Imam Nasa'i : 61
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا جَرِيرٌ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ اللَّهُمَّ اغْسِلْ خَطَايَايَ بِمَاءِ الثَّلْجِ وَالْبَرَدِ وَنَقِّ قَلْبِي مِنْ الْخَطَايَا كَمَا نَقَّيْتَ الثَّوْبَ الْأَبْيَضَ مِنْ الدَّنَسِ
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [जरीर] के [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपना पिता] से [ऐस्याह] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'हे अल्लाह, हमरा गलती के बर्फ के पानी - बर्फ - अवुरी ओस के पानी से साफ कर, अवुरी हमरा गलती से हमरा दिल के शुद्ध - साफ - जईसे तू गंदगी से सफेद कपड़ा के शुद्ध - साफ - -।'
Imam Nasa'i : 62
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ حَبِيبِ بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ قَالَ شَهِدْتُ عَوْفَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي عَلَى مَيِّتٍ فَسَمِعْتُ مِنْ دُعَائِهِ وَهُوَ يَقُولُ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ وَأَكْرِمْ نُزُلَهُ وَأَوْسِعْ مُدْخَلَهُ وَاغْسِلْهُ بِالْمَاءِ وَالثَّلْجِ وَالْبَرَدِ وَنَقِّهِ مِنْ الْخَطَايَا كَمَا يُنَقَّى الثَّوْبُ الْأَبْيَضُ مِنْ الدَّنَسِ
हमनी के [हारून बिन अब्दुल्लाह] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बा [माआन] कहले बा; हमनी के [जुबैर बिन नुफैर] से [हबीब बिन उबैद] से मुअविया बिन सालिह कहले बा; हम [औफ बिन मलिक] के कहत सुनले बानी; 'हम अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लाश खातिर दुआ करत सुननी, अवुरी उनुकर दुआ सुननी कि, 'हे अल्लाह, ओकरा के माफ क द अवुरी ओकरा प रहम करीं।' सुरक्षित दे दीं, माफ करीं आ जगह के सम्मान करीं। काम के आसान बना दीं। एकरा के पानी, बर्फ आ ओस से धो लीं। एकरा के गलती से साफ करीं जइसे सफेद कपड़ा के गंदगी से साफ कइल जाला'।
Imam Nasa'i : 63
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا شَرِبَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيَغْسِلْهُ سَبْعَ مَرَّاتٍ
हमनी के [कुतैबा] के [मलिक] से [अबू जिनाद] से [अल अ'राज] से [अबू हुरैरा] से बतावल गईल बा कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले रहले; 'अगर कुकुर रउरा में से केहू के बर्तन से पीये त ओकरा के सात बेर धोवे के चाहीं'।
Imam Nasa'i : 64
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي زِيَادُ بْنُ سَعْدٍ أَنَّ ثَابِتًا مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدٍ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيَغْسِلْهُ سَبْعَ مَرَّاتٍأَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي زِيَادُ بْنُ سَعْدٍ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ هِلَالُ بْنُ أَسَامَةَ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَلَمَةَ يُخْبِرُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَهُ
हमनी के [इब्राहिम बिन अल हसन] के जानकारी देले बा उ कहले कि; बता देले बा [हजाज] उ कहले; [इब्न जुरैज] कहले बाड़न; हमरा के [जियाद बिन साआद] के जानकारी देले बाड़े उ कहले बाड़े; [थाबिट] अब्दुररहमान बिन जैद के गुलाम ओकरा के सूचित कइले रहे कि ऊ [अबू हुरैरा] के कहत सुनले बा; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न कि अगर कुकुर रउरा में से कवनो एक के बर्तन चाट लेव त ओकरा के सात बेर धोवे के चाहीं. हमरा [इब्राहिम बिन हसन] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [हज्जाज] कहले बाड़े; [इब्न जुरैज] कहले बाड़न; हमरा के [जियाद बिन साअद] के सूचित कइले बा कि ऊ उनका [हिलाल बिन उसामाह] के सूचित कइले बाड़न कि ऊ सुनले बाड़न कि [अबू सलामा] [अबू हुरैरा] से एह हदीस के बारे में अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिपोर्ट कइले बाड़न.
Imam Nasa'i : 65
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي رَزِينٍ وَأَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيُرِقْهُ ثُمَّ لِيَغْسِلْهُ سَبْعَ مَرَّاتٍقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ لَا أَعْلَمُ أَحَدًا تَابَعَ عَلِيَّ بْنَ مُسْهِرٍ عَلَى قَوْلِهِ فَلْيُرِقْهُ
हमनी के [अली बिन हुजर] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [अली बिन मुशीर] [अल अमासी] से [अबू रज़िन] से आ [अबू शालिह] [अबू हुरैरा] से रिपोर्ट कईले बाड़े कि उ कहले बाड़े कि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कहले कि, 'अगर कुकुर रउआ में से कवनो एक के बर्तन चाट लेवे त ओकरा में से सामग्री उगल के ओकरा बाद सात बेर धोवे'। अबू अब्दुररहमान कहले कि; 'हम केहू के नइखी जानत जे अली बिन मुशीर के बात में पीछे चले, ऊ -सामग्री- उगल देवे।' ' 1999 में भइल रहे।
Imam Nasa'i : 66
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ قَالَ سَمِعْتُ مُطَرِّفًا عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُغَفَّلِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَرَ بِقَتْلِ الْكِلَابِ وَرَخَّصَ فِي كَلْبِ الصَّيْدِ وَالْغَنَمِ وَقَالَ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي الْإِنَاءِ فَاغْسِلُوهُ سَبْعَ مَرَّاتٍ وَعَفِّرُوهُ الثَّامِنَةَ بِالتُّرَابِ
हमनी के [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला अस-शान'नी] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [खालिद] हमनी के [स्यूबाह] [अबू तयह] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; 'हम [मुथरीफ] [अब्दुल्लाह बिन मुगफ्ल] से सुनले बानी, कि रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कुकुरन के मारे के आदेश देले बाड़े अवुरी बकरी के शिकार अवुरी पहरा देवे खाती इस्तेमाल होखेवाला कुकुरन के रुखसाह -राहत- देवे के आदेश देले बाड़े। ओकरा बाद कहलन कि कुकुर राउर बर्तन चाटत बा त सात बेर धो के आठवीं बेर माटी से ढंक लीं.
Imam Nasa'i : 67
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ حُمَيْدَةَ بِنْتِ عُبَيْدِ بْنِ رِفَاعَةَ عَنْ كَبْشَةَ بِنْتِ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ أَبَا قَتَادَةَدَخَلَ عَلَيْهَا ثُمَّ ذَكَرَتْ كَلِمَةً مَعْنَاهَا فَسَكَبْتُ لَهُ وَضُوءًا فَجَاءَتْ هِرَّةٌ فَشَرِبَتْ مِنْهُ فَأَصْغَى لَهَا الْإِنَاءَ حَتَّى شَرِبَتْ قَالَتْ كَبْشَةُ فَرَآنِي أَنْظُرُ إِلَيْهِ فَقَالَ أَتَعْجَبِينَ يَا ابْنَةَ أَخِي فَقُلْتُ نَعَمْ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّهَا لَيْسَتْ بِنَجَسٍ إِنَّمَا هِيَ مِنْ الطَّوَّافِينَ عَلَيْكُمْ وَالطَّوَّافَاتِ
हमनी के [कुतैबा] के [मलिक] से [इशक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू थल्हाह] से [हुमैदा बिन उबैद बिन रिफाअह] से [कबस्याह बिंत काअब बिन मलिक] से बतावल गईल बा कि [अबू कतादाह] भीतर जाके उनुका से मिलले - फेर एगो वाक्य कहलस - मतलब - हम उनुका प वज़ूद के पानी डाल देनी, फिर एगो बिल्ली आके वज़ूज़ के पानी पी लेलस। एकरा बाद उ बर्तन के बिल्ली के हाथ में तब तक थमा देले, जब तक कि बिलार ओकरा के ना पी गईल। कबस्याह कहलस कि हमरा के देखते देखलस त कहलस कि ए भाई के बेटी तू अचरज में बाड़ू? ' हम कहनी, 'हँ'। उ कहले कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि बिल्ली अशुद्ध नईखे। तोहरा आसपास के जानवरन में बिलार भी बाड़ी सऽ।'
Imam Nasa'i : 68
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَأَتَانَا مُنَادِي رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّ اللَّهَ وَرَسُولَهُ يَنْهَاكُمْ عَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ فَإِنَّهَا رِجْسٌ
हमनी के [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला बिन यजीद] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [सुफयान] [अय्यूब] से [मुहम्मद] से [अनस] से कहले बाड़े कि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के एगो रसूलुल्लाह हमनी के लगे आके हमनी के सूचित कईले -कहले-: 'अल्लाह अवुरी उनुकर रसूलुल्लाह रउआ से -गदहा के मांस खाए से- मना कईले बाड़े, काहेंकी इ अशुद्ध बा'।
Imam Nasa'i : 69
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْكُنْتُ أَتَعَرَّقُ الْعَرْقَ فَيَضَعُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاهُ حَيْثُ وَضَعْتُ وَأَنَا حَائِضٌ وَكُنْتُ أَشْرَبُ مِنْ الْإِنَاءِ فَيَضَعُ فَاهُ حَيْثُ وَضَعْتُ وَأَنَا حَائِضٌ
हमनी के [अमरू बिन अली] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हमनी के [अब्दुररहमान] के [सुफयान] से [मिकदम बिन स्यूरैह] से [अपना पिता] से [ऐस्याह] रदलियाल्लाहुअनहा से बतवले बाड़े, उ कहले; ' हम एक बेर हड्डी से मांस के टुकड़ा काट लेनी, फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपन मुँह ओहिजा रखले जहाँ हमार मुँह रहे, भले ही हम मासिक धर्म के दौर में रहनी। हमहूँ एक बेर एगो बर्तन से पी लेले रहनी, फेर रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपन मुँह ओहिजा रखले जहाँ हमार मुँह रहे’।
Imam Nasa'i : 70
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ ح وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَكَانَ الرِّجَالُ وَالنِّسَاءُ يَتَوَضَّئُونَ فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَمِيعًا
हमनी के [हारून बिन अब्दुल्लाह] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [मा'न] बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हमनी के [मलिक] के बतवले रहले अवुरी [अल हरिथ बिन मिस्किन] उनुका के पढ़ले रहले अवुरी हम [इब्नु अल कासिम] से सुनले रहनी उ कहले; हमरा के [मालिक] के [नफी’] से [इब्न उमर] से बतवले बाड़े, उ कहले बाड़े कि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय में पुरुष अवुरी महिला एक संगे वज़ूद कईले'।
Imam Nasa'i : 71
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا أَخْبَرَتْهُأَنَّهَا كَانَتْ تَغْتَسِلُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْإِنَاءِ الْوَاحِدِ
हमनी के [कुतैबा बिन सईद] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [अल-लैट्स] [इब्न शिहाब] से [उरवाह] से [ऐसिया] से बतवले बाड़े, उ हमनी के बतवले बाड़े कि उ एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे एक बर्तन में नहाले रहले।
Imam Nasa'i : 72
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَبْرٍ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ بِمَكُّوكٍ وَيَغْتَسِلُ بِخَمْسِ مَكَاكِيَّ
हमनी के [अमर बिन अली] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हमनी के [याह्या] के बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [शुबाह] उ कहले बाड़े; हमरा के [अब्दुल्लाह बिन अब्दुल्ला बिन जबर] बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हम [अनस बिन मलिक] के कहत सुनले बानी; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक मक्कूक के इस्तेमाल से वजूद कईले, अवुरी जब नहात रहले त पांच मक्कूक के इस्तेमाल कईले'।
Imam Nasa'i : 73
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ ثُمَّ ذَكَرَ كَلِمَةً مَعْنَاهَا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ حَبِيبٍ قَالَ سَمِعْتُ عَبَّادَ بْنَ تَمِيمٍ يُحَدِّثُ عَنْ جَدَّتِي وَهِيَ أُمُّ عُمَارَةَ بِنْتُ كَعْبٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَأُتِيَ بِمَاءٍ فِي إِنَاءٍ قَدْرَ ثُلُثَيْ الْمُدِّ قَالَ شُعْبَةُ فَأَحْفَظُ أَنَّهُ غَسَلَ ذِرَاعَيْهِ وَجَعَلَ يَدْلُكُهُمَا وَيَمْسَحُ أُذُنَيْهِ بَاطِنَهُمَا وَلَا أَحْفَظُ أَنَّهُ مَسَحَ ظَاهِرَهُمَا
हमनी के [मुहम्मद बिन बस्यार] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [मुहम्मद] के बतवले बाड़े तब उ एगो वाक्य के जिक्र कईले बाड़े जवना के मतलब बा, [हबीब] से हमनी के [स्यूबाह] के बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हम सुनले बानी कि [अब्बाद बिन तमीम] अपना दादी यानी [उम्मू उमराह बिन कअब] से कहत रहले कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वज़ूद करे वाला बाड़े एहसे उ एगो बर्तन में लगभग दु तिहाई कीचड़ के पानी लेके आईल रहले। शु'बाह कहले कि; ' हमरा जवन इयाद बा उ बांह धो के एक संगे रगड़त रहले, फेर कान के भीतरी हिस्सा धोवत रहले अवुरी हमरा इयाद नईखे कि उ कान के बहरी धोवत रहले।
Imam Nasa'i : 74
أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبِ بْنِ عَرَبِيٍّ عَنْ حَمَّادٍ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ حَدَّثَنِي مَالِكٌ ح و أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَقَّاصٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا الْأَعْمَالُ بِالنِّيَّةِ وَإِنَّمَا لِامْرِئٍ مَا نَوَى فَمَنْ كَانَتْ هِجْرَتُهُ إِلَى اللَّهِ وَإِلَى رَسُولِهِ فَهِجْرَتُهُ إِلَى اللَّهِ وَإِلَى رَسُولِهِ وَمَنْ كَانَتْ هِجْرَتُهُ إِلَى دُنْيَا يُصِيبُهَا أَوْ امْرَأَةٍ يَنْكِحُهَا فَهِجْرَتُهُ إِلَى مَا هَاجَرَ إِلَيْهِ
हमनी के [हम्माद] से [याह्या बिन हबीब बिन अरबी] के रिपोर्ट कईले बाड़े अवुरी [अल हरिथ बिन मिस्किन] उनुका के पढ़ले बाड़े अवुरी हम [इब्नु कासिम] से सुनले बानी कि हमरा के बतवले बाड़े [मलिक] हमनी के बतवले बाड़े [सुलेमान बिन मंसूर] उ कहले बाड़े; उ कहले कि, हमनी के [अब्दुल्लाह बिन मुबारक] अवुरी उनुका से लफाझन्या के रिपोर्ट कईले बाड़े, [यह्या बिन सईद] से [मुहम्मद बिन इब्राहिम] से [अल क्यूमाह बिन वक्काश] से [उमर बिन खट्ठाब] रदलियाल्लाहुअनहु से रिपोर्ट कईले बाड़े, उ कहले; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'सब काम नियत प निर्भर करेला, अवुरी हरेक आदमी के इनाम नियत प निर्भर करेला, जे केहू अल्लाह अवुरी उनुका रसूलुल्लाह खाती प्रवास करे के इरादा राखेला, तब ओकर प्रवास अल्लाह अवुरी उनुका रसूलुल्लाह के ओर होई। जेकर पलायन के मंशा सांसारिक फायदा के चलते होखे भा कवनो औरत से बियाह करे के चाहत होखे त ओकर पलायन सिर्फ उहे बा जवना के इरादा रहे।
Imam Nasa'i : 75
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسٍ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحَانَتْ صَلَاةُ الْعَصْرِ فَالْتَمَسَ النَّاسُ الْوَضُوءَ فَلَمْ يَجِدُوهُ فَأُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِوَضُوءٍ فَوَضَعَ يَدَهُ فِي ذَلِكَ الْإِنَاءِ وَأَمَرَ النَّاسَ أَنْ يَتَوَضَّئُوا فَرَأَيْتُ الْمَاءَ يَنْبُعُ مِنْ تَحْتِ أَصَابِعِهِ حَتَّى تَوَضَّئُوا مِنْ عِنْدِ آخِرِهِمْ
हमनी के [कुतैबा] के [मलिक] से [इशक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तलहा] से [अनास] से रिपोर्ट कईला के बाद उ कहले कि; 'हम देखनी कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम - अस्र के समय आ गईल रहे - आ लोग वजूद खातिर पानी खोजत रहे, लेकिन ना मिलल रहे। एकरा बाद रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वस्लाम के वज़ूद के पानी ले आवल गईल, अवुरी रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हाथ बर्तन में डाल दिहल गईल। ओकरा बाद उ लोग के वजूद करे के आदेश देले। हम देखनी कि उनुका अँगुरी के नीचे से पानी बहत रहे, जवना से उ लोग अंतिम आदमी तक वजूद करत रहले'।
Imam Nasa'i : 76
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَكُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمْ يَجِدُوا مَاءً فَأُتِيَ بِتَوْرٍ فَأَدْخَلَ يَدَهُ فَلَقَدْ رَأَيْتُ الْمَاءَ يَتَفَجَّرُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ وَيَقُولُ حَيَّ عَلَى الطَّهُورِ وَالْبَرَكَةِ مِنْ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّقَالَ الْأَعْمَشُ فَحَدَّثَنِي سَالِمُ بْنُ أَبِي الْجَعْدِ قَالَ قُلْتُ لِجَابِرٍ كَمْ كُنْتُمْ يَوْمَئِذٍ قَالَ أَلْفٌ وَخَمْسُ مِائَةٍ
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [अब्दुर रज्जाक] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; [अल अ'मासी] से [इब्राहिम] से [अल कमाह] से [अब्दुल्लाह] से हमनी के [सुफयान] के उपदेश देके उ कहले; 'हम एक बेर रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे रहनी अवुरी ओ लोग के पानी ना मिलल।' ओकरा बाद ओकरा के एगो छोट बर्तन ले आवल गईल। ऊ आपन हाथ बर्तन में डाल दिहलस। एकरा बाद देखनी कि उनकर अँगुरी के फाँक से पानी झरझरात रहे। एकरा बाद उ कहले कि, 'चलीं अपना के शुद्ध क के अल्लाह अज्जा व जल्ला से बरकत लेवे के चाही'। अल ए'मासी कहले कि; तब उ हमरा [सलीम बिन अबू जाआद] से कहले कि उ कहले; हम जाबिर से पूछनी कि ओह घरी रउरा केतना लोग रहनी? [जाबिर] जवाब दिहले; 'पंद्रह सौ लोग' के बा।
Imam Nasa'i : 77
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ عَنْ ثَابِتٍ وَقَتَادَةُ عَنْ أَنَسٍ قَالَطَلَبَ بَعْضُ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَضُوءًا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلْ مَعَ أَحَدٍ مِنْكُمْ مَاءٌ فَوَضَعَ يَدَهُ فِي الْمَاءِ وَيَقُولُ تَوَضَّئُوا بِسْمِ اللَّهِ فَرَأَيْتُ الْمَاءَ يَخْرُجُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ حَتَّى تَوَضَّئُوا مِنْ عِنْدِ آخِرِهِمْقَالَ ثَابِتٌ قُلْتُ لِأَنَسٍ كَمْ تُرَاهُمْ قَالَ نَحْوًا مِنْ سَبْعِينَ
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [अब्दुर रज्जाक] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [मामर] [थाबीत] से आ [कतदाह] [अनस] से बतवले बाड़े, उ कहले कि, 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कुछ साथी वज़ूद के पानी खोजत रहले, तब अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'का रउआ में से केहु पानी ले आवेला? ' तब ऊ आपन हाथ बर्तन में डाल के कहले, 'बिस्मिल्लाह कह के वज़ूद करऽ'। एकरा बाद हम देखनी कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के अँगुरी के बीच के फाँक से पानी बहत रहे जब तक कि उ सब अंतिम आदमी तक वज़ूद ना कईले। थाबीत कहले कि; 'हम अनस से पूछनी कि कतना देखले बाड़ू? ' ऊ जवाब दिहले; 'लगभग सत्तर लोग के''।
Imam Nasa'i : 78
أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ وَهْبٍ عَنْ مَالِكٍ وَيُونُسَ وَعَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ أَنَّ ابْنَ شِهَابٍ أَخْبَرَهُمْ عَنْ عَبَّادِ بْنِ زِيَادٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الْمُغِيرَةِ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُ يَقُولُسَكَبْتُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ تَوَضَّأَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ فَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ لَمْ يَذْكُرْ مَالِكٌ عُرْوَةَ بْنَ الْمُغِيرَةِ
हमनी के [सुलेमान बिन दाउद] के ओर से रिपोर्ट कईल गईल बा अवुरी [अल हरिथ बिन मिस्किन] उनुका के पढ़ल गईल बा अवुरी हम उनुका से, [इब्नु वहाब] से [मलिक] अवुरी [यूनुस] अवुरी [अमर बिन अल हरिथ] से लफाझनिया सुनले बानी कि [इब्न शिहाब] उनुका के, ['अब्बद बिन जियाद] से ['उरवाह बिन अल मुघिराह] से, जवन सुनले बाड़े, इ जानकारी देले बाड़े [उनकर पिता] कहले कि; 'हम एक बेर रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खातिर पानी डालले रहनी जब उ तबुक के लड़ाई के दौरान आपन वजूद कईले रहले। ओह घरी ऊ आपन दुनु जूता पोंछ दिहले.' अबू अब्दुररहमान कहले कि; मलिक उर्वाह बिन अल मुगिराह के जिक्र ना कईले|
Imam Nasa'i : 79
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَأَلَا أُخْبِرُكُمْ بِوُضُوءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَوَضَّأَ مَرَّةً مَرَّةً
हमनी के [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] के जानकारी देले बा उ कहले कि; [सुफयान] से हमनी के [याह्या] के बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हमनी के [जैद बिन असलम] के ['अथा बिन यासर] से [इब्न अब्बास] से बतवले बाड़े, उ कहले; 'का हम रउआ के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के वज़ूद के तरीका के बारे में जानकारी देब? उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वज़ूद के हर हिस्सा खातिर एक बेर - एक बेर - वज़ूद कईले-'।
Imam Nasa'i : 80
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ قَالَ أَنْبَأَنَا الْأَوْزَاعِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي الْمُطَّلِبُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حَنْطَبٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَتَوَضَّأَ ثَلَاثًا ثَلَاثًا يُسْنَدُ ذَلِكَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमनी के [सुवैद बिन नसर] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [अब्दुल्लाह बिन अल मुबारक] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हमनी के [अल औजाई] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमरा के [अल मुथल्लिब बिन अब्दुल्लाह बिन हंथब] बतवले बाड़े कि [अब्दुल्लाह बिन उमर], तीन बेर, तीन बेर वज़ूद कइले बाड़न. उ एकरा प नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के भरोसा कईले।