हदीस
Allah menyiksa pada hari kiamat orang-orang yang menyiksa manusia di dunia
Imam Muslim : 4733حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ هِشَامِ بْنِ حَكِيمِ بْنِ حِزَامٍ قَالَ مَرَّ بِالشَّامِ عَلَى أُنَاسٍ وَقَدْ أُقِيمُوا فِي الشَّمْسِ وَصُبَّ عَلَى رُءُوسِهِمْ الزَّيْتُ فَقَالَ مَا هَذَا قِيلَ يُعَذَّبُونَ فِي الْخَرَاجِ فَقَالَ أَمَا إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ اللَّهَ يُعَذِّبُ الَّذِينَ يُعَذِّبُونَ فِي الدُّنْيَا
हमनी के [अबू बकर बिन अबू सियाबा] बता देले बाड़े; हमनी के [हफश बिन घियात] [हिस्याम बिन उर्वाह] से [उनकर पिता] से [हिस्यम बिन हकीम बिन हिजाम] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; 'हम एक बेर सीरिया में कई लोग के पास से गुजरनी, जेकरा के गरम धूप में सुखावल जात रहे जबकि माथा में तेल डालल जात रहे।' तब हिशाम पूछले; 'काहे सजा दिहल जा रहल बा? ' केहू जवाब दिहलस; 'कर के मुद्दा के चलते उनुका के यातना दिहल जाता'। हिशाम कहले कि; 'वास्तव में हम एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहत सुनले रहनी कि 'वास्तव में अल्लाह ओह लोग के सजा दिहे जवन दुनिया में दोसरा लोग के यातना देवेला'।