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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 Hadith

Hadith

Imam Nasa'i : 61

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا جَرِيرٌ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ اللَّهُمَّ اغْسِلْ خَطَايَايَ بِمَاءِ الثَّلْجِ وَالْبَرَدِ وَنَقِّ قَلْبِي مِنْ الْخَطَايَا كَمَا نَقَّيْتَ الثَّوْبَ الْأَبْيَضَ مِنْ الدَّنَسِ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [जरिर] से [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हे अल्लाह, मोर गलतियन का बर्फ के पानी - बर्फ - अऊर ओस के पानी से साफ करा, अऊर मोर गलतियन से मोर दिल का शुद्ध करा - साफ करा जइसे तुम सफेद कपड़ा का गंदगी से शुद्ध करत हौ'।

Hadith

Imam Nasa'i : 62

أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ حَبِيبِ بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ قَالَ شَهِدْتُ عَوْفَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي عَلَى مَيِّتٍ فَسَمِعْتُ مِنْ دُعَائِهِ وَهُوَ يَقُولُ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ وَأَكْرِمْ نُزُلَهُ وَأَوْسِعْ مُدْخَلَهُ وَاغْسِلْهُ بِالْمَاءِ وَالثَّلْجِ وَالْبَرَدِ وَنَقِّهِ مِنْ الْخَطَايَا كَمَا يُنَقَّى الثَّوْبُ الْأَبْيَضُ مِنْ الدَّنَسِ

हमका [हारून बिन अब्दुल्ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन है [मा'न] कहिन; हमसे [हबीब बिन उबैद] से [जुबैर बिन नुफैर] से मुआविया बिन सालिह ने कहा है; हम [औफ बिन मलिक] का कहत सुने रहेन; 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का शरीर के लिए दुआ करत सुना, अऊर मैंने उनकी दुआ सुनी, 'हे अल्लाह, ओका माफ करौ अऊर ओपे रहम करौ।' सुरक्षा दै, माफ करौ अऊर जगह का सम्मान करौ। चीजन का आसान बनावा। पानी, बर्फ अऊर ओस से धोवा जाय। यहिके गलतियन से साफ करा जइसे सफेद कपड़ा गंदगी से साफ कीन जात है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 63

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا شَرِبَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيَغْسِلْهُ سَبْعَ مَرَّاتٍ

हमका [कुतैबा] से [मलिक] से [अबू जिनाद] से [अल अराज] से [अबू हुरैरा] से ई सूचना मिली है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन; 'यदि कुत्ता तुम में से एक के बर्तन से पीये तो सात बार धो ले'।

Hadith

Imam Nasa'i : 64

أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي زِيَادُ بْنُ سَعْدٍ أَنَّ ثَابِتًا مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدٍ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيَغْسِلْهُ سَبْعَ مَرَّاتٍأَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي زِيَادُ بْنُ سَعْدٍ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ هِلَالُ بْنُ أَسَامَةَ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَلَمَةَ يُخْبِرُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَهُ

हमका [इब्राहिम बिन अल हसन] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [हजाज] बताइस है, उ कहिन; [इब्न जुरैज] कहिन; मोका सूचित किहिन है [जियाद बिन साद] उ कहिन; [थाबित] अब्दुर्रहमान बिन जैद के गुलाम ने ओनका सूचित किहिन रहा कि उ [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहेन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'अगर कुत्ता तुममें से एक के बर्तन चाटत है, तौ ओका सात बार धोवै का चाही'। मोका [इब्राहिम बिन हसन] सूचित कइके उ कहिन; हमका बताइस है [हज्जाज] कहिन; [इब्न जुरैज] कहिन; मोका [जियाद बिन साद] सूचित किहिन है कि उ [हिलाल बिन उसामा] का सूचित किहिन हैं कि उ सुने हैं कि [अबू सलामा] रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से [अबू हुरैरा] से ई हदीस के बारे मा रिपोर्ट किहिन हैं।

Hadith

Imam Nasa'i : 65

أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي رَزِينٍ وَأَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي إِنَاءِ أَحَدِكُمْ فَلْيُرِقْهُ ثُمَّ لِيَغْسِلْهُ سَبْعَ مَرَّاتٍقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ لَا أَعْلَمُ أَحَدًا تَابَعَ عَلِيَّ بْنَ مُسْهِرٍ عَلَى قَوْلِهِ فَلْيُرِقْهُ

हमका [अली बिन हुजर] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अली बिन मुशीर] द्वारा [अबू रज़िन] से [अल अमासी] अऊर [अबू हुरैरा] से [अबू शालिह] द्वारा बतावा गा है कि उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन, 'अगर एक कुत्ता आप मा से एक के बर्तन का चाटत है, तौ ओका ओकर सामग्री उगल देय अऊर फिर सात बार धोवै।' अबू अब्दुर्रहमान कहिन; 'मैं अइसन केहू का नाहीं जानत हउँ जे अली बिन मुशीर के बातन मा ओकरे पीछे चलत है, ओका -सामग्री- का उगल दे। '

Hadith

Imam Nasa'i : 66

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ قَالَ سَمِعْتُ مُطَرِّفًا عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُغَفَّلِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَرَ بِقَتْلِ الْكِلَابِ وَرَخَّصَ فِي كَلْبِ الصَّيْدِ وَالْغَنَمِ وَقَالَ إِذَا وَلَغَ الْكَلْبُ فِي الْإِنَاءِ فَاغْسِلُوهُ سَبْعَ مَرَّاتٍ وَعَفِّرُوهُ الثَّامِنَةَ بِالتُّرَابِ

हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला अस-शाननी] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिस है [खालिद] हमसे [स्यूबाह] [अबू तैयाह] से कहिस है, उ कहिन; 'मैंने [अब्दुल्लाह बिन मुगफ्फाल] से [मुथर्रिफ] सुना है, कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कुत्तन का मारे अऊर शिकार अऊर बकरी के रखवाली के लिए उपयोग कीन जाय वाले कुत्तन का रुखसा -राहत- देय का आदेश दिहिन। फिर कहिन, 'अगर कुत्ता तोहरे बर्तन का चाटत है, तौ ओका सात बार धोवा अऊर आठवीं बार माटी से ढँकि द्या।'

Hadith

Imam Nasa'i : 67

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ حُمَيْدَةَ بِنْتِ عُبَيْدِ بْنِ رِفَاعَةَ عَنْ كَبْشَةَ بِنْتِ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ أَبَا قَتَادَةَدَخَلَ عَلَيْهَا ثُمَّ ذَكَرَتْ كَلِمَةً مَعْنَاهَا فَسَكَبْتُ لَهُ وَضُوءًا فَجَاءَتْ هِرَّةٌ فَشَرِبَتْ مِنْهُ فَأَصْغَى لَهَا الْإِنَاءَ حَتَّى شَرِبَتْ قَالَتْ كَبْشَةُ فَرَآنِي أَنْظُرُ إِلَيْهِ فَقَالَ أَتَعْجَبِينَ يَا ابْنَةَ أَخِي فَقُلْتُ نَعَمْ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّهَا لَيْسَتْ بِنَجَسٍ إِنَّمَا هِيَ مِنْ الطَّوَّافِينَ عَلَيْكُمْ وَالطَّوَّافَاتِ

हमका [कुतैबा] [मलिक] से [इशाक बिन अब्दुल्ला बिन अबू थलहा] से [हुमैदा बिन उबैद बिन रिफाअ] से [कबस्याह बिन काब बिन मलिक] से ई सूचना मिली है कि [अबू कतादाह] अंदर गें अऊर ओनसे मिले - फिर एक वाक्य कहिन - जेकर मतलब है - हम ओनके ऊपर वजूद पानी डारिन, फिर एक कैट अऊर पानी निकरेन। फिर उ बिल्ली का बर्तन तब तक थमा दिहिस जब तक कि बिल्ली ओका नाहीं पी लिहिस। कहिस कबस्याह मोहि देखत देखिस सो कहिस कि अचरज भई हे भइया के बिटिया ? ' हम कहेन, 'हाँ'। उ कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन, 'बिलार अशुद्ध नाहीं होत हैं। बिल्लियाँ आपके आसपास के जानवरन मा से एक हैं।'

Hadith

Imam Nasa'i : 68

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَأَتَانَا مُنَادِي رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّ اللَّهَ وَرَسُولَهُ يَنْهَاكُمْ عَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ فَإِنَّهَا رِجْسٌ

हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला बिन यजीद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [सुफयान] से [अय्यूब] से [मुहम्मद] से [अनस] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के दूतन मा से एक हमरे पास आवा अऊर हमका सूचित किहिन - कहिन-: 'अल्लाह अऊर ओकर रसूल तुमका गधा के मांस खाए से मना करत हैं, काहे से कि ई अशुद्ध है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 69

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْكُنْتُ أَتَعَرَّقُ الْعَرْقَ فَيَضَعُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاهُ حَيْثُ وَضَعْتُ وَأَنَا حَائِضٌ وَكُنْتُ أَشْرَبُ مِنْ الْإِنَاءِ فَيَضَعُ فَاهُ حَيْثُ وَضَعْتُ وَأَنَا حَائِضٌ

हमका [अमरू बिन अली] रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अब्दुर्रहमान] से [सुफयान] से [मिकदाम बिन सूरैह] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] रदलियाल्लाह अन्हा से कहिन है, उ कहिन; ' हम एक बार हड्डी से मांस का टुकड़ा काट लिहे रहेन, फिर रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपन मुँह वहीं रखिन जहाँ हमार मुँह होत रहा, भले ही हम मासिक धर्म करत रहेन। हमहूँ एक बार एक बर्तन से पीये रहेन, फिर रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपन मुँह वहीं रखिन जहाँ हमार मुँह होत रहा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 70

أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ ح وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَكَانَ الرِّجَالُ وَالنِّسَاءُ يَتَوَضَّئُونَ فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَمِيعًا

हमका [हारून बिन अब्दुल्ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [मां] बताइस है, ऊ कहिस; हमसे [मलिक] अऊर [अल हरिथ बिन मिस्किन] ने उनका पढ़ा रहा अऊर हम [इब्नू अल कासिम] से सुनेन, उ कहिन; ने [इब्न उमर] से [नफी'] से [मलिक] से कहा है, उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के समय मा पुरुष अऊर औरत एक साथ वजू करत रहें'।

Hadith

Imam Nasa'i : 71

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا أَخْبَرَتْهُأَنَّهَا كَانَتْ تَغْتَسِلُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْإِنَاءِ الْوَاحِدِ

हमका [कुतैबा बिन सैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अल-लैट्स] [इब्न शिहाब] से [उर्वाह] से [ऐसिया] से बताइन है, उ हमसे कहिन कि उ एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे एक बर्तन मा नहाए रहे।

Hadith

Imam Nasa'i : 72

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَبْرٍ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ بِمَكُّوكٍ وَيَغْتَسِلُ بِخَمْسِ مَكَاكِيَّ

हमका [अम्र बिन अली] रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [यह्या] कहिन है, उ कहिन; हमसे कहिस है [शुबा] उ कहिस; मोका [अब्दुल्ला बिन अब्दुल्ला बिन जबर] बताइस है कि उ कहिन; हम [अनास बिन मलिक] का कहत सुने रहेन; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक मक्कुक का उपयोग कइके वजू करत रहें, अऊर जब उ नहावत रहें तौ उ पाँच मक्कुक करत रहें'।

Hadith

Imam Nasa'i : 73

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ ثُمَّ ذَكَرَ كَلِمَةً مَعْنَاهَا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ حَبِيبٍ قَالَ سَمِعْتُ عَبَّادَ بْنَ تَمِيمٍ يُحَدِّثُ عَنْ جَدَّتِي وَهِيَ أُمُّ عُمَارَةَ بِنْتُ كَعْبٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَأُتِيَ بِمَاءٍ فِي إِنَاءٍ قَدْرَ ثُلُثَيْ الْمُدِّ قَالَ شُعْبَةُ فَأَحْفَظُ أَنَّهُ غَسَلَ ذِرَاعَيْهِ وَجَعَلَ يَدْلُكُهُمَا وَيَمْسَحُ أُذُنَيْهِ بَاطِنَهُمَا وَلَا أَحْفَظُ أَنَّهُ مَسَحَ ظَاهِرَهُمَا

हमका [मुहम्मद बिन बसियार] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [मुहम्मद] बताइस है फिर उ एक वाक्य बताइस है जेकर मतलब है, हमका [स्यूबाह] [हबीब] से बताइस है उ कहिस; हम ['अब्बाद बिन तमीम] का अपनी दादी से कहत सुने रहेन, अर्थात् [उम्मू उमरह बिन काअब], कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजू करै चाहत रहें, यहिसे उ लगभग दुइ तिहाई कीचड़ के बर्तन मा पानी लइ आए। शुबा कहिस; ' जवन हमका याद है ऊ ई है कि ऊ आपन बांह धोवत रहा अऊर ओनका एक साथ रगड़त रहा, फिर अपने कान के अंदर धोवत रहा अऊर मोका याद नाहीं है कि ऊ आपन कान के बाहर धोवत रहा।

Hadith

Imam Nasa'i : 74

أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبِ بْنِ عَرَبِيٍّ عَنْ حَمَّادٍ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ حَدَّثَنِي مَالِكٌ ح و أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَقَّاصٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا الْأَعْمَالُ بِالنِّيَّةِ وَإِنَّمَا لِامْرِئٍ مَا نَوَى فَمَنْ كَانَتْ هِجْرَتُهُ إِلَى اللَّهِ وَإِلَى رَسُولِهِ فَهِجْرَتُهُ إِلَى اللَّهِ وَإِلَى رَسُولِهِ وَمَنْ كَانَتْ هِجْرَتُهُ إِلَى دُنْيَا يُصِيبُهَا أَوْ امْرَأَةٍ يَنْكِحُهَا فَهِجْرَتُهُ إِلَى مَا هَاجَرَ إِلَيْهِ

हमका [यह्या बिन हबीब बिन अरबी] [हम्मद] से रिपोर्ट किहिन हैं अऊर [अल हरिथ बिन मिस्किन] ओनका पढ़िन हैं अऊर हम [इब्नू कासिम] से सुनेन हैं, हमका बताइन हैं [मलिक] हमका [सुलेमान बिन मंसूर] बताइन हैं, उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह बिन मुबारक] अऊर ओनसे, [यह्या बिन सैद] से [मुहम्मद बिन इब्राहिम] से [अल कोमह बिन वक्काश] से [उमर बिन खत्थब] रदलियाल्लाहु'अनहु से लफाझन्या का उपदेश दिहिस है, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'सब काम नियत पर निर्भर करत है, अऊर हर व्यक्ति के लिए इनाम नियत पर निर्भर करत है, जे अल्लाह अऊर उनके रसूल के खातिर प्रवास करै का इरादा रखत है, तब ओकर प्रवास अल्लाह अऊर उनके रसूल के लिए होई। "जे भी दुनिया के कारण प्रवास करै का इरादा रखत है जेकरे पास उ पहुँचै चाहत है या एक औरत के कारण जेसे उ शादी करै चाहत है, तौ ओकर प्रवासन केवल वही है जवन उ इरादा रखत है।"

Hadith

Imam Nasa'i : 75

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسٍ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحَانَتْ صَلَاةُ الْعَصْرِ فَالْتَمَسَ النَّاسُ الْوَضُوءَ فَلَمْ يَجِدُوهُ فَأُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِوَضُوءٍ فَوَضَعَ يَدَهُ فِي ذَلِكَ الْإِنَاءِ وَأَمَرَ النَّاسَ أَنْ يَتَوَضَّئُوا فَرَأَيْتُ الْمَاءَ يَنْبُعُ مِنْ تَحْتِ أَصَابِعِهِ حَتَّى تَوَضَّئُوا مِنْ عِنْدِ آخِرِهِمْ

हमका [कुतैबा] से [मलिक] से [इशाक बिन अब्दुल्ला बिन अबू तल्हा] से [अनास] से रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा - असर का समय आ गया था - और लोग वजू के लिए पानी ढूंढ रहे थे, लेकिन पानी नहीं मिला था। तब रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का वजू का पानी लाया गया, अऊर रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने बर्तन मा हाथ डाला। फिर उ लोगन का वजू करै का आदेश दिहिन। उंगली के नीचे से पानी बहत देखा, जेसे अंतिम व्यक्ति तक वजू करिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 76

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَكُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمْ يَجِدُوا مَاءً فَأُتِيَ بِتَوْرٍ فَأَدْخَلَ يَدَهُ فَلَقَدْ رَأَيْتُ الْمَاءَ يَتَفَجَّرُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ وَيَقُولُ حَيَّ عَلَى الطَّهُورِ وَالْبَرَكَةِ مِنْ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّقَالَ الْأَعْمَشُ فَحَدَّثَنِي سَالِمُ بْنُ أَبِي الْجَعْدِ قَالَ قُلْتُ لِجَابِرٍ كَمْ كُنْتُمْ يَوْمَئِذٍ قَالَ أَلْفٌ وَخَمْسُ مِائَةٍ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अब्दुर रज़ाक] रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; हमका [सुफयान] से [अल अमासी] से [इब्राहिम] से [अल कमाह] से [अब्दुल्ला] से उपदेश देय के बाद उ कहिन; 'हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे रहेन तौ ओनका पानी नाय मिला। फिर ओका एक छोट बर्तन लाया गा रहा। ऊ आपन हाथ बर्तन मा डारिस। वहिके बाद हम देखेन कि ओकरे उंगली के अंतराल से पानी टपकत रहा। फिर उ कहिन, 'चलो हम खुद का शुद्ध करित है अऊर अल्लाह अज्जा वा जल्ला से आशीर्वाद प्राप्त करित है'। अल अमासी ने कहा; फिर उ मोसे [सलीम बिन अबू जाअद] कहिन कि उ कहिन; हमने जाबिर से पूछा कि 'उस समय आप कितने लोग थे?' [जाबिर] जवाब दिहिस; 'पन्द्रह सौ मनई'।

Hadith

Imam Nasa'i : 77

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ عَنْ ثَابِتٍ وَقَتَادَةُ عَنْ أَنَسٍ قَالَطَلَبَ بَعْضُ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَضُوءًا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلْ مَعَ أَحَدٍ مِنْكُمْ مَاءٌ فَوَضَعَ يَدَهُ فِي الْمَاءِ وَيَقُولُ تَوَضَّئُوا بِسْمِ اللَّهِ فَرَأَيْتُ الْمَاءَ يَخْرُجُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ حَتَّى تَوَضَّئُوا مِنْ عِنْدِ آخِرِهِمْقَالَ ثَابِتٌ قُلْتُ لِأَنَسٍ كَمْ تُرَاهُمْ قَالَ نَحْوًا مِنْ سَبْعِينَ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अब्दुर रज़ाक] रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; हमसे [मामर] [तसाबित] से अऊर [कतदाह] से [अनस] से कहिन है, उ कहिन, 'नबी सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के कुछ साथी वजू का पानी खोजत रहें, तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन, 'का तुममें से केहू पानी लावत है? ' फिर हाथ बर्तन मा डारि के कहिन- 'बिसमिल्ला कहिके वजू करौ'। यहिके बाद हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के उंगली के फाँकन से पानी बहत देखेन जब तक कि उ सब अंतिम व्यक्ति तक वजू नाहीं लिहिन।' थाबित कहिन; 'मैंने अनस से पूछा, 'तुमने इनमें से कितने देखे? ' उ जवाब दिहिस; 'लगभग सत्तर मनई''।

Hadith

Imam Nasa'i : 78

أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ وَهْبٍ عَنْ مَالِكٍ وَيُونُسَ وَعَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ أَنَّ ابْنَ شِهَابٍ أَخْبَرَهُمْ عَنْ عَبَّادِ بْنِ زِيَادٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الْمُغِيرَةِ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُ يَقُولُسَكَبْتُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ تَوَضَّأَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ فَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ لَمْ يَذْكُرْ مَالِكٌ عُرْوَةَ بْنَ الْمُغِيرَةِ

हमका [सुलेमान बिन दाउद] अऊर [अल हरिथ बिन मिसकिन] द्वारा बतावा गा है अऊर हम ओनसे, [इब्नू वहाब] से [मलिक] अऊर [यूनुस] अऊर [अमर बिन अल हरिथ] से लफाझन्या सुनेन है कि [इब्न शिहाब] ओनका सूचित किहिन हैं, ['अब्बा बिन दाउद] से ज़ियारवा [उर्घी] से सूचित किहिन हैं कि उ अलघी से सूचित किहिन हैं। सुना [उनके पिता] कहिन; 'मैंने एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लिए पानी डाला जब उ तबुक के युद्ध के दौरान वजू किहिन। वहि समय ऊ आपन दुइ जूता पोंछिस।' अबू अब्दुर्रहमान कहिन; मलिक ने उर्वाह बिन अल मुघिराह का जिक्र नाहीं किहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 79

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَأَلَا أُخْبِرُكُمْ بِوُضُوءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَوَضَّأَ مَرَّةً مَرَّةً

हमका [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [यह्या] से [सुफयान] बताइस है, ऊ कहिस; हमका [जैद बिन असलम] ['अथा बिन यासर] से [इब्न अब्बास] से बताइस है, उ कहिन; 'का आप चाहत हय कि हम रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के वजू पद्धति के बारे मा बताई? उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार वजू किहिन - वजू के हर सदस्य के लिए एक बार -'।

Hadith

Imam Nasa'i : 80

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ قَالَ أَنْبَأَنَا الْأَوْزَاعِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي الْمُطَّلِبُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حَنْطَبٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَتَوَضَّأَ ثَلَاثًا ثَلَاثًا يُسْنَدُ ذَلِكَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह बिन अल मुबारक] रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हम [अल औजाई] से रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; मोका [अल मुथल्लिब बिन अब्दुल्ला बिन हंथब] बताइन हैं कि [अब्दुल्ला बिन उमर], तीन बार, तीन बार वजू लिहिन। उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर ई भरोसा किहिन।