Imam Malik : 1261
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّ أَبَا الدَّرْدَاءِ كَتَبَ إِلَى سَلْمَانَ الْفَارِسِيِّأَنْ هَلُمَّ إِلَى الْأَرْضِ الْمُقَدَّسَةِ فَكَتَبَ إِلَيْهِ سَلْمَانُ إِنَّ الْأَرْضَ لَا تُقَدِّسُ أَحَدًا وَإِنَّمَا يُقَدِّسُ الْإِنْسَانَ عَمَلُهُ وَقَدْ بَلَغَنِي أَنَّكَ جُعِلْتَ طَبِيبًا تُدَاوِي فَإِنْ كُنْتَ تُبْرِئُ فَنَعِمَّا لَكَ وَإِنْ كُنْتَ مُتَطَبِّبًا فَاحْذَرْ أَنْ تَقْتُلَ إِنْسَانًا فَتَدْخُلَ النَّارَ فَكَانَ أَبُو الدَّرْدَاءِ إِذَا قَضَى بَيْنَ اثْنَيْنِ ثُمَّ أَدْبَرَا عَنْهُ نَظَرَ إِلَيْهِمَا وَقَالَ ارْجِعَا إِلَيَّ أَعِيدَا عَلَيَّ قِصَّتَكُمَا مُتَطَبِّبٌ وَاللَّهِ
मलिक हमरा याह्या बिन सईद स बतेलथि जे अबू दरदा सलमान अल फरीसी कए शुद्ध भूमि पर वापस आबय लेल लिखने छलाह। सलमान जवाब देलखिन- 'भूमि ककरो शुद्ध नहि करैत अछि, मुदा जे मनुष्य केँ शुद्ध करैत अछि से ओकर कर्म मात्र होइत छैक। हमरा खबरि आयल अछि जे अहाँ के हीलर - जज - के रूप में नियुक्ति कयल गेल अछि, जँ अहाँ केस के सुलझि सकैत छी त' से अहाँक लेल नीक अछि. जँ अहाँ केस तय करय बला बनि गेल छी तखन लोकक हत्या सँ सावधान रहू - निर्णय देबा मे गलती करब - जाहि सँ अहाँ नरक मे चलि जायब। तें जखन अबू दरदा दू गोटेक बीच कोनो केस तय क' रहल छथि, तखन दुनू गोटे हुनका छोड़ि दैत छथि, तखन ओ हुनका सभ दिस तकताह आ कहताह: 'घुरि जाउ आ अपन केस दोहराउ।' अल्लाह के कसम, - तकर बाद - ओ मामला के निपटारा क' सकैत छथि।'
Imam Malik : 1262
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ دَلَافٍ الْمُزَنِيِّ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَجُلًا مِنْ جُهَيْنَةَ كَانَ يَسْبِقُ الْحَاجَّ فَيَشْتَرِي الرَّوَاحِلَ فَيُغْلِي بِهَا ثُمَّ يُسْرِعُ السَّيْرَ فَيَسْبِقُ الْحَاجَّ فَأَفْلَسَ فَرُفِعَ أَمْرُهُ إِلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ فَقَالَ أَمَّا بَعْدُ أَيُّهَا النَّاسُ فَإِنَّ الْأُسَيْفِعَ أُسَيْفِعَ جُهَيْنَةَ رَضِيَ مِنْ دِينِهِ وَأَمَانَتِهِ بِأَنْ يُقَالَ سَبَقَ الْحَاجَّ أَلَا وَإِنَّهُ قَدْ دَانَ مُعْرِضًا فَأَصْبَحَ قَدْ رِينَ بِهِ فَمَنْ كَانَ لَهُ عَلَيْهِ دَيْنٌ فَلْيَأْتِنَا بِالْغَدَاةِ نَقْسِمُ مَالَهُ بَيْنَهُمْ وَإِيَّاكُمْ وَالدَّيْنَ فَإِنَّ أَوَّلَهُ هَمٌّ وَآخِرَهُ حَرْبٌ
मलिक हमरा [उमर बिन अब्दुररहमान बिन दलाफ अल मुजानी] सं [हुनकर पिता] सं कहलनि जे जुहैना के एकटा आदमी एक बेर हज पर गेल छल, आ कतेको ऊंट कीनने छल जे अतिरिक्त सवारी के लेल उपयुक्त छल. हज पर गेल, मुदा दिवालिया भ' गेल लोक सभ केँ पकड़बाक लेल ओ अपन यात्रा मे तेजी बढ़ौलनि। तखन एहि मामलाक शिकायत [उमर बिन खत्ताब] सं भेल आ ओ कहलनि; 'अम्मा बाडू, हे लोक, ओ विनाश जुहैना के विनाश अछि, ओ अपन धर्म आ अपन संदेश के अपन कर्म सँ त्याग क' देने छथि । बुझल अछि, असल मे ओ खतरा के नजदीक जेबाक हिम्मत केने अछि जाहि सं ओ एकटा एहन जाल मे फँसि गेल अछि जाहि सं बचब मुश्किल अछि. जेकरा पर कर्ज छै, ओकरा काल्हि भोरे हमरा सभ लग आबि जाय, ओकर धन बाँटि देब, आ कर्ज सँ बचब किएक त' शुरुआत उदासी आ अंत गरीबी आ हानि'।
Imam Malik : 1263
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ قَالَمَنْ نَحَلَ وَلَدًا لَهُ صَغِيرًا لَمْ يَبْلُغْ أَنْ يَحُوزَ نُحْلَهُ فَأَعْلَنَ ذَلِكَ لَهُ وَأَشْهَدَ عَلَيْهَا فَهِيَ جَائِزَةٌ وَإِنْ وَلِيَهَا أَبُوهُ
मलिक हमरा [इब्न शिहाब] सँ [सैद बिन मुसैयब] सँ कहलनि जे [उस्मान बिन अफान] कहलनि; 'जे जे बच्चा एखनो छोट अछि ओकरा कोनो एहन चीज दैत छैक जे ओकरा देब उचित नहि छैक, तखन ओकर घोषणा क' ओकर साक्षी भ' जाइत छैक, तखन ई जायज अछि भले ओकरा पर पिताक नियंत्रण हो'.
Imam Malik : 1264
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ أَعْتَقَ شِرْكًا لَهُ فِي عَبْدٍ فَكَانَ لَهُ مَالٌ يَبْلُغُ ثَمَنَ الْعَبْدِ قُوِّمَ عَلَيْهِ قِيمَةَ الْعَدْلِ فَأَعْطَى شُرَكَاءَهُ حِصَصَهُمْ وَعَتَقَ عَلَيْهِ الْعَبْدُ وَإِلَّا فَقَدْ عَتَقَ مِنْهُ مَا عَتَقَ
मलिक हमरा [नाफी’] स [अब्दुल्लाह बिन उमर] स बतेलथि जे अल्लाह क रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहने छथि: ‘जे कियो कोनो दास स अपन हिस्सा मुक्त क दैत अछि जेकर मालिकाना हक साझेदारी मे अछि, जखन कि ओकरा लग एखनो गुलाम क दाम क बराबर पैसा अछि, तखन दास क दाम सामान्य दाम पर अनुमान लगाउल जाइत अछि। तखन ओकरा साझीदारक हिस्सा देबाक चाही, जकर बाद ओ दास केँ मुक्त क' सकैत अछि। मुदा जँ नहि करथि तँ ओ मात्र ओहिना मुक्त कएने छथि जे हुनकर हिस्सा अछि ।'
Imam Malik : 1265
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ وَعَنْ غَيْرِ وَاحِدٍ عَنْ الْحَسَنِ بْنِ أَبِي الْحَسَنِ الْبَصْرِيِّ وَعَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَأَنَّ رَجُلًا فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَعْتَقَ عَبِيدًا لَهُ سِتَّةً عِنْدَ مَوْتِهِ فَأَسْهَمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَهُمْ فَأَعْتَقَ ثُلُثَ تِلْكَ الْعَبِيدِقَالَ مَالِك وَبَلَغَنِي أَنَّهُ لَمْ يَكُنْ لِذَلِكَ الرَّجُلِ مَالٌ غَيْرُهُمْ
हमरा [याह्या बिन सईद] स आ [कई लोक] स [अल हसन बिन अबू अल हसन अल बसरी] स आ [मुहम्मद बिन सिरीन] स कहल गेल अछि जे, ‘नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय मे एक आदमी अपन छह दास के मुक्त क देलक जखन ओ मरय वाला छल। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दास के बीच चिट्ठी खींचै में भाग लेलकै, जेकरा चलतें वू आदमी दास के एक तिहाई ही मुक्त करी देलकै' । मालिक बजलाह; 'हमरा लग आबि गेल अछि जे एहि आदमीक एहि दास सभक अतिरिक्त आन सम्पत्ति छैक' ।
Imam Malik : 1266
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ رَجُلًا فِي إِمَارَةِ أَبَانَ بْنِ عُثْمَانَأَعْتَقَ رَقِيقًا لَهُ كُلَّهُمْ جَمِيعًا وَلَمْ يَكُنْ لَهُ مَالٌ غَيْرُهُمْ فَأَمَرَ أَبَانُ بْنُ عُثْمَانَ بِتِلْكَ الرَّقِيقِ فَقُسِمَتْ أَثْلَاثًا ثُمَّ أَسْهَمَ عَلَى أَيِّهِمْ يَخْرُجُ سَهْمُ الْمَيِّتِ فَيَعْتِقُونَ فَوَقَعَ السَّهْمُ عَلَى أَحَدِ الْأَثْلَاثِ فَعَتَقَ الثُّلُثُ الَّذِي وَقَعَ عَلَيْهِ السَّهْمُ
मलिक हमरा [रबीअह बिन अबू अब्दुररहमान] सँ कहलनि जे अबन बिन उस्मान के शासनकाल मे एकटा आदमी अपन सब दास के मुक्त क देलक, जखन कि ओकरा लग ओकरा छोड़ि कोनो संपत्ति नहि छलैक। अतः [अबन बिन उस्मान] दास सब के तीन भाग में बांटय के आदेश देलखिन | तखन हुनका सभक लेल चिट्ठी निकाललनि, जे लॉटरी खींचत से छोड़ि देल जाइत छलनि। तखन एहि मे सँ एकटा भाग पर लोट खसि पड़ल, जाहि सँ ओ ओहि दास केँ मुक्त क' देलक जे ड्रा सँ टकरा गेल छल'.
Imam Malik : 1267
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ سَمِعَهُ يَقُولُمَضَتْ السُّنَّةُ أَنَّ الْعَبْدَ إِذَا أُعْتِقَ تَبِعَهُ مَالُهُ
मलिक हमरा [इब्न शिहाब] स बतेलथि जे ओ हुनका कहैत सुनने छलाह जे 'ई प्रथा अछि जे जँ कोनो गुलाम मुक्त भ' जाइत अछि त' ओकर संपत्ति सेहो शामिल भ' जाइत छैक'.
Imam Malik : 1268
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ قَالَأَيُّمَا وَلِيدَةٍ وَلَدَتْ مِنْ سَيِّدِهَا فَإِنَّهُ لَا يَبِيعُهَا وَلَا يَهَبُهَا وَلَا يُوَرِّثُهَا وَهُوَ يَسْتَمْتِعُ بِهَا فَإِذَا مَاتَ فَهِيَ حُرَّةٌ
[नफी’] स मलिक हमरा [अब्दुल्लाह बिन उमर] स कहलथि जे [उमर बिन खत्ताब] कहलथि; 'कोनो महिला दास जे अपन मालिक सँ बच्चा पैदा करत, ओकर मालिक ओकरा नहि बेचय, ओकरा नहि देबाक चाही आ ओकरा - दोसर व्यक्ति केँ - नहि देबाक चाही जखन कि ओ एखनो ओकरा संग सेक्स क' रहल हो।' जँ मालिक मरि जाइत छथि तखन ओ मुक्त भ' जाइत छथि'।
Imam Malik : 1269
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ هِلَالِ بْنِ أُسَامَةَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْحَكَمِ أَنَّهُ قَالَأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ جَارِيَةً لِي كَانَتْ تَرْعَى غَنَمًا لِي فَجِئْتُهَا وَقَدْ فُقِدَتْ شَاةٌ مِنْ الْغَنَمِ فَسَأَلْتُهَا عَنْهَا فَقَالَتْ أَكَلَهَا الذِّئْبُ فَأَسِفْتُ عَلَيْهَا وَكُنْتُ مِنْ بَنِي آدَمَ فَلَطَمْتُ وَجْهَهَا وَعَلَيَّ رَقَبَةٌ أَفَأُعْتِقُهَا فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ اللَّهُ فَقَالَتْ فِي السَّمَاءِ فَقَالَ مَنْ أَنَا فَقَالَتْ أَنْتَ رَسُولُ اللَّهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَعْتِقْهَا
मालिक हमरा [हिलाल बिन उसामाह] स [‘अथा बिन यासर] स [उमर बिन अल हकम] स कहलथि ओ कहलथि; हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग गेलहुँ आ कहलियनि जे हे रसुलुल्लाह हमर दासी हमर बकरी के चराबैत अछि । जखन हम हुनका लग गेलहुँ तऽ पता चलल जे हमर एकटा बकरी गायब अछि । हम पुछलियनि त ओ उत्तर देलनि जे बकरी भेड़िया खा गेल छल । हमरा एहि घटना पर दया आबि गेल, आ हम त' बस एकटा साधारण लोक छी, तें हम हुनकर मुँह पर थप्पड़ मारि देलियनि. हमरा एकटा गुलाम अछि, तेँ की हम ओकरा मुक्त क' देब?' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन गुलाम स पूछलखिन: 'अल्लाह कतय छथि?' ओ उत्तर देलनि; 'आकाश मे'। ओ फेर पुछलखिन: 'हम के छी?' ओ उत्तर देलनि; 'अहाँ अल्लाह के रसूलुल्लाह छी,' तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'ओकरा मुक्त करू! ' .
Imam Malik : 1270
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍأَنَّ رَجُلًا مِنْ الْأَنْصَارِ جَاءَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِجَارِيَةٍ لَهُ سَوْدَاءَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ عَلَيَّ رَقَبَةً مُؤْمِنَةً فَإِنْ كُنْتَ تَرَاهَا مُؤْمِنَةً أُعْتِقُهَا فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَتَشْهَدِينَ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ قَالَتْ نَعَمْ قَالَ أَتَشْهَدِينَ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللَّهِ قَالَتْ نَعَمْ قَالَ أَتُوقِنِينَ بِالْبَعْثِ بَعْدَ الْمَوْتِ قَالَتْ نَعَمْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَعْتِقْهَا
हमरा कहल गेल अछि जे [इब्न शिहाब] सँ मलिक [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] सँ कहलनि, 'एकटा अंसार आदमी अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ अपन कारी महिला दास ल' क' भेंट केलक, तखन ओ पूछलक; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर एकटा गुलाम अछि जे मुसलमान अछि, जँ अहाँ ओकरा सचमुच विश्वास करैत देखब त' हम ओकरा मुक्त क' देब'। तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पुछलखिन्ह जे की अहाँ गवाही दैत छी जे अल्लाह के अलावा कोनो देवता इबादत के लायक नहि छथि? ओ उत्तर देलनि, 'हँ'। ओ फेर पुछलखिन: 'की अहाँ गवाही दैत छी जे मुहम्मद अल्लाह के रसूलुल्लाह छथि?' ओ उत्तर देलनि; 'हँ'। ओ फेर पुछलखिन: 'की अहाँ मानैत छी जे मृत्युक बाद पुनरुत्थानक दिन होयत?' ओ उत्तर देलनि; 'हँ'। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सेहो कहलनि जे हुनका मुक्त करू ! ' .
Imam Malik : 1271
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي عَمْرَةَ الْأَنْصَارِيِّ أَنَّ أُمَّهُ أَرَادَتْ أَنْ تُوصِيَ ثُمَّ أَخَّرَتْ ذَلِكَ إِلَى أَنْ تُصْبِحَ فَهَلَكَتْ وَقَدْ كَانَتْ هَمَّتْ بِأَنْ تُعْتِقَ فَقَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ فَقُلْتُ لِلْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍأَيَنْفَعُهَا أَنْ أُعْتِقَ عَنْهَا فَقَالَ الْقَاسِمُ إِنَّ سَعْدَ بْنَ عُبَادَةَ قَالَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ أُمِّي هَلَكَتْ فَهَلْ يَنْفَعُهَا أَنْ أُعْتِقَ عَنْهَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعَمْ
मलिक हमरा [अब्दुररहमान बिन अबू अमराह अल अंसारी] सँ कहलनि जे हुनकर माय वसीयत करय चाहैत छलीह, तखन ओ दोसर दिन धरि एकरा समाप्त क' देलनि आ अपन वसीयत पूरा हेबा सँ पहिने हड़बड़ी मे मरि गेलीह, भले हुनकर इरादा कोनो गुलाम केँ मुक्त करबाक छलनि। तेँ अब्दुररहमान कहलनि; 'तखन हम [अल कासिम बिन मुहम्मद] स पूछलहुं, 'की हम हुनका रिहा क देब त की फायदा होएत?' अल कासिम जवाब देलनि; सअद बिन उबादा एक बेर रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहने छलाह जे सचमुच हमर माँ मरि गेल छथि, की हम हुनका लेल कोनो गुलाम के मुक्त क देब त की फायदा होयत? ' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन जवाब देलनि : 'हाँ'।
Imam Malik : 1272
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّهُ قَالَتُوُفِّيَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَبِي بَكْرٍ فِي نَوْمٍ نَامَهُ فَأَعْتَقَتْ عَنْهُ عَائِشَةُ زَوْجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رِقَابًا كَثِيرَةًقَالَ مَالِك وَهَذَا أَحَبُّ مَا سَمِعْتُ إِلَيَّ فِي ذَلِكَ
हमरा [याह्या बिन सैद] स मालिक कहलक छल; 'अब्दुररहमान बिन अबू बकर के मौत तखन भेलैन जखन ओ सुतल छलाह, [ऐसिया], नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी तखन बहुत रास गुलाम के मुक्त क देलखिन'। मालिक बजलाह; 'एहि मामला मे ई विचार हमरा सुनब बेसी नीक लगैत अछि'।
Imam Malik : 1273
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سُئِلَ عَنْ الرِّقَابِ أَيُّهَا أَفْضَلُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَغْلَاهَا ثَمَنًا وَأَنْفَسُهَا عِنْدَ أَهْلِهَا
हमरा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी [ऐशा] स [हिश्याम बिन उर्वाह] स [अपन पिता] स मलिक द्वारा कहल गेल अछि जे एक बेर अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स पूछल गेल छल जे कोन दास सबस बेसी महत्वपूर्ण अछि। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन जवाब देलनि: 'सबसँ महग, आ ओकर परिवारमे सभसँ बेसी कीमती'।
Imam Malik : 1274
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّهُ أَعْتَقَ وَلَدَ زِنًا وَأُمَّهُ
मलिक हमरा [अब्दुल्लाह बिन उमर] स [नफी'] स कहलथि जे ओ अपन मां क संग व्यभिचार क परिणामस्वरूप भेल बच्चा कए मुक्त क देने छथि।
Imam Malik : 1275
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا قَالَتْجَاءَتْ بَرِيرَةُ فَقَالَتْ إِنِّي كَاتَبْتُ أَهْلِي عَلَى تِسْعِ أَوَاقٍ فِي كُلِّ عَامٍ أُوقِيَّةٌ فَأَعِينِينِي فَقَالَتْ عَائِشَةُ إِنْ أَحَبَّ أَهْلُكِ أَنْ أَعُدَّهَا لَهُمْ عَنْكِ عَدَدْتُهَا وَيَكُونَ لِي وَلَاؤُكِ فَعَلْتُ فَذَهَبَتْ بَرِيرَةُ إِلَى أَهْلِهَا فَقَالَتْ لَهُمْ ذَلِكَ فَأَبَوْا عَلَيْهَا فَجَاءَتْ مِنْ عِنْدِ أَهْلِهَا وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسٌ فَقَالَتْ لِعَائِشَةَ إِنِّي قَدْ عَرَضْتُ عَلَيْهِمْ ذَلِكَ فَأَبَوْا عَلَيَّ إِلَّا أَنْ يَكُونَ الْوَلَاءُ لَهُمْ فَسَمِعَ ذَلِكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلَهَا فَأَخْبَرَتْهُ عَائِشَةُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خُذِيهَا وَاشْتَرِطِي لَهُمْ الْوَلَاءَ فَإِنَّمَا الْوَلَاءُ لِمَنْ أَعْتَقَ فَفَعَلَتْ عَائِشَةُ ثُمَّ قَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي النَّاسِ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَمَّا بَعْدُ فَمَا بَالُ رِجَالٍ يَشْتَرِطُونَ شُرُوطًا لَيْسَتْ فِي كِتَابِ اللَّهِ مَا كَانَ مِنْ شَرْطٍ لَيْسَ فِي كِتَابِ اللَّهِ فَهُوَ بَاطِلٌ وَإِنْ كَانَ مِائَةَ شَرْطٍ قَضَاءُ اللَّهِ أَحَقُّ وَشَرْطُ اللَّهِ أَوْثَقُ وَإِنَّمَا الْوَلَاءُ لِمَنْ أَعْتَقَ
हमरा कहल गेल अछि जे मलिक [हिसियाम बिन उर्वाह] स [अपन पिता] स [आइशा] स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम क पत्नी कहलथि; 'बरिरा आबि क' कहलक; 'हम अपना केँ अपन मालिक सँ पहिने सँ मुक्त क' लेने छी आ नौ उकिया द' देने छी, हर साल एक उकियाक किस्त मे।' त हमर मदद करू'। ऐशा बजलीह; 'जँ अहाँक परिवार - अहाँक नियोक्ता - सहमत होयत तखन हम अहाँक दिस सँ हुनका सभ केँ देब, मुदा अहाँक अभिभावकत्व हमरा संग अवश्य रहत'। तखन बरिरा अपन परिवार लग जा कए ई बात कहलक, मुदा ओ सभ मना क देलक। ओकरऽ कुछ देर बाद ही वू अपनऽ परिवार स॑ ऐलै, जबकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सुन॑ लगलऽ बैठलऽ छेलै । बरिरा ऐस्या केँ कहलकै; 'हम हुनका सभकेँ ऑफर देने छी मुदा ओ सभ मना क' देलनि, जाबत धरि अभिभावकत्वक अधिकार हुनका सभक संग नहि रहि जायत' । रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जे गप्प सुनलनि तुरंत पुछलनि, तखन आइस्याह हुनका कहलखिन। त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलखिन: 'ओकरा ल' जाउ आ ओकरा लेल शर्त तय करू, कारण रक्षकता ओहि व्यक्तिक अधिकार छैक जे ओकरा मुक्त करैत छैक'। तखन ऐश्याह अपन सलाह के अंजाम देलनि, जकर बाद रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम भीड़ के सामने ठाढ़ भ गेलाह आ तहमद केलनि आ अल्लाह के स्तुति केलनि। तखन ओ कहलनि: 'अम्मा ब'दू, लोक एहन शर्त किएक दैत अछि जे अल्लाह केर किताब पर आधारित नहि अछि। कोनो भी शर्त जे अल्लाह केरऽ किताब म॑ नै छै, वू झूठ छै, भले ही वू सौ शर्त के होय । अल्लाह केरऽ फरमान अधिक हकदार छै आरू अल्लाह केरऽ शर्त भी मजबूत छै । अभिभावकत्व मुक्तिदाताक लेल होइत छैक'।
Imam Malik : 1276
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ أَرَادَتْ أَنْ تَشْتَرِيَ جَارِيَةً تُعْتِقُهَا فَقَالَ أَهْلُهَا نَبِيعُكِهَا عَلَى أَنَّ وَلَاءَهَا لَنَا فَذَكَرَتْ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَا يَمْنَعَنَّكِ ذَلِكَ فَإِنَّمَا الْوَلَاءُ لِمَنْ أَعْتَقَ
मलिक हमरा [अब्दुल्लाह बिन उमर] सँ [नाफी'] सँ बतौलनि जे मुसलमानक माता आइशा हुनका मुक्त करबाक लेल एकटा गुलाम कीनय चाहैत छलीह | दासक मालिक कहलक जे हम सभ अहाँकेँ बेचि देब, मुदा रक्षकता हमरा सभ लग अछि।' तखन आइशा एहि बातक शिकायत अल्लाह केर रसूलुल्लाह (स.अ.व.) सँ केलनि, आ ओ कहलनि, 'से अहाँ केँ नहि रोकय दियौक; सचमुच, अभिभावकत्व स्वतंत्र लोकक लेल होइत छैक।'
Imam Malik : 1277
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ عَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ بَرِيرَةَ جَاءَتْ تَسْتَعِينُ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ فَقَالَتْ عَائِشَةُ إِنْ أَحَبَّ أَهْلُكِ أَنْ أَصُبَّ لَهُمْ ثَمَنَكِ صَبَّةً وَاحِدَةً وَأُعْتِقَكِ فَعَلْتُ فَذَكَرَتْ ذَلِكَ بَرِيرَةُ لِأَهْلِهَا فَقَالُوا لَا إِلَّا أَنْ يَكُونَ لَنَا وَلَاؤُكِ قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ فَزَعَمَتْ عَمْرَةُ أَنَّ عَائِشَةَذَكَرَتْ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اشْتَرِيهَا وَأَعْتِقِيهَا فَإِنَّمَا الْوَلَاءُ لِمَنْ أَعْتَقَ
मलिक हमरा [अमरा बिन अब्दुररहमान] स [याह्या बिन सईद] स कहलथि जे बरिरा आइसिया उम्मूल मुकमिनिन स हुनकर मदद मांगबा लेल भेंट केलथि। 'आइशा तखन कहलकै, 'अहाँक परिवार चाहत त' हम अहाँ केँ नगद हुनका सभ केँ पाइ द' देब, तखन अहाँ केँ छोड़ि देब'।' बरिरा तखन अपन परिवार स एहि बारे मे पूछलक, ओ सब कहलक; 'जा धरि अहाँक अभिभावकत्व हमरा सभक नहि भ' जायत ता धरि नहि'। याह्या बिन सईद कहलनि; "अमराह के मानना छै कि ऐश्याह न॑ ई बात रसुलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ कहलकै, रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ भी कहलकै कि ओकरा खरीदी क॑ ओकरा मुक्त करी दियौ, कैन्हेंकि संरक्षण वू के होय छै जे ओकरा मुक्त करै छै'।"
Imam Malik : 1278
و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ بَيْعِ الْوَلَاءِ وَعَنْ هِبَتِهِ
हमरा कहलऽ गेलऽ छै कि [अब्दुल्लाह बिन दिनार] स॑ [अब्दुल्लाह बिन उमर] स॑ मलिक न॑ कहलकै कि ‘रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम न॑ ट्रस्ट आरू अनुदान के खरीद-बिक्री स॑ मना करी देलकै’ ।
Imam Malik : 1279
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِأَنَّ الزُّبَيْرَ بْنَ الْعَوَّامِ اشْتَرَى عَبْدًا فَأَعْتَقَهُ وَلِذَلِكَ الْعَبْدِ بَنُونَ مِنْ امْرَأَةٍ حُرَّةٍ فَلَمَّا أَعْتَقَهُ الزُّبَيْرُ قَالَ هُمْ مَوَالِيَّ وَقَالَ مَوَالِي أُمِّهِمْ بَلْ هُمْ مَوَالِينَا فَاخْتَصَمُوا إِلَى عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ فَقَضَى عُثْمَانُ لِلزُّبَيْرِ بِوَلَائِهِمْ
मलिक हमरा [रबीअह बिन अबू अब्दुररहमान] सँ बतौलनि जे कहलनि जे, जुबैर बिन अल अववाम एकटा गुलाम कीनि लेलनि आ फेर ओकरा मुक्त क’ देलनि, आ हुनका एकटा मुक्त महिला सँ संतान भेलनि। अस्तु, जखन जुबैर हुनका मुक्त केलनि त' कहलनि: 'बच्चा सभ हमर संरक्षण मे अछि.' तखन हुनका लोकनिक मातृक अभिभावक बजलाह : 'नहि, ओ सभ हमरा सभक संरक्षण मे छथि ।' तखन ओ सभ [उस्मान बिन अफान] सँ एहि मामलाक शिकायत केलनि, आ उस्मान निर्णय लेलनि जे अभिभावकत्वक अधिकार जुबैरक अछि।'
Imam Malik : 1280
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ أَخْبَرَهُأَنَّ الْعَاصِيَ بْنَ هِشَامٍ هَلَكَ وَتَرَكَ بَنِينَ لَهُ ثَلَاثَةً اثْنَانِ لِأُمٍّ وَرَجُلٌ لِعَلَّةٍ فَهَلَكَ أَحَدُ اللَّذَيْنِ لِأُمٍّ وَتَرَكَ مَالًا وَمَوَالِيَ فَوَرِثَهُ أَخُوهُ لِأَبِيهِ وَأُمِّهِ مَالَهُ وَوَلَاءَهُ مَوَالِيهِ ثُمَّ هَلَكَ الَّذِي وَرِثَ الْمَالَ وَوَلَاءَ الْمَوَالِي وَتَرَكَ ابْنَهُ وَأَخَاهُ لِأَبِيهِ فَقَالَ ابْنُهُ قَدْ أَحْرَزْتُ مَا كَانَ أَبِي أَحْرَزَ مِنْ الْمَالِ وَوَلَاءِ الْمَوَالِي وَقَالَ أَخُوهُ لَيْسَ كَذَلِكَ إِنَّمَا أَحْرَزْتَ الْمَالَ وَأَمَّا وَلَاءُ الْمَوَالِي فَلَا أَرَأَيْتَ لَوْ هَلَكَ أَخِي الْيَوْمَ أَلَسْتُ أَرِثُهُ أَنَا فَاخْتَصَمَا إِلَى عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ فَقَضَى لِأَخِيهِ بِوَلَاءِ الْمَوَالِي
मलिक हमरा [अब्दुल्लाह बिन अबू बकर बिन मुहम्मद बिन अमरू बिन हज़म] स [अब्दुल मलिक बिन अबू बकर बिन अब्दुररहमान बिन अल हरिथ बिन हिशाम] स [अपन पिता] स कहने छथि जे ओ हुनका सूचित केलथि जे अल 'आशी बिन हिशाम क मौत भ गेल आ ओ अपन पाछु तीन बच्चा, हुनकर मां स दूटा बच्चा आ एकटा सौतेला बेटा छोड़ि गेल छथि। तखन दुनू सौतेला भाइ मे सँ एकटा मरि गेल, जाहि मे सम्पत्ति आ कतेको गुलाम छोड़ि गेल। तखन भाइ-बहिनकेँ अपन दासक सम्पत्ति आ संरक्षणक उत्तराधिकार भेटलनि । तखन जे व्यक्ति दास सभक सम्पत्ति आ अभिभावकत्व उत्तराधिकार मे भेटल छल, ओ एकटा बच्चा आ ओकर भाइ छोड़ि मरि गेल | बेटा तखन कहलक - 'हम अपन पिता द्वारा छोड़ल गेल दास सभक सम्पत्ति आ अभिभावकत्व प्राप्त क' लेलहुँ' । आ ओकर पिताक भाय बजलाह - एहन नहि अछि, अहाँ केँ मात्र सम्पत्ति भेटबाक अधिकार अछि, रहल बात एहि दास सभक संरक्षणक त' ई अहाँक अधिकार नहि अछि।' अहाँकेँ नहि बुझल अछि, आइ जँ हमर भाइ मरि जाएत तखन हम हुनका उत्तराधिकारी बना लेब?' तखन दुनू गोटे कानूनी निर्णय लेबय लेल उस्मान लग गेलाह, [उस्मान] तखन निर्णय लेलनि जे दास के संरक्षण के अधिकार हुनकर भाई के देल गेल अछि |