Hadith Representative
Kedudukan kaum Anshar sebagai teman dekat dan pemegang rahasia ('Aibah) Rasulullah SAW
Imam Tirmidzi : 3842حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَال سَمِعْتُ قَتَادَةَ يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْأَنْصَارُ كَرِشِي وَعَيْبَتِي وَإِنَّ النَّاسَ سَيَكْثُرُونَ وَيَقِلُّونَ فَاقْبَلُوا مِنْ مُحْسِنِهِمْ وَتَجَاوَزُوا عَنْ مُسِيئِهِمْقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन बस्यार] हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन जा'फर] हमरा सब के कहलक अछि [स्यूबाह] ओ कहलनि; हम [कताद] के [अनस बिन मलिक] स एकटा कहानी कहैत सुनलहुं ओ कहलनि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे अंसार हमर घनिष्ठ मित्र आ हमर रहस्य रखनिहार छथि। लोक बेसी भ' जेतै आ ओ - अंसार - कम भ' जेतै, तें ओकर नीक स्वीकार करू आ ओकर बुराई माफ करू'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन शाहिह हदीस अछि'।