Imam Ibnu Majah : 121
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ وَهَدِيَّةُ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَ قَالَتْ عَائِشُةُيَا عُرْوَةُ كَانَ أَبَوَاكَ مِنْ الَّذِينَ اسْتَجَابُوا لِلَّهِ وَالرَّسُولِ مِنْ بَعْدِ مَا أَصَابَهُمْ الْقَرْحُ أَبُو بَكْرٍ وَالزُّبَيْرُ
सानु दस्सेया गया है कि [हिस्याम बिन अम्मर] ते [हदीयाह बिन अब्दुल वहाब] दोनों ने आख्या; ने सानु [सुफयान बिन उयैनह] [हिस्याम बिन उर्वाह] कोला [अपने पिता] कोला दस्सेया ऐ, उने आख्या; [ऐशा] ने आख्या; 'हे उरवाह, तुहाडे मां-प्यो उन लोकां विच सन जिन्हां ने चोट लगन दे बाद अल्लाह ते रसूले दी पुकार दा जवाब दित्ता; अर्थात अबू बकर ते जुबैर'।
Imam Ibnu Majah : 122
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ وَعَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْأَوْدِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا الصَّلْتُ الْأَزْدِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو نَضْرَةَ عَنْ جَابِرٍأَنَّ طَلْحَةَ مَرَّ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ شَهِيدٌ يَمْشِي عَلَى وَجْهِ الْأَرْضِ
सानु दस्सेया गया है कि [अली बिन मुहम्मद] ते ['अِِम्रू बिन अब्दुल्लाह अल औदी] दोनों ने आख्या; सानु दस्सेया है [वाकी'] ने कहा, सानु दस्सेया है [ऐश शाल्ट अल 'अजदी] ने कहा, सानु [अबू नदलरह] दे [जबीर] ने कहा; 'थलहा ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कोला गुजरेया, फिर उने आख्या: 'एक शहीद धरती दी सतह उप्पर चलदा ऐ'।
Imam Ibnu Majah : 123
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الْأَزْهَرِ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنِي إِسْحَقُ بْنُ يَحْيَى بْنِ طَلْحَةَ عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ قَالَنَظَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى طَلْحَةَ فَقَالَ هَذَا مِمَّنْ قَضَى نَحْبَهُ
सानु दस्सेया है [अहमद बिन अल अजहर] ने कहा, सानु दस्सेया है ['अमरू बिन उस्मान] ने कहा, सानु दस्सेया है [ज़ुहैर बिन मुअवियाह] ने कहा, मिगी [इशाक बिन याह्या बिन थल्हाह] कोला [मूसा बिन तलहह] कोला [मुअविया बिन अबू सुफियान] कोला दस्सेया ऐ, उने आख्या; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तल्हा नू वेख के आख्या: 'ओह उन्हां विचों है जो गिरनगे'।
Imam Ibnu Majah : 124
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سِنَانٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَنْبَأَنَا إِسْحَقُ عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ قَالَكُنَّا عِنْدَ مُعَاوِيَةَ فَقَالَ أَشْهَدُ لَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ طَلْحَةُ مِمَّنْ قَضَى نَحْبَهُ
सानु दस्सेया है [अहमद बिन सिनान] ने कहा, सानु दस्सेया है [यजीद बिन हारून] ने कहा, सानु [इशाक] [मूसा बिन तल्हा] से बताया है उसने कहा; जदूं अस [मुअवीया] दे कन्ने हे, तां उने फिरी आखेआ; मैं गवाही दिंदा हां कि मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नू कहंदे सुनेया सी: 'थलहा उन लोकां विचों इक है जो गिर जांगन'।
Imam Ibnu Majah : 125
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ إِسْمَعِيلَ عَنْ قَيْسٍ قَالَرَأَيْتُ يَدَ طَلْحَةَ شَلَّاءَ وَقَى بِهَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ أُحُدٍ
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, सानु [वाकी'] [इस्माइल] तों [कायस] तों दस्सेया है उसने कहा; 'मैं [थल्हाह] दा हत्थ लकवा मारदा वेख्या किउंकि उहद दी लड़ाई दे दौरान नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दी रक्षा वास्ते उसने इसदा इस्तेमाल कीता'।
Imam Ibnu Majah : 126
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَمَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَمَعَ أَبَوَيْهِ لِأَحَدٍ غَيْرَ سَعْدِ بْنِ مَالِكٍ فَإِنَّهُ قَالَ لَهُ يَوْمَ أُحُدٍ ارْمِ سَعْدُ فِدَاكَ أَبِي وَأُمِّي
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन बश्यार] ने कहा, सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन जा'फर] ने कहा, सानु [स्यूबाह] से [स'द बिन इब्राहिम] से [अब्दुल्लाह बिन स्याद्दद] से [अली रदियाल्लाहु अनहु] से बताया है उसने कहा; 'मैं रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम गी अपने माता-पिता गी इकट्ठा करदे नेईं दिक्खेआ -कसब खांदे होई- स'द बिन मलिक दे अलावा कुसै होर गी।' उहुद की लड़ाई भें उसने उसे कशा- 'फेर दे, ऐ स'द! मेरे पिता ते मां गी तुंदी फिरौती दे तौर उप्पर'।
Imam Ibnu Majah : 127
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ ح و حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَعِيلَ وَإِسْمَعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ قَالَ سَمِعْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ يَقُولُلَقَدْ جَمَعَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ أُحُدٍ أَبَوَيْهِ فَقَالَ ارْمِ سَعْدُ فِدَاكَ أَبِي وَأُمِّي
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन रुमह] ने कहा, सानु दस्सेया है [लैत्स बिन सअद]। ते इक होर पंक्ति दे मताबक; सानु दस्सेया है [हिस्याम बिन अम्मर] ने आख्या, सानु [हतिम बिन इस्माइल] ते [इस्माइल बिन अय्यासी] [यह्या बिन सईद] कोला [सैद इब्नुल मुसैयब] कोला दस्सेया ऐ उने आख्या; मैं [स'द बिन अबू वक्काश] गी आखदे सुनेया; 'उहुद दी लड़ाई च रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने माता-पिता गी इकट्ठा कीता -कपथ दित्ती- मिगी, उ'नें आखेआ: 'हे स'द, मेरे पिता ते मां गी अपनी फिरौती दे तौर पर फेंकना'।
Imam Ibnu Majah : 128
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ وَخَالِي يَعْلَى وَوَكِيعٌ عَنْ إِسْمَعِيلَ عَنْ قَيْسٍ قَالَ سَمِعْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ يَقُولُإِنِّي لَأَوَّلُ الْعَرَبِ رَمَى بِسَهْمٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, सानु [अब्दुल्लाह बिन इदरीस] ते मेरे चाचा [या'ला] ते [वाकी'] [इस्माइल] तों [कायस] तों दस्सेया है उसने आख्या; मैं [स'द बिन अबू वक्काश] गी आखदे सुनेया; 'सचमुच मैं पैहला अरब हा जिसने अल्लाह दे रस्ते च तीर चलाया'।
Imam Ibnu Majah : 129
حَدَّثَنَا مَسْرُوقُ بْنُ الْمَرْزُبَانِ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي زَائِدَةَ عَنْ هَاشِمِ بْنِ هَاشِمٍ قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ يَقُولَ قَالَ سَعْدُ بْنُ أَبِي وَقَّاصٍمَا أَسْلَمَ أَحَدٌ فِي الْيَوْمِ الَّذِي أَسْلَمْتُ فِيهِ وَلَقَدْ مَكَثْتُ سَبْعَةَ أَيَّامٍ وَإِنِّي لَثُلُثُ الْإِسْلَامِ
सानु दस्सेया है [मसरुक बिन अल मर्ज़ुबान] ने कहा, सानु [याह्या बिन अबू ज़ा`इदा] [हसीम बिन हसीम] से बताया है उसने कहा; मैं [सईद इब्नुल मुसैयब] गी आखदे सुनेया; [सद बिन अबू वक्काश] ने आख्या: 'मेरे इस्लाम दे दिन किसे ने इस्लाम नहीं अपनाया, ते मैं सात दिन तक रेहा हां, ते मैं इस्लाम दा इक तिहाई हां'।
Imam Ibnu Majah : 130
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ الْمُثَنَّى أَبُو الْمُثَنَّى النَّخَعِيُّ عَنْ جَدِّهِ رِيَاحِ بْنِ الْحَارِثِ سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ زَيْدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ نُفَيْلٍ يَقُولُكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَاشِرَ عَشَرَةٍ فَقَالَ أَبُو بَكْرٍ فِي الْجَنَّةِ وَعُمَرُ فِي الْجَنَّةِ وَعُثْمَانُ فِي الْجَنَّةِ وَعَلِيٌّ فِي الْجَنَّةِ وَطَلْحَةُ فِي الْجَنَّةِ وَالزُّبَيْرُ فِي الْجَنَّةِ وَسَعْدٌ فِي الْجَنَّةِ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ فِي الْجَنَّةِ فَقِيلَ لَهُ مَنْ التَّاسِعُ قَالَ أَنَا
सानु दस्सेया है [हिस्यम बिन अम्मर] ने कहा, सानु दस्सेया है [ईसा बिन यूनुस] ने कहा, सानु दस्सेया है [शदाकाह बिन मुत्सन्ना अबुल मुत्सन्ना अन नखाई] अपने दादा [रियाह बिन इब्नुल हरित] से उसने सुनेया [सैद बिन जैद बिन अमरू बिन नुफैल] कहते हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दस लोकें च दसवां हा'। सईद ने कहा; 'अबू बकर स्वर्ग च, उमर स्वर्ग च, उस्मान स्वर्ग च, अली स्वर्ग च, तल्हा स्वर्ग च, जुबैर स्वर्ग च, स'द स्वर्ग च ते अब्दुररहमान स्वर्ग च'। फिरी उसी आखया गेया, 'नौवां कुन ऐ?' उसने जवाब दित्ता: 'मैं हां'।
Imam Ibnu Majah : 131
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ حُصَيْنٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ ظَالِمٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ قَالَأَشْهَدُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنِّي سَمِعْتُهُ يَقُولُ اثْبُتْ حِرَاءُ فَمَا عَلَيْكَ إِلَّا نَبِيٌّ أَوْ صِدِّيقٌ أَوْ شَهِيدٌ وَعَدَّهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَعُثْمَانُ وَعَلِيٌّ وَطَلْحَةُ وَالزُّبَيْرُ وَسَعْدٌ وَابْنُ عَوْفٍ وَسَعِيدُ بْنُ زَيْدٍ
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन बश्यार] ने कहा, सानु [इब्न अबू आदी] से [स्यूबाह] से [हुशैन] से [हिलाल बिन यासाफ] से [अब्दुल्लाह बिन झालिम] से [सैद बिन जैद] से बताया है उसने कहा; मैं अल्लाह दे रसूलुल्लाह (स.अ.व.) कूं गवाही डेंदा हां कि मैं उन्हां कूं आखदे सुणया हा: ‘हे हीरा’, चुप रहो! फिर रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उन्हां दा जिक्र कीता: 'अबू बकर, उमर, उस्मान, अली, तल्हा, जुबैर, स'द, इब्न 'औफ और सईद बिन जैद'।
Imam Ibnu Majah : 132
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ ح و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ جَمِيعًا عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ صِلَةَ بْنِ زُفَرَ عَنْ حُذَيْفَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِأَهْلِ نَجْرَانَ سَأَبْعَثُ مَعَكُمْ رَجُلًا أَمِينًا حَقَّ أَمِينٍ قَالَ فَتَشَرَّفَ لَهُ النَّاسُ فَبَعَثَ أَبَا عُبَيْدَةَ بْنَ الْجَرَّاحِ
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, सानु [वाकी'] [सूफयान] से बताया है। ते इक होर पंक्ति दे मताबक; सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन बस्स्यार] ने आख्या, सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन जा'फर] ने आख्या, सानु [स्यूबाह] ने [अबू इशाक] तों [शिला बिन जुफर] तों [हुदज़ाइफा] तों सब कुछ दस्सेया है; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने नजरान दे लोकें गी आखेआ: 'मैं तुंदे कन्ने इक ऐसा आदमी भेजगा जिस पर सचमुच भरोसा कीता जाई सकै'। हुदज़ीफा ने आख्या: 'इस करी लोकें गी उम्मीद ही जे उसी चुनेआ जाग, पर उने अबू उबैदा बिन अल जर्राह गी भेजेआ'।
Imam Ibnu Majah : 133
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ صِلَةَ بْنِ زُفَرَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِأَبِي عُبَيْدَةَ بْنِ الْجَرَّاحِ هَذَا أَمِينُ هَذِهِ الْأُمَّةِ
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, सानु दस्सेया है [याह्या बिन आदम] ने कहा, सानु [इजराइल] से [अबू इशाक] से [शिला बिन जुफर] से [अब्दुल्लाह] से बताया है; रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अबू उबैदा बिन अल जर्राह गी आख्या: 'एह व्यक्ति इस उम्मा दा भरोसेमंद व्यक्ति है'।
Imam Ibnu Majah : 134
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ الْحَارِثِ عَنْ عَلِيٍّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَوْ كُنْتُ مُسْتَخْلِفًا أَحَدًا عَنْ غَيْرِ مَشُورَةٍ لَاسْتَخْلَفْتُ ابْنَ أُمِّ عَبْدٍ
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, सानु दस्सेया है [वाकी'] ने कहा, सानु [सूफयान] से [अबू इशक] से [अल हरिथ] से [अली] से बताया है उसने कहा; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'अगर मैं बिना सोच-विचार दे उत्तराधिकारी चुनने गी तैयार होंदा तां मैं इब्न उम्मी 'अब्द' गी जरूर चुनना।
Imam Ibnu Majah : 135
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلَّالُ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ زِرٍّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍأَنَّ أَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ بَشَّرَاهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ أَحَبَّ أَنْ يَقْرَأَ الْقُرْآنَ غَضًّا كَمَا أُنْزِلَ فَلْيَقْرَأْهُ عَلَى قِرَاءَةِ ابْنِ أُمِّ عَبْدٍ
सानु दस्सेया है [अल हसन बिन अली अल खल्लाल] ने कहा, सानु दस्सेया है [याह्या बिन आदम] ने कहा, सानु [अबू बकर बिन अय्यासी] से ['अशिम] से [ज़िरर] से [अब्दुल्लाह बिन मसूद] से बताया है; कि [अबू बकर] ते [उमर] ने उसी खुशखबरी दित्ती, कि अल्लाह दे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'जिस गी कुरान गी सही तरीके कन्ने पढ़ना पसंद ऐ जिय्यां ओह उतारया गेदा ऐ, तां ओह् इब्न उम्मी अब्द' दी पढ़ाई दे आधार उप्पर पढ़न।
Imam Ibnu Majah : 136
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ عَنْ الْحَسَنِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سُوَيْدٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذْنُكَ عَلَيَّ أَنْ تَرْفَعَ الْحِجَابَ وَأَنْ تَسْمَعَ سِوَادِي حَتَّى أَنْهَاكَ
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने आख्या है, सानु [अब्दुल्लाह बिन इदरीस] से [अल हसन बिन उबैदुल्लाह] से [इब्राहिम बिन सुवैद] से [अब्दुररहमान बिन यजीद] से [अब्दुल्लाह] से बताया है उसने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मिगी आखेआ: 'तुस मिगी अनुमति देओ, जदूं तकर तुस अपना पर्दा नेईं खोलो ते मेरी सलाह गी अंत तकर सुनो'।
Imam Ibnu Majah : 137
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي سَبْرَةَ النَّخَعِيِّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ كَعْبٍ الْقُرَظِيِّ عَنْ الْعَبَّاسِ بْنِ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ قَالَكُنَّا نَلْقَى النَّفَرَ مِنْ قُرَيْشٍ وَهُمْ يَتَحَدَّثُونَ فَيَقْطَعُونَ حَدِيثَهُمْ فَذَكَرْنَا ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَا بَالُ أَقْوَامٍ يَتَحَدَّثُونَ فَإِذَا رَأَوْا الرَّجُلَ مِنْ أَهْلِ بَيْتِي قَطَعُوا حَدِيثَهُمْ وَاللَّهِ لَا يَدْخُلُ قَلْبَ رَجُلٍ الْإِيمَانُ حَتَّى يُحِبَّهُمْ لِلَّهِ وَلِقَرَابَتِهِمْ مِنِّي
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन सरीफ] ने कहा, सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन फुदलैल] ने कहा, सानु [अल अ'मासी] से [अबू सबराह अन नखाई] से [मुहम्मद बिन काअब अल कुराजी] से [अल अब्बास बिन अब्दुल मुथथलिब] से बताया है उसने कहा; 'असीं कुरैश दे लोकां दा इक ग्रुप मिलया जो गपशप कर रहे सन, अचानक उन्हां ने अपनी गल्लबात -साडे आण नाल- टूट गई।' असी इस घटना दी जानकारी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम गी दित्ती। इस करिए उने आखेआ: 'उस लोकें दा केह् गल्ल ऐ, ओह् गल्ल करदे हे, पर जदूं उ'नें मेरे मंदर दे इक माह्नू गी दिक्खेआ तां उ'नें गल्ल करना बंद करी दित्ता।' अल्लाह दी कसम, इमान आदमी दे दिल विच उस वेले तक नहीं घुस जावेगा, जब तक ओह अल्लाह दी खातिर ते मेरे नाल नजदीकी दे कारण उन्हां नाल प्यार नहीं करदा'।
Imam Ibnu Majah : 138
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ الضَّحَّاكِ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ عَنْ كَثِيرِ بْنِ مُرَّةَ الْحَضْرَمِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ اتَّخَذَنِي خَلِيلًا كَمَا اتَّخَذَ إِبْرَاهِيمَ خَلِيلًا فَمَنْزِلِي وَمَنْزِلُ إِبْرَاهِيمَ فِي الْجَنَّةِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ تُجَاهَيْنِ وَالْعَبَّاسُ بَيْنَنَا مُؤْمِنٌ بَيْنَ خَلِيلَيْنِ
सानु दस्सेया है [अब्दुल वहाब बिन अदल दलाहक] ने कहा, सानु [इस्माइल बिन अय्यासी] से [शफवान बिन अमरू] से [अब्दुररहमान बिन जुबैर बिन नुफैर] से [कत्सीर बिन मुर्राह अल हदलरामी] से [अब्दुल्लाह बिन अमरू] से बताया है उसने कहा; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'वास्तव च अल्लाह ने मिगी अपना प्रेमी बनाया जिन्ना उने इब्राहीम गी अपना प्रेमी बनाया। मेरा निवास ते इब्राहिम दा निवास क़यामत दे दिन स्वर्ग च इक-दुए दा सामना करग। जबकि अल अब्बास साडे बीच है, अल्लाह दे दो प्रेमी, जो इक मुसलमान है।
Imam Ibnu Majah : 139
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي يَزِيدَ عَنْ نَافِعِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِلْحَسَنِ اللَّهُمَّ إِنِّي أُحِبُّهُ فَأَحِبَّهُ وَأَحِبَّ مَنْ يُحِبُّهُ قَالَ وَضَمَّهُ إِلَى صَدْرِهِ
सानु [अहमद बिन अब्दाह] ने आख्या, सानु [सुफयान बिन उयैनह] [उबैदुल्लाह बिन अबू यजीद] कोला [नफी’ बिन जुबैर] कोला [अबू हुरैरा] कोला नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अल हसन गी आखया: 'हे अल्लाह, सचमुच मैं उसी इन्ना प्यार करदा हां ते उंदे कन्ने प्यार करने आलें कन्ने प्यार करदा हां'। अबू हुरैरा ने कहा; 'उसने ऩशरे उसे अऩनी छाती भें गले रगामा।'
Imam Ibnu Majah : 140
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي عَوْفٍ أَبِي الْجَحَّافِ وَكَانَ مَرْضِيًّا عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ أَحَبَّ الْحَسَنَ وَالْحُسَيْنَ فَقَدْ أَحَبَّنِي وَمَنْ أَبْغَضَهُمَا فَقَدْ أَبْغَضَنِي
सानु दस्सेया है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, सानु [वाकी'] गी [सुफयान] कोला [दाऊद बिन अबू औफ अबुल जहहफ] कोला दस्सेया ऐ - ओह इक बरकत व्यक्ति ऐ - [अबू हाज़िम] कोला [अबू हुरैरा] कोला उने आखेआ; रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'जो वी हसन ते हुसैन नाल प्यार करदा है, उसने मेरे नाल प्यार कीता है, ते जो उन्हां दोनों नाल नफरत करदा है, उसने मेरे नाल नफरत कीती है'।