Imam Nasa'i : 41
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ قَالَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ سَلْمَانَ قَالَقَالَ لَهُ رَجُلٌ إِنَّ صَاحِبَكُمْ لَيُعَلِّمُكُمْ حَتَّى الْخِرَاءَةَ قَالَ أَجَلْ نَهَانَا أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ أَوْ نَسْتَنْجِيَ بِأَيْمَانِنَا أَوْ نَكْتَفِيَ بِأَقَلَّ مِنْ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ
हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका रिपोर्ट किहिन है [अबू मुआविया] कहिन; हमका [अल अमासी] से [इब्राहिम] से [अब्दुर्रहमान बिन यजीद] से [सलमान] से कहिन है, 'केहू ने मुझसे पूछा, 'का तोहार दोस्त -रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तोहका शौच के बारे मा सिखाइस? 'मैंने जवाब दिया, 'हाँ, उ शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमका शौच या पेशाब करत समय, या अपने दाहिने हाथ से खुद का शुद्ध करत समय या केवल तीन पत्थर से कम से खुद का शुद्ध करत समय किबला का सामना करै से मना किहिन।'
Imam Nasa'i : 42
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ عَنْ زُهَيْرٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ قَالَ لَيْسَ أَبُو عُبَيْدَةَ ذَكَرَهُ وَلَكِنْ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ يَقُولُأَتَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْغَائِطَ وَأَمَرَنِي أَنْ آتِيَهُ بِثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ فَوَجَدْتُ حَجَرَيْنِ وَالْتَمَسْتُ الثَّالِثَ فَلَمْ أَجِدْهُ فَأَخَذْتُ رَوْثَةً فَأَتَيْتُ بِهِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخَذَ الْحَجَرَيْنِ وَأَلْقَى الرَّوْثَةَ وَقَالَ هَذِهِ رِكْسٌقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ الرِّكْسُ طَعَامُ الْجِنِّ
हमका [अहमद बिन सुलेमान] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अबू नूआइम] [जुहैर] से [अबू इशाक] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; अबू उबैदा का जिक्र नाहीं रहा बल्कि [अपने पिता] से [अब्दुर्रहमान बिन अल असवाद] का जिक्र कीन गा रहा कि उ [अब्दुल्लाह] का कहत सुने रहे, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौच करै गए, फिर उ मोसे तीन पत्थर लावै का कहिन। लकिन दुई पत्थर ही मिला, अउर तीसरा पत्थर ढूढ़ै कै कोशिश करेन, लकिन नाय मिला। फिर हम सूखे जानवरन के मल लिहेन अऊर हम ओका रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास लइ गयेन। ऊ बस दुइ पत्थर लइके मल फेंक दिहिस, फिर कहिस, 'ई रिक्स -अशुद्ध-' है। अबू अब्दुर्रहमान कहिन; 'अरिक्स जिन्नन का भोजन होत है'
Imam Nasa'i : 43
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ قَيْسٍعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا اسْتَجْمَرْتَ فَأَوْتِرْ
हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [जरीर] से [मंसूर] से [हिलाल बिन यासफ] से [सलामा बिन कैस] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिपोर्ट किहिन है उ कहिन; 'अगर आप पत्थरन से खुद का शुद्ध करत हय, तौ विषम संख्या मा पत्थरन का उपयोग करा'।
Imam Nasa'i : 44
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ مُسْلِمِ بْنِ قُرْطٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا ذَهَبَ أَحَدُكُمْ إِلَى الْغَائِطِ فَلْيَذْهَبْ مَعَهُ بِثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ فَلْيَسْتَطِبْ بِهَا فَإِنَّهَا تَجْزِي عَنْهُ
हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [अब्दुल अजीज बिन अबू हाजिम] से [अपने पिता] से [मुस्लिम बिन कुरात] से [उर्वाह] से [ऐस्याह] से कहिन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है, 'जब तुममें से कोई शौचालय जात है, तो तीन पत्थर ले जाओ अऊर ओनसे ओनका शुद्ध करौ। यही काफी है'।
Imam Nasa'i : 45
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا النَّضْرُ قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ أَحْمِلُ أَنَا وَغُلَامٌ مَعِي نَحْوِي إِدَاوَةً مِنْ مَاءٍ فَيَسْتَنْجِي بِالْمَاءِ
हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका रिपोर्ट किहिन है [अन-नाडलर] कहिन; हमका [स्यूबाह] से [अथा' बिन अबू मैमुना] से उपदेश दिहिस है, उ कहिन; 'मैंने [अनास बिन मलिक] से सुना कि उ कहिन; 'जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शौचालय गए, तौ हम अऊर हमार उमर के एक बच्चा एक बाल्टी पानी लइके आए अऊर उ पानी से शौचालय करिस'।
Imam Nasa'i : 46
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ مُعَاذَةَ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا قَالَتْمُرْنَ أَزْوَاجَكُنَّ أَنْ يَسْتَطِيبُوا بِالْمَاءِ فَإِنِّي أَسْتَحْيِيهِمْ مِنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَفْعَلُهُ
हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [अबू 'अवाना] से [कतदाह] से [मुआदजा] से [ऐस्याह] से कहिन हैं, उ कहिन: 'अपने पतियन का पानी से शुद्ध करै का आदेश दइ द्या, काहे से कि हमका ओनका बतावै मा शर्म आवत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अइसन किहिन'।
Imam Nasa'i : 47
أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا هِشَامٌ عَنْ يَحْيَى عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِي قَتَادَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا شَرِبَ أَحَدُكُمْ فَلَا يَتَنَفَّسْ فِي إِنَائِهِ وَإِذَا أَتَى الْخَلَاءَ فَلَا يَمَسَّ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ وَلَا يَتَمَسَّحْ بِيَمِينِهِ
हमका [इस्माइल बिन मसूद] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे कहिस है [खालिद] कहिन; हमका [हिस्याम] से [यह्या] से [अब्दुल्ला बिन अबू कतादाह] से [अबू कोतदाह] से रिपोर्ट किहिन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन, 'जब तुममें से कोई पीये, तौ पानी के बर्तन मा साँस न ले। शौचालय जाये तौ अपने दाहिने हाथ से जननांगन का न छूवा, अउर दाहिने हाथ से न पोंछौ।'
Imam Nasa'i : 48
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ يِحْيَى بْنِ أَبِى كَثِيرٍ عَنْ ابْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى أَنْ يَتَنَفَّسَ فِي الْإِنَاءِ وَأَنْ يَمَسَّ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ وَأَنْ يَسْتَطِيبَ بِيَمِينِهِ
हमका [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल वहाब] से [अय्यूब] से [यह्या बिन अबू कथिर] से [इब्न अबू कतादाह] से [अपने पिता] से कहिन है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने -कउनो- का पीये के पानी मा साँस लेय, अपने दाहिने हाथ से जननांगन का छूवै अऊर अपने दाहिने हाथ से खुद का शुद्ध करै से मना किहिन।
Imam Nasa'i : 49
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ وَشُعَيْبُ بْنُ يُوسُفَ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَهْدِيٍّ عَنْ سُفَيَانَ عَنْ مَنْصُورٍ وَالْأَعْمَشُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ سَلْمَانَ قَالَقَالَ الْمُشْرِكُونَ إِنَّا لَنَرَى صَاحِبَكُمْ يُعَلِّمُكُمْ الْخِرَاءَةَ قَالَ أَجَلْ نَهَانَا أَنْ يَسْتَنْجِيَ أَحَدُنَا بِيَمِينِهِ وَيَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ وَقَالَ لَا يَسْتَنْجِي أَحَدُكُمْ بِدُونِ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ
हमका [अमर बिन अली] अऊर [स्युअैब बिन यूसुफ] से [अब्दुर्रहमान बिन महदी] से [सुफयान] से [मंसूर] अऊर [अल अमासी] से [इब्राहिम] से [अब्दुर्रहमान बिन यजीद] से [सलमान] से रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; 'मुशरक कहत हैं; 'हम जानित है कि तोहरे दोस्त -रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- तोहका शौच करै का तरीका सिखाइन! 'मैंने जवाब दिया, हाँ, उ हमका अपने दाहिने हाथ से खुद का शुद्ध करै अऊर किबला का सामना करै से मना किहिन। अऊर उ एक बार कहिन, 'तीन पत्थर से कम से खुद का शुद्ध न करौ'।
Imam Nasa'i : 50
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ الْمُخَرِّمِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ شَرِيكٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ جَرِيرٍ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَلَمَّا اسْتَنْجَى دَلَكَ يَدَهُ بِالْأَرْضِ
हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला बिन अल मुबारक अल मुखर्रिमी] सूचित करत हुए उ कहिन; हमका [वाकी'] [शरीक] से [इब्राहिम बिन जरीर] से [अबू ज़ुरअह] से [अबू हुरैरा] से कहिन है: 'रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार वजू किहिन, शौच से खुद का धोवै के बाद उ आपन हाथ धरती से रगड़िन'।
Imam Nasa'i : 51
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ الصَّبَّاحِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبٌ يَعْنِي ابْنَ حَرْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبَانُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْبَجَلِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ جَرِيرٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَكُنْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَى الْخَلَاءَ فَقَضَى الْحَاجَةَ ثُمَّ قَالَ يَا جَرِيرُ هَاتِ طَهُورًا فَأَتَيْتُهُ بِالْمَاءِ فَاسْتَنْجَى بِالْمَاءِ وَقَالَ بِيَدِهِ فَدَلَكَ بِهَا الْأَرْضَقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ هَذَا أَشْبَهُ بِالصَّوَابِ مِنْ حَدِيثِ شَرِيكٍ وَاللَّهُ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَى أَعْلَمُ
हमका [अहमद बिन अस-शबाह] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिस है [स्युएब अर्थात् इब्न हरब] कहिन; हमसे कहिन है [अब्बान बिन अब्दुल्लाह अल बजाली] कहिन; हमका [इब्राहिम बिन जरीर] [अपने पिता] से बताइस है, उ कहिन; 'मैं एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ रहा, फिर उ शौचालय मा शौच करै गए, फिर उ मोका पुकारिन, 'हे जरीर, इहाँ कुछ अइसन लइ आवा जेसे शुद्धिकरण कीन जा सके'। मैं तुरतै पानी लइ आयेंव तौ वहिमा पानी धोइस हवै। यहिके बाद उ आपन हाथ धरती से रगड़िन'। अबू अब्दुर्रहमान कहिन; 'इस हदीस का सच्चाई शरीक वल्लाहु सुभानहु वा तआला आ'लम के हदीस से मिलता जुलता है'।
Imam Nasa'i : 52
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ وَالْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ عَنْ أَبِي أُسَامَةَ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ كَثِيرٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جَعْفَرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ أَبِيهِ قَالَسُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْمَاءِ وَمَا يَنُوبُهُ مِنْ الدَّوَابِّ وَالسِّبَاعِ فَقَالَ إِذَا كَانَ الْمَاءُ قُلَّتَيْنِ لَمْ يَحْمِلْ الْخَبَثَ
हमका [हन्नाद बिन अस-सरिया] अऊर [हुसैन बिन हुरैत्स] से [अबू उसामा] से [अल वालिद बिन कतसीर] से [मुहम्मद बिन जाफर] से [अब्दुल्ला बिन अब्दुल्ला बिन उमर] से [उनके पिता] से रिपोर्ट कीन गा है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एक बार पानी अऊर -पानी- के बारे मा पूछा गा रहा कि पशुधन अऊर जंगली जानवर बार-बार पियत हैं? उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब जवाब दिहिन, 'अगर पानी दुइ क़ुलाह से अधिक है तौ वहिमा अशुद्धि नाहीं है'।
Imam Nasa'i : 53
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍأَنَّ أَعْرَابِيًّا بَالَ فِي الْمَسْجِدِ فَقَامَ عَلَيْهِ بَعْضُ الْقَوْمِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعُوهُ لَا تُزْرِمُوهُ فَلَمَّا فَرَغَ دَعَا بِدَلْوٍ فَصَبَّهُ عَلَيْهِقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ يَعْنِي لَا تَقْطَعُوا عَلَيْهِ
हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमका [हम्मद] [थाबित] से [अनास बिन मलिक] से बताइस है, मस्जिद मा एक बेडौइन पेशाब करत रहा। कुछ लोग ओका रोकै के लिए उठिन। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तुरंत उन्हें रोक दिया और कहा कि 'उनका रहने दो, उनसे हार मत छोड़ो'। शौच खतम होय के बाद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक लोटा पानी माँगिन अऊर ओनके ऊपर डारिन। अबू अब्दुर्रहमान कहिन; 'यकर मतलब है कि ओका मत रोका जाय'।
Imam Nasa'i : 54
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَبَالَ أَعْرَابِيُّ فِي الْمَسْجِدِ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِدَلْوٍ مِنْ مَاءٍ فَصُبَّ عَلَيْهِ
हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमका [उबैदा] [यह्या बिन सईद] से [अनस बिन मलिक] से बताइस है, उ कहिन; 'मस्जिद मा एक बेडौइन पेशाब किहिस, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओका आदेश दिहिन कि एक बाल्टी पानी लइके ओकरे ऊपर छिड़कौ'।
Imam Nasa'i : 55
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا يَقُولُجَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى الْمَسْجِدِ فَبَالَ فَصَاحَ بِهِ النَّاسُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اتْرُكُوهُ فَتَرَكُوهُ حَتَّى بَالَ ثُمَّ أَمَرَ بِدَلْوٍ فَصُبَّ عَلَيْهِ
हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [यह्या बिन सैद] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हम [अनास] का कहत सुनेन; 'एक बेडौइन मस्जिद मा आवा अउर पेशाब किहिस, तौ लोग चिल्लाय दिहिन। केवल रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि 'हो जाय'। उ आपन मिशन पूरा करै के लिए छोड़ दीन गा रहा। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक बाल्टी पानी लावै का आदेश दिहिन जेका उ फिर ओपे डालिन।
Imam Nasa'i : 56
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْوَاحِدِ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْوَلِيدِ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَامَ أَعْرَابِيٌّ فَبَالَ فِي الْمَسْجِدِ فَتَنَاوَلَهُ النَّاسُ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعُوهُ وَأَهْرِيقُوا عَلَى بَوْلِهِ دَلْوًا مِنْ مَاءٍ فَإِنَّمَا بُعِثْتُمْ مُيَسِّرِينَ وَلَمْ تُبْعَثُوا مُعَسِّرِينَ
हमका [अब्दुर्रहमान बिन इब्राहिम] [उमर बिन अब्दुल वाहिद] से [अल औजाई] से [मुहम्मद बिन अल वालिद] से [अज-जुहरी] से [उबैदिल्लाह बिन अब्दुल्ला] से [अबू हुरैरा] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; 'एक बेडौइन आवा अऊर मस्जिद मा पेशाब किहिस तौ लोग ओका डांटिन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा: 'इका छोड़ौ। ओकरे पेशाब पर एक बाल्टी पानी डारि द्या। आपका काम आसान बनावै के लिए भेजा गा रहा, काम कठिन बनावै के लिए नाहीं'।
Imam Nasa'i : 57
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ قَالَ حَدَّثَنَا عَوْفٌ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَبُولَنَّ أَحَدُكُمْ فِي الْمَاءِ الدَّائِمِ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ مِنْهُقَالَ عَوْفٌ وَقَالَ خِلَاسٌ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَهُ
हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे कहिन है [ईसा बिन यूनुस] कहिन; हमका ['औफ] [मुहम्मद] से [अबू हुरैरा] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बताइस है, उ कहिन; 'कबहूँ ठहरे पानी मा पेशाब न करौ, फिर वहि पानी से वजू करौ'। 'औफ अऊर [खिलास] कहिन; अबू हुरैरा से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से जइसे कि पिछली हदीस मा है।
Imam Nasa'i : 58
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ يَحْيَى بْنِ عَتِيقٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يَبُولَنَّ أَحَدُكُمْ فِي الْمَاءِ الدَّائِمِ ثُمَّ يَغْتَسِلُ مِنْهُقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ كَانَ يَعْقُوبُ لَا يُحَدِّثُ بِهَذَا الْحَدِيثِ إِلَّا بِدِينَارٍ
हमका [याकूब बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे कहिन है [इस्माइल] कहिन; [यह्या बिन अतीक] से [मुहम्मद बिन सिरिन] से [अबू हुरैरा] से उ कहिन; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि 'स्थिर पानी में पेशाब न करें, फिर उस पानी से नहाएँ'। अबू अब्दुर्रहमान कहिन; 'याकूब एक दीनार के अलावा ई हदीस नाहीं पहुँचाइन'।
Imam Nasa'i : 59
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ سَلَمَةَ أَنَّ الْمُغِيرَةَ بْنَ أَبِي بُرْدَةَ مِنْ بَنِي عَبْدِ الدَّارِ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُسَأَلَ رَجُلٌ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا نَرْكَبُ الْبَحْرَ وَنَحْمِلُ مَعَنَا الْقَلِيلَ مِنْ الْمَاءِ فَإِنْ تَوَضَّأْنَا بِهِ عَطِشْنَا أَفَنَتَوَضَّأُ مِنْ مَاءِ الْبَحْرِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هُوَ الطَّهُورُ مَاؤُهُ الْحِلُّ مَيْتَتُهُ
हमका [कुतैबा] से [मलिक] से [शफवान बिन सुलेम] से [सैद बिन सलामा] से ई सूचना मिली है कि बानू अबू डार से [अल मुघिराह बिन अबू बुर्दाह] ने ओनका सूचित किहिन है कि उ [अबू हुरैराह] का कहत सुने हैं; 'कउनो ने रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा, 'हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, हम जहाज पर समुद्र का रवाना हुए अऊर हम केवल थोड़ा सा ताजा पानी लाए। यदि हम इस पानी से वजू करें तो हम प्यासे हैं, क्या हम समुन्दर के पानी से वजू कर सकत हैं? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि समुन्दर पानी में शुद्ध है, लाश में हलाल है।
Imam Nasa'i : 60
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ عُمَارَةَ بْنِ الْقَعْقَاعِ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا اسْتَفْتَحَ الصَّلَاةَ سَكَتَ هُنَيْهَةً فَقُلْتُ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا تَقُولُ فِي سُكُوتِكَ بَيْنَ التَّكْبِيرِ وَالْقِرَاءَةِ قَالَ أَقُولُ اللَّهُمَّ بَاعِدْ بَيْنِي وَبَيْنَ خَطَايَايَ كَمَا بَاعَدْتَ بَيْنَ الْمَشْرِقِ وَالْمَغْرِبِ اللَّهُمَّ نَقِّنِي مِنْ خَطَايَايَ كَمَا يُنَقَّى الثَّوْبُ الْأَبْيَضُ مِنْ الدَّنَسِ اللَّهُمَّ اغْسِلْنِي مِنْ خَطَايَايَ بِالثَّلْجِ وَالْمَاءِ وَالْبَرَدِ
हमका [अली बिन हुजर] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [जरीर] [उमारा बिन अल काका] से [अबू ज़ुरअह बिन अमर बिन जरीर] से [अबू हुरैरा] से कहिन है; 'जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नमाज पढ़ै लागे तौ कुछ देर चुप रहे। तब हम उनसे पूछेन, 'मेरे पिता अऊर महतारी जमानत के रूप मा, हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जब तुम तकबीर अऊर -अल-फतीहा- पढ़ै के बीच चुप रहत हौ तौ तुम का कहत हौ? उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया, 'मैंने पढ़ा, 'हे अल्लाह, मेरे और मेरी गलतियों के बीच दूरी रखो जैसा कि आपने पूरब और पश्चिम के बीच दूरी बनाई है। हे अल्लाह, मोर गलतियन का मुझसे साफ -शुद्ध- करा जइसे तुम सफेद कपड़ा का गंदगी से साफ -शुद्ध- करत हौ। हे अल्लाह, बर्फ, पानी अऊर ओस से मोका मोर गलतियन से धोवा - साफ करा'।