Imam Nasa'i : 1
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا اسْتَيْقَظَ أَحَدُكُمْ مِنْ نَوْمِهِ فَلَا يَغْمِسْ يَدَهُ فِي وَضُوئِهِ حَتَّى يَغْسِلَهَا ثَلَاثًا فَإِنَّ أَحَدَكُمْ لَا يَدْرِي أَيْنَ بَاتَتْ يَدُهُ
हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [सुफयान] [अज ज़ुहरी] से [अबू सलामाह] से [अबू हुरैरा] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़े, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़े कि, 'जब रउआ में से केहु नींद से जाग जाला त जब तक कि उ तीन बेर हाथ ना धो लेले, तब तक आपन हाथ अपना वज़ूद के जगह में मत डुबाईं, काहेंकी रउआ में से केहु के पता नईखे कि ओकर हाथ रात कहाँ बितवले रहे'।
Imam Nasa'i : 2
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ عَنْ جَرِيرٍ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا قَامَ مِنْ اللَّيْلِ يَشُوصُ فَاهُ بِالسِّوَاكِ
हमनी के बतावल गइल बा कि [इशाक बिन इब्राहिम] आ [कुतैबा बिन सैद] से [जरीर] से [मंसूर] से [अबू वैल] से [हुदजाइफा] से कहले बाड़न कि: 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब ऊ लैल के नमाज करे के चाहत रहले त ऊ सिवाक से आपन मुंह रगड़त रहले'।
Imam Nasa'i : 3
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ قَالَ أَخْبَرَنَا غَيْلَانُ بْنُ جَرِيرٍ عَنْ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِي مُوسَى قَالَدَخَلْتُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَسْتَنُّ وَطَرَفُ السِّوَاكِ عَلَى لِسَانِهِ وَهُوَ يَقُولُ عَأْ عَأْ
हमनी के [अहमद बिन अब्दाह] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बा [हमद बिन जैद] कहले बाड़े; हमनी के [गलान बिन जरीर] के [अबू बुरदाह] से [अबू मूसा] से सूचित कईले बाड़े उ कहले कि; 'हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलनी, जब उ सिवाक रहले, अवुरी सिवाक के नोक उनुका जीभ के नोक प रहे उ कहले; आ', आ'।
Imam Nasa'i : 4
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا يَحْيَى وَهُوَ ابْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا قُرَّةُ بْنُ خَالِدٍ قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ هِلَالٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو بُرْدَةَ عَنْ أَبِي مُوسَى قَالَأَقْبَلْتُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَعِي رَجُلَانِ مِنْ الْأَشْعَرِيِّينَ أَحَدُهُمَا عَنْ يَمِينِي وَالْآخَرُ عَنْ يَسَارِي وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَسْتَاكُ فَكِلَاهُمَا سَأَلَ الْعَمَلَ قُلْتُ وَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ نَبِيًّا مَا أَطْلَعَانِي عَلَى مَا فِي أَنْفُسِهِمَا وَمَا شَعَرْتُ أَنَّهُمَا يَطْلُبَانِ الْعَمَلَ فَكَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى سِوَاكِهِ تَحْتَ شَفَتِهِ قَلَصَتْ فَقَالَ إِنَّا لَا أَوْ لَنْ نَسْتَعِينَ عَلَى الْعَمَلِ مَنْ أَرَادَهُ وَلَكِنْ اذْهَبْ أَنْتَ فَبَعَثَهُ عَلَى الْيَمَنِ ثُمَّ أَرْدَفَهُ مُعَاذُ بْنُ جَبَلٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا
हमनी के बतवले बाड़े [अमरू बिन अली] हमनी के बतवले बाड़े [याह्या -इब्नु सईद] उ कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [कुर्राह बिन बिन खालिद] कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [हुमैद बिन हिलाल] कहले बाड़े; हमरा के [अबू बुरदाह] [अबू मूसा] से बतवले बाड़े कि उ कहले बाड़े कि, 'हम एक बेर अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सोझा हाजिर भईल रहनी अवुरी हमरा संगे बानी अश'री के दु आदमी रहले; एगो हमरा दाहिना ओर आ दूसरा बाईं ओर, जबकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सिवाक रहले। तब दुनु आदमी उनुका से सिविल सेवा के पद मंगले, त हम अबू मूसा कहनी कि जे रउआ के सच्चाई ले आवे वाला नबी के रूप में भेजले बा, ओकरा द्वारा दुनो आदमी हमरा से आपन चिंता ना जतवले अवुरी हमरा इहो ना मालूम रहे कि उ लोग सिविल सेवा के पद मांगतारे, तब अयीसन भईल जईसे हम उनुकर सिवाक देखनी जवन कि उनुका होंठ के नीचे रहे एहसे उ लोग एक संगे जुड़ गईले अवुरी उठ गईले। फेर कहले कि, 'हमनी के ओ लोग से मदद ना मांगेनी - चाहे ना मांगब - जवन कि सिविल सेवा के पद चाहतारे, एहसे दूर चल जाईब'। उ उनुका के यमन भेजले, अवुरी उनुका संगे मुअदज बिन जबल रदलियाल्लाहुअनहुमा भी रहले
Imam Nasa'i : 5
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى عَنْ يَزِيدَ وَهُوَ ابْنُ زُرَيْعٍ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَبِي عَتِيقٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ سَمِعْتُ عَائِشَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ السِّوَاكُ مَطْهَرَةٌ لِلْفَمِ مَرْضَاةٌ لِلرَّبِّ
हमनी के [हुमैद बिन मसदाह] अवुरी [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] के [यजीद] से रिपोर्ट कईले बाड़े अर्थात इब्न जुराई उ कहले कि; हमरा [अब्दुररहमान बिन अबू आतिक] तक पहुंचवले बा उ कहले; [हमार बाबूजी] हमरा से कहले बाड़न कि; हम [ऐस्याह] से सुनले बानी कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'सिवाक मुंह में खुशबू ले आवेला, अवुरी अल्लाह के मंजूरी पावेला'।
Imam Nasa'i : 6
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ وَعِمْرَانُ بْنُ مُوسَى قَالَا حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ الْحَبْحَابِ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ أَكْثَرْتُ عَلَيْكُمْ فِي السِّوَاكِ
हमनी के बतावल गइल बा कि [हुमैद बिन मसदाह] आ [इमरान बिन मूसा] दुनु कहले रहले; हमनी के बतवले बाड़े [अब्दुल वारिट्स] कहले बाड़े; हमनी के [स्यूअइब बिन हभाब] [अनास बिन मलिक] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न कि हम अक्सर रउरा के बहुते सिवाक करे के सलाह देत बानी.
Imam Nasa'i : 7
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَوْلَا أَنْ أَشُقَّ عَلَى أُمَّتِي لَأَمَرْتُهُمْ بِالسِّوَاكِ عِنْدَ كُلِّ صَلَاةٍ
हमनी के [कुतैबा बिन सईद] के [मलिक] से [अबू जिनाद] से [अल अ'राज] से [अबू हुरैरा] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'अगर हमरा अपना लोग के बोझ डाले के चिंता ना होईत त हम हर बेर नमाज पढ़ला प सिवाक करे के आदेश देले रहती'।
Imam Nasa'i : 8
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى وَهُوَ ابْنُ يُونُسَ عَنْ مِسْعَرٍ عَنْ الْمِقْدَامِ وَهُوَ ابْنُ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ قُلْتُ لِعَائِشَةَبِأَيِّ شَيْءٍ كَانَ يَبْدَأُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ بَيْتَهُ قَالَتْ بِالسِّوَاكِ
हमनी के [अली बिन खसराम] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बा [ईसा -अर्थात। इब्न यूनुस] से [मिस'अर] से [मिकदाम यानी इब्न स्यूरैह] से [उनकर पिता] से उ कहले; 'हम ऐसिया से पूछनी कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब अपना घर में घुसले त सबसे पहिले का काम कईले? ['ऐस्याह] कहले, 'बेरसिवाक''।
Imam Nasa'i : 9
أَخْبَرَنَا الْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ وَهْبٍ عَنْ يُونُسَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْفِطْرَةُ خَمْسٌ الِاخْتِتَانُ وَالِاسْتِحْدَادُ وَقَصُّ الشَّارِبِ وَتَقْلِيمُ الْأَظْفَارِ وَنَتْفُ الْإِبْطِ
हमनी के बतावल गइल बा कि [अल हरिथ बिन मिस्किन] के उनुका के पढ़ल गइल बा आ हम [इब्नु वहाब] से [यूनुस] से [इब्न शिहाब] से [सैद बिन मुसैयब] से [अबू हुरैरा] से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुनले बानी कि ऊ कहले बाड़न कि ‘पाँच गो बात जवना में फितरह, खतना, जघन बाल मुंडवावल, कटावल शामिल बा मूंछ, नाखून काटत, आ बाल तोड़ल। बगल के बा'।
Imam Nasa'i : 10
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ قَالَ سَمِعْتُ مَعْمَرًا عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَمْسٌ مِنْ الْفِطْرَةِ قَصُّ الشَّارِبِ وَنَتْفُ الْإِبْطِ وَتَقْلِيمُ الْأَظْفَارِ وَالِاسْتِحْدَادُ وَالْخِتَانُ
हमनी के [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [अल मुअतामीर] कहले बाड़े; हम [जुहरी] से [सैद बिन मुसैयब] से [अबू हुरैरा] से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुनले बानी कि उ कहले कि, 'पांच चीज़ जवन कि फितरह के हिस्सा ह, मूंछ काट के, बगल के बाल तोड़ल, नाखून काटल, जघन बाल मुंडवावल, अवुरी खतना'।
Imam Nasa'i : 11
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ خَمْسٌ مِنْ الْفِطْرَةِ الْخِتَانُ وَحَلْقُ الْعَانَةِ وَنَتْفُ الْإِبْطِ وَتَقْلِيمُ الْأَظْفَارِ وَأَخْذُ الشَّارِبِ
हमनी के [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला बिन यजीद] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [सुफयान] से [जुहरी] से [सईद बिन मुसैयब] से [अबू हुरैरा] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े, उ कहले बाड़े कि, 'पांच चीज़ बा जवन कि फितरह के हिस्सा ह, जवना में कहल गईल बा: खतना कईल, जघन बाल मुंडवावल, बगल के बाल उखाड़ल, नाखून काटल, अवुरी मूंछ कटावल'।
Imam Nasa'i : 12
أَخْبَرَنَا الْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ وَهْبٍ عَنْ حَنْظَلَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْفِطْرَةُ قَصُّ الْأَظْفَارِ وَأَخْذُ الشَّارِبِ وَحَلْقُ الْعَانَةِ
हमनी के खबर आईल कि [हरित्स बिन मिस्किन] उनुका से एकरा के पढ़वा देले रहले अवुरी हम [इब्नु वहब] से [हंदजाला बिन अबू सुफियान] से [नाफी'] से [इब्न उमर] से सुनले रहनी कि अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) कहले रहले कि: 'फितराह में नाखून काटल, मूंछ काटल, अवुरी पीठ के बाल मुंडवावल शामिल बा'।
Imam Nasa'i : 13
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ عَنْ يُوسُفَ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ حَبِيبِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ لَمْ يَأْخُذْ شَارِبَهُ فَلَيْسَ مِنَّا
हमनी के [अली बिन हुजर] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [उबैदा बिन हुमैद] से [यूसुफ बिन शुहैब] से [हबीब बिन यासर] से [जैद बिन अरकाम] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'जे मूंछ ना काटे, उ हमनी के समूह में नईखे'।
Imam Nasa'i : 14
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا جَعْفَرٌ هُوَ ابْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ أَبِي عِمْرَانَ الْجَوْنِيِّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَوَقَّتَ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي قَصِّ الشَّارِبِ وَتَقْلِيمِ الْأَظْفَارِ وَحَلْقِ الْعَانَةِ وَنَتْفِ الْإِبْطِ أَنْ لَا نَتْرُكَ أَكْثَرَ مِنْ أَرْبَعِينَ يَوْمًا وَقَالَ مَرَّةً أُخْرَى أَرْبَعِينَ لَيْلَةً
हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [जाफर अर्थात इब्न सुलेमान] से [अबू इमरान अल जौनी] से [अनास बिन मलिक] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमनी खातिर मूंछ काटे, नाखून काटे, जघन बाल मुंडवावे, अवुरी बगल के बाल तोड़े के मामला में एगो समय तय कईले रहले, यानी कि हमनी के चालीस दिन से जादे समय तक ओकरा के ना छोड़े के चाही'। एगो अउरी मौका पर ऊ कहले- 'चालीस रात'।
Imam Nasa'i : 15
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ أَخْبَرَنِي نَافِعٌ عَنْ ابْنِ عُمَرَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَحْفُوا الشَّوَارِبَ وَأَعْفُوا اللِّحَى
हमनी के [उबैदिल्लाह बिन सईद] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [यह्या, यानी इब्न सईद] से [उबैदल्लाह] से बतवले बाड़े [नाफी'] से [इब्न उमर] से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहले बाड़े कि: 'मूंछ छोट करीं अवुरी दाढ़ी -लंबा- होखे दीं'।
Imam Nasa'i : 16
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو جَعْفَرٍ الْخَطْمِيُّ عُمَيْرُ بْنُ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنِي الْحَارِثُ بْنُ فُضَيْلٍ وَعُمَارَةُ بْنُ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي قُرَادٍ قَالَخَرَجْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى الْخَلَاءِ وَكَانَ إِذَا أَرَادَ الْحَاجَةَ أَبْعَدَ
हमनी के [अमरू बिन अली] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [याह्या बिन सईद] हमनी के बतवले बाड़े [अबू जाफर अल खथमी उमैर बिन यजीद] कहले बाड़े; हमनी के [अल हरिथ बिन फुदैल] आ [उमारा बिन हुजैमा बिन थाबीत] [अब्दुररहमान बिन अबू कुर्राद] से बतवले बाड़न उ कहले बाड़न; 'हम एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे एगो शांत जगह प निकलल रहनी, जब उ अपना के राहत देवे के चाहत रहले त उ दूर रहले'।
Imam Nasa'i : 17
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا ذَهَبَ الْمَذْهَبَ أَبْعَدَ قَالَ فَذَهَبَ لِحَاجَتِهِ وَهُوَ فِي بَعْضِ أَسْفَارِهِ فَقَالَ ائْتِنِي بِوَضُوءٍ فَأَتَيْتُهُ بِوَضُوءٍ فَتَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِقَالَ الشَّيْخُ إِسْمَعِيلُ هُوَ ابْنُ جَعْفَرِ بْنِ أَبِي كَثِيرٍ الْقَارِئُ
हमनी के [अली बिन हुजर] के रिपोर्ट मिलल बा [इस्माइल] के [मुहम्मद बिन अम्र] से [अबू सलामा] से [अल मुगीरा बिन स्यूबाह] से बतावल गईल बा, जब अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौचालय गईले, उ दूर रहले। उ कहले कि एक बेर उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सफर करत घरी अपना के राहत देवे गईले। तब कहलन कि वजूद के पानी ले आवऽ. हमरा तुरंत वज़ूद के पानी मिल गईल, उ तुरंत वज़ूद क के आपन दुनो जूता -खुफ-' धो लेले। ई बात शेख इस्माइल अर्थात इब्नू जाफर बिन अबू कत्सिर अल कोरी के कहल गइल बा
Imam Nasa'i : 18
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ قَالَ أَنْبَأَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ حُذَيْفَةَ قَالَكُنْتُ أَمْشِي مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَانْتَهَى إِلَى سُبَاطَةِ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِمًا فَتَنَحَّيْتُ عَنْهُ فَدَعَانِي وَكُنْتُ عِنْدَ عَقِبَيْهِ حَتَّى فَرَغَ ثُمَّ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; एकर रिपोर्ट हमनी के [ईसा बिन यूनुस] कहले बा; हमनी के [अल अमासी] के [स्याकीक] से [हुदजाइफा] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले बाड़े कि, 'हम एक बेर अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे चलल रहनी।' जब हम एगो खास लोग खातिर कचरा डंप पर पहुंचनी त उ खड़ा होके पेशाब कईले, एहसे हम तुरंत उनुका से दूर हो गईनी। एकरा बाद उ हमरा के फोन कईले, अवुरी हम उनुका पीछे तब तक खड़ा रहनी, जब तक कि उ खतम ना हो गईले। एकरा बाद उ वजूद क के आपन दुनो जूता -खुफ-' पोंछले।
Imam Nasa'i : 19
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ الْخُبُثِ وَالْخَبَائِثِ
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [इस्माइल] के [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] से [अनस बिन मलिक] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब शौचालय में घुसले त उ -नमाज- पढ़ले, 'हे अल्लाह, हम नर शैतान अवुरी महिला शैतान के बुराई से आपके शरण लेतानी'।
Imam Nasa'i : 20
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ رَافِعِ بْنِ إِسْحَقَ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيَّ وَهُوَ بِمِصْرَ يَقُولُوَاللَّهِ مَا أَدْرِي كَيْفَ أَصْنَعُ بِهَذِهِ الْكَرَايِيسِ وَقَدْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا ذَهَبَ أَحَدُكُمْ إِلَى الْغَائِطِ أَوْ الْبَوْلِ فَلَا يَسْتَقْبِلْ الْقِبْلَةَ وَلَا يَسْتَدْبِرْهَا
[इब्न कासिम] से हमनी के [मुहम्मद बिन सलामा] अवुरी [अल हरिथ बिन मिस्किन] के रिपोर्ट क के उ कहले कि; हमरा के [मलिक] से [इशक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तलहह] से [रफी’ बिन इशाक] से बतवले बाड़े कि उ [अबू अय्यूब अल अंसारी] के सुनले बाड़े - उ मिस्र में रहले - उ कहले रहले; 'अल्लाह के कसम, हमरा नईखे मालूम कि ए शौचालय के इलाज कईसे कईल जाला? भले ही नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न कि अगर रउरा में से केहू के शौच भा पेशाब करे के बा त किबला के ओर ना मुँह करीं ना ओकरा से पीठ मत करीं’।