Imam Malik : 1381
و حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ حِمَاسٍ عَنْ عَمِّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَتُتْرَكَنَّ الْمَدِينَةُ عَلَى أَحْسَنِ مَا كَانَتْ حَتَّى يَدْخُلَ الْكَلْبُ أَوْ الذِّئْبُ فَيُغَذِّي عَلَى بَعْضِ سَوَارِي الْمَسْجِدِ أَوْ عَلَى الْمِنْبَرِ فَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ فَلِمَنْ تَكُونُ الثِّمَارُ ذَلِكَ الزَّمَانَ قَالَ لِلْعَوَافِي الطَّيْرِ وَالسِّبَاعِ
याह्या मन्नै मलिक सूं [इब्न हिमास] सूं [उणरै चाचा] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो कै अल्लाह रै रसूल सल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'वास्तव में मदीना रै मांय सगळा सूं चोखो रैसी जद तांई कोई कुत्तो या भेड़ियो नीं आवै। फेर ओ जानवर मस्जिद या उणरै मंच रै केई खम्भा माथै पेशाब करतो हो। दोस्तां पूछ्यो; 'हे अल्लाह रा रसूल, बां दिनां रा फल किण रै वास्तै है?' बो बोल्यो: 'पंछी अर जंगली जानवरां रै वास्तै'।
Imam Malik : 1382
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ عَمْرٍو مَوْلَى الْمُطَّلِبِ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَلَعَ لَهُ أُحُدٌ فَقَالَ هَذَا جَبَلٌ يُحِبُّنَا وَنُحِبُّهُ اللَّهُمَّ إِنَّ إِبْرَاهِيمَ حَرَّمَ مَكَّةَ وَأَنَا أُحَرِّمُ مَا بَيْنَ لَابَتَيْهَا
मन्नै बतायो गयो है कै ['अमरू] सूं मलिक सूं याह्या, अल मुथलिब रो एक पूर्व दास, [अनस बिन मलिक] सूं कह्यो, 'जद उहुद पर्वत नै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम देख्यो, तो उण कह्यो: 'ओ वो पर्वत है, जिणनै वो आपां सूं प्यार करै है अर आपां उण सूं प्यार करां हां। हे अल्लाह, साची में अब्राहम नै मक्का नै मना कर दियो है, इण वास्तै म्हैं भी मक्का नै मना कर दियो है जिणनै उणरै दो पहाड़ां रै बीच में है - मदीना - '।
Imam Malik : 1383
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ لَوْ رَأَيْتُ الظِّبَاءَ بِالْمَدِينَةِ تَرْتَعُ مَا ذَعَرْتُهَاقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا بَيْنَ لَابَتَيْهَا حَرَامٌ
मन्नै बतायो गयो है कै [इब्न शिहाब] सूं [सईद बिन मुसैयब] सूं [अबू हुरैरा] सूं मलिक कह्यो; 'अगर मैं एक हिरण नै देखूं - घास रै मैदानां रै मांय - मदीना रै मांय भोजन री तलाश कर रैयो है, तो मैं उणनै भागणो कोनी चावूंला, क्यूंकै अल्लाह रा रसूल कह्यो है: 'जो उणरै दो पहाड़ां रै बिचाळै है वो हराम है''।
Imam Malik : 1384
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يُونُسَ بْنِ يُوسُفَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّأَنَّهُ وَجَدَ غِلْمَانًا قَدْ أَلْجَئُوا ثَعْلَبًا إِلَى زَاوِيَةٍ فَطَرَدَهُمْ عَنْهُقَالَ مَالِك لَا أَعْلَمُ إِلَّا أَنَّهُ قَالَ أَفِي حَرَمِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصْنَعُ هَذَا
मलिक म्हनैं [यूनुस बिन यूसुफ] सूं ['अथा बिन यासर] सूं [अबू अयूब अल अंसारी] सूं बतायो कै उणनैं एक बार कई टाबर भेड़िया नैं अगुवाई करता अर भगाता देख्या। मलिक बोल्यो; 'मनै ठा नीं हो जद तांई अबू हुरैरा नीं कैयो; 'कांई ओ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै मनाही क्षेत्र - मदीना - मांय करियो गयो हो? '
Imam Malik : 1385
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ أَنَّهَا قَالَتْلَمَّا قَدِمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةَ وُعِكَ أَبُو بَكْرٍ وَبِلَالٌ قَالَتْ فَدَخَلْتُ عَلَيْهِمَا فَقُلْتُ يَا أَبَتِ كَيْفَ تَجِدُكَ وَيَا بِلَالُ كَيْفَ تَجِدُكَ قَالَتْ فَكَانَ أَبُو بَكْرٍ إِذَا أَخَذَتْهُ الْحُمَّى يَقُولُ كُلُّ امْرِئٍ مُصَبَّحٌ فِي أَهْلِهِوَالْمَوْتُ أَدْنَى مِنْ شِرَاكِ نَعْلِهِوَكَانَ بِلَالٌ إِذَا أُقْلِعَ عَنْهُ يَرْفَعُ عَقِيرَتَهُ فَيَقُولُ أَلَا لَيْتَ شِعْرِي هَلْ أَبِيتَنَّ لَيْلَةًبِوَادٍ وَحَوْلِي إِذْخِرٌ وَجَلِيلُوَهَلْ أَرِدَنْ يَوْمًا مِيَاهَ مَجِنَّةٍوَهَلْ يَبْدُوَنْ لِي شَامَةٌ وَطَفِيلُقَالَتْ عَائِشَةُ فَجِئْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرْتُهُ فَقَالَ اللَّهُمَّ حَبِّبْ إِلَيْنَا الْمَدِينَةَ كَحُبِّنَا مَكَّةَ أَوْ أَشَدَّ وَصَحِّحْهَا وَبَارِكْ لَنَا فِي صَاعِهَا وَمُدِّهَا وَانْقُلْ حُمَّاهَا فَاجْعَلْهَا بِالْجُحْفَةِقَالَ مَالِك و حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ أَنَّ عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ وَكَانَ عَامِرُ بْنُ فُهَيْرَةَ يَقُولُ قَدْ رَأَيْتُ الْمَوْتَ قَبْلَ ذَوْقِهِإِنَّ الْجَبَانَ حَتْفُهُ مِنْ فَوْقِهِ
मलिक सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [ऐस्याह] उम्मुल मुकमिनिन सूं बतायो हो, उण कैयो; 'जद रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम मदीना पूग्या तो अबू बकर अर बिलाल नै गर्मी रो हमलो हुयो'। आयशा बोली; 'फेर म्हैं बां दोनूं सूं मिल्यो। म्हैं कैयो; 'ओ म्हारा पिताजी, थै कियां हो? ओ बिलाल थारो कांई हाल है? '' बो जोड़्यो; 'जद अबू बकर नै बुखार आयो, तो वै हमेशा कैवता; 'हरेक जीव आपरै परिवार रै सामी सवेरै उठै है, भलांई मौत उणरी चप्पल री पट्टी सूं भी ज्यादा नजीक है'। जठै तण बिलाल री बात है जद बो बुखार सूं उबरग्यो तो बो आपरी आवाज उठाई अर बोल्यो; 'प्रिय, जे कोई म्हारी कविता सुणै तो कांई म्हैं आज रात नै किणी घाटी मांय अर म्हारै आसै-पासै इदखीर रा पेड़ अर जलिल रा पेड़ रुकूंला। अर कांई मैं एक दिन माजिन्ना रै पाणी माथै आऊंला या फेर मैं शमह अर थफिल नै देखूंला। आयशा बोली; 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं मिल्यो अर बांनै सूचना दी। फेर बां प्रार्थना करी: 'हे अल्लाह, म्हांनै मदीना सूं उतना ही प्यार करो जितना म्हांनै मक्का सूं प्यार है, या फेर म्हांनै मदीना सूं और ज्यादा प्यार करो। म्हानै म्हारी शा' अर म्हारी कीचड़ में आशीर्वाद दे अर बुखार नै जुहफा री तरफ ले जा,' मलिक बोल्यो; याह्या बिन सईद बतायो कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी आयशा कह्यो; अमीर बिन फुहैराह कह्यो; 'मैं मौत रो स्वाद लेवण सूं पैली ई देख चुक्यो हूं, साची में कायर री मौत उणरै ऊपर सूं है'।
Imam Malik : 1386
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نُعَيْمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُجْمِرِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى أَنْقَابِ الْمَدِينَةِ مَلَائِكَةٌ لَا يَدْخُلُهَا الطَّاعُونُ وَلَا الدَّجَّالُ
मलिक सूं [नूआइम बिन अब्दुल्लाह अल मुजमीर] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो गयो है; 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम कह्यो: 'मदीना री हर गली में फरिश्ता है ताकि थाउन री बीमारी नीं प्रवेश कर सकै अर ना ही दज्जल'।
Imam Malik : 1387
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ أَبِي حَكِيمٍ أَنَّهُ سَمِعَ عُمَرَ بْنَ عَبْدِ الْعَزِيزِ يَقُولُكَانَ مِنْ آخِرِ مَا تَكَلَّمَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ قَالَ قَاتَلَ اللَّهُ الْيَهُودَ وَالنَّصَارَى اتَّخَذُوا قُبُورَ أَنْبِيَائِهِمْ مَسَاجِدَ لَا يَبْقَيَنَّ دِينَانِ بِأَرْضِ الْعَرَبِ
मलिक म्हनैं [इस्माइल बिन अबू हकीम] सूं बतायो कै उण एक बार [उमर बिन अब्दुल अजीज] नैं कैता सुण्यो हो, 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री आखरी बातां मांय सूं एक बात ही: 'अल्लाह यहूदी अर ईसाइयां नैं नाश करै। बां आपरै पैगम्बरां री कब्र नै मस्जिद बणा दी। अरब रै मांय दो धर्म कोनी होवेला'।
Imam Malik : 1388
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَجْتَمِعُ دِينَانِ فِي جَزِيرَةِ الْعَرَبِقَالَ مَالِك قَالَ ابْنُ شِهَابٍ فَفَحَصَ عَنْ ذَلِكَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ حَتَّى أَتَاهُ الثَّلْجُ وَالْيَقِينُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَجْتَمِعُ دِينَانِ فِي جَزِيرَةِ الْعَرَبِ فَأَجْلَى يَهُودَ خَيْبَرَ
मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अरब प्रायद्वीप रै मांय दो शिक्षावां एक साथै नीं आवैला'। मलिक बोल्यो; [इब्न शिहाब] कह्यो; ' [उमर बिन खत्ताब] इण बाबत जांच करी जद तांई कै उणनै पक्को नीं हुयो कै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अरब प्रायद्वीप मांय दो शिक्षावां एक साथै नीं आवैला''। फेर उण यहूदीयां नै खैबर सूं काढ दियो।
Imam Malik : 1389
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَلَعَ لَهُ أُحُدٌ فَقَالَ هَذَا جَبَلٌ يُحِبُّنَا وَنُحِبُّهُ
यो मलिक सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं संबंधित है जिका कह्यो है, 'जद उहुद पर्वत नै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम देख्यो, तो उण कह्यो: 'यो एक पर्वत है जिको आपां नै प्यार करै है अर आपां भी इण सूं प्रेम करां हां'।
Imam Malik : 1390
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ أَنَّ أَسْلَمَ مَوْلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ أَخْبَرَهُأَنَّهُ زَارَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَيَّاشٍ الْمَخْزُومِيَّ فَرَأَى عِنْدَهُ نَبِيذًا وَهُوَ بِطَرِيقِ مَكَّةَ فَقَالَ لَهُ أَسْلَمُ إِنَّ هَذَا الشَّرَابَ يُحِبُّهُ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَحَمَلَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَيَّاشٍ قَدَحًا عَظِيمًا فَجَاءَ بِهِ إِلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ فَوَضَعَهُ فِي يَدَيْهِ فَقَرَّبَهُ عُمَرُ إِلَى فِيهِ ثُمَّ رَفَعَ رَأْسَهُ فَقَالَ عُمَرُ إِنَّ هَذَا لَشَرَابٌ طَيِّبٌ فَشَرِبَ مِنْهُ ثُمَّ نَاوَلَهُ رَجُلًا عَنْ يَمِينِهِ فَلَمَّا أَدْبَرَ عَبْدُ اللَّهِ نَادَاهُ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَقَالَ أَأَنْتَ الْقَائِلُ لَمَكَّةُ خَيْرٌ مِنْ الْمَدِينَةِ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ فَقُلْتُ هِيَ حَرَمُ اللَّهِ وَأَمْنُهُ وَفِيهَا بَيْتُهُ فَقَالَ عُمَرُ لَا أَقُولُ فِي بَيْتِ اللَّهِ وَلَا فِي حَرَمِهِ شَيْئًا ثُمَّ قَالَ عُمَرُ أَأَنْتَ الْقَائِلُ لَمَكَّةُ خَيْرٌ مِنْ الْمَدِينَةِ قَالَ فَقُلْتُ هِيَ حَرَمُ اللَّهِ وَأَمْنُهُ وَفِيهَا بَيْتُهُ فَقَالَ عُمَرُ لَا أَقُولُ فِي حَرَمِ اللَّهِ وَلَا فِي بَيْتِهِ شَيْئًا ثُمَّ انْصَرَفَ
मलिक म्हानै [यह्या बिन सईद] सूं [अब्दुर्रहमान बिन अल कासिम] सूं बतायो कै [असलम], उमर बिन खत्ताब रो एक पूर्व दास, उणनै बतायो कै वो अब्दुल्ला बिन अयासी अल मखजुमी सूं मिलण गयो हो। जद बो मक्का री सड़कां माथै हो जणा बो उणनै पैगम्बर री भावनावां नै लेय’र देख्यो। असलम फेर उणसूं बोल्यो; 'यो वो पेय है जिणनै उमर बिन खत्ताब पसंद करै है'। इण वास्तै अब्दुल्ला बिन अयासी एक मोटो गिलास लेय'र उमर बिन खत्ताब रै कनै ल्यायो। उमर फेर उणनै आपरै हाथ मांय लेय'र आपरै मुंडै कनै ल्यायो, फेर आपरो माथो उठायो अर बोल्यो, 'ओ साची में एक स्वादिष्ट पेय है'। उमर फेर पीयो अर आपरै दांई कानी रै एक आदमी नै दे दियो। जद अब्दुल्ला जा रियो हो, [उमर बिन खत्ताब] उणनै बुलायो अर पूछ्यो; 'कांई थूं ई कैयो हो कै मक्का मदीना सूं चोखो है'। [अब्दुल्ला] कह्यो; 'तो म्हैं जवाब दियो; 'ओ अल्लाह री हराम री धरती है, वो जिको इणरी सुरक्षा री गारंटी देवै है अर इण मांय उणरो घर भी है'। उमर कह्यो; 'मैं यो कोनी कैवूं कै अल्लाह रै घर अर उणरी पवित्र धरती माथै -महिमा-' है। फेर उमर पूछ्यो; 'कांई थूं ई कैयो हो कै मक्का मदीना सूं चोखो है? ' फेर म्हैं जवाब दियो; 'यो अल्लाह री हराम री धरती है, वो जिको इणरी सुरक्षा री गारंटी देवै है अर इण मांय उणरो घर है'। उमर फेर बोल्यो; 'मैं यो कोनी कैवूं कै अल्लाह रै घर अर उणरी हराम री धरती माथै -महिमा-' है। इणरै बाद वो गयो'।
Imam Malik : 1391
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ نَوْفَلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ خَرَجَ إِلَى الشَّامِ حَتَّى إِذَا كَانَ بِسَرْغَ لَقِيَهُ أُمَرَاءُ الْأَجْنَادِ أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ الْجَرَّاحِ وَأَصْحَابُهُ فَأَخْبَرُوهُ أَنَّ الْوَبَأَ قَدْ وَقَعَ بِأَرْضِ الشَّامِ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ فَقَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ ادْعُ لِي الْمُهَاجِرِينَ الْأَوَّلِينَ فَدَعَاهُمْ فَاسْتَشَارَهُمْ وَأَخْبَرَهُمْ أَنَّ الْوَبَأَ قَدْ وَقَعَ بِالشَّامِ فَاخْتَلَفُوا فَقَالَ بَعْضُهُمْ قَدْ خَرَجْتَ لِأَمْرٍ وَلَا نَرَى أَنْ تَرْجِعَ عَنْهُ وَقَالَ بَعْضُهُمْ مَعَكَ بَقِيَّةُ النَّاسِ وَأَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَا نَرَى أَنْ تُقْدِمَهُمْ عَلَى هَذَا الْوَبَإِ فَقَالَ عُمَرُ ارْتَفِعُوا عَنِّي ثُمَّ قَالَ ادْعُ لِي الْأَنْصَارَ فَدَعَوْتُهُمْ فَاسْتَشَارَهُمْ فَسَلَكُوا سَبِيلَ الْمُهَاجِرِينَ وَاخْتَلَفُوا كَاخْتِلَافِهِمْ فَقَالَ ارْتَفِعُوا عَنِّي ثُمَّ قَالَ ادْعُ لِي مَنْ كَانَ هَاهُنَا مِنْ مَشْيَخَةِ قُرَيْشٍ مِنْ مُهَاجِرَةِ الْفَتْحِ فَدَعَوْتُهُمْ فَلَمْ يَخْتَلِفْ عَلَيْهِ مِنْهُمُ رَجُلَانِ فَقَالُوا نَرَى أَنْ تَرْجِعَ بِالنَّاسِ وَلَا تُقْدِمَهُمْ عَلَى هَذَا الْوَبَإِ فَنَادَى عُمَرُ فِي النَّاسِ إِنِّي مُصْبِحٌ عَلَى ظَهْرٍ فَأَصْبِحُوا عَلَيْهِ فَقَالَ أَبُو عُبَيْدَةَ أَفِرَارًا مِنْ قَدَرِ اللَّهِ فَقَالَ عُمَرُ لَوْ غَيْرُكَ قَالَهَا يَا أَبَا عُبَيْدَةَ نَعَمْ نَفِرُّ مِنْ قَدَرِ اللَّهِ إِلَى قَدَرِ اللَّهِ أَرَأَيْتَ لَوْ كَانَ لَكَ إِبِلٌ فَهَبَطَتْ وَادِيًا لَهُ عُدْوَتَانِ إِحْدَاهُمَا خَصِبَةٌ وَالْأُخْرَى جَدْبَةٌ أَلَيْسَ إِنْ رَعَيْتَ الْخَصِبَةَ رَعَيْتَهَا بِقَدَرِ اللَّهِ وَإِنْ رَعَيْتَ الْجَدْبَةَ رَعَيْتَهَا بِقَدَرِ اللَّهِفَجَاءَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ وَكَانَ غَائِبًا فِي بَعْضِ حَاجَتِهِ فَقَالَ إِنَّ عِنْدِي مِنْ هَذَا عِلْمًا سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا سَمِعْتُمْ بِهِ بِأَرْضٍ فَلَا تَقْدَمُوا عَلَيْهِ وَإِذَا وَقَعَ بِأَرْضٍ وَأَنْتُمْ بِهَا فَلَا تَخْرُجُوا فِرَارًا مِنْهُ قَالَ فَحَمِدَ اللَّهَ عُمَرُ ثُمَّ انْصَرَفَ
मलिक सूं [इब्नू शिहाब] सूं [अब्दुल हामिद बिन अब्दुर्रहमान बिन जैद बिन अल खत्ताब] सूं [अब्दुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन अल हरिथ बिन नौफाल] सूं [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] सूं यो बतायो गयो है कै, 'उमर बिन खत्ताब सीरिया रै वास्तै रवाना हुया, फेर जद वो एक इलाकै पूग्यो, तो सरहान सैनिकां नै बुलायो; अबू उबैदा बिन जर्राह अर बांका साथी बां सूं मिलिया अर बां नै बतायो कै शाम क्षेत्र नै प्लेग रो संक्रमण हुयो है। इब्न अब्बास कह्यो; 'फेर [उमर बिन खत्ताब] कह्यो; 'पैली मुहाजिरीन नै बुलाओ।' फेर मित्रां नै बुलायो, फेर उमर सलाह-मशविरा करयो अर बतायो कै स्याम इलाकै मांय महामारी फैलगी है। वे भी असहमत हा, बां मांय सूं केई लोगां कैयो; 'थै एक कारण सूं बारै गया हो, म्हारो मानणो है कै थानै पाछै हटबा री कोई जरूरत कोनी'। अर केई दूजा लोग कैवे है; 'थै केई लोगां रै सागै हो अर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै केई साथियां रै सागै हो! म्हारो मानणो है कै थनै बांनै इण महामारी सूं सामनो नीं करणो चाइजै। उमर कह्यो; 'बाहर आओ,' बो बोल्यो; 'म्हारै वास्तै अंसार नै बुलाओ'। मैं बांनै बुलायो अर बां बां सूं सलाह-मशविरा करियो, जदकै बां री राय मुहाजिरियां री तरै ही अर बां री तरै न्यारी-न्यारी राय ही। उमर कह्यो; 'बाहर आओ,' बो बोल्यो; 'अठै कोई भी मिनख बुलाओ जको कुरैश रो एक बुजुर्ग हो अर जको फतहुल मक्का रै बगत प्रवास करियो हो।' म्हैं उणनै फोन करियो अर दो जणां नै छोड़’र बां सूं कोई विवाद नीं हुयो। बां कैयो; 'म्हारो मानणो है कै थै लोगां नै पाछो ल्यावो अर बांनै इण महामारी रै चपेट में नीं लावो'। उमर लोगां नै बुलाया; 'वाकई, मैं काठी माथै सवेरै उठूंला, थै सवेरै उण माथै उठो,' अबू उबैदा पूछ्यो; 'कांई थै भगवान री किस्मत सूं भाग जावोला? ' फेर उमर जवाब दियो; 'अगर थूं ई नीं कैवतो, हे अबू उबैदा! हां, आपां भगवान री किस्मत सूं दूजा भगवान री किस्मत तांई भागग्या। थारो कांई विचार है, जे थारै कनै एक ऊंठ हो अर पछै थै किणी घाटी मांय पूग जावो जिण मांय दो इलाका हो, एक उपजाऊ अर दूजो सूखो, तो कांई थनै ठाह हो कै जे थै उणनै किणी उपजाऊ जगां माथै ले जावोला तो थै उणनै अल्लाह री किस्मत रै साथै ले जावोला। जे थै इणनै सूखी जगां माथै ले जावोला तो थै इणनै अल्लाह री किस्मत रै साथै भी ले जावोला'। फेर [अब्दुर्रहमान बिन औफ] आयो, वो मौजूद कोनी हो क्यूंकै उणनै जरूरत ही। वो केवे है; 'म्हारै कनै इण बाबत रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि व सल्लम सूं खबर है, बां कैयो- 'अगर थनै सुणीजै कै कोई देस प्लेग सूं संक्रमित है तो बठै नीं जावो, पण जे कोई देस प्लेग सूं संक्रमित हुवै अर थै उण मांय हो तो उणनै छोड'र उणसूं दूर मत भागो'। -इब्न अब्बास रा- कह्यो; 'फेर उमर अल्लाह री स्तुति करी अर फेर रवाना हुयग्या'।
Imam Malik : 1392
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ وَعَنْ سَالِمٍ أَبِي النَّضْرِ مَوْلَى عُمَرَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ سَمِعَهُ يَسْأَلُ أُسَامَةَ بْنَ زَيْدٍمَا سَمِعْتَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الطَّاعُونِ فَقَالَ أُسَامَةُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الطَّاعُونُ رِجْزٌ أُرْسِلَ عَلَى طَائِفَةٍ مِنْ بَنِي إِسْرَائِيلَ أَوْ عَلَى مَنْ كَانَ قَبْلَكُمْ فَإِذَا سَمِعْتُمْ بِهِ بِأَرْضٍ فَلَا تَدْخُلُوا عَلَيْهِ وَإِذَا وَقَعَ بِأَرْضٍ وَأَنْتُمْ بِهَا فَلَا تَخْرُجُوا فِرَارًا مِنْهُقَالَ مَالِك قَالَ أَبُو النَّضْرِ لَا يُخْرِجُكُمْ إِلَّا فِرَارٌ مِنْهُ
मलिक सूं [मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] अर [सलीम अबू नदलर] सूं उमर बिन उबैदुल्लाह रै पूर्व दास सूं ['अमीर बिन अबू वक्कास] सूं आपरै पिता सूं बतायो गयो है कै उण आपरै पिता नै उसामा बिन जैद सूं पूछता सुण्यो है, 'थनै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैह अलैलह रै बारै में कांई सुण्यो। था'उन री बीमारी?' [उसामा] जवाब दियो, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'थाउन एक यातना है जिणनै अल्लाह बनी इसराइल रै लोगां रै एक समूह नै या थारै सूं पैली रै लोगां नै भेज्यो। जे थै सुणो हो कै ओ किणी देस मांय है तो फेर इण मांय मत जावो। अर जे थारै रैवास री धरती माथै बीमारी है तो बारै मत जावो अर इणसूं दूर मत भागो'। मलिक बोल्यो; अबू नदलर कह्यो; 'किणी भी थानै निकाळ्यो कोनी सिवाय -क्यूंकै थै इणसूं बचणो चावता हा'।
Imam Malik : 1393
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَامِرِ بْنِ رَبِيعَةَأَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ خَرَجَ إِلَى الشَّامِ فَلَمَّا جَاءَ سَرْغَ بَلَغَهُ أَنَّ الْوَبَأَ قَدْ وَقَعَ بِالشَّامِ فَأَخْبَرَهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا سَمِعْتُمْ بِهِ بِأَرْضٍ فَلَا تَقْدَمُوا عَلَيْهِ وَإِذَا وَقَعَ بِأَرْضٍ وَأَنْتُمْ بِهَا فَلَا تَخْرُجُوا فِرَارًا مِنْهُ فَرَجَعَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ مِنْ سَرْغَو حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ إِنَّمَا رَجَعَ بِالنَّاسِ مِنْ سَرْغَ عَنْ حَدِيثِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ
मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं [अब्दुल्ला बिन अमीर बिन रबिया] सूं म्हनैं बतायो गयो है कै उमर बिन खत्ताब सीरिया गया हा, जद वै सरघा पूग्या तो खबर आई कै सीरिया मांय एक महामारी फैल री है। फेर [अब्दुर्रहमान बिन औफ] उणनै बतायो कै रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अगर थनै किणी इलाकै रै मांय प्लेग री बात सुणीजै तो उण मांय नीं जावो। जे -प्लेग- किणी देस मांय है अर थै उण मांय हो, तो बारै मत जावो अर उणसूं दूर मत भागो'। फेर उमर बिन खत्ताब सरघा नै छोड़ दियो। मलिक सूं [इब्नू शिहाब] सूं [सलीम बिन अब्दुल्ला] सूं मन्नै बतायो गयो है कै अब्दुर्रहमान बिन औफ रै सबदां रै कारण उमर बिन खत्ताब सरघा नै छोड़र लोगां रै साथै पाछा आया।
Imam Malik : 1394
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ تَحَاجَّ آدَمُ وَمُوسَى فَحَجَّ آدَمُ مُوسَى قَالَ لَهُ مُوسَى أَنْتَ آدَمُ الَّذِي أَغْوَيْتَ النَّاسَ وَأَخْرَجْتَهُمْ مِنْ الْجَنَّةِ فَقَالَ لَهُ آدَمُ أَنْتَ مُوسَى الَّذِي أَعْطَاهُ اللَّهُ عِلْمَ كُلِّ شَيْءٍ وَاصْطَفَاهُ عَلَى النَّاسِ بِرِسَالَتِهِ قَالَ نَعَمْ قَالَ أَفَتَلُومُنِي عَلَى أَمْرٍ قَدْ قُدِّرَ عَلَيَّ قَبْلَ أَنْ أُخْلَقَ
मलिक सूं [अबू अज़ जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं म्हारै सूं यो बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'आदम अर मूसा आपस में बहस करियो, फेर आदम मूसा नै हरा दियो। मूसा उणसूं कह्यो; 'थे आदम हो, वो जिको मिनखां नै भटकायो अर स्वर्ग सूं बारै काढ दियो! ' फेर आदम मूसा सूं पूछ्यो; 'थै मूसा हो, जिणनै अल्लाह सगळी चीजां रो ज्ञान दियो हो अर आपरै संदेश रै साथै मिनखजात माथै चुणियोड़ो आदमी हो? ' मूसा जवाब दियो; 'सही'। आदम फेर बोल्यो; "कांई थै म्हनै डांटबा जा रैया हो कै म्हारै बणाबा सूं पैली म्हारै वास्तै कांई किस्मत में लिख्योड़ो हो?"
Imam Malik : 1395
و حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ زَيْدِ بْنِ أَبِي أُنَيْسَةَ عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ عَنْ مُسْلِمِ بْنِ يَسَارٍ الْجُهَنِيِّ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِسُئِلَ عَنْ هَذِهِ الْآيَةِ{ وَإِذْ أَخَذَ رَبُّكَ مِنْ بَنِي آدَمَ مِنْ ظُهُورِهِمْ ذُرِّيَّتَهُمْ وَأَشْهَدَهُمْ عَلَى أَنْفُسِهِمْ أَلَسْتُ بِرَبِّكُمْ قَالُوا بَلَى شَهِدْنَا أَنْ تَقُولُوا يَوْمَ الْقِيَامَةِ إِنَّا كُنَّا عَنْ هَذَا غَافِلِينَ }فَقَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُسْأَلُ عَنْهَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ تَبَارَكَ وَتَعَالَى خَلَقَ آدَمَ ثُمَّ مَسَحَ ظَهْرَهُ بِيَمِينِهِ فَاسْتَخْرَجَ مِنْهُ ذُرِّيَّةً فَقَالَ خَلَقْتُ هَؤُلَاءِ لِلْجَنَّةِ وَبِعَمَلِ أَهْلِ الْجَنَّةِ يَعْمَلُونَ ثُمَّ مَسَحَ ظَهْرَهُ فَاسْتَخْرَجَ مِنْهُ ذُرِّيَّةً فَقَالَ خَلَقْتُ هَؤُلَاءِ لِلنَّارِ وَبِعَمَلِ أَهْلِ النَّارِ يَعْمَلُونَ فَقَالَ رَجُلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَفِيمَ الْعَمَلُ قَالَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ إِذَا خَلَقَ الْعَبْدَ لِلْجَنَّةِ اسْتَعْمَلَهُ بِعَمَلِ أَهْلِ الْجَنَّةِ حَتَّى يَمُوتَ عَلَى عَمَلٍ مِنْ أَعْمَالِ أَهْلِ الْجَنَّةِ فَيُدْخِلُهُ رَبُّهُ الْجَنَّةَ وَإِذَا خَلَقَ الْعَبْدَ لِلنَّارِ اسْتَعْمَلَهُ بِعَمَلِ أَهْلِ النَّارِ حَتَّى يَمُوتَ عَلَى عَمَلٍ مِنْ أَعْمَالِ أَهْلِ النَّارِ فَيُدْخِلُهُ رَبُّهُ النَّارَو حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ تَرَكْتُ فِيكُمْ أَمْرَيْنِ لَنْ تَضِلُّوا مَا تَمَسَّكْتُمْ بِهِمَا كِتَابَ اللَّهِ وَسُنَّةَ نَبِيِّهِ
याह्या मन्नै मलिक सूं [जैद बिन अबू उनैसा] सूं [अब्दुल हामिद बिन अब्दुर्रहमान बिन जैद बिन अल खत्ताब] सूं बतायो है कै उण उणनै बतायो है, [मुस्लिम बिन यासर अल जुहानी] सूं कै [उमर बिन खत्ताब] सूं ओ श्लोक पूछ्यो गयो हो: '-अर -याद राखजो-, जद थारा प्रभु आदम री संतान नै अल्लाह रै बेट्यां सूं अर मांस रै कनै ल्याया। वांरी आत्मा री गवाही -जद कैवै-: 'कांई म्हैं थारो प्रभु कोनी?' बां जवाब दियो: 'हां - थै म्हारा प्रभु हो-, म्हे साक्षी हां'। -म्हे आ करां- ताकि पुनरुत्थान रै दिन थै ओ नीं कैवो: 'सचमुच, म्हे -आदम रा संतान- वै लोग हा जका इण बात सूं लापरवाह हा -परमेश्बर री एकता-' -प्रश्न। अल अ'राफ: 172- उमर कह्यो, 'मैं सुण्यो रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं इण आयत रै बारै में पूछ्यो, तो उण जवाब दियो; 'वास्तव में, अल्लाह तबराका वा ताआला आदम नै बणायो अर पछै आपरै दांया हाथ सूं उणरी पीठ रगड़ दी, अल्लाह उणरै सूं कई वंशज ल्याया। फेर बो बोल्यो; 'मैं बांनै स्वर्ग रै वास्तै बणायो है अर वै स्वर्ग रै विशेषज्ञां रै कामां सूं भला काम करै है'। फेर अल्लाह आदम री पीठ नै फेरूं रगड़्यो अर उणसूं संतान पैदा करी। फेर अल्लाह कह्यो; 'मैं बांनै नरक रै वास्तै बणायो है अर वै नरक रै विशेषज्ञां रै कामां सूं भला काम करै है'। फेर एक आदमी पूछ्यो, 'हे अल्लाह रा रसूल, फेर आपां दान क्यूं करां?' रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जवाब दियो: 'अगर अल्लाह स्वर्गीय लोगां मांय सूं एक सेवक नै बणायो है, तो उणनै स्वर्गीय लोगां रै कामां रै साथै काम पर लगायो, जिणसूं वो स्वर्गीय लोगां रै कामां माथै मरग्यो, अर पछै उणरै रब्ब उणनै स्वर्ग मांय भेज दियो। अर जे वो एक सेवक नै बणावै है जिको नरक रो माहिर है, तो वो उणनै नरक रै माहिर रै कामां रै साथै काम माथै राखै है जद तांई कै वो नरक रै माहिर रै कामां रै कारण नीं मर जावै। फेर बांका प्रभु बांनै नरक मांय फेंक दियो'। मलिक सूं मन्नै बतायो गयो है कै उणरै कनै आ बात आई है कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कह्यो है कै 'मैं थारै वास्तै दो चीजां छोड़ी है जिणनै थै भटक नीं सकोला जद तांई थै बांनै पकड़ राखोला; अल्लाह री किताब अर उणरै पैगम्बर री सुन्नत'।
Imam Malik : 1396
و حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ زِيَادِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُسْلِمٍ عَنْ طَاوُسٍ الْيَمَانِيِّ أَنَّهُ قَالَ أَدْرَكْتُ نَاسًا مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُونَ كُلُّ شَيْءٍ بِقَدَرٍ قَالَ طَاوُسٌ وَسَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ شَيْءٍ بِقَدَرٍ حَتَّى الْعَجْزِ وَالْكَيْسِ أَوْ الْكَيْسِ وَالْعَجْزِ
मन्नै बतायो गयो है कै याह्या मलिक सूं [जियाद बिन साद] सूं ['अम्र बिन मुस्लिम] सूं [थावस अल यामानी] सूं कैयो; 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रा केई साथियां नै कैता पाया; 'सब कुछ किस्मत सूं होवै है'। थावस कह्यो; 'अर म्हैं [अब्दुल्लाह बिन उमर] नै भी कैता सुण्यो, 'अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'हर कुछ भाग्य रै कारण कमजोरी अर बुद्धि, या बुद्धि अर कमजोरी तांई होवै है'।
Imam Malik : 1397
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ زِيَادِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الزُّبَيْرِ يَقُولُ فِي خُطْبَتِهِإِنَّ اللَّهَ هُوَ الْهَادِي وَالْفَاتِنُ
म्हानै बतायो हो कै [जियाद बिन साअद] सूं [अमरू बिन दीनार] सूं मलिक कह्यो; 'मैं [अब्दुल्लाह बिन जुबैर] नै आपरै उपदेश रै मांय कैता सुण्यो; 'अल्लाह सबसूं ज्यादा मार्गदर्शक है अर सबसूं ज्यादा मानहानि देबा आळो है'।
Imam Malik : 1398
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَمِّهِ أَبِي سُهَيْلِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّهُ قَالَ كُنْتُ أَسِيرُ مَعَ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِفَقَالَ مَا رَأْيُكَ فِي هَؤُلَاءِ الْقَدَرِيَّةِ فَقُلْتُ رَأْيِي أَنْ تَسْتَتِيبَهُمْ فَإِنْ تَابُوا وَإِلَّا عَرَضْتَهُمْ عَلَى السَّيْفِ فَقَالَ عُمَرُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ وَذَلِكَ رَأْيِيقَالَ مَالِك وَذَلِكَ رَأْيِي
मलिक सूं बतायो हो कै उणरै काकै [अबू सुहैल बिन मलिक] कह्यो; 'मैं उमर बिन अब्दुल अजीज रै सागै चाल रियो हो, फेर बां पूछ्यो, 'थारो कांई विचार है कादरिया लोगां रै बारै में?' म्हैं जवाब दियो, 'म्हारै विचार सूं थनै बांनै पश्चाताप करण सारू कैवणो चाइजै, जे वै नीं चावै तो -थै मान लेवोला-, पण जे नीं चावै तो थूं बां रै वास्तै आपरी तलवार काढ लेसी'। [उमर बिन अब्दुल अजीज] कह्यो; 'ओ म्हारो भी विचार है'। मलिक बोल्यो; 'ओ म्हारो भी विचार है'।
Imam Malik : 1399
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَسْأَلْ الْمَرْأَةُ طَلَاقَ أُخْتِهَا لِتَسْتَفْرِغَ صَحْفَتَهَا وَلِتَنْكِحَ فَإِنَّمَا لَهَا مَا قُدِّرَ لَهَا
मलिक सूं [अबू अज जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है कै 'कोई लुगाई आपरी बैन सूं तलाक नीं मांगै ताकि वा आपरी थाळी खाली कर सकै अर ब्याव कर सकै, क्यूंकै बां रै वास्तै कांई है'।
Imam Malik : 1400
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَزِيدَ بْنِ زِيَادٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ كَعْبٍ الْقُرَظِيِّ قَالَ قَالَ مُعَاوِيَةُ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ وَهُوَ عَلَى الْمِنْبَرِأَيُّهَا النَّاسُ إِنَّهُ لَا مَانِعَ لِمَا أَعْطَى اللَّهُ وَلَا مُعْطِيَ لِمَا مَنَعَ اللَّهُ وَلَا يَنْفَعُ ذَا الْجَدِّ مِنْهُ الْجَدُّ مَنْ يُرِدْ اللَّهُ بِهِ خَيْرًا يُفَقِّهْهُ فِي الدِّينِ ثُمَّ قَالَ مُعَاوِيَةُ سَمِعْتُ هَؤُلَاءِ الْكَلِمَاتِ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى هَذِهِ الْأَعْوَادِ
यो म्हारै सूं मलिक सूं [यजीद बिन जियाद] सूं [मुहम्मद बिन का'ब अल कुराजी] सूं संबंधित है कै, ' [मुआविया बिन अबू सुफियान] पल्पिट माथै कैयो; 'ओ मिनख। साची, अल्लाह रै दियोड़ा काम नै कोई भी चीज रोक नीं सकै। अल्लाह री मनाही कोई भी कोनी दे सकै। जिणरै कनै धन है बां रै धन रो कोई फायदो कोनी। अल्लाह जिणनै भी भलाई करणो चावै है, अल्लाह उणरै वास्तै धार्मिक बातां नै जरूर समझैला। फेर मुआविया बोल्या, 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम' सूं ये वचन सुण्या है।