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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Malik (الامام مالك) - 1594 Hadith

Hadith

Imam Malik : 1541

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِقَالَ لِرَجُلٍ مَا اسْمُكَ فَقَالَ جَمْرَةُ فَقَالَ ابْنُ مَنْ فَقَالَ ابْنُ شِهَابٍ قَالَ مِمَّنْ قَالَ مِنْ الْحُرَقَةِ قَالَ أَيْنَ مَسْكَنُكَ قَالَ بِحَرَّةِ النَّارِ قَالَ بِأَيِّهَا قَالَ بِذَاتِ لَظًى قَالَ عُمَرُ أَدْرِكْ أَهْلَكَ فَقَدْ احْتَرَقُواقَالَ فَكَانَ كَمَا قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ

मलिक [यह्या बिन सईद] सूं बतायो कै [उमर बिन खत्ताब] एक आदमी सूं पूछ्यो; 'थारो काईं नाम है?' आदमी जवाब दियो, 'जमरा'। उमर फेरूं पूछ्यो, 'किण रो टाबर?' आदमी जवाब दियो, 'सियहाब रो बेटो'। उमर फेरूं पूछ्यो, 'किण कबीलै सूं?' आदमी जवाब दियो, 'हुरका -जळायोड़ा-' सूं। फेर उमर फेरूं पूछ्यो, 'थै कठै रैवो हो?' आदमी जवाब दियो; 'हर्रतीन नर -आग रो गांव-,' बो फेरूं पूछ्यो, 'किण भाग मांय?' आदमी जवाब दियो, 'डजातु लाझा रै इलाकै मांय - जिण मांय ज्वाला है-'। उमर फेर बोल्यो; 'आपरै परिवार कनै जावो, साची में वै जळग्या है'। याह्या बिन सईद कह्यो, 'फेर ओ हुयो जियां उमर रदलियाल्लाहु 'अन्हू' म्हानै बतायो हो।

Hadith

Imam Malik : 1542

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ حُمَيْدٍ الطَّوِيلِ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّهُ قَالَاحْتَجَمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَجَمَهُ أَبُو طَيْبَةَ فَأَمَرَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِصَاعٍ مِنْ تَمْرٍ وَأَمَرَ أَهْلَهُ أَنْ يُخَفِّفُوا عَنْهُ مِنْ خَرَاجِهِ

मलिक मन्नै [हुमैद अथ थाविल] सूं [अनस बिन मलिक] बतायो, उण कैयो, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम हजामत करियो, जदकै हजामत करण आळो अबू थाईबा हो, फेर रसूलल्लाह अलैहि वसल्लम उणनै एक शा' खजूर दियो, अर आपरै परिवार नै कर रो बोझ हळको करण रो कैयो।

Hadith

Imam Malik : 1543

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ ابْنِ مُحَيِّصَةَ الْأَنْصَارِيِّ أَحَدِ بَنِي حَارِثَةَأَنَّهُ اسْتَأْذَنَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي إِجَارَةِ الْحَجَّامِ فَنَهَاهُ عَنْهَا فَلَمْ يَزَلْ يَسْأَلُهُ وَيَسْتَأْذِنُهُ حَتَّى قَالَ اعْلِفْهُ نُضَّاحَكَ يَعْنِي رَقِيقَكَ

मलिक म्हनैं बतायो कै [इब्नू शिहाब] सूं [इब्नू मुहैशाह अल अंसारी], बानी हरिसा रा सदस्य, बां रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं हजामत बणाबाळा री मजदूरी रै बाबत इजाजत मांगी, फेर बां इणनै मना कर दियो। सो बो उणसूं पूछतो रैयो अर उणरी इजाजत मांगतो रैयो जद तांई कै बो नीं बोल्यो: 'इणनै आपरै दास नै दे दो'।

Hadith

Imam Malik : 1544

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُشِيرُ إِلَى الْمَشْرِقِ وَيَقُولُ هَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَاهُنَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَاهُنَا مِنْ حَيْثُ يَطْلُعُ قَرْنُ الشَّيْطَانِ

मन्नै बतायो गयो है कै [अब्दुल्ला बिन दीनार] सूं [अब्दुल्ला बिन उमर] सूं मलिक कह्यो; 'मैं देख्यो कै अल्लाह रा रसूल पूरब री तरफ इशारो करता थका कह्यो: 'वास्तव में फितना उठै सूं है, बेशक फतना उठै सूं है, जठै शैतान रा सींग दिखाई देवै है''।

Hadith

Imam Malik : 1545

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ أَبِي لُبَابَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ قَتْلِ الْحَيَّاتِ الَّتِي فِي الْبُيُوتِ

[नाफी'] सूं [अबू लुबाबाह] सूं मलिक बतायो कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम घरां मांय सांप मारण सूं मना कर दियो'।

Hadith

Imam Malik : 1546

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ سَائِبَةَ مَوْلَاةٍ لِعَائِشَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ قَتْلِ الْجِنَّانِ الَّتِي فِي الْبُيُوتِ إِلَّا ذَا الطُّفْيَتَيْنِ وَالْأَبْتَرَ فَإِنَّهُمَا يَخْطِفَانِ الْبَصَرَ وَيَطْرَحَانِ مَا فِي بُطُونِ النِّسَاءِ

[नफी'] सूं मलिक [सैबाह] ऐसिया री पूर्व दासी सूं मलिक म्हानै बतायो है कै रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम घर रै मांय छोटा सांपों रै एक समूह नै मारण सूं मना कर दियो, सिवाय ज़ू थफियातैन अर अल अबतर रै, क्यूंकै ये दो समूह आंख्यां नै चकाचौंध कर देवै है अर गर्भ रै मांय जो है उणनै गर्भपात कर सकै है।

Hadith

Imam Malik : 1547

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ صَيْفِيٍّ مَوْلَى ابْنِ أَفْلَحَ عَنْ أَبِي السَّائِبِ مَوْلَى هِشَامِ بْنِ زُهْرَةَ أَنَّهُ قَالَ دَخَلْتُ عَلَى أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّفَوَجَدْتُهُ يُصَلِّي فَجَلَسْتُ أَنْتَظِرُهُ حَتَّى قَضَى صَلَاتَهُ فَسَمِعْتُ تَحْرِيكًا تَحْتَ سَرِيرٍ فِي بَيْتِهِ فَإِذَا حَيَّةٌ فَقُمْتُ لِأَقْتُلَهَا فَأَشَارَ أَبُو سَعِيدٍ أَنْ اجْلِسْ فَلَمَّا انْصَرَفَ أَشَارَ إِلَى بَيْتٍ فِي الدَّارِ فَقَالَ أَتَرَى هَذَا الْبَيْتَ فَقُلْتُ نَعَمْ قَالَ إِنَّهُ قَدْ كَانَ فِيهِ فَتًى حَدِيثُ عَهْدٍ بِعُرْسٍ فَخَرَجَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى الْخَنْدَقِ فَبَيْنَا هُوَ بِهِ إِذْ أَتَاهُ الْفَتَى يَسْتَأْذِنُهُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ ائْذَنْ لِي أُحْدِثُ بِأَهْلِي عَهْدًا فَأَذِنَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ خُذْ عَلَيْكَ سِلَاحَكَ فَإِنِّي أَخْشَى عَلَيْكَ بَنِي قُرَيْظَةَ فَانْطَلَقَ الْفَتَى إِلَى أَهْلِهِ فَوَجَدَ امْرَأَتَهُ قَائِمَةً بَيْنَ الْبَابَيْنِ فَأَهْوَى إِلَيْهَا بِالرُّمْحِ لِيَطْعُنَهَا وَأَدْرَكَتْهُ غَيْرَةٌ فَقَالَتْ لَا تَعْجَلْ حَتَّى تَدْخُلَ وَتَنْظُرَ مَا فِي بَيْتِكَ فَدَخَلَ فَإِذَا هُوَ بِحَيَّةٍ مُنْطَوِيَةٍ عَلَى فِرَاشِهِ فَرَكَزَ فِيهَا رُمْحَهُ ثُمَّ خَرَجَ بِهَا فَنَصَبَهُ فِي الدَّارِ فَاضْطَرَبَتْ الْحَيَّةُ فِي رَأْسِ الرُّمْحِ وَخَرَّ الْفَتَى مَيِّتًا فَمَا يُدْرَى أَيُّهُمَا كَانَ أَسْرَعَ مَوْتًا الْفَتَى أَمْ الْحَيَّةُ فَذُكِرَ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّ بِالْمَدِينَةِ جِنًّا قَدْ أَسْلَمُوا فَإِذَا رَأَيْتُمْ مِنْهُمْ شَيْئًا فَآذِنُوهُ ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ فَإِنْ بَدَا لَكُمْ بَعْدَ ذَلِكَ فَاقْتُلُوهُ فَإِنَّمَا هُوَ شَيْطَانٌ

इब्न अफलाह रै पूर्व दास [शैफी] सूं मलिक, हिशम बिन जुहरा रै पूर्व दास [अबू साईब] सूं मलिक बतायो हो, उण कह्यो; 'मैं अबू सईद अल खुदरी सूं मिल्यो, पण उण बगत वो नमाज पढ़ रैयो हो। फेर मैं बां री उडीक करतो रैयो जद तांई बां री बात पूरी नीं हुयगी, फेर म्हनैं बां रै घर रै खटिया रै तळै कीं हिलण री आवाज सुणीजी। ओ सांप निकळ्यो, सो म्हैं उणनै मारणै सारू उठग्यो। अबू सैद म्हानै बैठबा रो इशारो कर्यो। जद काम पूरो हुयो, तो बां म्हनै एक घर दिखायो अर पूछ्यो; 'थनै ओ कमरो दीखै है?' म्हैं जवाब दियो, 'हां'। [अबू सईद] फेर कह्यो, 'एक बार एक जवान छोरो हो जिणरो ब्याव अबार ई हुयो हो, फेर वो जवान अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै साथै खांडक री तरफ गयो। जद बो उणरै सागै हो, तद बो जवान रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै कनै इजाजत मांगण आयो। वो केवे है; 'हे अल्लाह रा रसूल, म्हनै म्हारी घरआळी सूं मिलबा री इजाजत दो क्यूंकै म्हारो ब्याव अबार ई हुयो है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने भी उन्हें इजाजत दे दी। फेर उण जवान सूं कह्यो: 'आपरो हथियार ले लो, म्हनै डर है कै थारो सामनो बानी कुरैजाह सूं हो जावैला'। तो वो जवान आपरी घरआळी सूं मिलबा नै घरां गयो। पण, बांनै आपरी घरआळी दरवाजै माथै मिली, सो बां ईर्ष्या रै कारण बां माथै आपरो भालो फेंक दियो। पण उणरी घरआळी कैयो; 'जद तांई थै मांय नीं जावो अर नीं देखो कै थारै घर मांय कांई हो रैयो है'। तो वो मांय गयो अर देख्यो कै उणरै बिस्तर माथै एक सांप लपेट्योड़ो है। फेर उण सांप रै मांय आपरो भालो घाल दियो अर उणनै लेय'र बारै निकळग्यो अर उणनै घर मांय टांग दियो। सांप भाला री नोक नै हिलायो अर बो जवान आदमी मरग्यो। ओ ठा कोनी कै पैली कुण मर्यो, जवान आदमी या सांप। आ बात रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तांई पूगाई गई, बां कैयो- 'असल में मदीना रै मांय जिन्न रो एक दल है जिका इस्लाम धर्म अपनायो है, जे थै बांनै कीं करता देखौ तो तीन दिन तांई इजाजत दे दो। जे - तीन दिनां पछै - ओ अजै ई दीखै है तो इणनै मार दो क्यूंकै ओ एक शैतान है'।

Hadith

Imam Malik : 1548

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حَرْمَلَةَ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الرَّاكِبُ شَيْطَانٌ وَالرَّاكِبَانِ شَيْطَانَانِ وَالثَّلَاثَةُ رَكْبٌ

मलिक म्हनैं [अब्दुर्रहमान बिन हरमलाह] सूं ['अमरू बिन स्यूअैब] सूं [उणरै पिता] सूं [उणरै दादा] सूं बतायो कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो कै 'जो आदमी अकेलो सवारी करै है वो शैतान है। दो सवार दो शैतान अर तीन सवार एक कारवां'।

Hadith

Imam Malik : 1549

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حَرْمَلَةَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الشَّيْطَانُ يَهُمُّ بِالْوَاحِدِ وَالْاثْنَيْنِ فَإِذَا كَانُوا ثَلَاثَةً لَمْ يَهُمَّ بِهِمْ

मन्नै बतायो गयो है कै [सईद बिन मुसैयब] रै [अब्दुर्रहमान बिन हरमलाह] रै मलिक कह्यो कै रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'शैतान नै वै लोग पसंद है जका अकेला या दो लोग है। जे बां मांय सूं तीन है तो बांनै ओ चोखो कोनी लागै।

Hadith

Imam Malik : 1550

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَحِلُّ لِامْرَأَةٍ تُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ تُسَافِرُ مَسِيرَةَ يَوْمٍ وَلَيْلَةٍ إِلَّا مَعَ ذِي مَحْرَمٍ مِنْهَا

मलिक म्हनैं [सईद बिन अबू सईद अल मकबुरी] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अल्लाह अर आखरी दिन माथै विश्वास करण आळी लुगाई रै वास्तै आपरै महरम रै अलावा एक दिन अर एक रात री यात्रा करणी हलाल कोनी'।

Hadith

Imam Malik : 1551

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ أَبِي عُبَيْدٍ مَوْلَى سُلَيْمَانَ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ يَرْفَعُهُإِنَّ اللَّهَ تَبَارَكَ وَتَعَالَى رَفِيقٌ يُحِبُّ الرِّفْقَ وَيَرْضَى بِهِ وَيُعِينُ عَلَيْهِ مَا لَا يُعِينُ عَلَى الْعُنْفِ فَإِذَا رَكِبْتُمْ هَذِهِ الدَّوَابَّ الْعُجْمَ فَأَنْزِلُوهَا مَنَازِلَهَا فَإِنْ كَانَتْ الْأَرْضُ جَدْبَةً فَانْجُوا عَلَيْهَا بِنِقْيِهَا وَعَلَيْكُمْ بِسَيْرِ اللَّيْلِ فَإِنَّ الْأَرْضَ تُطْوَى بِاللَّيْلِ مَا لَا تُطْوَى بِالنَّهَارِ وَإِيَّاكُمْ وَالتَّعْرِيسَ عَلَى الطَّرِيقِ فَإِنَّهَا طُرُقُ الدَّوَابِّ وَمَأْوَى الْحَيَّاتِ

मलिक म्हनैं [अबू 'उबैद] सुलेमान बिन अब्दुल मलिक रै एक पूर्व दास सूं बतायो, [खालिद बिन मदन] सूं उणनैं आपरी आशीर्वाद दी, अल्लाह रा रसूल कह्यो: 'सचमुच, अल्लाह तबराक वा ताआला, अत्यंत कोमल अर नम्रता सूं प्रेम करै है, इणसूं प्रसन्न है अर नम्र री मदद करै है, जियां कै वो असभ्य री मदद नीं करै है। जे थै इण जानवर रै पहाड़ माथै सवार हो तो उणनै उणरी जगां माथै रोक दियो। जे जमीन सूखी है तो वाहन मजबूत होवण तांई गति बढ़ाओ। थनै रात नै चालणो चाइजै, क्यूंकै जमीन छोटी हुय जावै है - दूरी - रात नै, दिन री स्थिति सूं न्यारी। सड़क रै बीचै आराम मत करो, क्यूंकै ओ ईज पशुवां रो मारग है अर सांपां रो रैवास है।

Hadith

Imam Malik : 1552

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ سُمَيٍّ مَوْلَى أَبِي بَكْرٍ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ السَّفَرُ قِطْعَةٌ مِنْ الْعَذَابِ يَمْنَعُ أَحَدَكُمْ نَوْمَهُ وَطَعَامَهُ وَشَرَابَهُ فَإِذَا قَضَى أَحَدُكُمْ نَهْمَتَهُ مِنْ وَجْهِهِ فَلْيُعَجِّلْ إِلَى أَهْلِهِ

मलिक म्हनैं अबू बकर रै पूर्व दास [सुमय्या] सूं, [अबू सालिह] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कह्यो: 'सफर करणो यातना रो हिस्सो है, एक मिनख नैं सोवण, खावण अर पीवण सूं रोक दियो जावैला। तो जे थारै मांय सूं कोई आपरी जरूरतां नै पूरी कर ली है तो तुरंत आपरै परिवार कनै पाछो जावो'।

Hadith

Imam Malik : 1553

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَمِّهِ أَبِي سُهَيْلِ بْنِ مَالِكٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ سَمِعَ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ وَهُوَ يَخْطُبُ وَهُوَ يَقُولُلَا تُكَلِّفُوا الْأَمَةَ غَيْرَ ذَاتِ الصَّنْعَةِ الْكَسْبَ فَإِنَّكُمْ مَتَى كَلَّفْتُمُوهَا ذَلِكَ كَسَبَتْ بِفَرْجِهَا وَلَا تُكَلِّفُوا الصَّغِيرَ الْكَسْبَ فَإِنَّهُ إِذَا لَمْ يَجِدْ سَرَقَ وَعِفُّوا إِذْ أَعَفَّكُمْ اللَّهُ وَعَلَيْكُمْ مِنْ الْمَطَاعِمِ بِمَا طَابَ مِنْهَا

मलिक म्हनैं आपरै काकै [अबू सुहैल बिन मलिक] सूं [आपरै पिता] सूं बतायो कै उण [उस्मान बिन अफ्फान] नैं उपदेश देवता सुण्यो हो कै; 'जिण दासी दास रै कनै काम करण री कला कोनी है, बोझ मत डालो, जे थै उण माथै बोझ डालोला तो वा आपरै गुप्तांगां सूं काम करैला। टाबर माथै काम रो बोझ मत डालो, क्यूंकै जे बो काम नीं करैला तो बो चोरी कर लेसी। आपरी इज्जत री रक्षा करो, अल्लाह आपरी इज्जत री रक्षा करेला अर चोखो खाणो खावो।

Hadith

Imam Malik : 1554

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْعَبْدُ إِذَا نَصَحَ لِسَيِّدِهِ وَأَحْسَنَ عِبَادَةَ اللَّهِ فَلَهُ أَجْرُهُ مَرَّتَيْنِ

[नाफी] सूं मलिक [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं बतायो कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अगर कोई दास आपरै स्वामी री बात मानै अर अल्लाह री पूजा करण में आछो है तो उणनै दो बार इनाम मिलसी'।

Hadith

Imam Malik : 1555

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ قَالَكُنَّا إِذَا بَايَعْنَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى السَّمْعِ وَالطَّاعَةِ يَقُولُ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِيمَا اسْتَطَعْتُمْ

मलिक [अब्दुल्लाह बिन दीनार] सूं बतायो कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] कह्यो; 'अगर आपां अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं सुणबा अर मानबा री प्रतिज्ञा करां तो वै आपां नै कैवेला: 'जितरो थै कर सको'।

Hadith

Imam Malik : 1556

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ أُمَيْمَةَ بِنْتِ رُقَيْقَةَ أَنَّهَا قَالَتْأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي نِسْوَةٍ بَايَعْنَهُ عَلَى الْإِسْلَامِ فَقُلْنَ يَا رَسُولَ اللَّهِ نُبَايِعُكَ عَلَى أَنْ لَا نُشْرِكَ بِاللَّهِ شَيْئًا وَلَا نَسْرِقَ وَلَا نَزْنِيَ وَلَا نَقْتُلَ أَوْلَادَنَا وَلَا نَأْتِيَ بِبُهْتَانٍ نَفْتَرِيهِ بَيْنَ أَيْدِينَا وَأَرْجُلِنَا وَلَا نَعْصِيَكَ فِي مَعْرُوفٍ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِيمَا اسْتَطَعْتُنَّ وَأَطَقْتُنَّ قَالَتْ فَقُلْنَ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَرْحَمُ بِنَا مِنْ أَنْفُسِنَا هَلُمَّ نُبَايِعْكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي لَا أُصَافِحُ النِّسَاءَ إِنَّمَا قَوْلِي لِمِائَةِ امْرَأَةٍ كَقَوْلِي لِامْرَأَةٍ وَاحِدَةٍ أَوْ مِثْلِ قَوْلِي لِامْرَأَةٍ وَاحِدَةٍ

मन्नै बतायो गयो है कै [मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] [उमैमा बिन्त रुकैका] सूं मलिक कह्यो; 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं उण बगत मिल्यो जद लुगायां इस्लाम सूं निष्ठा ली। म्हे कैवां; 'हे अल्लाह रा रसूल, म्हे थानै वचन देवां कै थै अल्लाह रै साथै कोई भी चीज नीं जोड़ोला, चोरी नीं करोला, व्यभिचार नीं करोला, आपां रा टाबरां नै नीं मारोला, आपां रै हाथां अर पगां रै बिचाळै कीं बुराई नीं करोला अर भला कामां मांय थारी आज्ञा नीं मानस्यां'। फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जोड़्यो: 'थै जित्ता काबिल अर ताकतवर हो'। उमैमा कह्यो, 'म्हे उणनै जवाब दियो, 'अल्लाह अर उणरा रसूल म्हारै वास्तै खुद सूं भी प्यारा है। हे अल्लाह रा रसूल, अठै आवो, म्हे थारै सागै निष्ठा लेस्यां'। फेर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बोल्या- बेशक मैं लुगाइयां सूं हाथ कोनी मिलाऊंला। सौ लुगायां रै सागै म्हारी बातां एक लुगाई रै सागै म्हारी बातां री तरै है, या एक लुगाई रै सागै म्हारी बातां री तरै है।

Hadith

Imam Malik : 1557

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَكَتَبَ إِلَى عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ مَرْوَانَ يُبَايِعُهُ فَكَتَبَ إِلَيْهِ بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ أَمَّا بَعْدُ لِعَبْدِ اللَّهِ عَبْدِ الْمَلِكِ أَمِيرِ الْمُؤْمِنِينَ سَلَامٌ عَلَيْكَ فَإِنِّي أَحْمَدُ إِلَيْكَ اللَّهَ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ وَأُقِرُّ لَكَ بِالسَّمْعِ وَالطَّاعَةِ عَلَى سُنَّةِ اللَّهِ وَسُنَّةِ رَسُولِهِ فِيمَا اسْتَطَعْتُ

मलिक [अब्दुल्लाह बिन दीनार] सूं म्हनैं बतायो कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] अब्दुल मलिक बिन मरवान नैं उणरै प्रति निष्ठा री प्रतिज्ञा करण सारू एक चिट्ठी लिखी, उण लिख्यो; 'बिसमिल्लाही अररहमान अररहीम; अम्मा बदु, अब्दुल्ला, अब्दुल मलिक अमीरुल मुमिनिन नै, थारै माथै समृद्धि होवै, मैं थारै वास्तै अल्लाह री स्तुति करूं, जिणरै कनै उणरै अलावा कोई भी भगवान नीं है जिको पूजा करण जोग है, अर मैं घोषणा करूं कै मैं अल्लाह री सुन्नत अर उणरै रसूल री सुन्नत सूं ऊपर उतरो सुणूं अर थारी आज्ञा मानूं।

Hadith

Imam Malik : 1558

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ قَالَ لِأَخِيهِ كَافِرٌ فَقَدْ بَاءَ بِهَا أَحَدُهُمَا

मलिक ने [अब्दुल्लाह बिन दीनार] सूं [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जो भी आपरै भाई नै कैवै; 'थै अविश्वास करो,' फेर थारो अविश्वास दोनूं मांय सूं एक माथै पाछो आ जावैला।

Hadith

Imam Malik : 1559

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا سَمِعْتَ الرَّجُلَ يَقُولُ هَلَكَ النَّاسُ فَهُوَ أَهْلَكُهُمْ

मलिक म्हनैं [सुहैल बिन अबू सलीह] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अगर थैं किणी आदमी नैं कैता सुणो तो; 'वे लोग नास हो जावै' फेर बो ई है जको बां मांय सूं घणकरा नै नास कर देवै है'।

Hadith

Imam Malik : 1560

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَقُلْ أَحَدُكُمْ يَا خَيْبَةَ الدَّهْرِ فَإِنَّ اللَّهَ هُوَ الدَّهْرُ

मलिक म्हनैं [अबू अज जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो कै 'थारै मांय सूं कोई भी नीं कैवै; 'ओ पीरियड कितरो दुर्भाग्यपूर्ण है, 'अल्लाह रै वास्तै ओ पीरियड है'।