Imam Darimi : 61
أَخْبَرَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ أَخْبَرَنَا ثَابِتٌ عَنْ أَنَسٍ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَزْهَرَ اللَّوْنِ كَأَنَّ عَرَقَهُ اللُّؤْلُؤُ إِذَا مَشَى تَكَفَّأَ وَمَا مَسِسْتُ حَرِيرَةً وَلَا دِيبَاجَةً أَلْيَنَ مِنْ كَفِّهِ وَلَا شَمِمْتُ رَائِحَةً قَطُّ أَطْيَبُ مِنْ رَائِحَتِهِ مِسْكَةً وَلَا غَيْرَهَا
हमरा सब के कहलक अछि [हज्जाज बिन मिन्हल] हमरा सब के कहलक अछि [हम्मद बिन सलामाह] हमरा सब के [थाबीत] [अनास] स कहलक अछि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एकटा एहन आदमी छलाह जिनकर चमड़ी गोरा छल जेना ओकर पसीना गहना हो, जखन ओ सीधा चलैत छल, आ हम कहियो रेशम वा ऊन के हाथ नहि लगेने रही जे हुनकर हाथक हथेली सँ बेसी महीन हो, आ हम कहियो एक बेर मिस्क के सुगंध वा कोनो एहन चीज के गंध नहि लेलहुँ जे ओकर सुगंध सँ बेसी सुगंधित हो।
Imam Darimi : 62
أَخْبَرَنَا أَبُو النُّعْمَانِ أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ خَدَمْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَا قَالَ لِي أُفٍّ قَطُّ وَلَا قَالَ لِي لِشَيْءٍ صَنَعْتُهُ لِمَ صَنَعْتَ كَذَا وَكَذَا أَوْ هَلَّا صَنَعْتَ كَذَا وَكَذَا وَقَالَ لَا وَاللَّهِ مَا مَسِسْتُ بِيَدِي دِيبَاجًا وَلَا حَرِيرًا أَلْيَنَ مِنْ يَدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَا وَجَدْتُ رِيحًا قَطُّ أَوْ عَرْفًا كَانَ أَطْيَبَ مِنْ عَرْفِ أَوْ رِيحِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमरा सब के कहलक अछि [अबू नु'मान] हमरा सब के [हमद बिन जैद] के [थाबीत] स [अनास बिन मलिक] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि जे ओ कहलक; पहिने हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मदद केने रही आ ओ कहियो नहि कहलनि: 'आह - हे हरामी, हस, आ हमरा पर एना चिचिया उठल, वा ओ हमर कोनो काज पर कहलक: 'अहाँ ई आ ई किएक करैत छी?', वा 'अहाँ केँ ई आ ई करय पड़त?', वा 'अहाँ केँ ई आ ई करय पड़त?' अनस कहलथिन। नै, हम कहियो ऊनी रेशमी कपड़ा के हाथ नै लगौने छी जे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम के हाथ स महीन हो, आ हम कहियो एहन इत्र आ पसीना के गंध नै केने छी जे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम के पसीना या सुगंध स बेसी सुगंधित हो।
Imam Darimi : 63
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ الرِّفَاعِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ عَنْ حَبِيبِ بْنِ خُدْرَةَ قَالَ حَدَّثَنِي رَجُلٌ مِنْ بَنِي حُرَيْشٍ قَالَ كُنْتُ مَعَ أَبِي حِينَ رَجَمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَاعِزَ بْنَ مَالِكٍ فَلَمَّا أَخَذَتْهُ الْحِجَارَةُ أُرْعِبْتُ فَضَمَّنِي إِلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَالَ عَلَيَّ مِنْ عَرَقِ إِبْطِهِ مِثْلُ رِيحِ الْمِسْكِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन यजीद अर रिफाई] हमरा सब के कहलक अछि [अबू बकर] स [हबीब बिन खदरा] हमरा कहलक अछि [बनी हुरैसी स कियो] ओ कहलनि; पहिने हम अपन पिता के संग छलहुं जखन रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम माईज बिन मलिक के पत्थर मारि देलखिन्ह, जखन चट्टान हुनका सं टकरा गेलनि त हम काँपि उठलहुं तखन रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम हमरा गला लगा लेलखिन्ह, फेर हुनकर बगल सं पसीना टपकैत छल जे इत्र के गंध सं निकलैत छल.
Imam Darimi : 64
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ الْبَرَاءِ قَالَ سَأَلَهُ رَجُلٌ قَالَ أَرَأَيْتَ كَانَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَ السَّيْفِ قَالَ لَا مِثْلَ الْقَمَرِ
हमरा सब के कहलक अछि [अबू नुअइम] हमरा सब के [जुहैर] के [अबू इशाक] स [बरा`] स कहलक अछि ओ कहलनि; कियो पुछलकै; की अहाँ रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चेहरा तलवार जकाँ देखलौं ? ओ उत्तर देलथिन; 'नहि, ओकर चेहरा चान जकाँ छैक ।' ' .
Imam Darimi : 65
أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا شَرِيكٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُعْرَفُ بِاللَّيْلِ بِرِيحِ الطِّيبِ
हमरा सब के उपदेश देलक अछि [यजीद बिन हारून] हमरा सब के [शरीयत] के प्रचार केलक अछि [अल अ'मासी] स [इब्राहिम] स ओ कहलनि; ' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम राति मे ओकर सुगंध सँ चिन्हल जाइत छल | ' .
Imam Darimi : 66
أَخْبَرَنَا مَالِكُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ الْفَضْلِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْهَاشِمِيُّ أَخْبَرَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ عَطِيَّةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَسْلُكْ طَرِيقًا أَوْ لَا يَسْلُكُ طَرِيقًا فَيَتْبَعُهُ أَحَدٌ إِلَّا عَرَفَ أَنَّهُ قَدْ سَلَكَهُ مِنْ طِيبِ عَرْفِهِ أَوْ قَالَ مِنْ رِيحِ عَرَقِهِ
हमरा सब के कहलक अछि [मलिक बिन इस्माइल] हमरा सब के कहलक अछि [इशक बिन अल फदल बिन अब्दुररहमान अल हसीमी] हमरा सब के [अबू जुबैर] स [अबू जुबैर] स [अल मुगिराह बिन अथियाह] के [जबीर] स कहने छथि जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एको सड़क नै गुजरल छलाह या ओ कोनो सड़क स गुजरल छलाह मुदा पता चलल छल जे ओ -अखनहि- ओहि सड़क स गुजरल छलाह पसीनाक गंध वा ओ कहलक; ओकर सुगन्धित पसीनासँ।
Imam Darimi : 67
أَخْبَرَنَا جَعْفَرُ بْنُ عَوْنٍ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو اللَّيْثِيُّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَأْكُلُ الْهَدِيَّةَ وَلَا يَقْبَلُ الصَّدَقَةَ فَأَهْدَتْ لَهُ امْرَأَةٌ مِنْ يَهُودِ خَيْبَرَ شَاةً مَصْلِيَّةً فَتَنَاوَلَ مِنْهَا وَتَنَاوَلَ مِنْهَا بِشْرُ بْنُ الْبَرَاءِ ثُمَّ رَفَعَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَهُ ثُمَّ قَالَ إِنَّ هَذِهِ تُخْبِرُنِي أَنَّهَا مَسْمُومَةٌ فَمَاتَ بِشْرُ بْنُ الْبَرَاءِ فَأَرْسَلَ إِلَيْهَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا حَمَلَكِ عَلَى مَا صَنَعْتِ فَقَالَتْ إِنْ كُنْتَ نَبِيًّا لَمْ يَضُرَّكَ شَيْءٌ وَإِنْ كُنْتَ مَلِكًا أَرَحْتُ النَّاسَ مِنْكَ فَقَالَ فِي مَرَضِهِ مَا زِلْتُ مِنْ الْأَكْلَةِ الَّتِي أَكَلْتُ بِخَيْبَرَ فَهَذَا أَوَانُ انْقِطَاعِ أَبْهَرِي
हमरा सब के सूचित केलक अछि [जफर बिन औन] हमरा सब के [मुहम्मद बिन अमर अल लैत्सी] के [अबू सलामाह] स सूचित केने अछि ओ कहलनि; पहिने रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उपहार खाय - स्वीकार करय लेल तैयार छलाह आ दक्षिणा स्वीकार नहि करय चाहैत छलाह, ताहि लेल एकटा खैबर यहूदी महिला हुनका सलाल्लाहु अलैहि वसल्लम के भुजल बकरी भेंट केलनि आ ओ खा लेलनि आ तहिना बिसीर बिन बर्रा`, तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हाथ उठौलनि आ कहलनि: सचमुच, ई बकरी हमरा कहैत अछि जे ओकरा -जहर-लेप देल गेल अछि। त बिसीर बिन अल बर्रा` के मौत भ गेलैन, त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका गिरफ्तार करय लेल ककरो पठेलखिन, आ ओ पूछलखिन: अहाँ के ई घिनौना काज की भेल? स्त्री उत्तर देलकनि; 'अहाँ सही मे भविष्यवक्ता रहितहुँ त' कियो अहाँ केँ कोनो नुकसान नहि पहुँचा सकैत छल, दोसर दिस जँ अहाँ राजा रहितहुँ त' हम अहाँ सँ मानवता केँ मुक्त क' दैतहुँ।' ' ओ अपन बीमारीक समय बजलाह : खैबर मे जे भोजन केने रही ओकर असरि एखनो हमरा बुझाइत अछि , आ एहि समय मे हमर रीढ़ कटि गेल छल ।
Imam Darimi : 68
أَخْبَرَنَا الْحَكَمُ بْنُ نَافِعٍ أَخْبَرَنَا شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ كَانَ جَابِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ يُحَدِّثُ أَنَّ يَهُودِيَّةً مِنْ أَهْلِ خَيْبَرَ سَمَّتْ شَاةً مَصْلِيَّةً ثُمَّ أَهْدَتْهَا لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخَذَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْهَا الذِّرَاعَ فَأَكَلَ مِنْهَا وَأَكَلَ الرَّهْطُ مِنْ أَصْحَابِهِ مَعَهُ ثُمَّ قَالَ لَهُمْ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ارْفَعُوا أَيْدِيَكُمْ وَأَرْسَلَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى الْيَهُودِيَّةِ فَدَعَاهَا فَقَالَ لَهَا أَسَمَمْتِ هَذِهِ الشَّاةَ فَقَالَتْ نَعَمْ وَمَنْ أَخْبَرَكَ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرَتْنِي هَذِهِ فِي يَدِيَ الذِّرَاعُ قَالَتْ نَعَمْ قَالَ فَمَاذَا أَرَدْتِ إِلَى ذَلِكَ قَالَتْ قُلْتُ إِنْ كَانَ نَبِيًّا لَمْ يَضُرَّهُ وَإِنْ لَمْ يَكُنْ نَبِيًّا اسْتَرَحْنَا مِنْهُ فَعَفَا عَنْهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَمْ يُعَاقِبْهَا وَتُوُفِّيَ بَعْضُ أَصْحَابِهِ الَّذِينَ أَكَلُوا مِنْ الشَّاةِ وَاحْتَجَمَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى كَاهِلِهِ مِنْ أَجْلِ الَّذِي أَكَلَ مِنْ الشَّاةِ حَجَمَهُ أَبُو هِنْدٍ مَوْلَى بَنِي بَيَاضَةَ بِالْقَرْنِ وَالشَّفْرَةِ وَهُوَ مِنْ بَنِي ثُمَامَةَ وَهُمْ حَيٌّ مِنْ الْأَنْصَارِ
हमरा सब के सूचित केलक अछि [अल हकम बिन नाफी'] हमरा सब के [स्यूअइब बिन अबू हमजाह] के [अज जुहरी] स सूचित केलक अछि ओ कहलनि; [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअनहु से रिवायत; खैबर के एकटा यहूदी महिला भुजल बकरी के मांस पर जहर द क नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने भेंट केलक। नबी अपन उल्ना सँ मांस लऽ कऽ खा लेलनि, आ हुनकर किछु साथी सेहो हुनका संग भोजन केलनि । नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तुरंत हुनका सब स कहलथिन्ह जे हाथ उठाउ। तखन ओ ककरो पठौलनि जे यहूदी महिला केँ पकड़ि पूछताछ करय: ‘अहाँ बकरी केँ जहर सँ लेपलहुँ?’। ओ उत्तर देलथिन; 'हँ, ठीके।' ' स्त्री पुछलकै; 'के छल जे राजा केँ कहलक?' नबी उत्तर देलखिन: 'जे हमरा कहलक से हमर हाथ मे अछि,' - मतलब नमूना हड्डी - महिला कहलक, 'हँ, हम जहर जरूर लगा देलहुं,' ओ पुछलखिन्ह, 'अहाँ के एहन करय सं की मतलब अछि?' ओ उत्तर देलनि, 'हम त' मात्र साबित करय चाहैत छलहुँ, जँ कोनो नबी ओकरा नुकसान नहि पहुँचबैत छथि आ जँ नहि करैत छथि त' हम सभ एहि सँ मुक्त छी।' ' त अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम ओकरा सजा नै द क माफ क देलखिन, जखन कि बकरी के मांस खाय वाला किछु अन्य साथी के मौत भ गेलैन। नबी शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बकरी के मांस स खायल जहर के हटाबय लेल हुनकर पीठ के ऊपरी हिस्सा के कप केने छलाह | हुनका बनी बयाधा के मौला अबू हिंद सींग आ मचेट के संग कप केने छलाह, ओ बानी थुमामा के छलाह जे अंसार जनजाति के हिस्सा अछि | ' .
Imam Darimi : 69
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيُّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ لَمَّا فَتَحْنَا خَيْبَرَ أُهْدِيَتْ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَاةٌ فِيهَا سُمٌّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اجْمَعُوا لِي مَنْ كَانَ هَا هُنَا مِنْ الْيَهُودِ فَجُمِعُوا لَهُ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي سَائِلُكُمْ عَنْ شَيْءٍ فَهَلْ أَنْتُمْ صَادِقِيَّ عَنْهُ قَالُوا نَعَمْ يَا أَبَا الْقَاسِمِ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ أَبُوكُمْ قَالُوا أَبُونَا فُلَانٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَذَبْتُمْ بَلْ أَبُوكُمْ فُلَانٌ قَالُوا صَدَقْتَ وَبَرَرْتَ فَقَالَ لَهُمْ هَلْ أَنْتُمْ صَادِقِيَّ عَنْ شَيْءٍ إِنْ سَأَلْتُكُمْ عَنْهُ فَقَالُوا نَعَمْ وَإِنْ كَذَبْنَاكَ عَرَفْتَ كَذِبَنَا كَمَا عَرَفْتَ فِي آبَائِنَا فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَنْ أَهْلُ النَّارِ فَقَالُوا نَكُونُ فِيهَا يَسِيرًا ثُمَّ تَخْلُفُونَا فِيهَا قَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اخْسَئُوا فِيهَا وَاللَّهِ لَا نَخْلُفُكُمْ فِيهَا أَبَدًا ثُمَّ قَالَ لَهُمْ هَلْ أَنْتُمْ صَادِقِيَّ عَنْ شَيْءٍ إِنْ سَأَلْتُكُمْ عَنْهُ قَالُوا نَعَمْ قَالَ هَلْ جَعَلْتُمْ فِي هَذِهِ الشَّاةِ سُمًّا قَالُوا نَعَمْ قَالَ مَا حَمَلَكُمْ عَلَى ذَلِكَ قَالُوا أَرَدْنَا إِنْ كُنْتَ كَاذِبًا أَنْ نَسْتَرِيحَ مِنْكَ وَإِنْ كُنْتَ نَبِيًّا لَمْ يَضُرَّكَ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन सालिह] हमरा कहलक अछि [अल लैट्स] हमरा [सैद बिन अबू सईद अल मकबुरी] के [अबू हुरैरा] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; 'जखन हम खैबर जीतने रही तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जहर देल गेल बकरी के उपहार देल गेल छल। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तुरन्त कहलथिन्ह - कृपया ओहि यहूदी सभ केँ जमा करू जे एतय छथि । ' तेँ ओ सभ हुनका सभ केँ हुनका लग जमा क' लेलनि। तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलखिन: हम अहाँ स कोनो बात पूछब, की अहाँ ईमानदारी स जवाब देब? ', ओ सभ उत्तर देलनि; 'हँ, हे अबू कासिम -पैगम्बर मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम-।' ' तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पुछलखिन : 'अहाँक पिता के छथि ? ' ओ सभ उत्तर देलक; 'हमर सभक पिता फल्लाँ छथि।' ' तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'अहाँ झूठ बाजि रहल छी!, मुदा अहाँक पिता फल्लाँ छथि। ' ओ सभ उत्तर देलक; 'महामहिम ठीके कहैत छथि।' ' तखन ओ हुनका लोकनि केँ कहलथिन्ह : 'हम अहाँ सभ सँ कोनो बात पूछब त' की अहाँ सभ ईमानदार रहब? ' ओ सभ उत्तर देलक; 'हँ, आ जँ हम सभ झूठ बाजब तँ अहाँ सभकेँ बुझल रहत, जहिना अहाँ सभ हमरा सभक बाप-दादाकेँ जनैत छी।' ' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सब स पूछलखिन : 'नरक के निवासी के छथि ? ' ओ सभ उत्तर देलक; 'हम सभ किछु काल एहि मे छलहुँ आ तखन ओ हमरा सभक जगह ओहि मे बदलि देलनि ।' ' त रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सब स कहलखिन : अहाँ सब एहि मे अपमानित भ जायब, अल्लाह सुभानाहु व ताला के द्वारा हम सब एहि मे अहाँ सब के जगह हमेशा के लेल नै लेब। तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सब स पूछलखिन: की अहाँ सब सच कहब जे हम अहाँ सब स पूछब?, ओ सब जवाब देलथि; हँ। ओ बजलाह : बकरीक मांस मे जहर लगा देलियैक ? ओ सभ उत्तर देलथिन; हँ, ओ पुछलनि: अहाँ केँ एहन कोन कारण छल? ओ सभ उत्तर देलक : हम सभ स्वतंत्र रहय चाहैत छलहुँ जँ राजा झूठ बाजब आ जँ राजा सही मे भविष्यवक्ता छथि तखन जहर हुनका कोनो नुकसान नहि पहुँचाओत ।
Imam Darimi : 70
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَ مَا سُئِلَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَيْئًا قَطُّ فَقَالَ لَا قَالَ أَبُو مُحَمَّد قَالَ ابْنُ عُيَيْنَةَ إِذَا لَمْ يَكُنْ عِنْدَهُ وَعَدَ
हमरा सब [मुहम्मद बिन यूसुफ] के [सुफियन] स [इब्नू अल मुनकदीर] स [जाबीर] स रिपोर्ट केलाक बाद ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहियो किछु नहि पूछल गेल आ फेर जवाब देलथि जे नहि। अबू मुहम्मद कहलनि; इब्न उयैनह कहलनि; जँ हुनका लग आग्रह नहि छनि तँ निश्चित रूपसँ ओ शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वादा करताह ।
Imam Darimi : 71
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عِمْرَانَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ الطَّيَالِسِيُّ عَنْ زَمْعَةَ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَيِيًّا لَا يُسْأَلُ شَيْئًا إِلَّا أَعْطَاهُ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन इमरान] हमरा सब के [अबू दाउद अल थयालित्सी] के [जम'अह] स [अबू हाजिम] स [सहल बिन साआद] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लजाएल आदमी छलाह, आ हुनका सँ किछु नहि माँगल गेल छलनि मुदा ओ द’ दैत छलाह |
Imam Darimi : 72
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي خَلَفٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي بَكْرٍ عَنْ رَجُلٍ مِنْ الْعَرَبِ قَالَ زَحَمْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ حُنَيْنٍ وَفِي رِجْلِي نَعْلٌ كَثِيفَةٌ فَوَطِئْتُ بِهَا عَلَى رِجْلِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَنَفَحَنِي نَفْحَةً بِسَوْطٍ فِي يَدِهِ وَقَالَ بِسْمِ اللَّهِ أَوْجَعْتَنِي قَالَ فَبِتُّ لِنَفْسِي لَائِمًا أَقُولُ أَوْجَعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَبِتُّ بِلَيْلَةٍ كَمَا يَعْلَمُ اللَّهُ فَلَمَّا أَصْبَحْنَا إِذَا رَجُلٌ يَقُولُ أَيْنَ فُلَانٌ قَالَ قُلْتُ هَذَا وَاللَّهِ الَّذِي كَانَ مِنِّي بِالْأَمْسِ قَالَ فَانْطَلَقْتُ وَأَنَا مُتَخَوِّفٌ فَقَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّكَ وَطِئْتَ بِنَعْلِكَ عَلَى رِجْلِي بِالْأَمْسِ فَأَوْجَعْتَنِي فَنَفَحْتُكَ نَفْحَةً بِالسَّوْطِ فَهَذِهِ ثَمَانُونَ نَعْجَةً فَخُذْهَا بِهَا
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अहमद बिन अबू खलाफ] हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुररहमान बिन मुहम्मद] स [मुहम्मद बिन इशक] हमरा [अब्दुल्लाह बिन अबू बकर] के [अरब स कियो] स कहलक अछि ओ कहलनि; हम हुनैन के लड़ाई में रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग झगड़ा क रहल छलहुं आ हम पैघ चप्पल पहिरने छलहुं, फेर रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पैर पर कदम रखलहुं। तेँ ओ हमरा हाथ मे चाबुक सँ मारि देलक, कहैत: बिस्मिल्लाह, अहाँ हमरा चोट पहुँचा देलहुँ। कथाकार - एकटा अरब आदमी - कहलनि; साँझ मे हम मने-मन बुदबुदाइत रहलहुँ; हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चोट पहुँचा देने छी। तखन हम ओहि समय राति बितेलहुं जकर जानकारी केवल अल्लाह सुभनाहु व ताला के अछि। भोरे अचानक कियो पुछलकै; फल्लाँ कतय अछि? कथाकार - एकटा अरब आदमी - कहलनि; हम फुसफुसाइत बजलहुँ; अल्लाह सुभानाहु व ताला के कसम, ई ओ व्यक्ति छथि जिनका सं हमरा काल्हि कोनो दिक्कत भेल छल. ओ कहलनि; हम डरसँ विदा भेलहुँ। तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा कहलखिन : सच मे अहाँ छलहुँ जे काल्हि हमर पैर पर कदम रखलहुँ आ हमरा बीमार क’ देलहुँ, तेँ हम अहाँ केँ कोड़ा सँ मारलहुँ, तेँ एतय अस्सी टा मादा बरद अछि, कृपया बदला मे अपना लेल ल’ लिअ।
Imam Darimi : 73
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ ابْنِ أَخِي الزُّهْرِيِّ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ إِنَّ جِبْرِيلَ قَالَ مَا فِي الْأَرْضِ أَهْلُ عَشَرَةِ أَبْيَاتٍ إِلَّا قَلَّبْتُهُمْ فَمَا وَجَدْتُ أَحَدًا أَشَدَّ إِنْفَاقًا لِهَذَا الْمَالِ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमरा सब के कहलक अछि [या'कुब बिन हुमैद] हमरा सब के [अब्दुल अजीज बिन मुहम्मद] के [इब्नु अखी अज़ ज़ुहरी] स [अज जुहरी] स कहलक अछि ओ कहलनि; जिब्रिल अलैहिस्सलम कहलनि: एहि धरती पर हमरा छोड़ि दस भवनक मालिक नहि अछि -आलैहिस्सलम- ओकरा घुमा क’ तखन हमरा कियो एहन नहि भेटल जे रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ बेसी देलक।
Imam Darimi : 74
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ وَاقِدٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ عُقَيْلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَوْفَى قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُكْثِرُ الذِّكْرَ وَيُقِلُّ اللَّغْوَ وَيُطِيلُ الصَّلَاةَ وَيُقْصِرُ الْخُطْبَةَ وَلَا يَأْنَفُ وَلَا يَسْتَنْكِفُ أَنْ يَمْشِيَ مَعَ الْأَرْمَلَةِ وَالْمِسْكِينِ فَيَقْضِيَ لَهُمَا حَاجَتَهُمَا
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन हुमैद] हमरा सब के कहलक अछि [अल फदल बिन मूसा] हमरा सब के [अल हुसैन बिन वाकिद] के [याह्या बिन उकाइल] स [अब्दुल्लाह बिन अबी औफा] स कहलक अछि ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सदिखन अपन ज़िकर बढ़बैत छलाह, बेकार चीज कम करैत छलाह - टालैत छलाह - अपन नमाज लम्बा करैत छलाह, प्रवचन छोट करैत छलाह, कठोरता नहि करैत छलाह, विधवा आ गरीब सँ बात करबा मे लाज नहि करैत छलाह जाहि सँ हुनकर काज निपटय |
Imam Darimi : 75
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ عِكْرِمَةَ قَالَ قَالَ الْعَبَّاسُ رَضِيَ اللَّهُ تَعَالَى عَنْهُ لَأَعْلَمَنَّ مَا بَقَاءُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِينَا فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي رَأَيْتُهُمْ قَدْ آذَوْكَ وَآذَاكَ غُبَارُهُمْ فَلَوْ اتَّخَذْتَ عَرِيشًا تُكَلِّمُهُمْ مِنْهُ فَقَالَ لَا أَزَالُ بَيْنَ أَظْهُرِهِمْ يَطَئُونَ عَقِبِي وَيُنَازِعُونِي رِدَائِي حَتَّى يَكُونَ اللَّهُ هُوَ الَّذِي يُرِيحُنِي مِنْهُمْ قَالَ فَعَلِمْتُ أَنَّ بَقَاءَهُ فِينَا قَلِيلٌ
हमरा सब के कहलक अछि [सुलेमान बिन हरब] हमरा सब के [हम्मद बिन जैद] के [अय्यूब] स ['इकरीमा] स कहलक अछि ओ कहलनि; [अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु कहलनि; सचमुच, हमरा सच मे पता अछि जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कतेक दिन धरि हमरा सभक संग रहलाह, कथावाचक - इकरीमा - कहलनि; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम देखैत छी जे ओ सब अहाँ के चोट पहुंचेलक अछि आ हुनकर धूल सेहो अहाँ के चोट पहुंचेलक अछि, अगर हम अहाँ के लेल आश्रय बना देब जेकर उपयोग अहाँ सब स गप करय लेल करब त की होयत? ओ उत्तर देलनि: हम एखनो हुनका सभक बीच रहब, भले ओ सभ हमर पैर रौंदत आ हमर शाल खींचत जा धरि अल्लाह सुभनाहु व ताला हमरा हुनका सभसँ मुक्त नहि क' देत। कथाकार बजलाह; तेँ हमरा सभकेँ बुझल छल जे ओ हमरा सभक संग किछुए दिन रहत।
Imam Darimi : 76
أَخْبَرَنَا الْحَكَمُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمْزَةَ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ عَنْ دَاوُدَ بْنِ عَلِيٍّ قَالَ قِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلَا نَحْجُبُكَ فَقَالَ لَا دَعُوهُمْ يَطَئُونَ عَقِبِي وَأَطَأُ أَعْقَابَهُمْ حَتَّى يُرِيحَنِي اللَّهُ مِنْهُمْ
हमरा सब के कहलक अछि [अल हकम बिन मूसा] हमरा सब के [याह्या बिन हमजाह] के [अल औजाई] स [दाउद बिन अली] स कहलक अछि ओ कहलनि; अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहल गेल छल; जँ हम अहाँकेँ झाँपि देब तँ की हेतै। ओ जवाब देलखिन: कोनो जरूरत नै, हुनका सब के हमर एड़ी पर पैर राखय दियौन आ हम हुनकर एड़ी पर कदम राखय जाबत अल्लाह सुभनाहु व तआला हमरा हुनका सब स मुक्त नै क दैत छी।
Imam Darimi : 77
أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا بْنُ عَدِيٍّ حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ أُنَيْسِ بْنِ أَبِي يَحْيَى عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ قَالَ خَرَجَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَرَضِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ وَنَحْنُ فِي الْمَسْجِدِ عَاصِبًا رَأْسَهُ بِخِرْقَةٍ حَتَّى أَهْوَى نَحْوَ الْمِنْبَرِ فَاسْتَوَى عَلَيْهِ وَاتَّبَعْنَاهُ قَالَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ إِنِّي لَأَنْظُرُ إِلَى الْحَوْضِ مِنْ مَقَامِي هَذَا ثُمَّ قَالَ إِنَّ عَبْدًا عُرِضَتْ عَلَيْهِ الدُّنْيَا وَزِينَتُهَا فَاخْتَارَ الْآخِرَةَ قَالَ فَلَمْ يَفْطِنْ لَهَا أَحَدٌ غَيْرُ أَبِي بَكْرٍ فَذَرَفَتْ عَيْنَاهُ فَبَكَى ثُمَّ قَالَ بَلْ نَفْدِيكَ بِآبَائِنَا وَأُمَّهَاتِنَا وَأَنْفُسِنَا وَأَمْوَالِنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ثُمَّ هَبَطَ فَمَا قَامَ عَلَيْهِ حَتَّى السَّاعَةِ
हमरा सब के कहलक अछि [जकारिया बिन अदी] हमरा सब के [हतिम बिन इस्माइल] के [उनैस बिन अबू याह्या] स [अपन पिता] स [अबू सईद अल खुदरी] स कहलक अछि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बीमार रहला पर हमरा सब स भेंट करय लेल निकलल छलाह जाहि स हुनकर मौत भ गेल छल। हम सब मस्जिद - नबावी मस्जिद - में छलहुं, जखन कि हुनकर माथ पर कपड़ाक टुकड़ा सं पट्टी बान्हि, जाबत ओ मंच लग नहिं आबि ओहि पर बैसि गेलाह. हम सभ हुनकर पाछाँ-पाछाँ चलैत रहैत छी। तखन बजलाह - जिनकर हाथ मे हमर आत्मा अछि, हम जतय ठाढ़ छी ओतय सँ एकटा झील देखैत छी। ' तखन ओ कहलनि : 'सत्ते एकटा सेवक छल जिनका संसार आ ओकर गहना देखाओल गेल छल, तखन ओ परलोक चुनलनि । ' कथावाचक -अबू सईद अलखुजरी- कहलनि : ओहि समय मे अबू बकर के छोड़ि हुनकर बात कियो नहि बुझि सकैत छल, तें अबू बकर के आँखि मे नोर भरि गेल आ ओ कानि क' कहलनि; एतेक धरि जे हम अहाँ केँ अपन पिता, अपन माय, अपन जान, आ अपन सम्पत्ति सँ फिरौती द' देब, हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह!' कथाकार कथ्य करैत छथि; तखन ओ मंच पर सँ उतरि गेलाह आ मृत्यु धरि कहियो ओहि पर ठाढ़ नहि भेलाह |
Imam Darimi : 78
أَخْبَرَنَا خَلِيفَةُ بْنُ خَيَّاطٍ حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ سُلَيْمَانَ حَدَّثَنَا ابْنُ إِسْحَقَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ بْنِ عَلِيِّ بْنِ عَدِيٍّ عَنْ عُبَيْدٍ مَوْلَى الْحَكَمِ بْنِ أَبِي الْعَاصِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي مُوَيْهِبَةَ مَوْلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي قَدْ أُمِرْتُ أَنْ أَسْتَغْفِرَ لِأَهْلِ الْبَقِيعِ فَانْطَلِقْ مَعِي فَانْطَلَقْتُ مَعَهُ فِي جَوْفِ اللَّيْلِ فَلَمَّا وَقَفَ عَلَيْهِمْ قَالَ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ يَا أَهْلَ الْمَقَابِرِ لِيُهْنِكُمْ مَا أَصْبَحْتُمْ فِيهِ مِمَّا أَصْبَحَ فِيهِ النَّاسُ أَقْبَلَتْ الْفِتَنُ كَقِطْعِ اللَّيْلِ الْمُظْلِمِ يَتْبَعُ آخِرُهَا أَوَّلَهَا الْآخِرَةُ أَشَدُّ مِنْ الْأُولَى ثُمَّ أَقْبَلَ عَلَيَّ فَقَالَ يَا أَبَا مُوَيْهِبَةَ إِنِّي قَدْ أُوتِيتُ بِمَفَاتِيحِ خَزَائِنِ الدُّنْيَا وَالْخُلْدِ فِيهَا ثُمَّ الْجَنَّةُ فَخُيِّرْتُ بَيْنَ ذَلِكَ وَبَيْنَ لِقَاءِ رَبِّي قُلْتُ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي خُذْ مَفَاتِيحَ خَزَائِنِ الدُّنْيَا وَالْخُلْدَ فِيهَا ثُمَّ الْجَنَّةَ قَالَ لَا وَاللَّهِ يَا أَبَا مُوَيْهِبَةَ لَقَدْ اخْتَرْتُ لِقَاءَ رَبِّي ثُمَّ اسْتَغْفَرَ لِأَهْلِ الْبَقِيعِ ثُمَّ انْصَرَفَ فَبُدِئَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي وَجَعِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ
हमरा सब के कहलक अछि [खलीफा बिन खय्यात] हमरा सब के बता देने अछि [बकर बिन सुइलैमान] हमरा सब के बता देने अछि [इब्न इशाक] हमरा ['उबैद] स [अब्दुल्लाह बिन उमर बिन अली बिन अदी] - अल हकम बिन अबू अल अश के पूर्व गुलाम- [अब्दुल्लाह बिन अमर] स [अबू मुइवैहिबा] स - पूर्व गुलाम के कहलक अछि रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा कहलनि जे सचमुच हमरा बकी कब्रिस्तान मे रहनिहार लोकक लेल माफी मांगबाक आदेश देल गेल अछि’, तखन ओ हमरा संग आधा राति मे चलि गेलाह। जखन ओ हुनका लोकनिक - श्मशान घाट - मुँहे ठाढ़ छलाह तखन बजलाह : असलामु 'अलाईकुम या अहलाल मकाबीर - समृद्धि अहाँ सभक संग हो, हे एहि श्मशान घाटक निवासी -। आशा अछि जे अहाँक वर्तमान स्थिति अहाँक लेल ओहि स्थिति सँ बेसी सुरक्षित अछि जे मनुक्ख केँ एखन सामना करय पड़ैत अछि। आब निंदा पिच कारी राति के टुकड़ी जकाँ पसरि गेल अछि, अंत शुरू के पाछाँ चलैत अछि । आ सत्ते परलोक एहि संसारक जीवन सँ बेसी कठिन अछि। तखन ओ हमरा मुँह दिस घुमि कऽ बजलाह : हे अबू मुवैहिबा, हमरा दुनियाँक भंडार आ ओहि मे अनन्तताक चाभी देल गेल अछि । तखन हमरा स्वतंत्रता देल गेल जे हम ओहि मे सँ कोनो एकटा चुनि सकब वा अपन भगवान सँ भेंट करब। हम -अबू मुवैहिबा- उत्तर देलियैक; हमर पिता-माँ के फिरौती के लेल, हे राजा, बस ओहि में सांसारिक जीवन आ अनन्त काल के भंडार के चाभी ल लिय, तखन स्वर्ग। ओ उत्तर देलनि: ‘नहि, अल्लाह केर कसम, हे अबू मुवैहिबा, सचमुच हम अपन रब सँ भेंट करबाक लेल चुनने छी। तखन ओ बाकी निवासी सब लेल माफी मंगलनि आ चलि गेलाह।
Imam Darimi : 79
أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ عَبَّادِ بْنِ الْعَوَّامِ عَنْ هِلَالِ بْنِ خَبَّابٍ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ لَمَّا نَزَلَتْ إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ دَعَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاطِمَةَ فَقَالَ قَدْ نُعِيَتْ إِلَيَّ نَفْسِي فَبَكَتْ فَقَالَ لَا تَبْكِي فَإِنَّكِ أَوَّلُ أَهْلِي لِحَاقًا بِي فَضَحِكَتْ فَرَآهَا بَعْضُ أَزْوَاجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْنَ يَا فَاطِمَةُ رَأَيْنَاكِ بَكَيْتِ ثُمَّ ضَحِكْتِ قَالَتْ إِنَّهُ أَخْبَرَنِي أَنَّهُ قَدْ نُعِيَتْ إِلَيْهِ نَفْسُهُ فَبَكَيْتُ فَقَالَ لِي لَا تَبْكِي فَإِنَّكِ أَوَّلُ أَهْلِي لَاحِقٌ بِي فَضَحِكْتُ وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ وَجَاءَ أَهْلُ الْيَمَنِ هُمْ أَرَقُّ أَفْئِدَةً وَالْإِيمَانُ يَمَانٍ وَالْحِكْمَةُ يَمَانِيَةٌ
हमरा सब के [सैद बिन सुलेमान] के रिपोर्ट केने अछि [अब्बाद बिन अल अव्वाम] स [हिलाल बिन खब्बब] स ['इकरीमा] स [इब्न अब्बास] रदलियाहुआनहु जखन आयत में खुलासा भेल इज्जाजा`ए नश्रुल्लाही वाल फथ -जखन अल्लाह सुभानाहु व त'ला के मदद आ जीत अहाँ के लेल आबि गेल अछि- -प्रश्न। एक नशर/110: 1-। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फातिमा रदलियाल्लाहुअनहा के फोन क फुसफुसा क कहलखिन: हमरा अपन मौत के सूचना भेट गेल अछि। तखन फातिमा रदलियाल्लाहुअनहा कानय लगलीह, तेँ कहलनि: ‘नहि कानू, असल मे अहाँ हमरा सँ भेंट करय बला पहिल व्यक्ति छी, तखन फातिमा रदलियाल्लाहुअन्हा हँसलीह। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी सब एकर गवाह बनलीह आ ओ सब पूछलखिन; हे फातिमा, पहिने तऽ देखलहुँ जे अहाँ कानि रहल छी, तखन हँसैत रहलहुँ? फातिमा रदलियाल्लाहुअनहा उत्तर देलनि; ओ हमरा अपन आसन्न मृत्युक विषय मे कहलनि, तेँ हम कानलहुँ । तखन ओ हमरा कहलथिन्ह : नहि कानब कारण अहाँ हमरा सँ पहिल व्यक्ति छी जे हमरा सँ भेंट केने छी , तेँ हम हँसलहुँ । रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, जखन अल्लाह सुभानाहु व ताला के मदद आ जीत आओत तखन यमन के लोक आबि जायत, हुनका सब के दिल आसानी सं छू सकैत अछि, आस्था - मजबूत - यमन के अछि, आ बुद्धि सेहो यमन के अछि.
Imam Darimi : 80
أَخْبَرَنَا الْحَكَمُ بْنُ الْمُبَارَكِ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ ابْنِ إِسْحَقَ عَنْ يَعْقُوبَ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ رَجَعَ إِلَيَّ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَاتَ يَوْمٍ مِنْ جَنَازَةٍ مِنْ الْبَقِيعِ فَوَجَدَنِي وَأَنَا أَجِدُ صُدَاعًا وَأَنَا أَقُولُ وَا رَأْسَاهُ قَالَ بَلْ أَنَا يَا عَائِشَةُ وَا رَأْسَاهُ قَالَ وَمَا ضَرَّكِ لَوْ مُتِّ قَبْلِي فَغَسَّلْتُكِ وَكَفَّنْتُكِ وَصَلَّيْتُ عَلَيْكِ وَدَفَنْتُكِ فَقُلْتُ لَكَأَنِّي بِكَ وَاللَّهِ لَوْ فَعَلْتَ ذَلِكَ لَرَجَعْتَ إِلَى بَيْتِي فَعَرَّسْتَ فِيهِ بِبَعْضِ نِسَائِكَ قَالَتْ فَتَبَسَّمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ بُدِئَ فِي وَجَعِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ
हमरा सब के कहलक अछि [अल हकम बिन मुबारक] हमरा सब के [मुहम्मद बिन सलामाह] स [इब्न इशक] स [या'कुब बिन उतबाह] स [इब्न शिहाब] स [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह] स [ऐसियाह] रदलियाहुअनहा स कहलक अछि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, एक दिन बकी मे अपन लाश -दफना- हमरा घर आबि गेलाह'। तखन ओ देखलक जे हमरा माथ दर्द भ' रहल अछि आ ओ शिकायत केलक; 'ओ हमर माथ', ओ कहलनि: 'ओ हमर माथ, हे ऐस्याह'। ओ फेर बजलाह - हमरा सँ पहिने मरि गेलहुँ तऽ अहाँ केँ की परेशानी होयत? ' हम अहाँकेँ अवश्य धोएब आ कपड़ा पहिरब आ गाड़ब ।' तखन हम -ऐस्याह रदलियाल्लाहुअनहा- कहलियनि; लगैत अछि जेना अहाँ के इएह आशा अछि, अल्लाह सुभानाहु व ताला के कसम, अगर अहां एहन करब त अहां हमरा लग घर जरूर आबि जायब. तखन राजा ओतय राजाक किछु पत्नीक संग सेक्स केलनि । ऐस्याह रदलियाल्लाहुअन्हा कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुस्कुरेलनि तखन ओ बीमार होबय लगलाह जाहि सँ हुनकर मृत्यु भ गेलनि |