Imam Darimi : 101
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ عَامِرٍ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ وَحُذَيْفَةَ أَنَّهُمَا كَانَا جَالِسَيْنِ فَجَاءَ رَجُلٌ فَسَأَلَهُمَا عَنْ شَيْءٍ فَقَالَ ابْنُ مَسْعُودٍ لِحُذَيْفَةَ لِأَيِّ شَيْءٍ تَرَى يَسْأَلُونِي عَنْ هَذَا قَالَ يَعْلَمُونَهُ ثُمَّ يَتْرُكُونَهُ فَأَقْبَلَ إِلَيْهِ ابْنُ مَسْعُودٍ فَقَالَ مَا سَأَلْتُمُونَا عَنْ شَيْءٍ مِنْ كِتَابِ اللَّهِ تَعَالَى نَعْلَمُهُ أَخْبَرْنَاكُمْ بِهِ أَوْ سُنَّةٍ مِنْ نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرْنَاكُمْ بِهِ وَلَا طَاقَةَ لَنَا بِمَا أَحْدَثْتُمْ
म्हानै बतायो गयो है कै ['अमर बिन 'औन] सूं [खालिद बिन अब्दुल्ला] सूं ['अथो`] सूं ['अमीर] सूं [इब्न मसूद] अर [हुजैफा], वै दोनूं आसै-पासै बैठ्या हा फेर कोई बां दोनूं रै कनै आयो अर कीं पूछ्यो। इब्न मसूद ने खुदजैफा सूं पूछ्यो; 'थारै हिसाब सूं वै इण बाबत कांई उद्देश्य सूं पूछ रैया है?' उण जवाब दियो: वे जाणता हा पण फेर वे इणनै छोड़ दियो। इणरै बाद इब्न मसूद उणसूं मिलिया अर बोल्या: 'थै म्हांनै किणी बात रै बारै में पूछोला - कोई बात - जिकी अल्लाह री किताब अर पैगम्बर सल्लल्लाह वसल्लम री सुन्नत में है अर म्हांनै ठा है, म्हे थानै जरूर बतावांला, पण थूं जिकी भी चीज गढ़ रैया है - पाखंड रा काम - माथै म्हांनै कोई ताकत कोनी है।'
Imam Darimi : 102
أَخْبَرَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا الْمَسْعُودِيُّ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ مَيْسَرَةَ عَنْ النَّزَّالِ بْنِ سَبْرَةَ قَالَ مَا خَطَبَ عَبْدُ اللَّهِ خُطْبَةً بِالْكُوفَةِ إِلَّا شَهِدْتُهَا فَسَمِعْتُهُ يَوْمًا وَسُئِلَ عَنْ رَجُلٍ يُطَلِّقُ امْرَأَتَهُ ثَمَانِيَةً وَأَشْبَاهِ ذَلِكَ قَالَ هُوَ كَمَا قَالَ ثُمَّ قَالَ إِنَّ اللَّهَ أَنْزَلَ كِتَابَهُ وَبَيَّنَ بَيَانَهُ فَمَنْ أَتَى الْأَمْرَ مِنْ قِبَلِ وَجْهِهِ فَقَدْ بُيِّنَ لَهُ وَمَنْ خَالَفَ فَوَاللَّهِ مَا نُطِيقُ خِلَافَكُمْ
म्हानै आ बात बताई गई है [अबू नूआइम] म्हानै [अल मसूदी] [अब्दुल मलिक बिन मैसरह] सूं [अन नज्जल बिन सबराह] बतायो है कै वां कैयो: यो [अब्दुल्ला] नीं हो जिणनै कूफा शहर मांय एक भी उपदेश दियो जद तांई कै म्हैं उण मांय नीं गयो। एक दिन म्हैं बांनै उपदेश देवता सुण्यो अर बांनै किणी रै बारै में पूछ्यो गयो जिणनै आपरी घरआळी नै आठ बार तलाक दियो हो या फेर कोई और बात, तो बां जवाब दियो: 'वो जो कैयो बो गिरग्यो', फेर बां बोल्यो: 'अल्लाह आपरी किताब नै उतार दी है अर बांनै समझायो है, जिको कोई भी काम उणरै मुजब करै है, बांनै समझायो गयो है, पण जिको ई इणरो उल्लंघन करैला, आपां अल्लाह रै वास्तै थारी गलती नै स्वीकार नीं कर सकां।
Imam Darimi : 103
أَخْبَرَنَا أَبُو الْوَلِيدِ الطَّيَالِسِيُّ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ أَخْبَرَنِي عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ مَيْسَرَةَ قَالَ سَمِعْتُ النَّزَّالَ بْنَ سَبْرَةَ قَالَ شَهِدْتُ عَبْدَ اللَّهِ وَأَتَاهُ رَجُلٌ وَامْرَأَةٌ فِي تَحْرِيمٍ فَقَالَ إِنَّ اللَّهَ قَدْ بَيَّنَ فَمَنْ أَتَى الْأَمْرَ مِنْ قِبَلِ وَجْهِهِ فَقَدْ بُيِّنَ وَمَنْ خَالَفَ فَوَاللَّهِ مَا نُطِيقُ خِلَافَكُمْ
म्हानै बतायो गयो है [अबू अल वालिद अथ थायलित्सी] म्हानै बतायो है [स्यूबाह] उण कह्यो: म्हनै बतायो है [अब्दुल मलिक बिन मैसरह] उण कह्यो: म्हैं [अन नज्जल बिन सबराह] नै कैता सुण्यो: म्हैं एक बार [अब्दुल्लाह] नै देख्यो जद एक आदमी अर एक लुगाई उणरै कनै आया -उणरै रिश्ते री मनाही रै बारै में पूछण नै- अल्लाह, फेर उणनै नीचे भेज दियो: उणरी पोथी, जिको भी उणरै मुजब कीं करै। उणरो नियम, वाकई उणनै साफ कर दियो गयो है, पण कोई भी इणरो उल्लंघन करै है, अल्लाह री कसम आपां थारै विचलन रो बोझ नीं उठा सकां।
Imam Darimi : 104
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا حَفْصٌ عَنْ أَشْعَثَ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ أَنَّهُ كَانَ لَا يَقُولُ بِرَأْيِهِ إِلَّا شَيْئًا سَمِعَهُ
म्हानै यो बतायो गयो है कै [अब्दुल्ला बिन सईद] म्हानै [हफ्श] [`अशत] सूं [इब्न सिरिन] सूं बतायो है: 'उण कदैई आपरी राय नीं बताई सिवाय किणी बात रै जिणनै वो सुणी ही'।
Imam Darimi : 105
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا عَثَّامٌ عَنْ الْأَعْمَشِ قَالَ مَا سَمِعْتُ إِبْرَاهِيمَ يَقُولُ بِرَأْيِهِ فِي شَيْءٍ قَطُّ
म्हानै यो बतायो गयो है कै [अब्दुल्लाह बिन सईद] म्हानै बतायो है ['अत्स्तसम] [अल अ'मासी] सूं कै उण कैयो: 'मैं कदैई [इब्राहिम] नै आपरै दिमाग सूं किणी बात रो जवाब नीं सुण्यो है'।
Imam Darimi : 106
أَخْبَرَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ قَالَ مَا قُلْتُ بِرَأْيِي مُنْذُ ثَلَاثُونَ سَنَةً قَالَ أَبُو هِلَالٍ مُنْذُ أَرْبَعِينَ سَنَةً
म्हानै बतायो है [अबू अन नूमान] म्हानै बतायो है [अबू अवाना] [कतादाह] सूं उण कह्यो है: 'तीस साल पैली सूं म्हैं कदैई खुद री राय रै साथै कोई राय कोनी राखी। [अबू हिलाल] कह्यो: 'चालीस बरसां सूं भी'।
Imam Darimi : 107
حَدَّثَنَا مَخْلَدُ بْنُ مَالِكٍ حَدَّثَنَا حَكَّامُ بْنُ سَلْمٍ عَنْ أَبِي خَيْثَمَةَ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ رُفَيْعٍ قَالَ سُئِلَ عَطَاءٌ عَنْ شَيْءٍ قَالَ لَا أَدْرِي قَالَ قِيلَ لَهُ أَلَا تَقُولُ فِيهَا بِرَأْيِكَ قَالَ إِنِّي أَسْتَحْيِي مِنْ اللَّهِ أَنْ يُدَانَ فِي الْأَرْضِ بِرَأْيِي
म्हानै बतायो है [मखलाद बिन मलिक] म्हानै बतायो है [हक्कम बिन सलम] सूं [अबू खैत्सामा] सूं [अब्दुल अजीज बिन रुफाई'] उण कैयो: ['अथो`] नै किणी बात रै बारै में पूछ्यो गयो हो, फेर उण जवाब दियो: 'म्हानै ठा कोनी' फेर कोई बोल्यो: 'थै इण रो जवाब आपरी राय सूं क्यूं नीं देवो - बस-? ', उण जवाब दियो: 'मनै अल्लाह सूं शर्म आवै है कै वो म्हारी राय नै धरती माथै मार्गदर्शक बणायो''।
Imam Darimi : 108
أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ أَبَانَ أَخْبَرَنِي حَاتِمٌ هُوَ ابْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ عِيسَى عَنْ الشَّعْبِيِّ قَالَ جَاءَهُ رَجُلٌ يَسْأَلُهُ عَنْ شَيْءٍ فَقَالَ كَانَ ابْنُ مَسْعُودٍ يَقُولُ فِيهِ كَذَا وَكَذَا قَالَ أَخْبِرْنِي أَنْتَ بِرَأْيِكَ فَقَالَ أَلَا تَعْجَبُونَ مِنْ هَذَا أَخْبَرْتُهُ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ وَيَسْأَلُنِي عَنْ رَأْيِي وَدِينِي عِنْدِي آثَرُ مِنْ ذَلِكَ وَاللَّهِ لَأَنْ أَتَعَنَّى بِعَنِيَّةٍ أَحَبُّ إِلَيَّ مِنْ أَنْ أُخْبِرَكَ بِرَأْيِي
म्हानै सूचित करियो है [इस्माइल बिन अबान] उण कह्यो: म्हनै सूचित करियो है [हातिम इब्नू इस्माइल], [ईसा] सूं [अस स्याबी] उण कह्यो: 'कोई उणरै कनै आयो अर कीं पूछ्यो, फेर उण कह्यो: इब्न मसूद इण मामला में फलाणो-फलाणो कैयो, उण कह्यो: 'आपरी राय सूं एक स्पष्टीकरण दे', फेर उण कह्यो: 'थनै इण घटना सूं हैरानी कोनी हुई'? इब्न मसूद री राय बताई पण बां म्हारै विचार सूं -स्पष्टीकरण- पूछी। भलांई म्हारो धरम म्हारै वास्तै अत्सर है -दोस्त री राय-। अल्लाह री कसम, मैं गोबर सूं ढक्योड़ो हूं अर ऊंठ रो मूत्र थानै आपरी राय बताबा सूं बेसी चोखो है।"
Imam Darimi : 109
أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ أَبَانَ حَدَّثَنَا حَاتِمٌ هُوَ ابْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ عِيسَى عَنْ الشَّعْبِيِّ قَالَ إِيَّاكُمْ وَالْمُقَايَسَةَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَئِنْ أَخَذْتُمْ بِالْمُقَايَسَةِ لَتُحِلُّنَّ الْحَرَامَ وَلَتُحَرِّمُنَّ الْحَلَالَ وَلَكِنْ مَا بَلَغَكُمْ عَنْ مَنْ حَفِظَ مِنْ أَصْحَابِ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاعْمَلُوا بِهِ
म्हानै यो बतायो गयो है कै [इस्माइल बिन अबान] म्हानै [हातिम] नै [ईसा] सूं [अस स्याबी] सूं बतायो है: 'जद थै सावधान रैवो जद थै फगत आपरै दिमाग माथै भरोसो कर'र क़ियास करोला - अनुपात- माथै ई, उण रै वास्तै जिणरै हाथां मांय म्हारी आत्मा है, जे थै ओ करोला तो थै हराम नै हराम बणाओला अर जो नयो है, पण वो नयो है। थै मुहम्मद सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै चतुर साथियां मांय सूं हो। धर्म, करो'।
Imam Darimi : 110
أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ عَلْقَمَةَ قَالَ جَاءَ رَجُلٌ إِلَى عَبْدِ اللَّهِ فَقَالَ إِنَّهُ طَلَّقَ امْرَأَتَهُ الْبَارِحَةَ ثَمَانِيًا قَالَ بِكَلَامٍ وَاحِدٍ قَالَ بِكَلَامٍ وَاحِدٍ قَالَ فَيُرِيدُونَ أَنْ يُبِينُوا مِنْكَ امْرَأَتَكَ قَالَ نَعَمْ قَالَ وَجَاءَهُ رَجُلٌ فَقَالَ إِنَّهُ طَلَّقَ امْرَأَتَهُ مِائَةَ طَلْقَةٍ قَالَ بِكَلَامٍ وَاحِدٍ قَالَ بِكَلَامٍ وَاحِدٍ قَالَ فَيُرِيدُونَ أَنْ يُبِينُوا مِنْكَ امْرَأَتَكَ قَالَ نَعَمْ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ مَنْ طَلَّقَ كَمَا أَمَرَهُ اللَّهُ فَقَدْ بَيَّنَ اللَّهُ الطَّلَاقَ وَمَنْ لَبَّسَ عَلَى نَفْسِهِ وَكَّلْنَا بِهِ لَبْسَهُ وَاللَّهِ لَا تُلَبِّسُونَ عَلَى أَنْفُسِكُمْ وَنَتَحَمَّلُهُ نَحْنُ هُوَ كَمَا تَقُولُونَ
म्हानै [सैद बिन अमीर] नै [इब्न औन] सूं [मुहम्मद बिन सिरिन] सूं [अलकामा] सूं बतायो है, बां कैयो: कोई अब्दुल्ला सूं मिल्यो, बां आपरी शिकायतां बताई कै बां काल रात नै आपरी घरआळी नै आठ बार तलाक दे दियो हो। उण -अब्दुल्ला- पूछ्यो: 'एक सबद रै साथै? ', आदमी जवाब दियो: 'एक सबद रै साथै'। अब्दुल्ला पूछ्यो: फेर वे चावै है कै थै थारी घरआळी नै -मेंटलाक- बा`इन करो'?, उण जवाब दियो: 'हां, ओ ठीक है'। फेर -'अलकामा- फेरूं बोल्यो: 'अर कोई एक बार अब्दुल्ला रै कनै गयो अर उणनै बतायो कै उण आपरी घरआळी नै सौ बार तलाक दे दियो है'। अब्दुल्ला पूछ्यो: 'एक सबद रै साथै? ', उण जवाब दियो: 'हां, एक सबद रै साथै'। फेर अब्दुल्ला पूछ्यो: 'फेर वे चावै है कै थूं थारी घरआळी रै मांय -मेंटलाक- बा` है? ', उण जवाब दियो: 'हां, ओ ठीक है'। तो [अब्दुल्लाह] बोल्यो: 'जो कोई भी आपरी घरआळी नै अल्लाह रै तरीकै सूं समझावै है, बेशक अल्लाह थलाक नै समझायो है। दूजी कानीं, कोई भी खुद री लापरवाही सूं काम करै है - एक लापरवाही सूं काम जिणरी कोई व्याख्या कोनी है - तो आपां उणरी लापरवाही या लापरवाही नै उण माथै छोड़ देवांला, अल्लाह रै वास्तै, थै कदैई भी खुद सूं कोई भी काम नीं करो, जिणसूं आपां नै वां शिकायतां सूं थकावट महसूस हुवै जिकी थैं म्हारै सूं बताई है।"
Imam Darimi : 111
أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ الْقَاسِمِ قَالَ لَأَنْ يَعِيشَ الرَّجُلُ جَاهِلًا بَعْدَ أَنْ يَعْلَمَ حَقَّ اللَّهِ عَلَيْهِ خَيْرٌ لَهُ مِنْ أَنْ يَقُولَ مَا لَا يَعْلَمُ
म्हानै यो बतायो गयो है [सुलेमान बिन हरब] म्हानै [हम्मद बिन जैद] सूं [यह्या बिन सईद] सूं [अल कासिम] बतायो है: एक आदमी अज्ञानता रै मांय रैवै है जद बो आपरै माथै अल्लाह रा अधिकारां नै जाण लेवै है, तो बां रै वास्तै ओ कैवणो चोखो है कै बो नीं जाणै।
Imam Darimi : 112
أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ قَالَ سَمِعْتُ الْقَاسِمَ يُسْأَلُ قَالَ إِنَّا وَاللَّهِ مَا نَعْلَمُ كُلَّ مَا تَسْأَلُونَ عَنْهُ وَلَوْ عَلِمْنَا مَا كَتَمْنَاكُمْ وَلَا حَلَّ لَنَا أَنْ نَكْتُمَكُمْ
म्हानै बतायो है [सुलेमान बिन हरब] म्हानै बतायो है [हम्मद बिन जैद] नै [अय्यूब] सूं उण कैयो: 'मैं [अल कासिम] सूं एक बात पूछी जा री सुणी है, सो उण कह्यो: 'अल्लाह री कसम म्हांनै थारी हरेक बात री जाणकारी कोनी है, अर जे म्हांनै पक्को ठाह हो तो म्हे इणनै नीं छुपावांला अर थारै सूं छुपावणो म्हारै वास्तै ठीक कोनी है'।
Imam Darimi : 113
أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ قَالَ سُئِلَ الْقَاسِمُ عَنْ شَيْءٍ قَدْ سَمَّاهُ فَقَالَ مَا أَضْطَرُّ إِلَى مَشُورَةٍ وَمَا أَنَا مِنْ ذَا فِي شَيْءٍ
[सईद बिन अमीर] नै [इब्न औन] सूं रिपोर्ट करियां पछै उण कैयो: 'एक बार [अल कासिम] सूं उणरै बतायोड़ी कोई बात रै बारै में पूछ्यो गयो तो उण जवाब दियो: 'म्हानै सलाह-मशविरा करण री जरूरत कोनी है, अर म्हैं इणनै कोई समस्या कोनी मानूं'।
Imam Darimi : 114
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ عُيَيْنَةَ عَنْ يَحْيَى قَالَ قُلْتُ لِلْقَاسِمِ مَا أَشَدَّ عَلَيَّ أَنْ تُسْأَلَ عَنْ الشَّيْءِ لَا يَكُونُ عِنْدَكَ وَقَدْ كَانَ أَبُوكَ إِمَامًا قَالَ إِنَّ أَشَدَّ مِنْ ذَلِكَ عِنْدَ اللَّهِ وَعِنْدَ مَنْ عَقَلَ عَنْ اللَّهِ أَنْ أُفْتِيَ بِغَيْرِ عِلْمٍ أَوْ أَرْوِيَ عَنْ غَيْرِ ثِقَةٍ
[यह्या] सूं [मुहम्मद बिन काथिर] नै [सुफियान बिन उयैना] सूं रिपोर्ट करबा रै बाद उण कह्यो: 'मैं [अल कासिम] सूं कह्यो: 'अगर थानै किणी बात रै बारै में पूछ्यो जावै अर थनै ओ नीं मालूम होवै जद थारा पिताजी इमाम हा तो म्हारै वास्तै कितरो कठिन होसी? '. उण कह्यो: 'अल्लाह अर अल्लाह नै समझण आळा लोगां रै साम्हीं इणसूं भी भारी बात आ है कै मैं बिना किणी ज्ञान रै आधार रै फतवा देवूं या फेर मैं किणी इसा मिनख सूं - एक हदीस - सुणाऊं जिण माथै विश्वास नीं है''।
Imam Darimi : 115
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ عَنْ الْعَوَّامِ عَنْ الْمُسَيَّبِ بْنِ رَافِعٍ قَالَ كَانُوا إِذَا نَزَلَتْ بِهِمْ قَضِيَّةٌ لَيْسَ فِيهَا مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَثَرٌ اجْتَمَعُوا لَهَا وَأَجْمَعُوا فَالْحَقُّ فِيمَا رَأَوْا فَالْحَقُّ فِيمَا رَأَوْا أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ أَخْبَرَنَا يَزِيدُ عَنْ الْعَوَّامِ بِهَذَا
म्हानै आ बात बताई गई है ['अमर बिन औन] म्हानै [हुसैम] सूं [अल 'अव्वाम] सूं [अल मुसय्यब बिन रफी'] बतायो है, वां कैयो: 'अतीत में वे - साथी - अगर वे खुद रै साथै कोई समस्या पाया जिणमें अल्लाह रै रसूल सल्लाह अलैलम सूं अत्सर नीं हो, तो वे तुरंत इण माथै चर्चा कर ली। इण बात माथै सहमत हुया कै वे किण भांत रै सांच माथै एक साथै सहमत हुया, अर किण भांत रै सांच माथै वे सहमत हुया। साथ रै मांय'। [अब्दुल्ला] म्हानै रिपोर्ट करी, [यजीद] म्हानै रिपोर्ट करी, [अल 'अव्वाम] सूं, समान संपादकीय रै साथै।
Imam Darimi : 116
أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَسَّانَ وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُبَارَكِ قَالَا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمْزَةَ حَدَّثَنَا أَبُو سَلَمَةَ الْحِمْصِيُّ أَنَّ وَهْبَ بْنَ عَمْرٍو الْجُمَحِيَّ حَدَّثَهُ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَعْجَلُوا بِالْبَلِيَّةِ قَبْلَ نُزُولِهَا فَإِنَّكُمْ إِنْ لَا تَعْجَلُوهَا قَبْلَ نُزُولِهَا لَا يَنْفَكُّ الْمُسْلِمُونَ وَفِيهِمْ إِذَا هِيَ نَزَلَتْ مَنْ إِذَا قَالَ وُفِّقَ وَسُدِّدَ وَإِنَّكُمْ إِنْ تَعْجَلُوهَا تَخْتَلِفْ بِكُمْ الْأَهْوَاءُ فَتَأْخُذُوا هَكَذَا وَهَكَذَا وَأَشَارَ بَيْنَ يَدَيْهِ وَعَنْ يَمِينِهِ وَعَنْ شِمَالِهِ
म्हानै बतायो है [यह्या बिन हसन] अर [मुहम्मद बिन अल मुबारक] उण कह्यो: म्हानै बतायो है [यह्या बिन हमजाह] म्हानै [अबू सलामा अल हिमशी] बतायो है कै [वाहब बिन अमर अल जुमाही] उणनै बतायो है: 'पैगम्बर सल्लाहु अलैही वसलम नै मुकदमा री मांग करण सूं पैली कैयो है: होवै, क्यूंकै जे थै परीक्षण मांगबा री जल्दी कोनी करोला तो मुसलमान फूट नीं जावैला अर जे कोई आपदा आवैला तो बां मांय सूं केई लोग है जिका बोलैला तो मार्गदर्शन मिल जावैला अर सही मारग माथै ले जावैला, दूजी कानीं जे थै परीक्षण मांगण री जल्दी करोला तो थारी इच्छावां न्यारी-न्यारी होवैला। फेर आपां मांय सूं हरेक फलाण-फलाण रो रवैयो राखैला'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उण बगत आगै, दांया अर बांया रै बिचाळै इशारो करता थकां। -इणरो मतलब है; उणरो रवैया उतना ही अराजक हो जितना कि उणरी अनियमित दिशा दिखाई-।
Imam Darimi : 117
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُبَارَكِ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمْزَةَ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سُئِلَ عَنْ الْأَمْرِ يَحْدُثُ لَيْسَ فِي كِتَابٍ وَلَا سُنَّةٍ فَقَالَ يَنْظُرُ فِيهِ الْعَابِدُونَ مِنْ الْمُؤْمِنِينَ
म्हानै बतायो गयो है [मुहम्मद बिन अल मुबारक] म्हानै बतायो है [यह्या बिन हमजाह] उणनै कैयो है: म्हानै बतायो है [अबू सलामा]: 'जद पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं किणी बात रै बारै में पूछ्यो गयो हो जिको होसी पण वा किताब -कुरान- अर सुन्नत में नीं ही, तो उणनै जवाब दियो: 'विशेषज्ञां रै बीच सूं उपासकां नै:' इण मामला माथै चर्चा करो''।
Imam Darimi : 118
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ قَالَ قَالَ الْقَاسِمُ إِنَّكُمْ لَتَسْأَلُونَا عَنْ أَشْيَاءَ مَا كُنَّا نَسْأَلُ عَنْهَا وَتُنَقِّرُونَ عَنْ أَشْيَاءَ مَا كُنَّا نُنَقِّرُ عَنْهَا وَتَسْأَلُونَ عَنْ أَشْيَاءَ مَا أَدْرِي مَا هِيَ وَلَوْ عَلِمْنَاهَا مَا حَلَّ لَنَا أَنْ نَكْتُمَكُمُوهَا
म्हानै आ बात बताई गई है [अहमद बिन अब्दुल्ला] म्हानै बतायो है [मुआज़ बिन मुआद] नै [इब्न औन] सूं कैयो है: [अल कासिम] कह्यो: 'थै केई बातां रै बारै में पूछो जिणनै म्हे पैली नीं पूछ्यो हो, अर थै बां चीजां नै ढूंढो जिणनै म्हे पैली नीं देख्या हा, अर थै केई बातां रै बारै में पूछो जिणनै म्हैं खुद नीं जाणूं, तो जे म्हे जाणता हा कै वांनै छुपाणो उचित नीं होसी।
Imam Darimi : 119
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي يَزِيدُ هُوَ ابْنُ أَبِي حَبِيبٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْأَشَجِّ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ قَالَ إِنَّهُ سَيَأْتِي نَاسٌ يُجَادِلُونَكُمْ بِشُبُهَاتِ الْقُرْآنِ فَخُذُوهُمْ بِالسُّنَنِ فَإِنَّ أَصْحَابَ السُّنَنِ أَعْلَمُ بِكِتَابِ اللَّهِ
म्हानै यो बतायो गयो है [अब्दुल्लाह बिन सालीह] म्हानै बतायो है [अल लैट्स] म्हानै [यजीद बिन अबू हबीब] [उमर बिन अल अस्याज] सूं बतायो है कै [उमर बिन खत्थब] कह्यो है: 'अठै लोग आवैला जका थारै सागै कुरान री मुतसाबिह आयतां रै साथै बहस करैला। तो सुन्नत रै साथै बां सूं निपटो। साची, सुन्नत रो पालन करण आळा लोग कुरान री सामग्री नै बेसी जाणै है।
Imam Darimi : 120
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُيَيْنَةَ حَدَّثَنَا عَلِيٌّ هُوَ ابْنُ مُسْهِرٍ عَنْ هِشَامٍ هُوَ ابْنُ عُرْوَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ نَوْفَلٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ قَالَ مَا زَالَ أَمْرُ بَنِي إِسْرَائِيلَ مُعْتَدِلًا لَيْسَ فِيهِ شَيْءٌ حَتَّى نَشَأَ فِيهِمْ الْمُوَلَّدُونَ أَبْنَاءُ سَبَايَا الْأُمَمِ أَبْنَاءُ النِّسَاءِ الَّتِي سَبَتْ بَنُو إِسْرَائِيلَ مِنْ غَيْرِهِمْ فَقَالُوا فِيهِمْ بِالرَّأْيِ فَأَضَلُّوهُمْ
म्हानै आ बात बताई गई है [मुहम्मद बिन उयैना] म्हानै बतायो है [अली इब्न मुशीर], [हिस्याम इब्न उर्वाह] सूं, [मुहम्मद बिन अब्दुर रहमान बिन नौफाल] सूं ['उर्वाह बिन अज़ जुबैर] सूं वां कैयो: 'शुरुआत में, इजरायल रै टाबरां री स्थिति सामान्य ही अर अजै तांई कोई धार्मिक समस्या नीं ही। शिक्षावां-, जद तांई कैदी लुगायां रा टाबर पैदा नीं हुया, उर्फ कैदी लुगायां रा टाबर। इस्राएल रै टाबरां रै द्वारा -उणरा दुश्मनां सूं- पकड़ लिया गया, फेर वे आपरी बुद्धि रै साथै आपरै मामलां -उणरै धर्म- रै बारै में प्रचार करियो, जिणसूं वे -दूजा इस्राएलियां नै- गुमराह कर दिया।'