Imam Darimi : 21
حَدَّثَنَا فَرْوَةُ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ أَبِي ثَوْرٍ الْهَمْدَانِيُّ عَنْ إِسْمَعِيلَ السُّدِّيِّ عَنْ عَبَّادٍ أَبِي يَزِيدَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ قَالَ كُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَكَّةَ فَخَرَجْنَا مَعَهُ فِي بَعْضِ نَوَاحِيهَا فَمَرَرْنَا بَيْنَ الْجِبَالِ وَالشَّجَرِ فَلَمْ نَمُرَّ بِشَجَرَةٍ وَلَا جَبَلٍ إِلَّا قَالَ السَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ
हमरा सब के कहलक अछि [फरवाह] हमरा सब के बता देने अछि [अल वलीद बिन अबू त्साउर अल हमदानी] स [इस्माइल अस सुद्दी] स [अब्बाद बिन अबू यजीद] स [अली बिन अबू तालिब] रदलियाल्लाहुअनहु स ओ कहलनि; हम मक्का में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ थे। तखन हम सभ हुनका संग बाहर निकललहुँ आ एकोटा गाछ वा पहाड़ीसँ नहि गुजरलहुँ मुदा ओ कहलनि; असलामु 'अलाईका या रसूलुल्लाह -सुरक्षा सदिखन अहाँ पर अछि, हे रसुलुल्लाह-।
Imam Darimi : 22
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شِمْرِ بْنِ عَطِيَّةَ عَنْ رَجُلٍ مِنْ مُزَيْنَةَ أَوْ جُهَيْنَةَ قَالَ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْفَجْرَ فَإِذَا هُوَ بِقَرِيبٍ مِنْ مِائَةِ ذِئْبٍ قَدْ أَقْعَيْنَ وُفُودُ الذِّئَابِ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَرْضَخُوا لَهُمْ شَيْئًا مِنْ طَعَامِكُمْ وَتَأْمَنُونَ عَلَى مَا سِوَى ذَلِكَ فَشَكَوْا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْحَاجَةَ قَالَ فَآذِنُوهُنَّ قَالَ فَآذَنُوهُنَّ فَخَرَجْنَ وَلَهُنَّ عُوَاءٌ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन यूसुफ] हमरा सब के [सुफयान] के [अल अ'मासी] स [सिमर बिन अथियाह] स [ककरो] मुजैना या जुहैना स कहलक अछि ओ कहलनि; भोर में नमाज पढ़ैत रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सौ भेड़िया के पास निकलल, जे सब पहिने स कूद-फान क रहल छल। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मात्र हुनका लोकनि केँ - साथी लोकनि सँ कहलनि - ' कृपया, अपन भोजनक कनि-मनि हुनका लोकनिक झुंड - भेड़िया मे फेकि दियौक - तखन अहाँक बाकी भोजन सुरक्षित भ' जायत। ' तखन ओ सब अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स एकटा जरूरत के शिकायत केलनि। नबी इहो कहलनि जे भेड़ियाधसान केँ कहि दियौक। तेँ संगी सभ भेड़ियाधसानक झुंड केँ कहलक जे ओकरा सभ केँ एकटा आवश्यकता छैक आ ओकरा सभ केँ ओहि ठाम सँ गुजरय पड़तैक। भेड़ियाक झुंड स्वतः एकटा हुंकारक संग चलि गेल।
Imam Darimi : 23
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي سُفْيَانَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ جَاءَ جِبْرِيلُ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ جَالِسٌ حَزِينٌ وَقَدْ تَخَضَّبَ بِالدَّمِ مِنْ فِعْلِ أَهْلِ مَكَّةَ مِنْ قُرَيْشٍ فَقَالَ جِبْرِيلُ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلْ تُحِبُّ أَنْ أُرِيَكَ آيَةً قَالَ نَعَمْ فَنَظَرَ إِلَى شَجَرَةٍ مِنْ وَرَائِهِ فَقَالَ ادْعُ بِهَا فَدَعَا بِهَا فَجَاءَتْ وَقَامَتْ بَيْنَ يَدَيْهِ فَقَالَ مُرْهَا فَلْتَرْجِعْ فَأَمَرَهَا فَرَجَعَتْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَسْبِي حَسْبِي
हमरा सब के कहलक अछि [इशाक बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहलक अछि [अबू मुअवियाह] हमरा सब के [अबू सुफियान] स [अनस बिन मलिक] स [अल अ'मासी] कहलक अछि ओ कहलनि; जिब्रिल रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास तखन आयल छलाह जखन ओ मक्का में कुरैश काफिर के इलाज के कारण खून स लथपथ उदास भ बैसल छलाह, तखन जिब्रिल कहलखिन: हे रसुलुल्लाह, की अहाँ चाहैत छी जे हम अहाँ के सुभानाहु वा ताअला के शक्ति के निशानी देखाबी? नबी जवाब देलखिन: 'हँ': तखन हुनका पाछू एकटा गाछ देखलनि, जिब्रिल कहलनि: गाछ के बजाउ, त ओ हुनका बजौलनि आ गाछ आबि क' हुनका सोझाँ ठाढ़ भ' गेलनि, तखन जिब्रिल कहलनि: 'ओकरा घुरबाक आदेश दियौक'। अस्तु, ओ हुनका घुरबाक आदेश देलनि आ गाछ घुरि गेल - अपन मूल स्थान पर - अल्लाहक रसूलुल्लाह कहलनि: एतबे काफी।
Imam Darimi : 24
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ وَأَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي ظَبْيَانَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ أَتَى رَجُلٌ مِنْ بَنِي عَامِرٍ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَا أُرِيكَ آيَةً قَالَ بَلَى قَالَ فَاذْهَبْ فَادْعُ تِلْكَ النَّخْلَةَ فَدَعَاهَا فَجَاءَتْ تَنْقُزُ بَيْنَ يَدَيْهِ قَالَ قُلْ لَهَا تَرْجِعْ قَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ارْجِعِي فَرَجَعَتْ حَتَّى عَادَتْ إِلَى مَكَانِهَا فَقَالَ يَا بَنِي عَامِرٍ مَا رَأَيْتُ رَجُلًا كَالْيَوْمِ أَسْحَرَ مِنْهُ
हमरा सब के सूचित केलक अछि [इशक बिन इब्राहिम] हमरा सब के [जरीर] आ [अबू मुअवियाह] स [अल अमासी] स [अबू झाबियन] स [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहु' अनहु स जानकारी देलक अछि ओ कहलनि; बनी अमीर स कियो रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम लग आयल, तखन रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसलम कहलक; की अहाँ चाहब जे हम अहाँ के कोनो निशानी देखाबी - अल्लाह सुभानाहु व ताला के महानता - ओ जवाब देलखिन: हाँ! प्रेरित कहलखिन: जाउ खजूर के गाछ के बजाउ, तखन ओ ओकरा बजा लेलक आ खजूर ओकरा सामने कूदैत आबि गेलै, तखन ओ आदमी कहलकै; ओकरा वापस आबय लेल कहू, तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम गाछ स कहलखिन: वापस आबि जाउ, फेर गाछ वापस आबि गेल जाबत ओ अपन जगह पर नहि पहुंच गेल, व्यक्ति बजौलक; हे अमीरक सन्तान, हम एकोटा एहन आदमी नहि देखलहुँ जे हुनका सँ बेसी जादू-टोना मे निपुण हो ।
Imam Darimi : 25
أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ صَفْوَانَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَبِي الضُّحَى عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ دَعَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِلَالًا فَطَلَبَ بِلَالٌ الْمَاءَ ثُمَّ جَاءَ فَقَالَ لَا وَاللَّهِ مَا وَجَدْتُ الْمَاءَ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَهَلْ مِنْ شَنٍّ فَأَتَاهُ بِشَنٍّ فَبَسَطَ كَفَّيْهِ فِيهِ فَانْبَعَثَتْ تَحْتَ يَدَيْهِ عَيْنٌ قَالَ فَكَانَ ابْنُ مَسْعُودٍ يَشْرَبُ وَغَيْرُهُ يَتَوَضَّأُ
हमरा सब के कहलक अछि [इस्माइल बिन इब्राहिम] हमरा सब के [शुआइब बिन शफवान] के ['अथा` बिन अस सा`इब] स [अबू अल द्लुहा] स [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बिलाल के फोन केलनि, आ बिलाल पानि तकलनि तखन आबि कहलनि; नै, अल्लाह सुभानाहु व तआला के द्वारा हम पानिक मध्यस्थता नै करैत छी, तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पुछलखिन: की अहाँ लग पानिक बर्तन अछि?, तखन ओ -बिलाल- हुनका पानिक बर्तन देलखिन आ ओ ओहि पात्र में हाथ पसारि देलखिन, तखन पानि हुनकर हथेली स बहैत छल, कथावाचक कहलनि; इब्न मसूद आ अन्य लोकनि सेहो पीबैत छलाह आ वजूद केलनि -पानि सँ- |
Imam Darimi : 26
أَخْبَرَنَا أَبُو النُّعْمَانَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ الْأَسْوَدِ بْنِ قَيْسٍ عَنْ نُبَيْحٍ الْعَنَزِيِّ قَالَ قَالَ جَابِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ غَزَوْنَا أَوْ سَافَرْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَنَحْنُ يَوْمَئِذٍ بِضْعَةَ عَشَرَ وَمِائَتَانِ فَحَضَرَتْ الصَّلَاةُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلْ فِي الْقَوْمِ مِنْ طَهُورٍ فَجَاءَ رَجُلٌ يَسْعَى بِإِدَاوَةٍ فِيهَا شَيْءٌ مِنْ مَاءٍ لَيْسَ فِي الْقَوْمِ مَاءٌ غَيْرُهُ فَصَبَّهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي قَدَحٍ ثُمَّ تَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ ثُمَّ انْصَرَفَ وَتَرَكَ الْقَدَحَ فَرَكِبَ النَّاسُ ذَلِكَ الْقَدَحَ وَقَالُوا تَمَسَّحُوا تَمَسَّحُوا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى رِسْلِكُمْ حِينَ سَمِعَهُمْ يَقُولُونَ ذَلِكَ فَوَضَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَفَّهُ فِي الْمَاءِ وَالْقَدَحِ وَقَالَ بِسْمِ اللَّهِ ثُمَّ قَالَ أَسْبِغُوا الطُّهُورَ فَوَالَّذِي هُوَ ابْتَلَانِي بِبَصَرِي لَقَدْ رَأَيْتُ الْعُيُونَ عُيُونَ الْمَاءِ تَخْرُجُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ فَلَمْ يَرْفَعْهَا حَتَّى تَوَضَّئُوا أَجْمَعُونَ
हमरा सब के कहलक अछि [अबू अन नु'मान] हमरा सब के [अबू अवानाह] के [अल असवद बिन कैस] स [नुबैह अल अनाजी] स कहलक अछि ओ कहलनि; [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] कहलनि; हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ लड़ने या यात्रा की है | ओहि दिन हम दू सय छलहुँ। तखन प्रार्थनाक समय आबि गेल। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पुछलखिन: की सब शुद्ध अछि? तखने कियो पानि भरल चमड़ाक जेरी कैन ल' क' आयल, आ ओहि पानि छोड़ि आओर पानि नहि छल. तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह एकरा एकटा पैघ बर्तन में ढारि देलखिन, फेर ओ सबस नीक वज़ूद के संग वजूद केलनि, फेर ओ बर्तन स मुँह घुमा लेलनि। तेँ लोक सभ दौड़ल-दौड़ल बर्तन दिस बढ़ि कऽ कहलक जे; 'अहाँकेँ बस रगड़' पड़त।' ' तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'माफ करब, हमरा एकटा रास्ता दिअ'। प्रेरित ई बात तखन कहलनि जखन ओ हुनका सभ केँ ऊपर बजैत सुनलनि। आगू रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपन हाथक हथेली पानि मे राखि कहलनि: अल्लाह सुभानाहु व ताला के नाम पर तखन ओ कहलनि: अपन वज़ूद पूरा करू। -जाबिर रदलियाल्लाहुअनहु- कहलनि; जे हमर दृष्टि केँ अस्पष्ट नहि करैत छथि, हुनका द्वारा हम स्पष्ट रूप सँ देखलहुँ जे हुनकर आँगुर सँ पानि निकलैत छल आ ओ ताबत धरि हाथ नहि उठौलनि जाबत धरि सब वजूद नहि क' लेने छल।
Imam Darimi : 27
أَخْبَرَنَا أَبُو الْوَلِيدِ الطَّيَالِسِيُّ وَسَعِيدُ بْنُ الرَّبِيعِ قَالَا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ وَحُصَيْنٍ سَمِعَا سَالِمَ بْنَ أَبِي الْجَعْدِ يَقُولُ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَصَابَنَا عَطَشٌ فَجَهَشْنَا فَانْتَهَيْنَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَوَضَعَ يَدَهُ فِي تَوْرٍ فَجَعَلَ يَفُورُ كَأَنَّهُ عُيُونٌ مِنْ خَلَلِ أَصَابِعِهِ وَقَالَ اذْكُرُوا اسْمَ اللَّهِ فَشَرِبْنَا حَتَّى وَسِعَنَا وَكَفَانَا وَفِي حَدِيثِ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ فَقُلْنَا لِجَابِرٍ كَمْ كُنْتُمْ قَالَ كُنَّا أَلْفًا وَخَمْسَ مِائَةٍ وَلَوْ كُنَّا مِائَةَ أَلْفٍ لَكَفَانَا
हमरा लोकनि कें ई खबरि आयल अछि जे [अबू अल वालिद अल थयालित्सी] आ [सैद बिन अर रबी’] दुनू गोटे कहलनि; हमरा सभ केँ [स्यूबाह] केँ [अमर बिन मुर्राह] सँ कहने छथि आ [हुशैन] दुनू गोटे [सलीम बिन अबू जा'द] केँ कहैत सुनने छलाह; हम सुनलहुँ [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअनहु केँ कहैत; हमरा लोकनि केँ बहुत प्यास लागल आ हम सभ जल्दी-जल्दी रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग पहुँचलहुँ, तखन ओ अपन हाथ घैल मे राखि देलनि आ हुनकर आँगुर सँ पानि झरना जकाँ बाहर निकलि गेलनि, आ ओ कहलनि: अल्लाह सुभानाहु वा तआला केर नाम कहू - तेँ हम सभ अल्लाह सुभानाहु व तआला केर नाम सेहो कहलहुँ - आ हम सभ ता धरि पीलहुँ जा धरि हम सभ पेट नहि भरि गेलहुँ आ पर्याप्त नहि भ' गेलहुँ। अमरू बिन मुर्रा के हदीस में हम जाबिर रदलियाल्लाहुअनहु स पूछने रही; अहाँ मे सँ कतेक गोटे - ओहि समय मे -? ओ उत्तर देलनि; हम सभ पनरह सय छलहुँ, भले हम सभ - ओहि समय मे - एक लाख रहितहुँ, मुदा हमरा सभक लेल ओतेक पानि रहैत।
Imam Darimi : 28
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الرَّقَاشِيُّ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ سُلَيْمَانَ حَدَّثَنَا الْجَعْدُ أَبُو عُثْمَانَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ حَدَّثَنَا جَابِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ شَكَا أَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْعَطَشَ فَدَعَا بِعُسٍّ فَصُبَّ فِيهِ مَاءٌ وَوَضَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَهُ فِيهِ قَالَ فَجَعَلْتُ أَنْظُرُ إِلَى الْمَاءِ يَنْبُعُ عُيُونًا مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالنَّاسُ يَسْتَقُونَ حَتَّى اسْتَقَى النَّاسُ كُلُّهُمْ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह अर रक्कासी] हमरा सब के कहलक अछि [जा'फर बिन सुलेमान] हमरा सब के कहलक अछि [अल जादु अबू उस्मान] हमरा सब के कहलक अछि [अनस बिन मलिक] रदलियाल्लाहुअनहु हमरा सब के कहलक अछि [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाहुअनहु ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी सब हुनका स प्यास के शिकायत केलनि - जे हुनका सब के लागल - तखन ओ एकटा पैघ बर्तन मंगलनि आ ओहि में पानि बांटलनि आ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपन हाथ ओहि बर्तन में राखि देलनि। कथाकार बजलाह; हम देखलहुं जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आँगुर स पानिक झरना झरैत छल, लोक एकरा पीबय लेल ल गेल छल जाहि स सब एकरा स पी सकथि।
Imam Darimi : 29
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ سَمِعَ عَبْدُ اللَّهِ بِخَسْفٍ فَقَالَ كُنَّا أَصْحَابَ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعُدُّ الْآيَاتِ بَرَكَةً وَأَنْتُمْ تَعُدُّونَهَا تَخْوِيفًا إِنَّا بَيْنَمَا نَحْنُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَيْسَ مَعَنَا مَاءٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اطْلُبُوا مَنْ مَعَهُ فَضْلُ مَاءٍ فَأُتِيَ بِمَاءٍ فَصَبَّهُ فِي الْإِنَاءِ ثُمَّ وَضَعَ كَفَّهُ فِيهِ فَجَعَلَ الْمَاءُ يَخْرُجُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ ثُمَّ قَالَ حَيَّ عَلَى الطَّهُورِ الْمُبَارَكِ وَالْبَرَكَةُ مِنْ اللَّهِ تَعَالَى فَشَرِبْنَا و قَالَ عَبْدُ اللَّهِ كُنَّا نَسْمَعُ تَسْبِيحَ الطَّعَامِ وَهُوَ يُؤْكَلُ
हमरा सब के [उबैदुल्लाह बिन मूसा] के [इजराइल] स [मंसूर] स [इब्राहिम] स [अलकामा] स [अब्दुल्लाह] स रिपोर्ट केलाक बाद ओ कहलनि; अब्दुल्ला चंद्रग्रहणक विषय मे सुनलनि, तखन कहलनि; हम, पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दोस्त, निशान - अल्लाह सुभानाहु व तआला के शक्ति के - के बरकत मानैत छी जखन कि अहाँ ओकरा किछु भयावह मानैत छी | सचमुच, जखन हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग छलहुं तखन हमरा सब लग पानि नहि छल। तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलथिन्ह जे जिनका पास अतिरिक्त पानि अछि हुनका स पूछू। ' तखन एकरा अल्लाह केर रसूलुल्लाह (स.अ.व.) लग आनल गेल आ ओ एकरा एकटा बर्तन मे ढारि देलक, ओ अपन हाथक हथेली ओकरा मे राखि देलक, आ नबी (स.अ.व.) केर आँगुर सँ पानि निकलि गेल आ ओ चिचिया उठल: जल्दी आऊ आ अपना केँ साफ करू, जे बरकत सँ भरल अछि, आ ओ बरकत अपन अछि केवल अल्लाह सुभानाहु व ताला के, तखन हम सब पीलहुं। अब्दुल्ला कहलनि; पहिने तऽ भोजनक प्रार्थना तक सुनैत छलहुँ जखन ओ खाइत छल ।
Imam Darimi : 30
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا أَبُو الْجَوَّابِ عَنْ عَمَّارِ بْنِ رُزَيْقٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ زُلْزِلَتْ الْأَرْضُ عَلَى عَهْدِ عَبْدِ اللَّهِ فَأُخْبِرَ بِذَلِكَ فَقَالَ إِنَّا كُنَّا أَصْحَابَ مُحَمَّدٍ نَرَى الْآيَاتِ بَرَكَاتٍ وَأَنْتُمْ تَرَوْنَهَا تَخْوِيفًا بَيْنَا نَحْنُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ إِذْ حَضَرَتْ الصَّلَاةُ وَلَيْسَ مَعَنَا مَاءٌ إِلَّا يَسِيرٌ فَدَعَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَاءٍ فِي صَحْفَةٍ وَوَضَعَ كَفَّهُ فِيهِ فَجَعَلَ الْمَاءُ يَنْبَجِسُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ ثُمَّ نَادَى حَيَّ عَلَى الْوَضُوءِ وَالْبَرَكَةُ مِنْ اللَّهِ فَأَقْبَلَ النَّاسُ فَتَوَضَّئُوا وَجَعَلْتُ لَا هَمَّ لِي إِلَّا مَا أُدْخِلُهُ بَطْنِي لِقَوْلِهِ وَالْبَرَكَةُ مِنْ اللَّهِ فَحَدَّثْتُ بِهِ سَالِمَ بْنَ أَبِي الْجَعْدِ فَقَالَ كَانُوا خَمْسَ عَشْرَةَ مِائَةٍ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन नुमैर] हमरा सब के [अबू अल जवाब] स [अमर बिन रुजैक] स [अल अ'मासी] स [इब्राहिम] स [अलकामा] स [अब्दुल्लाह] स कहलक अछि ओ कहलनि; अब्दुल्ला के समय में भूकंप आयल छल आ एहि घटना के सूचना अब्दुल्ला के देल गेल आ ओ कहलनि : हम मित्र लोकनि संकेत - अल्लाह सुभानाहु व ताला के महानता - के बरकत मानैत छी, जखन कि अहाँ सब ओकरा भयावह चीज मानैत छी | एक बेर जखन हम सब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग यात्रा पर छलहुं त अचानक नमाज के समय आबि गेल, जखन कि हम सब कनिको छोड़ि पानि नहि अनलहुं। तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एकटा पैघ बर्तन मे पानि मंगलनि, आ ओ ओहि पर अपन हाथक हथेली राखि देलनि। आश्चर्यक बात ई जे ओकर आँगुरक बीच सँ पानि निकलि गेलै आ तखन ओ चिचिया उठल : 'हाय, एतय आऊ अल्लाह सुभनाहु व ताला सँ वज़ूदक पानि आ बरकत लेब' । तेँ सब कियो वजूद ल' रहल छल जखन कि हमरा कोनो इच्छा नहि छल सिवाय एहि बातक जे हम बस एकरा पीब' चाहैत छलहुँ आ पानि पेट मे राखि देब किएक त' ओ कहने छलाह: अल्लाह सँ बरकत। हम ई घटना [सलीम बिन अबू अल जा'द] केँ कहलियनि, तें ओ कहलनि; ओ सभ -ओहि समय मे- पन्द्रह गोटेक संख्या मे छलाह |
Imam Darimi : 31
أَخْبَرَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ أَخْبَرَنَا مُعَاذُ بْنُ الْعَلَاءِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَخْطُبُ إِلَى جِذْعٍ فَلَمَّا اتَّخَذَ الْمِنْبَرَ حَنَّ الْجِذْعُ حَتَّى أَتَاهُ فَمَسَحَهُ
हमरा सब के [उस्मान बिन उमर] के रिपोर्ट हमरा सब के [मुअदज बिन अल अला`] के [नफी’] स [इब्न उमर] स रिपोर्ट कयल गेल अछि शुरू में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमेशा लकड़ी के टुकड़ा पर झुकि क उपदेश दैत छलाह | मंचक प्रयोग केलाक बाद -आ लकड़ीक उपयोग नहि भेल-, लकड़ी कुहरैत छल तेँ ओ ओकरा सहला देलक ।
Imam Darimi : 32
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنَا تَمِيمُ بْنُ عَبْدِ الْمُؤْمِنِ حَدَّثَنَا صَالِحُ بْنُ حَيَّانَ حَدَّثَنِي ابْنُ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَطَبَ قَامَ فَأَطَالَ الْقِيَامَ فَكَانَ يَشُقُّ عَلَيْهِ قِيَامُهُ فَأُتِيَ بِجِذْعِ نَخْلَةٍ فَحُفِرَ لَهُ وَأُقِيمَ إِلَى جَنْبِهِ قَائِمًا لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَطَبَ فَطَالَ الْقِيَامُ عَلَيْهِ اسْتَنَدَ إِلَيْهِ فَاتَّكَأَ عَلَيْهِ فَبَصُرَ بِهِ رَجُلٌ كَانَ وَرَدَ الْمَدِينَةَ فَرَآهُ قَائِمًا إِلَى جَنْبِ ذَلِكَ الْجِذْعِ فَقَالَ لِمَنْ يَلِيهِ مِنْ النَّاسِ لَوْ أَعْلَمُ أَنَّ مُحَمَّدًا يَحْمَدُنِي فِي شَيْءٍ يَرْفُقُ بِهِ لَصَنَعْتُ لَهُ مَجْلِسًا يَقُومُ عَلَيْهِ فَإِنْ شَاءَ جَلَسَ مَا شَاءَ وَإِنْ شَاءَ قَامَ فَبَلَغَ ذَلِكَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ ائْتُونِي بِهِ فَأَتَوْهُ بِهِ فَأُمِرَ أَنْ يَصْنَعَ لَهُ هَذِهِ الْمَرَاقِيَ الثَّلَاثَ أَوْ الْأَرْبَعَ هِيَ الْآنَ فِي مِنْبَرِ الْمَدِينَةِ فَوَجَدَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي ذَلِكَ رَاحَةً فَلَمَّا فَارَقَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْجِذْعَ وَعَمَدَ إِلَى هَذِهِ الَّتِي صُنِعَتْ لَهُ جَزِعَ الْجِذْعُ فَحَنَّ كَمَا تَحِنُّ النَّاقَةُ حِينَ فَارَقَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَزَعَمَ ابْنُ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ سَمِعَ حَنِينَ الْجِذْعِ رَجَعَ إِلَيْهِ فَوَضَعَ يَدَهُ عَلَيْهِ وَقَالَ اخْتَرْ أَنْ أَغْرِسَكَ فِي الْمَكَانِ الَّذِي كُنْتَ فِيهِ فَتَكُونَ كَمَا كُنْتَ وَإِنْ شِئْتَ أَنْ أَغْرِسَكَ فِي الْجَنَّةِ فَتَشْرَبَ مِنْ أَنْهَارِهَا وَعُيُونِهَا فَيَحْسُنُ نَبْتُكَ وَتُثْمِرُ فَيَأْكُلَ أَوْلِيَاءُ اللَّهِ مِنْ ثَمَرَتِكَ وَنَخْلِكَ فَعَلْتُ فَزَعَمَ أَنَّهُ سَمِعَ مِنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَقُولُ لَهُ نَعَمْ قَدْ فَعَلْتُ مَرَّتَيْنِ فَسُئِلَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ اخْتَارَ أَنْ أَغْرِسَهُ فِي الْجَنَّةِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन हुमैद] हमरा सब के कहलक अछि [तमीम बिन अब्दुल मुकमीन] हमरा सब के कहलक अछि [सालिह बिन हय्यान] हमरा [इब्नु बुराइदा] के [अपन पिता] स कहलक अछि ओ कहलनि; शुरू में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ठाढ़ रहैत प्रचार करैत छलाह, आ ओ बहुत दिन धरि ठाढ़ रहैत छलाह | तेँ हुनका लेल ई बहुत बोझिल छलनि। तखन खजूरक पत्ता अनलनि, जमीन सँ पोखरि बनौलनि, आ खजूरक गाछ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केर बगल मे लगा देलनि जाहि सँ ठाढ़ रहला पर एकर उपयोग क' सकथि | जँ भविष्यवक्ता बहुत दिन धरि प्रचार करैत छलाह आ ठाढ़ रहैत छलाह तँ खजूर पर झुकि जाइत छलाह | एकटा आदमी जे एखनहि मदीना आयल छल, ई घटना देखलक, खजूरक गाछक बगल मे ठाढ़ छल। तेँ ओ आदमी अपन चिन्ता अपन आसपासक लोक धरि पहुँचा देलक; 'जँ हमरा बुझल रहैत जे मुहम्मद हमरा अपन बोझ हल्लुक करबाक लेल किछु करबाक प्रशंसा करताह त' हम हुनका एकटा एहन सीट बना दैतहुँ जाहि पर ओ ठाढ़ भ' सकैत छलाह, जँ हुनका नीक लागय त' बैसि सकैत छथि आ जँ हुनका नीक लागय त' ओ ओहि ठाम ठाढ़ भ' सकैत छलाह.' ' तखन ई मामला अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास पहुंचा देल गेल आ ओ कहलनि : 'ओहि व्यक्ति के हमरा सामने लाउ'। तखन एहि व्यक्ति केँ आनि क' आदेश देल गेल जे तीन-चारि सीढ़ी वाला सीढ़ी बनाओल जाय जेना आब मदीना के मंच पर अछि. रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एहि बात मे सहज महसूस केलनि। जखन ओ गाछक तना छोड़ि - जकर उपयोग ओ पहिने केने छलाह - आ ओहि मंच पर झुकि गेलाह जे हुनका लेल बनल छल तखन खजूरक गाछ उदास भेल आ ओहिना कराह उठल जेना ऊँट कुहरैत हो जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओकरा छोड़ि देलक | इब्न बुरैदाह के अपन पिता स विश्वास छल जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसलम, जखन खजूर के गाछ के कराह सुनलनि त फेर ओहि पर हाथ राखि कहलखिन: 'चुनू जे हम अहाँ के वापस मूल स्थान पर रोपब या हम अहाँ के - बाद में - स्वर्ग में रोपब ताकि अहाँ नदी आ झरना स ओहि पानि के चूसि सकब जे अहाँक बढ़ब नीक आ फलदायी बनाबैत अछि, आ ताकि के संत अल्लाह सुभानाहु व ताला अहाँक फल - खजूर - खा सकैत छथि तखन हम करब। ' इब्न बुराइदा के पिता के विश्वास छेलै कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स सुनलखिन, खजूर स कहलखिन: 'ठीक छै, हम केलौं - नबी अपन बात दू बेर दोहरौलनि।' ' तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ पूछल गेल आ ओ जवाब देलनि जे हम तना चुनलहुँ जाहि सँ बाद मे स्वर्ग मे रोपि सकब।
Imam Darimi : 33
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ كَثِيرٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْأَنْصَارِيِّ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُومُ إِلَى جِذْعٍ قَبْلَ أَنْ يُجْعَلَ الْمِنْبَرُ فَلَمَّا جُعِلَ الْمِنْبَرُ حَنَّ ذَلِكَ الْجِذْعُ حَتَّى سَمِعْنَا حَنِينَهُ فَوَضَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَهُ عَلَيْهِ فَسَكَنَ
[मुहम्मद बिन कथिर] हमरा सब के [सुलेमान बिन कथिर] स [अज जुहरी] स [सैद बिन अल मुसैयब] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाहुअनहु स रिपोर्ट केलथि जे: अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) मंच बनेबा स पहिने खजूर के गाछ पर झुकि क ठाढ़ रहैत छलाह। जखन मंच बनैत छल तखन खजूरक गाछ ता धरि कुहरैत छल जा धरि ओकर कुहरब नहि सुनैत छल, तखन रसूलुल्लाह (स.अ.व.) ओहि पर हाथ राखि देलनि आ ओ चुप भ' जाइत छल.
Imam Darimi : 34
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ كَثِيرٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ حَفْصِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ إِلَى خَشَبَةٍ فَلَمَّا صُنِعَ الْمِنْبَرُ فَجَلَسَ عَلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَنَّتْ حَنِينَ الْعِشَارِ حَتَّى وَضَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَهُ عَلَيْهَا فَسَكَنَتْ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन कत्सिर] हमरा सब के [सुलेमान बिन कत्सिर] के [याह्या बिन सईद] स [हफस बिन उबैदुल्लाह] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; पहिने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लकड़ीक लाठी पर झुकि क’ उपदेश दैत छलाह, तें जखन मंच बनि गेल छल तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओहि पर बैसि जाइत छलाह, तखन लकड़ीक लाठी ओहिना कराहैत छलाह जेना कोनो ऊंटक कुहरैत छल, तें नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओहि पर हाथ राखि देलनि आ ओ चुप भ’ जाइत छल.
Imam Darimi : 35
أَخْبَرَنَا فَرْوَةُ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّا عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي كَرِبٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَنَّتْ الْخَشَبَةُ حَنِينَ النَّاقَةِ الْخَلُوجِ
हमरा सब के कहलक अछि [फरवाह] हमरा सब के [यह्या बिन जकरयाह] [अपन पिता] स [अबू इशक] स [सैद बिन अबू कब] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि; लकड़ी ओहिना कुहरैत छल जेना कोनो ऊँट अपन बछड़ाक पाछाँ कुहरैत अछि ।
Imam Darimi : 36
أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا بْنُ عَدِيٍّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ عَنْ الطُّفَيْلِ بْنِ أُبَيِّ بْنِ كَعْبٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي إِلَى جِذْعٍ وَيَخْطُبُ إِلَيْهِ إِذْ كَانَ الْمَسْجِدُ عَرِيشًا فَقَالَ لَهُ رَجُلٌ مِنْ أَصْحَابِهِ أَلَا نَجْعَلُ لَكَ عَرِيشًا تَقُومُ عَلَيْهِ يَرَاكَ النَّاسُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ وَتُسْمِعُ مِنْ خُطْبَتِكَ قَالَ نَعَمْ فَصَنَعَ لَهُ الثَّلَاثَ دَرَجَاتٍ هُنَّ اللَّوَاتِي عَلَى الْمِنْبَرِ فَلَمَّا صُنِعَ الْمِنْبَرُ وَوُضِعَ فِي مَوْضِعِهِ الَّذِي وَضَعَهُ فِيهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَلَمَّا جَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُرِيدُ الْمِنْبَرَ مَرَّ عَلَيْهِ فَلَمَّا جَاوَزَهُ خَارَ الْجِذْعُ حَتَّى تَصَدَّعَ وَانْشَقَّ فَرَجَعَ إِلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَسَحَهُ بِيَدِهِ حَتَّى سَكَنَ ثُمَّ رَجَعَ إِلَى الْمِنْبَرِ قَالَ فَكَانَ إِذَا صَلَّى صَلَّى إِلَيْهِ فَلَمَّا هُدِمَ الْمَسْجِدُ أَخَذَ ذَلِكَ الْجِذْعَ أُبَيُّ بْنُ كَعْبٍ فَلَمْ يَزَلْ عِنْدَهُ حَتَّى بَلِيَ وَأَكَلَتْهُ الْأَرَضَةُ وَعَادَ رُفَاتًا
हमरा सब के [जकारिया बिन अदी] के [उबैदुल्लाह बिन अम्र] स [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अकील] स [अथ थुफाइल बिन उबै बिन काअब] स [अपन पिता] रदलियाल्लाहुअनहु स रिपोर्ट केने छथि ओ कहलनि; पहिने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खजूर के गाछ पर झुकि क नमाज पढ़ैत छलाह आ तहिना प्रवचन दैत काल जखन मस्जिद मे एखनो आश्रय नहि छल | तखन ओकर मित्रक एकटा आदमी ओकरा कहलक; 'की हम सब, साहेब, एकटा आश्रय - मंच - बना देब आ मंच के एहन जगह पर राखब जतय अहाँ ओहि पर ठाढ़ भ' सकब आ लोक अहाँ केँ शुक्र दिनक प्रवचन मे देखि सकय आ ओ अहाँक प्रवचन सुनि सकय।' ओ उत्तर देलनि: 'हँ, अहाँ क' सकैत छी'। त हुनका लेल तीन सीढ़ी मंच पर बनाओल गेल आ ओहि ठाम राखल गेल जतय नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओकरा राखने छलाह - खजूर के तने - | मंच पर अयला पर खजूरक गाछ लग सँ गुजरि गेल, आ खजूर ताबत धरि कानैत रहल जाबत धरि ओ झटकारि क' फाटि नहि गेल। तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका लग वापस आबि गेलाह | ओ हाथसँ रगड़ैत रहल जाबत धरि ताड़क गाछ फेर शान्त नहि भऽ गेल आ भविष्यवक्ता मंच पर घुरि गेलाह । आ जखन नबी नमाज केलनि त गाछक मुँह केलनि। मस्जिद के तोड़ला पर उबाई बिन काआब खजूर के तना ल क ओकरा ता धरि रखलक जा धरि ओ सड़ल नहि गेल आ दीमक खा गेल जा धरि ओकरा नष्ट नहि भ गेल।
Imam Darimi : 37
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ مُجَالِدٍ عَنْ أَبِي الْوَدَّاكِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ إِلَى لِزْقِ جِذْعٍ فَأَتَاهُ رَجُلٌ رُومِيٌّ فَقَالَ أَصْنَعُ لَكَ مِنْبَرًا تَخْطُبُ عَلَيْهِ فَصَنَعَ لَهُ مِنْبَرًا هَذَا الَّذِي تَرَوْنَ قَالَ فَلَمَّا قَامَ عَلَيْهِ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ حَنَّ الْجِذْعُ حَنِينَ النَّاقَةِ إِلَى وَلَدِهَا فَنَزَلَ إِلَيْهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَضَمَّهُ إِلَيْهِ فَسَكَنَ فَأُمِرَ بِهِ أَنْ يُحْفَرَ لَهُ وَيُدْفَنَ
हमरा सब के कहलक अछि [उबैदुल्लाह बिन सईद] हमरा सब के [अबू उसामाह] के [मुजालिद] स [अबू अल वद्दक] स [अबू सईद] स कहलक अछि ओ कहलनि; एहि सं पहिने रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खजूरक डारि पर झुकि क' उपदेश दैत छलाह, तखन एकटा रोमन हुनका लग आबि कहलनि; हम मंच बना देब आ राजा ऊपर सँ प्रचार क' सकैत छथि, तेँ ओ मंच बनौलनि जेना अहाँ देखैत छी । कथाकार बजलाह; त जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ठाढ़ छलाह - मंच पर - प्रवचन दैत छलाह त खजूर ओहिना कुहरैत छल जेना कोनो ऊंट के बछड़ा गंवा चुकल छल | तखन रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका लग उतरि कए गला लगा लेलनि आ ओ चुप भ गेलाह, तखन रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका एकटा छेद बना कए गाड़बाक आदेश देलथि ।
Imam Darimi : 38
أَخْبَرَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا الصَّعْقُ قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ يَقُولُ لَمَّا أَنْ قَدِمَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةَ جَعَلَ يُسْنِدُ ظَهْرَهُ إِلَى خَشَبَةٍ وَيُحَدِّثُ النَّاسَ فَكَثُرُوا حَوْلَهُ فَأَرَادَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يُسْمِعَهُمْ فَقَالَ ابْنُوا لِي شَيْئًا أَرْتَفِعُ عَلَيْهِ قَالُوا كَيْفَ يَا نَبِيَّ اللَّهِ قَالَ عَرِيشٌ كَعَرِيشِ مُوسَى فَلَمَّا أَنْ بَنَوْا لَهُ قَالَ الْحَسَنُ حَنَّتْ وَاللَّهِ الْخَشَبَةُ قَالَ الْحَسَنُ سُبْحَانَ اللَّهِ هَلْ تُبْتَغَى قُلُوبُ قَوْمٍ سَمِعُوا قَالَ أَبُو مُحَمَّد يَعْنِي هَذَا
हमरा सब के कहलक अछि [मुस्लिम बिन इब्राहिम] हमरा सब के कहलक अछि [एश शाक] ओ कहलनि; हम [अल हसन] के कहैत सुनलहुं; जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना एलाह त ओ लोक के सलाह दैत एकटा गाछ पर पीठ झुका लेलनि। धीरे-धीरे हुनका चारू कात बेसी स बेसी लोक आबि गेलाह। एहि सँ हुनकर इरादा छलनि जे सब - बिना अपवाद के - हुनकर बात सुनय। त ओ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि 'कृपया, हमरा मूसा जकाँ ऊँच मंच बनाउ! ' जखन ओ सभ बनौलनि तखन अल्लाह द्वारा गाछक तना - अल्हसन कहलनि - कराह उठल । अल हसन फेर कहलनि; महिमा अल्लाह सुभनाहु व ताला के हो, की जे सुनय वाला के दिल स एखनो -आज्ञाकारी- हेबाक उम्मीद कयल जा सकैत अछि? अबू मुहम्मद कहलनि; अर्थात् ई -कथा- सुननिहार लोक।
Imam Darimi : 39
أَخْبَرَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ عَمَّارِ بْنِ أَبِي عَمَّارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَخْطُبُ إِلَى جِذْعٍ قَبْلَ أَنْ يَتَّخِذَ الْمِنْبَرَ فَلَمَّا اتَّخَذَ الْمِنْبَرَ وَتَحَوَّلَ إِلَيْهِ حَنَّ الْجِذْعُ فَاحْتَضَنَهُ فَسَكَنَ وَقَالَ لَوْ لَمْ أَحْتَضِنْهُ لَحَنَّ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ أَخْبَرَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ بِمِثْلِهِ
हमरा सब के रिपोर्ट छै [हज्जाज बिन मिन्हल] न॑ हमरा सब क॑ [हम्मद बिन सलामाह] क॑ [अमर बिन अबू अमर] स॑ [इब्न अब्बास] स॑ बतैन॑ छै कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार ओकरा मंच बनाबै स॑ पहल॑ गाछ प॑ झुकी क॑ उपदेश देल॑ छेलै । जखन हुनका मंच बना कए ओहि दिस घुमलनि तखन गाछक तना कुहरैत रहलाह, जाबत ओ ओकरा गला लगा लेलनि आ ओ चुप भ' गेलाह। ओ आगू बजलाह - जँ हम हुनका गला नहि लगा देब तऽ ओ दुनियाँक अंत धरि अवश्य कानताह । ' हमरा सब के कहलक अछि [अल हज्जाज बिन मिन्हल] हमरा सब के [हम्मद] के [थाबीत] स [अनास बिन मलिक] रदलियाल्लाहुअनहु स ऊपर के हदीस के तरह कहलक अछि |
Imam Darimi : 40
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ حَدَّثَنَا الْمَسْعُودِيُّ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ قَالَ حَنَّتْ الْخَشَبَةُ الَّتِي كَانَ يَقُومُ عِنْدَهَا فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَيْهَا فَوَضَعَ يَدَهُ عَلَيْهَا فَسَكَنَتْ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन यजीद] हमरा सब के [अल मसौदी] के [अबू हाजिम] स [सहल बिन सईद] स कहलक अछि ओ कहलनि; ठाढ़ भेला पर जाहि गाछ पर झुकैत छलाह तकर तना कुहरैत छल, तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका लग ठाढ़ भ' क' ओहि पर हाथ राखि देलनि, तें गाछ स्थिर खसि पड़ल.