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Tafsir An-Nisaa' (4);94 - teliti sebelum menghukum orang yang memberi salam
Imam Muslim : 5350حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَأَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ الضَّبِّيُّ وَاللَّفْظُ لِابْنِ أَبِي شَيْبَةَ قَالَ حَدَّثَنَا و قَالَ الْآخَرَانِ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو عَنْ عَطَاءٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ لَقِيَ نَاسٌ مِنْ الْمُسْلِمِينَ رَجُلًا فِي غُنَيْمَةٍ لَهُ فَقَالَ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ فَأَخَذُوهُ فَقَتَلُوهُ وَأَخَذُوا تِلْكَ الْغُنَيْمَةَ فَنَزَلَتْ { وَلَا تَقُولُوا لِمَنْ أَلْقَى إِلَيْكُمْ السَّلَمَ لَسْتَ مُؤْمِنًا } وَقَرَأَهَا ابْنُ عَبَّاسٍ { السَّلَامَ }
हमरा सभकेँ [अबू बकर बिन अबू स्याइबा], [इशक बिन इब्राहिम] आ [अहमद बिन अब्दाह अदल द्लाबी], इब्न अबी स्याइबाक एकटा पाठ बतेने छथि, ओ कहलनि: हमरा सभकेँ कहलक अछि, जखन कि किछु गोटे कहलनि: हमरा सभकेँ [सुफयान] [अमरू] सँ [अथो`] सँ [इब्न अब्बास] सँ कहलक अछि जे: किछु मुसलमान कियो एहन व्यक्ति सँ भेंट केलनि जे पर छल | ओकर बकरी आ ओ कहलक: अस्सलामू 'अहाँक अलाइक। ओ सभ ओकरा पकड़ि लेलक, मारि देलक, फेर बकरी सभकेँ लऽ लेलक, फेर ई श्लोक प्रकट केलक: ‘आ जे व्यक्ति अहाँकेँ ‘सलम’ कहैत अछि, ओकरा ई नहि कहू: ‘अहाँ मुसलमान नहि छी’। -अन निसा: 94- इब्न अब्बास पढ़लनि: सलाम।