इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
Free Download / Download

Imam Malik (الامام مالك) - 1594 Hadith

Hadith

Imam Malik : 1061

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍأَنَّ بِنْتَ سَعِيدِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ نُفَيْلٍ كَانَتْ تَحْتَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ فَطَلَّقَهَا الْبَتَّةَ فَانْتَقَلَتْ فَأَنْكَرَ ذَلِكَ عَلَيْهَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ

हमरा कहलऽ गेलऽ छै कि [नाफी’] स॑ मलिक न॑ कहलकै, ‘सईद बिन जैद बिन अमरू बिन नुफैल केरऽ बेटी अब्दुल्ला बिन अमरू बिन उस्मान बिन अफान केरऽ पत्नी छेली, तखनिये ओकरऽ पत्नी क॑ तलाक द॑ देलकै । तखन हुनकर पत्नी स्थानांतरित भ गेलीह, मुदा [अब्दुल्लाह बिन उमर] एहि बात स इनकार केलनि'।

Hadith

Imam Malik : 1062

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَطَلَّقَ امْرَأَةً لَهُ فِي مَسْكَنِ حَفْصَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَ طَرِيقَهُ إِلَى الْمَسْجِدِ فَكَانَ يَسْلُكُ الطَّرِيقَ الْأُخْرَى مِنْ أَدْبَارِ الْبُيُوتِ كَرَاهِيَةَ أَنْ يَسْتَأْذِنَ عَلَيْهَا حَتَّى رَاجَعَهَا

हमरा मलिक स॑ [नाफी’] स॑ कहलऽ गेलऽ छेलै कि [अब्दुल्लाह बिन उमर] न॑ अपनऽ एगो पत्नी क॑ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ पत्नी हफशाह केरऽ आवास प॑ तलाक द॑ देलकै, भले ही वू आमतौर प॑ मस्जिद जाय लेली वू सड़क छेलै । तकर बाद ओ हाउसिंग कॉम्प्लेक्सक पाछू एकटा आओर सड़क पर चलि गेलाह, कारण ओ नहि चाहैत छलाह जे जा धरि ओ हुनका रेफर नहि क' लेताह, हुनका - हफशाह - केँ सदिखन अनुमति देबय पड़य.

Hadith

Imam Malik : 1063

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِسُئِلَ عَنْ الْمَرْأَةِ يُطَلِّقُهَا زَوْجُهَا وَهِيَ فِي بَيْتٍ بِكِرَاءٍ عَلَى مَنْ الْكِرَاءُ فَقَالَ سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ عَلَى زَوْجِهَا قَالَ فَإِنْ لَمْ يَكُنْ عِنْدَ زَوْجِهَا قَالَ فَعَلَيْهَا قَالَ فَإِنْ لَمْ يَكُنْ عِنْدَهَا قَالَ فَعَلَى الْأَمِيرِ

मलिक हमरा [याह्या बिन सईद] स कहलथि जे [सईद इब्नुल मुसैयब] स एकटा एहन पत्नी क बारे मे पूछल गेल छल, जेकर पति ओकरा तलाक द देलक, भले ओ किराया क घर मे रहैत छल। तखन किराया केकरा देबय पड़तैक? तखन सईद इब्नुल मुसैयब जवाब देलनि; 'हुनकर पति'। पुछनिहार फेर कहलक जे जँ ओकर पति नहि क' सकैत अछि त' की?' सईद इब्नुल मुसैयब जवाब देलखिन, 'तखन हुनकर पत्नी'। पुछनिहार फेर कहलक जे जँ ओकर पत्नी सेहो नहि क' सकैत अछि त' की?' सईद इब्नुल मुसैयाब जवाब देलखिन, 'तखन नेता के एकर भुगतान करय पड़तनि'।

Hadith

Imam Malik : 1064

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ مَوْلَى الْأَسْوَدِ بْنِ سُفْيَانَ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍأَنَّ أَبَا عَمْرِو بْنَ حَفْصٍ طَلَّقَهَا الْبَتَّةَ وَهُوَ غَائِبٌ بِالشَّامِ فَأَرْسَلَ إِلَيْهَا وَكِيلُهُ بِشَعِيرٍ فَسَخِطَتْهُ فَقَالَ وَاللَّهِ مَا لَكِ عَلَيْنَا مِنْ شَيْءٍ فَجَاءَتْ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَتْ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ لَيْسَ لَكِ عَلَيْهِ نَفَقَةٌ وَأَمَرَهَا أَنْ تَعْتَدَّ فِي بَيْتِ أُمِّ شَرِيكٍ ثُمَّ قَالَ تِلْكَ امْرَأَةٌ يَغْشَاهَا أَصْحَابِي اعْتَدِّي عِنْدَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أُمِّ مَكْتُومٍ فَإِنَّهُ رَجُلٌ أَعْمَى تَضَعِينَ ثِيَابَكِ عِنْدَهُ فَإِذَا حَلَلْتِ فَآذِنِينِي قَالَتْ فَلَمَّا حَلَلْتُ ذَكَرْتُ لَهُ أَنَّ مُعَاوِيَةَ بْنَ أَبِي سُفْيَانَ وَأَبَا جَهْمِ بْنَ هِشَامٍ خَطَبَانِي فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَّا أَبُو جَهْمٍ فَلَا يَضَعُ عَصَاهُ عَنْ عَاتِقِهِ وَأَمَّا مُعَاوِيَةُ فَصُعْلُوكٌ لَا مَالَ لَهُ انْكِحِي أُسَامَةَ بْنَ زَيْدٍ قَالَتْ فَكَرِهْتُهُ ثُمَّ قَالَ انْكِحِي أُسَامَةَ بْنَ زَيْدٍ فَنَكَحْتُهُ فَجَعَلَ اللَّهُ فِي ذَلِكَ خَيْرًا وَاغْتَبَطْتُ بِهِ

याह्या हमरा अल असवद बिन सुफियान केरऽ पूर्व गुलाम [अब्दुल्लाह बिन यजीद] स॑ मलिक स॑, [फातिमा बिंत कैस] स॑ [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान बिन औफ] स॑ कहलकै कि अबू अमरू बिन हफश न॑ ओकरा तलाक द॑ देलकै, भले ही वू सीरिया म॑ छेलै । तखन अबू अमरू अपन प्रतिनिधि केँ गहूम पठेबाक लेल पठौलनि, जाहि सँ फातिमा हुनका पर तमसा गेलाह | अबू अमरू कहलनि जे, अल्लाह के कसम, हमरा स कोनो चीज पर अहाँ के कोनो अधिकार नहि अछि। एकरऽ बाद फातिमा बिन कैस रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गेलै आरू ओकरा ई घटना के बारे म॑ बतैलकै । तखन ओ कहलनि: 'अहाँ केँ एहि सँ रोजी-रोटी करबाक कोनो अधिकार नहि अछि'। तखन ओ कहलखिन जे उम्म सियारिकक घर पर अपन इद्दाह अवधिक प्रतीक्षा करू। तकर बाद ओ बजलाह : 'ओ एकटा एहन महिला छथि जिनका लग हमर संगी सभ प्रायः अबैत छथि ।' त अब्दुल्ला बिन उम्मी मकतुम के घर पर अपन इद्दाह के अवधि के इंतजार करू, ओ आन्हर छथि, ताहि लेल अहां अपन कपड़ा हुनका बगल में राखि सकय छी. जँ अहाँक इद्दाह अवधि समाप्त भ' गेल तखन हमरा बताउ'। फातिमा कहलथिन्ह - जखन हमर इद्दाह अवधि समाप्त भ गेल तखन हम हुनका कहलियनि जे मुअविया बिन अबू सुफियन आ अबू जाहम बिन हिशाम हमरा प्रपोज केने छथि । तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, जाहम एहन आदमी छलाह जे कहियो अपन कान्ह पर सँ लाठी नहि उतारैत छलाह, जखन कि मुअविया एकटा गरीब आदमी छलाह जिनका लग कोनो धन नहि छलनि। उसामा बिन जैद' सँ विवाह करू। फातिमा बजलीह, 'असल मे हमरा नीक नहि लगैत अछि'। तखन फेर कहलनि: 'उसामान बिन जैद सँ विवाह करू'। अस्तु, हम हुनका सं विवाह केलहुं, आ प्रत्यक्षतः अल्लाह ओहि विवाह में भलाई केलनि, जाहि सं हमरा खुशी भेल'.

Hadith

Imam Malik : 1065

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ شِهَابٍ يَقُولُالْمَبْتُوتَةُ لَا تَخْرُجُ مِنْ بَيْتِهَا حَتَّى تَحِلَّ وَلَيْسَتْ لَهَا نَفَقَةٌ إِلَّا أَنْ تَكُونَ حَامِلًا فَيُنْفَقُ عَلَيْهَا حَتَّى تَضَعَ حَمْلَهَاقَالَ مَالِك وَهَذَا الْأَمْرُ عِنْدَنَا

मालिकसँ हमरा कहने छल जे ओ [इब्न शिहाब]केँ कहैत सुनने छल; 'जे महिला तलाक बैन सँ तलाकशुदा भ' गेल हो, ता धरि घर सँ बाहर नहि निकलि सकैत अछि जा धरि ओकर इद्दाह अवधि समाप्त नहि भ' जायत।' जाबे तक गर्भवती नै छै ताबे तक पूर्व पति स सहयोग नै भेटैत छै। जँ ओ गर्भवती छथि तँ हुनकर पूर्व पति बाध्य छथि जे जा धरि ओ बच्चा नहि दैत छथि ता धरि हुनकर भरण-पोषण करथि ।' मालिक बजलाह; 'ओह विचार हमरा सभ पर प्रयोग होइत अछि'।

Hadith

Imam Malik : 1066

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ وَعَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ قُسَيْطٍ اللَّيْثِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ قَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِأَيُّمَا امْرَأَةٍ طُلِّقَتْ فَحَاضَتْ حَيْضَةً أَوْ حَيْضَتَيْنِ ثُمَّ رَفَعَتْهَا حَيْضَتُهَا فَإِنَّهَا تَنْتَظِرُ تِسْعَةَ أَشْهُرٍ فَإِنْ بَانَ بِهَا حَمْلٌ فَذَلِكَ وَإِلَّا اعْتَدَّتْ بَعْدَ التِّسْعَةِ أَشْهُرٍ ثَلَاثَةَ أَشْهُرٍ ثُمَّ حَلَّتْ

हमरा [याह्या बिन सईद] स मालिक स याह्या आ [सैद इब्नुल मुसैयब] स [यजीद बिन अब्दुल्लाह बिन कुसैथ अल लैत्सी] स याह्या कहला के बाद ओ कहलनि, [उमर इब्नुल खत्ताब] कहलनि; 'कोनो महिला जे तलाकशुदा होइत छथि तखन एक-दू मासिक धर्म होइत छनि आ तकर बाद रजोनिवृत्ति मे चलि जाइत छथि - आब मासिक धर्म नहि -, तखन हुनका नौ मास धरि प्रतीक्षा करबाक चाही।' यदि ओ गर्भवती छै तखन ओ बच्चा कें जन्म देला कें बाद हलाल भ जायत छै, मुदा अगर ओ गर्भवती नहि छै तखन ओकरा तीन महीना कें लेल इद्दाह कें एकटा आओर अवधि करनाय आवश्यक छै. तकर बाद ओ विवाह क' सकैत छथि'।

Hadith

Imam Malik : 1067

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُالطَّلَاقُ لِلرِّجَالِ وَالْعِدَّةُ لِلنِّسَاءِ

हमरा मालिक स [याह्या बिन सईद] स [सैद बिन मुसैयब] स कहने छल ओ कहलक; 'तलक पुरुषक अधिकार आ 'इद्दाह स्त्री'क अधिकार'।

Hadith

Imam Malik : 1068

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ قَالَعِدَّةُ الْمُسْتَحَاضَةِ سَنَةٌ

हमरा मलिक स [इब्न शिहाब] स [सईद इब्नुल मुसैयब] स कहलक अछि ओ कहलक; 'मुस्तहदला महिला के इद्दाह एक साल के छै'।

Hadith

Imam Malik : 1069

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُمَنْ تَزَوَّجَ امْرَأَةً فَلَمْ يَسْتَطِعْ أَنْ يَمَسَّهَا فَإِنَّهُ يُضْرَبُ لَهُ أَجَلٌ سَنَةً فَإِنْ مَسَّهَا وَإِلَّا فُرِّقَ بَيْنَهُمَا

हमरा कहल गेल अछि जे मालिक सँ [इब्न शिहाब] सँ [सैद इब्नुल मुसैयब] सँ याह्या कहलनि; 'जे कियो स्त्री के विवाह क' क' ओकरा संग संभोग नहि क' सकैत अछि, तखन ओकरा एक वर्षक छूट देल जाइत छैक ।' जँ ओ ओकरा संग सेक्स करबा मे सक्षम अछि - तखन विवाह जारी रहैत अछि -, जँ असमर्थ अछि तखन दुनू अलग भ' जाइत अछि'।

Hadith

Imam Malik : 1070

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك أَنَّهُ سَأَلَ ابْنَ شِهَابٍمَتَى يُضْرَبُ لَهُ الْأَجَلُ أَمِنْ يَوْمِ يَبْنِي بِهَا أَمْ مِنْ يَوْمِ تُرَافِعُهُ إِلَى السُّلْطَانِ فَقَالَ بَلْ مِنْ يَوْمِ تُرَافِعُهُ إِلَى السُّلْطَانِقَالَ مَالِك فَأَمَّا الَّذِي قَدْ مَسَّ امْرَأَتَهُ ثُمَّ اعْتَرَضَ عَنْهَا فَإِنِّي لَمْ أَسْمَعْ أَنَّهُ يُضْرَبُ لَهُ أَجَلٌ وَلَا يُفَرَّقُ بَيْنَهُمَا

मालिक हमरा कहलनि जे ओ [इब्न शिहाब] सँ पूछलनि, 'पतिक कृपा अवधि कहिया सँ गणना कयल जाइत अछि, पहिल दिन सँ जखन ओ हुनका संग एकहि घर मे रहैत छथि? आकि जहियासँ शासकक समक्ष प्रस्तुत कयल जाइत अछि?' इब्न शिहाब जबाब देलकै; 'चूंकि ओ शासकक समक्ष प्रस्तुत होइत छथि ।' मालिक बजलाह; 'रहल बात एहन पति जे पत्नीक संग संभोग करबा मे सक्षम छलाह मुदा तखन रोकल जाइत छथि - असमर्थ - तखन एहि मामला मे हम कहियो एहन राय नहि सुनने छी जाहि मे कहल गेल हो जे पुरुष केँ अनुग्रह अवधि देल जाइत छैक, वा पत्नी सँ अलग भ' जाइत छैक।'

Hadith

Imam Malik : 1071

و حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ قَالَ بَلَغَنِيأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِرَجُلٍ مِنْ ثَقِيفٍ أَسْلَمَ وَعِنْدَهُ عَشْرُ نِسْوَةٍ حِينَ أَسْلَمَ الثَّقَفِيُّ أَمْسِكْ مِنْهُنَّ أَرْبَعًا وَفَارِقْ سَائِرَهُنَّ

हमरा कहलऽ गेलऽ छै कि [इब्न शिहाब] स॑ मलिक स॑ याह्या न॑ कहलकै, ‘हमरा पास खबर आबी गेलऽ छै कि अल्लाह केरऽ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम न॑ त्साकीफ कबीला केरऽ एगो आदमी स॑ कहलकै जे इस्लाम क॑ स्वीकार करी लेलकै जबकि वू समय ओकरऽ दस पत्नी छेली : ‘अपनऽ चारि पत्नी क॑ चुनी लै, आरू बाकी के तलाक दऽ’ ।

Hadith

Imam Malik : 1072

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ وَحُمَيْدَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ وَعُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ وَسُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ كُلُّهُمْ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ يَقُولُأَيُّمَا امْرَأَةٍ طَلَّقَهَا زَوْجُهَا تَطْلِيقَةً أَوْ تَطْلِيقَتَيْنِ ثُمَّ تَرَكَهَا حَتَّى تَحِلَّ وَتَنْكِحَ زَوْجًا غَيْرَهُ فَيَمُوتَ عَنْهَا أَوْ يُطَلِّقَهَا ثُمَّ يَنْكِحُهَا زَوْجُهَا الْأَوَّلُ فَإِنَّهَا تَكُونُ عِنْدَهُ عَلَى مَا بَقِيَ مِنْ طَلَاقِهَاقَالَ مَالِك وَعَلَى ذَلِكَ السُّنَّةُ عِنْدَنَا الَّتِي لَا اخْتِلَافَ فِيهَا

याह्या हमरा [इब्न शिहाब] स मालिक स कहलथि ओ कहलथि; हम सुनलहुँ जे [सैद इब्नुल मुसैयब] आ [हुमैद बिन अब्दुररहमान बिन औफ] आ [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] आ [सुलेमान बिन यासर] सब कहैत छथि; हम [अबू हुरैरा] कहैत सुनलहुँ; हम [उमर इब्नुल खत्ताब] कहैत सुनलहुँ; 'कोनो महिला जिनकर पति एक-दू तलाक सँ तलाक द' दैत छथि, तखन हुनका इद्दाह अवधि समाप्त होबय धरि छोड़ि दैत छथि, तखन ओ दोसर पुरुष सँ फेर विवाह करैत छथि |' तखन ओकर पति - ओकर दोसर - मरि गेलैक वा ओकरासँ तलाक भ' गेलैक, तखन ओ अपन पहिल पतिसँ दोसर विवाह क' लेलकै, तेँ ओ ओहि तलाकक शेष भाग जे पहिल पति द्वारा थोपल गेल छलैक, तकरा आगू बढ़बैत रहल' । मालिक बजलाह; 'ई सुन्नत अछि जे हमरा सभक बीच लागू होइत अछि, आ एहि मे कोनो विवाद नहि अछि'।

Hadith

Imam Malik : 1073

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ثَابِتِ بْنِ الْأَحْنَفِ أَنَّهُتَزَوَّجَ أُمَّ وَلَدٍ لِعَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ قَالَ فَدَعَانِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ فَجِئْتُهُ فَدَخَلْتُ عَلَيْهِ فَإِذَا سِيَاطٌ مَوْضُوعَةٌ وَإِذَا قَيْدَانِ مِنْ حَدِيدٍ وَعَبْدَانِ لَهُ قَدْ أَجْلَسَهُمَا فَقَالَ طَلِّقْهَا وَإِلَّا وَالَّذِي يُحْلَفُ بِهِ فَعَلْتُ بِكَ كَذَا وَكَذَا قَالَ فَقُلْتُ هِيَ الطَّلَاقُ أَلْفًا قَالَ فَخَرَجْتُ مِنْ عِنْدِهِ فَأَدْرَكْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ بِطَرِيقِ مَكَّةَ فَأَخْبَرْتُهُ بِالَّذِي كَانَ مِنْ شَأْنِي فَتَغَيَّظَ عَبْدُ اللَّهِ وَقَالَ لَيْسَ ذَلِكَ بِطَلَاقٍ وَإِنَّهَا لَمْ تَحْرُمْ عَلَيْكَ فَارْجِعْ إِلَى أَهْلِكَقَالَ فَلَمْ تُقْرِرْنِي نَفْسِي حَتَّى أَتَيْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الزُّبَيْرِ وَهُوَ يَوْمَئِذٍ بِمَكَّةَ أَمِيرٌ عَلَيْهَا فَأَخْبَرْتُهُ بِالَّذِي كَانَ مِنْ شَأْنِي وَبِالَّذِي قَالَ لِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ قَالَ فَقَالَ لِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الزُّبَيْرِ لَمْ تَحْرُمْ عَلَيْكَ فَارْجِعْ إِلَى أَهْلِكَ وَكَتَبَ إِلَى جَابِرِ بْنِ الْأَسْوَدِ الزُّهْرِيِّ وَهُوَ أَمِيرُ الْمَدِينَةِ يَأْمُرُهُ أَنْ يُعَاقِبَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَأَنْ يُخَلِّيَ بَيْنِي وَبَيْنَ أَهْلِي قَالَ فَقَدِمْتُ الْمَدِينَةَ فَجَهَّزَتْ صَفِيَّةُ امْرَأَةُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ امْرَأَتِي حَتَّى أَدْخَلَتْهَا عَلَيَّ بِعِلْمِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ ثُمَّ دَعَوْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ يَوْمَ عُرْسِي لِوَلِيمَتِي فَجَاءَنِي

मलिक हमरा थाबीत बिन अल अहनाफ स बतेलथि जे हुनकर विवाह अब्दुररहमान बिन जैद बिन खट्टाब क पत्नी उम्म वलाद स भेल छल। थाबीत कहलथिन्ह - अब्दुल्लाह बिन अब्दुर्रहमान बिन जैद बिन खट्टाब हमरा बजौलनि, तेँ हम भीतर जा कए हुनका सँ भेंट केलहुँ । भीतर एकटा कोड़ा, दू टा लोहाक जंजीर आ ओकर दू टा दास बैसल छल। अब्दुल्ला बिन अब्दुररहमान तखन कहलनि, 'अपन पत्नी सँ तलाक द' दियौक, नहि त' जिनकर नाम सँ अहाँ कसम खाइत छी, हम अहाँक संग एहि तरहक आ एहि तरहक व्यवहार करब।' हम तखन कहलियनि, 'हम हुनका हजार बेर तलाक द' देबनि!' तखन हम हुनकर आवास सं बाहर निकललहुं, आ मक्का के सड़क पर अब्दुल्ला बिन उमर सं भेंट भेल. तखन हम हुनका कहलियनि जे एखन हमरा संग जे भेल छल। अब्दुल्ला बिन उमर तमसा गेलाह आ बजलाह - से तलाक नहि थिक, आ ओ एखनो अहाँक लेल जायज अछि । तेँ अपन पत्नी लग घुरि जाउ।' थाबीत बिन अल अहनाफ कहलनि; 'मुदा हमर मोन मे शांति नहि छल, तेँ हम अब्दुल्ला बिन जुबैर लग गेलहुँ जे तखन मक्काक गवर्नर छलाह ।' हम तखन हुनका ओ घटना कहलियनि जे हमरा संग भेल छल आ अब्दुल्ला बिन उमर के एहि पर प्रतिक्रिया सेहो। [अब्दुल्लाह बिन जुबैर] तखन कहलनि: 'ओ एखनो अहाँक लेल जायज छथि।' पत्नी लग घुरि जाउ।' तखन ओ जाबिर बिन असवद अज जुहरी केँ चिट्ठी लिखलनि जे तखन मदीनाक गवर्नर छलाह, हुनका सँ कहलखिन जे अब्दुल्ला बिन अब्दुररहमान केँ सजा दियौक आ हमरा अपन पत्नी लग घुरय दियौक।' एकर बाद हम मदीना वापस आबि गेलहुं, फेर सफियाह अब्दुल्ला बिन उमर के पत्नी हमर पत्नी के अब्दुल्ला बिन उमर के ज्ञान सं हमरा देबय लेल तैयार केलनि. तखन हम अब्दुल्ला बिन उमर केँ अपन विवाहक दिन बजौलहुँ, आ ओ आबि गेलाह।'

Hadith

Imam Malik : 1074

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَقَرَأَ{ يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ إِذَا طَلَّقْتُمْ النِّسَاءَ فَطَلِّقُوهُنَّ }لِقُبُلِ عِدَّتِهِنَّقَالَ مَالِك يَعْنِي بِذَلِكَ أَنْ يُطَلِّقَ فِي كُلِّ طُهْرٍ مَرَّةً

हमरा मलिक स [अब्दुल्लाह बिन दिनार] स कहल गेल अछि जे, हम [अब्दुल्लाह बिन उमर] कए इ आयत पढ़ैत सुनलहुं: '-हे नबी, जखन अहाँ अपन पत्नी कए तलाक देब, तखन अहाँ ओकरा सब कए तलाक जरूर देब...' -प्र.स. अथ थलक : १- अपन इद्दाह काल के आरंभ में'। मालिक बजलाह; 'अर्थ अछि जे शुद्ध अवस्था मे हर बेर एक बेर तलाक लेब'।

Hadith

Imam Malik : 1075

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ قَالَكَانَ الرَّجُلُ إِذَا طَلَّقَ امْرَأَتَهُ ثُمَّ ارْتَجَعَهَا قَبْلَ أَنْ تَنْقَضِيَ عِدَّتُهَا كَانَ ذَلِكَ لَهُ وَإِنْ طَلَّقَهَا أَلْفَ مَرَّةٍ فَعَمَدَ رَجُلٌ إِلَى امْرَأَتِهِ فَطَلَّقَهَا حَتَّى إِذَا شَارَفَتْ انْقِضَاءَ عِدَّتِهَا رَاجَعَهَا ثُمَّ طَلَّقَهَا ثُمَّ قَالَ لَا وَاللَّهِ لَا آوِيكِ إِلَيَّ وَلَا تَحِلِّينَ أَبَدًا فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى{ الطَّلَاقُ مَرَّتَانِ فَإِمْسَاكٌ بِمَعْرُوفٍ أَوْ تَسْرِيحٌ بِإِحْسَانٍ }فَاسْتَقْبَلَ النَّاسُ الطَّلَاقَ جَدِيدًا مِنْ يَوْمِئِذٍ مَنْ كَانَ طَلَّقَ مِنْهُمْ أَوْ لَمْ يُطَلِّقْ

ई हमरा सब के मलिक स [हिस्यम बिन उर्वाह] स [हुनकर पिता] स कहल गेल अछि; "जँ कोनो पुरुष अपन पत्नी सँ तलाक ल' लैत अछि त' ओकरा ओहि सँ मेल-मिलाप करबाक अधिकार छैक जाबत धरि इद्दाहक अवधि समाप्त नहि भ' गेल हो, भले ओ ओकरा हजार बेर तलाक द' दैत हो." एकटा आदमी जानि-बुझि क' अपन पत्नी सँ तलाक द' देलक, जाहि सँ जखन ओकर इद्दाह पीरियड खतम भ' गेलै त' ओ ओकरा लग वापस आबि गेलै, फेर ओकरा फेर सँ तलाक द' देलकैक। तकर बाद ओ कहलनि, 'नहि, अल्लाह केर कसम, हम अहाँक संग शारीरिक संबंध नहि करब आ अहाँ कहियो हलाल नहि होयब - इद्दाह केर अवधि कहियो खत्म नहि होयत कारण एकर संदर्भ सदिखन देल जाइत अछि'-'। तखन अल्लाह तबराका व तआला आयत के उतारलनि: '-तलक -जकर संदर्भ देल जा सकैत अछि- दू बेर। तकर बाद अहाँ फेर नीक तरीका सँ मेल मिलाप क' सकैत छी वा नीक तरीका सँ तलाक ल' सकैत छी-' -प्र.स. अल बकरा : 231- जहिया स एहि आयत के प्रकट भेल अछि तहिया स लोक तलाक के गणना शुरू स फेर स केलक अछि, चाहे ओकरा पहिने स तलाक भ गेल हो या जे कहियो नै भेल अछि।'

Hadith

Imam Malik : 1076

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ثَوْرِ بْنِ زَيْدٍ الدِّيلِيِّأَنَّ الرَّجُلَ كَانَ يُطَلِّقُ امْرَأَتَهُ ثُمَّ يُرَاجِعُهَا وَلَا حَاجَةَ لَهُ بِهَا وَلَا يُرِيدُ إِمْسَاكَهَا كَيْمَا يُطَوِّلُ بِذَلِكَ عَلَيْهَا الْعِدَّةَ لِيُضَارَّهَا فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى{ وَلَا تُمْسِكُوهُنَّ ضِرَارًا لِتَعْتَدُوا وَمَنْ يَفْعَلْ ذَلِكَ فَقَدْ ظَلَمَ نَفْسَهُ }يَعِظُهُمْ اللَّهُ بِذَلِكَ

हमरा कहल गेल जे [त्सौर बिन जैद अद दिली] सँ मलिक कहलनि, 'एक आदमी अपन पत्नी सँ तलाक ल' लेलक आ फेर ओकरा फेर सँ विवाह क' लेलक, भले ओकरा आब ओकर आवश्यकता नहि छलैक आ ओकरा फेर सँ अपन पत्नी नहि बनाबय चाहैत छलैक।' बस अपन इद्दाह अवधि बढ़ाबय चाहैत छथि जाहि सं हुनकर पत्नी के कष्ट होए. तखन अल्लाह तबराका व तआला आयत उतारलनि: '-हानि पहुँचेबाक लेल हुनका सभक संदर्भ नहि दियौक, कारण एहन करबा सँ अहाँ हुनका सभ पर अन्याय करब-' -प्र.स. अल बकरा : 231- अल्लाह हुनका सब के एहि तरहे सलाह देलखिन।

Hadith

Imam Malik : 1077

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ رَبِّهِ بْنِ سَعِيدِ بْنِ قَيْسٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّهُ قَالَ سُئِلَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبَّاسٍ وَأَبُو هُرَيْرَةَ عَنْ الْمَرْأَةِ الْحَامِلِ يُتَوَفَّى عَنْهَا زَوْجُهَا فَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ آخِرَ الْأَجَلَيْنِ وَقَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ إِذَا وَلَدَتْ فَقَدْ حَلَّتْفَدَخَلَ أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَلَى أُمِّ سَلَمَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلَهَا عَنْ ذَلِكَ فَقَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ وَلَدَتْ سُبَيْعَةُ الْأَسْلَمِيَّةُ بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا بِنِصْفِ شَهْرٍ فَخَطَبَهَا رَجُلَانِ أَحَدُهُمَا شَابٌّ وَالْآخَرُ كَهْلٌ فَحَطَّتْ إِلَى الشَّابِّ فَقَالَ الشَّيْخُ لَمْ تَحِلِّي بَعْدُ وَكَانَ أَهْلُهَا غَيَبًا وَرَجَا إِذَا جَاءَ أَهْلُهَا أَنْ يُؤْثِرُوهُ بِهَا فَجَاءَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ قَدْ حَلَلْتِ فَانْكِحِي مَنْ شِئْتِ

याह्या हमरा मलिक स [अब्दु रब्बीह बिन सईद बिन कैस] स [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान] स कहने छथि ओ कहलनि; ' [इब्न अब्बास] आरू [अबू हुरैरा] स॑ एगो गर्भवती महिला के बारे म॑ पूछलऽ गेलै, जेकरऽ पति के मौत होय गेलऽ छेलै । इब्न अब्बास जवाब देलखिन, 'हुनकर इद्दाह दू इद्दाह काल मे सबस लंबा अछि'। आरू अबू हुरैरा न॑ जवाब देलकै कि अगर वू बच्चा क॑ जन्म देल॑ छै त॑ एकरऽ मतलब छै कि ओकरऽ इद्दाह केरऽ अवधि खतम होय गेलऽ छै’ । एकरऽ बाद अबू सलामा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ पत्नी उम्म सलामाह स॑ भेंट करी क॑ हुनका स॑ ई बारे म॑ पूछलकै । [उम्म सलामाह] तखन उत्तर देलनि; 'सुबैआ अल असलमियाह अपन पति के मृत्यु के आधा महीना बाद अपन बच्चा के जन्म देलखिन्ह, फेर दू आदमी हुनका प्रपोज केलनि, एकटा जवान आ एकटा बूढ़. तखन सुबाई'क प्रवृत्ति छल जे छोट पुरुष दिस तकबाक प्रवृत्ति छल, तेँ जे पुरुष पैघ छल से कहलक जे 'अहाँक इद्दाह अवधि एखन धरि खत्म नहि भेल अछि'। -ओ ई एहि लेल कहलनि जे- शुबैयाक परिवार दूर छल, तेँ जखन ओ सभ अबैत छल तखन ओकरा -छोटका आदमी सभसँ बेसी- प्राथमिकता दैत छल । तखन सुबैया रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ भेंट केलनि, ओ कहलनि: 'अहाँक इद्दाह अवधि बीति गेल, जकरा सँ विवाह करू'।

Hadith

Imam Malik : 1078

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّهُ سُئِلَ عَنْ الْمَرْأَةِ يُتَوَفَّى عَنْهَا زَوْجُهَا وَهِيَ حَامِلٌ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ إِذَا وَضَعَتْ حَمْلَهَا فَقَدْ حَلَّتْفَأَخْبَرَهُ رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ كَانَ عِنْدَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ قَالَ لَوْ وَضَعَتْ وَزَوْجُهَا عَلَى سَرِيرِهِ لَمْ يُدْفَنْ بَعْدُ لَحَلَّتْ

हमरा [नाफी’] स मालिक स [अब्दुल्लाह बिन उमर] स कहल गेल जे एक बेर हुनका स एकटा एहन महिला क बारे मे पूछल गेल छल, जेकर पति गर्भवती रहितो मरि गेल छल। अब्दुल्ला बिन उमर तखन जवाब देलनि; 'जखन ओ अपन बच्चा के जन्म देने छथि त एकर मतलब अछि जे हुनकर इद्दाह पीरियड समाप्त भ गेल छनि'। तखन [एकटा अंसार आदमी] जे हुनका संग छल हुनका कहलकनि जे [उमर बिन खत्ताब] कहने छलाह; 'जँ पतिक लाश एखनो पलंग पर पड़ल रहैत आ गाड़ल नहि गेल रहितथि तखन ओ हलाल भ' गेल रहितथि' ।

Hadith

Imam Malik : 1079

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ أَنَّهُ أَخْبَرَهُأَنَّ سُبَيْعَةَ الْأَسْلَمِيَّةَ نُفِسَتْ بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا بِلَيَالٍ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ حَلَلْتِ فَانْكِحِي مَنْ شِئْتِ

[हिस्यम बिन उर्वाह] स मालिक स [अपन पिता] स [अल मिसवर बिन मखरामह] स कहलथि ओ रिपोर्ट केने छलाह जे सुबैआ अल असलमिया पति क मौत क कई दिन बाद सेहो प्यूरपेरियम मे खून बहैत छल। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'अहाँक इद्दाह अवधि समाप्त भ गेल, अहाँ जे पुरुष चाही ओकर विवाह क' सकैत छी'।

Hadith

Imam Malik : 1080

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبَّاسٍ وَأَبَا سَلَمَةَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ اخْتَلَفَا فِي الْمَرْأَةِ تُنْفَسُ بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا بِلَيَالٍ فَقَالَ أَبُو سَلَمَةَ إِذَا وَضَعَتْ مَا فِي بَطْنِهَا فَقَدْ حَلَّتْ لِلْأَزْوَاجِ وَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ آخِرَ الْأَجَلَيْنِ فَجَاءَ أَبُو هُرَيْرَةَ فَقَالَ أَنَا مَعَ ابْنِ أَخِي يَعْنِي أَبَا سَلَمَةَ فَبَعَثُوا كُرَيْبًا مَوْلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ إِلَى أُمِّ سَلَمَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْأَلُهَا عَنْ ذَلِكَ فَجَاءَهُمْفَأَخْبَرَهُمْ أَنَّهَا قَالَتْ وَلَدَتْ سُبَيْعَةُ الْأَسْلَمِيَّةُ بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا بِلَيَالٍ فَذَكَرَتْ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ قَدْ حَلَلْتِ فَانْكِحِي مَنْ شِئْتِقَالَ مَالِك وَهَذَا الْأَمْرُ الَّذِي لَمْ يَزَلْ عَلَيْهِ أَهْلُ الْعِلْمِ عِنْدَنَا

हमरा मलिक स [याह्या बिन सईद] स [सुलेमान बिन यासर] स कहल गेल अछि जे [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] आ [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान बिन औफ] मे एक बेर एकटा एहन महिला क इद्दाह क संबंध मे मतभेद भेल छल जे अपन पति क मौत क कई दिन बाद बच्चा कए जन्म देलक। अबू सलामाह कहलनि; 'जँ ओ बच्चाकेँ जन्म देने छथि तँ एकर मतलब जे ओ दोसर पुरुषसँ दोसर विवाह क' सकैत छथि ।' एम्हर इब्न अब्बासक तर्क छलनि; 'इद्दाह -इद्दाह- अछि जकर अवधि सबसँ बेसी होइत अछि' । [अबू हुरैरा] आबि क’ कहलनि; 'हम अपन भाइक बेटा अबू सलामाह सँ सहमत छी'। तखन ओ सब अब्दुल्ला बिन अब्बास के पूर्व गुलाम कुरैब के पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी उम्म सलामा स भेंट करय लेल पठौलनि जे एहि बारे मे पूछि सकथि। [कुरैब] तखन हुनका सब लग आबि गेलाह, हुनका सब के सूचित केलनि जे [उम्मू सलामाह] कहलनि, ‘सुबैया अल असलमिया एक बेर अपन पति के कई दिन बाद मरला के बाद अपन बच्चा के जन्म देलखिन, फेर ओ रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स एहि बारे में पूछलखिन, ओ फेर हुनका कहलखिन; 'अहाँक इद्दाह अवधि समाप्त भ' गेल, जकरा चाही से विवाह करू'। मालिक बजलाह; "हमरऽ विचार स॑ ई वू राय छै जेकरा प॑ वैज्ञानिक अखनी भी भरोसा करै छै ।"