Hadith Representative
Turunnya QS. AlvBaqarah: 284-286 kami diberi beban amalan yang mana kami tidak mampu melakukan shalat, puasa, jihad, dan sedekah, Nabi: katakanlah, kami mendengar dan kami menaati…
Imam Tirmidzi : 2918حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ آدَمَ بْنِ سُلَيْمَانَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ لَمَّا نَزَلَتْ هَذِهِ الْآيَةَ { إِنْ تُبْدُوا مَا فِي أَنْفُسِكُمْ أَوْ تُخْفُوهُ يُحَاسِبْكُمْ بِهِ اللَّهُ } قَالَ دَخَلَ قُلُوبَهُمْ مِنْهُ شَيْءٌ لَمْ يَدْخُلْ مِنْ شَيْءٍ فَقَالُوا لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ قُولُوا سَمِعْنَا وَأَطَعْنَا فَأَلْقَى اللَّهُ الْإِيمَانَ فِي قُلُوبِهِمْ فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى { آمَنَ الرَّسُولُ بِمَا أُنْزِلَ إِلَيْهِ مِنْ رَبِّهِ وَالْمُؤْمِنُونَ } الْآيَةَ { لَا يُكَلِّفُ اللَّهُ نَفْسًا إِلَّا وُسْعَهَا لَهَا مَا كَسَبَتْ وَعَلَيْهَا مَا اكْتَسَبَتْ رَبَّنَا لَا تُؤَاخِذْنَا إِنْ نَسِينَا أَوْ أَخْطَأْنَا } قَالَ قَدْ فَعَلْتُ { رَبَّنَا وَلَا تَحْمِلْ عَلَيْنَا إِصْرًا كَمَا حَمَلْتَهُ عَلَى الَّذِينَ مِنْ قَبْلِنَا } قَالَ قَدْ فَعَلْتُ { رَبَّنَا وَلَا تُحَمِّلْنَا مَا لَا طَاقَةَ لَنَا بِهِ وَاعْفُ عَنَّا وَاغْفِرْ لَنَا وَارْحَمْنَا } الْآيَةَ قَالَ قَدْ فَعَلْتُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَآدَمُ بْنُ سُلَيْمَانَ يُقَالُ هُوَ وَالِدُ يَحْيَى بْنِ آدَمَ
हमरा सब के कहलक अछि [महमुद बिन घैलन] हमरा सब के कहलक अछि [वाकी'] हमरा सब के [सुफयान] के [आदम बिन सुलेमान] स [सईद बिन जुबैर] स [इब्न अब्बास] स कहलक अछि ओ कहलनि; 'जखन ई आयत उतरत तखन जँ अहाँ अपन हृदय मे जे अछि ओकरा जन्म देब वा ओकरा नुका देब त' निश्चित रूप सँ अल्लाह अहाँक काजक संबंध मे अहाँ सँ हिसाब लगाओत'। क्यूएस अल-बकाराह : 284. इब्न अब्बास कहलनि; 'एकटा एहन बात छल जे हुनका लोकनिक हृदय मे घुसल छल जेना कोनो आन नहि, ओ सभ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ कहलनि, तखन ओ कहलनि: 'कहू: हम सभ सुनैत छी आ हम सभ मानैत छी'। तखन अल्लाह हुनका लोकनिक हृदय मे ईमान पिन क' देलनि। एकरऽ बाद अल्लाह तबारका व तआला न॑ ई आयत केरऽ खुलासा करलकै कि रसूलुल्लाह न॑ वू कुरान प॑ विश्वास करी लेल॑ छै जे ओकरा अपनऽ प्रभु स॑ उतारलऽ गेलऽ छेलै, आरू ईमानदारी करै वाला लोगऽ के भी ऐसनऽ ही छै आरू ऐन्हऽ-ऐन्हऽ, अल्लाह कोनो व्यक्ति प॑ बोझ नै डालै छै सिवाय ओकरऽ क्षमता के अनुसार । ओकरा इनाम भेटैत छैक - नीक काज सँ - जकरा लेल ओ प्रयास करैत अछि आ ओकरा दंड भेटैत छैक - अधलाह सँ - जे ओ करैत अछि | -ओ सभ प्रार्थना केलनि-: 'हमर प्रभु, जँ हम सभ बिसरि जाइ वा हम सभ दोषी छी तँ हमरा सभकेँ दंड नहि दिअ।' ओ बजलाह: 'हम त' क' लेलहुँ। हमर प्रभु, हमरा सभ पर ओहिना भारी बोझ नहि लगाउ जेना अहाँ हमरा सभ सँ पहिने के लोक पर थोपने रही। ओ बजलाह: 'हम क' देलहुँ।' हे हमर रब्ब, हमरा सभक लेल जे सहन नहि क' सकैत छी से नहि सहू। हमरा सभकेँ क्षमा करू; हमरा सभकेँ क्षमा करू; आ हमरा सभ पर दया करू इत्यादि, ओ कहलनि: 'हम केलहुँ'। अबू ईसा कहलनि; ई हदीस प्रामाणिक अछि। ई हदीस इब्न अब्बास केरऽ दोसरऽ मार्ग के माध्यम स॑ भी बतैलऽ गेलऽ छेलै । एहि मामला मे अबू हुरैरा रदलीअल्लाहु अनहु स सेहो एहने हदीस अछि। किछु गोटे कहैत छथि जे आदम बिन सुलेमान हुनकर बेटा याह्या बिन आदम छलाह |