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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Malik (الامام مالك) - 1594 Hadith

Hadith

Imam Malik : 1501

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ خُبَيْبِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْأَنْصَارِيِّ عَنْ حَفْصِ بْنِ عَاصِمٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ أَوْ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَبْعَةٌ يُظِلُّهُمْ اللَّهُ فِي ظِلِّهِ يَوْمَ لَا ظِلَّ إِلَّا ظِلُّهُ إِمَامٌ عَادِلٌ وَشَابٌّ نَشَأَ فِي عِبَادَةِ اللَّهِ وَرَجُلٌ قَلْبُهُ مُعَلَّقٌ بِالْمَسْجِدِ إِذَا خَرَجَ مِنْهُ حَتَّى يَعُودَ إِلَيْهِ وَرَجُلَانِ تَحَابَّا فِي اللَّهِ اجْتَمَعَا عَلَى ذَلِكَ وَتَفَرَّقَا وَرَجُلٌ ذَكَرَ اللَّهَ خَالِيًا فَفَاضَتْ عَيْنَاهُ وَرَجُلٌ دَعَتْهُ ذَاتُ حَسَبٍ وَجَمَالٍ فَقَالَ إِنِّي أَخَافُ اللَّهَ وَرَجُلٌ تَصَدَّقَ بِصَدَقَةٍ فَأَخْفَاهَا حَتَّى لَا تَعْلَمَ شِمَالُهُ مَا تُنْفِقُ يَمِينُهُ

यो म्हारै सूं मलिक सूं [खुबैब बिन अब्दुर्रहमान अल-अंसारी] सूं [हफश बिन 'अशिम] सूं [अबू सईद अल खुदरी] सूं संबंधित है, या [अबू हुरैराह] सूं उण कह्यो है, 'अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'सात दल लोगां नै उण दिन मिलैला जद अल्लाह री छाया रै अलावा कोई छाया नीं होवैला'; एक न्यायसंगत पुजारी। एक जवान आदमी जको अल्लाह री पूजा रै मांय पळ्यो-बढ्यो। एक जवान आदमी जिणरो दिल मस्जिद सूं जुड़्योड़ो है। दो जवान जका अल्लाह रै कारण एक दूजा सूं प्रेम करता हा, वे अल्लाह रै कारण मिलिया अर न्यारा हुयग्या। एकांत रै मांय अल्लाह नै ज़िकर करण आळो मिनख पछै आंसू बहा देवै है। एक जवान आदमी नै एक पद अर सुंदरता री लुगाई व्यभिचार करण सारू बुलायो अर बो बोल्यो; 'वास्तव में मैं अल्लाह सूं डरूं हूं'। अर एक आदमी जको भिक्षा देवै है, बो इणनै लुकाय देवै है ताकि बां रो बांयो हाथ नीं जाणै कै बां रो दांयो हाथ कांई दे रैयो है'।

Hadith

Imam Malik : 1502

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا أَحَبَّ اللَّهُ الْعَبْدَ قَالَ لِجِبْرِيلَ قَدْ أَحْبَبْتُ فُلَانًا فَأَحِبَّهُ فَيُحِبُّهُ جِبْرِيلُ ثُمَّ يُنَادِي فِي أَهْلِ السَّمَاءِ إِنَّ اللَّهَ قَدْ أَحَبَّ فُلَانًا فَأَحِبُّوهُ فَيُحِبُّهُ أَهْلُ السَّمَاءِ ثُمَّ يُوضَعُ لَهُ الْقَبُولُ فِي الْأَرْضِ وَإِذَا أَبْغَضَ اللَّهُ الْعَبْدَقَالَ مَالِك لَا أَحْسِبُهُ إِلَّا أَنَّهُ قَالَ فِي الْبُغْضِ مِثْلَ ذَلِكَ

मलिक सूं [सुहैल बिन अबू सलीह] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैरा] सूं मन्नै यो बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अगर अल्लाह एक सेवक सूं प्यार करै है तो वो जिब्राईल नै कैवै है; 'मैं फुलान सूं प्यार करूं हूं सो प्यार करूं हूं'। जिबरील उणनै प्यार करतो हो, फेर बो आकास रै लोगां नै बुलायो; 'वास्तव में, अल्लाह फलाणै नै प्यार करै है, सो उणसूं प्यार करो! ' फेर स्वर्ग रा लोग उणसूं प्रेम करता। फेर उणनै दुनिया मांय स्वागत करण सारू राख दियो गयो। अगर अल्लाह एक सेवक सूं नफरत करै है,' मलिक बोल्यो; "म्हारै अंदाजां रै मुजब, आगै उण पैली री तरै ई संपादकीय रै साथै एक नौकर रै प्रति अल्लाह री नफरत रै बारै में बतायो।"

Hadith

Imam Malik : 1503

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي حَازِمِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ الْخَوْلَانِيِّ أَنَّهُ قَالَدَخَلْتُ مَسْجِدَ دِمَشْقَ فَإِذَا فَتًى شَابٌّ بَرَّاقُ الثَّنَايَا وَإِذَا النَّاسُ مَعَهُ إِذَا اخْتَلَفُوا فِي شَيْءٍ أَسْنَدُوا إِلَيْهِ وَصَدَرُوا عَنْ قَوْلِهِ فَسَأَلْتُ عَنْهُ فَقِيلَ هَذَا مُعَاذُ بْنُ جَبَلٍ فَلَمَّا كَانَ الْغَدُ هَجَّرْتُ فَوَجَدْتُهُ قَدْ سَبَقَنِي بِالتَّهْجِيرِ وَوَجَدْتُهُ يُصَلِّي قَالَ فَانْتَظَرْتُهُ حَتَّى قَضَى صَلَاتَهُ ثُمَّ جِئْتُهُ مِنْ قِبَلِ وَجْهِهِ فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ ثُمَّ قُلْتُ وَاللَّهِ إِنِّي لَأُحِبُّكَ لِلَّهِ فَقَالَ أَاللَّهِ فَقُلْتُ أَاللَّهِ فَقَالَ أَاللَّهِ فَقُلْتُ أَاللَّهِ فَقَالَ أَاللَّهِ فَقُلْتُ أَاللَّهِ قَالَ فَأَخَذَ بِحُبْوَةِ رِدَائِي فَجَبَذَنِي إِلَيْهِ وَقَالَ أَبْشِرْ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ قَالَ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى وَجَبَتْ مَحَبَّتِي لِلْمُتَحَابِّينَ فِيَّ وَالْمُتَجَالِسِينَ فِيَّ وَالْمُتَزَاوِرِينَ فِيَّ وَالْمُتَبَاذِلِينَ فِيَّو حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك أَنَّهُ بَلَغَهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ الْقَصْدُ وَالتُّؤَدَةُ وَحُسْنُ السَّمْتِ جُزْءٌ مِنْ خَمْسَةٍ وَعِشْرِينَ جُزْءًا مِنْ النُّبُوَّةِ

यो मलिक सूं [अबू हाजिम बिन दीनार] सूं [अबू इदरीस अल खौलानी] सूं संबंधित है, 'मैं दमिश्क मस्जिद मांय दाखिल हुयो। ओ ठाह लाग्यो कै मांय एक जवान आदमी हो जिणरै सफेद दांत चमचमाता हा। जे बां रै सागै लोगां रै मांय कोई मनमुटाव हुया तो बै बां नै उण जवान नै पाछी दे दिया अर बां री राय स्वीकार कर ली। फेर म्हैं उणरै बारै मांय पूछ्यो, फेर किणी जवाब दियो कै वो [मुआदज बिन जबल] है। दूजै दिन, मैं तड़के-तड़के मस्जिद तांई दौड़्यो, पण म्हनैं लाग्यो कै वो म्हारै सूं पैली ई आ चुक्यो हो। म्हैं उणनै प्रार्थना करता देख्यो, सो म्हैं उण बगत तांई उडीकतो रैयो जद तांई बो प्रार्थना नीं कर लेवै। फेर मैं उणनै नमस्कार करतां थकां सामलै सूं मिल्यो, मैं उणनै कैयो; 'अल्लाह री कसम, मैं थानै अल्लाह रै कारण साची-साची प्यार करूं'। उण पूछ्यो; 'कांई ओ अल्लाह रै कारण है? ' म्हैं जवाब दियो; 'अल्लाह रै कारण'। बो फेरूं पूछ्यो; 'कांई ओ अल्लाह रै कारण है? ' म्हैं जवाब दियो; 'अल्लाह रै कारण'। उण पूछ्यो; 'कांई ओ अल्लाह रै कारण है? ' म्हैं जवाब दियो; "अल्लाह रै कारण" अबू इदरीस कह्यो; 'उण म्हारी पगड़ी री धार पकड़ी अर म्हनै आपरै कनै खींच लीनो अर बोल्यो; उत्साहित हो जावो! मैं रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'अल्लाह तबराक वा ताआला कह्यो; 'म्हारो प्यार बां लोगां माथै जरूर उतरैला जका म्हारै कारण एक दूजा सूं प्रेम करैला। जो भी म्हारै वास्तै एकठ हुवै है अर म्हारै वास्तै एक दूजा नै देखै है। जो लोग म्हारै कारण एक दूजा रै वास्तै प्रयास करै है''। मलिक सूं म्हनैं बतायो गयो है कै उणरै कनै खबर पूगी है, अब्दुल्ला बिन अब्बास सूं कै उण कैयो; 'मामल्यां मांय निष्पक्ष रैवणो, कोमल अर स्वागत जोग रैवणो भविष्यवाणी रा बीस भागां मांय सूं केई है'।

Hadith

Imam Malik : 1504

حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ الْأَنْصَارِيِّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الرُّؤْيَا الْحَسَنَةُ مِنْ الرَّجُلِ الصَّالِحِ جُزْءٌ مِنْ سِتَّةٍ وَأَرْبَعِينَ جُزْءًا مِنْ النُّبُوَّةِو حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمِثْلِ ذَلِكَ

मलिक सूं [इशाक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू थलहा अल-अंसारी] सूं [अनस बिन मलिक] सूं यो बतायो गयो है कै रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'एक धर्मी आदमी रो एक आछो सुपनो छियालीस नबूबियां मांय सूं एक है,' यो मलिक सूं [अबू जिनाद [अबुअज] सूं [अबुद] सूं संबंधित है। हुरैरा] रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं ऊपर री तरै कैयो।

Hadith

Imam Malik : 1505

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ زُفَرَ بْنِ صَعْصَعَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا انْصَرَفَ مِنْ صَلَاةِ الْغَدَاةِ يَقُولُ هَلْ رَأَى أَحَدٌ مِنْكُمْ اللَّيْلَةَ رُؤْيَا وَيَقُولُ لَيْسَ يَبْقَى بَعْدِي مِنْ النُّبُوَّةِ إِلَّا الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ

मलिक सूं [इशाक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तल्हा] सूं [जुफर बिन शशाआ] सूं [उणरै पिता सूं] सूं [अबू हुरैराह सूं] बतायो गयो है कै जद रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सुबह री नमाज पूरी करी तो उण पूछ्यो: 'कांई थारै मांय सूं किणी नै काल रात नै सुपनो देख्यो?' अर बो जोड़्यो: 'म्हारै पछै चोखा सुपनां रै अलावा कोई भविष्यवाणी करण आळा गुण नीं बचेला'।

Hadith

Imam Malik : 1506

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَنْ يَبْقَى بَعْدِي مِنْ النُّبُوَّةِ إِلَّا الْمُبَشِّرَاتُ فَقَالُوا وَمَا الْمُبَشِّرَاتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ يَرَاهَا الرَّجُلُ الصَّالِحُ أَوْ تُرَى لَهُ جُزْءٌ مِنْ سِتَّةٍ وَأَرْبَعِينَ جُزْءًا مِنْ النُّبُوَّةِ

मलिक सूं [जैद बिन असलम] सूं [अथा बिन यासर] सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो कै 'म्हारै पछै अल मुबसीरत रै अलावा कोई नबी नीं बचैला' साथियां पूछ्यो; 'अल मुबसीरात कांई है, हे अल्लाह रा रसूल?' उण जबाब दियो, 'एक धर्मी आदमी नै एक आछो सुपनो देख्यो,' या फेर, 'वो उणनै दिखायो गयो। -सपनो है- छियालीस भविष्यवाणी गुणां रो एक हिस्सो'।

Hadith

Imam Malik : 1507

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا قَتَادَةَ بْنَ رِبْعِيٍّ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ مِنْ اللَّهِ وَالْحُلْمُ مِنْ الشَّيْطَانِ فَإِذَا رَأَى أَحَدُكُمْ الشَّيْءَ يَكْرَهُهُ فَلْيَنْفُثْ عَنْ يَسَارِهِ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ إِذَا اسْتَيْقَظَ وَلْيَتَعَوَّذْ بِاللَّهِ مِنْ شَرِّهَا فَإِنَّهَا لَنْ تَضُرَّهُ إِنْ شَاءَ اللَّهُقَالَ أَبُو سَلَمَةَ إِنْ كُنْتُ لَأَرَى الرُّؤْيَا هِيَ أَثْقَلُ عَلَيَّ مِنْ الْجَبَلِ فَلَمَّا سَمِعْتُ هَذَا الْحَدِيثَ فَمَا كُنْتُ أُبَالِيهَا

मलिक सूं [यह्या बिन सईद] सूं [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] सूं बतायो गयो है; मैं [अबू कतदाह बिन रिबि] नै कैता सुण्यो है, 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'अच्छा सुपना अल्लाह सूं हुवै है जदकै बुरा सुपना शैतान सूं हुवै है। जे थारै मांय सूं कोई कोई इसी चीज सूं नफरत करै है तो उणनै जागता थकां आपरै बांया कानी तीन बार थूकणो चाइजै अर अल्लाह सूं उणरी बुराई सूं बचाव री अरज करणी चाइजै। क्यूंकै इणसूं उणनै कोई नुकसान कोनी हुवैला, भगवान करैला'। अबू सलामा कह्यो; 'अगर मैं कोई इसी चीज रो सुपनो देखूं जको म्हारै वास्तै पहाड़ सूं भी भारी है, तो जद मैं आ हदीस सुणूंला तो मन्नै इण बात री परवाह कोनी रैवै'।

Hadith

Imam Malik : 1508

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّهُ كَانَ يَقُولُ فِي هَذِهِ الْآيَةِ{ لَهُمْ الْبُشْرَى فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَفِي الْآخِرَةِ }قَالَ هِيَ الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ يَرَاهَا الرَّجُلُ الصَّالِحُ أَوْ تُرَى لَهُ

मलिक सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं इण श्लोक री व्याख्या बताई है: '-इणां रै वास्तै दुनिया अर परलोक में आछी खबर है-' -प्रश्न। यूनुस: 64- 'ओ एक आछो सुपनो है जिणनै कोई धर्मी आदमी देखै है या उणनै दिखावै है'।

Hadith

Imam Malik : 1509

حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ مُوسَى بْنِ مَيْسَرَةَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ أَبِي مُوسَى الْأَشْعَرِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ لَعِبَ بِالنَّرْدِ فَقَدْ عَصَى اللَّهَ وَرَسُولَهُ

मलिक सूं [मूसा बिन मैसरह] सूं [सईद बिन अबू हिंद] सूं [अबू मूसा अल असीअरी] सूं मन्नै बतायो गयो है कै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है कै 'जो भी पासा खेलै है, वो अल्लाह अर उणरै रसूल री आज्ञा नीं मानी है'।

Hadith

Imam Malik : 1510

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ أَبِي عَلْقَمَةَ عَنْ أُمِّهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ بَلَغَهَاأَنَّ أَهْلَ بَيْتٍ فِي دَارِهَا كَانُوا سُكَّانًا فِيهَا وَعِنْدَهُمْ نَرْدٌ فَأَرْسَلَتْ إِلَيْهِمْ لَئِنْ لَمْ تُخْرِجُوهَا لَأُخْرِجَنَّكُمْ مِنْ دَارِي وَأَنْكَرَتْ ذَلِكَ عَلَيْهِمْ

मलिक नै ['अलकमह बिन अबू 'अलकमह] सूं [उणरी मां] सूं [ऐस्या] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी सूं बतायो है, उणनै खबर मिली है कै उणरै गांव रै एक घर रै रैवासियां ​​रै कनै पासा है। तो 'ऐस्याह बांनै एक दूत भेज्यो कै बांनै एक संदेश दियो कै 'अगर थै उणनै नीं काढोला तो म्हैं थानै आपरै गांव सूं जरूर काढ दूंला'। अर 'आइशा भी बांनै नकार दियो'।

Hadith

Imam Malik : 1511

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّهُ كَانَ إِذَا وَجَدَ أَحَدًا مِنْ أَهْلِهِ يَلْعَبُ بِالنَّرْدِ ضَرَبَهُ وَكَسَرَهَاقَالَ يَحْيَى و سَمِعْت قَوْله تَعَالَى يَقُولُ لَا خَيْرَ فِي الشَّطْرَنْجِ وَكَرِهَهَا وَسَمِعْتُهُ يَكْرَهُ اللَّعِبَ بِهَا وَبِغَيْرِهَا مِنْ الْبَاطِلِ وَيَتْلُو هَذِهِ الْآيَةَ{ فَمَاذَا بَعْدَ الْحَقِّ إِلَّا الضَّلَالُ }

मलिक सूं [नफी] सूं [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं म्हनैं बतायो गयो है कै जे वो आपरै परिवार मांय सूं किणी नैं पासा खेलता देखै तो वो उणनैं मार देवै अर पासा तोड़ देवै। याह्या कह्यो; 'मैं मलिक नै कैता सुण्यो; 'पासा रै मांय कोई भलाई कोनी है', बांनै इणसूं नफरत ही, अर म्हैं ओ भी सुण्यो कै बांनै पासा रै खेल सूं या दूजी चीजां सूं नफरत ही जिकी झूठी ही, फेर बां ओ श्लोक बांच्यो- '-सच रै पछै कीं नीं है, पण त्रुटि है-' -प्रश्न। योना; 32-

Hadith

Imam Malik : 1512

حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يُسَلِّمُ الرَّاكِبُ عَلَى الْمَاشِي وَإِذَا سَلَّمَ مِنْ الْقَوْمِ وَاحِدٌ أَجْزَأَ عَنْهُمْ

मलिक सूं [जैद बिन असलम] सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कह्यो है: 'सवारी करण आळा चालबाळा नैं नमस्कार करै है। जे लोगां मांय सूं कोई उणनै नमस्कार करै तो बां रै वास्तै ओ ई काफी है।

Hadith

Imam Malik : 1513

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ وَهْبِ بْنِ كَيْسَانَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ أَنَّهُ قَالَ كُنْتُ جَالِسًا عِنْدَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍفَدَخَلَ عَلَيْهِ رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الْيَمَنِ فَقَالَ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ ثُمَّ زَادَ شَيْئًا مَعَ ذَلِكَ أَيْضًا قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ وَهُوَ يَوْمَئِذٍ قَدْ ذَهَبَ بَصَرُهُ مَنْ هَذَا قَالُوا هَذَا الْيَمَانِي الَّذِي يَغْشَاكَ فَعَرَّفُوهُ إِيَّاهُ قَالَ فَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ إِنَّ السَّلَامَ انْتَهَى إِلَى الْبَرَكَةِ

मन्नै मलिक सूं [वहाब बिन कैसान] सूं [मुहम्मद बिन अमरू बिन अथा] सूं बतायो गयो है; 'मैं अब्दुल्ला बिन अब्बास रै कनै बैठ्यो, फेर एक यमन निवासी उणसूं मिल्यो अर बोल्यो; 'अस्सलामु 'अलैकुम वराहमतुल्लाही वा बराकतुहु -अल्लाह री सुरक्षा अर रहम अर उणरी आशीर्वाद थारै माथै रैवै-,' पछै उण इण मांय कीं जोड़ दियो'। इब्न अब्बास, जका उण बगत अंधा हा, पूछ्यो; 'वो आदमी कुण है?' बां जवाब दियो; 'यो एक यमन रो आदमी है जिको थानै मिलणो चावै है'। फेर बां उणरो परिचय करायो। मुहम्मद बिन अमरू कह्यो: ' [इब्न अब्बास] कह्यो 'अल बराकह शब्द माथै नमस्कार रुकै है'।

Hadith

Imam Malik : 1514

حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الْيَهُودَ إِذَا سَلَّمَ عَلَيْكُمْ أَحَدُهُمْ فَإِنَّمَا يَقُولُ السَّامُ عَلَيْكُمْ فَقُلْ عَلَيْكَقَالَ يَحْيَى و سُئِلَ مَالِك عَمَّنْ سَلَّمَ عَلَى الْيَهُودِيِّ أَوْ النَّصْرَانِيِّ هَلْ يَسْتَقِيلُهُ ذَلِكَ فَقَالَ لَا

मलिक सूं [अब्दुल्लाह बिन दीनार] सूं [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं मन्नै बतायो गयो है कै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अगर यहूदीयां मांय सूं कोई थानै नमस्कार करै है तो वे फगत कैवै है; अस्सामु अलैकुम - थारै माथै विनाश - फेर जवाब देवो; 'अलैका - थारै ऊपर भी-'। याह्या कह्यो; 'मलिक सूं यहूदी या ईसाइयां नै नमस्कार करण आळा मिनख रै बारै में पूछ्यो गयो हो, कांई वो आपरी बातां नै पाछी ले लेवैला? उण जवाब दियो, 'कोई जरूरत कोनी'।

Hadith

Imam Malik : 1515

حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَبِي مُرَّةَ مَوْلَى عَقِيلِ بْنِ أَبِي طَالِبٍ عَنْ أَبِي وَاقِدٍ اللَّيْثِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَمَا هُوَ جَالِسٌ فِي الْمَسْجِدِ وَالنَّاسُ مَعَهُ إِذْ أَقْبَلَ نَفَرٌ ثَلَاثَةٌ فَأَقْبَلَ اثْنَانِ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَذَهَبَ وَاحِدٌ فَلَمَّا وَقَفَا عَلَى مَجْلِسِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَلَّمَا فَأَمَّا أَحَدُهُمَا فَرَأَى فُرْجَةً فِي الْحَلْقَةِ فَجَلَسَ فِيهَا وَأَمَّا الْآخَرُ فَجَلَسَ خَلْفَهُمْ وَأَمَّا الثَّالِثُ فَأَدْبَرَ ذَاهِبًا فَلَمَّا فَرَغَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَلَا أُخْبِرُكُمْ عَنْ النَّفَرِ الثَّلَاثَةِ أَمَّا أَحَدُهُمْ فَأَوَى إِلَى اللَّهِ فَآوَاهُ اللَّهُ وَأَمَّا الْآخَرُ فَاسْتَحْيَا فَاسْتَحْيَا اللَّهُ مِنْهُ وَأَمَّا الْآخَرُ فَأَعْرَضَ فَأَعْرَضَ اللَّهُ عَنْهُ

मलिक सूं [इशाक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तल्हा] सूं [अबू मुर्राह] रै पूर्व दास अकिल बिन अबू तालिब सूं, [अबू वाकिद अल लैत्सी] सूं मलिक सूं बतायो गयो है कै जद रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम लोगां रै सागै मस्जिद मांय बैठ्या हा। तीन जणा आया, दो जणा रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कानी गया अर एक जणा बारै आयो। जद वे दोनूं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री सभा रै मांय खड़ा हुया तो बां नमस्कार करिया। बां मांय सूं एक नै लोगां रै टोळै मांय एक खाली जगां देखी अर बांनै ले ली। दूजो आदमी बां रै लारै बैठग्यो, जदकै तीजो आदमी पाछै हटग्यो अर निकळग्यो। समाप्त होबा रै बाद, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'मैं थानै तीन लोगां रै बारै में बताऊं; पैली तो वो अल्लाह री शरण ले ली है, फेर अल्लाह उणरी रक्षा करेला। दूजो मिनख, उणनै शर्म आई, फेर अल्लाह नै उणसूं शर्म आई, जदकै तीजो, वो मुड़ग्यो अर अल्लाह उणसूं मुड़ग्यो'।

Hadith

Imam Malik : 1516

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّهُ سَمِعَ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِوَسَلَّمَ عَلَيْهِ رَجُلٌ فَرَدَّ عَلَيْهِ السَّلَامَ ثُمَّ سَأَلَ عُمَرُ الرَّجُلَ كَيْفَ أَنْتَ فَقَالَ أَحْمَدُ إِلَيْكَ اللَّهَ فَقَالَ عُمَرُ ذَلِكَ الَّذِي أَرَدْتُ مِنْكَ

मलिक सूं [इशाक बिन अब्दुल्ला बिन अबू तल्हा] सूं [अनस बिन मलिक] सूं बतायो गयो हो कै उणनै एक आदमी नै उमर बिन खत्ताब नै नमस्कार करता सुण्यो हो, फेर उणनै जवाब दियो। फेर उमर उण आदमी सूं पूछ्यो; 'थै कियां हो?' आदमी जवाब दियो; 'मैं थारी आशीर्वाद रै वास्तै अल्लाह री स्तुति करूं'। फेर [उमर] कह्यो; 'मैं थारै सूं ओ ई चावूं हूं'।

Hadith

Imam Malik : 1517

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ أَنَّ الطُّفَيْلَ بْنَ أُبَيِّ بْنِ كَعْبٍ أَخْبَرَهُأَنَّهُ كَانَ يَأْتِي عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ فَيَغْدُو مَعَهُ إِلَى السُّوقِ قَالَ فَإِذَا غَدَوْنَا إِلَى السُّوقِ لَمْ يَمُرَّ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ عَلَى سَقَاطٍ وَلَا صَاحِبِ بِيعَةٍ وَلَا مِسْكِينٍ وَلَا أَحَدٍ إِلَّا سَلَّمَ عَلَيْهِ قَالَ الطُّفَيْلُ فَجِئْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ يَوْمًا فَاسْتَتْبَعَنِي إِلَى السُّوقِ فَقُلْتُ لَهُ وَمَا تَصْنَعُ فِي السُّوقِ وَأَنْتَ لَا تَقِفُ عَلَى الْبَيِّعِ وَلَا تَسْأَلُ عَنْ السِّلَعِ وَلَا تَسُومُ بِهَا وَلَا تَجْلِسُ فِي مَجَالِسِ السُّوقِ قَالَ وَأَقُولُ اجْلِسْ بِنَا هَاهُنَا نَتَحَدَّثُ قَالَ فَقَالَ لِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ يَا أَبَا بَطْنٍ وَكَانَ الطُّفَيْلُ ذَا بَطْنٍ إِنَّمَا نَغْدُو مِنْ أَجْلِ السَّلَامِ نُسَلِّمُ عَلَى مَنْ لَقِيَنَا

मलिक म्हनैं [इशाक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तल्हा] सूं बतायो कै [थुफैल बिन उबै बिन काअब] उणनैं बतायो कै वो [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं मिलण आयो हो अर वो उणरै साथै बाजार गयो हो। थुफैल बिन उबे कह्यो; 'जद म्हे बाजार गया तो अब्दुल्ला बिन उमर आम लोगां, या विक्रेता या गरीब लोगां या किणी दूजा रै कनै सूं नीं गुजरता जद तांई कै वो उणनै नमस्कार नीं करियो'। थुफैल कह्यो; 'एक दिन अब्दुल्ला बिन उमर सूं मिल्यो, फेर बां म्हनैं बाजार जावण सारू कैयो, म्हैं बां सूं पूछ्यो, 'थै बाजार मांय कांई कर रैया हो जद थैं किणी दुकान माथै नीं रुको, या सामान नीं मांगो, किणी चीज री सौदा नीं करो, या बिक्री री जगां माथै नीं बैठो?' उण जवाब दियो, 'मैं कह्यो, 'अठै बैठो अर आपां कीं बात करस्यां'। फेर अब्दुल्लाह बिन उमर मन्नै कह्यो, 'ओ अबू बाथन -बड़ो पेट-! -क्यूंकै उण बगत थुफैल रो पेट मोटो हो-, म्हे बजार जांवता हा, बस किणी नै भी मिलण नै नमस्कार करण सारू।

Hadith

Imam Malik : 1518

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّ رَجُلًا سَلَّمَ عَلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَفَقَالَ السَّلَامُ عَلَيْكَ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ وَالْغَادِيَاتُ وَالرَّائِحَاتُ فَقَالَ لَهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ وَعَلَيْكَ أَلْفًا ثُمَّ كَأَنَّهُ كَرِهَ ذَلِكَ

यो म्हारै सूं मलिक सूं [यह्या बिन सईद] सूं संबंधित है जिका कह्यो है, 'एक आदमी अब्दुल्ला बिन उमर नै नमस्कार करियो, बो बोल्यो, 'असलाम अलैका वा रहमतुल्लाह वा बराकातुहु वालघादियातु वरारा`इहात -अल्लाह री सुरक्षा, रहम अर थारै माथै आशीर्वाद होवै, अर जिका सुबह आवैला शाम-'। [अब्दुल्लाह बिन उमर] फेर जवाब दियो; 'वा'अलैका अल्फान -अर थारै माथै हजार बार-,' जाणै बो इणसूं नफरत करतो हो।

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Imam Malik : 1519

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَأَلَهُ رَجُلٌ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَسْتَأْذِنُ عَلَى أُمِّي فَقَالَ نَعَمْ قَالَ الرَّجُلُ إِنِّي مَعَهَا فِي الْبَيْتِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اسْتَأْذِنْ عَلَيْهَا فَقَالَ الرَّجُلُ إِنِّي خَادِمُهَا فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اسْتَأْذِنْ عَلَيْهَا أَتُحِبُّ أَنْ تَرَاهَا عُرْيَانَةً قَالَ لَا قَالَ فَاسْتَأْذِنْ عَلَيْهَا

मन्नै बतायो गयो है कै [शफवान बिन सुलेम] सूं [अथा बिन यासर] रा मलिक कह्यो, 'अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं एक बार एक आदमी पूछ्यो हो, 'हे रसूल अल्लाह, कांई म्हैं आपरी मां सूं इजाजत लेऊं -अगर म्हैं उणरै कमरै मांय बड़ जाऊं-?' उण जवाब दियो: 'हां'। बो आदमी फेरूं पूछ्यो, 'मैं उणरै सागै एक ई घर मांय रैवूं?' फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'उणसूं इजाजत लेवो'। बो आदमी फेरूं पूछ्यो, 'मैं भी उणरो नौकर हूं'। तो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उणसूं कह्यो: 'उणसूं इजाजत लेवो, कांई थै उणनै नंगौ पाणो चावोला! ' उण जवाब दियो; 'नीं'। बो बोल्यो: 'फेर इजाजत ले लो! '

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Imam Malik : 1520

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ عُلَمَائِهِمْ أَنَّ أَبَا مُوسَى الْأَشْعَرِيَّجَاءَ يَسْتَأْذِنُ عَلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ فَاسْتَأْذَنَ ثَلَاثًا ثُمَّ رَجَعَ فَأَرْسَلَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فِي أَثَرِهِ فَقَالَ مَا لَكَ لَمْ تَدْخُلْ فَقَالَ أَبُو مُوسَى سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ الْاسْتِئْذَانُ ثَلَاثٌ فَإِنْ أُذِنَ لَكَ فَادْخُلْ وَإِلَّا فَارْجِعْ فَقَالَ عُمَرُ وَمَنْ يَعْلَمُ هَذَا لَئِنْ لَمْ تَأْتِنِي بِمَنْ يَعْلَمُ ذَلِكَ لَأَفْعَلَنَّ بِكَ كَذَا وَكَذَا فَخَرَجَ أَبُو مُوسَى حَتَّى جَاءَ مَجْلِسًا فِي الْمَسْجِدِ يُقَالُ لَهُ مَجْلِسُ الْأَنْصَارِ فَقَالَ إِنِّي أَخْبَرْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ أَنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ الْاسْتِئْذَانُ ثَلَاثٌ فَإِنْ أُذِنَ لَكَ فَادْخُلْ وَإِلَّا فَارْجِعْ فَقَالَ لَئِنْ لَمْ تَأْتِنِي بِمَنْ يَعْلَمُ هَذَا لَأَفْعَلَنَّ بِكَ كَذَا وَكَذَا فَإِنْ كَانَ سَمِعَ ذَلِكَ أَحَدٌ مِنْكُمْ فَلْيَقُمْ مَعِي فَقَالُوا لِأَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ قُمْ مَعَهُ وَكَانَ أَبُو سَعِيدٍ أَصْغَرَهُمْ فَقَامَ مَعَهُ فَأَخْبَرَ بِذَلِكَ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ فَقَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ لِأَبِي مُوسَى أَمَا إِنِّي لَمْ أَتَّهِمْكَ وَلَكِنْ خَشِيتُ أَنْ يَتَقَوَّلَ النَّاسُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

मलिक म्हनैं [रबीअह बिन अबू अब्दुर्रहमान] सूं [उणां रै एक सूं बेसी विद्वानां] सूं बतायो कै [अबू मूसा अल अस्यारी] उमर बिन खत्ताब सूं इजाजत लेवण आया हा, फेर बां तीन बार नमस्कार करियो, जिणरै बाद बां घरां पाछा आया। उमर बिन खत्ताब उणनै पीछा करण सारू किणी नै भेज दियो। उमर पूछ्यो; 'थै मांय क्यूं कोनी आवो?' अबू मूसा अल असियारी जवाब दियो; 'मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कहता सुण्यो है: 'तीन बार इजाजत मांगो। जे थनै इजाजत है तो मांय आवो। नीं तो घरां जावो'! ' फेर उमर बिन खत्ताब कह्यो; 'थारै अलावा, इण हदीस रै बारै में कुण जाणै है? जे थै ओ म्हारै कनै कोनी ल्यावोला तो म्हैं थारै सागै ओ अर ओ करूंला'। फेर अबू मूसा बारै गया अर मस्जिद रै मांय एक मजलिस मिली जिणनै अंशर मजलिस कैवै है। वो केवे है; 'मैं उमर बिन खत्ताब नै सूचित कर दियो है कै म्हैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'तीन बार इजाजत मांगो, जे थानै इजाजत है तो मांय आवो, पण जे नीं है तो घरां जावो'। फेर उमर बोल्यो; 'अगर थै म्हारै वास्तै कोई इसो मिनख कोनी ल्यावोला जिणनै इण बाबत ठाह होवै तो म्हैं ओ अर ओ करूंला। तो जे थारै मांय सूं कोई सुण्यो है तो म्हारै सागै आवो'। लोगां फेर [अबू सईद अल खुदरी] सूं कह्यो; 'उणरै सागै आवो! ' उण बगत अबू सईद अल खुदरी बां मांय सूं सबसूं छोटा हा, सो वै अबू मूसा रै सागै गया अर उमर बिन खत्ताब नै गवाही दी। फेर उमर बिन खत्ताब अबू मूसा सूं कह्यो; 'म्हानै थारै माथै कोई शक कोनी, बस ओ है कै म्हनै चिंता है कै लोग कोई सबद बणावैला - जिणनै पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम' रै नाम सूं जोड़ दियो जावै है।