Imam Nasa'i : 5601
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ جُبَيْرٍ قَالَ سَأَلْتُ ابْنَ عُمَرَ عَنْ الْأَشْرِبَةِ فَقَالَ اجْتَنِبْ كُلَّ شَيْءٍ يَنِشُّ
हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमका [अबू अवाना] [जैद बिन जुबैर] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन, 'मैंने [इब्न उमर] से कुछ पेय पदार्थन के बारे मा पूछा, फिर उ जवाब दिहिन, 'उबाल गए हर तरह के पेय पदार्थन से बचौ - किण्वन से गुजरत हैं-'।
Imam Nasa'i : 5602
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ الْمُسْكِرُ قَلِيلُهُ وَكَثِيرُهُ حَرَامٌ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [सुलेमान अत तैमी] से [मुहम्मद बिन सिरिन] से [इब्न उमर] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'कुछ भी जवन मादक होय, चाहे थोड़ा होय या बहुत, हराम है'।
Imam Nasa'i : 5603
قَالَ الْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ أَخْبَرَنِي مَالِكٌ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ كُلُّ مُسْكِرٍ خَمْرٌ وَكُلُّ مُسْكِرٍ حَرَامٌ
[अल हरिथ बिन मिस्किन] कहिन -उनके सामने पढ़ा अऊर हम सुनेन- [इब्नुल कासिम] से कहिन, ई मोका [मलिक] [नफी'] से [इब्न उमर] से बतावा गा रहा, उ कहिन, 'हर नशा खमेर है, अऊर हर नशा हराम है'।
Imam Nasa'i : 5604
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ قَالَ سَمِعْتُ شَبِيبًا وَهُوَ ابْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ يَقُولُ حَدَّثَنِي مُقَاتِلُ بْنُ حَيَّانَ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ حَرَّمَ اللَّهُ الْخَمْرَ وَكُلُّ مُسْكِرٍ حَرَامٌ
हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अल मुतमीर] कहिन है, उ कहिन; हम [स्याबीब] - अर्थात् इब्नू अब्दुल मलिक - कहते सुने रहेन; ने मुझसे [मुकातिल बिन हयान] से [सलीम बिन अब्दुल्ला] से [उनके पिता] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से कहा है, उ कहिन: 'अल्लाह ने खमर का मना कर दिहिस है, अऊर हर नशा हराम है'।
Imam Nasa'i : 5605
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ النَّيْسَابُورِيَّ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ قَالَ أَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مُسْكِرٍ حَرَامٌ وَكُلُّ مُسْكِرٍ خَمْرٌ قَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ وَهَؤُلَاءِ أَهْلُ الثَّبْتِ وَالْعَدَالَةِ مَشْهُورُونَ بِصِحَّةِ النَّقْلِ وَعَبْدُ الْمَلِكِ لَا يَقُومُ مَقَامَ وَاحِدٍ مِنْهُمْ وَلَوْ عَاضَدَهُ مِنْ أَشْكَالِهِ جَمَاعَةٌ وَبِاللَّهِ التَّوْفِيقُ
हमका [अल हुसैन बिन मंसूर] - अर्थात् इब्नू जाफर अन नैसाबुरी - रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; हमसे [यजीद बिन हारून] कहिन है, उ कहिन; हमका [मुहम्मद बिन अमरू] [अबू सलामा] से [इब्न उमर] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'हर नशा हराम है, अऊर हर नशा खमर है'। अबू अब्दुर्रहमान ने कहा कि ये सीधे और न्यायी लोग हैं, अपने रिवायत में अपनी ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध हैं। अब्दुल मलिक के लिए, उ ओनमा से एक के पद पर कब्जा नाहीं कइ सकत हैं, भले ही बहुत लोग ओनके कमियन का ढक देत हैं। अऊर मदद माँगे के जगह केवल अल्लाह से है'।
Imam Nasa'i : 5606
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ السَّعِيدِيِّ قَالَ حَدَّثَتْنِي رُقَيَّةُ بِنْتُ عَمْرِو بْنِ سَعِيدٍ قَالَتْ كُنْتُ فِي حَجْرِ ابْنِ عُمَرَ فَكَانَ يُنْقَعُ لَهُ الزَّبِيبُ فَيَشْرَبُهُ مِنْ الْغَدِ ثُمَّ يُجَفَّفُ الزَّبِيبُ وَيُلْقَى عَلَيْهِ زَبِيبٌ آخَرُ وَيُجْعَلُ فِيهِ مَاءٌ فَيَشْرَبُهُ مِنْ الْغَدِ حَتَّى إِذَا كَانَ بَعْدَ الْغَدِ طَرَحَهُ وَاحْتَجُّوا بِحَدِيثِ أَبِي مَسْعُودٍ عُقْبَةَ بْنِ عَمْرٍو
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [उबैदुल्लाह बिन उमर अस सैदी] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; [रुकैया बिन्त अमरू बिन सैद] ने मुझसे कहा कि उ कहिन, 'मैं एक बार [इब्न उमर] के देखभाल मा रही, एक बार उ अंगूर भिगोइस अऊर अगले दिन ओनका पी लिहिस। यहिके बाद भिगोवा गा शराब का सुखावा जात है अऊर दूसर शराब से बदला जात है, फिर शराब का पानी दीन जात है अऊर अगले दिन पी जात है, ताकि जब दिन बीत जात है तौ शराब का वापस फेंक दीन जात है। उ अबू मसूद उकबा बिन अमरू के हदीस से तर्क देत हैं।
Imam Nasa'i : 5607
أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ إِسْمَعِيلَ بْنِ سُلَيْمَانَ قَالَ أَنْبَأَنَا يَحْيَى بْنُ يَمَانٍ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ أَبِي مَسْعُودٍ قَالَ عَطِشَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَوْلَ الْكَعْبَةِ فَاسْتَسْقَى فَأُتِيَ بِنَبِيذٍ مِنْ السِّقَايَةِ فَشَمَّهُ فَقَطَّبَ فَقَالَ عَلَيَّ بِذَنُوبٍ مِنْ زَمْزَمَ فَصَبَّ عَلَيْهِ ثُمَّ شَرِبَ فَقَالَ رَجُلٌ أَحَرَامٌ هُوَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ لَا وَهَذَا خَبَرٌ ضَعِيفٌ لِأَنَّ يَحْيَى بْنَ يَمَانٍ انْفَرَدَ بِهِ دُونَ أَصْحَابِ سُفْيَانَ وَيَحْيَى بْنُ يَمَانٍ لَا يُحْتَجُّ بِحَدِيثِهِ لِسُوءِ حِفْظِهِ وَكَثْرَةِ خَطَئِهِ
हमका [अल हसन बिन इस्माइल बिन सुलेमान] सूचित कइके उ कहिन; हमका [यह्या बिन यमन] से [सुफयान] से [मंसूर] से [खालिद बिन सद] से [अबू मसूद] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का प्यास लाग जब उ काबा के पास रहे, एहसे उ पीये के पानी माँगिन। ओका एक पेयजल के बर्तन से नबिदज का रस भी पिलावा गा रहा, फिर उ बर्तन का चूमिस अऊर भ्रूभंग करिस। कहिन: 'एक बाल्टी ज़मज़म का पानी दइ द्यो,' फिर रस मा डारि के पिय लिहिन। तब एक आदमी ने पूछा, 'हे अल्लाह के रसूल, का भावना हराम है?' उ जवाब दिहिस: 'नहीं'। ई एक कमजोर हदीस है। काहे से कि याह्या बिन यमन सुफयान के दोस्तन के बिना खुदै सुनाइन। अऊर यह्या बिन यमन के हदीस का प्रमाण के रूप मा इस्तेमाल नाहीं कीन जा सकत है काहे से कि ओनके याददाश्त खराब है अऊर बहुत गलती हैं।'
Imam Nasa'i : 5608
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ حِصْنٍ قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ وَاقِدٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ حُسَيْنٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ عَلِمْتُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَصُومُ فِي بَعْضِ الْأَيَّامِ الَّتِي كَانَ يَصُومُهَا فَتَحَيَّنْتُ فِطْرَهُ بِنَبِيذٍ صَنَعْتُهُ فِي دُبَّاءٍ فَلَمَّا كَانَ الْمَسَاءُ جِئْتُهُ أَحْمِلُهَا إِلَيْهِ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي قَدْ عَلِمْتُ أَنَّكَ تَصُومُ فِي هَذَا الْيَوْمِ فَتَحَيَّنْتُ فِطْرَكَ بِهَذَا النَّبِيذِ فَقَالَ أَدْنِهِ مِنِّي يَا أَبَا هُرَيْرَةَ فَرَفَعْتُهُ إِلَيْهِ فَإِذَا هُوَ يَنِشُّ فَقَالَ خُذْ هَذِهِ فَاضْرِبْ بِهَا الْحَائِطَ فَإِنَّ هَذَا شَرَابُ مَنْ لَا يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَلَا بِالْيَوْمِ الْآخِرِ وَمِمَّا احْتَجُّوا بِهِ فِعْلُ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ
हमका [अली बिन हुजर] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [उस्मान बिन हिशन] कहिन है, उ कहिन; हमसे [जैद बिन वाकिद] [खालिद बिन हुसैन] से कहिन है, उ कहिन; हम [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहेन, 'हम जानित है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम अपने दिनन के कुछ हिस्सा मा रोजा रखत रहें। फिर हम व्रत टूटै का इंतजार किहेन अऊर एक एड दुबा कंटेनर मा नबीदज जूस बनाइन - कद्दू से बना एक बर्तन अऊर आमतौर पर शराब बनावै के लिए उपयोग कीन जात है -। जब शाम होइ गै, तौ मैं ओनके पास भावना लइ आयेंव। हमने कहा कि हे अल्लाह के रसूल हम जानत हई कि आज आप रोजा रखत हई त हम नबी के ई भावना से आपके रोजा के समय का इंतजार करत हई। फिर उ कहिन: 'हे अबू हुरैराह, इहाँ भावना लावा'। फिर हम ओका रस दिहेन, अऊर पता चला कि रस उबल गवा रहा - किण्वन के कारण वाष्पित होइ गवा रहा -। ऊ कहिस: 'ई लइके दीवार पर फेंकौ। काहे से कि ई ओन लोगन के पेय है जे अल्लाह अऊर आखिरी दिन मा विश्वास नाहीं करत हैं'। अऊर जवन उ सबूत के रूप मा उपयोग करत हैं उ उमर इब्नुल खठथब के काम हैं? रदलियाअल्लाहु अनहू।
Imam Nasa'i : 5609
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ السَّرِيِّ بْنِ يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ إِمَامٌ لَنَا وَكَانَ مِنْ أَسْنَانِ الْحَسَنِ عَنْ أَبِي رَافِعٍ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ إِذَا خَشِيتُمْ مِنْ نَبِيذٍ شِدَّتَهُ فَاكْسِرُوهُ بِالْمَاءِ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ مِنْ قَبْلِ أَنْ يَشْتَدَّ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [अस सारी बिन यह्या] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हमसे [अबू हफश] बताइन हैं - उ हमार इमाम हैं, अऊर अल हसन के उमर के लोगन में से एक हैं - [अबू रफी'] से कि [उमर इब्नुल खथब] रदलियाल्लाहु अन्हू कहिन, 'अगर आप पैगम्बर के रस के मजबूत सुगंध से डरत हैं, तौ ओका पानी से पतला करौ'। अब्दुल्ला टिप्पणी किहिन, 'नबी के कठोर होय से पहिले'।
Imam Nasa'i : 5610
أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ يَقُولُ تَلَقَّتْ ثَقِيفٌ عُمَرَ بِشَرَابٍ فَدَعَا بِهِ فَلَمَّا قَرَّبَهُ إِلَى فِيهِ كَرِهَهُ فَدَعَا بِهِ فَكَسَرَهُ بِالْمَاءِ فَقَالَ هَكَذَا فَافْعَلُوا
हमका [जकरिया बिन यह्या] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अब्दुल अ'ला] कहिन है, उ कहिन; हमसे [सुफयान] से [यह्या बिन सैद] से कहिन है कि उ [सैद इब्नुल मुसैयब] का कहत सुने रहे, 'त्साकिफ ने [उमर] का पैगम्बर का रस परोसा, फिर उमर ने रस माँगा। यहिसे जब उमर रस का अपने मुँह के पास लइ आए, तौ उनका लाग कि उनका ई पसंद नाहीं है अऊर उ पानी से धो दिहिन। फिर कहिन, 'अइसे करौ'।
Imam Nasa'i : 5611
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو خَيْثَمَةَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جُحَادَةَ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ عَنْ عُتْبَةَ بْنِ فَرْقَدٍ قَالَ كَانَ النَّبِيذُ الَّذِي يَشْرَبُهُ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ قَدْ خُلِّلَ وَمِمَّا يَدُلُّ عَلَى صِحَّةِ هَذَا حَدِيثُ السَّائِبِ
हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अबू खैत्सामा] कहिन है, उ कहिन; हमसे [अब्दु अश शमाद] से [अपने पिता] से [मुहम्मद बिन जुहादा] से [इस्माइल बिन अबू खालिद] से [कैस बिन अबू हाजिम] से [उकबा बिन फरकाद] से कहिन है, उ कहिन, 'नबीज़ का रस जवन [उमर इब्नुल खथब] पीत रहें, उ सिरका मा बदल गा है'। जवन ई इतिहास का मजबूत करत है ऊ है अस सायब के हदीस।
Imam Nasa'i : 5612
قَالَ الْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ السَّائِبِ بْنِ يَزِيدَ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ خَرَجَ عَلَيْهِمْ فَقَالَ إِنِّي وَجَدْتُ مِنْ فُلَانٍ رِيحَ شَرَابٍ فَزَعَمَ أَنَّهُ شَرَابُ الطِّلَاءِ وَأَنَا سَائِلٌ عَمَّا شَرِبَ فَإِنْ كَانَ مُسْكِرًا جَلَدْتُهُ فَجَلَدَهُ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ الْحَدَّ تَامًّا
[अल हरिथ बिन मिस्किन] कहिन -उनके सामने पढ़ौ अऊर हम सुनेन- [इब्नुल कासिम] से कहिन; [मलिक] ने [अस सायब बिन यजीद] से [इब्नू शिहाब] से बतावा कि उ रिपोर्ट किहिन कि [उमर इब्नुल खठथब] ओनसे मिले खातिर बाहर आए अऊर कहिन, 'मुझे फलाने के मुँह मा नबीदज के रस के गंध मिली - तब उमर ने सोचा कि ई एक मादक पेय है-। हम तब पूछेन कि ऊ का पेय पी रहा है, अगर ई कुछ नशीला होत तौ हम ओका थप्पड़ मार देत।' उमर इब्नुल खथताब? रदलियाअल्लाहु अन्हू ने तब ओनका एकदम सही हदीस गिनती से मारिन'।
Imam Nasa'i : 5613
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ عَنْ عُمَارَةَ بْنِ غَزِيَّةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍأَنَّ رَجُلًا مِنْ جَيْشَانَ وَجَيْشَانُ مِنْ الْيَمَنِ قَدِمَ فَسَأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ شَرَابٍ يَشْرَبُونَهُ بِأَرْضِهِمْ مِنْ الذُّرَةِ يُقَالُ لَهُ الْمِزْرُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمُسْكِرٌ هُوَ قَالَ نَعَمْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مُسْكِرٍ حَرَامٌ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ عَهِدَ لِمَنْ شَرِبَ الْمُسْكِرَ أَنْ يَسْقِيَهُ مِنْ طِينَةِ الْخَبَالِ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ وَمَا طِينَةُ الْخَبَالِ قَالَ عَرَقُ أَهْلِ النَّارِ أَوْ قَالَ عُصَارَةُ أَهْلِ النَّارِ
हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [अब्दुल अजीज] [उमरह बिन गाजिया] से [अबू अज़ जुबैर] से [जाबीर] से कहिन है, 'जैसियन से एक आदमी -जैसियन यमन का एक क्षेत्र है- आवा अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मकई के रस से बने एक पेय के बारे मा पूछिस जेका उ लोग अल मिजर कहत हैं, उ लोग आमतौर पर अपने क्षेत्र मा पीत हैं। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तब पूछा: 'का ई मादक है?' ऊ जवाब दिहिस, 'हाँ'। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हर नशा हराम है। बेशक अल्लाह अज्जा वा जल्ला ने वाचा बनाई है कि जो भी कुछ मादक पीयेगा अल्लाह उसे तिनातुल खबाल पिला देगा'। साथियों ने पूछा कि हे रसूल अल्लाह तिनातुल खबल क्या है? उ जवाब दिहिन: 'नरक के लोगन के पसीना, या उ कहिन, 'नरक के लोगन के पसीना'।
Imam Nasa'i : 5614
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ عَنْ يَزِيدَ وَهُوَ ابْنُ زُرَيْعٍ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ قَالَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ الْحَلَالَ بَيِّنٌ وَإِنَّ الْحَرَامَ بَيِّنٌ وَإِنَّ بَيْنَ ذَلِكَ أُمُورًا مُشْتَبِهَاتٍ وَرُبَّمَا قَالَ وَإِنَّ بَيْنَ ذَلِكَ أُمُورًا مُشْتَبِهَةً وَسَأَضْرِبُ فِي ذَلِكَ مَثَلًا إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ حَمَى حِمًى وَإِنَّ حِمَى اللَّهِ مَا حَرَّمَ وَإِنَّهُ مَنْ يَرْعَ حَوْلَ الْحِمَى يُوشِكُ أَنْ يُخَالِطَ الْحِمَى وَرُبَّمَا قَالَ يُوشِكُ أَنْ يَرْتَعَ وَإِنَّ مَنْ خَالَطَ الرِّيبَةَ يُوشِكُ أَنْ يَجْسُرَ
हमका [यजीद] से [हुमैद बिन मस'दह] - अर्थात् इब्न ज़ुराई' - [इब्नू औन] से [अश स्याबी] से [अन नुमान बिन बसीर] से बतावा गा है कि उ कहिन, 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना है: 'जो चीजें हलाल हैं अऊर उ चीजें स्पष्ट हैं, उहौ स्पष्ट हैं, जबकि दुइनौ चीजन के बीच हैं अस्पष्ट है, अऊर ई संभव है कि उ कहिन, 'वास्तव मा, दुइनौ के बीच कुछ अइसन मामला हैं जवन मुस्ताबिहा -अस्पष्ट- हैं। अऊर हम तोहका वहिके एक उदाहरण देब; सचमुच अल्लाह के पास सीमा है, अऊर अल्लाह के सीमा उहै है जेका उ मना किहिन है। डर है कि बाउन्ड्री के आसपास चरने वाले मड़ई बाउंड्री बाड़ मा घुस जइहैं, अउर शायद उंई कहिन रहैं, 'डर है कि उनके पशुधन घुस जइहैं। दरअसल, ई डर है कि संदिग्ध मामलन के पास जाय वाले लोग पार करिहैं - उन चीजन मा प्रवेश करिहैं जेकर अनुमति नाहीं है -'।
Imam Nasa'i : 5615
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبَانَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ بُرَيْدِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ عَنْ أَبِي الْحَوْرَاءِ السَّعْديِّ قَالَ قُلْتُ لِلْحَسَنِ بْنِ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا مَا حَفِظْتَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ حَفِظْتُ مِنْهُ دَعْ مَا يَرِيبُكَ إِلَى مَا لَا يَرِيبُكَ
हमका [मुहम्मद बिन अबान] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [अब्दुल्ला बिन इदरीस] कहिन है कि उ कहिन; हमका [स्यू'बाह] [बुरैद बिन अबू मरियम] से [अबू अल हौरा अस सादी] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'मैंने कहा कि? [अल हसन बिन अली]? रदलियाअल्लाहु अन्हुमा, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से आपने क्या रट लिया है?' उ जवाब दिहिन, 'मैं उनसे रट लिहे रहेंव: 'जो तुमका संदेह करत है, ओका छोड़ौ अऊर जवन तुमका संदेह नाहीं करत है, वही करौ'।
Imam Nasa'i : 5616
أَخْبَرَنَا الْجَارُودُ بْنُ مُعَاذٍ هُوَ بَاوَرْدِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو سُفْيَانَ مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ ابْنِ طَاوُسٍ عَنْ أَبِيهِأَنَّهُ كَانَ يَكْرَهُ أَنْ يَبِيعَ الزَّبِيبَ لِمَنْ يَتَّخِذُهُ نَبِيذًا
हमका [अल जारुद बिन मुआद्ज] - अर्थात् बावरदी - सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अबू सुफियान मुहम्मद बिन हुमैद] से [ममर] से [इब्नू थावस] से [अपने पिता] से कहिन है, कि उ शराब बेचब पसंद नाहीं करत है जे ओका पैगम्बर के रस के रूप मा उपयोग करि।
Imam Nasa'i : 5617
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ دِينَارٍ عَنْ مُصْعَبِ بْنِ سَعْدٍ قَالَكَانَ لِسَعْدٍ كُرُومٌ وَأَعْنَابٌ كَثِيرَةٌ وَكَانَ لَهُ فِيهَا أَمِينٌ فَحَمَلَتْ عِنَبًا كَثِيرًا فَكَتَبَ إِلَيْهِ إِنِّي أَخَافُ عَلَى الْأَعْنَابِ الضَّيْعَةَ فَإِنْ رَأَيْتَ أَنْ أَعْصُرَهُ عَصَرْتُهُ فَكَتَبَ إِلَيْهِ سَعْدٌ إِذَا جَاءَكَ كِتَابِي هَذَا فَاعْتَزِلْ ضَيْعَتِي فَوَاللَّهِ لَا أَئْتَمِنُكَ عَلَى شَيْءٍ بَعْدَهُ أَبَدًا فَعَزَلَهُ عَنْ ضَيْعَتِهِ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [सुफयान बिन दीनार] से [मुशाब बिन सद] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, '[सद] के पास एक अंगूर के बाग है जेकर फल बहुतायत मा है, अऊर ओकरे पास एक अंगूर के बाग भी है जे ओकरे बगीचा के देखभाल करत है। तब अंगूरन का बड़ी मात्रा मा ढोवा जात रहा, यहिसे गार्ड ओनका लिखिन, 'हमका डर है कि अंगूर खराब होइ जइहैं, अगर तुम चाहत हौ तौ हम ओका वाइन-प्रेशर बना देब'। स'द ने उन्हें जवाब लिखा, 'जब मेरा चिट्ठी आपके पास पहुँचे तो मेरी बिगड़ी हुई शराब को फेंक दो। अल्लाह के कसम, यहिके बाद मैं तोहका हमेशा के लिए देखभाल करै के जिम्मेदारी नाहीं देब'। तब माली ख़राब अंगूर फेंक दिहिस।'
Imam Nasa'i : 5618
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ هَارُونَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ قَالَبِعْهُ عَصِيرًا مِمَّنْ يَتَّخِذُهُ طِلَاءً وَلَا يَتَّخِذُهُ خَمْرًا
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [हारून बिन इब्राहिम] से [इब्न सिरिन] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'अंगूर जेका दबावा गा है, ओनका बेचौ, जे ओनका पका पेय के रूप मा बनाई, न कि शराब के रूप मा'।
Imam Nasa'i : 5619
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ قَالَ سَمِعْتُ مَنْصُورًا عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ نُبَاتَةَ عَنْ سُوَيْدِ بْنِ غَفَلَةَ قَالَكَتَبَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ إِلَى بَعْضِ عُمَّالِهِ أَنْ ارْزُقْ الْمُسْلِمِينَ مِنْ الطِّلَاءِ مَا ذَهَبَ ثُلُثَاهُ وَبَقِيَ ثُلُثُهُ
हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अल मुतमीर] कहिन है, उ कहिन; हम [मंसूर] से [इब्राहिम] से [नुबतह] से [सुवैद बिन गफलाह] से सुने रहेन, उ कहिन, '[उमर इब्नुल खथब] ने अपने कुछ कार्यकर्ताओं का एक चिट्ठी लिखी, 'मुसलमानन का अथ थिला -नबिज़ देइ दौ जवन तब तक पकावा गा है जब तक कि उ चीनी न बन जाय-, जेहिमा से दुइ तिहाई खो गा है अऊर एक हिस्सा बच गा है'।
Imam Nasa'i : 5620
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِي مِجْلَزٍ عَنْ عَامِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهُ قَالَ قَرَأْتُ كِتَابَ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ إِلَى أَبِي مُوسَى أَمَّا بَعْدُ فَإِنَّهَا قَدِمَتْ عَلَيَّ عِيرٌ مِنْ الشَّامِ تَحْمِلُ شَرَابًا غَلِيظًا أَسْوَدَ كَطِلَاءِ الْإِبِلِ وَإِنِّي سَأَلْتُهُمْ عَلَى كَمْ يَطْبُخُونَهُ فَأَخْبَرُونِي أَنَّهُمْ يَطْبُخُونَهُ عَلَى الثُّلُثَيْنِ ذَهَبَ ثُلُثَاهُ الْأَخْبَثَانِ ثُلُثٌ بِبَغْيِهِ وَثُلُثٌ بِرِيحِهِ فَمُرْ مَنْ قِبَلَكَ يَشْرَبُونَهُ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [सुलेमान अत तैमी] से [अबू मिजलाज] से [अमीर बिन अब्दुल्ला] से रिपोर्ट किहिन है कि उ कहिन, 'मैंने अबू मूसा के उपस्थिति मा [उमर इब्नुल खठथब] के पत्र पढ़ा, 'अम्मा बदु; सीरिया से ऊंटन का एक समूह एक गाढ़ा, काला पेय लइके मोर पास आवा रहा, जइसे कि ऊँट अथ थिला - ऊँट के पपड़ी के इलाज के लिए उपयोग कीन जाय वाला एक तरल पदार्थ -। हम उनसे पूछेन कि उई ईका केतना पकाइन। उइ हमसे कहिन कि उइ एकरा दुइ तिहाई सामग्री तक पकावत हैं -जेका भाप मा पकावा जाय, निश्चित रूप से-। दुई तिहाई खराब सामग्री का नष्ट करै का चाही, पहिला तिहाई उ तत्व है जवन विनाशकारी अऊर मादक है, अऊर दूसर तिहाई गंध तत्व से संबंधित है, फिर अपने आसपास के दोस्तन का ओका पियै का आदेश देई।'