Imam Darimi : 121
أَخْبَرَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ يَزِيدَ الْمِنْقَرِيُّ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ جَاءَ رَجُلٌ يَوْمًا إِلَى ابْنِ عُمَرَ فَسَأَلَهُ عَنْ شَيْءٍ لَا أَدْرِي مَا هُوَ فَقَالَ لَهُ ابْنُ عُمَرَ لَا تَسْأَلْ عَمَّا لَمْ يَكُنْ فَإِنِّي سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ يَلْعَنُ مَنْ سَأَلَ عَمَّا لَمْ يَكُنْ
हमरा सब के कहलक अछि [मुस्लिम बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहने छथि [अहमद बिन यजीद अल मंकारी] हमरा [हमर पिता] के कहने छथि जे ओ कहलनि: 'एक दिन कियो इब्न उमर रडियाल्लाहु अनहु लग आयल छल, ओ किछु पूछलनि मुदा हमरा नहि बुझल अछि जे ओ की छल।' तखन [इब्न उमर] रदलीअल्लाहु अन्हू कहलनि जे, कोनो एहन बात नहि पूछू जे नहि भेल अछि, कारण हम एक बेर सुनने रही जे [उमर बिन खट्ठाब] रदलीअल्लाहु अनहु ओहि व्यक्ति केँ गारि पढ़ैत छथि जे कोनो एहन बात पूछैत अछि जे नहि भेल अछि’।
Imam Darimi : 122
أَخْبَرَنَا الْحَكَمُ بْنُ نَافِعٍ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ بَلَغَنَا أَنَّ زَيْدَ بْنَ ثَابِتٍ الْأَنْصَارِيَّ كَانَ يَقُولُ إِذَا سُئِلَ عَنْ الْأَمْرِ أَكَانَ هَذَا فَإِنْ قَالُوا نَعَمْ قَدْ كَانَ حَدَّثَ فِيهِ بِالَّذِي يَعْلَمُ وَالَّذِي يَرَى وَإِنْ قَالُوا لَمْ يَكُنْ قَالَ فَذَرُوهُ حَتَّى يَكُونَ
हमरा सब के [अल हकम बिन नाफी'] [अज ज़ुहरी] स हमरा सब के [स्यूअइब] के रिपोर्ट केने छथि ओ कहलनि: ' [हमरा सब के खबर आबि गेल अछि] जे [जैद बिन थाबीत अल `अंसारी] हुनका स अल्लाह स प्रसन्न होथि, जखन हुनका स कोनो बात के बारे में पूछल जाइत अछि त ओ हमेशा कहैत छथि: ' की एहन भेल अछि? ', जँ ओ सभ उत्तर दैत छथि: 'हँ', तँ ओ वास्तव मे प्रश्नक उत्तर ओहि हिसाबे देलनि जे हुनका बुझल छनि, मुदा जँ ओ सभ उत्तर दैत छथि: 'एखन धरि नहि भेल अछि', तखन हुनका ई अवश्य कहबनि: 'इंतजार करू जा धरि वास्तव मे नहि भ' जायत''.
Imam Darimi : 123
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا أَبُو هِشَامٍ الْمَخْزُومِيُّ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ حَدَّثَنَا دَاوُدُ عَنْ عَامِرٍ قَالَ سُئِلَ عَمَّارُ بْنُ يَاسِرٍ عَنْ مَسْأَلَةٍ فَقَالَ هَلْ كَانَ هَذَا بَعْدُ قَالُوا لَا قَالَ دَعُونَا حَتَّى تَكُونَ فَإِذَا كَانَتْ تَجَشَّمْنَاهَا لَكُمْ
हमरा सब के कहलक अछि [इशाक बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहने अछि [अबू हिशाम अल मखज़ूमी] हमरा सब के कहने अछि [वहैब] हमरा सब के [दाउद] के ['अमीर] स कहलक अछि जे ओ कहलनि: ' ['अम्मर बिन यासिर] रदलियाल्लाहु 'अनहू अगर कोनो समस्या के बारे में पूछल गेल अछि, त ओ कहलनि: ' की ई भेल अछि?, ओ सब जवाब देलनि: 'अखन धरि नहि', ओ कहलनि: 'एहि के छोड़ि दियौ जाबत तक ई वास्तव में नै हो।' होइत अछि। जँ एहन भेल तँ हम सभ अहाँकेँ जवाब दऽ देब।'
Imam Darimi : 124
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو عَنْ طَاوُسٍ قَالَ قَالَ عُمَرُ عَلَى الْمِنْبَرِ أُحَرِّجُ بِاللَّهِ عَلَى رَجُلٍ سَأَلَ عَمَّا لَمْ يَكُنْ فَإِنَّ اللَّهَ قَدْ بَيَّنَ مَا هُوَ كَائِنٌ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अहमद] हमरा सब के [सुफयान] के [अमर] स [थाउस] स कहलक अछि ओ कहलनि: ' [उमर] रदलियाहु 'अनहू -जखन- मंच पर कहलनि: ' अल्लाह के कसम हमरा सचमुच एहन लोक नीक नहि लगैत अछि जे कोनो एहन चीज के बारे में पूछैत अछि जे नहि भेल अछि, कियाक त अल्लाह ओहि समस्या के व्याख्या करैत छथि जे भेल अछि''।
Imam Darimi : 125
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ فُضَيْلٍ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ سَعِيدٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ مَا رَأَيْتُ قَوْمًا كَانُوا خَيْرًا مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا سَأَلُوهُ إِلَّا عَنْ ثَلَاثَ عَشْرَةَ مَسْأَلَةً حَتَّى قُبِضَ كُلُّهُنَّ فِي الْقُرْآنِ مِنْهُنَّ { يَسْأَلُونَكَ عَنْ الشَّهْرِ الْحَرَامِ } { وَيَسْأَلُونَكَ عَنْ الْمَحِيضِ } قَالَ مَا كَانُوا يَسْأَلُونَ إِلَّا عَمَّا يَنْفَعُهُمْ
हमरा सब के रिपोर्ट कयल गेल अछि [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अबू स्याइबा] हमरा सब के [इब्न फुदलैल] के [अथो`] स [सैद] स [इब्न अब्बास] रदलियाहु अन्हू स कहलक अछि जे हम कहियो अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी स नीक लोक के नहि देखलहुं, ओ सब कहियो नबी सल्लल्लाहु सल्लाह स 'अलैहि वसल्लम- जाबे तक हुनकर मृत्यु नै भ गेलैन सिवाय लगभग तेरह समस्या के, जे सब कुरान में छै। पूछल गेल लोक मे छल : 'यास`अलुनका अनिस्याह्रिल हरम' -ओ सभ अहाँ सँ हरम महीना के बारे मे पूछैत छथि- -प्र. अल बकरा : 217-, आ 'वा यस`अलुनाका अनिल महिदल' -ओ सभ अहाँसँ मासिक धर्मक विषयमे पूछैत छथि- -प्र. अल बकरा : 222-'।
Imam Darimi : 126
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ أَخْبَرَنَا ابْنُ عَوْنٍ عَنْ عُمَيْرِ بْنِ إِسْحَقَ قَالَ لَمَنْ أَدْرَكْتُ مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَكْثَرُ مِمَّنْ سَبَقَنِي مِنْهُمْ فَمَا رَأَيْتُ قَوْمًا أَيْسَرَ سِيرَةً وَلَا أَقَلَّ تَشْدِيدًا مِنْهُمْ
हमरा सब क॑ कहलऽ गेलऽ छै कि [उस्मान बिन उमर] न॑ हमरा [इब्नु ‘आउन] क॑ [उमैर बिन इशक] स॑ कहल॑ छै कि हुनी कहलकै: ‘नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ साथी म॑ हमरा स॑ जादा लोग मिललऽ छै जे हमरा स॑ पहल॑ मरी गेलऽ छै, हमरा कहियो ऐसनऽ लोग नै मिललै जे अपनऽ जीवन यात्रा म॑ हल्का आरू मामला म॑ ओकरा स॑ सरल छेलै’ ।
Imam Darimi : 127
أَخْبَرَنِي الْعَبَّاسُ بْنُ سُفْيَانَ عَنْ زَيْدِ بْنِ حُبَابٍ أَخْبَرَنِي رَجَاءُ بْنُ أَبِي سَلَمَةَ قَالَ سَمِعْتُ عُبَادَةَ بْنَ نُسَيٍّ الْكِنْدِيَّ وَسُئِلَ عَنْ امْرَأَةٍ مَاتَتْ مَعَ قَوْمٍ لَيْسَ لَهَا وَلِيٌّ فَقَالَ أَدْرَكْتُ أَقْوَامًا مَا كَانُوا يُشَدِّدُونَ تَشْدِيدَكُمْ وَلَا يَسْأَلُونَ مَسَائِلَكُمْ
हमरा [जैद बिन हुबाब] स हमरा [अल अब्बास बिन सुफियन] के रिपोर्ट भेटल अछि [जैद बिन हुबाब] स हमरा [राजा` बिन अबू सलामाह] के रिपोर्ट अछि ओ कहलनि: 'हम एक बेर सुनने रही ['उबादा बिन नुसाई अल किंदी], हुनका स एकटा एहन महिला के बारे में पूछल गेल छल जे कोनो लोक में मरि गेल छल आ ओकर कोनो गार्जियन नै छल, ताहि लेल ओ कहलनि: 'हमरा पता चलल अछि जे हुनकर किछु लोक के अहाँ जेकां कठोर रवैया नै अछि, आ ने अहाँ जे पूछैत छी से पूछैत छथि''।
Imam Darimi : 128
أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ سُفْيَانَ أَخْبَرَنَا زَيْدُ بْنُ حُبَابٍ أَخْبَرَنِي رَجَاءُ بْنُ أَبِي سَلَمَةَ حَدَّثَنِي خَالِدُ بْنُ حَازِمٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ مُسْلِمٍ الْقُرَشِيِّ قَالَ كُنْتُ مَعَ ابْنِ مُحَيْرِيزٍ بِمَرْجِ الدِّيبَاجِ فَرَأَيْتُ مِنْهُ خَلْوَةً فَسَأَلْتُهُ عَنْ مَسْأَلَةٍ فَقَالَ لِي مَا تَصْنَعُ بِالْمَسَائِلِ قُلْتُ لَوْلَا الْمَسَائِلُ لَذَهَبَ الْعِلْمُ قَالَ لَا تَقُلْ ذَهَبَ الْعِلْمُ إِنَّهُ لَا يَذْهَبُ الْعِلْمُ مَا قُرِئَ الْقُرْآنُ وَلَكِنْ لَوْ قُلْتَ يَذْهَبُ الْفِقْهُ
हमरा सब के कहलक अछि [अल अब्बास बिन सुफियन] हमरा सब के कहलक अछि [जैद बिन हुबाब] हमरा कहलक अछि [राजा` बिन अबू सलामाह] हमरा [हिसियाम बिन मुस्लिम अल कुरसी] स [खालिद बिन हाजिम] कहलक अछि जे ओ कहलनि: 'एक बेर हम [इब्न मुहैरिज] के संग रेशम के खेत में छलहुं, हम हुनका असगर देखलहुं आ फेर हम हुनका स किछु पूछलहुं, त ओ हमरा स पूछलथि: 'अहाँ की करब।' कर के बारे में समस्याओं के? 'हम उत्तर देलियनि: 'जँ समस्याक -चर्चा- नहि होयत तखन ज्ञान खतम भ' जायत।' ओ इहो कहलनि जे, "अहाँ केँ ई नहि कहबाक चाही जे ज्ञान हेरा गेल, ज्ञान ता धरि नहि हेरा जायत जा धरि कुरान पढ़ल जायत, मुदा अहाँक लेल जे कहब सबसँ सटीक अछि से ई जे अहाँ एकर समझ खत्म भ' गेल छी।"
Imam Darimi : 129
أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ دَاوُدَ عَنْ الشَّعْبِيِّ أَنَّ عُمَرَ قَالَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّا لَا نَدْرِي لَعَلَّنَا نَأْمُرُكُمْ بِأَشْيَاءَ لَا تَحِلُّ لَكُمْ وَلَعَلَّنَا نُحَرِّمُ عَلَيْكُمْ أَشْيَاءَ هِيَ لَكُمْ حَلَالٌ إِنَّ آخِرَ مَا نَزَلَ مِنْ الْقُرْآنِ آيَةُ الرِّبَا وَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يُبَيِّنْهَا لَنَا حَتَّى مَاتَ فَدَعُوا مَا يَرِيبُكُمْ إِلَى مَا لَا يَرِيبُكُمْ
हमरा सब के खबर आयल अछि जे [सुलेमान बिन हर्ब] हमरा सब के [हम्मद बिन सलामाह] के [दाउद] स [अस शा'बी] स कहने छथि, जे [उमर] रदलियाल्लाहहु अनहु कहलनि; 'हे लोक सभ, हमरा सभ केँ ई नहि बुझल छल जे शायद हम सभ अहाँ सभ केँ किछु एहन काज करबाक आदेश देब जे अहाँ सभक लेल जायज नहि अछि, आ शायद हम सभ अहाँ सभ सँ किछु एहन काज सभ पर रोक लगा सकैत छी भले ओ अहाँ सभक लेल जायज हो, वास्तव मे कुरान सँ अंतिम बात जे प्रकट भेल अछि ओ अछि आयत -सूदक बारे मे।' आ रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सभकेँ ई बात ताबत धरि नहि बुझेलनि जाबत धरि ओ मरि नहि गेलाह, तेँ जे किछु अहाँकेँ शंका करयवला अछि से छोड़ि दियौक आ एहन चीजकेँ पकड़ि लिअ जकरा पर अहाँकेँ कोनो संदेह नहि -ओहिमे-'।
Imam Darimi : 130
أَخْبَرَنَا سَلْمُ بْنُ جُنَادَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ عَنْ عَمِّهِ قَالَ خَرَجْتُ مِنْ عِنْدِ إِبْرَاهِيمَ فَاسْتَقْبَلَنِي حَمَّادٌ فَحَمَّلَنِي ثَمَانِيَةَ أَبْوَابٍ مَسَائِلَ فَسَأَلْتُهُ فَأَجَابَنِي عَنْ أَرْبَعٍ وَتَرَكَ أَرْبَعًا
[सलम बिन जुनादाह] हमरा सब के सूचित केने छथि जे [इब्न इदरीश] हमरा सब स [अपन चाचा] स रिलेट केने छथि, ओ कहलनि: 'हम एखनहि [इब्राहिम के] सभा स वापस आयल छी, तखन हम्मद हमरा स भेंट केलक आ हमरा आठ टा काज देलक।' दोसर दिन हम हुनकासँ एहि आठटा समस्याक विषयमे पुछलियनि, तखन ओ चारिटा समस्याक उत्तर देलनि आ चारिटा आओर समस्या छोड़ि देलनि।'
Imam Darimi : 131
أَخْبَرَنَا قَبِيصَةُ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبْجَرَ عَنْ زُبَيْدٍ قَالَ مَا سَأَلْتُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ شَيْءٍ إِلَّا عَرَفْتُ الْكَرَاهِيَةَ فِي وَجْهِهِ
हमरा सब के [कबीशाह] हमरा सब के [सूफियान] के जानकारी देलक अछि [अब्दुल मलिक बिन अब्जर] स [जुबैद] स ओ कहलनि: 'हम [इब्राहिम] स कहियो कोनो बात के बारे में नहि पूछलौं सिवाय एकर जे हम हुनकर चेहरा पर नापसंदगी के निशान देखलहुं'।
Imam Darimi : 132
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مَنْصُورٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ أَبِي زَائِدَةَ قَالَ مَا رَأَيْتُ أَحَدًا أَكْثَرَ أَنْ يَقُولَ إِذَا سُئِلَ عَنْ شَيْءٍ لَا عِلْمَ لِي بِهِ مِنْ الشَّعْبِيِّ
हमरा सब के ई खबर आबी गेलऽ छै कि [मुहम्मद बिन अहमद] न॑ [उमर बिन अबू जैदाह] स॑ हमरा [इशक बिन मंसूर] क॑ बतैन॑ छै कि हुनी कहलकै: ‘हम॑ कहियो ककरो ई नै देखन॑ छेलियै कि: ‘हमरा ई बात के कोय जानकारी नै छै’ - जब॑ ओकरा स॑ कोनो समस्या के बारे म॑ पूछलऽ गेलै - [अस शा’बी] के तुलना म॑’ ।
Imam Darimi : 133
أَخْبَرَنَا أَبُو عَاصِمٍ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ قَالَ سَمِعْتُهُ يَذْكُرُ قَالَ كَانَ الشَّعْبِيُّ إِذَا جَاءَهُ شَيْءٌ اتَّقَى وَكَانَ إِبْرَاهِيمُ يَقُولُ وَيَقُولُ وَيَقُولُ قَالَ أَبُو عَاصِمٍ كَانَ الشَّعْبِيُّ فِي هَذَا أَحْسَنَ حَالًا عِنْدَ ابْنِ عَوْنٍ مِنْ إِبْرَاهِيمَ
हमरा सब [अबू अशिम] के [इब्न औन] स रिपोर्ट केने छथि ओ कहलनि जे हम हुनका कहैत सुनने छलहुं: 'पहिने [अस शा'बी] जखन हुनका लग कोनो समस्या अबैत छल त ओ ध्यान स बजैत छलाह, जखन कि [इब्राहिम] टिप्पणी करैत रहैत छलाह, टिप्पणी करैत रहैत छलाह, आ टिप्पणी करैत रहैत छलाह''। अबू अशिम कहलनि: 'जैसे शा'बी के रवैया, इब्न 'आउन के अनुसार, एहि मामला में इब्राहिम के रवैया स नीक छल।'
Imam Darimi : 134
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ بَشِيرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ إِيَاسٍ قَالَ قُلْتُ لِسَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ مَا لَكَ لَا تَقُولُ فِي الطَّلَاقِ شَيْئًا قَالَ مَا مِنْهُ شَيْءٌ إِلَّا قَدْ سَأَلْتُ عَنْهُ وَلَكِنِّي أَكْرَهُ أَنْ أُحِلَّ حَرَامًا أَوْ أُحَرِّمَ حَلَالًا
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन सईद] हमरा सब के कहलक अछि [अहमद बिन बसीर] हमरा सब के [स्यूबाह] के [जाफर बिन इयास] स कहलक अछि ओ कहलनि: 'हम [सैद बिन जुबैर] स पूछलौं radiallahu 'anhu ' की अछि जे अहाँ के नहि कहय लेल - कानूनी राय जारी करू - थलक के बारे में? ओ जवाब देलखिन जे जा धरि हम एहि बारे मे नहि पूछब ता धरि थलक के संबंध मे कोनो दिक्कत नहि अछि, मुदा हम चिंतित छलहुं, हम जे हराम अछि ओकरा वैध बना देलहुं आओर जे हलाल अछि ओकरा हराम बना देलहुं."
Imam Darimi : 135
أَخْبَرَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَبِي لَيْلَى يَقُولُ لَقَدْ أَدْرَكْتُ فِي هَذَا الْمَسْجِدِ عِشْرِينَ وَمِائَةً مِنْ الْأَنْصَارِ وَمَا مِنْهُمْ مِنْ أَحَدٍ يُحَدِّثُ بِحَدِيثٍ إِلَّا وَدَّ أَنَّ أَخَاهُ كَفَاهُ الْحَدِيثَ وَلَا يُسْأَلُ عَنْ فُتْيَا إِلَّا وَدَّ أَنَّ أَخَاهُ كَفَاهُ الْفُتْيَا
[अबू नुअइम] न॑ हमरा सब क॑ सूचित करल॑ छै कि [सुफयान] न॑ हमरा सब स॑ [‘अथो`बिन अस स’इब] स॑ बतैन॑ छै कि हुनी कहलकै कि हम्में एक बार [अब्दुररहमान बिन अबू लैला] क॑ ई कहतें सुनल॑ छेलियै कि ‘सत्ते हमरा ई मस्जिद -नबावी- म॑ अंसार स॑ एक सौ बीस आदमी मिललै, ओकरा म॑ स॑ कोय भी हदीस नै बतैलकै सिवाय ई के कि ओकरा पसंद छेलै कि ओकरऽ भाई हदीस सुनाबै, आरू ओकरा स॑ एक के बारे म॑ नै पूछलऽ गेलै कानूनी फतवा मुदा ओ पसिन करैत छलाह जे हुनकर भाई फतवा सुनाबथि' |
Imam Darimi : 136
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ يَعْقُوبَ الصَّفَّارُ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ عَنْ دَاوُدَ قَالَ سَأَلْتُ الشَّعْبِيَّ كَيْفَ كُنْتُمْ تَصْنَعُونَ إِذَا سُئِلْتُمْ قَالَ عَلَى الْخَبِيرِ وَقَعْتَ كَانَ إِذَا سُئِلَ الرَّجُلُ قَالَ لِصَاحِبِهِ أَفْتِهِمْ فَلَا يَزَالُ حَتَّى يَرْجِعَ إِلَى الْأَوَّلِ
हमरा सब के कहने छथि [यूसुफ बिन याकूब अस शफ्फर] हमरा सब के [अबू बकर] के [दाउद] स कहने छथि ओ कहलनि जे हम एक बेर [अस शा'बी] स पूछने रही: 'जखन अहाँ स पूछल जाइत छी त अहाँ की करैत छी? '। ओ उत्तर देलनि, 'जवाब ओहि व्यक्ति द्वारा देल जायत जे सही मायने मे नियंत्रण मे अछि, जँ ओकरा सँ पूछल जायत त' ओ दोसर मित्र सँ कहत: 'हुनका सभ केँ फतवा दियौक, तखन ओकर मित्र सेहो दोसर मित्र केँ वैह बात कहत जाबत अंततः ई पहिल व्यक्ति केँ वापस नहि आबि जायत'।
Imam Darimi : 137
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ الْحَجَّاجِ قَالَ سَمِعْتُ سُفْيَانَ عَنْ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ قَالَ إِنَّ الْعَالِمَ يَدْخُلُ فِيمَا بَيْنَ اللَّهِ وَبَيْنَ عِبَادِهِ فَلْيَطْلُبْ لِنَفْسِهِ الْمَخْرَجَ
हमरा सब [अहमद बिन अल हज्जाज] के रिपोर्ट केने छथि ओ कहलनि: हम [सुफयान] के [इब्नु अल मुनकादिर] स सुनने छी जे ओ कहलनि 'अल्लाह आ हुनकर नौकर के बीच एकटा विद्वान -छै-, ताहि लेल ओ अपना लेल एकटा रास्ता मांगय'।
Imam Darimi : 138
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ مِسْعَرٍ قَالَ أَخْرَجَ إِلَيَّ مَعْنُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ كِتَابًا فَحَلَفَ لِي بِاللَّهِ إِنَّهُ خَطُّ أَبِيهِ فَإِذَا فِيهِ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ وَالَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ مَا رَأَيْتُ أَحَدًا كَانَ أَشَدَّ عَلَى الْمُتَنَطِّعِينَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَا رَأَيْتُ أَحَدًا كَانَ أَشَدَّ عَلَيْهِمْ مِنْ أَبِي بَكْرٍ وَإِنِّي لَأَرَى عُمَرَ كَانَ أَشَدَّ خَوْفًا عَلَيْهِمْ أَوْ لَهُمْ
हमरा सब के [मुहम्मद बिन कुदामाह] हमरा सब के [अबू उसामाह] के [मिसार] स रिपोर्ट केने छथि ओ कहलनि: [माआन बिन अब्दुर रहमान] एक बेर हमरा एकटा किताब थमा देलनि आ ओ एहि शब्द के संग शपथ लेलनि, 'अल्लाह के कसम, किताब [हुनकर पिता] के लिखल अछि। पता चलल जे किताब मे लिखल अछि '[अब्दुल्लाह] कहलनि; 'ओकरा द्वारा जेकर हुनका छोड़ि कोनो भगवान नहि छथि, हम कहियो एहन लोक के प्रति एहन कठोर रवैया वाला के नहि देखलहुं जे अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स बेसी कठोर रवैया वाला लोक के प्रति, एकरा अलावा हम कहियो कियो एहन व्यक्ति के नहि देखलहुं जे हुनका सब के प्रति अबू बकर रडियाल्लाहु अनहु स बेसी कठोर रवैया रखैत छथि।' आ देखलहुँ जे उमर ओहि लोक मे सँ एक छलाह जिनका सभ सँ बेसी चिन्ता हुनका सभक वा हुनका सभ पर जे विपत्ति होयतनि ताहि सँ होइत छलनि'।
Imam Darimi : 139
أَخْبَرَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا زَمْعَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ عُثْمَانَ بْنِ حَاضِرٍ الْأَزْدِيِّ قَالَ دَخَلْتُ عَلَى ابْنِ عَبَّاسٍ فَقُلْتُ أَوْصِنِي فَقَالَ نَعَمْ عَلَيْكَ بِتَقْوَى اللَّهِ وَالِاسْتِقَامَةِ اتَّبِعْ وَلَا تَبْتَدِعْ
हमरा सब के कहलक अछि [अबू नुअइम] हमरा सब के [जमअह बिन सालिह] के [उस्मान बिन हडलर अल अजदी] स कहलक अछि ओ कहलनि; ' हम एक बेर [इब्न अब्बास] रडियाल्लाहु 'अनहु' देखय आयल छलहुं, तखन हम हुनका कहलियनि: 'हमरा वसीयत दिअ'. ओ उत्तर देलथिन; हँ, हम अहाँक लेल वसीयत बना देब। अल्लाह स डरू आ हुनकर रास्ता पर अडिग रहू। सुन्नत के पालन करू आ बिदअह नहि करू।
Imam Darimi : 140
أَخْبَرَنَا مَخْلَدُ بْنُ مَالِكٍ أَخْبَرَنَا النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ قَالَ كَانُوا يَرَوْنَ أَنَّهُ عَلَى الطَّرِيقِ مَا كَانَ عَلَى الْأَثَرِ
हमरा सब के रिपोर्ट केलक अछि [मखलाद बिन खालिद बिन मलिक] हमरा सब के [अन नदलीर बिन स्यूमाइल] के रिपोर्ट केलक अछि [इब्न 'आउन] स [इब्न सिरिन] स ओ कहलनि; ' लोक - हमर मित्र लोकनि - कोनो व्यक्ति केँ ताबत धरि सच्चाई मे मानैत छथि जाबत धरि ओ अत्सार मे रहैत अछि - नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केर सुन्नत केर पालन करैत - ' ।