प्रतिनिधि हदीस
ज़ुहर से पहले सुन्नत नमाज़, चार रकात, सलाम से अलग किए बिना आकाश के द्वार खोले जाएंगे
इमाम अबू दाऊद : 1078حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ عُبَيْدَةَ يُحَدِّثُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ ابْنِ مِنْجَابَ عَنْ قَرْثَعٍ عَنْ أَبِي أَيُّوبَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَرْبَعٌ قَبْلَ الظُّهْرِ لَيْسَ فِيهِنَّ تَسْلِيمٌ تُفْتَحُ لَهُنَّ أَبْوَابُ السَّمَاءِقَالَ أَبُو دَاوُد بَلَغَنِي عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الْقَطَّانِ قَالَ لَوْ حَدَّثْتُ عَنْ عُبَيْدَةَ بِشَيْءٍ لَحَدَّثْتُ عَنْهُ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ أَبُو دَاوُد عُبَيْدَةُ ضَعِيفٌ قَالَ أَبُو دَاوُد ابْنُ مِنْجَابٍ هُوَ سَهْمٌ
हमें बताया है [इब्न अल मुत्सन्ना] ने हमें बताया है [मुहम्मद बिन जाफ़र] ने हमें बताया है [स्यूबा] ने कहा; मैंने सुना है ['उबैदा] ने एक बार [इब्राहिम] से [इब्न मिंजाब] से [क़र्तसा] से [अबू अय्यूब] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एक कहानी सुनाई थी, उन्होंने कहा: "ज़ुहर से पहले चार रकअत, जो सलाम से अलग नहीं होतीं, उसके लिए जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाएँगे।" अबू दाउद ने कहा; मेरे पास याह्या बिन सईद अल कत्थन से आया है उन्होंने कहा; "अगर मैं 'उबैदा' से कोई हदीस बताता हूँ, तो बेशक मैं उससे यह हदीस भी बताऊँगा। अबू दाउद ने कहा; 'उबैदा एक कमज़ोर नैरेटर है। अबू दाउद ने कहा; इब्न मिंजाब सहम है।