Imam Malik : 1021
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُأَيُّمَا رَجُلٍ آلَى مِنْ امْرَأَتِهِ فَإِنَّهُ إِذَا مَضَتْ الْأَرْبَعَةُ الْأَشْهُرِ وُقِفَ حَتَّى يُطَلِّقَ أَوْ يَفِيءَ وَلَا يَقَعُ عَلَيْهِ طَلَاقٌ إِذَا مَضَتْ الْأَرْبَعَةُ الْأَشْهُرِ حَتَّى يُوقَفَ
हमरा ई बात मलिक सँ [नफी’] सँ [अब्दुल्लाह बिन उमर] सँ रिवायत भेल जे कहलनि: ‘ओ आदमी जे कसम खाइत अछि जे पत्नीक संग संभोग नहि करत, जँ चारि मासक सीमा सँ बेसी भ’ गेल हो। तखन ओकरा कहल जाइत छैक जे ओ अपन कथनक पुष्टि करथि : ओकरा तलाक देब वा नहि । आ चारि मासक सीमा बीति गेलाक बादो ओ आदमी अपन बयानक पुष्टि ता धरि तलाक नहि होइत अछि।'
Imam Malik : 1022
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ وَأَبَا بَكْرِ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِكَانَا يَقُولَانِ فِي الرَّجُلِ يُولِي مِنْ امْرَأَتِهِ إِنَّهَا إِذَا مَضَتْ الْأَرْبَعَةُ الْأَشْهُرِ فَهِيَ تَطْلِيقَةٌ وَلِزَوْجِهَا عَلَيْهَا الرَّجْعَةُ مَا كَانَتْ فِي الْعِدَّةِ
हमरा [इब्न शिहाब] स॑ मलिक स॑ ई बात कहलऽ गेलऽ छै कि [सैद बिन मुसैयब] आरू [अबू बकर बिन अब्दुररहमान] न॑ एक आदमी के बारे म॑ कहलकै जे अपनऽ पत्नी के साथ यौन संबंध नै करै के प्रण करलकै, ‘जदि ई चारि महीना के सीमा स॑ अधिक होय गेलऽ छै त॑ एकरऽ मतलब छै कि वू एक तलाक पार करी चुकलऽ छै, आरू वू अपनऽ पत्नी स॑ मेल-मिलाप करी सकै छै जब॑ तलक कि पत्नी अभी भी इद्दाह अवधि के भीतर छै’ ।
Imam Malik : 1023
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك أَنَّهُ سَأَلَ ابْنَ شِهَابٍعَنْ إِيلَاءِ الْعَبْدِ فَقَالَ هُوَ نَحْوُ إِيلَاءِ الْحُرِّ وَهُوَ عَلَيْهِ وَاجِبٌ وَإِيلَاءُ الْعَبْدِ شَهْرَانِ
याह्या हमरा मालिक स कहलक जे ओ [इब्न शिहाब] स अपन नौकर क इला’ क बारे मे पूछलथि। इब्न शिहाब उत्तर देलनि; दासक ‘इला’ ओहिना होइत छैक जेना स्वतंत्र व्यक्तिक ‘इला’ । कानून सेहो अनिवार्य अछि। नोकरक इला' अवधिक सीमा दू मासक होइत छैक।
Imam Malik : 1024
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ سُلَيْمٍ الزُّرَقِيِّ أَنَّهُ سَأَلَ الْقَاسِمَ بْنَ مُحَمَّدٍعَنْ رَجُلٍ طَلَّقَ امْرَأَةً إِنْ هُوَ تَزَوَّجَهَا فَقَالَ الْقَاسِمُ بْنُ مُحَمَّدٍ إِنَّ رَجُلًا جَعَلَ امْرَأَةً عَلَيْهِ كَظَهْرِ أُمِّهِ إِنْ هُوَ تَزَوَّجَهَا فَأَمَرَهُ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ إِنْ هُوَ تَزَوَّجَهَا أَنْ لَا يَقْرَبَهَا حَتَّى يُكَفِّرَ كَفَّارَةَ الْمُتَظَاهِرِ
याह्या हमरा [सैद बिन अमरू बिन सुलैम अज़ ज़ुरकी] स मालिक स कहलथि जे एक बेर ओ [अल कासिम बिन मुहम्मद] स एकटा एहन आदमी क बारे मे पूछने छलाह जे अगर पत्नी ओकरा संग यौन संबंध बना लेत त ओकरा तलाक द देत। अल कासिम बिन मुहम्मद तखन जवाब देलनि; 'एक बेर पुरुष अपन पत्नी केँ अपन मायक पीठ जकाँ मानैत छल जँ ओकरा संग सेक्स करैत छल ।' अस्तु [उमर बिन खत्ताब] हुनका कहलनि जे हुनका लग नहि जाउ, जाबत धरि ओ अपन ज़िहार जुर्माना नहि चुका देत' |
Imam Malik : 1025
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّهُ قَالَ فِي رَجُلٍ تَظَاهَرَ مِنْ أَرْبَعَةِ نِسْوَةٍ لَهُ بِكَلِمَةٍ وَاحِدَةٍ إِنَّهُ لَيْسَ عَلَيْهِ إِلَّا كَفَّارَةٌ وَاحِدَةٌو حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ مِثْلَ ذَلِكَ
हमरा सब के मलिक स [हिस्यम बिन उर्वाह] स [हुनकर पिता] स कहल गेल अछि जे ओ एकटा एहन आदमी के बारे में जे अपन चारि पत्नी पर एक वाक्य स ज़िहार केने छलाह, 'ओकरा केवल एक बेर कफ्राह देबय के बाध्यता अछि'। हमरा [रबीअह बिन अबू अब्दुररहमान] स मालिक स ऊपर के तरह कहने छल।
Imam Malik : 1026
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ أَنَّهُ سَمِعَ رَجُلًا يَسْأَلُ عُرْوَةَ بْنَ الزُّبَيْرِعَنْ رَجُلٍ قَالَ لِامْرَأَتِهِ كُلُّ امْرَأَةٍ أَنْكِحُهَا عَلَيْكِ مَا عِشْتِ فَهِيَ عَلَيَّ كَظَهْرِ أُمِّي فَقَالَ عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ يُجْزِيهِ عَنْ ذَلِكَ عِتْقُ رَقَبَةٍ
मलिक [हिसियाम बिन उर्वाह] स हमरा सब के कहलखिन जे ओ एकटा आदमी के [उर्वाह बिन अज़ जुबैर] स एकटा एहन आदमी के बारे में पूछैत सुनलखिन जे अपन पत्नी स कहलखिन; 'हम अहाँक बाद जे स्त्रीगण सँ विवाह करैत छी आ अहाँ एखनो जीवित छी, तखन ओ हमर मायक पीठ जकाँ छथि' । उरवाह बिन जुबैर जवाब देलकै; 'अपन बातक प्रायश्चित करबाक लेल ओ बस दास सभ केँ मुक्त क' देलनि'।
Imam Malik : 1027
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك أَنَّهُ سَأَلَ ابْنَ شِهَابٍعَنْ ظِهَارِ الْعَبْدِ فَقَالَ نَحْوُ ظِهَارِ الْحُرِّ
याह्या हमरा मालिक सं कहलनि जे ओ एक बेर [इब्न शिहाब] सं अपन नोकर सबहक ज़िहार के बारे में पूछने छलाह, तें ओ जवाब देलनि; 'हुनकर झिहार स्वतंत्र व्यक्तिक ज़िहार जकाँ होइत छैक' ।
Imam Malik : 1028
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ أَنَّهَا قَالَتْكَانَ فِي بَرِيرَةَ ثَلَاثُ سُنَنٍ فَكَانَتْ إِحْدَى السُّنَنِ الثَّلَاثِ أَنَّهَا أُعْتِقَتْ فَخُيِّرَتْ فِي زَوْجِهَا وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْوَلَاءُ لِمَنْ أَعْتَقَ وَدَخَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالْبُرْمَةُ تَفُورُ بِلَحْمٍ فَقُرِّبَ إِلَيْهِ خُبْزٌ وَأُدْمٌ مِنْ أُدْمِ الْبَيْتِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَمْ أَرَ بُرْمَةً فِيهَا لَحْمٌ فَقَالُوا بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ وَلَكِنْ ذَلِكَ لَحْمٌ تُصُدِّقَ بِهِ عَلَى بَرِيرَةَ وَأَنْتَ لَا تَأْكُلُ الصَّدَقَةَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هُوَ عَلَيْهَا صَدَقَةٌ وَهُوَ لَنَا هَدِيَّةٌ
हमरा [रबीअह बिन अबू अब्दुररहमान] स मालिक स याह्या कहि देने छथि [अल कासिम बिन मुहम्मद] स [ऐसियाह] उम्मूल मुकमिनिन स, ओ कहलनि; 'बरीरा स॑ संबंधित तीन सबक छै, जेकरा म॑ स॑ एगो ई छै कि जब॑ ओकरा मुक्त करलऽ गेलै त॑ ओकरा अपनऽ पति केरऽ चुनाव देलऽ गेलै भले ही नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम न॑ कहलकै कि 'संरक्षकता के अधिकार वू व्यक्ति के पास छै जे ओकरा मुक्त करै छै' । एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सं भेंट केलनि, आ ओहि समय मे पाथरक बर्तन मे मांस उबलैत छल, मुदा हुनका मात्र रोटी आ साइड डिश परोसल गेल छलनि. रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पुछलखिन; 'ओहि बर्तन मे मांस नहि छल?' ओ सभ उत्तर देलथिन; 'ठीक छै हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, लेकिन ओ मांस मांस छै जे बरिरा के दान में देल जाय छै, जबकि तोरा भिक्षा नै खाय के अनुमति छै? ' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब देलनि; 'बरिरा के लेलऽ मांस के दान के दर्जा छै, लेकिन हमरा सब लेली ई उपहार छै' ।
Imam Malik : 1029
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّهُ كَانَ يَقُولُ فِي الْأَمَةِ تَكُونُ تَحْتَ الْعَبْدِ فَتَعْتِقُ إِنَّ الْأَمَةَ لَهَا الْخِيَارُ مَا لَمْ يَمَسَّهَاقَالَ مَالِك وَإِنْ مَسَّهَا زَوْجُهَا فَزَعَمَتْ أَنَّهَا جَهِلَتْ أَنَّ لَهَا الْخِيَارَ فَإِنَّهَا تُتَّهَمُ وَلَا تُصَدَّقُ بِمَا ادَّعَتْ مِنْ الْجَهَالَةِ وَلَا خِيَارَ لَهَا بَعْدَ أَنْ يَمَسَّهَا
हमरा कहलऽ गेलऽ छै कि [अब्दुल्लाह बिन उमर] स॑ [नाफी’] स॑ मलिक न॑ एगो महिला दास के बारे म॑ कहलकै जे एगो पुरुष दास के पत्नी बनी गेलै, तखनिये महिला क॑ मुक्त करी देलऽ गेलै, ‘मादा दास क॑ चुनै के अधिकार छै जब॑ तलक ओकरा प॑ यौन उत्पीड़न नै करलऽ गेलऽ छै’ । मालिक बजलाह; 'जँ ओकर पति ओकरा संग यौन संबंध केने छथि आ ओ दावा करैत छथि जे हुनका नहि बुझल छलनि जे हुनका वोट करबाक अधिकार छनि त' हुनका संदेह अछि आ हुनकर ई दावा जे हुनका नहि बुझल छलनि से जायज नहि भ' सकैत अछि.' आ ओकरा आब चोदलाक बाद चुनबाक अधिकार नहि छैक'।
Imam Malik : 1030
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِأَنَّ مَوْلَاةً لِبَنِي عَدِيٍّ يُقَالُ لَهَا زَبْرَاءُ أَخْبَرَتْهُ أَنَّهَا كَانَتْ تَحْتَ عَبْدٍ وَهِيَ أَمَةٌ يَوْمَئِذٍ فَعَتَقَتْ قَالَتْ فَأَرْسَلَتْ إِلَيَّ حَفْصَةُ زَوْجُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَعَتْنِي فَقَالَتْ إِنِّي مُخْبِرَتُكِ خَبَرًا وَلَا أُحِبُّ أَنْ تَصْنَعِي شَيْئًا إِنَّ أَمْرَكِ بِيَدِكِ مَا لَمْ يَمْسَسْكِ زَوْجُكِ فَإِنْ مَسَّكِ فَلَيْسَ لَكِ مِنْ الْأَمْرِ شَيْءٌ قَالَتْ فَقُلْتُ هُوَ الطَّلَاقُ ثُمَّ الطَّلَاقُ ثُمَّ الطَّلَاقُ فَفَارَقَتْهُ ثَلَاثًا
हमरा [इब्नु शिहाब] स मलिक स [उर्वाह बिन जुबैर] स कहल गेल अछि जे बानी ‘आदी’ क एकटा पूर्व दासी [जबरा’] हुनका कहलथि जे जखन ओ एखनो गुलाम छलीह तखन ओ एकटा पुरुष दास क पत्नी छलीह। तखन ओ मुक्त भ' गेलाह -अपन मालिक द्वारा, पेन्ट-। तखन ओ कहलनि, हफशाह, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी हमरा लेल ककरो पठौलनि जे हुनका सं भेंट कयल जाय, [हफशाह] तखन कहलनि जे हम अहाँ के किछु खबरि कहब, मुदा हम नहि चाहैत छी जे अहाँ कोनो अधलाह काज करी। असल मे आब निर्णय अहाँक हाथ मे अछि जा धरि अहाँक पति कहियो अहाँक संग नहि सुतल छथि। जँ अहाँक पति अहाँक संग सुतल छथि तखन आब अहाँक कोनो अधिकार नहि अछि'। ज़बरा बाजल; 'हम तुरन्त कहलियनि; 'तलाक, तलाक आ तलाक'। तीन बेर पतिसँ तलाक दऽ चुकल छथि ।
Imam Malik : 1031
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ سَمِعَهُ يَقُولُإِذَا خَيَّرَ الرَّجُلُ امْرَأَتَهُ فَاخْتَارَتْهُ فَلَيْسَ ذَلِكَ بِطَلَاقٍقَالَ مَالِك وَذَلِكَ أَحْسَنُ مَا سَمِعْتُ
मलिक हमरा [इब्न शिहाब] स कहलनि जे ओ हुनका कहैत सुनने छलाह जे 'जँ कोनो पति अपन पत्नी केँ विकल्प दैत छथि, तखन हुनकर पत्नी अपन पतिक संग रहब चुनैत छथि, तखन से तलाक नहि मानल जाइत अछि'। मालिक बजलाह; 'ई हमरा सुनल सबसँ नीक राय अछि'।
Imam Malik : 1032
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ عَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّهَا أَخْبَرَتْهُ عَنْ حَبِيبَةَ بِنْتِ سَهْلٍ الْأَنْصَارِيِّأَنَّهَا كَانَتْ تَحْتَ ثَابِتِ بْنِ قَيْسِ بْنِ شَمَّاسٍ وَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَرَجَ إِلَى الصُّبْحِ فَوَجَدَ حَبِيبَةَ بِنْتَ سَهْلٍ عِنْدَ بَابِهِ فِي الْغَلَسِ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ هَذِهِ فَقَالَتْ أَنَا حَبِيبَةُ بِنْتُ سَهْلٍ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ مَا شَأْنُكِ قَالَتْ لَا أَنَا وَلَا ثَابِتُ بْنُ قَيْسٍ لِزَوْجِهَا فَلَمَّا جَاءَ زَوْجُهَا ثَابِتُ بْنُ قَيْسٍ قَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَذِهِ حَبِيبَةُ بِنْتُ سَهْلٍ قَدْ ذَكَرَتْ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ تَذْكُرَ فَقَالَتْ حَبِيبَةُ يَا رَسُولَ اللَّهِ كُلُّ مَا أَعْطَانِي عِنْدِي فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِثَابِتِ بْنِ قَيْسٍ خُذْ مِنْهَا فَأَخَذَ مِنْهَا وَجَلَسَتْ فِي بَيْتِ أَهْلِهَا
याह्या हमरा मलिक स [याह्या बिन सैइद] स [‘अमरा बिंत अब्दुररहमान] स कहलथि जे ओ हुनका कहलथि, [हबीबा बिंत सहल अल अंसारी] स जे ओ थाबीत बिन कैस बिन स्याम्स क पत्नी छलीह। एक बेर रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम घर स भोर के नमाज करय लेल निकलि गेलाह, तखन हुनका अपन घर के दरवाजा पर हबीबा बिंत सहल भेटलनि, भले ओहि समय एखनो अन्हार छल | रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन हुनका सँ पूछलखिन: 'ओ के अछि?' हबीबा जबाब देलकै; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम हबीबा बिंत सहल छी'। ओ फेर पुछलखिन: 'अहाँ केँ की चाही?' हबीबा जबाब देलकै; 'हमर कोनो गलती नहि अछि आ ने थाबीत बिन कैस'क गलती।' -ओहि समय थाबीत बिन कैस एखनो हुनकर पति छलाह- जखन थाबीत बिन कैस आयल छलाह तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सँ पूछलखिन: 'ई हबीबाह बिंत सहल अपन समस्या के शिकायत केने छथि, अल्लाह के इच्छा के अनुसार जे ओ कहलीह'। हबीबा तखन कहलक; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, जे किछु हमरा देलनि से एखनो हमरा संग अछि'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन थाबीत बिन कैस स कहलथिन्ह जे हुनका स ल लिअ’। तेँ थाबीत बिन कैस ओकरासँ लऽ लेलक, जाहिसँ ओहि दिन हबीबा बिन्त सहल अपन परिवारक संग रहैत छल'।
Imam Malik : 1033
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ مَوْلَاةٍ لِصَفِيَّةَ بِنْتِ أَبِي عُبَيْدٍ أَنَّهَا اخْتَلَعَتْ مِنْ زَوْجِهَا بِكُلِّ شَيْءٍ لَهَا فَلَمْ يُنْكِرْ ذَلِكَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ
हमरा [नफी’] स मालिक स पूर्व दास शफियाह बिन उबैद स कहल गेल छल जे ओ अपन पति पर ओकर सबटा संपत्ति स खुलू’ केने छलीह, आ [अब्दुल्लाह बिन उमर] एकरा स इनकार नहि केलथि।
Imam Malik : 1034
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ رُبَيِّعَ بِنْتَ مُعَوَّذِ بْنِ عَفْرَاءَ جَاءَتْ هِيَ وَعَمُّهَا إِلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَفَأَخْبَرَتْهُ أَنَّهَا اخْتَلَعَتْ مِنْ زَوْجِهَا فِي زَمَانِ عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَفَبَلَغَ ذَلِكَ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ فَلَمْ يُنْكِرْهُ وَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ عِدَّتُهَا عِدَّةُ الْمُطَلَّقَةِ
याह्या हमरा [नफी’] स मालिक स कहलथि जे [रुबाई’ बिंत मुअववद्ज बिन अफ्रा] आ हुनकर चाचा [अब्दुल्लाह बिन उमर] स भेंट केलथि आ हुनका कहलथि जे उस्मान बिन अफ्फान क खिलाफत क दौरान ओ अपन पति स खुलू तलाक मंगने छलीह। मामला? ई [उस्मान] लग पहुँचि गेल आ ओ एकरा नकारल नहि। अब्दुल्ला बिन उमर कहलनि; 'हुनकर इद्दाह तलाकशुदा महिलाक इद्दाह जकाँ अछि' ।
Imam Malik : 1035
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّ سَهْلَ بْنَ سَعْدٍ السَّاعِدِيَّ أَخْبَرَهُأَنَّ عُوَيْمِرًا الْعَجْلَانِيَّ جَاءَ إِلَى عَاصِمِ بْنِ عَدِيٍّ الْأَنْصَارِيِّ فَقَالَ لَهُ يَا عَاصِمُ أَرَأَيْتَ رَجُلًا وَجَدَ مَعَ امْرَأَتِهِ رَجُلًا أَيَقْتُلُهُ فَتَقْتُلُونَهُ أَمْ كَيْفَ يَفْعَلُ سَلْ لِي يَا عَاصِمُ عَنْ ذَلِكَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلَ عَاصِمٌ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ ذَلِكَ فَكَرِهَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَسَائِلَ وَعَابَهَا حَتَّى كَبُرَ عَلَى عَاصِمٍ مَا سَمِعَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمَّا رَجَعَ عَاصِمٌ إِلَى أَهْلِهِ جَاءَهُ عُوَيْمِرٌ فَقَالَ يَا عَاصِمُ مَاذَا قَالَ لَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ عَاصِمٌ لِعُوَيْمِرٍ لَمْ تَأْتِنِي بِخَيْرٍ قَدْ كَرِهَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَسْأَلَةَ الَّتِي سَأَلْتُهُ عَنْهَا فَقَالَ عُوَيْمِرٌ وَاللَّهِ لَا أَنْتَهِي حَتَّى أَسْأَلَهُ عَنْهَا فَقَامَ عُوَيْمِرٌ حَتَّى أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَسَطَ النَّاسِ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرَأَيْتَ رَجُلًا وَجَدَ مَعَ امْرَأَتِهِ رَجُلًا أَيَقْتُلُهُ فَتَقْتُلُونَهُ أَمْ كَيْفَ يَفْعَلُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ أُنْزِلَ فِيكَ وَفِي صَاحِبَتِكَ فَاذْهَبْ فَأْتِ بِهَا قَالَ سَهْلٌ فَتَلَاعَنَا وَأَنَا مَعَ النَّاسِ عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمَّا فَرَغَا مِنْ تَلَاعُنِهِمَا قَالَ عُوَيْمِرٌ كَذَبْتُ عَلَيْهَا يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنْ أَمْسَكْتُهَا فَطَلَّقَهَا ثَلَاثًا قَبْلَ أَنْ يَأْمُرَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَقَالَ مَالِك قَالَ ابْنُ شِهَابٍ فَكَانَتْ تِلْكَ بَعْدُ سُنَّةَ الْمُتَلَاعِنَيْنِ
याह्या हमरा [इब्न शिहाब] स मालिक स कहलथि जे [सहल बिन सईद अस सईदी] हुनका सूचित केलथि, जे उवैमीर अल अजलानी अशिम बिन आदि अल अंसारी स भेंट केलथि आ कहलथि; 'हे 'अशिम, जँ कोनो पुरुष केँ पता चलत जे ओकर पत्नीक संबंध दोसर पुरुष सँ अछि त' अहाँ की सोचब।' की ओ ओकरा मारि सकैत छल जाहि सँ ओ सभ ओकरा मारि देलक -किशाह- जकाँ। आकि की करबाक चाही? हे अशिम, कृपया ई मामला रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स पूछू। तखन अशिम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स एहि बारे मे पूछलथि, मुदा ओ एहि सवाल स घृणा केलथि आ एकर आलोचना केलथि जे रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम स जे सुनलथि ओ एकरा आओर कठिन बना देलक। अशिम जखन पत्नी लग घर गेलाह त उवैमीर हुनका सं भेंट क' पुछलखिन्ह; 'हे अशिम, रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अहाँ के की जवाब देलखिन?' 'अशिम उत्तर देलनि; 'नीक किछु नहि छल, एतेक धरि जे हम जे प्रश्न पूछने रही ताहि सँ हुनका घृणा छलनि'। 'उवैमीर कहलकै; 'अल्लाहक कसम, जा धरि हम स्वयं हुनका सँ नहि पूछब ता धरि हम संतुष्ट नहि होयब! ' तखन उवैमीर तुरंत नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ भेंट करय लेल गेलाह जे लोकक भीड़क बीच मे छलाह | तखन ओ पुछलखिन; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, अहाँक की विचार अछि, जँ कोनो एहन पति छथि जे पाबैत छथि जे हुनकर पत्नी दोसर पुरुष सँ संबंध बना रहल छथि? की ओ ओकरा मारि सकैत अछि, जाहि सँ पत्नीक परिवार ओकरा किशाह कहि मना लेत, वा की?' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन जवाब देलनि; 'अहाँ आ अहाँक पत्नीक संबंध मे एकटा श्लोक प्रकट भेल अछि ।' तेँ जाउ आ अपन पत्नीकेँ एतय आनि दियौक'। सहल बाजल; 'ओ दुनू गोटे एक दोसरा के गारि पढ़ैत समाप्त भ गेल, जखन कि हम आ जनता रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पक्ष में छलहुं।' जखन ओ सभ मुलाअना -परस्पर गारि- समाप्त केलनि तखन उवैमीर कहलनि, 'हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह, हम हुनका सँ झूठ बाजितहुँ जँ हम हुनका राखने रहितहुँ'। तखन उवैमी अपन पत्नी के तीन तलाक द देलखिन्ह ताहि सं पहिने जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आदेश देलखिन्ह. मालिक बजलाह; इब्न शिहाब कहलनि जे, 'ई घटना अनाह के शुरुआत के बारे में खुलासा के बाद भेल - आपसी गारि जे ओ व्यभिचार नै केने छल - नीचा उतरल छल'।
Imam Malik : 1036
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَأَنَّ رَجُلًا لَاعَنَ امْرَأَتَهُ فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَانْتَفَلَ مِنْ وَلَدِهَا فَفَرَّقَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَهُمَا وَأَلْحَقَ الْوَلَدَ بِالْمَرْأَةِ
हमरा मलिक स [नफी’] स [अब्दुल्लाह बिन उमर] स रिवायत भेल अछि जे कहने छलाह, ‘अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय मे एकटा एहन आदमी छल जे अपन पत्नी पर लिआन केलक आ ओकर बच्चा के मांग केलक। तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दुनू गोटे के अलग कs बच्चा के पत्नी के द देलखिन।
Imam Malik : 1037
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ ثَوْبَانَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِيَاسِ بْنِ الْبُكَيْرِ أَنَّهُ قَالَطَلَّقَ رَجُلٌ امْرَأَتَهُ ثَلَاثًا قَبْلَ أَنْ يَدْخُلَ بِهَا ثُمَّ بَدَا لَهُ أَنْ يَنْكِحَهَا فَجَاءَ يَسْتَفْتِي فَذَهَبْتُ مَعَهُ أَسْأَلُ لَهُ فَسَأَلَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبَّاسٍ وَأَبَا هُرَيْرَةَ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَا لَا نَرَى أَنْ تَنْكِحَهَا حَتَّى تَنْكِحَ زَوْجًا غَيْرَكَ قَالَ فَإِنَّمَا طَلَاقِي إِيَّاهَا وَاحِدَةٌ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ إِنَّكَ أَرْسَلْتَ مِنْ يَدِكَ مَا كَانَ لَكَ مِنْ فَضْلٍ
हमरा मलिक स याह्या [इब्नु शिहाब] स [मुहम्मद बिन अब्दुररहमान बिन त्साउबान] स [मुहम्मद बिन इयास बिन बुकैर] स कहने छल ओ कहलक; 'एकटा पुरुष पत्नीक संग शारीरिक संबंध बनेबासँ पहिने त्रिगुण तलाक लगा देलक ।' तखन ओकरासँ विवाह करए चाहलक। तेँ ओ फतवा माँगय चाहैत छलाह, तेँ हम हुनका संग फतवा माँगय लेल गेलहुँ । तखन ओ [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] आ [अबू हुरैरा] सँ पूछलनि, दुनू गोटे उत्तर देलनि; 'हमरा सभक विचार अछि जे जा धरि अहाँक पूर्व पत्नी दोसर पुरुषक विवाह नहि करत ता धरि अहाँ हुनका सँ फेर विवाह नहि करू' । ओ आदमी एकरा नकारलक; 'हुनका सँ हमर तलाक मात्र एक बेरक तलाक छल'। आ इब्न अब्बास एकर खंडन केलनि; 'अहाँ जे गुण हाथ मे छल से त्यागि देलहुँ'।
Imam Malik : 1038
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْأَشَجِّ عَنْ النُّعْمَانِ بْنِ أَبِي عَيَّاشٍ الْأَنْصَارِيِّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ أَنَّهُ قَالَ جَاءَ رَجُلٌ يَسْأَلُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِعَنْ رَجُلٍ طَلَّقَ امْرَأَتَهُ ثَلَاثًا قَبْلَ أَنْ يَمَسَّهَا قَالَ عَطَاءٌ فَقُلْتُ إِنَّمَا طَلَاقُ الْبِكْرِ وَاحِدَةٌ فَقَالَ لِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ إِنَّمَا أَنْتَ قَاصٌّ الْوَاحِدَةُ تُبِينُهَا وَالثَّلَاثَةُ تُحَرِّمُهَا حَتَّى تَنْكِحَ زَوْجًا غَيْرَهُ
ई हमरा मलिक स॑ [याह्या बिन सईद] स॑ [बुकैर बिन अब्दुल्लाह बिन अल अस्याज] स॑ [अन-नुमान बिन अबू अय्यासी अल अंसारी] स॑ [अथा बिन यासर] स॑ बतैलऽ गेलऽ छै कि हुनी कहलकै, ‘एक आदमी अब्दुल्ला बिन अमर बिन अल ऐश स॑ मिललै एक ऐन्हऽ आदमी के बारे म॑ पूछतें हुअ॑ जे अपनऽ पत्नी स॑ तीन बार तलाक देल॑ छेलै, भले ही ओकरा स॑ कहियो यौन संबंध नै होलऽ छेलै ओकर'। 'अथ कहलक; 'तखन हम कहलियनि, 'लड़की सँ तलाक मात्र एक बेर होइत छैक।' [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अल ऐश] तखन हमरा कहलनि, 'अहाँ परीकथा कहय बला छी! -कानून नहि जनैत अछि- एक बेर बैन अछि, आ तीन बेर ओकरा हरम बना दैत अछि जा धरि ओ दोसर पुरुषक विवाह नहि क' लैत अछि'।
Imam Malik : 1039
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْأَشَجِّ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ أَبِي عَيَّاشٍ الْأَنْصَارِيِّأَنَّهُ كَانَ جَالِسًا مَعَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ وَعَاصِمِ بْنِ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ قَالَ فَجَاءَهُمَا مُحَمَّدُ بْنُ إِيَاسِ بْنِ الْبُكَيْرِ فَقَالَ إِنَّ رَجُلًا مِنْ أَهْلِ الْبَادِيَةِ طَلَّقَ امْرَأَتَهُ ثَلَاثًا قَبْلَ أَنْ يَدْخُلَ بِهَا فَمَاذَا تَرَيَانِ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الزُّبَيْرِ إِنَّ هَذَا الْأَمْرَ مَا لَنَا فِيهِ قَوْلٌ فَاذْهَبْ إِلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ فَإِنِّي تَرَكْتُهُمَا عِنْدَ عَائِشَةَ فَسَلْهُمَا ثُمَّ ائْتِنَا فَأَخْبِرْنَا فَذَهَبَ فَسَأَلَهُمَا فَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ لِأَبِي هُرَيْرَةَ أَفْتِهِ يَا أَبَا هُرَيْرَةَ فَقَدْ جَاءَتْكَ مُعْضِلَةٌ فَقَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ الْوَاحِدَةُ تُبِينُهَا وَالثَّلَاثَةُ تُحَرِّمُهَا حَتَّى تَنْكِحَ زَوْجًا غَيْرَهُ وَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ مِثْلَ ذَلِكَقَالَ مَالِك وَعَلَى ذَلِكَ الْأَمْرُ عِنْدَنَا
मलिक हमरा [बुकैर बिन अब्दुल्लाह बिन अल अस्याज] स [याह्या बिन सईद] स कहलथि जे ओ हुनका कहलथि, [मुआ'वियाह बिन अबू अय्यासी अल अंसारी] स जे ओ एक बेर अब्दुल्लाह बिन जुबैर आ 'अशिम बिन उमर बिन खत्ताब' क संग बैसल छलाह। मुआ'वियाह कहलक; 'मुहम्मद बिन इयास बिन अल बुकैर दुनू गोटेक लग आबि पुछलनि; 'एकटा बेदुइन आदमी छल जे अपन पत्नीक संग तीन बेर तलाक द' देलक, भले ओ कहियो ओकरा संग शारीरिक संबंध नहि केने हो।' अहाँ दुनू गोटे के की विचार अछि? ' अब्दुल्ला बिन जुबैर जवाब देलनि; 'एहि मामला मे हमरा सभक एखन धरि कोनो राय नहि अछि।' [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] आ [अबू हुरैरा] स भेंट करू, हम दुनू गोटे कए आइशा क जगह पर छोड़ि देने छी। दुनू गोटेसँ पूछू, तखन घुरि कऽ आबि कऽ कहू! ' मुहम्मद बिन इयास तखन जा कए दुनू गोटे स पूछलथि, इब्न अब्बास तखन अबू हुरैरा स कहलथि; 'हे अबू हुरैरा, हुनका फतवा दिअ।' ओ एकटा जटिल समस्या ल' क' अहाँ लग आबि गेल छथि'। अबू हुरैरा तखन जवाब देलनि; 'एक बेर तलाक पत्नीक लेल जे एखनो लड़की अछि ओकर मतलब तलाक बैन होइत छैक, आ तीन बेर तलाक ओकरा ता धरि विवाह करबा सँ मना क' सकैत अछि जा धरि ओ दोसर पुरुषक विवाह नहि क' लेत'।' आ इब्न अब्बास सेहो कहलनि जे'। मालिक बजलाह; 'हम सभ अपन विचार मे सेएह प्रयोग करैत छी'।
Imam Malik : 1040
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ طَلْحَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَوْفٍ قَالَ وَكَانَ أَعْلَمَهُمْ بِذَلِكَ وَعَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍأَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ طَلَّقَ امْرَأَتَهُ الْبَتَّةَ وَهُوَ مَرِيضٌ فَوَرَّثَهَا عُثْمَانُ بْنُ عَفَّانَ مِنْهُ بَعْدَ انْقِضَاءِ عِدَّتِهَا
याह्या हमरा मलिक स [इब्न शिहाब] स [थल्हाह बिन अब्दुल्लाह बिन औफ] स बतेलथि ओ कहलनि; -आ ओ सबसँ बेसी जानकार छथि- आ [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान बिन औफ] सँ जे [अब्दुररहमान बिन औफ] अपन पत्नी सँ त्रिगुण तलाक सँ तलाक द’ देलनि, जखन कि ओ ओहि समय बीमार छलाह | तखन [उस्मान बिन अफान] अपन पत्नी के इद्दाह अवधि समाप्त भेलाक बाद विरासत के अधिकार देलखिन।'