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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Malik (الامام مالك) - 1594 Hadith

Hadith

Imam Malik : 81

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ أَنَّهُ سَمِعَ عُرْوَةَ بْنَ الزُّبَيْرِ يَقُولُدَخَلْتُ عَلَى مَرْوَانَ بْنِ الْحَكَمِ فَتَذَاكَرْنَا مَا يَكُونُ مِنْهُ الْوُضُوءُ فَقَالَ مَرْوَانُ وَمِنْ مَسِّ الذَّكَرِ الْوُضُوءُ فَقَالَ عُرْوَةُ مَا عَلِمْتُ هَذَا فَقَالَ مَرْوَانُ بْنُ الْحَكَمِ أَخْبَرَتْنِي بُسْرَةُ بِنْتُ صَفْوَانَ أَنَّهَا سَمِعَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا مَسَّ أَحَدُكُمْ ذَكَرَهُ فَلْيَتَوَضَّأْ

मलिक सूं याह्या नै [अब्दुल्ला बिन अबू बकर बिन मुहम्मद बिन अमर बिन हाजम] सूं बतायो है, उणनै [उर्वाह बिन जुबैर] नै कैता सुण्यो है; मैं मरवान बिन अल हकाम सूं मिल्यो, सो म्हे जला रै मुद्दां माथै ज्ञान रो आदान-प्रदान करियो। [मरवान] कह्यो; 'वजू रै वास्तै जननांग नै छूणो अनिवार्य है,' उरवाह बोल्यो; 'म्हानै ओ ठा कोनी हो'। तो मारवान बिन अल हकाम कह्यो; म्हानै [बुसराह बिन्त शफवान] बतायो हो, वा अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नै कैता सुणी ही: 'अगर थारै मांय सूं कोई उणरै गुप्तांग नै छूवै तो वजू करो! '

Hadith

Imam Malik : 82

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ عَنْ مُصْعَبِ بْنِ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ أَنَّهُ قَالَكُنْتُ أُمْسِكُ الْمُصْحَفَ عَلَى سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ فَاحْتَكَكْتُ فَقَالَ سَعْدٌ لَعَلَّكَ مَسِسْتَ ذَكَرَكَ قَالَ فَقُلْتُ نَعَمْ فَقَالَ قُمْ فَتَوَضَّأْ فَقُمْتُ فَتَوَضَّأْتُ ثُمَّ رَجَعْتُ

मलिक सूं [इस्माइल बिन मुहम्मद बिन सद बिन अबू वकाश] सूं [मुशाब बिन सद बिन अबू वकाश] सूं बतायो हो, बां कैयो; मैं सद बिन वकाश रै साम्हीं मुशाफ पकड़ राख्यो हो, फेर म्हैं उणनै खुरचता देख्यो, फेर [सद] बोल्यो; 'हो सकै है थै थारा गुप्तांग नै छू लिया हो?' -मुशअब- कह्यो; म्हैं जवाब दियो; 'हां। तो बो बोल्यो; 'खड़ जाओ अर वजू करो,' फेर मैं खड़यो होयो अर वजू कर लियो, फेर पाछो आयो।

Hadith

Imam Malik : 83

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ كَانَ يَقُولُإِذَا مَسَّ أَحَدُكُمْ ذَكَرَهُ فَقَدْ وَجَبَ عَلَيْهِ الْوُضُوءُ

[नफी'] सूं मलिक सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] कह्यो; 'अगर थारै मांय सूं कोई आपरै गुप्त अंगां नै छूवै तो उणरै वास्तै वजू लेणो जरूरी है।'

Hadith

Imam Malik : 84

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُمَنْ مَسَّ ذَكَرَهُ فَقَدْ وَجَبَ عَلَيْهِ الْوُضُوءُ

मलिक सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं बतायो है; 'जो कोई भी उणरै गुप्त अंगां नै छूवैला, उणनै वजू लेणो पड़सी।'

Hadith

Imam Malik : 85

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهُ قَالَ رَأَيْتُ أَبِي عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَيَغْتَسِلُ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ فَقُلْتُ لَهُ يَا أَبَتِ أَمَا يَجْزِيكَ الْغُسْلُ مِنْ الْوُضُوءِ قَالَ بَلَى وَلَكِنِّي أَحْيَانًا أَمَسُّ ذَكَرِي فَأَتَوَضَّأُ

यो म्हारै सूं मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं [सलीम बिन अब्दुल्ला] सूं संबंधित है, वाकई उण कह्यो; मैं म्हारा पिता [अब्दुल्लाह बिन उमर] नै नहाता अर फेर वजू लेता देख्यो, फेर मैं बांनै पूछ्यो; 'ओ म्हारा पिताजी, वजू नीं लेवण सारू गुस्ल ई काफी कोनी है?' उण जवाब दियो; 'हां, बस इत्तो ई है कै कदै-कदै मैं आपरै गुप्तांगां नै छूऊं हूं, सो मैं जला लेऊं हूं'।

Hadith

Imam Malik : 86

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهُ قَالَ كُنْتُ مَعَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَفِي سَفَرٍ فَرَأَيْتُهُ بَعْدَ أَنْ طَلَعَتْ الشَّمْسُ تَوَضَّأَ ثُمَّ صَلَّى قَالَ فَقُلْتُ لَهُ إِنَّ هَذِهِ لَصَلَاةٌ مَا كُنْتَ تُصَلِّيهَا قَالَ إِنِّي بَعْدَ أَنْ تَوَضَّأْتُ لِصَلَاةِ الصُّبْحِ مَسِسْتُ فَرْجِي ثُمَّ نَسِيتُ أَنْ أَتَوَضَّأَ فَتَوَضَّأْتُ وَعُدْتُ لِصَلَاتِي

मलिक सूं [नफी'] सूं [सलीम बिन अब्दुल्ला] सूं बतायो है, बो बोल्यो; मैं [अब्दुल्लाह बिन उमर] रै सागै एक सैर माथै गयो हो। मैं उणनै सूरज उगबा रै बाद वजू लेता देख्यो अर पछै उणनै नमाज पढ़ी, -सलीम- बोल्यो; मैं पूछूं; 'थै ओ काम कोनी करियो?' उण जवाब दियो; 'प्रभात री नमाज रै वास्तै वजू लेवण रै बाद म्हैं आपरै गुप्तांगां नै छूयो। मैं अबै वजू नीं करणो भूलग्यो, सो मैं वजू कर लियो अर आपरी नमाज दोहराई।

Hadith

Imam Malik : 87

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِيهِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُقُبْلَةُ الرَّجُلِ امْرَأَتَهُ وَجَسُّهَا بِيَدِهِ مِنْ الْمُلَامَسَةِ فَمَنْ قَبَّلَ امْرَأَتَهُ أَوْ جَسَّهَا بِيَدِهِ فَعَلَيْهِ الْوُضُوءُ

मलिक सूं याह्या नै [इब्नू शिहाब] सूं [सलीम बिन अब्दुल्ला] सूं आपरै पिता सूं बतायो है, - [अब्दुल्ला बिन उमर] - उण एक बार कैयो हो; 'किणी आदमी रो हाथ उणरी घरआळी माथै चूमणो अर छूणो मुमासा मानीजै है। जो कोई भी आपरी घरआळी नै चूमैला अर उणनै छूवैला, उणनै वजू लेणो पड़सी।

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Imam Malik : 88

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُمِنْ قُبْلَةِ الرَّجُلِ امْرَأَتَهُ الْوُضُوءُ

मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं म्हनैं बतायो गयो है कै उण कैयो; 'वुधू उण आदमी रै वास्तै जरूरी है जको आपरी घरआळी नै चूम लेवै'।

Hadith

Imam Malik : 89

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا اغْتَسَلَ مِنْ الْجَنَابَةِ بَدَأَ بِغَسْلِ يَدَيْهِ ثُمَّ تَوَضَّأَ كَمَا يَتَوَضَّأُ لِلصَّلَاةِ ثُمَّ يُدْخِلُ أَصَابِعَهُ فِي الْمَاءِ فَيُخَلِّلُ بِهَا أُصُولَ شَعَرِهِ ثُمَّ يَصُبُّ عَلَى رَأْسِهِ ثَلَاثَ غَرَفَاتٍ بِيَدَيْهِ ثُمَّ يُفِيضُ الْمَاءَ عَلَى جِلْدِهِ كُلِّهِ

मलिक सूं [हिस्याम बिन उरवाह] सूं [उणरै पिता] सूं [ऐस्याह, उम्मुल मुकमिनिन] सूं याह्या नै बतायो है; जद पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जुनुब सूं नहाया तो बां आपरा हाथ धोबा सूं सरू कर दियो। नमाज रै वास्तै वजू रै रूप मांय वजू करो। आपरी आंगळियां नै पाणी मांय घाल’र बांनै आपरै बाळां रै नीचै सूं पार कर’र, पछै बां दोनूं हाथां सूं आपरै सिर माथै पाणी रा तीन स्कूप ढाळ्या, पछै पाणी नै आपरी चामड़ी माथै समान रूप सूं फैला दियो।

Hadith

Imam Malik : 90

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَغْتَسِلُ مِنْ إِنَاءٍ هُوَ الْفَرَقُ مِنْ الْجَنَابَةِ

मलिक सूं [इब्नू शिहाब] सूं [उर्वाह बिन अज जुबैर] सूं [ऐस्याह, उम्म मुकमिनिन] सूं म्हनैं बतायो गयो है; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम अल फराक रै बर्तन सूं जुनुब नै नहलाया।

Hadith

Imam Malik : 91

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَكَانَ إِذَا اغْتَسَلَ مِنْ الْجَنَابَةِ بَدَأَ فَأَفْرَغَ عَلَى يَدِهِ الْيُمْنَى فَغَسَلَهَا ثُمَّ غَسَلَ فَرْجَهُ ثُمَّ مَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ وَنَضَحَ فِي عَيْنَيْهِ ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى ثُمَّ الْيُسْرَى ثُمَّ غَسَلَ رَأْسَهُ ثُمَّ اغْتَسَلَ وَأَفَاضَ عَلَيْهِ الْمَاءَ

[नफी] रै मलिक सूं म्हनैं बतायो गयो है कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] जद जुनब सूं नहावै है, तो आपरै दांई हाथ माथै पाणी ढाळण सूं सरू करै है। बो धोयो, फेर आपरो लंड धोयो। बो आपरो मुंह धोयो अर पछै सांस ली अर नाक मांय घाल्योड़ा पाणी नै थूक दियो। आपरो मुंडो धोयो अर आंख्यां माथै पाणी छिड़क्यो, आपरो दांयो हाथ धोयो फेर बांयो हाथ धोयो अर पछै आपरो माथो धोयो। बो स्नान करियो अर पाणी नै आपरै सगळै शरीर माथै फैला दियो।

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Imam Malik : 92

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِأَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ وَعُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ وَعَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانُوا يَقُولُونَ إِذَا مَسَّ الْخِتَانُ الْخِتَانَ فَقَدْ وَجَبَ الْغُسْلُ

मलिक सूं याह्या [इब्न शिहाब] सूं [सईद बिन मुसैयब] सूं मन्नै बतायो है कै [उमर बिन खथब], [उथमान बिन अफ्फान] अर [ऐस्याह] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री घरआळी कैयो है; 'अगर दो खतना एक दूजा नै छूवै तो स्नान करणो जरूरी है'।

Hadith

Imam Malik : 93

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي النَّضْرِ مَوْلَى عُمَرَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ أَنَّهُ قَالَسَأَلْتُ عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا يُوجِبُ الْغُسْلَ فَقَالَتْ هَلْ تَدْرِي مَا مَثَلُكَ يَا أَبَا سَلَمَةَ مَثَلُ الْفَرُّوجِ يَسْمَعُ الدِّيَكَةَ تَصْرُخُ فَيَصْرُخُ مَعَهَا إِذَا جَاوَزَ الْخِتَانُ الْخِتَانَ فَقَدْ وَجَبَ الْغُسْلُ

उमर बिन उबैदुल्लाह रै एक पूर्व दास [अबू नदलर] सूं मलिक सूं बतायो हो, [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान बिन औफ] सूं उण कह्यो; मैं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी [ऐस्याह] सूं पूछ्यो कै स्नान नै कांई फर्ज बणावै है, तो वा जवाब दियो; 'हे अबू सलामा, कांई थनै थारी मिसाल मालूम है? यानी मुर्गा री तरै जिको मुर्गी री बांग सुणै है अर पछै बो भी बांग देवै है। जे लिंग जननांगां मांय घुसग्यो है तो बांनै स्नान करणो पड़सी।

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Imam Malik : 94

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّ أَبَا مُوسَى الْأَشْعَرِيَّ أَتَى عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَفَقَالَ لَهَا لَقَدْ شَقَّ عَلَيَّ اخْتِلَافُ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي أَمْرٍ إِنِّي لَأُعْظِمُ أَنْ أَسْتَقْبِلَكِ بِهِ فَقَالَتْ مَا هُوَ مَا كُنْتَ سَائِلًا عَنْهُ أُمَّكَ فَسَلْنِي عَنْهُ فَقَالَ الرَّجُلُ يُصِيبُ أَهْلَهُ ثُمَّ يُكْسِلُ وَلَا يُنْزِلُ فَقَالَتْ إِذَا جَاوَزَ الْخِتَانُ الْخِتَانَ فَقَدْ وَجَبَ الْغُسْلُفَقَالَ أَبُو مُوسَى الْأَشْعَرِيُّ لَا أَسْأَلُ عَنْ هَذَا أَحَدًا بَعْدَكِ أَبَدًا

मलिक सूं [यह्या बिन सईद] सूं [सईद बिन मुसैयब] सूं बतायो गयो है कै अबू मूसा अल असीअरी पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी आयशा रै कनै आया अर उणसूं कैयो; 'इणसूं म्हारै वास्तै किणी समस्या रै बाबत म्हारै दोस्तां रै बीच मतभेद होवणो घणो अबखो हुयग्यो है। जे ओ नीं होतो तो म्हनैं थारै सूं फतवा मांगणो मुसकिल लागतो' फेर ऐस्याह पूछ्यो; 'ओ कांई है? थै थारी मां सूं जो भी पूछणो चावो हो, फेर पूछो। फेर -अबू मूसा- कह्यो; 'एक आदमी आपरी घरआळी रै कनै आयो, फेर बो आपरा गुप्तांग काढ लिया अर वीर्य नीं निकळ्यो'। [ऐस्याह] जवाब दियो; 'अगर जननांग जननांग रै मांय घुसग्या है तो स्नान करणो जरूरी है'। अबू मूसा अल असियारी कह्यो; 'फेर मैं किणी नै दूजी बार कोनी पूछूंला'।

Hadith

Imam Malik : 95

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ كَعْبٍ مَوْلَى عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ أَنَّ مَحْمُودَ بْنَ لَبِيدٍ الْأَنْصَارِيَّ سَأَلَ زَيْدَ بْنَ ثَابِتٍعَنْ الرَّجُلِ يُصِيبُ أَهْلَهُ ثُمَّ يُكْسِلُ وَلَا يُنْزِلُ فَقَالَ زَيْدٌ يَغْتَسِلُفَقَالَ لَهُ مَحْمُودٌ إِنَّ أُبَيَّ بْنَ كَعْبٍ كَانَ لَا يَرَى الْغُسْلَ فَقَالَ لَهُ زَيْدُ بْنُ ثَابِتٍ إِنَّ أُبَيَّ بْنَ كَعْبٍ نَزَعَ عَنْ ذَلِكَ قَبْلَ أَنْ يَمُوتَ

मलिक सूं [यह्या बिन सईद] सूं [अब्दुल्ला बिन काब] उस्मान बिन अफ्फान रै पूर्व दास सूं मन्नै बतायो गयो है कै महमूद बिन लबीद अल अंसारी [जैद बिन थाबित] सूं एक आदमी रै बारै में पूछ्यो जिको आपरी घरआळी रै कनै आयो हो अर पछै उण बिना वीर्य छोड़ियां आपरा गुप्तांग काढ लिया, सो जैद जवाब दियो; 'उणनै नहाणो है'। फेर महमूद बोल्यो; 'वास्तव में [उबाई बिन काअब] अस्यान कोनी सोचै,' जैद बिन थाबित नकार दियो; 'उबाई बिन काब आपरी मौत सूं पैली आपरी राय साफ कर दी ही'।

Hadith

Imam Malik : 96

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ كَانَ يَقُولُإِذَا جَاوَزَ الْخِتَانُ الْخِتَانَ فَقَدْ وَجَبَ الْغُسْلُ

[नफी'] सूं मलिक सूं म्हनैं बतायो गयो है कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] कैयो हो; 'अगर जननांग जननांग रै मांय घुसग्या है तो स्नान करणो जरूरी है'।

Hadith

Imam Malik : 97

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ قَالَذَكَرَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ يُصِيبُهُ جَنَابَةٌ مِنْ اللَّيْلِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ تَوَضَّأْ وَاغْسِلْ ذَكَرَكَ ثُمَّ نَمْ

मलिक सूं [अब्दुल्लाह बिन दीनार] सूं [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं बतायो गयो है; उमर बिन खट्टाब एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं शिकायत करी ही, कै म्हैं एक रात जुनूब मांय हो, फेर बो बोल्यो: 'वजू करो अर गुप्तांग धोओ फेर सो जावो'।

Hadith

Imam Malik : 98

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا كَانَتْ تَقُولُإِذَا أَصَابَ أَحَدُكُمْ الْمَرْأَةَ ثُمَّ أَرَادَ أَنْ يَنَامَ قَبْلَ أَنْ يَغْتَسِلَ فَلَا يَنَمْ حَتَّى يَتَوَضَّأَ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِ

मलिक सूं [हिस्याम बिन उरवाह] सूं [उणरै पिता] सूं [ऐस्याह] सूं - पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री पत्नी - सूं म्हनैं बतायो गयो है; 'अगर थै थारी घरआळी रै सागै सेक्स करो हो, तो नहाबा सूं पैली सोणो चावो हो, तो जद तांई थै नमाज रै वास्तै वजू नीं लेवो हो, वठै तांई मत सोवो'।

Hadith

Imam Malik : 99

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَكَانَ إِذَا أَرَادَ أَنْ يَنَامَ أَوْ يَطْعَمَ وَهُوَ جُنُبٌ غَسَلَ وَجْهَهُ وَيَدَيْهِ إِلَى الْمِرْفَقَيْنِ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ ثُمَّ طَعِمَ أَوْ نَامَ

[नफी] सूं मलिक सूं म्हनैं बतायो गयो है कै जद [अब्दुल्लाह बिन उमर] सोणो चावै है या खाणो चावै है, जद बो जुनब है, तो बो आपरो चेहरो अर हाथां नैं कोहनी तांई धोवै है। बां रो माथो रगड़ो अर पछै खाणो या सोणो।

Hadith

Imam Malik : 100

حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ أَبِي حَكِيمٍ أَنَّ عَطَاءَ بْنَ يَسَارٍ أَخْبَرَهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَبَّرَ فِي صَلَاةٍ مِنْ الصَّلَوَاتِ ثُمَّ أَشَارَ إِلَيْهِمْ بِيَدِهِ أَنْ امْكُثُوا فَذَهَبَ ثُمَّ رَجَعَ وَعَلَى جِلْدِهِ أَثَرُ الْمَاءِ

याह्या ने मलिक सूं [इस्माइल बिन अबू हकीम] सूं बतायो कै ['अथो` बिन यासर] उणनै सूचित करियो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नमाज रै मांय तकबीर बोल्या, फेर बां लोगां नै हाथां सूं इशारो करियो- जठै हो बठै ई रैवो! ' फेर वो गयो अर फेर पाछो आयो, जदकै बांरी चामड़ी माथै पाणी रा निशान दीखण लाग्या।