक त इ हदीस केवल एहि मार्ग स रिवायत भेल छल, यानी अली स अशिम बिन द्लामराह स, भले ही अशिम बिन दलामराह किछु ज्ञान क लोक क अनुसार एकटा त्सीकाह छल। अली बिन अल मदीनी कहलखिन, याह्या बिन सईद अल कथथान कहलनि, सुफियान कहलनि, हम सब जनैत छी जे हरित के हदीस स बेसी महत्वपूर्ण अशिम बिन दलामरह के हदीस अछि।