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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Malik (الامام مالك) - 1594 Hadith

Hadith

Imam Malik : 1401

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا قَالَتْمَا خُيِّرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي أَمْرَيْنِ قَطُّ إِلَّا أَخَذَ أَيْسَرَهُمَا مَا لَمْ يَكُنْ إِثْمًا فَإِنْ كَانَ إِثْمًا كَانَ أَبْعَدَ النَّاسِ مِنْهُ وَمَا انْتَقَمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِنَفْسِهِ إِلَّا أَنْ تُنْتَهَكَ حُرْمَةُ اللَّهِ فَيَنْتَقِمُ لِلَّهِ بِهَا

मलिक म्हनैं [इब्न शिहाब] सूं ['उर्वाह बिन जुबैर] सूं [आइशा] पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री पत्नी सूं बतायो, उण कैयो; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै दो चीजां रै मांय सूं दो विकल्प कोनी दिया गया, सिवाय इणरै कै वो दो चीजां मांय सूं लाइटर लेवैला जद तांई कै ओ पाप नीं हुवै। जे ओ पाप है तो फेर वो इणसूं सबसूं दूर रो मिनख है। अर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खुद सूं बदलो कोनी लियो, जद तांई अल्लाह री इज्जत रो अपमान नीं हुयो तो वो अल्लाह रै वास्तै बदलो लेसी।

Hadith

Imam Malik : 1402

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَلِيِّ بْنِ حُسَيْنِ بْنِ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مِنْ حُسْنِ إِسْلَامِ الْمَرْءِ تَرْكُهُ مَا لَا يَعْنِيهِ

मलिक म्हनैं [इब्न शिहाब] सूं [अली बिन हुसैन बिन अली बिन अबू तालिब] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'किणी मिनख रै इस्लाम री एक आछी निसाणी है कै वो उण चीज नैं छोड़ देवै जिणनैं उणनैं फायदो नीं हुवै'।

Hadith

Imam Malik : 1403

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَمِّهِ أَبِي سُهَيْلِ بْنِ مَالِكٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ كَعْبِ الْأَحْبَارِ أَنَّهُ قَالَإِذَا أَحْبَبْتُمْ أَنْ تَعْلَمُوا مَا لِلْعَبْدِ عِنْدَ رَبِّهِ فَانْظُرُوا مَاذَا يَتْبَعُهُ مِنْ حُسْنِ الثَّنَاءِ

मन्नै आपरै काकै [अबू सुहैल बिन मलिक] सूं [आपरै पिता] सूं [का'ब अल अहबारी] सूं मलिक बतार बां कैयो; 'अगर थै जाणणो चावो हो कै एक सेवक नै आपरै प्रभु सूं कांई मिलै है, तो उणरै साथै मिलण आळी आछी तारीफ नै देखौ'।

Hadith

Imam Malik : 1404

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّهُ قَالَ بَلَغَنِيأَنَّ الْمَرْءَ لَيُدْرِكُ بِحُسْنِ خُلُقِهِ دَرَجَةَ الْقَائِمِ بِاللَّيْلِ الظَّامِي بِالْهَوَاجِرِ

मलिक सूं [यह्या बिन सईद] सूं बतायो हो; 'म्हारै साम्हीं आ खबर आई है कै आच्छी नैतिकता वाळो मिनख रात नै नमाज पढ़ण आळा अर दिन नै प्यासा रैवण आळा मिनख रै स्तर नै बराबर कर सकैला -उपवास-'।

Hadith

Imam Malik : 1405

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ يَقُولُأَلَا أُخْبِرُكُمْ بِخَيْرٍ مِنْ كَثِيرٍ مِنْ الصَّلَاةِ وَالصَّدَقَةِ قَالُوا بَلَى قَالَ إِصْلَاحُ ذَاتِ الْبَيْنِ وَإِيَّاكُمْ وَالْبِغْضَةَ فَإِنَّهَا هِيَ الْحَالِقَةُ

मलिक सूं [यह्या बिन सईद] सूं बतायो हो, बो बोल्यो; 'मैं [सईद बिन मुसैयब] नै कैता सुण्यो; 'कांई थै चावोला कै म्हैं थानै नमाज अर जकात सूं बेसी कीं और आछी बात बताऊं?' बां जवाब दियो, 'जरूर'। सईद कह्यो, 'लोगां रै बीच संबंधां नै सुधारो अर क्रोध सूं दूर रैवो क्यूंकै ओ धर्म नै नाश करण आळो अर विनाश करण आळो है'।

Hadith

Imam Malik : 1406

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ سَلَمَةَ بْنِ صَفْوَانَ بْنِ سَلَمَةَ الزُّرَقِيِّ عَنْ زَيْدِ بْنِ طَلْحَةَ بْنِ رُكَانَةَ يَرْفَعُهُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِكُلِّ دِينٍ خُلُقٌ وَخُلُقُ الْإِسْلَامِ الْحَيَاءُ

यो म्हारै सूं मलिक सूं [सलामा बिन शफवान बिन सलामा अज जुराकी] सूं [जैद बिन थलहा बिन रुकाना] सूं संबंधित है, बां पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै बतायो, बां कैयो, 'अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'हर धर्म रै मांय नैतिकता है, अर इस्लामी नैतिकता शर्मनाक है'।

Hadith

Imam Malik : 1407

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَرَّ عَلَى رَجُلٍ وَهُوَ يَعِظُ أَخَاهُ فِي الْحَيَاءِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعْهُ فَإِنَّ الْحَيَاءَ مِنْ الْإِيمَانِ

मलिक [इब्न शिहाब] सूं [सलीम बिन अब्दुल्ला] सूं [अब्दुल्ला बिन उमर] सूं मलिक म्हानै बतायो है कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) किणी रै कनै सूं गुजरिया जिका आपरै शर्मीले भाई नै सलाह दे रैया हा। रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम फेर कह्यो: 'उणनै रैवण दो, क्यूंकै शर्म ईमान रो हिस्सो है'।

Hadith

Imam Malik : 1408

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍأَنَّ رَجُلًا أَتَى إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَلِّمْنِي كَلِمَاتٍ أَعِيشُ بِهِنَّ وَلَا تُكْثِرْ عَلَيَّ فَأَنْسَى فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَغْضَبْ

म्हनैं बतायो गयो है कै [इब्न शिहाब] सूं [हुमैद बिन अब्दुर्रहमान बिन औफ] सूं मलिक कह्यो, 'एक आदमी अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं मिल्यो अर बोल्यो; 'हे अल्लाह रा रसूल, म्हनै अस्या वाक्य सिखाओ जिणनै मैं जीवन रै मांय मार्गदर्शन रै रूप मांय काम में ले सकूं, पण इतरा वाक्य नीं सिखाओ कै मैं बांनै भूल जाऊं! ' फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बोल्या: 'नाराज मत हो'।

Hadith

Imam Malik : 1409

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَيْسَ الشَّدِيدُ بِالصُّرَعَةِ إِنَّمَا الشَّدِيدُ الَّذِي يَمْلِكُ نَفْسَهُ عِنْدَ الْغَضَبِ

मन्नै बतायो गयो है कै [इब्न शिहाब] सूं [सईद बिन मुसय्यब] सूं [अबू हुरैरा] सूं मलिक कह्यो है, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'एक मजबूत आदमी लड़ाई में मजबूत कोनी होवै। पण एक ताकतवर मिनख वो होवै है जको गुस्सा रै बगत आपरी आत्मा नै काबू कर सकै है।'

Hadith

Imam Malik : 1410

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَحِلُّ لِمُسْلِمٍ أَنْ يُهَاجِرَ أَخَاهُ فَوْقَ ثَلَاثِ لَيَالٍ يَلْتَقِيَانِ فَيُعْرِضُ هَذَا وَيُعْرِضُ هَذَا وَخَيْرُهُمَا الَّذِي يَبْدَأُ بِالسَّلَامِ

मन्नै बतायो गयो है कै [इब्न शिहाब] सूं ['अथा' बिन यजीद अल लैत्सी] सूं [अबू अय्यूब अल अंसारी] सूं मलिक कह्यो, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'एक मुसलमान रै वास्तै आपरै भाई नै तीन रातां सूं बेसी अकेलो छोड़णो हल कोनी। वे मिलिया, फेर हरेक री निजर दूजी कानी पड़ी। दोनूं मांय सूं सबसूं चोखो वो है जको अभिवादन री शुरुआत करै है।

Hadith

Imam Malik : 1411

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَبَاغَضُوا وَلَا تَحَاسَدُوا وَلَا تَدَابَرُوا وَكُونُوا عِبَادَ اللَّهِ إِخْوَانًا وَلَا يَحِلُّ لِمُسْلِمٍ أَنْ يُهَاجِرَ أَخَاهُ فَوْقَ ثَلَاثِ لَيَالٍقَالَ مَالِك لَا أَحْسِبُ التَّدَابُرَ إِلَّا الْإِعْرَاضَ عَنْ أَخِيكَ الْمُسْلِمِ فَتُدْبِرَ عَنْهُ بِوَجْهِكَ

मलिक म्हनैं [इब्नू शिहाब] सूं [अनस बिन मलिक] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो कै एक दूजा सूं नफरत मत करो, एक दूजा सूं ईर्ष्या मत करो, एक दूजा सूं दुश्मनी मत करो, पण अल्लाह रा सेवक बणो जो भाई-बैन है। एक मुसलमान रै वास्तै आपरै भाई नै तीन रातां सूं बेसी चुप कराणो हलाल कोनी है। मलिक बोल्यो; 'मैं तादाबर नै किणी मिनख नै उणरै मुस्लिम भाई सूं दूर करण अर पछै उणसूं थारो मुंडो हटावण रै अलावा और कीं नीं मानूं'।

Hadith

Imam Malik : 1412

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِيَّاكُمْ وَالظَّنَّ فَإِنَّ الظَّنَّ أَكْذَبُ الْحَدِيثِ وَلَا تَجَسَّسُوا وَلَا تَحَسَّسُوا وَلَا تَنَافَسُوا وَلَا تَحَاسَدُوا وَلَا تَبَاغَضُوا وَلَا تَدَابَرُوا وَكُونُوا عِبَادَ اللَّهِ إِخْوَانًا

यो मलिक सूं [अबू अज जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'बुरे पूर्वाग्रहां सूं दूर रैवो, क्यूंकै बुरा पूर्वाग्रहां री बात झूठ है। एक दूजा री जासूसी मत करो, एक दूजा री बेइज्जती ढूंढो, दुनिया री ठाट-बाट सारू एक दूजा सूं होड़ करो, एक दूजा सूं ईर्ष्या करो, एक दूजा सूं दुश्मनी करो अर एक दूजा माथै फैसलो करो। अल्लाह रा सेवक बणो जका भाई हो।

Hadith

Imam Malik : 1413

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي مُسْلِمٍ عَبْدِ اللَّهِ الْخُرَاسَانِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَصَافَحُوا يَذْهَبْ الْغِلُّ وَتَهَادَوْا تَحَابُّوا وَتَذْهَبْ الشَّحْنَاءُ

मन्नै बतायो गयो है कै [अथा बिन अबू मुस्लिम अब्दुल्लाह अल खुरासानी] रा मलिक कह्यो है, 'अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'थनै एक दूजा सूं हाथ मिलाणो चाइजै, अर ईर्ष्या खत्म हो जावैला। थै एक दूजा नै उपहार देवो, थै एक दूजा सूं प्यार करोला अर दुश्मनी खत्म हो जावैला'।

Hadith

Imam Malik : 1414

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ تُفْتَحُ أَبْوَابُ الْجَنَّةِ يَوْمَ الْاثْنَيْنِ وَيَوْمَ الْخَمِيسِ فَيُغْفَرُ لِكُلِّ عَبْدٍ مُسْلِمٍ لَا يُشْرِكُ بِاللَّهِ شَيْئًا إِلَّا رَجُلًا كَانَتْ بَيْنَهُ وَبَيْنَ أَخِيهِ شَحْنَاءُ فَيُقَالُ أَنْظِرُوا هَذَيْنِ حَتَّى يَصْطَلِحَا أَنْظِرُوا هَذَيْنِ حَتَّى يَصْطَلِحَا

मलिक सूं [सुहैल बिन अबू सलीह] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैरा] सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'स्वर्ग रा दरवाजा सोमवार अर गुरुवार नैं खुलै है, इण वास्तै हरेक मुसलमान सेवक जिको अल्लाह रै साथै साथी नीं राखै है, उणनैं माफ कर दियो जावैला, सिवाय उण मिनख रै जिणरै भाई रै साथै एक भाई है। फेर ओ बोल्यो; "दोनां रै वास्तै इणनै स्थगित कर दो जद तांई वे शांति नीं कर लेवै, दोनूं रै वास्तै इणनै स्थगित कर दो जद तांई वे शांति नीं कर लेवै।"

Hadith

Imam Malik : 1415

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ مُسْلِمِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ عَنْ أَبِي صَالِحٍ السَّمَّانِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ قَالَتُعْرَضُ أَعْمَالُ النَّاسِ كُلَّ جُمُعَةٍ مَرَّتَيْنِ يَوْمَ الْاثْنَيْنِ وَيَوْمَ الْخَمِيسِ فَيُغْفَرُ لِكُلِّ عَبْدٍ مُؤْمِنٍ إِلَّا عَبْدًا كَانَتْ بَيْنَهُ وَبَيْنَ أَخِيهِ شَحْنَاءُ فَيُقَالُ اتْرُكُوا هَذَيْنِ حَتَّى يَفِيئَا أَوِ ارْكُوا هَذَيْنِ حَتَّى يَفِيئَا

मलिक सूं [मुस्लिम बिन अबू मरियम] सूं [अबू सालिह अस सामन] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो गयो है; 'मानव कर्म हफ्तै रै मांय दो बार दिखाया जावेला; सोमवार अर गुरुवार। फेर हरेक विस्वासी रा पाप माफ कर दिया जावैला सिवाय एक सेवक रै जिको आपरै भाई सूं दुश्मनी राखै है, फेर ओ कैयो जावैला कै 'जद तांई वै पाछा नीं आवैला' या 'जद तांई वै पाछा नीं आवैला' बां दोनूं नै छोड़ दो'।

Hadith

Imam Malik : 1416

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْأَنْصَارِيِّ أَنَّهُ قَالَخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي غَزْوَةِ بَنِي أَنْمَارٍ قَالَ جَابِرٌ فَبَيْنَا أَنَا نَازِلٌ تَحْتَ شَجَرَةٍ إِذَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَقْبَلَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلُمَّ إِلَى الظِّلِّ قَالَ فَنَزَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُمْتُ إِلَى غِرَارَةٍ لَنَا فَالْتَمَسْتُ فِيهَا شَيْئًا فَوَجَدْتُ فِيهَا جِرْوَ قِثَّاءٍ فَكَسَرْتُهُ ثُمَّ قَرَّبْتُهُ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مِنْ أَيْنَ لَكُمْ هَذَا قَالَ فَقُلْتُ خَرَجْنَا بِهِ يَا رَسُولَ اللَّهِ مِنْ الْمَدِينَةِ قَالَ جَابِرٌ وَعِنْدَنَا صَاحِبٌ لَنَا نُجَهِّزُهُ يَذْهَبُ يَرْعَى ظَهْرَنَا قَالَ فَجَهَّزْتُهُ ثُمَّ أَدْبَرَ يَذْهَبُ فِي الظَّهْرِ وَعَلَيْهِ بُرْدَانِ لَهُ قَدْ خَلَقَا قَالَ فَنَظَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَيْهِ فَقَالَ أَمَا لَهُ ثَوْبَانِ غَيْرُ هَذَيْنِ فَقُلْتُ بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ لَهُ ثَوْبَانِ فِي الْعَيْبَةِ كَسَوْتُهُ إِيَّاهُمَا قَالَ فَادْعُهُ فَمُرْهُ فَلْيَلْبَسْهُمَا قَالَ فَدَعَوْتُهُ فَلَبِسَهُمَا ثُمَّ وَلَّى يَذْهَبُ قَالَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا لَهُ ضَرَبَ اللَّهُ عُنُقَهُ أَلَيْسَ هَذَا خَيْرًا لَهُ قَالَ فَسَمِعَهُ الرَّجُلُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَبِيلِ اللَّهِ قَالَ فَقُتِلَ الرَّجُلُ فِي سَبِيلِ اللَّهِو حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ قَالَ إِنِّي لَأُحِبُّ أَنْ أَنْظُرَ إِلَى الْقَارِئِ أَبْيَضَ الثِّيَابِ

मलिक सूं [जैद बिन असलम] सूं [जाबिर बिन अब्दुल्ला अल अंसारी] सूं बतायो गयो है; 'बानी अनमार युद्ध रै मांय रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम' रै साथै गया। जाबीर बोल्यो; 'जद मैं पेड़ रै तळै बैठ्यो तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आया। म्हैं फेर बोल्यो; 'हे अल्लाह रा रसूल, अठै आवो अर एक पेड़ रै तळै शरण लेवो'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फेर नीचै उतर्या, जदकै मैं उठ्यो अर म्हारी बोरी रै कनै गयो। मैं उण मांय हाथ घाल्यो अर म्हनैं एक छोटो सो खीरो मिलग्यो। फेर मैं खीरा नै काट कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै दे दिया। उण पूछ्यो: 'ओ कठै सूं आयो?' जाबीर बोल्यो; 'मैं जवाब दियो; 'हे अल्लाह रा रसूल, म्हे उणनै मदीना सूं ल्याया हां'। जाबिर आगै कैयो, 'म्हारो एक दोस्त है, अर म्हे उणनै आपरै सवारी करण आळा जानवरां री देखभाळ करतां बगत साथै ले जावण सारू रसोई तैयार करी।' जाबीर बोल्यो; 'मैं उणरै वास्तै रसोई तैयार करी, फेर वो पाछो मुड़ग्यो अर दोपहर री नमाज रै बगत दो घिस्योड़ा कपड़ा पैहर'र रवाना हुयो। रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उणनै देखर पूछ्यो: 'कांई उणरै कनै इणरै अलावा दो और कपड़ा है? ' म्हैं जवाब दियो; 'ठीक है हे अल्लाह रा रसूल! बां रै बैग मांय दो कपड़ा हा जिका म्हैं बां नै दिया। बो बोल्यो: 'उणनै बुलाओ अर कैवो कै ओ पैहर लेवै'। फेर म्हैं फोन करियो अर उणनै कपड़ो पैरण रो कैयो। म्हारो दोस्त फेर मुड़ग्यो अर निकळग्यो। जाबीर कह्यो, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अल्लाह उणरी गर्दन मारै। कांई ओ उणरै वास्तै चोखो कोनी होसी?' म्हारा दोस्त ने अल्लाह के रसूल की बात सुणी, फेर वो बोल्या, 'हे अल्लाह के रसूल, कांई यो अल्लाह रै रास्ते में है? ' उण जवाब दियो: 'अल्लाह रै मारग माथै'। जाबीर बोल्यो; 'फेर म्हारो दोस्त अल्लाह रै मारग माथै मार दियो गयो'। मलिक बतायो कै बांनै खबर मिली है कै उमर बिन खत्ताब कैयो है; 'वाकई मैं एक कारी नै सफेद कपड़ा पैहरियोड़ो देखणो चावूंला'।

Hadith

Imam Malik : 1417

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَيُّوبَ بْنِ أَبِي تَمِيمَةَ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ قَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِإِذَا أَوْسَعَ اللَّهُ عَلَيْكُمْ فَأَوْسِعُوا عَلَى أَنْفُسِكُمْ جَمَعَ رَجُلٌ عَلَيْهِ ثِيَابَهُ

मलिक सूं [अय्यूब बिन अबू तमीमा] सूं [इब्न सिरिन] सूं बतायो गयो है; [उमर बिन खत्ताब] कह्यो; 'अगर अल्लाह थानै आपरी आशीर्वाद देवै है तो बांनै खुद माथै ई काम में लेवो। एक आदमी खुद रै वास्तै कपड़ा भेळा करै है - यानी प्रार्थना रै मांय-'।

Hadith

Imam Malik : 1418

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَكَانَ يَلْبَسُ الثَّوْبَ الْمَصْبُوغَ بِالْمِشْقِ وَالْمَصْبُوغَ بِالزَّعْفَرَانِ

मन्नै [नफी] रै मलिक सूं बतायो गयो है कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] कपड़ा पैरता हा जिणनै मिसिक अर जफरन सूं रंग दियो गयो हो।

Hadith

Imam Malik : 1419

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَأَنَّهَا كَسَتْ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الزُّبَيْرِ مِطْرَفَ خَزٍّ كَانَتْ عَائِشَةُ تَلْبَسُهُ

मलिक [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी [ऐस्याह] सूं म्हनैं बतायो है कै उण एक बार अब्दुल्ला बिन जुबैर नैं बुनेड़ा रेशम अर सूती सूं बणायोड़ो कपड़ो पैहरियो हो। अर वो कपड़ो आमतौर माथै 'ऐस्या' पैरै है।

Hadith

Imam Malik : 1420

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ أَبِي عَلْقَمَةَ عَنْ أُمِّهِ أَنَّهَا قَالَتْ دَخَلَتْ حَفْصَةُ بِنْتُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَلَى عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَوَعَلَى حَفْصَةَ خِمَارٌ رَقِيقٌ فَشَقَّتْهُ عَائِشَةُ وَكَسَتْهَا خِمَارًا كَثِيفًا

मलिक सूं [अलकामा बिन अबू अलकामा] सूं [उणरी मां] सूं बतायो हो, बो बोल्यो; 'हफसाह बिन्त अब्दुर्रहमान पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी ऐसिया सूं मिलिया, जिणरै मांय पतळो घूंघटो हो, ['ऐस्या] उणनै फाड़ दियो अर बां रै वास्तै एक मोटो घूंघट पैर दियो।