Imam Darimi : 41
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي خَلَفٍ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ بْنُ عَمَّارٍ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ أَبِي طَلْحَةَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَقُومُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَيُسْنِدُ ظَهْرَهُ إِلَى جِذْعٍ مَنْصُوبٍ فِي الْمَسْجِدِ فَيَخْطُبُ النَّاسَ فَجَاءَهُ رُومِيٌّ فَقَالَ أَلَا أَصْنَعُ لَكَ شَيْئًا تَقْعُدُ عَلَيْهِ وَكَأَنَّكَ قَائِمٌ فَصَنَعَ لَهُ مِنْبَرًا لَهُ دَرَجَتَانِ وَيَقْعُدُ عَلَى الثَّالِثَةِ فَلَمَّا قَعَدَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى ذَلِكَ الْمِنْبَرِ خَارَ الْجِذْعُ كَخُوَارِ الثَّوْرِ حَتَّى ارْتَجَّ الْمَسْجِدُ حُزْنًا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَنَزَلَ إِلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ الْمِنْبَرِ فَالْتَزَمَهُ وَهُوَ يَخُورُ فَلَمَّا الْتَزَمَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَكَنَ ثُمَّ قَالَ أَمَا وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَوْ لَمْ أَلْتَزِمْهُ لَمَا زَالَ هَكَذَا إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ حُزْنًا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَمَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدُفِنَ
हमरा सब के बता देलक अछि मुहम्मद बिन अहमद बिन अबू खलाफ हमरा सब के बता देने अछि उमर बिन यूनुस हमरा सब के कहने छथि 'इकरीमा बिन अम्मर हमरा सब के कहने छथि इशाक बिन अबू तलहाह हमरा सब के अनस बिन मलिक के कहने छथि जे नबी صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ, पहिने शुक्रवार के दिन ठाढ़ -प्रचार- द्वारा मस्जिद मे फंसल गाछ पर पीठ झुकि क', आ ओ लोक सभ केँ -प्रवचन देलक। तखन रोम सँ एक आदमी आयल, ओ कहलनि। 'की हम अहाँक लेल एहन जगह बनाबी जाहि पर बैसि क' देख सकब जे अहाँ ठाढ़ छी?' से ओ आदमी ओकरा लेल दू सीढ़ी वाला प्लेटफार्म बनौलक, तेसर स्तर पर बैसि गेल। जखन नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) मंच पर बैसलाह त गाछक तना बैल के कुहरब जकाँ कराह उठल जाहि स पूरा मस्जिद हंगामा मचा देलक। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पाछु रहि गेला स दुखी छलाह। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तुरंत मंच स उतरि कए ओकरा लग आबि गेलाह, जखन कि गाछ एखनो कुहरैत छल, ओकरा गले लगा लेलथि। जखन ओ ओकरा गला लगाबैत रहलाह तऽ ओ चुप भ’ गेल । तखन ओ कहलनि; जिनकर हाथ मे हमर आत्मा अछि, जँ हम हुनका गले नहि लगा लेने रहितहुँ तऽ ओ कयामतक दिन धरि एहिना रहितथि, कारण अल्लाह केर रसूलुल्लाह (स.अ.व.) द्वारा छोड़ल गेलाक दुखक कारणेँ। तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एकर आदेश देलखिन जे एकरा दफना देल जाय, आ ई काज भ गेल।
Imam Darimi : 42
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ بْنِ أَبَانَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مُحَمَّدٍ الْمُحَارِبِيُّ عَنْ عَبْدِ الْوَاحِدِ بْنِ أَيْمَنَ الْمَكِّيِّ عَنْ أَبِيهِ قَالَ قُلْتُ لِجَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ حَدِّثْنِي بِحَدِيثٍ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَمِعْتَهُ مِنْهُ أَرْوِيهِ عَنْكَ فَقَالَ جَابِرٌ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ الْخَنْدَقِ نَحْفُرُهُ فَلَبِثْنَا ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ لَا نَطْعَمُ طَعَامًا وَلَا نَقْدِرُ عَلَيْهِ فَعَرَضَتْ فِي الْخَنْدَقِ كُدْيَةٌ فَجِئْتُ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَذِهِ كُدْيَةٌ قَدْ عَرَضَتْ فِي الْخَنْدَقِ فَرَشَشْنَا عَلَيْهَا الْمَاءَ فَقَامَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَبَطْنُهُ مَعْصُوبٌ بِحَجَرٍ فَأَخَذَ الْمِعْوَلَ أَوْ الْمِسْحَاةَ ثُمَّ سَمَّى ثَلَاثًا ثُمَّ ضَرَبَ فَعَادَتْ كَثِيبًا أَهْيَلَ فَلَمَّا رَأَيْتُ ذَلِكَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ ايْذَنْ لِي قَالَ فَأَذِنَ لِي فَجِئْتُ امْرَأَتِي فَقُلْتُ ثَكِلَتْكِ أُمُّكِ فَقُلْتُ قَدْ رَأَيْتُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَيْئًا لَا صَبْرَ لِي عَلَيْهِ فَهَلْ عِنْدَكِ مِنْ شَيْءٍ فَقَالَتْ عِنْدِي صَاعٌ مِنْ شَعِيرٍ وَعَنَاقٌ قَالَ فَطَحَنَّا الشَّعِيرَ وَذَبَحْنَا الْعَنَاقَ وَسَلَخْتُهَا وَجَعَلْتُهَا فِي الْبُرْمَةِ وَعَجَنْتُ الشَّعِيرَ ثُمَّ رَجَعْتُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَبِثْتُ سَاعَةً ثُمَّ اسْتَأْذَنْتُهُ الثَّانِيَةَ فَأَذِنَ لِي فَجِئْتُ فَإِذَا الْعَجِينُ قَدْ أَمْكَنَ فَأَمَرْتُهَا بِالْخَبْزِ وَجَعَلْتُ الْقِدْرَ عَلَى الْأَثَاثِي قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ إِنَّمَا هِيَ الْأَثَافِيُّ وَلَكِنْ هَكَذَا قَالَ ثُمَّ جِئْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ إِنَّ عِنْدَنَا طُعَيِّمًا لَنَا فَإِنْ رَأَيْتَ أَنْ تَقُومَ مَعِي أَنْتَ وَرَجُلٌ أَوْ رَجُلَانِ مَعَكَ فَقَالَ وَكَمْ هُوَ قُلْتُ صَاعٌ مِنْ شَعِيرٍ وَعَنَاقٌ فَقَالَ ارْجِعْ إِلَى أَهْلِكَ وَقُلْ لَهَا لَا تَنْزِعْ الْقِدْرَ مِنْ الْأَثَافِيِّ وَلَا تُخْرِجْ الْخُبْزَ مِنْ التَّنُّورِ حَتَّى آتِيَ ثُمَّ قَالَ لِلنَّاسِ قُومُوا إِلَى بَيْتِ جَابِرٍ قَالَ فَاسْتَحْيَيْتُ حَيَاءً لَا يَعْلَمُهُ إِلَّا اللَّهُ فَقُلْتُ لِامْرَأَتِي ثَكِلَتْكِ أُمُّكِ قَدْ جَاءَكِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِأَصْحَابِهِ أَجْمَعِينَ فَقَالَتْ أَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَأَلَكَ كَمْ الطَّعَامُ فَقُلْتُ نَعَمْ فَقَالَتْ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَدْ أَخْبَرْتَهُ بِمَا كَانَ عِنْدَنَا قَالَ فَذَهَبَ عَنِّي بَعْضُ مَا كُنْتُ أَجِدُ وَقُلْتُ لَقَدْ صَدَقْتِ فَجَاءَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَخَلَ ثُمَّ قَالَ لِأَصْحَابِهِ لَا تَضَاغَطُوا ثُمَّ بَرَّكَ عَلَى التَّنُّورِ وَعَلَى الْبُرْمَةِ قَالَ فَجَعَلْنَا نَأْخُذُ مِنْ التَّنُّورِ الْخُبْزَ وَنَأْخُذُ اللَّحْمَ مِنْ الْبُرْمَةِ فَنُثَرِّدُ وَنَغْرِفُ لَهُمْ وَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِيَجْلِسْ عَلَى الصَّحْفَةِ سَبْعَةٌ أَوْ ثَمَانِيَةٌ فَإِذَا أَكَلُوا كَشَفْنَا عَنْ التَّنُّورِ وَكَشَفْنَا عَنْ الْبُرْمَةِ فَإِذَا هُمَا أَمْلَأُ مَا كَانَا فَلَمْ نَزَلْ نَفْعَلُ ذَلِكَ كُلَّمَا فَتَحْنَا التَّنُّورَ وَكَشَفْنَا عَنْ الْبُرْمَةِ وَجَدْنَاهُمَا أَمْلَأَ مَا كَانَا حَتَّى شَبِعَ الْمُسْلِمُونَ كُلُّهُمْ وَبَقِيَ طَائِفَةٌ مِنْ الطَّعَامِ فَقَالَ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ النَّاسَ قَدْ أَصَابَتْهُمْ مَخْمَصَةٌ فَكُلُوا وَأَطْعِمُوا فَلَمْ نَزَلْ يَوْمَنَا ذَلِكَ نَأْكُلُ وَنُطْعِمُ قَالَ وَأَخْبَرَنِي أَنَّهُمْ كَانُوا ثَمَانَ مِائَةٍ أَوْ قَالَ ثَلَاثَ مِائَةٍ قَالَ أَيْمَنُ لَا أَدْرِي أَيُّهُمَا قَالَ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन उमर बिन आबान] हमरा सब के [अब्दुर रहमान बिन मुहम्मद अल मुहरीबी] के [अब्दुल वाहिद बिन ऐमन अल मक्की] स [अपन पिता] स कहलक अछि ओ कहलनि; हम जाबिर बिन अब्दुल्लाह रदलियाल्लाहुअनहु सँ कहलियनि: ओ कहलनि; हमरा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स एकटा हदीस सुनाउ जे अहाँ हुनका स सुनने छी आ जे हम अहाँ स रिवायत क सकैत छी। जाबिर बजलाह; पहिने हम सब खंडक युद्ध के दौरान रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग छलहुं आ खाई खोदैत छलहुं. तीन दिन धरि भोजन नहि केलहुँ आ भोजन नहि भेटि सकल। तखन खाई मे हमरा कठोर माटिक टुकड़ा भेटल, ताहि लेल हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग गेलहुं। हम कहलियनि; 'हे रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, ई कठोर जमीन एहि खाई के खोदबा स रोकने अछि, भले हम सब एहि पर पानि ढारने छी'। तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पाथर सँ पेट बान्हि क' ठाढ़ भ' गेलाह, फेर कुदारी लेलनि आ फेर तीन बेर बिस्मिल्लाह पढ़लनि। ओ ओकरा मारि कए कोमल धूरा मे बदलि देलक। जखन हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हालत एहन देखलहुं त हुनका कहलियनि; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमरा किछु काल घर जाय दियौक, तखन ओ हमरा -कनि काल लेल घर जेबाक अनुमति देलनि-।' ' तखन हम अपन पत्नी लग आबि गेलहुँ, हम कहलियनि; 'स्थिति सचमुच गंभीर अछि'। हम अपन पत्नी केँ कहलियनि; 'हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ हालत के गवाह बनलऽ छियै जेकरा चलतें हम्में ओकरा पकड़ै में असमर्थ होय गेलऽ छेलियै, तोरा पास कुछ खाबै के छै?' ओ उत्तर देलथिन; 'ओतय, बस एकटा शा' मोटका आटा आ एकटा मादा बकरीक बच्चा। ' जाबिर बजलाह : 'तखन हम सभ मोटका आटाकेँ एहन कुटि देलियैक जे ओ चबाबय लेल उपयुक्त हो आ एकटा बच्चाकेँ मारि देलियैक, ओकर चमड़ा निकालि कऽ बर्तन मे राखि देलियैक । हम आटा गूथैत रहलहुँ तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग घुरि गेलहुँ आ किछु काल चुप रहि गेलहुँ । तखन फेर दोसर बेर घर जेबाक अनुमति मंगलहुँ। ओ हमरा अनुमति देलनि, तेँ जखन हमर पत्नी सँ भेंट भेल तऽ पता चलल जे गहूमक आटा तैयार भ' गेल अछि, तें हम अपन पत्नी केँ रोटी बनेबाक आदेश देलियनि, आ हम भानसक पाथर पर घैल राखि देलियैक। अब्दुररहमान कहलनि; अर्थ चूल्हा/रसोई के ऊपर अछि। तखन जाबीर बजलाह; तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स भेंट भेल। पुनः, तखन हम हुनका कहलियनि: 'हमरा लग बेसी भोजन नहि अछि, ओह, जँ अहाँ चाहैत छी, हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह, अहाँ मात्र एक-दू गोटेक संग हमर घर आबि सकैत छी।' ' ओ पुछलखिन : 'कतेक भोजन अछि ?' हम उत्तर देलियनि; 'बस एकटा दाना गहूम आ एकटा बच्चा बकरी।' ' तखन प्रेरित कहलनि: 'एनाहिते, अपन परिवार लग घर जाउ आ ओकरा कहि दियौक जे जा धरि हम नहि आबि जायब, ताबत धरि भनसा घर सँ बर्तन नहि उठाउ आ टोस्टर सँ रोटी नहि निकालू।' ' तखन ओ अपन संगी सभकेँ कहलखिन : ' चलू जाबीरक घर जाउ । ' जाबिर कहलनि : 'हमरा एकटा बहुत गंभीर लाज मे लाज भेल, जे अल्लाह के अलावा कियो नहि जनैत अछि। '- -किएक त' नबी अपन संगी सभ केँ बजौने छलाह, भले भोजनक मात्रा ओतेक नहि छल- --- हम अपन पत्नी केँ कहलियनि: 'वाह... समस्या गंभीर भ' रहल अछि... अल्लाह केर रसूलुल्लाह अपन सभ मित्रक संग आबि गेलाह. ' हमर पत्नी कहलनि: 'की प्रेरित अहाँ सँ पहिने पूछने छलाह जे हमरा सभ लग कतेक भोजन अछि?'. हम उत्तर देलियनि 'हँ, हम बुझा देलहुँ'! तखन हमर पत्नी बजलीह: 'अल्लाह आ हुनकर रसूलुल्लाह बेसी जनैत छथि, जे स्पष्ट अछि से ई जे अहाँ हुनका रिपोर्ट क' देलियनि जे हमरा सभ लग कतेक भोजन अछि'। जाबिर बजलाह; 'हमर पत्नीक बात हमरा सभटा चिन्ता सँ शान्त क' देलक।' ' तखन हम हुनका कहलियनि : 'अहाँ सत्ते सही कहैत छी । ' नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन आबि गेलाह आ प्रवेश केलनि, फेर अपन साथी सभ सँ कहलनि 'सावधान रहू, अहाँ सभ केँ भीड़ नहि करू! ' तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम टोस्टर आ बर्तन पर बरकत देलनि। जाबीर बजलाह-तखन हम सभ ओवनसँ रोटी आ बर्तनसँ मांस लऽ लेलहुँ, तखन हम सभ मिला देलियैक आ हम सभ ओकरा सभक लेल चम्मचसँ लगा देलियैक । ' तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे एक-एक थारी मे सात-आठ गोटे एक संग बैसय दियौक। ' जखन ओ सभ भोजन कए लेलक तखन हम सभ ओवन आ बर्तनक ढक्कन खोललहुँ तँ दुनू गोटे एखनो पहिने जकाँ भरल पाबि गेलहुँ । आ ई स्थिति ता धरि चलैत रहल जाबत धरि सब मुसलमान भरि नहि गेल आ मात्र किछु भोजन बचि गेल। तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सब स कहलनि: 'सत्ते, जनता सब भरल अछि, आब खाउ, अहाँ आ अहाँक परिवार! ' तेँ ओहि दिन हम सभ एकहि रोटी आ मांसक संग कतेको बेर भोजन केलहुँ । जाबीर बजलाह - हमरा कहल गेल जे जाबीरक घर पर भोजन करयवला संगी सभक संख्या लगभग आठ सय-तीन सय अछि । ' ऐमन बजलाह : हमरा नहि बुझल अछि जे एहि मे सँ कोन नंबर सही अछि ।
Imam Darimi : 43
أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا بْنُ عَدِيٍّ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ هُوَ ابْنُ عَمْرٍو عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ أَمَرَ أَبُو طَلْحَةَ أُمَّ سُلَيْمٍ أَنْ تَجْعَلَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَعَامًا يَأْكُلُ مِنْهُ قَالَ ثُمَّ بَعَثَنِي أَبُو طَلْحَةَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَيْتُهُ فَقُلْتُ بَعَثَنِي إِلَيْكَ أَبُو طَلْحَةَ فَقَالَ لِلْقَوْمِ قُومُوا فَانْطَلَقَ وَانْطَلَقَ الْقَوْمُ مَعَهُ فَقَالَ أَبُو طَلْحَةَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّمَا صَنَعْتُ طَعَامًا لِنَفْسِكَ خَاصَّةً فَقَالَ لَا عَلَيْكَ انْطَلِقْ قَالَ فَانْطَلَقَ وَانْطَلَقَ الْقَوْمُ قَالَ فَجِيءَ بِالطَّعَامِ فَوَضَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَهُ وَسَمَّى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ ائْذَنْ لِعَشَرَةٍ قَالَ فَأَذِنَ لَهُمْ فَقَالَ كُلُوا بِاسْمِ اللَّهِ فَأَكَلُوا حَتَّى شَبِعُوا ثُمَّ قَامُوا ثُمَّ وَضَعَ يَدَهُ كَمَا صَنَعَ فِي الْمَرَّةِ الْأُولَى وَسَمَّى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ ائْذَنْ لِعَشَرَةٍ فَأَذِنَ لَهُمْ فَقَالَ كُلُوا بِاسْمِ اللَّهِ فَأَكَلُوا حَتَّى شَبِعُوا ثُمَّ قَامُوا حَتَّى فَعَلَ ذَلِكَ بِثَمَانِينَ رَجُلًا قَالَ وَأَكَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَهْلُ الْبَيْتِ وَتَرَكُوا سُؤْرًا
हमरा सब के कहलक अछि [जकारिया बिन अदी] हमरा सब के [उबैदुल्लाह इब्न अमर] के [अब्दुल मलिक बिन उमैर] स [अब्दुर रहमान बिन अबू लैला] स [अनस बिन मालिक] स कहलक अछि ओ कहलनि; अबू तल्हा उम्म सुलैम के आदेश देलखिन जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हुनका खाय के लेल भोजन बनाबय के चाही. ओ कहलनि; तखन अबू तल्हाह हमरा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग पठौलनि। हुनकासँ भेंट भेलनि, तखन कहलियनि; अबू तलहा हमरा राजा लग पठौलनि, तेँ ओ कहलनि; 'हे मुसलमान, चलू।' ' आ ओ विदा भेलाह, तेँ संगी सभ चलि गेलाह । कथाकार बजलाह; तखन भोजन आनल गेल तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओहि पर हाथ राखि भोजन पर बरकत के दुआ केलनि आ कहलनि; ' दस गोटेकेँ दऽ दियौक। ' कथाकार बजलाह; तखन भोजन हुनका सभ केँ देल गेलनि। तखन ओ कहलनि: 'अल्लाह सुभानाहु व ताला के नाम पर खाउ'। तखन ओ सभ पेट भरि गेलाह, तखन उठि गेलाह जाहि सँ ओ अस्सी लोकक संग एहन काज क' सकथि। कथाकार बजलाह; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम घरक मालिकक संग भोजन केलनि आ एखनो एकटा पैघ कटोरी बचि गेल छलनि |
Imam Darimi : 44
أَخْبَرَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا أَبَانُ هُوَ الْعَطَّارُ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ أَبِي عُبَيْدٍ أَنَّهُ طَبَخَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قِدْرًا فَقَالَ لَهُ نَاوِلْنِي الذِّرَاعَ وَكَانَ يُعْجِبُهُ الذِّرَاعُ فَنَاوَلَهُ الذِّرَاعَ ثُمَّ قَالَ نَاوِلْنِي الذِّرَاعَ فَنَاوَلَهُ ذِرَاعًا ثُمَّ قَالَ نَاوِلْنِي الذِّرَاعَ فَقُلْتُ يَا نَبِيَّ اللَّهِ وَكَمْ لِلشَّاةِ مِنْ ذِرَاعٍ فَقَالَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ أَنْ لَوْ سَكَتَّ لَأُعْطِيتُ أَذْرُعًا مَا دَعَوْتُ بِهِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुस्लिम बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहलक अछि [आबान अल अथर] हमरा सब के [कतादह] के [स्याहर बिन हौस्याब] स [अबू उबैद] स कहलक अछि जे ओ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लेल एकटा बर्तन पकाने छल। तखन ओ हुनका कहलथिन्ह : ‘हमरा सैम्पिल दिअ’ आ हुनकर सबसँ प्रिय छल सैम्पिलक मांस । नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के उलना -सम्पिल- के हिस्सा सेहो देलखिन। तखन बजलाह: ‘कृपया हमरा उल्ना मांस दिअ’ तेँ उल्ना मांस द’ देलखिन। ' तखन ओ फेर कहलनि: 'हमरा रीढ़क मांस द' दिअ', तें हम कहलियनि; 'हे अल्लाह के पैगम्बर सुभानाहु व ताला - सचमुच - बकरी के कतेक हाथ होइत छैक ?' ओ उत्तर देलखिन: 'हम जिनकर हाथ मे छी, ओकर द्वारा जँ अहाँ चुप रहितहुँ त' अहाँ हमरा जे उल्ना मांस माँगलहुँ से अवश्य उपलब्ध करा सकितहुँ ।' ' .
Imam Darimi : 45
أَخْبَرَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ الْأَسْوَدِ عَنْ نُبَيْحٍ الْعَنَزِيِّ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى الْمُشْرِكِينَ لِيُقَاتِلَهُمْ فَقَالَ أَبِي عَبْدُ اللَّهِ يَا جَابِرُ لَا عَلَيْكَ أَنْ تَكُونَ فِي نَظَّارِي أَهْلِ الْمَدِينَةِ حَتَّى تَعْلَمَ إِلَى مَا يَصِيرُ أَمْرُنَا فَإِنِّي وَاللَّهِ لَوْلَا أَنِّي أَتْرُكُ بَنَاتٍ لِي بَعْدِي لَأَحْبَبْتُ أَنْ تُقْتَلَ بَيْنَ يَدَيَّ قَالَ فَبَيْنَمَا أَنَا فِي النَّظَّارِينَ إِذْ جَاءَتْ عَمَّتِي بِأَبِي وَخَالِي لِتَدْفِنَهُمَا فِي مَقَابِرِنَا فَلَحِقَ رَجُلٌ يُنَادِي إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَأْمُرُكُمْ أَنْ تَرُدُّوا الْقَتْلَى فَتَدْفِنُوهَا فِي مَضَاجِعِهَا حَيْثُ قُتِلَتْ فَرَدَدْنَاهُمَا فَدَفَنَّاهُمَا فِي مَضْجَعِهِمَا حَيْثُ قُتِلَا فَبَيْنَا أَنَا فِي خِلَافَةِ مُعَاوِيَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ إِذْ جَاءَنِي رَجُلٌ فَقَالَ يَا جَابِرُ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ لَقَدْ أَثَارَ أَبَاكَ عُمَّالُ مُعَاوِيَةَ فَبَدَا فَخَرَجَ طَائِفَةٌ مِنْهُمْ فَانْطَلَقْتُ إِلَيْهِ فَوَجَدْتُهُ عَلَى النَّحْوِ الَّذِي دَفَنْتُهُ لَمْ يَتَغَيَّرْ إِلَّا مَا لَمْ يَدَعْ الْقَتِيلَ قَالَ فَوَارَيْتُهُ وَتَرَكَ أَبِي عَلَيْهِ دَيْنًا مِنْ التَّمْرِ فَاشْتَدَّ عَلَيَّ بَعْضُ غُرَمَائِهِ فِي التَّقَاضِي فَأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَبِي أُصِيبَ يَوْمَ كَذَا وَكَذَا وَإِنَّهُ تَرَكَ عَلَيْهِ دَيْنًا مِنْ التَّمْرِ وَإِنَّهُ قَدْ اشْتَدَّ عَلَيَّ بَعْضُ غُرَمَائِهِ فِي الطَّلَبِ فَأُحِبُّ أَنْ تُعِينَنِي عَلَيْهِ لَعَلَّهُ أَنْ يُنْظِرَنِي طَائِفَةً مِنْ تَمْرِهِ إِلَى هَذَا الصِّرَامِ الْمُقْبِلِ قَالَ نَعَمْ آتِيكَ إِنْ شَاءَ اللَّهُ قَرِيبًا مِنْ وَسَطِ النَّهَارِ قَالَ فَجَاءَ وَمَعَهُ حَوَارِيُّوهُ قَالَ فَجَلَسُوا فِي الظِّلِّ وَسَلَّمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاسْتَأْذَنَ ثُمَّ دَخَلَ عَلَيْنَا قَالَ وَقَدْ قُلْتُ لِامْرَأَتِي إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَائِيَّ الْيَوْمَ وَسَطَ النَّهَارِ فَلَا يَرَيَنَّكِ وَلَا تُؤْذِي رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي شَيْءٍ وَلَا تُكَلِّمِيهِ فَفَرَشَتْ فِرَاشًا وَوِسَادَةً وَوَضَعَ رَأْسَهُ فَنَامَ فَقُلْتُ لِمَوْلًى لِي اذْبَحْ هَذِهِ الْعَنَاقَ وَهِيَ دَاجِنٌ سَمِينَةٌ فَالْوَحَى وَالْعَجَلَ افْرُغْ مِنْهَا قَبْلَ أَنْ يَسْتَيْقِظَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَنَا مَعَكَ فَلَمْ نَزَلْ فِيهَا حَتَّى فَرَغْنَا مِنْهَا وَهُوَ نَائِمٌ فَقُلْتُ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ يَسْتَيْقِظُ يَدْعُو بِطَهُورِهِ وَأَنَا أَخَافُ إِذَا فَرَغَ أَنْ يَقُومَ فَلَا يَفْرُغَ مِنْ طُهُورِهِ حَتَّى يُوضَعَ الْعَنَاقُ بَيْنَ يَدَيْهِ فَلَمَّا اسْتَيْقَظَ قَالَ يَا جَابِرُ ايْتِنِي بِطَهُورٍ قَالَ نَعَمْ فَلَمْ يَفْرُغْ مِنْ وُضُوئِهِ حَتَّى وُضِعَتْ الْعَنَاقُ بَيْنَ يَدَيْهِ قَالَ فَنَظَرَ إِلَيَّ فَقَالَ كَأَنَّكَ قَدْ عَلِمْتَ حُبَّنَا اللَّحْمِ ادْعُ أَبَا بَكْرٍ ثُمَّ دَعَا حَوَارِيِّيهِ قَالَ فَجِيءَ بِالطَّعَامِ فَوُضِعَ قَالَ فَوَضَعَ يَدَهُ وَقَالَ بِسْمِ اللَّهِ كُلُوا فَأَكَلُوا حَتَّى شَبِعُوا وَفَضَلَ مِنْهَا لَحْمٌ كَثِيرٌ وَقَالَ وَاللَّهِ إِنَّ مَجْلِسَ بَنِي سَلَمَةَ لَيَنْظُرُونَ إِلَيْهِمْ هُوَ أَحَبُّ إِلَيْهِمْ مِنْ أَعْيُنِهِمْ مَا يَقْرَبُونَهُ مَخَافَةَ أَنْ يُؤْذُوهُ ثُمَّ قَامَ وَقَامَ أَصْحَابُهُ فَخَرَجُوا بَيْنَ يَدَيْهِ وَكَانَ يَقُولُ خَلُّوا ظَهْرِي لِلْمَلَائِكَةِ قَالَ فَاتَّبَعْتُهُمْ حَتَّى بَلَغْتُ سَقُفَّةَ الْبَابِ فَأَخْرَجَتْ امْرَأَتِي صَدْرَهَا وَكَانَتْ سَتِيرَةً فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ صَلِّ عَلَيَّ وَعَلَى زَوْجِي قَالَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْكِ وَعَلَى زَوْجِكِ ثُمَّ قَالَ ادْعُوا لِي فُلَانًا لِلْغَرِيمِ الَّذِي اشْتَدَّ عَلَيَّ فِي الطَّلَبِ فَقَالَ أَنْسِ جَابِرًا طَائِفَةً مِنْ دَيْنِكَ الَّذِي عَلَى أَبِيهِ إِلَى هَذَا الصِّرَامِ الْمُقْبِلِ قَالَ مَا أَنَا بِفَاعِلٍ قَالَ وَاعْتَلَّ وَقَالَ إِنَّمَا هُوَ مَالُ يَتَامَى فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ جَابِرٌ قَالَ قُلْتُ أَنَا ذَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ كِلْ لَهُ مِنْ الْعَجْوَةِ فَإِنَّ اللَّهَ تَعَالَى سَوْفَ يُوَفِّيهِ فَرَفَعَ رَأْسَهُ إِلَى السَّمَاءِ فَإِذَا الشَّمْسُ قَدْ دَلَكَتْ قَالَ الصَّلَاةُ يَا أَبَا بَكْرٍ قَالَ فَانْدَفَعُوا إِلَى الْمَسْجِدِ فَقُلْتُ لِغَرِيمِي قَرِّبْ أَوْعِيَتَكَ فَكِلْتُ لَهُ مِنْ الْعَجْوَةِ فَوَفَّاهُ اللَّهُ وَفَضَلَ لَنَا مِنْ التَّمْرِ كَذَا وَكَذَا قَالَ فَجِئْتُ أَسْعَى إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَسْجِدِهِ كَأَنِّي شَرَارَةٌ فَوَجَدْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ صَلَّى فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي قَدْ كِلْتُ لِغَرِيمِي تَمْرَهُ فَوَفَّاهُ اللَّهُ وَفَضَلَ لَنَا مِنْ التَّمْرِ كَذَا وَكَذَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ قَالَ فَجَاءَ يُهَرْوِلُ قَالَ سَلْ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ غَرِيمِهِ وَتَمْرِهِ قَالَ مَا أَنَا بِسَائِلِهِ قَدْ عَلِمْتُ أَنَّ اللَّهَ سَوْفَ يُوَفِّيهِ إِذْ أَخْبَرْتَ أَنَّ اللَّهَ سَوْفَ يُوَفِّيهِ فَرَدَّدَ عَلَيْهِ وَرَدَّدَ عَلَيْهِ هَذِهِ الْكَلِمَةَ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ كُلُّ ذَلِكَ يَقُولُ مَا أَنَا بِسَائِلِهِ وَكَانَ لَا يُرَاجَعُ بَعْدَ الْمَرَّةِ الثَّالِثَةِ فَقَالَ مَا فَعَلَ غَرِيمُكَ وَتَمْرُكَ قَالَ قُلْتُ وَفَّاهُ اللَّهُ وَفَضَلَ لَنَا مِنْ التَّمْرِ كَذَا وَكَذَا فَرَجَعْتُ إِلَى امْرَأَتِي فَقُلْتُ أَلَمْ أَكُنْ نَهَيْتُكِ أَنْ تُكَلِّمِي رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَيْتِي فَقَالَتْ تَظُنُّ أَنَّ اللَّهَ تَعَالَى يُورِدُ نَبِيَّهُ فِي بَيْتِي ثُمَّ يَخْرُجُ وَلَا أَسْأَلُهُ الصَّلَاةَ عَلَيَّ وَعَلَى زَوْجِي
हमरा सब के कहलक अछि [अबू अन नु'मान] हमरा सब के [अबू अवानाह] के [अल असवद] स [नुबैह अल 'अनाजी] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुश्रिक सब स लड़य लेल निकलल छलाह। हमर पिता -अब्दुल्लाह- कहलनि; 'युद्ध मे नहि जाउ हे जाबिर, अहाँ मदीनाक निवासी छी जकर काज मुस्लिम सैनिकक हालत पर सूचना पर नजरि राखब अछि ।' ताकि अहाँ सब के सचमुच पता चलय जे हमर सबहक भाग्य की अछि। अल्लाह सुभनाहु व ताला के खातिर अगर ई बात नै रहैत जे हम अपन मौत के बाद अपन बेटी सब के छोड़ि देब त हम बहुत खुश रहितौं जौं अहाँ हमरा सामने मारल गेल रहितौं - युद्ध के मैदान में शहीद भ गेल रहितौं -। जाबिर बजलाह; जखन हम ओहि लोकक संग रही जिनकर काज छल स्थिति पर नजरि राखब आ सैनिकक वापसी त अचानक हमर मौसी हमर पिता आ काकाक लाश ल' क' आबि गेलीह जाहि सं ओ दुनू गोटे कें हमरा लोकनिक पारिवारिक कब्रिस्तान मे दफना सकथि. तखने हुनका कियो चिचिया रहल छलनि; 'सत्ते, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अहाँ सब के आदेश देलखिन जे जे मरि गेल छल ओकरा ओहि जगह पर वापस क दियौ जतय ओकरा मारल गेल छलैक, आ अहाँ ओकरा ओहि स्थान पर दफना दियौ जतय ओकरा मारल गेल छलैक। ' तेँ हम सभ तुरन्त बाबूजी आ काकाक लाश ओहि स्थान पर वापस क' देलियैक जतय हुनकर हत्या भेल छल । हम सभ ठीक ओतहि गाड़ि देलियनि जतय दुनूक नरसंहार भेल छल। बाद मे जखन हम - जाबीर - मुअविया बिन अबू सुफियान रदलियाल्लाहुअनहु के खिलाफत के दौरान छलहुं त अचानक एकटा दूत हमरा लग आबि गेलाह. ओ कहलनि; 'हे जाबिर बिन अब्दुल्लाह, मुअविया रदलियाहुअनहु के बिल्डर सब जखन कब्रिस्तान के तोड़ैत छलाह तखन अहाँक पिता के लाश ताबत तक भेटल जाबत हुनकर लाश नहि देखाइत छल | किछु बिल्डर सभ चलि गेल छल तेँ हमरा बाबूजीक लाश देखबाक मौका भेटल । उहह... उहह... हमरा बाबूजीक लाश एखनो ठीक वैह भेटल जेना हम ओकरा गाड़ने रही, जे व्यक्ति मारल गेल छल ओकर निशान छोड़ि अपरिवर्तित। कथावाचक -जबीर- बजलाह; तेँ हम एकरा झाँपि देलियैक। हमरा एखनो मोन अछि जे हमर पिताजी खजूरक रूप मे कर्ज छोड़ि गेल छलाह, हुनका उधार देनिहार किछु लोक हमरा -तुरंत- चुकाबय लेल मजबूर क' देलनि। तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स भेंट भेल। आ हम अपन सभ चिन्ता व्यक्त केलहुँ; 'हे रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, सचमुच हमर पिताजी युद्ध मे मरि गेलाह, आ सचमुच ओ खजूरक रूप मे एकटा कर्ज छोड़ि गेलाह, आ सचमुच कर्जक मालिक लोकनि हमरा -तुरंत- ई कर्ज चुकाबय लेल बाध्य केलनि। हमरा बहुत खुशी होयत जँ अहाँ हुनकर मदद करय लेल तैयार रहब, के जाने, ओ अगिला फसल के मौसम तक अपन बिल टारय लेल तैयार भ सकैत छथि। ओ बजलाह: ‘ठीक छै, हम अहाँकेँ द’ देब, भगवान चाहथि, सुभनाहु वा ता’ला, आइ दुपहरक किछुए दिनक बाद। ' कथाकार -जबीर- बजलाह; 'ओ तखन अपन वफादार मित्र सभक संग आबि गेलाह ।' ' कथाकार -जबीर- बजलाह; ओ सब आश्रय स्थल में इंतजार केलक आ रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सब के अभिवादन केलक आ अनुमति मंगलक, फेर हमरा सब के घर में प्रवेश केलक। कथावाचक -जबीर- बजलाह; 'हम अपन पत्नी केँ कहने छी जे रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम आइ दुपहरियाक बाद हमरा लग आबि जेताह, तेँ अपना केँ नहि देखाउ, रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वस्लाम केँ कोनो बात - कोनो बात सँ ठेस नहि पहुँचाउ आ हुनका सँ गप्पो नहि करू।' ' तखन हम एकटा ओछाओन पसारि क' तकियाक व्यवस्था केलहुँ, तखन ओ माथ राखि सुति गेलाह । तखन हम अपन नोकर केँ आदेश देलियनि; 'एहि मादा बकरी केँ मारि दियौक, ई वश मे कयल बकरी अछि, एकर मांस खूब अछि आ फुर्तीला सेहो अछि ।' कृपया रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जागय स पहिने एकरा तैयार करू, आ जौं ओ जागताह त ओ शुद्ध करय लेल पानि जरूर मांगताह, जखन कि हमरा चिंता होइत अछि जे जौं ओ जागि क शुद्धि करब समाप्त क देताह जखन कि हुनका सामने बकरी के मांस एखन धरि उपलब्ध नहि अछि। ' जखन ओ नींद सँ उठलाह त' कहलनि : 'हे जाबीर, हमरा शुद्ध करबाक लेल पानि उपलब्ध कराउ, हम उत्तर देलियनि; 'हँ ठीक छै।' ' तेँ हुनकर वुदलु समाप्त करबासँ पहिने हम हुनका सोझाँ -पकाओल - बच्चा बकरीक मांस राखि देलियनि । कथावाचक -जबीर- बजलाह; 'ओ हमरा दिस तकैत बजलाह; लगैत अछि जेना अहाँ सब के हमर सबहक पसंदीदा मांस पहिने स पता अछि, अबू बकर रदलियाल्लाहुअनहु के फोन करू। तखन भोजन आनि परोसल जाइत अछि। कथावाचक -जबीर- बजलाह; तखन ओ कहलनि : अल्लाह सुभनाहु व ताला के नाम -बिस्मिल्लाह- कहू आ खाउ। तेँ जा धरि पेट भरि नहि गेलाह ता धरि खा गेलाह आ बहुत रास मांस बचि गेल छल -पकवान सँ- | कथावाचक -जबीर- बजलाह; 'अल्लाह सुभानाहु व ताला के कसम, सचमुच बनी सलामा के सभा अपना के न्याय क लेलक अछि जे ओ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स अपन आँखि स बेसी प्रेम करैत छथि जे हुनका सब के बहुत बहुत नजदीक अछि, कियाक त ओ सब बहुत चिंतित छथि जे हुनका चोट पहुंचाओत। तखन ओ उठलाह आ ओकर संगी सभ सेहो, तखन ओ सभ हुनका लगसँ बाहर निकलि गेलाह, आ ओ कहलनि, 'हम अपन स्वतंत्रता - अपन काज - स्वर्गदूत सभ पर छोड़ि दिअ।' ' कथाकार -जबीर- बजलाह; तखन हम हुनका लोकनिक संग वापस दरबज्जाक लगक बोर्ड पर पहुँचलहुँ, तखन हमर पत्नी अपना केँ कनि देखा देलनि जे पहिने घूंघट सँ झाँपल छल आ बजलीह; हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, हमरा आ हमर पति के लेल दुआ करू। ' ओ उत्तर देलनि; 'अल्लाह सुभानाहु व ता'ला अहाँ आ अहाँक पति के अपन बरकत देथिन।' ' तखन ओ बजलाह : 'कृपया हमरा फल्लाँ फोन करू - कर्ज मे डूबल व्यक्ति केँ संबोधित जे हमरा तुरन्त चुकाब' लेल आग्रह क' रहल अछि - ' । तखन ओ कहलनि: 'जाबिर रदलियाल्लाहुअनहु केँ जे कर्ज अहाँ हुनकर पिता पर अछि ओकर किछु हिस्सा अगिला फसलक मौसम धरि टालि दियौक।' ' ओ कहलनि : 'हम ई काज नहि क' सकैत छी हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह! ' ओ कहलनि: 'या अहाँ एकरा कम करू' ओ कहलनि: 'ई सम्पत्ति अनाथक अछि, हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह।' ' तखन प्रेरित कहलनि : 'जाबीर कतय छथि ?' जाबिर कहलनि: 'हम अल्लाह के रसूलुल्लाह छी' तखन रसूलुल्लाह कहलनि: 'हुनका लेल अजुवा खजूर - एक प्रकार के खजूर जे अलिया मदीना में उगैत अछि- तौलब- कारण अल्लाह सुभनाहु व ताला हुनका सब के इंतजाम जरूर करताह', तखन रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपन माथ ऊपर उठौलनि आ पता चलल जे सूर्य डूबि गेल छल ताहि लेल ओ कहलनि: 'आउ, ओ अबू बकर रदलियाल्लाहुअनहु', जाबिर रदलियाहुअनहु कहलनि: 'सब मस्जिद गेल' तखन हम कर्जदार केँ कहलियनि: 'अपन बर्तन केँ नजदीक आनि दियौक। ' तखन हम ओकरा किछु खजूर 'अजुवा तौललियैक । त अल्लाह सुभानाहु व ताला हमरा सब लेल पर्याप्त इंतजाम केलनि आ तइयो हमरा सब लेल किछु तारीख छोड़ि गेलाह। जाबिर रदलियाहुअनहु कहलनि: 'त हम एहि मस्जिद मे रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सं भेंट करय लेल दौड़लहुं, जेना हम कोनो नीच व्यक्ति छी, तखन हमरा रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम के नमाज समाप्त भ गेल भेटल, तखन हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सं कहलियनि; असल मे हम खजूर नापने छी आ अल्लाह सुभनाहु व ताला के पास काफी अछि, आ हमरा सब लेल एतेक आ एतेक बचल अछि। ' तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पुछलखिन : 'उमर बिन खथथब रदलियाहुअनहु कतय छथि ?' कथावाचक -जबीर- बजलाह; उमर जॉगिंग करैत आबि गेलाह, तें हुनका आदेश देलनि, 'कृपया जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाहुअनहु सँ ओहि व्यक्तिक बारे मे पूछू जे हुनका पर कर्जा अछि - हुनकर पिता - आ हुनकर खजूर सेहो।' ' उमर उत्तर देलनि; 'हमरा हुनका स॑ पूछै के जरूरत नै छै आरू हमरा निश्चिंतता छै कि अल्लाह सुभनाहु व ता'ला हुनका पर्याप्तता जरूर उपलब्ध कराबै वाला छै, तबे तोहें हुनका कहलियऽ कि अल्लाह सुभनाहु व तआला हुनका पर्याप्तता के इंतजाम करतै ।' ' तखन प्रश्न हुनका दोहराओल गेलनि, तें उमर रदलियाहुअनहु तीन बेर उत्तर दोहरौलनि, जे सबटा ओ शब्दक संग कहलनि; 'हमरा हुनकासँ पूछबाक आवश्यकता नहि अछि ।' ' अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तेसर बेर के बाद अपन सवाल दोहराबैत नहि छलाह, ताहि लेल ओ पुछलखिन: 'जे व्यक्ति के अहाँ के कर्जा अछि ओकर हालत केहन अछि आ अहाँक खजूर सेहो?' कथाकार बजलाह; तेँ हम उत्तर देलियनि; अल्लाह सुभानाहु व ताला हुनका पर्याप्तता प्रदान केने छथि आ फलाना संख्या मे तिथि छोड़ि देने छथि | तखन हम अपन पत्नी लग घुरि गेलहुँ आ कहलियनि; 'की हम अहाँ के हमर घर मे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स गप्प करबा स मना नहि केने रही?' ओ जबाब देलनि; की अहाँ के लगैत अछि जे अल्लाह सुभनाहु व ता'ला अपन रसूलुल्लाह के हमर घर पर अनने छथि, फेर हमरा आ हमर पति के लेल समृद्धि के दुआ करय लेल कहने बिना चलि गेल छथि??
Imam Darimi : 46
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي حَكِيمٍ حَدَّثَنِي الْحَكَمُ بْنُ أَبَانَ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ إِنَّ اللَّهَ فَضَّلَ مُحَمَّدًا عَلَى الْأَنْبِيَاءِ وَعَلَى أَهْلِ السَّمَاءِ فَقَالُوا يَا ابْنَ عَبَّاسٍ بِمَ فَضَّلَهُ عَلَى أَهْلِ السَّمَاءِ قَالَ إِنَّ اللَّهَ قَالَ لِأَهْلِ السَّمَاءِ { وَمَنْ يَقُلْ مِنْهُمْ إِنِّي إِلَهٌ مِنْ دُونِهِ فَذَلِكَ نَجْزِيهِ جَهَنَّمَ كَذَلِكَ نَجْزِي الظَّالِمِينَ } الْآيَةَ وَقَالَ اللَّهُ لِمُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ { إِنَّا فَتَحْنَا لَكَ فَتْحًا مُبِينًا لِيَغْفِرَ لَكَ اللَّهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِكَ وَمَا تَأَخَّرَ } قَالُوا فَمَا فَضْلُهُ عَلَى الْأَنْبِيَاءِ قَالَ قَالَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ { وَمَا أَرْسَلْنَا مِنْ رَسُولٍ إِلَّا بِلِسَانِ قَوْمِهِ لِيُبَيِّنَ لَهُمْ } الْآيَةَ وَقَالَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ لِمُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ { وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا كَافَّةً لِلنَّاسِ } فَأَرْسَلَهُ إِلَى الْجِنِّ وَالْإِنْسِ
हमरा सब के कहलक अछि [इशक बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहलक अछि [यजीद बिन अबू हकीम] हमरा [अल हकम बिन आबन] के ['इकरीमा] स [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; 'सत्ते, अल्लाह सुभनाहु व ता'ला ने पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम क॑ अन्य पैगम्बरऽ स॑ आरू आकाश केरऽ निवासी स॑ प्राथमिकता देलकै । ' तखन ओ सभ पुछलनि : 'हे इब्न अब्बास, आकाशक निवासी सभ पर हुनका की प्राथमिकता देल गेलनि ?' इब्न अब्बास उत्तर देलनि; 'वास्तव में अल्लाह सुभनाहु व ता'आला आकाश के निवासी सब स कहने छैथ: इब्न अब्बास स कहने छैथ: वामन यकुल मिन्हूम इन्नी इलाहुन मिन दुनिहि फदज़लीजका नजज़िहि जहन्नामा कद्जलीका नजज़ी अझा-झालिमीन आ जे कियो कहै छैथ जे सचमुच हम अल्लाह सुभनाहु वा के अलावा दोसर देवता छी ता'ला, तखन हम ओहि व्यक्ति केँ जहनम सँ पुरस्कृत करब, एहि तरहेँ हम सभ गलती करयवला केँ प्रतिशोध दैत छी | -प्रश्न। अल अनबिया` /21: 29- और अल्लाह सुभनाहु व ताला तोहर भूत आ भविष्य के पाप के लेल आ अहाँ पर अपन बरकत पूरा करैत अछि आ अहाँ के सीधा रास्ता पर ल जाइत अछि | ` -प्रश्न। अल फतह /48: 1. 2- तखन ओ सभ पुछलनि, 'सब नबी पर हुनकर की श्रेष्ठता अछि?' बिन अब्बास जवाब देलखिन, 'सत्ते अल्लाह सुभनाहु व ताला कहने छथि, 'हम कोनो रसूलुल्लाह नहि पठौने छी, बल्कि हुनकर लोकक भाषा मे, जाहि सँ ओ हुनका सभ केँ स्पष्ट रूप सँ बुझा सकथि।' ` -प्रश्न। इब्राहिम /14: 4- आ अल्लाह सुभनाहु व तआला पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहलथिन्ह, ` आ हम अहाँ के नहि पठेने छी बल्कि सब मनुक्ख के एकटा खुशखबरी के वाहक आ चेतावनी देबय वाला के रूप में। ` -प्रश्न। जेना सब` 34: 28-, तखन हुनका जिन्न आ मनुक्ख लग पठा देल गेलनि।
Imam Darimi : 47
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الْمَجِيدِ حَدَّثَنَا زَمْعَةُ عَنْ سَلَمَةَ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ جَلَسَ نَاسٌ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَنْتَظِرُونَهُ فَخَرَجَ حَتَّى إِذَا دَنَا مِنْهُمْ سَمِعَهُمْ يَتَذَاكَرُونَ فَتَسَمَّعَ حَدِيثَهُمْ فَإِذَا بَعْضُهُمْ يَقُولُ عَجَبًا إِنَّ اللَّهَ اتَّخَذَ مِنْ خَلْقِهِ خَلِيلًا فَإِبْرَاهِيمُ خَلِيلُهُ وَقَالَ آخَرُ مَاذَا بِأَعْجَبَ مِنْ { وَكَلَّمَ اللَّهُ مُوسَى تَكْلِيمًا } وَقَالَ آخَرُ فَعِيسَى كَلِمَةُ اللَّهِ وَرُوحُهُ وَقَالَ آخَرُ وَآدَمُ اصْطَفَاهُ اللَّهُ فَخَرَجَ عَلَيْهِمْ فَسَلَّمَ وَقَالَ قَدْ سَمِعْتُ كَلَامَكُمْ وَعَجَبَكُمْ أَنَّ إِبْرَاهِيمَ خَلِيلُ اللَّهِ وَهُوَ كَذَلِكَ وَمُوسَى نَجِيُّهُ وَهُوَ كَذَلِكَ وَعِيسَى رُوحُهُ وَكَلِمَتُهُ وَهُوَ كَذَلِكَ وَآدَمُ اصْطَفَاهُ اللَّهُ تَعَالَى وَهُوَ كَذَلِكَ أَلَا وَأَنَا حَبِيبُ اللَّهِ وَلَا فَخْرَ وَأَنَا حَامِلُ لِوَاءِ الْحَمْدِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ تَحْتَهُ آدَمُ فَمَنْ دُونَهُ وَلَا فَخْرَ وَأَنَا أَوَّلُ شَافِعٍ وَأَوَّلُ مُشَفَّعٍ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا فَخْرَ وَأَنَا أَوَّلُ مَنْ يُحَرِّكُ بِحَلَقِ الْجَنَّةِ وَلَا فَخْرَ فَيَفْتَحُ اللَّهُ فَيُدْخِلُنِيهَا وَمَعِي فُقَرَاءُ الْمُؤْمِنِينَ وَلَا فَخْرَ وَأَنَا أَكْرَمُ الْأَوَّلِينَ وَالْآخِرِينَ عَلَى اللَّهِ وَلَا فَخْرَ
हमरा सब के कहलक अछि [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल मजीद] हमरा सब के [जमअह] के [सलाह] स [‘इक्रीमा] स [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी सब के लोग हुनकर इंतजार में बैसल छल। तखन ओ बाहर आबि गेलाह आ जखन ओ हुनका लोकनिक नजदीक छलाह तखन हुनका लोकनि केँ हुनकर नाम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहैत सुनलनि | तखन ओ हुनका लोकनिक गप्प ध्यान सँ सुनलनि, तखन एक गोटे कहलनि; 'ई बहुत आश्चर्य के बात छै कि अल्लाह सुभानाहु व ताला अपनऽ प्राणी क॑ अपनऽ करीबी दोस्त बनैलकै, आरू इब्राहिम अल्लाह सुभनाहु व ताला केरऽ करीबी दोस्त छेलै । दोसर कहलक; जे आयत स बेसी आश्चर्यजनक अछि, WA KALLAMA ALLAHU MUSA TAKLIIMAA आ अल्लाह नबी मूसा स सीधा बात केलथि -Qs. एक निसा`/4: 164- जखन कि दोसर लोकनि कहलनि; जखन कि ईसा अल्लाह सुभनाहु व ताला आ हुनकर आत्माक वचन छथि, दोसरो लोकनि सेहो कहलनि; जखन कि आदम के अल्लाह सुभानाहु व ताला द्वारा शुद्ध कयल गेल अछि | तखन ओ हुनका लोकनिक लग निकलि हुनका सभ केँ अभिवादन केलनि, फेर कहलनि: 'हम अहाँक गप्प सुनलहुँ आ आश्चर्यचकित छलहुँ जे इब्राहिम अल्लाह सुभनाहु व ता'ला केर घनिष्ठ मित्र छलाह, आ सचमुच ओ छलाह, मूसा ओ छलाह जिनका सँ हुनका सोझे बात कयल गेल छल आ सचमुच ओ छलाह, आ ईसा हुनकर आत्मा आ हुनकर वचन छलाह आ सचमुच ओ छलाह, आ आदम अल्लाह सुभनाहु व ता'ला हुनका चुनने छलाह आ।' सचमुच ओ छलाह, ई जानि लिअ जे हम हबीबुल्लाह छी - अल्लाह के प्रिय आदमी छी - आ कोनो अहंकार नहि अछि, हम कयामत के दिन स्तुति के ध्वज के वाहक छी जे आदम आ ओकर बाद पैगम्बर के ढोबैत छी आ कोनो अहंकार नै अछि, आ हम सबस पहिने कयामत के दिन देबय वाला छी आ बिनती के लेल छी आ कोनो अहंकार नै अछि, आ हम सबस पहिने के द्वार के रस्सी के हिलाबय वाला छी जन्नत आ कोनो अहंकार नै छै, तखन अल्लाह सुभनाहु व ताआला ओकर गेट खोलि हमरा भीतर घुसा देलक, हम मुसलमानक गरीबक संग प्रवेश केलहुं आ कोनो अहंकार नहि भेल, आ हम अल्लाह सुभानाहु व ताआला के नजरि में पूर्वक आ बाद वाला में सब सं बेसी इज्जतदार छी आ कोनो अहंकार नहिं अछि.'
Imam Darimi : 48
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ مَنْصُورِ بْنِ أَبِي الْأَسْوَدِ عَنْ لَيْثٍ عَنْ الرَّبِيعِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَا أَوَّلُهُمْ خُرُوجًا وَأَنَا قَائِدُهُمْ إِذَا وَفَدُوا وَأَنَا خَطِيبُهُمْ إِذَا أَنْصَتُوا وَأَنَا مُسْتَشْفِعُكُمْ إِذَا حُبِسُوا وَأَنَا مُبَشِّرُهُمْ إِذَا أَيِسُوا الْكَرَامَةُ وَالْمَفَاتِيحُ يَوْمَئِذٍ بِيَدِي وَأَنَا أَكْرَمُ وَلَدِ آدَمَ عَلَى رَبِّي يَطُوفُ عَلَيَّ أَلْفُ خَادِمٍ كَأَنَّهُمْ بَيْضٌ مَكْنُونٌ أَوْ لُؤْلُؤٌ مَنْثُورٌ
हमरा सब के [सैद बिन सुलेमान] के [मंसूर बिन अबी अल असवद] स [लैट्स] स [अर रबी’ बिन अनस] स [अनास] स रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'हम कयामत के दिन कब्र सं उठय वाला पहिल व्यक्ति छलहुं, हम हुनकर नेता छलहुं जखन ओ सब आयल छलाह, हम हुनकर प्रवक्ता छलहुं जखन ओ सब चुप छलाह, हम ओ व्यक्ति छलहुं जे हुनका सब के लेल बिनती मांगैत छलहुं जखन ओ सब फंसल छलाह -महस्यार के खेत में-, हम ओ व्यक्ति छलहुं जे हुनका सब के निराशा में खबर दैत छलहुं। ओहि दिनक महिमा आ चाभी हमर हाथ मे अछि, आ हम आदमक बेटा छी जे हमर प्रभुक नजरि मे सबसँ उदात्त अभिवादन अछि, हमरा बगल मे चारू कात हजार नौकर, जेना ओ सभ उज्जर गहना वा छिड़ियाएल मोती हो'।
Imam Darimi : 49
أخبرنا عبد الله بن عبد الحكم المصري حدثنا بكر بن مضر عن جعفر بن ربيعة عن صالح هو ابن عطاء بن خباب مولى بني الدئل عن عطاء بن أبي رباح عن جابر بن عبد الله أن النبي صلى الله عليه وسلم قال أنا قائد المرسلين ولا فخر وأنا خاتم النبيين ولا فخر وأنا أول شافع وأول مشفع ولا فخر
हमरा सब के बता देलक अछि [अब्दुल्लाह बिन अब्दुल हकम अल मिश्री] हमरा सब के [बकर बिन मुदलर] के [जफर बिन रबीअह] स [सालिह इब्न अथा` बिन खब्बब] स [अथा` बिन अबी रब्बह] स बनी अल दुइल स एकटा पूर्व दास [जबीर बिन अब्दुल्लाह] रादलियाहुअनहु स कहलक अछि जे पैगम्बर सल्लल्लाहुअल्लाहु स 'अलैहि वसल्लम।' कहलक: 'हम रसूलुल्लाह के नेता छी, आ कोनो अहंकार नहिं, हम नबी के आवरण छी आ कोनो अहंकार नहिं, हम पहिल व्यक्ति छी जे बिनती करब आ पहिल व्यक्ति छी जे बिनती करब आ कोनो अहंकार नहिं'.
Imam Darimi : 50
حدثنا محمد بن عباد حدثنا سفيان هو ابن عيينة عن ابن جدعان عن أنس أن النبي صلى الله عليه وسلم قال أنا أول من يأخذ بحلقة باب الجنة فأقعقعها قال أنس كأني أنظر إلى يد رسول الله صلى الله عليه وسلم يحركها وصف لنا سفيان كذا وجمع أبو عبد الله أصابعه وحركها قال وقال له ثابت مسست يد رسول الله صلى الله عليه وسلم بيدك قال نعم قال فأعطنيها أقبلها
हमरा सब के कहल गेल अछि [मुहम्मद बिन अब्बाद] हमरा सब के [सुफयान इब्न उयैनह] [इब्न जुदान] स [अनस] स कहने छथि जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: जाबिर बिन अब्दल्लाह स जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: हम सबस पहिने स्वर्ग के फाटक के रस्सी पकड़ने छलहुं आ हम हिललहुं ई। अनस बाजल; जेना हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हाथ ओकरा हिलाबैत देखलहुं, आ सूफियन -कथा- के सेहो जिक्र करैत, आ अबू अब्दुल्ला के हाथ पकड़ि क' हिलाबैत देखलहुं, कथावाचक कहलनि; थाबिट ओकरासँ पुछलकै; की अहाँ अपन हाथ स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हाथ पकड़ने छी? ओ उत्तर देलथिन; एतेक धरि जे ओ हमरा चुम्मा लेबय लेल अपन हाथ द’ देलक।
Imam Darimi : 51
أخبرنا أحمد بن عبد الله حدثنا حسين بن علي عن زائدة عن المختار بن فلفل عن أنس قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم أنا أول شافع في الجنة
हमरा सब के कहलक अछि [अहमद बिन अब्दुल्लाह] हमरा सब के [हुसैन बिन अली] के [जैदा] स [अल मुख्तार बिन फुलफुल] स [अनास] स कहलक अछि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, हम स्वर्ग मे पहिल व्यक्ति छी जे बिनती करैत छी। ' .
Imam Darimi : 52
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي يَزِيدُ هُوَ ابْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْهَادِ عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي عَمْرٍو عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنِّي لَأَوَّلُ النَّاسِ تَنْشَقُّ الْأَرْضُ عَنْ جُمْجُمَتِي يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا فَخْرَ وَأُعْطَى لِوَاءَ الْحَمْدِ وَلَا فَخْرَ وَأَنَا سَيِّدُ النَّاسِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا فَخْرَ وَأَنَا أَوَّلُ مَنْ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَلَا فَخْرَ وَآتِي بَابَ الْجَنَّةِ فَآخُذُ بِحَلْقَتِهَا فَيَقُولُونَ مَنْ هَذَا فَأَقُولُ أَنَا مُحَمَّدٌ فَيَفْتَحُونَ لِي فَأَدْخُلُ فَأَجِدُ الْجَبَّارَ مُسْتَقْبِلِي فَأَسْجُدُ لَهُ فَيَقُولُ ارْفَعْ رَأْسَكَ يَا مُحَمَّدُ وَتَكَلَّمْ يُسْمَعْ مِنْكَ وَقُلْ يُقْبَلْ مِنْكَ وَاشْفَعْ تُشَفَّعْ فَأَرْفَعُ رَأْسِي فَأَقُولُ أُمَّتِي أُمَّتِي يَا رَبِّ فَيَقُولُ اذْهَبْ إِلَى أُمَّتِكَ فَمَنْ وَجَدْتَ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالَ حَبَّةٍ مِنْ شَعِيرٍ مِنْ الْإِيمَانِ فَأَدْخِلْهُ الْجَنَّةَ فَأَذْهَبُ فَمَنْ وَجَدْتُ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالَ ذَلِكَ أَدْخَلْتُهُمْ الْجَنَّةَ فَأَجِدُ الْجَبَّارَ مُسْتَقْبِلِي فَأَسْجُدُ لَهُ فَيَقُولُ ارْفَعْ رَأْسَكَ يَا مُحَمَّدُ وَتَكَلَّمْ يُسْمَعْ مِنْكَ وَقُلْ يُقْبَلْ مِنْكَ وَاشْفَعْ تُشَفَّعْ فَأَرْفَعُ رَأْسِي فَأَقُولُ أُمَّتِي أُمَّتِي يَا رَبِّ فَيَقُولُ اذْهَبْ إِلَى أُمَّتِكَ فَمَنْ وَجَدْتَ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالَ حَبَّةٍ مِنْ خَرْدَلٍ مِنْ الْإِيمَانِ فَأَدْخِلْهُ الْجَنَّةَ فَأَذْهَبُ فَمَنْ وَجَدْتُ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالَ ذَلِكَ أَدْخَلْتُهُمْ الْجَنَّةَ وَفُرِغَ مِنْ حِسَابِ النَّاسِ وَأُدْخِلَ مَنْ بَقِيَ مِنْ أُمَّتِي فِي النَّارِ مَعَ أَهْلِ النَّارِ فَيَقُولُ أَهْلُ النَّارِ مَا أَغْنَى عَنْكُمْ أَنَّكُمْ كُنْتُمْ تَعْبُدُونَ اللَّهَ وَلَا تُشْرِكُونَ بِهِ شَيْئًا فَيَقُولُ الْجَبَّارُ فَبِعِزَّتِي لَأَعْتِقَنَّهُمْ مِنْ النَّارِ فَيُرْسِلُ إِلَيْهِمْ فَيَخْرُجُونَ مِنْ النَّارِ وَقَدْ امْتُحِشُوا فَيُدْخَلُونَ فِي نَهَرِ الْحَيَاةِ فَيَنْبُتُونَ فِيهِ كَمَا تَنْبُتُ الْحِبَّةُ فِي غُثَاءِ السَّيْلِ وَيُكْتَبُ بَيْنَ أَعْيُنِهِمْ هَؤُلَاءِ عُتَقَاءُ اللَّهِ فَيُذْهَبُ بِهِمْ فَيَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ فَيَقُولُ لَهُمْ أَهْلُ الْجَنَّةِ هَؤُلَاءِ الْجَهَنَّمِيُّونَ فَيَقُولُ الْجَبَّارُ بَلْ هَؤُلَاءِ عُتَقَاءُ الْجَبَّارِ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन सालिह] हमरा सब के कहलक अछि [अल लैट्स] हमरा [यजीद इब्नु अब्दुल्लाह बिन अल हद] के [`अमर बिन अबू `अमर] स [अनस बिन मलिक] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि; हम अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सुनलौं: 'सत्ते हम पहिल व्यक्ति छी जिनकर धरती क़यामत के दिन हमर महिमा के कारण फाटि जायत -बाद में- आ कोनो अहंकार नै होयत, हम पहिल व्यक्ति छी जे कयामत के दिन स्वर्ग में प्रवेश करब आ कोनो अहंकार नै होयत, आ हम स्वर्ग के दरवाजा के नजदीक आबि रस्सी पकड़ब, ओ सब - के पहरेदार स्वर्ग - पूछू जे ई व्यक्ति के अछि ? हम उत्तर देलियनि : हम मुहम्मद छी तखन ओ सभ हमरा लेल खोललनि, तखन हम प्रवेश केलहुँ आ हमरा सोझाँ सर्वशक्तिमान भेटल तेँ हम हुनका सजदा केलहुँ । तखन ओ कहलनि: हे मुहम्मद, माथ उठाउ आ बाजू आ अहाँक बात सुनल जायत, माँगू आ अहाँक आग्रह पूरा भ’ जायत, बिनती करू आ अहाँ बिनती क’ सकब। तेँ हम माथ उठबैत कहलियनि: हमर लोक, हमर लोक हे हमर प्रभु। ओ बजलाह: ‘अपन लोक लग जाउ आ जेकरा हृदय मे भेटत ओकरा गहूमक दाना जकाँ विश्वास छैक, हम ओकरा स्वर्ग मे अवश्य प्रवेश देब। तखन हम गेलहुँ आ जकरा सँ भेंट भेल ओकर हृदय बीयाक आकारक छलैक, ओकरा सभ केँ स्वर्ग मे राखि देलियैक। तखन हमरा आगू सर्वशक्तिमान भेटल, तेँ हम हुनका प्रणाम केलहुँ। ओ कहलनि: माथ उठा क’ बाजू आ अहाँक बात सुनल जायत आ कहू आ ओ सब सुनल जायत आ बिनती करत आ अहाँ बिनती क’ सकब। तेँ हम अपन माथ उठौलहुँ आ हम अपन लोक केँ कहलियनि, हे प्रभु, तखन ओ कहलनि, ‘अपन लोक लग जाउ, जे कियो गहूमक दाना केर आकारक विश्वासक हृदय मे भेटत, तखन ओकरा स्वर्ग मे जाय दियौक, तखन हम गेलहुँ आ जे कियो दाना केर आकारक विश्वासक हृदय मे भेटल, ओकरा स्वर्ग मे राखि देलियैक। 'सब मानव जाति के कर्म के गिनती समाप्त भेला के बाद, आ हमर लोक के शेष लोक के नरक के निवासी के संग नरक में फेंक देल गेलैन, नरक के निवासी सब कहलकै; अहाँक लेल ई कोनो काज नहि जे अहाँ अल्लाह सुभनाहु व ताला के इबादत करैत छलहुँ आ हुनका सँ कोनो जोड़ नहि करैत छलहुँ । तेँ सर्वशक्तिमान कहलथिन्ह : हमर महामहिम द्वारा हम हुनका सभ केँ नरकक आगि सँ मुक्त कऽ देबनि | तखन ओकरा सभ लग पठाओल गेल आ ओकरा सभ केँ नरक सँ बाहर निकालि क' भुजल, तखन ओकरा सभ केँ जीवनक नदी मे राखि देल गेलैक, तखन ओ सभ ओहिना बढ़ल जेना बीया बहैत फेन मे उगैत छैक, आ ओकरा सभक कपार पर लिखल छलैक; ओ सभ एहन लोक छथि जिनका अल्लाह सुभानाहु व ताआला मुक्त कएने छलाह | तखन हुनका सभ केँ लऽ कऽ स्वर्ग मे राखि देल गेलनि। तखन स्वर्गवासी हुनका सभ केँ कहलथिन। 'ई सभ नरकक निवासी छथि'। तेँ सर्वशक्तिमान कहलखिन- ‘अरे नहि, ओ सभ एहन लोक छथि जिनका सर्वशक्तिमान द्वारा मुक्त कयल गेल छलनि। ' .
Imam Darimi : 53
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي مُعَاوِيَةُ عَنْ يُونُسَ بْنِ مَيْسَرَةَ عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ الْخَوْلَانِيِّ عَنْ ابْنِ غَنْمٍ قَالَ نَزَلَ جِبْرِيلُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَشَقَّ بَطْنَهُ ثُمَّ قَالَ جِبْرِيلُ قَلْبٌ وَكِيعٌ فِيهِ أُذُنَانِ سَمِيعَتَانِ وَعَيْنَانِ بَصِيرَتَانِ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ الْمُقَفِّي الْحَاشِرُ خُلُقُكَ قَيِّمٌ وَلِسَانُكَ صَادِقٌ وَنَفْسُكَ مُطْمَئِنَّةٌ قَالَ أَبُو مُحَمَّد وَكِيعٌ يَعْنِي شَدِيدًا
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन सालिह] हमरा [मु`अवियाह] स [यूनुस बिन मैसाराह] स [अबू इदरीश अल खौलानी] स [इब्न घनम] स कहलक अछि ओ कहलनि; जिब्रिल अलैहिस सलामी अल्लाह के रसूलुल्लाह के पास उतरि गेल आ हुनकर पेट काटि लेलक, तखन जिब्रिल कहलखिन 'मजगूत दिल में दू टा कान होइत अछि जे सुन सकैत अछि आ दू टा आँखि जे देख सकैत अछि, मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम।' रसुलुल्लाह अल मुकफ्फा - महिमामंडित - आ अल हसीर - संग्रहकर्ता -, अहाँक नैतिकता उदात्त अछि, अहाँक जीह पर भरोसा कयल जा सकैत अछि आ अहाँक आत्मा शांत अछि | अबू मुहम्मद कहलनि जे वाकी' शब्दक अर्थ मजबूत अछि |
Imam Darimi : 54
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي مُعَاوِيَةُ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ رُوَيْمٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ قَيْسٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ أَدْرَكَ بِيَ الْأَجَلَ الْمَرْحُومَ وَاخْتَصَرَ لِيَ اخْتِصَارًا فَنَحْنُ الْآخِرُونَ وَنَحْنُ السَّابِقُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَإِنِّي قَائِلٌ قَوْلًا غَيْرَ فَخْرٍ إِبْرَاهِيمُ خَلِيلُ اللَّهِ وَمُوسَى صَفِيُّ اللَّهِ وَأَنَا حَبِيبُ اللَّهِ وَمَعِي لِوَاءُ الْحَمْدِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَإِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ وَعَدَنِي فِي أُمَّتِي وَأَجَارَهُمْ مِنْ ثَلَاثٍ لَا يَعُمُّهُمْ بِسَنَةٍ وَلَا يَسْتَأْصِلُهُمْ عَدُوٌّ وَلَا يَجْمَعُهُمْ عَلَى ضَلَالَةٍ
हमरा सब के रिपोर्ट भेल अछि [अब्दुल्लाह बिन सालिह] हमरा [मु`अवियाह] स [उर्वाह बिन रुवैम] स [अमर बिन कैस] स कहने छथि, रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'अल्लाह सुभानाहु व ता'ला हमरा हमर दयालु मृत्यु के अंत के जानकारी देलनि अछि आ ओ हमर उम्र छोट क देलनि। ' त' हम सभ अंतिम लोक छी मुदा कयामतक दिन अग्रदूत छी । हम एकटा बयान कहब आ माफ करब, ई कोनो अहंकार नहि, इब्राहिम अल्लाह सुभानाहु व ताला -खलीलुल्लाह- के घनिष्ठ मित्र छथि, मूसा अल्लाह सुभानाहु व तआला के पसंद छथि आ हम अल्लाह सुभानाहु व ताला के प्रेमी छी आ हमरा संग न्याय के दिन स्तुति के झंडा छी। सचमुच, अल्लाह सुभानाहु व ताला हमर लोक स वादा केने छथि आ तीन चीज स बचा लेने छथि; हुनका सभ पर कोनो भयंकर अकाल नहि आओत, शत्रु द्वारा छिड़ियाओत नहि आ गलती मे जमा नहि होयत।
Imam Darimi : 55
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُبَارَكِ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا أَرْطَاةُ بْنُ الْمُنْذِرِ عَنْ ضَمْرَةَ بْنِ حَبِيبٍ قَالَ سَمِعْتُ مَسْلَمَةَ السَّكُونِيَّ وَقَالَ غَيْرُ مُحَمَّدٍ سَلَمَةَ السَّكُونِيَّ قَالَ بَيْنَمَا نَحْنُ عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذْ قَالَ قَائِلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلْ أُتِيتَ بِطَعَامٍ مِنْ السَّمَاءِ قَالَ نَعَمْ أُتِيتُ بِطَعَامٍ قَالَ يَا نَبِيَّ اللَّهِ هَلْ كَانَ فِيهِ مِنْ فَضْلٍ قَالَ نَعَمْ قَالَ فَمَا فُعِلَ بِهِ قَالِ رُفِعَ إِلَى السَّمَاءِ وَقَدْ أُوحِيَ إِلَيَّ أَنِّي غَيْرُ لَابِثٍ فِيكُمْ إِلَّا قَلِيلًا ثُمَّ تَلْبَثُونَ حَتَّى تَقُولُوا مَتَى مَتَى ثُمَّ تَأْتُونِي أَفْنَادًا يُفْنِي بَعْضُكُمْ بَعْضًا بَيْنَ يَدَيْ السَّاعَةِ مُوتَانٌ شَدِيدٌ وَبَعْدَهُ سَنَوَاتُ الزَّلَازِلِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अल मुबारक] हमरा सब के कहने अछि [मुअवियाह बिन याह्या] हमरा सब के [अर्थह बिन अल मुंडजीर] के [द्लामराह बिन हबीब] स कहलक अछि जे हम मसलमाह अस सकुनी सुनने छी -मुहम्मद के अलावा जे किछु कहने छल ओकर अनुसार- [सलामह अस सकुनी] ओ कहलनि; जखन हम सब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग छलहुं त अचानक कियो कहलक; ' हे रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, की अहाँ के आकाश स भोजन देल गेल अछि ? ओ उत्तर देलनि: हँ, हमरा भोजन देल गेल। ओ फेर पुछलखिन; 'हे अल्लाह के पैगम्बर सुभानाहु व ताला, की एखनो कोनो भोजन बचल अछि?' ओ उत्तर देलखिन: 'हँ।' ' ओ फेर पुछलखिन, हुनका की भेलैन्ह ? ओ उत्तर देलथिन: ‘एकरा वापस स्वर्ग मे ल’ गेल गेल अछि, आ हमरा ई प्रगट कयल गेल अछि जे हम अहाँक संग बेसी दिन नहि रहब, तखन अहाँ ताबत धरि जीबैत रहब जाबत धरि अहाँ नहि कहब; 'किछु समय ? तखन अहाँ हमरा लग समूह मे आबि गेलहुँ जे एक दोसरा केँ नष्ट क' देलक, दुनियाँक अंत सँ पहिने भयंकर मृत्यु होयत, आ तकर बाद भूकंप सँ भरल वर्ष आओत।
Imam Darimi : 56
أَخْبَرَنَا عُثْمَانُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ التَّيْمِيُّ عَنْ أَبِي الْعَلَاءِ عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدُبٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُتِيَ بِقَصْعَةٍ مِنْ ثَرِيدٍ فَوُضِعَتْ بَيْنَ يَدَيْ الْقَوْمِ فَتَعَاقَبُوهَا إِلَى الظُّهْرِ مِنْ غُدْوَةٍ يَقُومُ قَوْمٌ وَيَجْلِسُ آخَرُونَ فَقَالَ رَجُلٌ لِسَمُرَةَ بْنِ جُنْدُبٍ أَمَا كَانَتْ تُمَدُّ فَقَالَ سَمُرَةُ مِنْ أَيِّ شَيْءٍ تَعْجَبُ مَا كَانَتْ تُمَدُّ إِلَّا مِنْ هَا هُنَا وَأَشَارَ بِيَدِهِ إِلَى السَّمَاءِ
[उस्मान बिन मुहम्मद] न॑ हमरा सब क॑ सूचित करल॑ छै कि [यजीद बिन हारून] न॑ हमरा सब क॑ सूचित करल॑ छै कि [सुलेमान अत तैमी] न॑ [समुरा बिन जुन्दुद] स॑ [अबू अल ‘अला`] स॑ हमरा सब क॑ सूचित करल॑ छै कि अल्लाह केरऽ रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वस्लाम क॑ एगो बड़ऽ कटोरा देलऽ गेलऽ छेलै जेकरा म॑ मांस के दलिया छेलै, तखनिये कटोरा क॑ लोगऽ के बीच म॑ रखलऽ गेलऽ छेलै, ई लेली वू बारी-बारी स॑ धुहर के नमाज करलकै दुपहरक भोजनक लेल कियो ठाढ़ आ किछु बैसल। आ कियो समुरा बिन जुंडाब केँ कहलक: की ई भोजन एखनहि ओतहि सँ आयल अछि? समुराह जबाब देलक: ‘अहाँ कोन बातसँ आश्चर्यचकित छी? ओतय सँ छोड़ि नहि आनल गेल छल,’ जखन कि ओ हाथ सँ आकाश दिस इशारा केलनि । ' .
Imam Darimi : 57
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَعِيدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ أَشْعَثَ بْنِ سَوَّارٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي لَيْلَةٍ إِضْحِيَانَ وَعَلَيْهِ حُلَّةٌ حَمْرَاءُ فَجَعَلْتُ أَنْظُرُ إِلَيْهِ وَإِلَى الْقَمَرِ قَالَ فَلَهُوَ كَانَ أَحْسَنَ فِي عَيْنِي مِنْ الْقَمَرِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन सईद] हमरा सब के [अब्दुर रहमान बिन मुहम्मद] के [एश अतस बिन शावर] स [अबू इशक] स [जाबिर बिन समुरा] स कहलक अछि ओ कहलनि; हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पूर्णिमा के राति में देखलहुं आ ओ लाल कपड़ा पहिरने छलाह, तखन हम -वैकल्पिक रूप सं- हुनका दिस तकलहुं आ चान दिस तकलहुं।
Imam Darimi : 58
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي ثَابِتٍ الزُّهْرِيُّ حَدَّثَنِي إِسْمَعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ ابْنُ أَخِي مُوسَى عَنْ عَمِّهِ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ عَنْ كُرَيْبٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَفْلَجَ الثَّنِيَّتَيْنِ إِذَا تَكَلَّمَ رُئِيَ كَالنُّورِ يَخْرُجُ مِنْ بَيْنِ ثَنَايَاهُ
हमरा सब के कहलक अछि [इब्राहिम बिन अल मुंडिर] हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल अजीज बिन अबू थाबीत अज़ जुहरी] हमरा [इस्माइल बिन इब्राहिम] - हमर भाई के बेटा, मूसा - के अपन चाचा [मूसा बिन उकबाह] स [कुरैब] स [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कटार ढीला छलनि, जखन ओ बजैत छलाह त लगैत छल जेना हुनकर दुनू चीरा के बीच स इजोत निकलैत छल |
Imam Darimi : 59
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا مِسْعَرٌ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ قَالَ قَالَ ابْنُ عُمَرَ مَا رَأَيْتُ أَحَدًا أَنْجَدَ وَلَا أَجْوَدَ وَلَا أَشْجَعَ وَلَا أَضْوَأَ وَأَوْضَأَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमरा सब के कहलक अछि [महमूद बिन घैलन] हमरा सब के कहलक अछि [यजीद बिन हारून] हमरा सब के [मिस'अर] के [अब्दुल मलिक बिन उमैर] स कहलक अछि ओ कहलनि; [इब्न उमर] कहलनि; हम कहियो एहन व्यक्ति नहि देखलहुँ जे रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ बेसी जल्दी लड़य मे, साफ-सुथरा, बहादुर, आ उज्ज्वल हो।
Imam Darimi : 60
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ الْحِزَامِيُّ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَ قُلْتُ لِلرُّبَيِّعِ بِنْتِ مُعَوِّذِ بْنِ عَفْرَاءَ صِفِي لَنَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ يَا بُنَيَّ لَوْ رَأَيْتَهُ رَأَيْتَ الشَّمْسَ طَالِعَةً
हमरा सब के कहलक अछि [इब्राहिम बिन अल मुंडजिर अल हिजामी] हमरा सब के कहलक अछि [उबैदुल्लाह बिन मूसा] हमरा सब के [उसामा बिन जैद] के [अबू उबैदाह बिन मुहम्मद बिन अम्मर बिन यासिर] स कहलक अछि ओ कहलनि; हम [अर रुबाई' बिंत मुअवविद्ज बिन 'अफ्रा`] केँ कहलियनि; कृपया, हमरा बुझाउ, -कोना- रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, तखन ओ कहलनि; हे हमर बच्चा, जँ देखितहुँ तऽ जेना सूर्य उगैत देखलहुँ ।