प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1304
وَعَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاأَنَّهَا أَوْصَتْ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الزُّبَيْرِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا لَا تَدْفِنِّي مَعَهُمْ وَادْفِنِّي مَعَ صَوَاحِبِي بِالْبَقِيعِ لَا أُزَكَّى بِهِ أَبَدًا
और [हिस्यम] से [अपने पिता] से ['आइस्या रदलिल्लाहु अन्हा] से जो उन्होंने 'अब्दुल्ला बिन अज़ ज़ुबैर रदलिल्लाहु अन्हुमा को वसीयत की: "मुझे उनके साथ दफ़न न करें, बल्कि मुझे पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पत्नियों के साथ बाक़ी में दफ़न करें, ताकि मैं हमेशा के लिए किसी के लिए पवित्र न रहूँ।"