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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 Hadith

Hadith

Imam Nasa'i : 5641

أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ الْحَرَّانِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا يَعْلَى بْنُ عُبَيْدٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُطِيعٌ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَكَانَ يُنْبَذُ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيَشْرَبُهُ مِنْ الْغَدِ وَمِنْ بَعْدِ الْغَدِ فَإِذَا كَانَ مَسَاءُ الثَّالِثَةِ فَإِنْ بَقِيَ فِي الْإِنَاءِ شَيْءٌ لَمْ يَشْرَبُوهُ أُهَرِيقَ

हमका [अबू दाऊद अल हररानी] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [या'ला बिन उबैद] कहिन है, उ कहिन; हमका [मुथि'] से [अबू उथमान] से [इब्न अब्बास] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रस से एक पेय बनावत रहें, फिर उ अगले दिन अऊर अगले दिन पी लिहिन। अगर तीसरे दिन बर्तन मा कुछ बची रहत है, तौ ऊ ओका नाहीं पियत है, बल्कि ओका उगल देत है।'

Hadith

Imam Nasa'i : 5642

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ قَالَ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ يَحْيَى بْنِ عُبَيْدٍ الْبَهْرَانِيِّ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُنْقَعُ لَهُ الزَّبِيبُ فَيَشْرَبُهُ يَوْمَهُ وَالْغَدَ وَبَعْدَ الْغَدِ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [यह्या बिन आदम] कहिन है, उ कहिन; हमसे [शारीक] [अबू इशाक] से [यह्या बिन उबैद अल बहरानी] से [इब्न अब्बास] से कहिन है, 'एक बार रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अंगूर का रस भिगोया, फिर उ उ दिन, अगले दिन अऊर अगले दिन पी लिहिस'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5643

أَخْبَرَنَا وَاصِلُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى عَنْ ابْنِ فُضَيْلٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي عُمَرَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُنْبَذُ لَهُ نَبِيذُ الزَّبِيبِ مِنْ اللَّيْلِ فَيَجْعَلُهُ فِي سِقَاءٍ فَيَشْرَبُهُ يَوْمَهُ ذَلِكَ وَالْغَدَ وَبَعْدَ الْغَدِ فَإِذَا كَانَ مِنْ آخِرِ الثَّالِثَةِ سَقَاهُ أَوْ شَرِبَهُ فَإِنْ أَصْبَحَ مِنْهُ شَيْءٌ أَهْرَاقَهُ

हमका [वाशिल बिन अब्दुल अ'ला] द्वारा [इब्नू फुदलैल] से [अल अमासी] से [यह्या बिन अबू उमर] से [इब्न अब्बास] से बतावा गा है कि उ कहिन, 'एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पेयजल के एक बर्तन मा अंगूर का रस बनावा, फिर उ अगले दिन अऊर अगले दिन पी लिहिन। तीसरे दिन दुपहरिया मा पी लिहिन। अऊर अगर सुबह मा अबहियों कुछ बचा है तौ ऊ ओका उगल देत है।'

Hadith

Imam Nasa'i : 5644

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ أَنَّهُ كَانَ يُنْبَذُ لَهُ فِي سِقَاءٍ الزَّبِيبُ غُدْوَةً فَيَشْرَبُهُ مِنْ اللَّيْلِ وَيُنْبَذُ لَهُ عَشِيَّةً فَيَشْرَبُهُ غُدْوَةً وَكَانَ يَغْسِلُ الْأَسْقِيَةَ وَلَا يَجْعَلُ فِيهَا دُرْدِيًّا وَلَا شَيْئًا قَالَ نَافِعٌ فَكُنَّا نَشْرَبُهُ مِثْلَ الْعَسَلِ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [उबैदुल्लाह] से [नफी] से [इब्न उमर] से रिपोर्ट किहिन है कि उ एक बार सुबह पेयजल के बर्तन मा अंगूर का रस बनाइन अऊर दुपहरिया मा पी लिहिन, फिर दुपहरिया मा बनाइन अऊर सुबह पी लिहिन। अऊर उ तुरंत पेयजल के बर्तन का बिना कचरा या कुछ अउर छोड़े साफ कइ दिहिस।' नफ़ी' कहिन, 'हम शहद के तरह पियत हैं'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5645

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ بَسَّامٍ قَالَسَأَلْتُ أَبَا جَعْفَرٍ عَنْ النَّبِيذِ قَالَ كَانَ عَلِيُّ بْنُ حُسَيْنٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يُنْبَذُ لَهُ مِنْ اللَّيْلِ فَيَشْرَبُهُ غُدْوَةً وَيُنْبَذُ لَهُ غُدْوَةً فَيَشْرَبُهُ مِنْ اللَّيْلِ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [बसाम] से रिपोर्ट किहिन रहैं, उ कहिन, 'मैं [अबू जाफर] से पैगम्बर के भावना के बारे मा पूछेन, तब उ जवाब दिहिन, 'का [अली बिन हुसैन] कभी? रदलियाल्लाहु अन्हू रात मा नबीदज का रस बनाइन अऊर फिर सुबह पी लिहिन, अऊर सुबह बनाइन अऊर फिर रात मा पी लिहिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5646

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ قَالَ سَمِعْتُ سُفْيَانَسُئِلَ عَنْ النَّبِيذِ قَالَ انْتَبِذْ عَشِيًّا وَاشْرَبْهُ غُدْوَةً

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हम [अब्दुल्ला] से रिपोर्ट किहिन रहैं, उ कहिन, 'हम [सुफयान] से पैगम्बर के रस के बारे मा पूछे जात सुने रहेन, उ तब जवाब दिहिन, 'रात मा बनावा फिर सुबह पीवा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5647

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ وَلَيْسَ بِالنَّهْدِيِّ أَنَّ أُمَّ الْفَضْلِ أَرْسَلَتْ إِلَى أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ تَسْأَلُهُ عَنْ نَبِيذِ الْجَرِّ فَحَدَّثَهَا عَنْ النَّضْرِ ابْنِهِ أَنَّهُ كَانَ يَنْبِذُ فِي جَرٍّ يُنْبَذُ غَدْوَةً وَيَشْرَبُهُ عَشِيَّةً

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] से [सुलेमान अत तैमी] से [अबू उथमान] -अन नाहदी नाहीं- से रिपोर्ट किहिन है, कि उम्म अल फदल्ल ने [अनस बिन मलिक] के पास एक दूत भेजा है, जे पैगम्बर के रस के बारे मा पूछिस जवन एक माटी के बर्तन मा बनावा गा रहा। तौ अनस ने अपने बेटवा अन नदलर से बतावा कि ऊ एक बार मिट्टी के बर्तन मा नबीदज का रस बनाइस, रस सुबह बना रहा, फिर ऊ दुपहरिया मा पी लिहिस।'

Hadith

Imam Nasa'i : 5648

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِأَنَّهُ كَانَ يَكْرَهُ أَنْ يَجْعَلَ نَطْلَ النَّبِيذِ فِي النَّبِيذِ لِيَشْتَدَّ بِالنَّطْلِ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] से [म'मर] से [सैद इब्नुल मुसय्यब] से [कतदाह] से ई बतावा गा है कि अगर पैगम्बर के अवक्षेप का पैगम्बर के रस मा एक साथ रखा जात है ताकि अवक्षेप कठोर होइ जाय -असर-', तौ उ नफरत करत है।

Hadith

Imam Nasa'i : 5649

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِأَنَّهُ قَالَ فِي النَّبِيذِ خَمْرُهُ دُرْدِيُّهُ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [सुफियान] से [दाऊद बिन अबू हिंद] से [सैद इब्नुल मुसैयब] से रिपोर्ट किहिन हैं, कि उ एक बार पैगम्बर के रस के बारे मा कहिन, 'उनकर खमर ड्रेग्स मा पड़ा है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5650

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ قَالَإِنَّمَا سُمِّيَتْ الْخَمْرُ لِأَنَّهَا تُرِكَتْ حَتَّى مَضَى صَفْوُهَا وَبَقِيَ كَدَرُهَا وَكَانَ يَكْرَهُ كُلَّ شَيْءٍ يُنْبَذُ عَلَى عَكَرٍ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] से [कतादाह] से [सैद इब्नुल मुसैयब] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'इका खमेर कहा जात है काहे से कि ई तब तक छोड़ दीन जात है जब तक कि ओकर पवित्रता खतम न होइ जाय अऊर एक अवक्षेप न रह जाय। अऊर ऊ हर चीज पर दबाव डालत है जब तक कि ऊ तय न होइ जाय।'

Hadith

Imam Nasa'i : 5651

أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا الْقَوَارِيرِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ قَالَ حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ عَمْرٍو عَنْ فُضَيْلِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ إِبْرَاهِيمَ قَالَكَانُوا يَرَوْنَ أَنَّ مَنْ شَرِبَ شَرَابًا فَسَكِرَ مِنْهُ لَمْ يَصْلُحْ لَهُ أَنْ يَعُودَ فِيهِ

हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अल कवरीरी] कहिन है, उ कहिन; हमसे [इब्न अबू जैदा] कहिन है, उ कहिन; हमका [हसन बिन अमरू] से [फुदलैल बिन अमरू] से [इब्राहिम] से कहिन है, उ कहिन, 'उनके विचार हैं कि जे भी रस पीत है अऊर फिर नशा करत है, ओका फिर से अइसन करै के अनुमति नाहीं है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5652

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ مُغِيرَةَ عَنْ أَبِي مَعْشَرٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ قَالَلَا بَأْسَ بِنَبِيذِ الْبُخْتُجِ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [सुफयान] से [मुघिरह] से [अबू मस्यार] से [इब्राहिम] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'नबीदज का रस पीना ठीक है जवन पकावा गा है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5653

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ أَبِي عَوَانَةَ عَنْ أَبِي مِسْكِينٍ قَالَ سَأَلْتُ إِبْرَاهِيمَقُلْتُ إِنَّا نَأْخُذُ دُرْدِيَّ الْخَمْرِ أَوْ الطِّلَاءِ فَنُنَظِّفُهُ ثُمَّ نَنْقَعُ فِيهِ الزَّبِيبَ ثَلَاثًا ثُمَّ نُصَفِّيهِ ثُمَّ نَدَعُهُ حَتَّى يَبْلُغَ فَنَشْرَبُهُ قَالَ يُكْرَهُ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [अबू अरुबा] से [अबू मिसकिन] से रिपोर्ट किहिन रहैं, उ कहिन, 'मैं [इब्राहिम] से पूछेंव, मैं कहिन, 'हम अम्बास -तलछट- खामेर, या नबिज़ का पका रस लिहेन। फिर हम निशान साफ ​​किहेन अऊर वहिमा तीन किशमिश डारि दिहेन। वहिके बाद हम ओका दुबारा सफाई कइके परिपकय देइत है, फिर पियत है?' इब्राहिम जवाब दिहिन, 'यह मना है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5654

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا جَرِيرٌ عَنْ ابْنِ شُبْرُمَةَ قَالَرَحِمَ اللَّهُ إِبْرَاهِيمَ شَدَّدَ النَّاسُ فِي النَّبِيذِ وَرَخَّصَ فِيهِ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [जरिर] से [इब्न श्यूब्रुमा] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन, 'अल्लाह [इब्राहिम] पर दया करै, लोग पैगम्बर के भावनाओं के मामलन मा कठोर रहे, लेकिन उ वास्तव मा चीजन का आसान बना दिहिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5655

حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ عَنْ أَبِي أُسَامَةَ قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ الْمُبَارَكِ يَقُولُمَا وَجَدْتُ الرُّخْصَةَ فِي الْمُسْكِرِ عَنْ أَحَدٍ صَحِيحًا إِلَّا عَنْ إِبْرَاهِيمَ

हमका [उबैदुल्लाह बिन सैद] [अबू उसामा] से बतावा गा है कि उ कहिन, 'मैंने [इब्नुल मुबारक] का कहत सुना है, 'इब्राहिम के अलावा, नशीले पेय पदार्थन के मामले मा राहत देय वाले केहू से हमका कभौ प्रामाणिक रिपोर्ट नाहीं मिली'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5656

أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا أُسَامَةَ يَقُولُمَا رَأَيْتُ رَجُلًا أَطْلَبَ لِلْعِلْمِ مِنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ الشَّامَاتِ وَمِصْرَ وَالْيَمَنَ وَالْحِجَازَ

हमका [उबैदुल्लाह बिन सैद] सूचित कइके उ कहिन; हम [अबू उसामा] का कहत सुने रहेन, 'हम अब्दुल्ला इब्नुल मुबारक के अलावा ज्ञान के खोज मा कबो मेहनती नाहीं देखेन, उ एक बार स्यामत, मिस्र, यमन अऊर हिजाज गए रहे'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5657

أَخْبَرَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنَا أَسَدُ بْنُ مُوسَى قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكَانَ لِأُمِّ سُلَيْمٍ قَدَحٌ مِنْ عَيْدَانٍ فَقَالَتْ سَقَيْتُ فِيهِ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلَّ الشَّرَابِ الْمَاءَ وَالْعَسَلَ وَاللَّبَنَ وَالنَّبِيذَ

हमका [अर रबी' बिन सुलेमान] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [असद बिन मूसा] कहिन है, उ कहिन; हमका [हम्मद बिन सलामा] का [थाबित] से [अनास] से बतावा है? रदलियाअल्लाहु अन्हू, उ कहिन, '[उम सुलैम] के पास 'ऐदान - खजूर के पेड़ के तना- से बना एक गिलास रहा, उ कहिन, 'मैंने एक बार अल्लाह के रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का उ गिलास के साथ कुछ पीये के लिए दिहे रहेन, या तौ पानी, शहद, दूध या पैगम्बर का रस'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5658

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ عَنْ ذَرِّ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبْزَى عَنْ أَبِيهِ قَالَسَأَلْتُ أُبَيَّ بْنَ كَعْبٍ عَنْ النَّبِيذِ فَقَالَ اشْرَبْ الْمَاءَ وَاشْرَبْ الْعَسَلَ وَاشْرَبْ السَّوِيقَ وَاشْرَبْ اللَّبَنَ الَّذِي نُجِعْتَ بِهِ فَعَاوَدْتُهُ فَقَالَ الْخَمْرَ تُرِيدُ الْخَمْرَ تُرِيدُ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [सुफयान] से [सलामा बिन कुहैल] से [जार बिन अब्दुल्ला] से [सैद बिन अब्दुर्रहमान बिन अब्ज़ा] से [उनके पिता] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'मैं एक बार [उबै बिन का'ब] से पैगम्बर के रस के बारे मा पूछे रहेन, फिर उ जवाब दिहिन, 'पानी, शहद या दूध का रस, जवन आपके लिए अधिक उपयोगी है'। हम उनसे ई सवाल दोहरावत रहेन जब तक कि उ कहिन, 'का तोहका शराब चाही, का तोहका शराब चाही!'

Hadith

Imam Nasa'i : 5659

أَخْبَرَنِي أَحْمَدُ بْنُ عَلِيِّ بْنِ سَعِيدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا الْقَوَارِيرِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ عَبِيدَةَ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ قَالَأَحْدَثَ النَّاسُ أَشْرِبَةً مَا أَدْرِي مَا هِيَ فَمَا لِي شَرَابٌ مُنْذُ عِشْرِينَ سَنَةً أَوْ قَالَ أَرْبَعِينَ سَنَةً إِلَّا الْمَاءُ وَالسَّوِيقُ غَيْرَ أَنَّهُ لَمْ يَذْكُرْ النَّبِيذَ

मोका [अहमद बिन अली बिन सैद बिन इब्राहिम] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अल कवरीरी] कहिन है, उ कहिन; हमका [मुतमीर बिन सुलेमान] से [अपने पिता] से [मुहम्मद] से [अबिदा] से [इब्न मसूद] से कहिन है, उ कहिन, 'बहुत से लोग कई तरह के पेय बनावत हैं, हम नाहीं जानित कि उ का हैं। अउ हम बीस साल से एकौ पेय नाहीं जानित, या कहैं, 'चालीस साल, पानी औ बाजरा के रस के अलावा'। बस इब्नू मसूद ने नबी के भावनाओं का जिक्र नहीं किया है।

Hadith

Imam Nasa'i : 5660

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ عَبِيدَةَ قَالَأَحْدَثَ النَّاسُ أَشْرِبَةً مَا أَدْرِي مَا هِيَ وَمَا لِي شَرَابٌ مُنْذُ عِشْرِينَ سَنَةً إِلَّا الْمَاءُ وَاللَّبَنُ وَالْعَسَلُ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [इब्न औन] से [मुहम्मद बिन सिरिन] से [अबिदा] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'बहुत से लोग कई तरह के पेय बनावत हैं, हमका नाहीं पता कि उ का हैं। इधर, मैं खुद बीस साल पहिले से पानी, दूध अऊर शहद के अलावा पेय पदार्थन का नाहीं जानत हउँ।'