Imam Nasa'i : 141
أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبِ بْنِ عَرَبِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو جَهْضَمٍ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ قَالَكُنَّا جُلُوسًا إِلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ فَقَالَ وَاللَّهِ مَا خَصَّنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِشَيْءٍ دُونَ النَّاسِ إِلَّا بِثَلَاثَةِ أَشْيَاءَ فَإِنَّهُ أَمَرَنَا أَنْ نُسْبِغَ الْوُضُوءَ وَلَا نَأْكُلَ الصَّدَقَةَ وَلَا نُنْزِيَ الْحُمُرَ عَلَى الْخَيْلِ
म्हानै [यह्या बिन हबीब बिन अरबी] बतार बां कैयो; म्हानै [हम्मद] बतायो है, बो बोल्यो; म्हानै [अबू जहदलाम] बतायो है, बो बोल्यो; म्हनैं [अब्दुल्लाह बिन उबैदिल्लाह बिन अब्बास] बतायो हो, बां कैयो, 'म्हैं एक बार [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] रै साथै बैठ्या हा, फेर बां कैयो, 'अल्लाह रै रसूल म्हारै वास्तै तीन चीजां रै अलावा अहलुल्लाह चारा नैं खास नीं बतायो, यानी: रसूलुल्लाह अर्बुल्लाहलाम नैं पूरा करण रो हुकम नीं दियो गयो हो, भिक्षा खाणो अर गधा नै घोड़ां सूं ब्याव नीं करणो।
Imam Nasa'i : 142
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ أَبِي يَحْيَى عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍوقَالَ قَال رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَسْبِغُوا الْوُضُوءَ
म्हानै [कुतैबा] बतार बो बोल्यो; म्हानै [जरीर] सूं [मंसूर] सूं [हिलाल बिन यासफ] सूं [अबू यह्या] सूं [अब्दुल्लाह बिन अमरू] सूं बतायो है, उण कह्यो है, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम कह्यो: 'वजू नै सिद्ध करो''।
Imam Nasa'i : 143
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ الْعَلَاءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَلَا أُخْبِرُكُمْ بِمَا يَمْحُو اللَّهُ بِهِ الْخَطَايَا وَيَرْفَعُ بِهِ الدَّرَجَاتِ إِسْبَاغُ الْوُضُوءِ عَلَى الْمَكَارِهِ وَكَثْرَةُ الْخُطَا إِلَى الْمَسَاجِدِ وَانْتِظَارُ الصَّلَاةِ بَعْدَ الصَّلَاةِ فَذَلِكُمْ الرِّبَاطُ فَذَلِكُمْ الرِّبَاطُ فَذَلِكُمْ الرِّبَاطُ
म्हानै [कुतैबा] सूं [मलिक] सूं [अल अल्लाह बिन अब्दुर्रहमान] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैराह] सूं बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'कांई थै चावोला कै म्हैं थानै बां बातां री जाणकारी देवूं जिणसूं अल्लाह थारी गलतियां नै मिटा सकै अर थारी हैसियत नै ऊंचा उठा सकै? यानी, वुडलू नै उण हालात मांय भी पूरा करणो जद थनै ओ चोखो कोनी लागै - ठंड रै मौसम या आलस रै कारण -, मस्जिद तांई घणा सारा कदम उठाणा, नमाज रै बाद नमाज री उडीक करणी अर ओ जाणणो कै ओ रिबाथ है, ओ रिबाथ है, ओ रिबाथ है'।
Imam Nasa'i : 144
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَاصِمِ بْنِ سُفْيَانَ الثَّقَفِيِّأَنَّهُمْ غَزَوْا غَزْوَةَ السُّلَاسِلِ فَفَاتَهُمْ الْغَزْوُ فَرَابَطُوا ثُمَّ رَجَعُوا إِلَى مُعَاوِيَةَ وَعِنْدَهُ أَبُو أَيُّوبَ وَعُقْبَةُ بْنُ عَامِرٍ فَقَالَ عَاصِمٌ يَا أَبَا أَيُّوبَ فَاتَنَا الْغَزْوُ الْعَامَ وَقَدْ أُخْبِرْنَا أَنَّهُ مَنْ صَلَّى فِي الْمَسَاجِدِ الْأَرْبَعَةِ غُفِرَ لَهُ ذَنْبُهُ فَقَالَ يَا ابْنَ أَخِي أَدُلُّكَ عَلَى أَيْسَرَ مِنْ ذَلِكَ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ تَوَضَّأَ كَمَا أُمِرَ وَصَلَّى كَمَا أُمِرَ غُفِرَ لَهُ مَا قَدَّمَ مِنْ عَمَلٍأَكَذَلِكَ يَا عُقْبَةُ قَالَ نَعَمْ
म्हानै [कुतैबा बिन सईद] बतार बां कैयो; [अबू जुबैर] सूं [सुफयान बिन अब्दुर्रहमान] सूं [अशिम बिन सुफयान अत्स-त्साकाफी] सूं [अल्लाइट्स] नै बतायो है, कै वै सुलासिल युद्ध में भाग लीनो हो पण युद्ध खत्म हो गयो हो, सो वे चौकीदारी माथै हा। फेर वे मुआविया रै कनै पाछा आया अर बां रै कनै अबू अय्यूब अर उकबा बिन अमीर हा। फेर आशिम बोल्यो, 'हे [अबू अय्यूब]! म्हे इण साल री लड़ाई सूं चूकग्या! भलांई पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मस्जिद मांय नमाज पढ़बाळा लोगां नै कैयो हो कै बां रा च्यार पाप माफ कर दिया जावैला? बो बोल्यो, 'ओ म्हारा भतीजा, कांई म्हैं थानै इणसूं भी सोरो कीं दिखाऊं? मैं अल्लाह रै रसूल नै कैता सुण्यो, 'जो कोई भी हुकम रै मुजब वजू लेवैला, तो बां रा पैली रा पाप माफ कर दिया जावैला'। कांई ओ [उकबा] नीं है? ' उण जवाब दियो, 'हां','
Imam Nasa'i : 145
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ جَامِعِ بْنِ شَدَّادٍ قَالَ سَمِعْتُ حُمْرَانَ بْنَ أَبَانَ أَخْبَرَ أَبَا بُرْدَةَ فِي الْمَسْجِدِ أَنَّهُ سَمِعَ عُثْمَانَ يُحَدِّثُعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ أَتَمَّ الْوُضُوءَ كَمَا أَمَرَهُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ فَالصَّلَوَاتُ الْخَمْسُ كَفَّارَاتٌ لِمَا بَيْنَهُنَّ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] म्हानै बतायो है [खालिद] सूं [स्यूबाह] सूं [जामी' बिन स्यादाद] कैयो; मैं [हमरान बिन अबन] नै सुण्यो है। अबू बुरदह मस्जिद रै मांय बतायो हो कै उणनै [उस्मान] नै आ कहाणी सुणी ही, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं उणनै कैयो हो कै 'जो भी अल्लाह रै हुकम मुजब वजू पूरा करै है, उणरै वास्तै दिन मांय पांच बार नमाज पढ़णो उण पांच बार मांय सूं पापां रो कफायर है'।
Imam Nasa'i : 146
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ حُمْرَانَ مَوْلَى عُثْمَانَ أَنَّ عُثْمَانَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَا مِنْ امْرِئٍ يَتَوَضَّأُ فَيُحْسِنُ وُضُوءَهُ ثُمَّ يُصَلِّي الصَّلَاةَ إِلَّا غُفِرَ لَهُ مَا بَيْنَهُ وَبَيْنَ الصَّلَاةِ الْأُخْرَى حَتَّى يُصَلِّيَهَا
म्हानैं [कुतैबा] सूं [मलिक] सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [हमरान] -उस्मान रै दास- सूं बतायो गयो है, कै [उस्मान] रादलियाल्लाहुअन्हू कह्यो, 'मैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नैं कैता सुण्यो है: 'मैं कोई इसो मिनख कोनी हूं जको उणरी मजाक उड़ावैला अर वजू अर पछै नमाज पढ़ै, पण उण नमाज अर दूजी नमाज रै बिचाळै रा पाप माफ कर दिया जावै जिणसूं वो नमाज पढ़ै''।
Imam Nasa'i : 147
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا آدَمُ بْنُ أَبِي إِيَاسٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ هُوَ ابْنُ سَعْدٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو يَحْيَى سُلَيْمُ بْنُ عَامِرٍ وَضَمْرَةُ بْنُ حَبِيبٍ وَأَبُو طَلْحَةَ نُعَيْمُ بْنُ زِيَادٍ قَالُوا سَمِعْنَا أَبَا أُمَامَةَ الْبَاهِلِيَّ يَقُولُ سَمِعْتُ عَمْرَو بْنَ عَبَسَةَ يَقُولُقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ الْوُضُوءُ قَالَ أَمَّا الْوُضُوءُ فَإِنَّكَ إِذَا تَوَضَّأْتَ فَغَسَلْتَ كَفَّيْكَ فَأَنْقَيْتَهُمَا خَرَجَتْ خَطَايَاكَ مِنْ بَيْنِ أَظْفَارِكَ وَأَنَامِلِكَ فَإِذَا مَضْمَضْتَ وَاسْتَنْشَقْتَ مَنْخِرَيْكَ وَغَسَلْتَ وَجْهَكَ وَيَدَيْكَ إِلَى الْمِرْفَقَيْنِ وَمَسَحْتَ رَأْسَكَ وَغَسَلْتَ رِجْلَيْكَ إِلَى الْكَعْبَيْنِ اغْتَسَلْتَ مِنْ عَامَّةِ خَطَايَاكَ فَإِنْ أَنْتَ وَضَعْتَ وَجْهَكَ لِلَّهِ عَزَّ وَجَلَّ خَرَجْتَ مِنْ خَطَايَاكَ كَيَوْمَ وَلَدَتْكَ أُمُّكَقَالَ أَبُو أُمَامَةَ فَقُلْتُ يَا عَمْرَو بْنَ عَبَسَةَ انْظُرْ مَا تَقُولُ أَكُلُّ هَذَا يُعْطَى فِي مَجْلِسٍ وَاحِدٍ فَقَالَ أَمَا وَاللَّهِ لَقَدْ كَبِرَتْ سِنِّي وَدَنَا أَجَلِي وَمَا بِي مِنْ فَقْرٍ فَأَكْذِبَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَقَدْ سَمِعَتْهُ أُذُنَايَ وَوَعَاهُ قَلْبِي مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
म्हानै [अमरू बिन मंसूर] बतार बां कैयो; म्हानै बतायो है [आदम बिन अबू इयास] कह्यो; म्हानै बतायो है [अल लैट्स यानी इब्न सईद] उण कैयो; म्हानै बतायो है [मुआविया बिन सालीह] बो बोल्यो; मन्नै [अबू याह्या सुलेम बिन अमीर] अर [धमराह बिन हबीब] अर [अबू तल्हा नूएम बिन जियाद] नै बतायो गयो है कै बां कैयो है; आपां [अबू उमामह अल बहिली] सूं सुण्यो है कै बां कैयो, 'मैं [अमरू बिन अबासा] नै कैता सुण्यो, म्हैं एक बार पूछ्यो, 'हे रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम, थै वजू कियां करो हो?' उण जवाब दियो कै जठै तण वजू री बात है, जे थै वजू करो अर हाथां री हथेलियां नै धोओ अर बांनै शुद्ध करो तो थारै नाखून अर आंगळियां री नोक रै बिचाळै सूं गल्तियां निकळ जावैला। जद थै गरारा करो हो अर नाक रै मांय पाणी घालौ हो। अर आपरो चेहरो अर हाथां नै कोहनी तांई धोओ अर आपरो माथो पोंछो, अर आपरा हाथां नै कोहनी तांई धोओ अर आपरो माथो पोंछो, फेर दोनूं नै टखनां तांई धोओ, फेर आप आपरी गलतियां नै साफ करो। जे थै अल्लाह अज्जा व जल्ला रै साम्हीं आपरो मुंडो राखोला तो थै आपरी गलतियां सूं इयां बारै आ जावोला जाणै थै थारी मां रै हाथां पैदा हुया हो'। अबू उमामह कह्यो: 'मैं कह्यो, 'हे अमरू बिन अबासा! थै कांई कैयो, कांई ओ एक ई समारोह मांय दियो गयो हो? ' उण जवाब दियो, 'अल्लाह री कसम, मैं बूढो हो गयो हूं अर मौत नैड़ै आ री है, म्हारै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै नाम माथै झूठ बोलण रो कांई फायदो। साची, म्हारा दो कान रसूलल्लाह अलैहि वसल्लम सूं सुणी अर म्हारो दिल आज भी घणो चेतन है कै ओ रसूलल्लाह अलैहि वसल्लम सूं हो।
Imam Nasa'i : 148
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَلِيِّ بْنِ حَرْبٍ الْمَرْوَزِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ يَزِيدَ عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ الْخَوْلَانِيِّ وَأَبِي عُثْمَانَ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ تَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ ثُمَّ قَالَ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ فُتِّحَتْ لَهُ ثَمَانِيَةُ أَبْوَابِ الْجَنَّةِ يَدْخُلُ مِنْ أَيِّهَا شَاءَ
म्हानै [मुहम्मद बिन अली बिन हरब अल मरवाजी] बतायो है, बां कैयो; म्हानै बतायो है [जैद बिन हुबाब] बो बोल्यो; म्हानै [मुआविया बिन सालिह] नै [रबिया बिन यजीद] सूं [अबू इदरीस अल खौलानी] अर [अबू उथमान] नै [उकबा बिन अमीर अल जुहानी] सूं [उमर बिन खत्ताब] रादलियाल्लाहुअन्हू सूं बतायो है, उण कैयो; रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जो कोई भी वजू करै है तो वो वजू लेवै है अर फेर नमाज करै है, 'मैं गवाह हूं कै अल्लाह रै अलावा कोई भी प्राणी पूज्य जोग कोनी है अर मैं गवाह हूं कै मुहम्मद उणरा सेवक अर दूत है, स्वर्ग रा आठ दरवाजा उणरै वास्तै खुल जावैला अर जिणरै जरियै थै स्वर्ग मांय सदा प्रवेश कर सकोला'।
Imam Nasa'i : 149
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ خَلَفٍ وَهُوَ ابْنُ خَلِيفَةَ عَنْ أَبِي مَالِكٍ الْأَشْجَعِيِّ عَنْ أَبِي حَازِمٍ قَالَكُنْتُ خَلْفَ أَبِي هُرَيْرَةَ وَهُوَ يَتَوَضَّأُ لِلصَّلَاةِ وَكَانَ يَغْسِلُ يَدَيْهِ حَتَّى يَبْلُغَ إِبْطَيْهِ فَقُلْتُ يَا أَبَا هُرَيْرَةَ مَا هَذَا الْوُضُوءُ فَقَالَ لِي يَا بَنِي فَرُّوخَ أَنْتُمْ هَاهُنَا لَوْ عَلِمْتُ أَنَّكُمْ هَاهُنَا مَا تَوَضَّأْتُ هَذَا الْوُضُوءَ سَمِعْتُ خَلِيلِي صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ تَبْلُغُ حِلْيَةُ الْمُؤْمِنِ حَيْثُ يَبْلُغُ الْوُضُوءُ
[खलफ यानी इब्न खलीफा] सूं [अबू मलिक अल अस्यजाई] सूं [अबू हाजिम] सूं [कुतैबा] री सूचना देवा रै बाद, उण कह्यो, 'मैं [अबू हुरैरा] रै लारै हो, जद वो नमाज रै वास्तै वजू ले रह्यो हो। बां आपरा हाथां नै आपरी कांख तांई धोया। म्हैं उणसूं पूछ्यो, 'हे अबू हुरैराह! यो वजू कांई है? ' उण जवाब दियो, 'ओ बानी फरुख, थै अठै है? जे म्हनैं ठाह होतो कै थैं अठै हो तो म्हैं वुडू नै इसा कोनी करतो। मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो: 'मुमिन रै वजू री सजावट उण शरीर तांई पूगसी जठै वजू रो पाणी बहैला', '
Imam Nasa'i : 150
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ الْعَلَاءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَرَجَ إِلَى الْمَقْبُرَةِ فَقَالَ السَّلَامُ عَلَيْكُمْ دَارَ قَوْمٍ مُؤْمِنِينَ وَإِنَّا إِنْ شَاءَ اللَّهُ بِكُمْ لَاحِقُونَ وَدِدْتُ أَنِّي قَدْ رَأَيْتُ إِخْوَانَنَا قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلَسْنَا إِخْوَانَكَ قَالَ بَلْ أَنْتُمْ أَصْحَابِي وَإِخْوَانِي الَّذِينَ لَمْ يَأْتُوا بَعْدُ وَأَنَا فَرَطُهُمْ عَلَى الْحَوْضِ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ تَعْرِفُ مَنْ يَأْتِي بَعْدَكَ مِنْ أُمَّتِكَ قَالَ أَرَأَيْتَ لَوْ كَانَ لِرَجُلٍ خَيْلٌ غُرٌّ مُحَجَّلَةٌ فِي خَيْلٍ بُهْمٍ دُهْمٍ أَلَا يَعْرِفُ خَيْلَهُ قَالُوا بَلَى قَالَ فَإِنَّهُمْ يَأْتُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ غُرًّا مُحَجَّلِينَ مِنْ الْوُضُوءِ وَأَنَا فَرَطُهُمْ عَلَى الْحَوْضِ
म्हानै [कुतैबा] सूं [मलिक] सूं [अल अल्लाह बिन अब्दुर्रहमान] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैराह रदलियाल्लाहुअनहु] सूं आ बात बताई गई है कै अल्लाह रा रसूल कब्रिस्तान सूं बारै आया, फेर बां कैयो, 'अस्लाम अलैम, ओहबैकुम, जमींदारां रा विश्वासी है। म्हे, भगवान री इच्छा सूं, थारै लारै चालस्यां। मैं आपरा भाईयां नै देखणो चावूं हूं!' बां कैयो, 'हे अल्लाह रा रसूल, कांई आपां सगळा भाई कोनी हां?' उण जवाब दियो, 'हां, थै म्हारा दोस्त अर भाई हो अर इणरै बाद फेर नीं आवोला। मैं थारै सूं पैली हौडल जाऊंला। बां कैयो, हे अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम! थारै लोगां मांय सूं थारै पछै रा लोगां नै थै कियां जाणौ हो?' बो बोल्यो, 'कांई थनै ठाह है कै काळा घोड़ां रै मांय सूं किणी रै कनै एक घोड़ो हो जिणरै सिर री नोक माथै गोरो रंग हो? कांई वो घोड़ां नै नीं पिछाण सकैला?' बां कैयो, 'हां, जरूर'। उण आपरी बातां नै आगै बधायो- 'वे पुनरुत्थान रै दिन वजू रै निशान सूं आपरै चेहरै माथै चमकता चेहरा लेय'र आवैला अर म्हैं बां सूं पैली झील मांय नीं जाऊंला -हौडल-'।
Imam Nasa'i : 151
أَخْبَرَنَا مُوسَى بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمَسْرُوقِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ قَالَ حَدَّثَنَا رَبِيعَةُ بْنُ يَزِيدَ الدِّمَشْقِيُّ عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ الْخَوْلَانِيِّ وَأَبِي عُثْمَانَ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ الْحَضْرَمِيِّ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ تَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ ثُمَّ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ يُقْبِلُ عَلَيْهِمَا بِقَلْبِهِ وَوَجْهِهِ وَجَبَتْ لَهُ الْجَنَّةُ
म्हानै [मूसा बिन अब्दुर्रहमान अल मसरूकी] बतार बां कैयो; म्हानै [जैद बिन अल हुबाब] बतायो है, वो कह्यो; म्हानै बतायो है [मुआविया बिन सालीह] बो बोल्यो; म्हानै [रबीअह बिन यजीद अद-दिमस्की] [अबू इदरीस अल खौलानी] सूं अर [अबू उस्मान] सूं [जुबैर बिन नुफैर अल हजरमी] सूं [उकबा बिन अमीर अल जुहैनी] सूं बतायो है, उण कह्यो है कै रसूल अल्लाह सल्लाहु 'अलेही वसल्लम कह्यो: दो रकात नमाज पढ़ै है, उणरै सामी आपरै दिल अर चेहरै सूं करै है, तो उणरै माथै स्वर्ग री जरूरत है।
Imam Nasa'i : 152
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ عَيَّاشٍ عَنْ أَبِي حَصِينٍ عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ قَالَ عَلِيٌّكُنْتُ رَجُلًا مَذَّاءً وَكَانَتْ ابْنَةُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَحْتِي فَاسْتَحْيَيْتُ أَنْ أَسْأَلَهُ فَقُلْتُ لِرَجُلٍ جَالِسٍ إِلَى جَنْبِي سَلْهُ فَسَأَلَهُ فَقَالَ فِيهِ الْوُضُوءُ
म्हानै [हन्नाद बिन अस सारी] नै [अबू बकर बिन अय्यासी] सूं [अबू हाशिन] सूं [अबू अब्दुर्रहमान] सूं रिपोर्ट करबा रै बाद उण कह्यो; [अली] कह्यो, 'मैं एक असो आदमी हूं जको आसानी सूं आपरी मडजी सूं बारै निकळ जाऊं हूं, अर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री बेटी म्हारी घरआळी है, इण वास्तै म्हनैं उणसूं पूछण में शर्म आई। फेर म्हैं बगल रै मिनख सूं पूछ्यो, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं ओ पूछो, फेर बां भी रसूलल्लाह अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो, अर बो बोल्यो: 'थनै वजू लेणो पड़सी'।
Imam Nasa'i : 153
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقُلْتُ لِلْمِقْدَادِ إِذَا بَنَى الرَّجُلُ بِأَهْلِهِ فَأَمْذَى وَلَمْ يُجَامِعْ فَسَلْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ ذَلِكَ فَإِنِّي أَسْتَحِي أَنْ أَسْأَلَهُ عَنْ ذَلِكَ وَابْنَتُهُ تَحْتِي فَسَأَلَهُ فَقَالَ يَغْسِلُ مَذَاكِيرَهُ وَيَتَوَضَّأُ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِ
म्हानै [इशाक बिन इब्राहिम] बतायो है, बां कैयो; [जरीर] नै [हिस्याम बिन उरवाह] सूं [उणरै पिता] सूं [अली] रदलियाल्लाहुअन्हू सूं रिपोर्ट करियां पछै, उण कैयो; 'मैं मिकदाद सूं कह्यो, 'अगर कोई आपरी घरआळी रै कनै आवै अर पछै उणरी मडजी सूं बारै आवै अर उणरै साथै संभोग नीं हुयो है तो इण बाबत रसूल (अल्लाह अलैहि वसल्लम) सूं पूछो। म्हनैं इण बाबत उणसूं पूछण में शर्म आई, क्यूंकै उणरी बेटी म्हारी घरआळी है। फेर बां पूछ्यो अर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बोल्या; "उणनै आपरा गुप्तांग धोबा दे अर वजू ले लेवै जियां बो नमाज रै वास्तै वजू लेवै है।"
Imam Nasa'i : 154
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو عَنْ عَطَاءٍ عَنْ عَائِشِ بْنِ أَنَسٍ أَنَّ عَلِيًا قَالَكُنْتُ رَجُلًا مَذَّاءً فَأَمَرْتُ عَمَّارَ بْنَ يَاسِرٍ يَسْأَلُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ أَجْلِ ابْنَتِهِ عِنْدِي فَقَالَ يَكْفِي مِنْ ذَلِكَ الْوُضُوءُ
म्हानै [कुतैबा बिन सईद] बतार बां कैयो; म्हानै [सुफयान] नै [अमरू] सूं ['अथा] सूं ['ऐसी बिन अनस] सूं बतायो है कै [अली] कह्यो; 'मैं एक असो आदमी हूं जको आसानी सूं आपरी माडजी सूं बारै निकळ जावै है, इण वास्तै म्हैं अम्मर बिन यासिर नै कैयो कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं पूछो क्यूंकै बांरी बेटी म्हारी घरआळी है। फेर उण सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'उण सूं अर वजू करणै सूं काफी है'।
Imam Nasa'i : 155
أَخْبَرَنَا عُثْمَانُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَنْبَأَنَا أُمَيَّةُ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ أَنَّ رَوْحَ بْنَ الْقَاسِمِ حَدَّثَهُ عَنْ ابْنِ أَبِي نُجَيْحٍ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ إِيَاسِ بْنِ خَلِيفَةَ عَنْ رَافِعِ بْنِ خَدِيجٍأَنَّ عَلِيًّا أَمَرَ عَمَّارًا أَنْ يَسْأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْمَذْيِ فَقَالَ يَغْسِلُ مَذَاكِيرَهُ وَيَتَوَضَّأُ
म्हानै बतायो है [उसमान बिन अब्दुल्ला] उण कह्यो, म्हानै बतायो है [उमय्याह] उणनै बतायो है, म्हानै बतायो है [यजीद बिन ज़ूरोई] कै [रौह बिन अल कोसिम] नै [इब्न अबू नुजैह] सूं ['अथो] सूं [इयास बिन खलीफा] सूं [रफी' बिन खदीज] सूं अली रै दिन असुलुला नै मसल्लाह रै बारै में बतायो है। सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, उण जवाब दियो: "उणनै आपरा गुप्तांग धोणा चाइजै अर पछै वजू करणो चाइजै।"
Imam Nasa'i : 156
أَخْبَرَنَا عُتْبَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْمَرْوَزِيُّ عَنْ مَالِكٍ وَهُوَ ابْنُ أَنَسٍ عَنْ أَبِي النَّضْرِ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ عَنْ الْمِقْدَادِ بْنِ الْأَسْوَدِأَنَّ عَلِيًّا أَمَرَهُ أَنْ يَسْأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الرَّجُلِ إِذَا دَنَا مِنْ أَهْلِهِ فَخَرَجَ مِنْهُ الْمَذْيُ مَاذَا عَلَيْهِ فَإِنَّ عِنْدِي ابْنَتَهُ وَأَنَا أَسْتَحِي أَنْ أَسْأَلَهُ فَسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ إِذَا وَجَدَ أَحَدُكُمْ ذَلِكَ فَلْيَنْضَحْ فَرْجَهُ وَيَتَوَضَّأْ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِ
म्हानैं ['उत्बाह बिन अब्दुल्लाह अल मरवाजी] सूं [मलिक यानी इब्न अनस] सूं [अबू नदर] सूं [सुलेमान बिन यासर] सूं [मिकाद बिन अल असवाद] सूं बतायो गयो है कै अली नैं आदेश दियो कै वो रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम सूं उण मिनख रै बारै में पूछै जिको आपरी घरआळी रै कनै पूगणो चावै है, पण वो मलाजी नैं कांई पाणी निकळणो चाइजै, करो? पैगम्बर री बेटी म्हारी घरआळी है, इण वास्तै म्हनैं आ बात पूछण में शर्म आई, तो उणां जवाब दियो कै 'अगर थारै मांय सूं किणी नैं ऐड़ी कोई चीज मिलै तो वो आपरै गुप्त अंगां माथै पाणी छिड़क देवै, पछै नमाज रै वजू री तरै वजू करै'।
Imam Nasa'i : 157
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعَلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ عَنْ شُعْبَةَ قَالَ أَخْبَرَنِي سُلَيْمَانُ قَالَ سَمِعْتُ مُنْذِرًا عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيٍّ عَنْ عَلِيٍّ قَالَاسْتَحْيَيْتُ أَنْ أَسْأَلَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْمَذْيِ مِنْ أَجْلِ فَاطِمَةَ فَأَمَرْتُ الْمِقْدَادَ بْنَ الْأَسْوَدِ فَسَأَلَهُ فَقَالَ فِيهِ الْوُضُوءُ
म्हानै [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] बतार बां कैयो; म्हानै [खालिद] नै [शुबा] सूं बतायो है, बो बोल्यो; म्हनैं [सुलेमान] बतार बो बोल्यो; मैं [मुंडजीर] नै [मुहम्मद बिन अली] सूं [अली] सूं सुण्यो, बो बोल्यो; 'मैं फातिमा रै कारण मडजी रै बारै में रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं पूछण में शर्मिंदा हो, इण वास्तै मैं मिकदाद बिन अल असवाद नै पूछण सारू कैयो। फेर उण पूछ्यो, अर अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दियो: इण बात रै बाबत उणनै वजू लेणो पड़सी।
Imam Nasa'i : 158
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَاصِمٍ أَنَّهُ سَمِعَ زِرَّ بْنَ حُبَيْشٍ يُحَدِّثُ قَالَأَتَيْتُ رَجُلًا يُدْعَى صَفْوَانَ بْنَ عَسَّالٍ فَقَعَدْتُ عَلَى بَابِهِ فَخَرَجَ فَقَالَ مَا شَأْنُكَ قُلْتُ أَطْلُبُ الْعِلْمَ قَالَ إِنَّ الْمَلَائِكَةَ تَضَعُ أَجْنِحَتَهَا لِطَالِبِ الْعِلْمِ رِضًا بِمَا يَطْلُبُ فَقَالَ عَنْ أَيِّ شَيْءٍ تَسْأَلُ قُلْتُ عَنْ الْخُفَّيْنِ قَالَ كُنَّا إِذَا كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ أَمَرَنَا أَنْ لَا نَنْزِعَهُ ثَلَاثًا إِلَّا مِنْ جَنَابَةٍ وَلَكِنْ مِنْ غَائِطٍ وَبَوْلٍ وَنَوْمٍ
म्हानै [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] बतार बां कैयो; म्हानै बतायो है [खालिद] म्हानै [अशिम] सूं बतायो है कै उणनै [जिर्र बिन हुबैसी] नै कैता सुण्यो है; 'मैं किणी रै कनै आयो जिणनै आमतौर माथै [शफवान बिन असल] कैवै है, अर मैं उणरै दरवाजै रै साम्हीं बैठग्यो। फेर बो बारै आयो अर बोल्यो, 'थानै कांई होयो है? ' म्हैं जवाब दियो, 'मैं पढ़णो चावूं हूं'। उण कैयो, स्वर्गदूत ज्ञान रा साधकां रै साम्हीं आपरा पंख फैलावै है, जिणसूं बांरी खुशी री निसाणी हुवै।' फेर बो बोल्यो, 'थै कांई समस्या पूछणी चावो हो? ' मैं बोल्यो, 'दो खूफ जूता रै बारै में'। उण जवाब दियो कै पैली जद म्हे पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै सागै यात्रा कर रैया हा तो रसूलुल्लाह अलैहि वसल्लम म्हानै हुकम दियो हो कै तीन दिन तांई इणनै उतारणो नीं है, सिवाय जुनब रै। हालांकि - ओ मल त्याग या पेशाब या सोबा रै कारण नीं निकळ सकै है।
Imam Nasa'i : 159
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ وَإِسْمَعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ قَالَا حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ زِرٍّ قَالَقَالَ صَفْوَانُ بْنُ عَسَّالٍ كُنَّا إِذَا كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ أَمَرَنَا أَنْ لَا نَنْزِعَهُ ثَلَاثًا إِلَّا مِنْ جَنَابَةٍ وَلَكِنْ مِنْ غَائِطٍ وَبَوْلٍ وَنَوْمٍ
म्हानै बतायो गयो है कै [अमरू बिन अली] अर [इस्माइल बिन मसूद] दोनूं ई कैयो; म्हानै बतायो है [यजीद बिन जुराई] कह्यो; म्हानै [शुबाह] सूं ['अशिम] सूं [जिर्र] कैय'र बतायो है; [शफवान बिन असल] कह्यो, 'म्हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै सागै एक यात्रा माथै हा, अर बां म्हानै जुनब रै अलावा तीन दिनां तांई जूता -खुफ- नीं उतारबा रो हुकम दियो। पण, जे ओ शौच अर पेशाब रै कारण हुवै या नींद रै कारण हुवै तो आ अनुमति है।'
Imam Nasa'i : 160
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الزُّهْرِيِّ ح و أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ عَنْ سُفْيَانَ قَالَ حَدَّثَنَا الزُّهْرِيُّ قَالَ أَخْبَرَنِي سَعِيدٌ يَعْنِي ابْنَ الْمُسَيَّبِ وَعَبَّادُ بْنُ تَمِيمٍ عَنْ عَمِّهِ وَهُوَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ زَيْدٍ قَالَشُكِيَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الرَّجُلُ يَجِدُ الشَّيْءَ فِي الصَّلَاةِ قَالَ لَا يَنْصَرِفْ حَتَّى يَجِدَ رِيحًا أَوْ يَسْمَعَ صَوْتًا
[अज-जुहरी] सूं [सुफयान] सूं [कुतैबा] री सूचना दी है। संचरण री दूजी लाइनां सूं भी इणरो जिकर है; अर [सुफियान] सूं म्हनैं [मुहम्मद बिन मंसूर] बतायो है; म्हानै बतायो है [अज-जुहरी] कह्यो; म्हारै [सईद, अर्थात् इब्न मुसैयाब] अर ['अब्बाद बिन तमीम] नै आपरै काकै, अर्थात् [अब्दुल्लाह बिन जैद] सूं सूचना देय'र उण कैयो; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं एक आदमी रै बारै में शिकायत करी गई जिणनै नमाज पढ़ता थकां कीं मिलग्यो?' बो बोल्यो: 'जद तांई बो पाड़बा री आवाज नीं सूंघै या नीं सुणै, प्रार्थना सूं बारै मत आवो।