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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 Hadith

Hadith

Imam Nasa'i : 101

أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عَجْلَانَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَتَوَضَّأَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَغَرَفَ غَرْفَةً فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ ثُمَّ غَرَفَ غَرْفَةً فَغَسَلَ وَجْهَهُ ثُمَّ غَرَفَ غَرْفَةً فَغَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى ثُمَّ غَرَفَ غَرْفَةً فَغَسَلَ يَدَهُ الْيُسْرَى ثُمَّ مَسَحَ بِرَأْسِهِ وَأُذُنَيْهِ بَاطِنِهِمَا بِالسَّبَّاحَتَيْنِ وَظَاهِرِهِمَا بِإِبْهَامَيْهِ ثُمَّ غَرَفَ غَرْفَةً فَغَسَلَ رِجْلَهُ الْيُمْنَى ثُمَّ غَرَفَ غَرْفَةً فَغَسَلَ رِجْلَهُ الْيُسْرَى

हमका [मुजाहिद बिन मूसा] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन इदरीस] कहिन; हमका [इब्न अजलान] से [जैद बिन असलम] से ['अथा बिन यासर] से [इब्न अब्बास] से कहिन है: 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने वजू लिया, उ आपन मुँह धोवै के लिए पानी का एक स्कूप उठाइस, अऊर पानी का आपन नाक मा रखिस, फिर एक अउर स्कूप पानी का स्कूप उठाइस अऊर फिर आपन चेहरा धोइस, ओकर दाहिना हाथ धोवै के लिए स्कूप। फिर आपन बायाँ हाथ धोवै के लिए फिर से नीचे हाथ बढ़ाओ, फिर ओकरे सिर अऊर दुइनौ कानन का रगड़ौ, कान के अंदर का आपन दुइ तर्जनी अऊर कान के बाहर का आपन दुइ अंगूठा से रगड़ौ। फिर उ आपन दाहिना गोड़ धोवै खातिर फिर से गवा अऊर आपन बायाँ गोड़ धोवै खातिर फिर से चला गवा।'

Hadith

Imam Nasa'i : 102

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ وَعُتْبَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ مَالِكٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ الصُّنَابِحِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا تَوَضَّأَ الْعَبْدُ الْمُؤْمِنُ فَتَمَضْمَضَ خَرَجَتْ الْخَطَايَا مِنْ فِيهِ فَإِذَا اسْتَنْثَرَ خَرَجَتْ الْخَطَايَا مِنْ أَنْفِهِ فَإِذَا غَسَلَ وَجْهَهُ خَرَجْتِ الْخَطَايَا مِنْ وَجْهِهِ حَتَّى تَخْرُجَ مِنْ تَحْتِ أَشْفَارِ عَيْنَيْهِ فَإِذَا غَسَلَ يَدَيْهِ خَرَجَتْ الْخَطَايَا مِنْ يَدَيْهِ حَتَّى تَخْرُجَ مِنْ تَحْتِ أَظْفَارِ يَدَيْهِ فَإِذَا مَسَحَ بِرَأْسِهِ خَرَجَتْ الْخَطَايَا مِنْ رَأْسِهِ حَتَّى تَخْرُجَ مِنْ أُذُنَيْهِ فَإِذَا غَسَلَ رِجْلَيْهِ خَرَجَتْ الْخَطَايَا مِنْ رِجْلَيْهِ حَتَّى تَخْرُجَ مِنْ تَحْتِ أَظْفَارِ رِجْلَيْهِ ثُمَّ كَانَ مَشْيُهُ إِلَى الْمَسْجِدِ وَصَلَاتُهُ نَافِلَةً لَهُ قَالَ قُتَيْبَةُ عَنْ الصُّنَابِحِيِّ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ

हमका [कुतैबा] अऊर [उथबाह बिन अब्दुल्ला] से [मलिक] से [जैद बिन असलम] से [अथा' बिन यासर] से [अब्दुल्लाह अस शुनाबिही] से ई बतावा गा है कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'जब एक वफादार सेवक वजू करत है अऊर आपन मुँह धोवत है, तौ ओकरे मुँह से अधर्म निकलत है - ओकरे मुँह से कीन गा अधर्म -। नाक मा पानी फूंक के निकारै तौ नाक से बुराई निकरत है। जबै वा आपन मुंह धोवत है तौ वहिके चेहरा से गंदगी तबै तक निकरत है जबै तक कि पलकन से निकरत है। अगर ऊ आपन हाथ धोवत है, तौ अपराध बोध ओकरे हाथन से तब तक निकलत है जब तक कि ऊ ओकरे नाखूनन के नीचे से बाहर न निकल जाय। जब तुम आपन माथा पोंछत हौ, तौ अपराधबोध आपके सिर से अऊर आपके कानन से निकलत है अऊर जब आप आपन गोड़ धोवत हौ, तौ आपके गोड़न से अऊर आपके गोड़न के खुरन के नीचे से अपराधबोध निकलत है। फिर मस्जिद पैदल चलब उनके लिए सुन्नत पूजा बन गवा'। कुतैबा कहिन; अस-सुनाबिही से; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने यही कहा है।

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Imam Nasa'i : 103

أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ ح وَأَنْبَأَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ الْحَكَمِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ كَعْبِ بْنِ عُجْرَةَ عَنْ بِلَالٍ قَالَرَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَالْخِمَارِ

हमका [हुसैन बिन मंसूर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अबू मुआविया] बताइस है, उ कहिन, हमसे [अल अमासी] बताइस है। एक अउर पंक्ति मा ई बतावा गा है; अऊर हमसे कहिस है [अल हुसैन बिन मंसूर] उ कहिस, हमसे कहिस है [अब्दुल्ला बिन नुमीर] उ कहिस, हमसे कहिस है [अल अमासी] से [हकाम] से [अब्दुर्रहमान बिन अबू लैला] से [काअब बिन उजराह] से [बिलाल] उ कहिस: 'मैंने देखा कि रसूलुल्लाह सल्लाहुअलाह वल्लम अपने दुई दुकानदारन का पोंछत रहे - पगड़ी'।

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Imam Nasa'i : 104

و أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْجَرْجَرَائِيُّ عَنْ طَلْقِ بْنِ غَنَّامٍ قَالَ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ وَحَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ الْحَكَمِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ عَنْ بِلَالٍ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ

हमका [अल हुसैन बिन अब्दुर्रहमान अल जर्जराई] [थलक बिन घनाम] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [जैदा] अऊर [हफस बिन घियात्स] से [अल 'अमासी] से [अल हकाम] से [अब्दुर्रहमान बिन अबू लैला] से [बर्रा' बिन 'अजीब] से, [बिलाल] से कहिन है: 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम का अपने दुइ जूता पोंछत देखिन -'।

Hadith

Imam Nasa'i : 105

أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ وَكِيعٍ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ الْحَكَمِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ بِلَالٍ قَالَرَأَيْتُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى الْخِمَارِ وَالْخُفَّيْنِ

हमका [हन्नाद बिन अस सरियाई], [वाकी'] से [स्यु'बाह] से [अल हाकम] से [अब्दुर्रहमान बिन अबू लैला] से [बिलाल] से रिपोर्ट किहिन हैं: 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम का आपन पगड़ी अऊर आपन दुइ खूफ -अपने जूता- पोंछत देखिन'।

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Imam Nasa'i : 106

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ التَّيْمِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْمُزَنِيُّ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ ابْنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَمَسَحَ نَاصِيَتَهُ وَعِمَامَتَهُ وَعَلَى الْخُفَّيْنِقَالَ بَكْرٌ وَقَدْ سَمِعْتُهُ مِنِ ابْنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ أَبِيهِ

हमका [अमरू बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; मोका बतावा है [यह्या बिन सैद] कहिन; हमसे कहिन है [सुलेमान अत तैमी] कहिन; हमसे कहिन है कि [बकर बिन अब्दुल्लाह अल मुज्जनी] से [अल हसन] से [इब्नू अल मुघिराह बिन स्यूबाह] से [अल मुघिराह], रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने वजू लिया, फिर उ आपन अग्रभाग, आपन पगड़ी अऊर आपन दुइ जूता पोंछिन। बकर कहिन; 'मैंने इब्न अल मुघिराह से, स्यू'बाह से, -उनके पिता- से सुना है।

Hadith

Imam Nasa'i : 107

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ وَحُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ عَنْ يَزِيدَ وَهُوَ ابْنُ زُرَيْعٍ قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ قَالَ حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْمُزَنِيُّ عَنْ حَمْزَةَ بْنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَتَخَلَّفَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَخَلَّفْتُ مَعَهُ فَلَمَّا قَضَى حَاجَتَهُ قَالَ أَمَعَكَ مَاءٌ فَأَتَيْتُهُ بِمِطْهَرَةٍ فَغَسَلَ يَدَيْهِ وَغَسَلَ وَجْهَهُ ثُمَّ ذَهَبَ يَحْسُرُ عَنْ ذِرَاعَيْهِ فَضَاقَ كُمُّ الْجُبَّةِ فَأَلْقَاهُ عَلَى مَنْكِبَيْهِ فَغَسَلَ ذِرَاعَيْهِ وَمَسَحَ بِنَاصِيَتِهِ وَعَلَى الْعِمَامَةِ وَعَلَى خُفَّيْهِ

हमका [अमरू बिन अली] अऊर [हुमैद बिन मसदह] [यजीद अर्थात् इब्न ज़ुराई'] से रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; हमसे कहिन है [हुमैद] कहिन; हमका [बकर बिन अब्दुल्लाह अल मुजानी] [हमजाह अल मुघिराह बिन स्यू'बाह] से [अपने पिता] से कहिन है, उ कहिन; 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार पीछे रह गए - जमात में नमाज पढ़ रहे थे - और मैं भी उनके साथ पीछे रह गया। आपन धंधा खतम करै के बाद बोला- 'पानी लाये रहेव का? ' तब मैं ओका शुद्ध करै के ताईं पानी लइ आयेंव, तौ ऊ आपन हाथ धोइस अऊर आपन मुँह धोइस। फिर ऊ आपन आस्तीन खोलै चाहत रहा। हालांकि, काहे से कि ओकर आस्तीन बहुत संकरी रही, उ ओनका अपने कंधन पर लुढ़काइस। फिर उ आपन बाँह धोइन अऊर आपन माथा के अग्रभाग अऊर आपन पगड़ी के साथे-साथे आपन दुइ जूता -खुफ-' पोंछिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 108

أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ قَالَ أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عُبَيْدٍ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ وَهْبٍ الثَّقَفِيُّ قَالَ سَمِعْتُ الْمُغِيرَةَ بْنَ شُعْبَةَ قَالَخَصْلَتَانِ لَا أَسْأَلُ عَنْهُمَا أَحَدًا بَعْدَ مَا شَهِدْتُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كُنَّا مَعَهُ فِي سَفَرٍ فَبَرَزَ لِحَاجَتِهِ ثُمَّ جَاءَ فَتَوَضَّأَ وَمَسَحَ بِنَاصِيَتِهِ وَجَانِبَيْ عِمَامَتِهِ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ قَالَ وَصَلَاةُ الْإِمَامِ خَلْفَ الرَّجُلِ مِنْ رَعِيَّتِهِ فَشَهِدْتُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ فِي سَفَرٍ فَحَضَرَتْ الصَّلَاةُ فَاحْتَبَسَ عَلَيْهِمْ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَقَامُوا الصَّلَاةَ وَقَدَّمُوا ابْنَ عَوْفٍ فَصَلَّى بِهِمْ فَجَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَصَلَّى خَلْفَ ابْنِ عَوْفٍ مَا بَقِيَ مِنْ الصَّلَاةِ فَلَمَّا سَلَّمَ ابْنُ عَوْفٍ قَامَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَضَى مَا سُبِقَ بِهِ

हमका [याकूब बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [हुसैम] कहिन है, उ कहिन; हमका [यूनुस बिन उबैद] [इब्न सिरिन] से रिपोर्ट किहिन हैं; मोका रिपोर्ट किहिन है [अमरू बिन वहाब अत्स त्साकोफी] कहिन; 'मैंने [अल मुघिराह बिन स्यूबाह] का कहते सुना: 'दुई चीजें हैं जिनका रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से देखै के बाद मैंने कभी केहू से नाहीं पूछा'। उ बोलत रहे: 'हम एक बार उनके साथे एक यात्रा -यात्रा- मा रहेन। राहत देइ चला गवा औ फिर आय के वजू लइ लिहिस औ मुड़ी के अगला हिस्सा- मुकुट- औ पगड़ी के दूनौ तरफ पोंछि लिहिस औ दुइ जूता भी पोंछि लिहिस।' तब मुघिराह बोले 'दुआ एक नेता के पीछे किसी अपने लोगन में से'। मुघिराह कहिन; 'त हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से सीधे गवाह रहेन कि उ एक यात्रा पर रहे, फिर नमाज के समय आवा, लेकिन रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ओनके पास आवै मा देर किहिन, फिर उइ इकामत किहिन अऊर इब्न औफ से कहिन कि आगे आवै - इमाम बनै के लिए। तौ उइ अपने दोस्तन के साथे नमाज पढ़िन, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम आइन अऊर इब्न औफ के पीछे नमाज मा शामिल होइ गइन। इब्न औफ सलाम -खत्म- होए के बाद, उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खड़ा होइके बाकी बची रकात का पूरा किहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 109

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةَ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ عَنْ شُعْبَةَ ح وَأَنْبَأَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ هِشَامٍ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زِيَادٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ أَبُو الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَيْلٌ لِلْعَقِبِ مِنْ النَّارِ

हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमका [यजीद बिन ज़ुराई'] [शुबाह] से बताइस है, अऊर हमका [मुआम्मल बिन हिशम] बताइस है, उ कहिन; हमका [इस्माइल] से [स्यूबाह] से [मुहम्मद बिन जियाद] से [अबू हुरैरा] से कहिन है; अबुल कासिम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है : हाय उन एड़ियों को जिनको नरक के आग से वजू का पानी न छूता है '।

Hadith

Imam Nasa'i : 110

أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ ح وَأَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ أَبِي يَحْيَى عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو قَالَرَأَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَوْمًا يَتَوَضَّئُونَ فَرَأَى أَعْقَابَهُمْ تَلُوحُ فَقَالَ وَيْلٌ لِلْأَعْقَابِ مِنْ النَّارِ أَسْبِغُوا الْوُضُوءَ

हमका [महमूद बिन घैलान] सूचित कइके उ कहिन; हमका [वाकी'] बताइस है, हमसे [सुफयान] बताइस है। एक अउर पंक्ति मा ई बतावा गा है; अऊर हमका [अमरू बिन अली] बताइस है, उ कहिन; हमसे कहिन है [अब्दुर्रहमान] कहिन; हमका [सुफयान] से [मंसूर] से [हिलाल बिन यासफ] से [अबू यह्या] से [अब्दुल्ला बिन अमरू] से कहिन है; 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक लोग को वजू करते देखा और उन्होंने देखा कि उनकी एड़ियों को पानी नहीं छूया है तो उन्होंने कहा: 'हाय उन एड़ियों पर जो नरक के आग से वजू पानी से नहीं छुए हैं। आपन वजू पूरा करा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 111

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ أَخْبَرَنِي الْأَشْعَثُ قَالَ سَمِعْتُ أَبِي يُحَدِّثُ عَنْ مَسْرُوقٍ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا وَذَكَرَتْأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُحِبُّ التَّيَامُنَ مَا اسْتَطَاعَ فِي طُهُورِهِ وَنَعْلِهِ وَتَرَجُّلِهِقَالَ شُعْبَةُ ثُمَّ سَمِعْتُ الْأَشْعَثَ بِوَاسِطٍ يَقُولُ يَحِبُّ التَّيَامُنَ فَذَكَرَ شَأْنَهُ كُلَّهُ ثُمَّ سَمِعْتُهُ بِالْكُوفَةِ يَقُولُ يُحِبُّ التَّيَامُنَ مَا اسْتَطَاعَ

हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अला] रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमसे कहिन है [खोलिद] कहिन; हमका [शुबाह] बताइस है, उ कहिन; हमका [अल अस्यास्त] सूचित किहिन है, उ कहिन; हम [अपने पिता] का कहत सुने रहेन; [मसरुक] से [ऐस्याह रदलियाल्लाह अन्हा] से कहिन: 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तैयमुम से प्यार करत रहें - दाहिने तरफ का पहिले रखत रहें - जेतना उ खुद का शुद्ध करै, चप्पल पहिरै अऊर अपने बालन का कंघी करै मा कर सकत रहें'। शुबा कहिस; तब हमने शहर में वसित अल अस्यात्स कहते सुना; 'वह तैमुम से प्यार करत है'। तब इन सब बातन का जिक्र किहिन। तब हम कूफा मा ओनका कहत सुने रहेन; 'उ तैमुम से जेतना प्यार कर सकत रहे'।

Hadith

Imam Nasa'i : 112

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو جَعْفَرٍ الْمَدَنِيُّ قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُثْمَانَ بْنِ حُنَيْفٍ يَعْنِي عُمَارَةَ قَالَ حَدَّثَنِي الْقَيْسِيُّأَنَّهُ كَانَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَأُتِيَ بِمَاءٍ فَقَالَ عَلَى يَدَيْهِ مِنْ الْإِنَاءِ فَغَسَلَهُمَا مَرَّةً وَغَسَلَ وَجْهَهُ وَذِرَاعَيْهِ مَرَّةً مَرَّةً وَغَسَلَ رِجْلَيْهِ بِيَمِينِهِ كِلْتَاهُمَا

हमका [मुहम्मद बिन बसियार] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका बताइस है [मुहम्मद] कहिन; हमसे कहिस है [स्यू'बाह] कहिन; मोका रिपोर्ट किहिन है [अबू जाफर अल मदनी] कहिन; हम [इब्न उस्मान बिन हनीफ यानी उमरह] का कहत सुने रहेन; [अल कोइसीय] का वर्णन किहिन है; एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ एक यात्रा पर रहे, - अलकैसी ने कहा -; फिर ओका एक बर्तन मा पानी पिलावा गा, उ आपन हाथ एक बार धोइस, एक बार आपन मुँह अऊर बांह धोइस, अऊर आपन दाहिना हाथ से आपन गोड़ धोइस।

Hadith

Imam Nasa'i : 113

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ سُلَيْمٍ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ كَثِيرٍ وَكَانَ يُكْنَى أَبَا هَاشِمٍ ح وَأَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَبِي هَاشِمٍ عَنْ عَاصِمِ بْنِ لَقِيطٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا تَوَضَّأْتَ فَأَسْبِغْ الْوُضُوءَ وَخَلِّلْ بَيْنَ الْأَصَابِعِ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [यह्या बिन सुलैम] के बारे मा [इस्माइल बिन कथिर] से बताइन हैं जेका आमतौर पर अबू हसीम कहा जात है। एक अउर कथात्मक पंक्ति मा ई बतावा गा है; अऊर हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन रफी] कहिन; हमसे कहिन है [यह्या बिन आदम] कहिन; हमसे [सुफयान], [अबू हसीम] से [अशिम बिन लकीथ] से [उनके पिता] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब आप वजू लेत हैं, तो आपन वजू पूरा करौ अऊर अपनी उंगली के बीच के अंतराल का साफ करौ'।

Hadith

Imam Nasa'i : 114

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ آدَمَ عَنْ ابْنِ أَبِي زَائِدَةَ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي وَغَيْرُهُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي حَيَّةَ الْوَادِعِيِّ قَالَرَأَيْتُ عَلِيًّا تَوَضَّأَ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثَلَاثًا وَتَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ ثَلَاثًا وَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا وَذِرَاعَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ وَغَسَلَ رِجْلَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ هَذَا وُضُوءُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमका [मुहम्मद बिन आदम], [इब्न अबू जैदा] से बतावा गा है; हमसे [मेरे पिता] अऊर दूसरन से [अबू इशाक] से [अबू हयाह अल वाडली] से कहिन हैं; 'मैं [अली] का वजू करत देखेन, उ आपन हथेलियन का तीन बार धोइस, आपन मुँह धोइस अऊर तीन बार आपन नाक मा पानी डारिस, आपन चेहरा तीन बार धोइस, आपन बांह तीन बार धोइस-तीन बार, आपन सिर पोंछिस, अऊर आपन गोड़ तीन बार धोइस-तीन बार'। तब उन्होंने कहा: 'यह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का वजू है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 115

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ وَهْبٍ عَنْ يُونُسَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّ عَطَاءَ بْنَ يَزِيدَ اللَّيْثِيَّ أَخْبَرَهُ أَنَّ حُمْرَانَ مَوْلَى عُثْمَانَ أَخْبَرَهُأَنَّ عُثْمَانَ دَعَا بِوَضُوءٍ فَتَوَضَّأَ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ ثُمَّ مَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى إِلَى الْمِرْفَقِ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُسْرَى مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ مَسَحَ بِرَأْسِهِ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَهُ الْيُمْنَى إِلَى الْكَعْبَيْنِ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَهُ الْيُسْرَى مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ نَحْوَ وُضُوئِي هَذَا ثُمَّ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ تَوَضَّأَ نَحْوَ وُضُوئِي هَذَا ثُمَّ قَامَ فَرَكَعَ رَكْعَتَيْنِ لَا يُحَدِّثُ فِيهِمَا نَفْسَهُ غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ

हमका [अहमद बिन 'अमर बिन अस सरह] अऊर [अल हरिथ बिन मिस्किन] का बतावा गा रहा जवन ओनका पढ़ा गा रहा अऊर हम ओनसे, [इब्नू वहाब] से [यूनुस] से [इब्न शिहाब] से लफाझन्या सुनेन कि ['अथा बिन यजीद अल लैत्सी] ओनका सूचित किहिन रहैं, वास्तव मा [उरान] दास ओनका सूचित किहिन रहैं, [उस्मान] ने वुडलू पानी माँगा अऊर वजू करै के लिए ओका इस्तेमाल किहिन। हाथन के हथेलियन का तीन बार धोइस, मुँह धोइस अउर नाक मा पानी डारिस, तीन बार मुँह धोइस, तीन बार दाहिना हाथ कोहनी तक धोइस, बायाँ हाथ ओही तरह से धोइस, सिर पोंछिस, फिर दाहिना गोड़ का टखना तक तीन बार धोइस, अउर बायाँ गोड़ का वही तरह से धोइस। फिर उ कहिन: 'मैंने देखा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने वजू के तरह वजू करत रहे'। उइ इहो कहिन कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'जे इ वजू के तरह वजू करत है, फिर दुइ रकात पढ़त है - जबकि ओन दुइ रकात मा उ नमाज पर ध्यान केंद्रित करै के अलावा अपने दिल से बात नाहीं करत है - ओकर पिछला पाप माफ होइ जइहैं।'

Hadith

Imam Nasa'i : 116

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ وَمَالِكٍ وَابْنِ جُرَيْجٍ عَنْ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ بْنِ جُرَيْجٍ قَالَقُلْتُ لِابْنِ عُمَرَ رَأَيْتُكَ تَلْبَسُ هَذِهِ النِّعَالَ السِّبْتِيَّةَ وَتَتَوَضَّأُ فِيهَا قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَلْبَسُهَا وَيَتَوَضَّأُ فِيهَا

हमका [मुहम्मद बिन अल अल्ला] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [इब्न इदरीस], ['उबैदिल्लाह] से अऊर [मलिक] अऊर [इब्न जुरैज] से [अल मकबुरी] से, ['उबैद बिन जुरैज] से उ कहिन; 'मैंने एक बार [इब्नू उमर] से कहा, मैंने तुम्हें इन सिब्तिय्या चप्पल पहनकर वजू करते देखा - चमड़े से बने चप्पल? उ जवाब दिहिन, 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का ई पहिन के वजू करत देखे रहेन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 117

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا حَفْصٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ هَمَّامٍ عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِأَنَّهُ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ فَقِيلَ لَهُ أَتَمْسَحُ فَقَالَ قَدْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُوَكَانَ أَصْحَابُ عَبْدِ اللَّهِ يُعْجِبُهُمْ قَوْلُ جَرِيرٍ وَكَانَ إِسْلَامُ جَرِيرٍ قَبْلَ مَوْتِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِيَسِيرٍ

हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमका [हफ्श] से [अल अमासी] से [इब्राहिम] से [हम्मम] से [जरीर बिन अब्दुल्ला] से कहिन है, कि उ एक बार वजू किहिन अऊर आपन दुइ जूता पोंछिन। फिर उनसे पूछा गया कि पोंछे का? उ जवाब दिहिन, 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का रगड़त देखिन'। अब्दुल्ला के दोस्त जरीर के बात से हैरान रह गए, काहे से कि जरीर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के मउत से कुछ समय पहिले इस्लाम धर्म अपना लिहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 118

أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ الْعَظِيمِ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ قَالَ حَدَّثَنَا حَرْبُ بْنُ شَدَّادٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ عَمْرِو بْنِ أُمَيَّةَ الضَّمْرِيِّ عَنْ أَبِيهِأَنَّهُ رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ

हमका [अल अब्बास बिन अब्दुल अजिम] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन है [अब्दुर्रहमान] कहिन; हमसे [हर्ब बिन स्याद्दाद] से [यह्या बिन अबू कत्सिर] से [अबू सलामा] से [जाफर बिन अमरू बिन उमय्याह अदल-डलामरी] से, [अपने पिता] से कहिन है कि उ एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का वजू करत अऊर अपने दुइनौ जूता पोंछत देखिन -खुफ-।

Hadith

Imam Nasa'i : 119

أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ دُحَيْمٌ وَسُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ نَافِعٍ عَنْ دَاوُدَ بْنِ قَيْسٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ قَالَدَخَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَبِلَالٌ الْأَسْوَاقَ فَذَهَبَ لِحَاجَتِهِ ثُمَّ خَرَجَ قَالَ أُسَامَةُ فَسَأَلْتُ بِلَالًا مَا صَنَعَ فَقَالَ بِلَالٌ ذَهَبَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِحَاجَتِهِ ثُمَّ تَوَضَّأَ فَغَسَلَ وَجْهَهُ وَيَدَيْهِ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ وَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ ثُمَّ صَلَّى

हमका [अब्दुर्रहमान बिन इब्राहिम दुहैम] अऊर [सुलेमान बिन दाउद] से रिपोर्ट किहिन है, जबकि उनसे, [इब्न नफी'] से [दाउद बिन कैस] से [जैद बिन असलम] से, [अथा' बिन यासर] से [उसामा बिन जैद] से लफाझन्या उ कहिन: ' रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैह अलैलाह अलैल अलैलाह तब क्षेत्र मा प्रवेश किहिन, ऊ शौच करै गवा, फिर बाहर'। उसामा ने कहा: 'मैंने बिलाल से पूछा, 'का किहिन? ' [बिलाल] जवाब दिहिस; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने राहत के लिये गए, फिर वजू लिया। मुँह हाथ धोय लिहिन, फिर माथा जूता पोंछिन, फिर प्रार्थना किहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 120

أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ وَهْبٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ عَنْ أَبِي النَّضْرِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ مَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ

हमका [सुलेमान बिन दाउद] अऊर [हरिस्ट बिन मिस्किन], [इब्नू वहाब] से, [अमरू बिन अल हरिथ] से [अबू अन नदलरी] से, [अबू सलामा बिन अब्दुर रहमान] से [अब्दुल्ला बिन उमर] से, [सअद बिन अबी वक्शल्लाहुलाहुल्लाह सलाहल्लाह से] से ई बतावा गा है कि उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपन दुइनौ जूता पोंछिन।