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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 हदीस

हदीस

Imam Nasa'i : 41

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ قَالَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ سَلْمَانَ قَالَقَالَ لَهُ رَجُلٌ إِنَّ صَاحِبَكُمْ لَيُعَلِّمُكُمْ حَتَّى الْخِرَاءَةَ قَالَ أَجَلْ نَهَانَا أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ أَوْ نَسْتَنْجِيَ بِأَيْمَانِنَا أَوْ نَكْتَفِيَ بِأَقَلَّ مِنْ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ

हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के रिपोर्ट कइले बा [अबू मुअवियाह] कहले बाड़न; हमनी के [अल अमासी] [इब्राहिम] से [अब्दुररहमान बिन यजीद] से [सलमान] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े कि, 'केहु हमरा से पूछलस कि, 'का आपके दोस्त -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपके शौच के बारे में सिखवले बाड़े? 'हम जवाब दिहनी, 'हँ, उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमनी के शौच भा पेशाब करत घरी, भा दाहिना हाथ से शुद्ध करे भा खाली तीन से कम पत्थर से शुद्ध करे के समय किबला के सामना करे से मना कर दिहले.'

हदीस

Imam Nasa'i : 42

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ عَنْ زُهَيْرٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ قَالَ لَيْسَ أَبُو عُبَيْدَةَ ذَكَرَهُ وَلَكِنْ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ يَقُولُأَتَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْغَائِطَ وَأَمَرَنِي أَنْ آتِيَهُ بِثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ فَوَجَدْتُ حَجَرَيْنِ وَالْتَمَسْتُ الثَّالِثَ فَلَمْ أَجِدْهُ فَأَخَذْتُ رَوْثَةً فَأَتَيْتُ بِهِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخَذَ الْحَجَرَيْنِ وَأَلْقَى الرَّوْثَةَ وَقَالَ هَذِهِ رِكْسٌقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ الرِّكْسُ طَعَامُ الْجِنِّ

हमनी के [अहमद बिन सुलेमान] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [अबू नुअइम] के [जुहैर] से [अबू इशाक] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; अबू उबैदा के जिक्र ना भइल बलुक [उनकर पिता] से [अब्दुररहमान बिन अल असवद] के कहल गइल कि ऊ [अब्दुल्लाह] के कहत सुनले कि ‘रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौच करे गइलन, तब ऊ हमरा से तीन गो पत्थर ले आवे के कहले. बाकिर हमरा त खाली दू गो पत्थर मिलल, आ तिसरका खोजे के कोशिश कइनी बाकिर ना मिलल. फिर हम सूखल जानवर के गोबर लेके रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लगे ले गईनी। बस दू गो पत्थर लेके गोबर फेंक दिहले, फेर कहले, 'ई रिक्स -अशुद्ध-' ह। अबू अब्दुररहमान कहले कि; 'अर रिक्स जिन्न के खाना ह'।

हदीस

Imam Nasa'i : 43

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ قَيْسٍعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا اسْتَجْمَرْتَ فَأَوْتِرْ

हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [जरीर] के [मंसूर] से [हिलाल बिन यासाफ] से [सलाम बिन कैस] से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; 'अगर रउआ पत्थर से अपना के शुद्ध करीं त विषम संख्या में पत्थर के इस्तेमाल करीं'।

हदीस

Imam Nasa'i : 44

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ مُسْلِمِ بْنِ قُرْطٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا ذَهَبَ أَحَدُكُمْ إِلَى الْغَائِطِ فَلْيَذْهَبْ مَعَهُ بِثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ فَلْيَسْتَطِبْ بِهَا فَإِنَّهَا تَجْزِي عَنْهُ

हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [अब्दुल अजीज बिन अबू हाजिम] से [अपना पिता] से [मुस्लिम बिन कुरथ] से [उर्वाह] से [ऐसिया] से बतवले बाड़े कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'जब रउआ में से केहु शौचालय में जाई त तीन पत्थर लेके ओकरा संगे शुद्ध करीं।' इहे काफी बा'।

हदीस

Imam Nasa'i : 45

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا النَّضْرُ قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ أَحْمِلُ أَنَا وَغُلَامٌ مَعِي نَحْوِي إِدَاوَةً مِنْ مَاءٍ فَيَسْتَنْجِي بِالْمَاءِ

हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के रिपोर्ट कइले बा [अन-नाडलर] कहले बाड़न; [अथा’ बिन अबू मैमुनाह] से हमनी के [स्यूबाह] के उपदेश देले बाड़े उ कहले; 'हम [अनास बिन मलिक] से सुनले बानी कि उ कहले; 'जब रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौचालय में घुसले त हम अवुरी हमरा उमिर के एगो बच्चा लोटा पानी लेके आईल रहनी अवुरी उ पानी के संगे शौचालय के प्रदर्शन कईले'।

हदीस

Imam Nasa'i : 46

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ مُعَاذَةَ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا قَالَتْمُرْنَ أَزْوَاجَكُنَّ أَنْ يَسْتَطِيبُوا بِالْمَاءِ فَإِنِّي أَسْتَحْيِيهِمْ مِنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَفْعَلُهُ

हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [अबू अवानाह] के [कतादह] से [मुअदजाह] से [आइशा] से बतवले बाड़े, उ कहले बाड़े कि, 'अपना पति के पानी से शुद्ध करे के आदेश दीं, काहेंकी हमरा उनुका के बतावे में शर्म आवेला कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अयीसन कईले रहले।'

हदीस

Imam Nasa'i : 47

أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا هِشَامٌ عَنْ يَحْيَى عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِي قَتَادَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا شَرِبَ أَحَدُكُمْ فَلَا يَتَنَفَّسْ فِي إِنَائِهِ وَإِذَا أَتَى الْخَلَاءَ فَلَا يَمَسَّ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ وَلَا يَتَمَسَّحْ بِيَمِينِهِ

हमनी के [इस्माइल बिन मसूद] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [खालिद] कहले बाड़े; हमनी के [हिस्याम] के [याह्या] से [अब्दुल्लाह बिन अबू कतादाह] से [अबू कोतादाह] से रिपोर्ट कइले बा कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न कि जब रउरा सभे में से केहू पानी पीयत बा त पानी के बर्तन में साँस मत लीं। जब शौचालय जाइब त दाहिना हाथ से जननांग के ना छूईं, आ दाहिना हाथ से ना पोंछीं।'

हदीस

Imam Nasa'i : 48

أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ يِحْيَى بْنِ أَبِى كَثِيرٍ عَنْ ابْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى أَنْ يَتَنَفَّسَ فِي الْإِنَاءِ وَأَنْ يَمَسَّ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ وَأَنْ يَسْتَطِيبَ بِيَمِينِهِ

हमनी के [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अब्दुररहमान] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [अब्दुल वहाब] से [अय्यूब] से [यह्या बिन अबू कथिर] से [इब्न अबू कतदाह] से [अपना पिता] से बतवले बाड़े कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम - एगो व्यक्ति के - पीये के पानी में साँस लेवे, दाहिना हाथ से जननांग के छूवे, अवुरी अपना दाहिना हाथ से खुद के शुद्ध करे से मना कईले बाड़े।

हदीस

Imam Nasa'i : 49

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ وَشُعَيْبُ بْنُ يُوسُفَ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَهْدِيٍّ عَنْ سُفَيَانَ عَنْ مَنْصُورٍ وَالْأَعْمَشُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ سَلْمَانَ قَالَقَالَ الْمُشْرِكُونَ إِنَّا لَنَرَى صَاحِبَكُمْ يُعَلِّمُكُمْ الْخِرَاءَةَ قَالَ أَجَلْ نَهَانَا أَنْ يَسْتَنْجِيَ أَحَدُنَا بِيَمِينِهِ وَيَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ وَقَالَ لَا يَسْتَنْجِي أَحَدُكُمْ بِدُونِ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ

[अमर बिन अली] आ [स्यूअइब बिन यूसुफ] हमनी के [अब्दुररहमान बिन महदी] से [सुफयान] से [मंसूर] से आ [अल अ'माश] से [इब्राहिम] से [अब्दुररहमान बिन यजीद] से [सलमान] से रिपोर्ट कइले बाड़न उ कहले बाड़न; 'मशरिक लोग कहल कि; 'हम जानत बानी कि राउर साथी - अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम - तोहरा के सिखवले बाड़न कि कइसे अपना के राहत मिलेला!' हम जवाब देनी कि हँ, उ हमनी के दाहिना हाथ से अवुरी किबला के ओर मुँह क के अपना के शुद्ध करे से मना कईले रहले। आ ऊ एक बेर कहले रहले कि तीन गो पत्थर से कम से अपना के शुद्ध मत करीं.

हदीस

Imam Nasa'i : 50

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ الْمُخَرِّمِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ شَرِيكٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ جَرِيرٍ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَلَمَّا اسْتَنْجَى دَلَكَ يَدَهُ بِالْأَرْضِ

हमनी के [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन अल मुबारक अल मुखररीमी] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के [वाकी’] से [शरीक] से [इब्राहिम बिन जरीर] से [अबू ज़ुराह] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़े, उ कहले बाड़े कि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर वज़ूद कईले रहले, शौच से धोवे के बाद उ धरती से हाथ रगड़ले रहले'।

हदीस

Imam Nasa'i : 51

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ الصَّبَّاحِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبٌ يَعْنِي ابْنَ حَرْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبَانُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْبَجَلِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ جَرِيرٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَكُنْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَى الْخَلَاءَ فَقَضَى الْحَاجَةَ ثُمَّ قَالَ يَا جَرِيرُ هَاتِ طَهُورًا فَأَتَيْتُهُ بِالْمَاءِ فَاسْتَنْجَى بِالْمَاءِ وَقَالَ بِيَدِهِ فَدَلَكَ بِهَا الْأَرْضَقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ هَذَا أَشْبَهُ بِالصَّوَابِ مِنْ حَدِيثِ شَرِيكٍ وَاللَّهُ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَى أَعْلَمُ

हमनी के [अहमद बिन अस-शबाह] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [स्यूअइब अर्थात इब्न हरब] कहले बाड़े; हमनी के बतवले बाड़े [अब्बन बिन अब्दुल्ला अल बजाली] कहले बाड़े; हमनी के [इब्राहिम बिन जरीर] [अपना पिता] से बतवले बाड़े उ कहले कि; 'हम एक बेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संगे रहनी, ओकरा बाद उ शौचालय में शौच करे गईले, फेर उ हमरा के आवाज़ देले, 'हे जरीर, इहाँ कुछ अयीसन ले आईं, जवना के इस्तेमाल शुद्ध करे खाती कईल जा सके'। हम तुरते पानी ले अइनी त ऊ ओह से धोआ लिहले. एकरा बाद उ धरती से हाथ रगड़ले'। अबू अब्दुररहमान कहले कि; 'एह हदीस के सच्चाई शरीक वल्लाहु सुभानाहु व तआला अ'लाम के हदीस से मिलत जुलत बा'।

हदीस

Imam Nasa'i : 52

أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ وَالْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ عَنْ أَبِي أُسَامَةَ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ كَثِيرٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جَعْفَرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ أَبِيهِ قَالَسُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْمَاءِ وَمَا يَنُوبُهُ مِنْ الدَّوَابِّ وَالسِّبَاعِ فَقَالَ إِذَا كَانَ الْمَاءُ قُلَّتَيْنِ لَمْ يَحْمِلْ الْخَبَثَ

हमनी के [हन्नाद बिन अस-सरीय] आ [हुसैन बिन हुरैत] के [अबू उसामाह] से [अल वलीद बिन कत्सिर] से [मुहम्मद बिन जा'फर] से [अब्दुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उमर] से [उनकर पिता] से कहल गईल बा; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ओह पानी आ -पानी के बारे में पूछल गइल जवन पशुधन आ जंगली जानवर बार-बार पीयेलें? उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब जवाब देले कि, 'अगर पानी दु कुला से जादा बा त ओकरा में अशुद्धि ना होखेला'।

हदीस

Imam Nasa'i : 53

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍأَنَّ أَعْرَابِيًّا بَالَ فِي الْمَسْجِدِ فَقَامَ عَلَيْهِ بَعْضُ الْقَوْمِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعُوهُ لَا تُزْرِمُوهُ فَلَمَّا فَرَغَ دَعَا بِدَلْوٍ فَصَبَّهُ عَلَيْهِقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ يَعْنِي لَا تَقْطَعُوا عَلَيْهِ

हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [हम्मद] से [थाबीत] से [अनस बिन मलिक] से बतवले बाड़े, मस्जिद में एगो बेदुइन पेशाब करत रहले। कुछ लोग ओकरा के रोके खातिर उठल। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तुरंत ओकरा के रोक के कहले कि ओकरा के होखे दीं, ओकरा से हार मत मानीं’। शौच खतम भइला के बाद रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक लोटा पानी मंगले आ ओकरा पर डाल दिहले. अबू अब्दुररहमान कहले कि; 'मतलब ओकरा के मत रोकीं'।

हदीस

Imam Nasa'i : 54

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَبَالَ أَعْرَابِيُّ فِي الْمَسْجِدِ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِدَلْوٍ مِنْ مَاءٍ فَصُبَّ عَلَيْهِ

हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [उबैदा] [याह्या बिन सईद] से [अनास बिन मलिक] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; 'एक बेदुईन मस्जिद में पेशाब कईलस, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओकरा के एगो बाल्टी पानी लेके ओकरा प छिड़के के आदेश देले'।

हदीस

Imam Nasa'i : 55

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا يَقُولُجَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى الْمَسْجِدِ فَبَالَ فَصَاحَ بِهِ النَّاسُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اتْرُكُوهُ فَتَرَكُوهُ حَتَّى بَالَ ثُمَّ أَمَرَ بِدَلْوٍ فَصُبَّ عَلَيْهِ

हमनी के [सुवैद बिन नसर] के जानकारी देके उ कहले कि; [याह्या बिन सईद] से हमनी के [अब्दुल्लाह] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हम [अनास] के कहत सुनले बानी; 'एक बेदूईन मस्जिद में आके पेशाब कइलस, त लोग चिल्लात रहे।' खाली नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ही कहले रहले कि होखे दीं। उनुका के आपन मिशन पूरा करे खातिर छोड़ दिहल गइल. तब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एगो बाल्टी पानी ले आवे के आदेश दिहले जवना के बाद उ ओकरा प डाल देले।

हदीस

Imam Nasa'i : 56

أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْوَاحِدِ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْوَلِيدِ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَامَ أَعْرَابِيٌّ فَبَالَ فِي الْمَسْجِدِ فَتَنَاوَلَهُ النَّاسُ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعُوهُ وَأَهْرِيقُوا عَلَى بَوْلِهِ دَلْوًا مِنْ مَاءٍ فَإِنَّمَا بُعِثْتُمْ مُيَسِّرِينَ وَلَمْ تُبْعَثُوا مُعَسِّرِينَ

हमनी के [अब्दुररहमान बिन इब्राहिम] से [उमर बिन अब्दुल वाहिद] से [अल औजाई] से [मुहम्मद बिन अल वलीद] से [अज-जुहरी] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह] से [अबू हुरैरा] से, उ कहले कि, 'एक बेदुइन आके मस्जिद में पेशाब कईले एहसे लोग उनुका के डांटले।' एकरा बाद अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओह लोग से कहलन कि ओकरा के छोड़ दीं. उनकर पेशाब पर लोटा पानी डाल दीं। तोहरा के काम आसान बनावे खातिर भेजल गइल बा, काम के कठिन बनावे खातिर ना।'

हदीस

Imam Nasa'i : 57

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ قَالَ حَدَّثَنَا عَوْفٌ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَبُولَنَّ أَحَدُكُمْ فِي الْمَاءِ الدَّائِمِ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ مِنْهُقَالَ عَوْفٌ وَقَالَ خِلَاسٌ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَهُ

हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [ईसा बिन यूनुस] कहले बाड़े; हमनी के [अउफ] [मुहम्मद] से [अबू हुरैरा] से अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े, उ कहले बाड़े; 'कबो ठहरल पानी में पेशाब मत करीं, फिर ओह पानी से वज़ूद करीं'। 'औफ आ [खिलास] कहले; अबू हुरैरा से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से जइसे कि पिछला हदीस में बा।

हदीस

Imam Nasa'i : 58

أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ يَحْيَى بْنِ عَتِيقٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يَبُولَنَّ أَحَدُكُمْ فِي الْمَاءِ الدَّائِمِ ثُمَّ يَغْتَسِلُ مِنْهُقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ كَانَ يَعْقُوبُ لَا يُحَدِّثُ بِهَذَا الْحَدِيثِ إِلَّا بِدِينَارٍ

हमनी के [या'कुब बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के बतवले बा [इस्माइल] कहले बा; [याह्या बिन आतिक] से [मुहम्मद बिन सिरिन] से [अबू हुरैरा] से उ कहले; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि ठहरल पानी में पेशाब मत करीं, फिर ओह पानी से नहा लीं'। अबू अब्दुररहमान कहले कि; 'या'कुब एक दिनार के छोड़ के इ हदीस ना पहुंचवले'।

हदीस

Imam Nasa'i : 59

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ سَلَمَةَ أَنَّ الْمُغِيرَةَ بْنَ أَبِي بُرْدَةَ مِنْ بَنِي عَبْدِ الدَّارِ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُسَأَلَ رَجُلٌ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا نَرْكَبُ الْبَحْرَ وَنَحْمِلُ مَعَنَا الْقَلِيلَ مِنْ الْمَاءِ فَإِنْ تَوَضَّأْنَا بِهِ عَطِشْنَا أَفَنَتَوَضَّأُ مِنْ مَاءِ الْبَحْرِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هُوَ الطَّهُورُ مَاؤُهُ الْحِلُّ مَيْتَتُهُ

हमनी के [कुतैबा] के [मलिक] से [शफवान बिन सुलैम] से [सैद बिन सलामा] से बतावल गईल बा कि बानी अबू दार से [अल मुगीरा बिन अबू बुरदाह] उनुका के सूचित कईले बाड़े कि उ [अबू हुरैरा] के कहत सुनले बाड़े; 'केहू रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछलस, 'हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, हमनी के जहाज प समुद्र के यात्रा कईनी अवुरी हमनी के सिर्फ तनी मीठा पानी लेके आईल रहनी।' अगर हमनी के एही पानी से वज़ूद करीं जा त हमनी के प्यास लागल बा, का हमनी के समुद्र के पानी से वज़ूद क सकेनी जा? नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'समुद्र पानी में शुद्ध बा, लाश में हलाल बा'।

हदीस

Imam Nasa'i : 60

أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ عُمَارَةَ بْنِ الْقَعْقَاعِ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا اسْتَفْتَحَ الصَّلَاةَ سَكَتَ هُنَيْهَةً فَقُلْتُ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا تَقُولُ فِي سُكُوتِكَ بَيْنَ التَّكْبِيرِ وَالْقِرَاءَةِ قَالَ أَقُولُ اللَّهُمَّ بَاعِدْ بَيْنِي وَبَيْنَ خَطَايَايَ كَمَا بَاعَدْتَ بَيْنَ الْمَشْرِقِ وَالْمَغْرِبِ اللَّهُمَّ نَقِّنِي مِنْ خَطَايَايَ كَمَا يُنَقَّى الثَّوْبُ الْأَبْيَضُ مِنْ الدَّنَسِ اللَّهُمَّ اغْسِلْنِي مِنْ خَطَايَايَ بِالثَّلْجِ وَالْمَاءِ وَالْبَرَدِ

हमनी के [अली बिन हुजर] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [जरीर] [उमर बिन अल क'का] से [अबू ज़ुराह बिन अम्र बिन जरीर] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़े उ कहले; 'जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नमाज पढ़े लगले त कुछ देर चुप रहले। हम तब पूछनी कि जमानत के रूप में हमार बाबूजी आ माई हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जब तकबीर आ -अल-फातिहा- पढ़े के बीच चुप होखब त का कहब? 'उ शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दिहले, 'हम पढ़ले बानी, 'हे अल्लाह, हमरा अवुरी हमरा गलती के बीच दूरी बनाईं, जईसे कि आप पूरब अवुरी पश्चिम के बीच दूरी बनवले बानी।' हे अल्लाह, हमरा से हमार गलती साफ -शुद्ध- करऽ जइसे तू गंदगी से सफेद कपड़ा के साफ -शुद्ध- करऽ। हे अल्लाह, हमरा गलती से बर्फ, पानी आ ओस से धो -सफाई- करऽ'।