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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Darimi (الامام الدارمي) - 3469 Hadith

Hadith

Imam Darimi : 81

أَخْبَرَنَا فَرْوَةُ بْنُ أَبِي الْمَغْرَاءِ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُخْتَارٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ كَعْبٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَرَضِهِ صُبُّوا عَلَيَّ سَبْعَ قِرَبٍ مِنْ سَبْعِ آبَارٍ شَتَّى حَتَّى أَخْرُجَ إِلَى النَّاسِ فَأَعْهَدَ إِلَيْهِمْ قَالَتْ فَأَقْعَدْنَاهُ فِي مِخْضَبٍ لِحَفْصَةَ فَصَبَبْنَا عَلَيْهِ الْمَاءَ صَبًّا أَوْ شَنَنَّا عَلَيْهِ شَنًّا الشَّكُّ مِنْ قِبَلِ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ فَوَجَدَ رَاحَةً فَخَرَجَ فَصَعِدَ الْمِنْبَرَ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ وَاسْتَغْفَرَ لِلشُّهَدَاءِ مِنْ أَصْحَابِ أُحُدٍ وَدَعَا لَهُمْ ثُمَّ قَالَ أَمَّا بَعْدُ فَإِنَّ الْأَنْصَارَ عَيْبَتِي الَّتِي أَوَيْتُ إِلَيْهَا فَأَكْرِمُوا كَرِيمَهُمْ وَتَجَاوَزُوا عَنْ مُسِيئِهِمْ إِلَّا فِي حَدٍّ أَلَا إِنَّ عَبْدًا مِنْ عِبَادِ اللَّهِ قَدْ خُيِّرَ بَيْنَ الدُّنْيَا وَبَيْنَ مَا عِنْدَ اللَّهِ فَاخْتَارَ مَا عِنْدَ اللَّهِ فَبَكَى أَبُو بَكْرٍ وَظَنَّ أَنَّهُ يَعْنِي نَفْسَهُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى رِسْلِكَ يَا أَبَا بَكْرٍ سُدُّوا هَذِهِ الْأَبْوَابَ الشَّوَارِعَ إِلَى الْمَسْجِدِ إِلَّا بَابَ أَبِي بَكْرٍ فَإِنِّي لَا أَعْلَمُ امْرَأً أَفْضَلَ عِنْدِي يَدًا فِي الصُّحْبَةِ مِنْ أَبِي بَكْرٍ

हमरा सब के कहलक अछि [फरवाह बिन अबू अल मगरा`] हमरा सब के [इब्राहिम बिन मुख्तार] स [मुहम्मद बिन इशाक] स [मुहम्मद बिन काअब] स ['उरवाह] स ['ऐस्यह] रदलियाहुअनहा स कहलक अछि ओ कहलनि: नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बीमार भेला पर कहलनि: 'हमरा सात लोटा पानि पीउ अलग-अलग इनार, ताकि हम लोकक वचन पूरा करय लेल बाहर आबि सकब' कथाकार कहलनि: 'त' हम सभ हुनका हफसाह रदलियाहुअनहाक बर्तन पर बैसा देलियनि, हम सभ हुनका पर पानि छिड़कि देलियनि वा हम सभ पानि ढारि देलियनि - हम सभ संपादकीय शंका ढारि देलियनि वा हम सभ मुहम्मद बिन इशाक सं ई ढारि देलियनि -, तखन हुनका शांति भेटलनि, तखन ओ बाहर आबि मंच पर चढ़ि गेलाह; जखन कि कहैत छल: 'अंसार हमर भरोसेमंद लोक आ हमर रहस्यक रखनिहार छथि, जतय हम शरण लैत छी, जाबत ओ वास्तव मे कानून नहि तोड़ैत छथि।' याद राखब, अल्लाह सुभनाहु व ताला के एकटा सेवक छल जेकरा दुनिया आ अल्लाह सुभनाहु व तआला के संग जे छल ओकरा चुनय के आजादी देल गेल छल, ताहि लेल ओ जे अल्लाह सुभानाहु व तआला के संग छल ओकरा चुनलक' तखन अबू बकर रदलियाल्लाहुआनहु कानय लगलाह, ओकरा लागल जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बात हुनका संबोधित कयल गेल अछि। तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: एक मिनट रुकू हे अबू बकर, मस्जिद - नबावी - दिस जायबला सड़कक दरबज्जा बंद करू सिवाय अबू बकरक दरबज्जा केँ, कारण हम एहन कियो नहि जनैत छी जे हमरा लेल दोस्ती आ रक्षा मे अबू बकर रादलियाहुअनहु सँ बेसी महत्वपूर्ण हो।

Hadith

Imam Darimi : 82

أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ حَدَّثَنَا فُلَيْحُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ أُوذِنَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالصَّلَاةِ فِي مَرَضِهِ فَقَالَ مُرُوا أَبَا بَكْرٍ يُصَلِّي بِالنَّاسِ ثُمَّ أُغْمِيَ عَلَيْهِ فَلَمَّا سُرِّيَ عَنْهُ قَالَ هَلْ أَمَرْتُنَّ أَبَا بَكْرٍ يُصَلِّي بِالنَّاسِ فَقُلْتُ إِنَّ أَبَا بَكْرٍ رَجُلٌ رَقِيقٌ فَلَوْ أَمَرْتَ عُمَرَ فَقَالَ أَنْتُنَّ صَوَاحِبُ يُوسُفَ مُرُوا أَبَا بَكْرٍ يُصَلِّي بِالنَّاسِ فَرُبَّ قَائِلٍ مُتَمَنٍّ وَيَأْبَى اللَّهُ وَالْمُؤْمِنُونَ

हमरा सब के कहलक अछि [सैद बिन मंशूर] हमरा सब के [फुलैह बिन सुलेमान] स [सुलेमान बिन अब्दुररहमान] स [अल कासिम बिन मुहम्मद] स ['ऐस्याह] रदलियाहुअनहा स कहलक अछि ओ कहलनि: 'रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व आल्लम नमाज के आह्वान के बजाबय के अनुमति देलखिन, तखन ओ कहलनि: 'आज्ञा अबू बकर के नमाज के नेतृत्व करय के आदेश देल गेल। लोक', तखन ओ बेहोश भ' गेलाह। जखन हुनका होश आबि गेलनि तखन ओ पुछलनि जे की हम अबू बकर रदलियाल्लाहुअनहु केँ जनताक नेतृत्व करबाक आदेश देने छी? तखन हम - कथावाचक - कहलियनि : 'की अबू बकर कोनो कोमल आदमी नहि छथि जे सहजहि कानैत छथि, की अहाँ केँ उमर केँ मात्र आदेश नहि देबाक चाही?'. त रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलखिन: 'आह, अहाँ सब ठीक यूसुफ के भाई सब जेकाँ छी, अबू बकर के आदेश दियौ जे ओ लोक के नेतृत्व करथि, कतेक लोक सपना देखैत छथि मुदा अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला आ मुसलमान के ई नहि चाही'।

Hadith

Imam Darimi : 83

َخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ عِكْرِمَةَ قَالَ تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ الِاثْنَيْنِ فَحُبِسَ بَقِيَّةَ يَوْمِهِ وَلَيْلَتَهُ وَالْغَدَ حَتَّى دُفِنَ لَيْلَةَ الْأَرْبِعَاءِ وَقَالُوا إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَمُتْ وَلَكِنْ عُرِجَ بِرُوحِهِ كَمَا عُرِجَ بِرُوحِ مُوسَى فَقَامَ عُمَرُ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَمُتْ وَلَكِنْ عُرِجَ بِرُوحِهِ كَمَا عُرِجَ بِرُوحِ مُوسَى وَاللَّهِ لَا يَمُوتُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى يَقْطَعَ أَيْدِيَ أَقْوَامٍ وَأَلْسِنَتَهُمْ فَلَمْ يَزَلْ عُمَرُ يَتَكَلَّمُ حَتَّى أَزْبَدَ شِدْقَاهُ مِمَّا يُوعِدُ وَيَقُولُ فَقَامَ الْعَبَّاسُ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ مَاتَ وَإِنَّهُ لَبَشَرٌ وَإِنَّهُ يَأْسُنُ كَمَا يَأْسُنُ الْبَشَرُ أَيْ قَوْمِ فَادْفِنُوا صَاحِبَكُمْ فَإِنَّهُ أَكْرَمُ عَلَى اللَّهِ مِنْ أَنْ يُمِيتَهُ إِمَاتَتَيْنِ أَيُمِيتُ أَحَدَكُمْ إِمَاتَةً وَيُمِيتُهُ إِمَاتَتَيْنِ وَهُوَ أَكْرَمُ عَلَى اللَّهِ مِنْ ذَلِكَ أَيْ قَوْمِ فَادْفِنُوا صَاحِبَكُمْ فَإِنْ يَكُ كَمَا تَقُولُونَ فَلَيْسَ بِعَزِيزٍ عَلَى اللَّهِ أَنْ يَبْحَثَ عَنْهُ التُّرَابَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاللَّهِ مَا مَاتَ حَتَّى تَرَكَ السَّبِيلَ نَهْجًا وَاضِحًا فَأَحَلَّ الْحَلَالَ وَحَرَّمَ الْحَرَامَ وَنَكَحَ وَطَلَّقَ وَحَارَبَ وَسَالَمَ مَا كَانَ رَاعِي غَنَمٍ يَتَّبِعُ بِهَا صَاحِبُهَا رُءُوسَ الْجِبَالِ يَخْبِطُ عَلَيْهَا الْعِضَاهَ بِمِخْبَطِهِ وَيَمْدُرُ حَوْضَهَا بِيَدِهِ بِأَنْصَبَ وَلَا أَدْأَبَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ فِيكُمْ أَيْ قَوْمِ فَادْفِنُوا صَاحِبَكُمْ قَالَ وَجَعَلَتْ أُمُّ أَيْمَنَ تَبْكِي فَقِيلَ لَهَا يَا أُمَّ أَيْمَنَ تَبْكِي عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ إِنِّي وَاللَّهِ مَا أَبْكِي عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَّا أَكُونَ أَعْلَمُ أَنَّهُ قَدْ ذَهَبَ إِلَى مَا هُوَ خَيْرٌ لَهُ مِنْ الدُّنْيَا وَلَكِنِّي أَبْكِي عَلَى خَبَرِ السَّمَاءِ انْقَطَعَ قَالَ حَمَّادٌ خَنَقَتْ الْعَبْرَةُ أَيُّوبَ حِينَ بَلَغَ هَا هُنَا

हमरा सब के कहलक अछि [सुलेमान बिन हर्ब] हमरा सब के [हम्मद बिन जैद] के [अय्यूब] स ['इकरीमा] स कहलक अछि जे ओ कहलनि: ' रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सोमदिन मरि गेल छलाह मुदा हुनकर लाश एखन धरि ओहि दिन, ओहि साँझ, आ दोसर दिन दफनाओल नहि गेल छल, ताहि लेल हुनका बुध दिन राति मे दफनाओल गेल छल, ओ सब कहलनि: 'रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहिलम हस।' नहि मरल, मात्र ओ अपन आत्माक संग -आकाश मे- चढ़ल जेना मूसा अलैहिस्सलम उठल छल, तखन उमर रदलियाल्लाहुअनहु ठाढ़ भ' गेल आ कहलक: 'सत्ते अल्लाह केर रसूलुल्लाहु अलैहि वसल्लम नहि मरि गेल छथि, मुदा ओ अपन आत्माक संग -आकाश मे- जेना मूसा अलैहिस्सलम जी उठल छलाह।' अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के कसम, रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ताबत धरि नहि मरि गेलाह जाबत धरि हुनकर हाथ आ जीभ नहि काटि देलनि। उमर रदलियाल्लाहुअनहु कहैत रहलाह - एहने - जाबत धरि हुनकर धमकी आ बातक कारणेँ हुनकर मुँहक कोन मे झाग नहि बनि रहल छलनि । तखन अब्बास रदलियाहुअनहु ठाढ़ भ' क' कहलनि: 'सत्ते रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मरि गेल छथि, कारण ओ एकटा साधारण मनुक्ख छलाह, आ मनुक्ख बदलैत-बदलैत बदलैत गेलाह, तेँ अपन मित्र केँ दफना दियौक, सचमुच ओ अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला केर नजरि मे ओहि सँ बेसी कुलीन छलाह, जखन कि ओ दू बेर मरि गेलाह, की ई संभव अछि जे अहाँ एक बेर मारल गेल होथि आ ओ दू बेर सेहो मरि गेल होथि यद्यपि अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के नजर में हुनका सब स बेसी कुलीन छलाह? हे लोक सब अपन मित्र के दफना दियौ तखन जँ ओ अहाँक कहब जकाँ अछि तऽ अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के लेल ओकरा लेल दफन स्थल ताकब कठिन नहि होयत। अल्लाह के कसम, सचमुच अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, ओ ताबत धरि नहि मरि सकलाह जाबत धरि ओ स्पष्ट मन्हज नहि छोड़ि देलनि, ओ जे जायज अछि ओकरा हलाम क देलनि, जे हरम अछि ओकरा मना क देलनि, विवाह आ तलाक क देलनि, युद्ध केलनि आ शांति केलनि। आ कोनो एहन चरबाह नहि छल जे अपन बकरी के पाछाँ-पाछाँ पहाड़ के चोटी तक पहुँचैत थाकि गेल आ थाकि गेल हो, ओ अपन लाठी सँ काँटदार गाछ के खसा देलक, अपन पानिक पोखरि के हाथ सँ मरम्मत केलक, अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स बेसी। आब ओ अहाँ सभक बीच अछि, तेँ अपन मित्र केँ गाड़ि दियौक'। ओ कहलनि : आ उम्म ऐमान रदलियाहुअनहा कानि रहल छलाह, तखन हुनका सँ पूछल गेलनि जे हे उम्म ऐमन, की अहाँ अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लेल कानि रहल छी? ' ओ जवाब देलनि : 'अल्लाह केर कसम हम अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केर लेल नहि कानैत छी | अहाँकेँ बुझल अछि जे हमरा नीक जकाँ बुझल अछि जे ओ एहि संसारसँ नीक देशमे गेल छथि , मुदा हम कानि रहल छी कारण स्वर्ग -प्रकाशन-क समाचार बाधित भ' गेल अछि' । ' हम्मद रहीमाहुल्लाह : 'अय्यूब कटु कानि उठलाह जखन उम्म ऐमानक बात एतय पहुँचल ।

Hadith

Imam Darimi : 84

أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ سَعِيدٍ الدِّمَشْقِيُّ حَدَّثَنَا شُعَيْبٌ هُوَ ابْنُ إِسْحَقَ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ حَدَّثَنِي يَعِيشُ بْنُ الْوَلِيدِ حَدَّثَنِي مَكْحُولٌ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا أَصَابَ أَحَدَكُمْ مُصِيبَةٌ فَلْيَذْكُرْ مُصِيبَتَهُ بِي فَإِنَّهَا مِنْ أَعْظَمِ الْمَصَائِبِ

हमरा सब के कहने छथि [अब्दुल वहाब बिन सईद अद डिमासिकी] हमरा सब के [स्यूअइब इब्न इशक] के कहने छथि, हमरा सब के कहने छथि [अल औजाई] हमरा कहने छथि [यासी बिन अल वलीद] हमरा [मखुल] के कहने छथि जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: ' यदि अहाँ सब में स कियो कोनो आपदा स टकरा गेल अछि, तखन कल्पना करू जे आपदा जे ओकरा पर पड़ल हमरा पर भेल, तखन ई सबसँ पैघ विपत्ति होयत'।

Hadith

Imam Darimi : 85

أَخْبَرَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا فِطْرٌ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَصَابَ أَحَدَكُمْ مُصِيبَةٌ فَلْيَذْكُرْ مُصَابَهُ بِي فَإِنَّهَا مِنْ أَعْظَمِ الْمَصَائِبِ

हमरा सब के खबर छै कि [अबू नुअइम] न॑ हमरा सब क॑ [फिथर] क॑ [अथा`] स॑ बतैन॑ छै कि हुनी कहलकै: अल्लाह केरऽ रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम: ‘जदि तोरा सिनी म॑ स॑ कोय भी आपदा आबी जाय छै त॑ कल्पना करी क॑ कि ई हमरा प॑ आबै छै, त॑ वू सबस॑ बड़ऽ आपदा म॑ स॑ एक छै’ ।

Hadith

Imam Darimi : 86

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي خَلَفٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عُمَرَ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ مَا سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ يَذْكُرُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَطُّ إِلَّا بَكَى

हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अहमद बिन अबू खलाफ] हमरा सब के [सूफयान] के [अमर बिन मुहम्मद] स [अपन पिता] स कहलक अछि जे ओ कहलनि: ' हम [इब्न उमर] के नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के याद बिल्कुल नै सुनलौं सिवाय ई जे ओ कानय लगलाह'।

Hadith

Imam Darimi : 87

أَخْبَرَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ فَاطِمَةَ قَالَتْ يَا أَنَسُ كَيْفَ طَابَتْ أَنْفُسُكُمْ أَنْ تَحْثُوا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ التُّرَابَ وَقَالَتْ يَا أَبَتَاهْ مِنْ رَبِّهِ مَا أَدْنَاهْ وَا أَبَتَاهْ جَنَّةُ الْفِرْدَوْسِ مَأْوَاهْ وَا أَبَتَاهْ إِلَى جِبْرِيلَ نَنْعَاهْ وَا أَبَتَاهْ أَجَابَ رَبًّا دَعَاهْ قَالَ حَمَّادٌ حِينَ حَدَّثَ ثَابِتٌ بَكَى و قَالَ ثَابِتٌ حِينَ حَدَّثَ أَنَسٌ بَكَى

[अबू अन नु’मान] हमरा [हम्मद बिन जैद] स [त्साबीत] स [अनस बिन मालिक] रदलियाल्लाहुअनहु स बतेलथि जे [फातिमा] रदलियाल्लाहुअनहा स पूछलथि: 'हे अनस, अहाँ के अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कब्र पर माटि छिड़कब कोना नीक लगैत अछि?' आ फातिमा अपन शिकायत सुना रहल छलीह : 'हे हमर पिता जे अपन प्रभु के एतेक नजदीक छथि, हे हमर पिता जिनकर जन्नत हुनकर वापसी के स्थान छनि, हे हमर पिता जिनका हम सब जिब्राईल के 'अलैहिस्सलम के हुनकर मृत्यु के सूचना दैत छी, हे हमर पिता जिनका ओ अपन प्रभु के फोन करय पर जवाब दैत छथि'। हम्मद रहीमहुल्लाह कहलनि: 'जखन थाबीत ई हदीस पहुँचेलनि त' ओ कानय लगलाह'। थाबीत कहलनि: 'अनस रदलियाल्लाहुअनहु जखन ई हदीस संप्रेषित केलनि तखन ओ कानय लगलाह'।

Hadith

Imam Darimi : 88

حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ وَذَكَرَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ شَهِدْتُهُ يَوْمَ دَخَلَ الْمَدِينَةَ فَمَا رَأَيْتُ يَوْمًا قَطُّ كَانَ أَحْسَنَ وَلَا أَضْوَأَ مِنْ يَوْمٍ دَخَلَ عَلَيْنَا فِيهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَشَهِدْتُهُ يَوْمَ مَوْتِهِ فَمَا رَأَيْتُ يَوْمًا كَانَ أَقْبَحَ وَلَا أَظْلَمَ مِنْ يَوْمٍ مَاتَ فِيهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमरा सब के कहलक अछि [अफ्फान] हमरा सब के [हमद सलामाह] के [त्सबीत] स [अनस] रदलियाहुअनहु स कहलक अछि ओ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के याद केलथि, ' हम हुनका गवाह केलहुं जखन ओ मदीना में प्रवेश केलनि, हम कहियो ओहि दिन स नीक आ उज्जवल दिन नहि देखलहुं जखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना आयल छलाह, आ हमहूँ ओकर मृत्युक दिनक गवाह बनल, तेँ हम एक दिन बेसी खराब आ खराब नहि देखलहुँ। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मृत्यु के दिन स बेसी अन्हार।

Hadith

Imam Darimi : 89

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُطِيعٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ عَنْ أَبِي عَبْدِ الْجَلِيلِ عَنْ أَبِي حَرِيزٍ الْأَزْدِيِّ قَالَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا نَجِدُكَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ قَائِمًا عِنْدَ رَبِّكَ وَأَنْتَ مُحْمَارَّةٌ وَجْنَتَاكَ مُسْتَحْيٍ مِنْ رَبِّكَ مِمَّا أَحْدَثَتْ أُمَّتُكَ مِنْ بَعْدِكَ

हमरा सब के [अब्दुल्लाह बिन मुथी’] हमरा सब के [हुसैम] के [अबू अब्दुल जलील] स [अबू हरिज़ अल अजदी] स कहलक अछि ओ कहलनि: 'अब्दुल्लाह बिन सलाम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहलनि: 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम अहाँ के देखलहुं जे अहाँ अहाँक रब्ब के कात में ठाढ़ छी, आ अहाँक चेहरा लाल भ गेल - ई कनि लाल भ गेल - जखन कि अहाँक कपार अहाँक -मरला-'क बाद अहाँक लोक द्वारा कयल गेल काजक कारणेँ अहाँक रब्ब पर लाज होइत छल |

Hadith

Imam Darimi : 90

أَخْبَرَنَا الْقَاسِمُ بْنُ كَثِيرٍ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ شُرَيْحٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي الْأَسْوَدِ الْقُرَشِيِّ عَنْ أَبِي قُرَّةَ مَوْلَى أَبِي جَهْلٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ هَذِهِ السُّورَةَ لَمَّا أُنْزِلَتْ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُونَ فِي دِينِ اللَّهِ أَفْوَاجًا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيَخْرُجُنَّ مِنْهَا أَفْوَاجًا كَمَا دَخَلُوهُ أَفْوَاجًا

हमरा सब [अल कासिम बिन कत्सीर] के रिपोर्ट केलाक बाद ओ कहलनि: 'हम [अब्दुररहमान बिन स्यूरैह] स [अबू अल असवद अल कुरसी] स [अबू फरवाह] स कहैत सुनने छी - अबू जहल के पूर्व दास - [अबू हुरैराह] रदलियाहुआनहु स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स: 'असल, जखन ई पत्र छल।' revealed 'इज्जा जा`आ नश्रुल्लाही वाल फथू वा रैतननासा यादखुलुना फी दीनिल्लाही अफवाजा' -जब अल्लाह सुहानल्लाहु व ता'ला की मदद और जीत आ गई है | आ देखैत छी जे लोक झुंड मे अल्लाह के धर्म मे प्रवेश करैत अछि- -Qs. एक नशर : 1-2-। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'वास्तव मे ओ सब अपन धर्म के झुंड मे छोड़ि देत जेना ओ सब झुंड मे घुसल छल'।

Hadith

Imam Darimi : 91

أَخْبَرَنِي أَبُو بَكْرٍ الْمِصْرِيُّ عَنْ سُلَيْمَانَ أَبِي أَيُّوبَ الْخُزَاعِيِّ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الْأُمَوِيِّ عَنْ مَعْرُوفِ بْنِ خَرَّبُوذَ الْمَكِّيِّ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ قَالَ دَخَلَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْأَهْتَمِ عَلَى عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ مَعَ الْعَامَّةِ فَلَمْ يُفْجَأْ عُمَرُ إِلَّا وَهُوَ بَيْنَ يَدَيْهِ يَتَكَلَّمُ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَمَّا بَعْدُ فَإِنَّ اللَّهَ خَلَقَ الْخَلْقَ غَنِيًّا عَنْ طَاعَتِهِمْ آمِنًا لِمَعْصِيَتِهِمْ وَالنَّاسُ يَوْمَئِذٍ فِي الْمَنَازِلِ وَالرَّأْيِ مُخْتَلِفُونَ فَالْعَرَبُ بِشَرِّ تِلْكَ الْمَنَازِلِ أَهْلُ الْحَجَرِ وَأَهْلُ الْوَبَرِ وَأَهْلُ الدَّبَرِ يُحْتَازُ دُونَهُمْ طَيِّبَاتُ الدُّنْيَا وَرَخَاءُ عَيْشِهَا لَا يَسْأَلُونَ اللَّهَ جَمَاعَةً وَلَا يَتْلُونَ لَهُ كِتَابًا مَيِّتُهُمْ فِي النَّارِ وَحَيُّهُمْ أَعْمَى نَجِسٌ مَعَ مَا لَا يُحْصَى مِنْ الْمَرْغُوبِ عَنْهُ وَالْمَزْهُودِ فِيهِ فَلَمَّا أَرَادَ اللَّهُ أَنْ يَنْشُرَ عَلَيْهِمْ رَحْمَتَهُ بَعَثَ إِلَيْهِمْ رَسُولًا مِنْ أَنْفُسِهِمْ { عَزِيزٌ عَلَيْهِ مَا عَنِتُّمْ حَرِيصٌ عَلَيْكُمْ بِالْمُؤْمِنِينَ رَءُوفٌ رَحِيمٌ } صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَعَلَيْهِ السَّلَامُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ فَلَمْ يَمْنَعْهُمْ ذَلِكَ أَنْ جَرَحُوهُ فِي جِسْمِهِ وَلَقَّبُوهُ فِي اسْمِهِ وَمَعَهُ كِتَابٌ مِنْ اللَّهِ نَاطِقٌ لَا يُقَدَّمُ إِلَّا بِأَمْرِهِ وَلَا يُرْحَلُ إِلَّا بِإِذْنِهِ فَلَمَّا أُمِرَ بِالْعَزْمَةِ وَحُمِلَ عَلَى الْجِهَادِ انْبَسَطَ لِأَمْرِ اللَّهِ لَوْثُهُ فَأَفْلَجَ اللَّهُ حُجَّتَهُ وَأَجَازَ كَلِمَتَهُ وَأَظْهَرَ دَعْوَتَهُ وَفَارَقَ الدُّنْيَا تَقِيًّا نَقِيًّا ثُمَّ قَامَ بَعْدَهُ أَبُو بَكْرٍ فَسَلَكَ سُنَّتَهُ وَأَخَذَ سَبِيلَهُ وَارْتَدَّتْ الْعَرَبُ أَوْ مَنْ فَعَلَ ذَلِكَ مِنْهُمْ فَأَبَى أَنْ يَقْبَلَ مِنْهُمْ بَعْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَّا الَّذِي كَانَ قَابِلًا انْتَزَعَ السُّيُوفَ مِنْ أَغْمَادِهَا وَأَوْقَدَ النِّيرَانَ فِي شُعُلِهَا ثُمَّ رَكِبَ بِأَهْلِ الْحَقِّ أَهْلَ الْبَاطِلِ فَلَمْ يَبْرَحْ يُقَطِّعُ أَوْصَالَهُمْ وَيَسْقِي الْأَرْضَ دِمَاءَهُمْ حَتَّى أَدْخَلَهُمْ فِي الَّذِي خَرَجُوا مِنْهُ وَقَرَّرَهُمْ بِالَّذِي نَفَرُوا عَنْهُ وَقَدْ كَانَ أَصَابَ مِنْ مَالِ اللَّهِ بَكْرًا يَرْتَوِي عَلَيْهِ وَحَبَشِيَّةً أَرْضَعَتْ وَلَدًا لَهُ فَرَأَى ذَلِكَ عِنْدَ مَوْتِهِ غُصَّةً فِي حَلْقِهِ فَأَدَّى ذَلِكَ إِلَى الْخَلِيفَةِ مِنْ بَعْدِهِ وَفَارَقَ الدُّنْيَا تَقِيًّا نَقِيًّا عَلَى مِنْهَاجِ صَاحِبِهِ ثُمَّ قَامَ بَعْدَهُ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَمَصَّرَ الْأَمْصَارَ وَخَلَطَ الشِّدَّةَ بِاللِّينِ وَحَسَرَ عَنْ ذِرَاعَيْهِ وَشَمَّرَ عَنْ سَاقَيْهِ وَأَعَدَّ لِلْأُمُورِ أَقْرَانَهَا وَلِلْحَرْبِ آلَتَهَا فَلَمَّا أَصَابَهُ قَيْنُ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ أَمَرَ ابْنَ عَبَّاسٍ يَسْأَلُ النَّاسَ هَلْ يُثْبِتُونَ قَاتِلَهُ فَلَمَّا قِيلَ قَيْنُ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ اسْتَهَلَّ يَحْمَدُ رَبَّهُ أَنْ لَا يَكُونَ أَصَابَهُ ذُو حَقٍّ فِي الْفَيْءِ فَيَحْتَجَّ عَلَيْهِ بِأَنَّهُ إِنَّمَا اسْتَحَلَّ دَمَهُ بِمَا اسْتَحَلَّ مِنْ حَقِّهِ وَقَدْ كَانَ أَصَابَ مِنْ مَالِ اللَّهِ بِضْعَةً وَثَمَانِينَ أَلْفًا فَكَسَرَ لَهَا رِبَاعَهُ وَكَرِهَ بِهَا كَفَالَةَ أَوْلَادِهِ فَأَدَّاهَا إِلَى الْخَلِيفَةِ مِنْ بَعْدِهِ وَفَارَقَ الدُّنْيَا تَقِيًّا نَقِيًّا عَلَى مِنْهَاجِ صَاحِبَيْهِ ثُمَّ إِنَّكَ يَا عُمَرُ بُنَيُّ الدُّنْيَا وَلَّدَتْكَ مُلُوكُهَا وَأَلْقَمَتْكَ ثَدْيَيْهَا وَنَبَتَّ فِيهَا تَلْتَمِسُهَا مَظَانَّهَا فَلَمَّا وُلِّيتَهَا أَلْقَيْتَهَا حَيْثُ أَلْقَاهَا اللَّهُ هَجَرْتَهَا وَجَفَوْتَهَا وَقَذِرْتَهَا إِلَّا مَا تَزَوَّدْتَ مِنْهَا فَالْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي جَلَا بِكَ حَوْبَتَنَا وَكَشَفَ بِكَ كُرْبَتَنَا فَامْضِ وَلَا تَلْتَفِتْ فَإِنَّهُ لَا يَعِزُّ عَلَى الْحَقِّ شَيْءٌ وَلَا يَذِلُّ عَلَى الْبَاطِلِ شَيْءٌ أَقُولُ قَوْلِي وَأَسْتَغْفِرُ اللَّهَ لِي وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ قَالَ أَبُو أَيُّوبَ فَكَانَ عُمَرُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ يَقُولُ فِي الشَّيْءِ قَالَ لِيَ ابْنُ الْأَهْتَمِ امْضِ وَلَا تَلْتَفِتْ

[अबू बकर अल मिश्री] न॑ हमरा [सुलेमान अबू अय्यूब अल खुजाई] स॑ [याह्या बिन सईद अल उमावी] स॑ [मा’रुफ बिन खर्राबुज अल मक्की] स॑ [खालिद बिन म’दान] स॑ रिपोर्ट करल॑ छै कि हुनी कहलकै कि ‘[अब्दुल्लाह बिन अल अहतम] न॑ उमर बिन अब्दुल’अजीज स॑ लोगऽ के साथ मुलाकात करलकै । उमर किछु नहि केने छलाह, अचानक अब्दुल्लाह बिन अल अहतम रहीमहुल्लाह हुनका सोझाँ ठाढ़ भ' गेल छलाह आ तुरन्त बाज' लगलाह, ओ अल्लाह सुभानल्लाहु व ता'ला केर स्तुति केलनि आ हुनकर प्रशंसा केलनि, तखन ओ कहलनि: अम्मा ब'द। सचमुच अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला मनुष्य के बनौने छैथ आ हुनका ओकर आज्ञाकारिता के जरूरत नै छैन्ह, ओ हमेशा हुनकर पाप स सुरक्षित छैथ। ओहि समय मनुष्य अलग-अलग स्तर आ दृष्टिकोण पर छल, आ अरब सबस भ्रष्ट स्तर पर छल । शहरवासी, गामक निवासी आ पहाड़ी लोक के दुनिया के भलाई आ ओकर सुख स रोकल जाइत अछि, सामान्य तौर पर हुनका सब के अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला स पूछब नै अबैत छनि, आ हुनकर किताब नै पढ़ैत छथि, जे मरैत छथि ओ नरक में छथि आ जे सब मार्गदर्शन के प्रति आन्हर आ अशुद्ध हालत में रहैत छथि, हुनका सब के अनगिनत घृणित आ परेशान करय वाला समस्या छनि। जखन अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला हुनका सब पर अपन दया फैलाबय चाहैत छलाह तखन हुनका सब स एकटा रसूलुल्लाह पठेलनि, जिनकर चरित्र छल ''अजीइज़ुन अलैहिम मा अनितम हरिसुन 'अलाइकुम बिल मु'मिनिना रौफुरहिम' -अहाँक दुख स भारी महसूस भेल, वास्तव में अहाँ के लेल ईमान आ मुक्ति चाहैत छल, बहुत दयालु आ दयालु के प्रति विश्वासी- -प्रश्न। तौबाह मे : 128. अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला हुनका पर अपन बरकत, समृद्धि, दया आ बरकत प्रदान करथि। ओना हुनकर सभटा नीक गुणक संग एहि सँ हुनका सभ केँ हुनकर शरीर केँ चोट पहुँचेबा सँ नहि रोकल गेलनि, हुनका खराब उपाधि देल गेलनि, भले ओ अल्लाह सँ बजैत किताब ल' क' चलैत छलाह, मुदा हुनकर आज्ञाक अतिरिक्त किछु नहि बजैत छलाह, जा धरि अनुमति नहि दैत छलाह ता धरि नहि जाइत छलाह. अतः जखन हुनका अपन दिल के स्थिर करबाक, जिहाद के बोझ उठाबय के आदेश देल गेलनि त हुनकर ताकत अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के आज्ञा के पूरा करय लेल खिंच गेलनि जाहि सं अल्लाह अपन सबूत उजागर केलनि आ अपन बात के संरक्षित केलनि, संगहि अपन उपदेश सेहो देखौलनि. आ ओ धर्मपरायणता आ स्वच्छताक अवस्था मे मरि गेलाह । तखन अबू बकर रदलियाहुअनहु हुनकर जगह पर आबि हुनकर सुन्नत के पालन केलनि, हुनकर रास्ता पर चललनि, मुदा - किछु अरब धर्मत्याग केलनि या हुनका सब में जे कियो एहन केलक, तखन अबू बकर हुनका सब के स्वीकार करय सं मना क देलखिन - हुनकर मृत्यु के बाद - रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अलावा जे हुनका स्वीकार करय चाहैत छलाह, हुनकर तलवार के म्यान सं निकालि क आगि जरा देलखिन्ह जाहि सं ओ रहि गेल अपन मशाल सॅं - अपन युद्ध नीति केँ स्वीकार कयलनि - तखन सत्यक रक्षक लोकनिक संग पंथवादीक बुराई केँ समाप्त कयलनि | ओ कहियो युद्ध करब आ हुनका लोकनिक खून सँ धरती केँ पानि देब नहि छोड़लनि, जाबत धरि वास्तव मे हुनका सभ केँ ओहि धर्मक कोरा मे वापस नहि क' देलनि जे ओ सभ छोड़ि देने छलाह, आ हुनका सभ केँ ओहि शिक्षा मे पुनः स्थापित नहि क' देलनि जे ओ सभ अस्वीकार क' देने छलाह. आ ओकरा अल्लाह केरऽ खजाना - घनीमा - ऊंट केरऽ बच्चा के रूप में मिललै, जेकरा सें वू संतुष्ट छेलै, आरो ओकरा एगो हबस्या महिला मिललै जे ओकरऽ बच्चा के स्तनपान कराबै छेलै, जेकरा वू ओकरा बाद ओकरऽ मौत के समय ओकरऽ कंठ में जाम के रूप में समझलकै । अंततः ओ ई काज अपन बादक खलीफा के सौंप देलनि, आ अपन मित्र - नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम - के मनहज के कायम राखि दुनिया के धर्मपरायणता आ साफ-सफाई के स्थिति में छोड़ि देलनि। तखन उमर बिन खट्टाब हुनका बाद खलीफा बनि गेलाह; ओ कतेको शहर बनौलक आ समृद्ध केलक, ओ दृढ़ता के संग कोमलता के संयोजन केलक, ओ अपन आस्तीन आ अपन बछड़ा के गुड़का देलक - मतलब ओ जतेक मेहनत क सकैत छल -, ओ समस्या के चारू कात सब किछु के व्यवस्था केलक, आ ओ युद्ध के लेल सब उपकरण तैयार केलक, ताहि लेल जखन मुगिराह बिन स्यूबाह रदलियाल्लाहुअनहु के गुलाम ओकरा चाकू मारलक, त ओ इब्न अब्बास रदलियाल्लाहुअनहु के कहलक लोक सभ सं पूछय लेल जे 'की लोक सभ हत्यारा के पुष्टि क' देलक अछि?' जखन खबरि आयल जे हत्यारा 'मुघीरा बिन स्यू`बाह के गुलाम' अछि त ओ अपन प्रभु के स्तुति करैत जोर-जोर सं चिचिया उठल, कारण जे ओकरा चाकू मारलक ओ कोनो एहन व्यक्ति नहि छल जेकरा फै` मे अधिकार छल तैं ओ तर्क द सकैत छल जे ओ अपन अधिकार बनेबाक कारण सं अपन खून के वैध बना देलक. उमर के अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के धन स लगभग अस्सी हजार बेसी कमाई भ गेल छै, आ एतेक तक कि ओ अपन घर तक बेचि देलक, कियाक त ओकरा चिंता छल जे कहीं ई ओकर बच्चा के लेल आश्रित नै भ जाय। तखन ओ एहि खजाना सभ केँ हुनका बाद आयल खलीफा केँ सौंप देलनि, आ ओ - उमर रदलियाल्लाहुअनहु - अपन मित्रक मनहजक अनुरूप धर्मपरायणता आ स्वच्छताक अवस्था मे दुनियाँ केँ छोड़ि देलनि | तखन हे उमर बिन अब्द अजीज, दुनिया अहाँ लेल एकटा राज्य के जन्म देलक आ अहाँ के अपन दू टा निप्पल देलक, आ अहाँ ओतय अस्तित्व के जगह खोजैत बढ़लौं, जखन अहाँ के ओ शक्ति देल गेल छल, ओकर बदला में अहाँ ओकरा ओतय फेंक देलौं जतय अल्लाह सुभानल्लाहु व ताआला ओकरा फेंकने छल, अहाँ ओकरा छोड़ि देलौं, अहाँ ओकरा घृणित बुझलौं, आ अहाँ एकरा गंदा बुझलौं सिवाय जे अहाँ जिनगी के रूप में लेलौं। अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के स्तुति हो, अहाँक कारणे हमर सबहक पाप शुद्ध भ गेल अछि, हमर सबहक आपदा प्रकट भ गेल अछि, ताहि लेल चलैत रहू, पाछू नहि मुड़ू, कियाक त कोनो चीज सही के पराजित नै क सकैत अछि, आ गलत के कोनो चीज नै हरा सकैत अछि। हमरा लेल ई शब्द कहब काफी अछि, हम अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला स हमरा लेल आ मुसलमान आ मुसलमान के लेल माफी मांगैत छी। खालिद बिन म'दान रहीमहुल्लाह कहलनि: 'तखन उमर बिन अब्दुल अजीज किछु कहलनि'। इब्न हैतसम हमरा कहलथिन्ह - जाउ आ पाछू नहि देखू। ' .

Hadith

Imam Darimi : 92

حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ زَيْدٍ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ مَالِكٍ النُّكْرِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو الْجَوْزَاءِ أَوْسُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ قُحِطَ أَهْلُ الْمَدِينَةِ قَحْطًا شَدِيدًا فَشَكَوْا إِلَى عَائِشَةَ فَقَالَتْ انْظُرُوا قَبْرَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاجْعَلُوا مِنْهُ كِوًى إِلَى السَّمَاءِ حَتَّى لَا يَكُونَ بَيْنَهُ وَبَيْنَ السَّمَاءِ سَقْفٌ قَالَ فَفَعَلُوا فَمُطِرْنَا مَطَرًا حَتَّى نَبَتَ الْعُشْبُ وَسَمِنَتْ الْإِبِلُ حَتَّى تَفَتَّقَتْ مِنْ الشَّحْمِ فَسُمِّيَ عَامَ الْفَتْقِ

हमरा सब के कहल गेल अछि [अबू नु’मान] हमरा सब के कहलक अछि [सैद बिन जैद] हमरा सब के कहलक अछि [उमर बिन मलिक अन नुक्री] हमरा सब के [अबू अल जौजा` औस बिन अब्दुल्लाह] के कहने छथि, ओ कहलनि: 'एक दिन मदीना के लोक के बहुत भयंकर सूखा के झटका लागल छल, आ ओहि समय ओ सब [आइशा] रदलियाल्लाहुअनहा स शिकायत केलक, फेर ओ कहली: 'जाउ।' नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कब्र तक, आकाश के तरफ छेद बनाउ आ ओकरा आ आकाश के बीच छत नै बनय दियौ। तखन अबू अल जौजा` अपन कथा आगू बजलाह: 'तखन मदीना के लोक जे आइशा रदलियाल्लाहुअनहा के आदेश देलखिन से केलक, तकर बाद बरखा भेल आ घास बढ़ल आ माल-जाल स्वस्थ भ गेल। तेँ ओहि वर्ष केँ विजय वर्ष कहल जाइत छैक' |

Hadith

Imam Darimi : 93

أَخْبَرَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ قَالَ لَمَّا كَانَ أَيَّامُ الْحَرَّةِ لَمْ يُؤَذَّنْ فِي مَسْجِدِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَلَاثًا وَلَمْ يُقَمْ وَلَمْ يَبْرَحْ سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ مِنْ الْمَسْجِدِ وَكَانَ لَا يَعْرِفُ وَقْتَ الصَّلَاةِ إِلَّا بِهَمْهَمَةٍ يَسْمَعُهَا مِنْ قَبْرِ النَّبِيِّ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ

हमरा सब के [मरवान बिन मुहम्मद] के [सैद बिन अब्दुल अजीज] स रिपोर्ट आयल जे ओ कहलनि: 'जखन भयंकर सूखा के मौसम छल तखन नबावी मस्जिद में तीन बेर नमाज के आह्वान नहि भेल, आ कोनो इकामा सेहो नहि भेल। आ, [सैद बिन अल मुसैयब] नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मस्जिद स बाहर नै निकलल। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कब्र के दिशा स आवाज सुनला के बाद ओकरा नमाज के समय के जानकारी नै छल। तखन एकर अर्थ बतौलनि।

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Imam Darimi : 94

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي خَالِدٌ هُوَ ابْنُ يَزِيدَ عَنْ سَعِيدٍ هُوَ ابْنُ أَبِي هِلَالٍ عَنْ نُبَيْهِ بْنِ وَهْبٍ أَنَّ كَعْبًا دَخَلَ عَلَى عَائِشَةَ فَذَكَرُوا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ كَعْبٌ مَا مِنْ يَوْمٍ يَطْلُعُ إِلَّا نَزَلَ سَبْعُونَ أَلْفًا مِنْ الْمَلَائِكَةِ حَتَّى يَحُفُّوا بِقَبْرِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَضْرِبُونَ بِأَجْنِحَتِهِمْ وَيُصَلُّونَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى إِذَا أَمْسَوْا عَرَجُوا وَهَبَطَ مِثْلُهُمْ فَصَنَعُوا مِثْلَ ذَلِكَ حَتَّى إِذَا انْشَقَّتْ عَنْهُ الْأَرْضُ خَرَجَ فِي سَبْعِينَ أَلْفًا مِنْ الْمَلَائِكَةِ يَزِفُّونَهُ

हमरा सब के कहल गेल अछि [अब्दुल्लाह बिन सालिह] हमरा कहलक अछि, [अल लैट्स] हमरा कहलक अछि, [खालिद इब्नु यजीद], [सैद इब्नु अबू हिलाल] स [नुबैह बिन वहब] स जे काआब ऐसिया रदलियाहुआनहा के दौरा करय लेल आयल छल। तखन सहाबा सब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नाम लेलक, [काअब] कहलनि: ' एको दिन - बीतैत नहि अछि - जाबत धरि हजार फरिश्ता नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कब्र पर उतरि क' घेरने नहि होथि, ओ सब अपन पाँख फड़फड़ाबैत छथि आ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नमाज पढ़ैत छथि। जाबे तक साँझ नै भेल ताबे तक ओ सब उठल -आकाश तक,- आ स्वर्गदूत हुनका सब जकाँ उतरि गेलाह आ पहिने जेकाँ काज केलनि, जाबत धरि जखन धरती फाटि गेल तखन धरि ओ शल्लल्लाहु 'अलैहि वसल्लम सत्तरि हजार स्वर्गदूतक संग बाहर नहि निकललाह' |

Hadith

Imam Darimi : 95

أَخْبَرَنَا أَبُو عَاصِمٍ أَخْبَرَنَا ثَوْرُ بْنُ يَزِيدَ حَدَّثَنِي خَالِدُ بْنُ مَعْدَانَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عِرْبَاضِ بْنِ سَارِيَةَ قَالَ صَلَّى لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَلَاةَ الْفَجْرِ ثُمَّ وَعَظَنَا مَوْعِظَةً بَلِيغَةً ذَرَفَتْ مِنْهَا الْعُيُونُ وَوَجِلَتْ مِنْهَا الْقُلُوبُ فَقَالَ قَائِلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَأَنَّهَا مَوْعِظَةُ مُوَدِّعٍ فَأَوْصِنَا فَقَالَ أُوصِيكُمْ بِتَقْوَى اللَّهِ وَالسَّمْعِ وَالطَّاعَةِ وَإِنْ كَانَ عَبْدًا حَبَشِيًّا فَإِنَّهُ مَنْ يَعِشْ مِنْكُمْ بَعْدِي فَسَيَرَى اخْتِلَافًا كَثِيرًا فَعَلَيْكُمْ بِسُنَّتِي وَسَنَّةِ الْخُلَفَاءِ الرَّاشِدِينَ الْمَهْدِيِّينَ عَضُّوا عَلَيْهَا بِالنَّوَاجِذِ وَإِيَّاكُمْ وَالْمُحْدَثَاتِ فَإِنَّ كُلَّ مُحْدَثَةٍ بِدْعَةٌ و قَالَ أَبُو عَاصِمٍ مَرَّةً وَإِيَّاكُمْ وَمُحْدَثَاتِ الْأُمُورِ فَإِنَّ كُلَّ بِدْعَةٍ ضَلَالَةٌ

हमरा सब के कहलक अछि [अबू अशिम] हमरा सब के कहलक अछि [त्सौर बिन यजीद] हमरा [खालिद बिन म'दान] के [अब्दुर रहमान बिन अमर] स ['इरबदल बिन सरियाह] स कहलक अछि ओ कहलनि; ' रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सभक संग सुबहक नमाज केलनि, तखन ओ एतेक गहींर सलाहक संग सलाह देलनि जे -हमर सभक- नोर बहल आ -हमर सभक- हृदय काँपि उठल, तखन कियो पुछलक; ' हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जेना ई सलाह समापन संदेश हो -जे अहाँ देलौं-, तखन हमरा सभकेँ एकटा वसीयत दिअ। तखन ओ कहलनि: 'हम अहाँ सभ केँ आज्ञा दैत छी जे अल्लाह सुभानल्लाहु व ता'ला सँ डरू आ सदिखन सुनू आ आज्ञा मानू -नेता सभक बात-, भले ओ हबस्याहक गुलाम होथि, सचमुच अहाँ सभ मे सँ जे कियो हमरा बाद जीबैत छथि हुनका बहुत रास मतभेद अवश्य देखत, तखन अहाँ सभ केँ हमर सुन्नत आ खुलाफा`उर्रासीदीन केर सोझ सुन्नत केर पालन करबाक चाही, एकरा अपन दाढ़ सँ काटि लिअ -एकरा मजबूती सँ पकड़ू-, जे किछु अछि ताहि सँ सावधान रहू नव -बिद`आह- के मामला, कारण किछु नव बिद`आह' अछि | अबू अशिम कहलनि: 'अहाँ सभ केँ नव-नव चीज सँ सावधान रहबाक चाही -धर्म मे-, कारण हर बिद`आह पाखण्डी होइत अछि'।

Hadith

Imam Darimi : 96

أَخْبَرَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ كَانَ مَنْ مَضَى مِنْ عُلَمَائِنَا يَقُولُونَ الِاعْتِصَامُ بِالسُّنَّةِ نَجَاةٌ وَالْعِلْمُ يُقْبَضُ قَبْضًا سَرِيعًا فَنَعْشُ الْعِلْمِ ثَبَاتُ الدِّينِ وَالدُّنْيَا وَفِي ذَهَابِ الْعِلْمِ ذَهَابُ ذَلِكَ كُلِّهِ

[अबू अल मुगीराह] हमरा सब के रिपोर्ट केने छथि जे [अल `औजाई] हमरा सब के [यूनुस बिन यजीद] स [अज ज़ुहरी] स संबंधित केने छथि जे कहलनि: 'हमर कोनो विद्वान के निधन नै भेल अछि मुदा ओ सब कहलनि: 'सुन्नत के मजबूती स पकड़ब सफलता अछि, आ ज्ञान जल्दी छीन लेल जायत, ज्ञान के स्थापना धर्म आ दुनिया के स्थापना अछि, आ ओहि सब के ज्ञान के नुकसान के संग।' हेरा गेल अछि'।

Hadith

Imam Darimi : 97

أَخْبَرَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي عَمْرٍو السَّيْبَانِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الدَّيْلَمِيِّ قَالَ بَلَغَنِي أَنَّ أَوَّلَ الدِّينِ تَرْكًا السُّنَّةُ يَذْهَبُ الدِّينُ سُنَّةً سُنَّةً كَمَا يَذْهَبُ الْحَبْلُ قُوَّةً قُوَّةً

हमरा सब के रिपोर्ट भेल अछि [अबू अल मुगिराह] हमरा सब के [अल `औजाई] के [याह्या बिन अबू अमर अस सैबानी] स [अब्दुल्लाह बिन अद दैलामी] स कहने छथि ओ कहलनि: 'हमरा लग खबर आबि गेल अछि जे जे धर्म छोड़ल जा रहल अछि ओकर पहिल समस्या सुन्नत अछि, ई धर्म एक-एक क' अपन सुन्नत गमा लेत जेना कि एकटा धागा कनि-कनि काटल जायत'।

Hadith

Imam Darimi : 98

أَخْبَرَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ عَنْ حَسَّانَ قَالَ مَا ابْتَدَعَ قَوْمٌ بِدْعَةً فِي دِينِهِمْ إِلَّا نَزَعَ اللَّهُ مِنْ سُنَّتِهِمْ مِثْلَهَا ثُمَّ لَا يُعِيدُهَا إِلَيْهِمْ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ

हमरा सब के खबर आयल अछि जे [अबू अल मुगिराह] हमरा सब के [अल `औजाई] [हसन] स कहने छथि जे ओ कहने छथि: 'ई कोनो लोक नै अछि जे अपन धर्म में बिद'त करैत अछि मुदा अल्लाह सुभानल्लाहु व तआला अपन सुन्नत स बिद' के एहन हिस्सा के हटा देत - जे ओ सब करैत छथि - तखन ओ कयामत के दिन तक फेर स सुन्नत वापस नै करताह'।

Hadith

Imam Darimi : 99

أَخْبَرَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ حَدَّثَنَا أَيُّوبُ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ قَالَ مَا ابْتَدَعَ رَجُلٌ بِدْعَةً إِلَّا اسْتَحَلَّ السَّيْفَ

हमरा सब के रिपोर्ट भेल अछि [मुस्लिम बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहलक अछि [वुहैब] हमरा सब के [अय्यूब] के [अबू किलाबाह] स कहलक अछि जे ओ कहलनि: 'जखन तक ओ तलवार काटय के अनुमति नै दैत अछि, ता धरि कियो पाखण्ड नहि करैत अछि'।

Hadith

Imam Darimi : 100

أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ قَالَ إِنَّ أَهْلَ الْأَهْوَاءِ أَهْلُ الضَّلَالَةِ وَلَا أَرَى مَصِيرَهُمْ إِلَّا النَّارَ فَجَرِّبْهُمْ فَلَيْسَ أَحَدٌ مِنْهُمْ يَنْتَحِلُ قَوْلًا أَوْ قَالَ حَدِيثًا فَيَتَنَاهَى بِهِ الْأَمْرُ دُونَ السَّيْفِ وَإِنَّ النِّفَاقَ كَانَ ضُرُوبًا ثُمَّ تَلَا { وَمِنْهُمْ مَنْ عَاهَدَ اللَّهَ } { وَمِنْهُمْ مَنْ يَلْمِزُكَ فِي الصَّدَقَاتِ } { وَمِنْهُمْ الَّذِينَ يُؤْذُونَ النَّبِيَّ } فَاخْتَلَفَ قَوْلُهُمْ وَاجْتَمَعُوا فِي الشَّكِّ وَالتَّكْذِيبِ وَإِنَّ هَؤُلَاءِ اخْتَلَفَ قَوْلُهُمْ وَاجْتَمَعُوا فِي السَّيْفِ وَلَا أَرَى مَصِيرَهُمْ إِلَّا النَّارَ قَالَ حَمَّادٌ ثُمَّ قَالَ أَيُّوبُ عِنْدَ ذَا الْحَدِيثِ أَوْ عِنْدَ الْأَوَّلِ وَكَانَ وَاللَّهِ مِنْ الْفُقَهَاءِ ذَوِي الْأَلْبَابِ يَعْنِي أَبَا قِلَابَةَ

हमरा सब के कहलक अछि [सुलेमान बिन हरब] हमरा सब के [हमद बिन जैद] के [अय्यूब] स [अबू किलाबाह] स कहलक अछि जे ओ कहलनि: 'सत्ते, काम के उपासक लोक भटकल लोक छथि, आ हमरा नरक के छोड़ि क' ओ सब जे यात्रा करैत छथि ओकर अंत नहि देखैत छी।' हुनका सभक परीक्षण करू। एको शब्द नहि उद्धृत केलक आ ने बाजल, जाबत समस्या तलवारक अतिरिक्त किछु नहि छल । असल मे पाखंड हुनका लोकनिक विशेषता बनि गेल छनि। तखन ओ आयत पढ़लनि 'वा मिन्हुम मन 'अहादल्लाहा' -आ ओहि मे एहन लोक छथि जे अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला सँ प्रण केने छथि- -Qs. तौबाह मे : 75-, आ श्लोक 'वा मिन्हुम मन यल्मिजुका फिस शदाकात्' -आ ओहि मे एहन लोक छथि जे जकात- -क्यूस के -वितरण- के बारे मे अहाँक आलोचना करैत छथि | तौबाह में: 58-, और आयत 'वामिनहुमुल्लादज़िना यू`द्ज़ुनानबिय्या' -और उनमें से 'पाखंडी' हैं जो नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को चोट पहुँचाते हैं- -Qs. अत्तौबा : ११६-,। तखन दुनू मे मतभेद आ असहमति भेल आ अंततः संदेह आ झूठ मे एक ठाम जमा भ गेल। असल मे दुनूक मत भिन्न अछि आ तलवारक टक्कर मे एकजुट अछि । आ हम हुनका लोकनिक यात्रा नरक छोड़ि नहि देखैत छी'। हम्मद कहलनि: 'अय्यूब एहि हदीस या शुरुआती हदीस के बारे में कहलनि, अल्लाह सुभानल्लाहु व तआला के द्वारा, ओ सबस बेसी बुद्धिमान फकिल में स एक छलाह, हमर मतलब अछि अबू किलाबाह'।