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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 Hadith

Hadith

Imam Nasa'i : 5581

أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْأَعْلَى بْنُ حَمَّادٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّزَّاقِ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ قَالَغَرَّبَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ رَبِيعَةَ بْنَ أُمَيَّةَ فِي الْخَمْرِ إِلَى خَيْبَرَ فَلَحِقَ بِهِرَقْلَ فَتَنَصَّرَ فَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ لَا أُغَرِّبُ بَعْدَهُ مُسْلِمًا

हमका [जकरिया बिन यह्या] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अब्दुल अ'ला बिन हम्माद] कहिन है, उ कहिन; हमसे [मुतमीर बिन सुलेमान] कहिन है, उ कहिन; ने मुझसे [अब्दुर्राजाक] से [ममर] से [अज जुहरी] से [सैद इब्नुल मुसैयब] से कहा है, उ कहिन, '[उमर]? रदलियाअल्लाहु अन्हू ने रबियाह बिन उमय्याह का खैबर निर्वासित कर दिहिस काहे से कि उ शराब पीत रहा, फिर रबियाह हिराक्लियस से मिला अऊर ईसाई धर्म अपनाइन। फिर उमर? रदलियाअल्लाहू अन्हू ने भी कहा, 'अल्लाह कसम, मैं वहिके बाद एकौ मुसलमान का अलग नाहीं करब'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5582

أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ أَبِي الْأَحْوَصِ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي بُرْدَةَ بْنِ نِيَارٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اشْرَبُوا فِي الظُّرُوفِ وَلَا تَسْكَرُواقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ وَهَذَا حَدِيثٌ مُنْكَرٌ غَلِطَ فِيهِ أَبُو الْأَحْوَصِ سَلَّامُ بْنُ سُلَيْمٍ لَا نَعْلَمُ أَنَّ أَحَدًا تَابَعَهُ عَلَيْهِ مِنْ أَصْحَابِ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ وَسِمَاكٌ لَيْسَ بِالْقَوِيِّ وَكَانَ يَقْبَلُ التَّلْقِينَ قَالَ أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ كَانَ أَبُو الْأَحْوَصِ يُخْطِئُ فِي هَذَا الْحَدِيثِ خَالَفَهُ شَرِيكٌ فِي إِسْنَادِهِ وَفِي لَفْظِهِ

हमका [हन्नाद बिन अस सारी] [अबू अल अह्वाश] से [सिमक] से [अल कासिम बिन अब्दुर्रहमान] से [अपने पिता] से [अबू बुरदह बिन नियार] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'चमड़ा से बने बर्तन मा पीयौ अऊर नशा न करौ'। अब्दुर्रहमान ने कहा, 'ई एक बुरी हदीस है, अबुल अहवाश सलाम बिन सुलैम ई हदीस मा गलती करत हैं, अऊर हम सिमक बिन हरब के कौनो दोस्त के बारे मा नाहीं जानित है जे ओनके हदीस के पुष्टि करत है। इ बीच सिमक खुद एक मजबूत व्यक्ति नाहीं हैं -हदीस के संदर्भ मा-'। अहमद बिन हनबल कहिन, 'अबुल अहवाश ई हदीस मा गलत रहे, अऊर शरीक उनके सनाद अऊर लफादज़ के मामला मा उनसे असहमत रहे'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5583

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ عَنْ ابْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ الدُّبَّاءِ وَالْحَنْتَمِ وَالنَّقِيرِ وَالْمُزَفَّتِخَالَفَهُ أَبُو عَوَانَةَ

हमका [मुहम्मद बिन इस्माइल] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन है [यजीद] उ कहिन; हमका [शरीक] से [सिमक बिन हरब] से [इब्न बुरैदा] से [अपने पिता] से उपदेश दिहिस है, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अद दुबा, अल हंतम, अन नकिर अऊर अल मुजफत का मना किहिन'। अबू अवाना अपने इतिहास का खंडन किहिन।

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Imam Nasa'i : 5584

أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ قَالَ أَنْبَأَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ حَجَّاجٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ قِرْصَافَةَ امْرَأَةٍ مِنْهُمْ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْاشْرَبُوا وَلَا تَسْكَرُواقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ وَهَذَا أَيْضًا غَيْرُ ثَابِتٍ وَقِرْصَافَةُ هَذِهِ لَا نَدْرِي مَنْ هِيَ وَالْمَشْهُورُ عَنْ عَائِشَةَ خِلَافُ مَا رَوَتْ عَنْهَا قِرْصَافَةُ

हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमका [इब्राहिम बिन हज्जाज] रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हमका [अबू अवाना] से [सिमक] से [किरशाफा] - ओनमा से एक के पत्नी - ['ऐस्या] से बताइस है, उ कहिन, 'पीओ अऊर नशा मत करो'। अबू अब्दुर्रहमान ने कहा कि यह हदीस भी मजबूत नहीं है, जबकि खुद किरशाफा हम भी इसके बारे में नहीं जानते हैं। हालांकि, ऐसियाह के बारे मा जवन प्रसिद्ध है ऊ ई है कि ओकर इतिहास उ बात के खंडन करत है जवन कि किरशफाह ओसे सुनाइन है।

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Imam Nasa'i : 5585

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ قُدَامَةَ الْعَامِرِيِّ أَنَّ جَسْرَةَ بِنْتَ دَجَاجَةَ الْعَامِرِيَّةَ حَدَّثَتْهُ قَالَتْ سَمِعْتُ عَائِشَةَ سَأَلَهَا أُنَاسٌ كُلُّهُمْ يَسْأَلُ عَنْ النَّبِيذِ يَقُولُ نَنْبِذُ التَّمْرَ غُدْوَةً وَنَشْرَبُهُ عَشِيًّا وَنَنْبِذُهُ عَشِيًّا وَنَشْرَبُهُ غُدْوَةً قَالَتْ لَا أُحِلُّ مُسْكِرًا وَإِنْ كَانَ خُبْزًا وَإِنْ كَانَتْ مَاءً قَالَتْهَا ثَلَاثَ مَرَّاتٍ

हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [कुदामह अल अमीरी] से सूचित किहिन है कि [जसराह बिंत दजाजह अल अमीरी] ने उनसे कहा, उ कहिन, 'मैंने ['ऐस्याह] से बहुत लोगन द्वारा पूछा जात सुना है, उ सब उनसे पैगम्बर के भावनाओं के बारे में पूछिन। बोले हम सुबेरे खजूर का रस बना के शाम को पियत हैं और शाम को जूस बना के सबेरे पियत हैं? 'आइशा ने जवाब दिया, 'मैं हिम्मत नाहीं करत हउँ कि भले ही उ रोटी होय, भले ही उ पानी होय, कुछौ मादक चीजन का अनुमति देब'। उ ई हदीस का तीन बार दोहराइन।

Hadith

Imam Nasa'i : 5586

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْمُبَارَكِ قَالَ حَدَّثَتْنَا كَرِيمَةُ بِنْتُ هَمَّامٍ أَنَّهَا سَمِعَتْ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ تَقُولُنُهِيتُمْ عَنْ الدُّبَّاءِ نُهِيتُمْ عَنْ الْحَنْتَمِ نُهِيتُمْ عَنْ الْمُزَفَّتِ ثُمَّ أَقْبَلَتْ عَلَى النِّسَاءِ فَقَالَتْ إِيَّاكُنَّ وَالْجَرَّ الْأَخْضَرَ وَإِنْ أَسْكَرَكُنَّ مَاءُ حُبِّكُنَّ فَلَا تَشْرَبْنَهُ

हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [अली इब्नुल मुबारक] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हमसे [करीमा बिन्त हम्मा] बताइन हैं कि उ ['ऐस्याह उम्मुल मुकमिनिन] का कहत सुनिन हैं, 'तुमका अद दुबा, अल हंटम अऊर अल मुजफत से प्रतिबंधित कर दीन गा है'। फिर उ औरतन के ओर मुड़ के कहिन, 'हरे माटी के जारन से दूर रहौ, अऊर अगर तोहरे बीजन के स्वाद तोहका नशा करत है तौ न पियौ।'

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Imam Nasa'i : 5587

أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا أَبَانُ بْنُ صَمْعَةَ قَالَ حَدَّثَتْنِي وَالِدَتِي عَنْ عَائِشَةَأَنَّهَا سُئِلَتْ عَنْ الْأَشْرِبَةِ فَقَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَنْهَى عَنْ كُلِّ مُسْكِرٍوَاعْتَلُّوا بِحَدِيثِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ

हमका [इस्माइल बिन मसूद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [खालिद] कहिन है, उ कहिन; हमसे [अबन बिन शम'ह] कहिन है, उ कहिन; ['ऐसिया] से [मेरी महतारी] से कहिन रहैं, कि ओनसे कुछ पेय के बारे मा पूछा गा रहा। तब 'ऐस्या ने जवाब दिया, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हर मादक पेय मना किया'। फिर उइ अब्दुल्ला बिन अब्बास के हदीस से अब्दुल्ला बिन स्याददाद के हदीस से तर्क किहिन।

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Imam Nasa'i : 5588

أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ قَالَ أَنْبَأَنَا الْقَوَارِيرِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ شُبْرُمَةَ يَذْكُرُهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادِ بْنِ الْهَادِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ حُرِّمَتْ الْخَمْرُ قَلِيلُهَا وَكَثِيرُهَا وَالسُّكْرُ مِنْ كُلِّ شَرَابٍ ابْنُ شُبْرُمَةَ لَمْ يَسْمَعْهُ مِنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ

हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अल कवरीरी] रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हमसे [अब्दुल वारित्स] कहिन हैं, उ कहिन, 'मैंने [इब्नू स्याब्रमह] का [अब्दुल्ला बिन स्याद्दाद बिन अल हद] से [इब्नू अब्बास] से एकर जिक्र करत सुना है, उ कहिन, 'खमेर का मना कीन गा है चाहे थोड़ा या बहुतायत मा, अऊर हर पेय मादक है'। हालांकि, इब्नू स्युब्रुमाह ने अब्दुल्ला बिन स्याददाद से ई नाहीं सुना रहा।

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Imam Nasa'i : 5589

أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا سُرَيْجُ بْنُ يُونُسَ قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ عَنْ ابْنِ شُبْرُمَةَ قَالَ حَدَّثَنِي الثِّقَةُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَحُرِّمَتْ الْخَمْرُ بِعَيْنِهَا قَلِيلُهَا وَكَثِيرُهَا وَالسَّكْرُ مِنْ كُلِّ شَرَابٍخَالَفَهُ أَبُو عَوْنٍ مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ الثَّقَفِيُّ

हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [सूरैज बिन यूनुस] कहिन है, उ कहिन; हमका [हुसैम] [इब्न शुब्रुमा] से बताइस है, उ कहिन; [अब्दुल्लाह बिन स्यादाद] से [इब्न अब्बास] से [एक व्यक्ति जे त्सीकाह करत है] कहिन है, उ कहिन, 'खमेर का अपने सार के कारण मना कीन गा है, चाहे उ थोड़ी मात्रा मा हो या बड़ी मात्रा मा, अऊर हर पेय के मादक प्रकृति के कारण'। अबू औन मुहम्मद बिन उबैदुल्लाह अट्स त्साकाफी असहमत हैं।

Hadith

Imam Nasa'i : 5590

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَكَمِ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ ح وَأَنْبَأَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ مِسْعَرٍ عَنْ أَبِي عَوْنٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَحُرِّمَتْ الْخَمْرُ بِعَيْنِهَا قَلِيلُهَا وَكَثِيرُهَا وَالسُّكْرُ مِنْ كُلِّ شَرَابٍ لَمْ يَذْكُرْ ابْنُ الْحَكَمِ قَلِيلُهَا وَكَثِيرُهَا

हमका [अहमद बिन अब्दुल्ला बिन अल हकाम] सूचित कइके उ कहिन; हमका [मुहम्मद] बताइस है। -दूसरे तरीका से ई बतावा गा है- ई हमका [अल हुसैन बिन मंसूर] बतावा गा है, उ कहिन; हमसे [अहमद बिन हंबल] कहिन है, उ कहिन; हमसे [मुहम्मद बिन जाफर] कहिन है, उ कहिन; हमका [स्यु'बाह] से [मिस'र] से [अबू औन] से [अब्दुल्लाह बिन स्यादाद] से [इब्न अब्बास] से सुनावा है, उ कहिन, 'खमेर का अपने सार के कारण मना कीन गा है; केतना कम या केतना, अऊर हर पेय का का नशा करत है'। लेकिन [इब्न अल हकाम] ने लफादज़, 'थोड़ा या बहुत' का जिक्र नाहीं किहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 5591

أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ أَبِي الْعَبَّاسِ قَالَ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ عَبَّاسِ بْنِ ذَرِيحٍ عَنْ أَبِي عَوْنٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَحُرِّمَتْ الْخَمْرُ قَلِيلُهَا وَكَثِيرُهَا وَمَا أَسْكَرَ مِنْ كُلِّ شَرَابٍقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ وَهَذَا أَوْلَى بِالصَّوَابِ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ شُبْرُمَةَ وَهُشَيْمُ بْنُ بَشِيرٍ كَانَ يُدَلِّسُ وَلَيْسَ فِي حَدِيثِهِ ذِكْرُ السَّمَاعِ مِنْ ابْنِ شُبْرُمَةَ وَرِوَايَةُ أَبِي عَوْنٍ أَشْبَهُ بِمَا رَوَاهُ الثِّقَاتُ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ

हमका [अल हुसैन बिन मंसूर] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अहमद बिन हंबल] कहिन है, उ कहिन; हमसे [इब्राहिम बिन अबुल अब्बास] कहिन है कि उ कहिन; हमसे [शरीक] [इब्नू अब्बास बिन ज़रीह] से [अबू औन] से [अब्दुल्लाह बिन स्यादाद] से [इब्न अब्बास] से संबंधित है, उ कहिन, 'खमेर का मना कीन गा है; केतना कम या केतना, अऊर हर पेय का का नशा करत है'। अबू अब्दुर्रहमान ने कहा कि यह हदीस इब्न स्यूब्रुमाह के हदीस से ज्यादा सही है। हुसैम बिन बसीर एक मुदलिस रहे - हदीस मा एक जालसाज -, उनके इतिहास के हदीस मा ई नाहीं बतावा गा है कि उ इब्न श्यूब्रुमाह से सुनिन। यहि बीच, अबू औन का इतिहास इब्न अब्बास से tsiqah -विश्वसनीय- हदीस विशेषज्ञन द्वारा सुनाई गई हदीस के समान है।

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Imam Nasa'i : 5592

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ أَبِي الْجُوَيْرِيَةِ الْجَرْمِيِّ قَالَ سَأَلْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ وَهُوَ مُسْنِدٌ ظَهْرَهُ إِلَى الْكَعْبَةِ عَنْ الْبَاذَقِ فَقَالَ سَبَقَ مُحَمَّدٌ الْبَاذَقَ وَمَا أَسْكَرَ فَهُوَ حَرَامٌ قَالَ أَنَا أَوَّلُ الْعَرَبِ سَأَلَهُ

हमका [कुतैबा] [सुफियान] से [अबू अल जुवैरिया अल जर्मी] से रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन, 'मैं [इब्नू अब्बास] से पूछेन - जे उ समय काबा के दीवार से आपन शरीर झुकाये रहे - बद्जाक - फारसी शराब - के बारे मा। फिर उ जवाब दिहिन, 'पैगम्बर मुहम्मद ने बद्जाक के बारे मा बहुत पहिले से कानून स्थापित किहिन हैं, अऊर जवन कुछौ भी नशीला होय ऊ हराम है'। अबू अल जुवैरिया ने कहा, 'मैं ई सवाल पूछै वाला पहिला अरब रहा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5593

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو عَامِرٍ وَالنَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ وَوَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا الْحَكَمِ يُحَدِّثُ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍمَنْ سَرَّهُ أَنْ يُحَرِّمَ إِنْ كَانَ مُحَرِّمًا مَا حَرَّمَ اللَّهُ وَرَسُولُهُ فَلْيُحَرِّمْ النَّبِيذَ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अबू अमीर] अऊर [अन नदलर बिन स्युमैल] अऊर [वहब बिन जुरैर] से रिपोर्ट किहिन हैं; हमका [स्यूबाह] [सलामा बिन कुहैल] से बताइस है, उ कहिन; हम [अबू अल हकाम] का बतावत सुने रहेन कि [इब्न अब्बास] कहिन, 'जेका अइसन चीज का हराम करै का पसंद है जेका अल्लाह हराम कइ दिहिस है, उ पैगम्बर के बातन का हराम कर दे'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5594

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ عُيَيْنَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَجُلٌ لِابْنِ عَبَّاسٍ إِنِّي امْرُؤٌ مِنْ أَهْلِ خُرَاسَانَ وَإِنَّ أَرْضَنَا أَرْضٌ بَارِدَةٌ وَإِنَّا نَتَّخِذُ شَرَابًا نَشْرَبُهُ مِنْ الزَّبِيبِ وَالْعِنَبِ وَغَيْرِهِ وَقَدْ أُشْكِلَ عَلَيَّ فَذَكَرَ لَهُ ضُرُوبًا مِنْ الْأَشْرِبَةِ فَأَكْثَرَ حَتَّى ظَنَنْتُ أَنَّهُ لَمْ يَفْهَمْهُ فَقَالَ لَهُ ابْنُ عَبَّاسٍ إِنَّكَ قَدْ أَكْثَرْتَ عَلَيَّ اجْتَنِبْ مَا أَسْكَرَ مِنْ تَمْرٍ أَوْ زَبِيبٍ أَوْ غَيْرِهِ

हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [उयैना बिन अब्दुर्रहमान] से [अपने पिता] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'एक आदमी [इब्न अब्बास] से कहिस, 'मैं खुरासान के लोगन मा से एक हौं, अऊर मोर भूमि बहुत ठंडी है। तौ हम किशमिश, अंगूर अऊर दूसर चीजन से पीये के लिए पेय बनाइन - अऊर हमका ओनका रटै मा बहुत दिक्कत भै, फिर उ पेय पदार्थन के कईयो उदाहरण इतना बताइन कि हमका लाग कि इब्नू अब्बास ओनका समझि नाहीं पइहैं -। यहिके बाद इब्न अब्बास ऊ मनई से कहिन, 'तुमने मोसे कईयो प्रकार के पेय पदार्थन के जिक्र किहिन है, मादक पेय पदार्थन से दूर रहौ, चाहे उ खजूर के रस से हो, किशमिश - सूखे अंगूर - या दूसर चीजन से'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5595

أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا الْقَوَارِيرِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ قَالَ حَدَّثَنَا أَيُّوبُ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ نَبِيذُ الْبُسْرِ بَحْتٌ لَا يَحِلُّ

हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अल कवरीरी] कहिन है, उ कहिन; हमसे [हम्मद] कहिन है, उ कहिन; हमका [अय्यूब] [सैद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] से कहिन है, उ कहिन, 'शुद्ध जवान खजूर का रस हलाल नाहीं है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5596

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي جَمْرَةَ قَالَ كُنْتُ أُتَرْجِمُ بَيْنَ ابْنِ عَبَّاسٍ وَبَيْنَ النَّاسِ فَأَتَتْهُ امْرَأَةٌ تَسْأَلُهُ عَنْ نَبِيذِ الْجَرِّ فَنَهَى عَنْهُ قُلْتُ يَا أَبَا عَبَّاسٍ إِنِّي أَنْتَبِذُ فِي جَرَّةٍ خَضْرَاءَ نَبِيذًا حُلْوًا فَأَشْرَبُ مِنْهُ فَيُقَرْقِرُ بَطْنِي قَالَ لَا تَشْرَبْ مِنْهُ وَإِنْ كَانَ أَحْلَى مِنْ الْعَسَلِ

हमका [मुहम्मद बिन बसिसियार] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [मुहम्मद] कहिन है, उ कहिन; हमका [स्यू'बाह] [अबू जमराह] से बताइन है, उ कहिन, 'एक बार मैं [इब्न अब्बास] अऊर लोगन के बीच व्याख्या करत रहेंव, तब एक औरत उनके पास आई अऊर एक माटी के बर्तन मा पैगम्बर के रस के बारे मा पूछिस, तब इब्न अब्बास ने मना करिन। तब हम कहेन, 'हे इब्न अब्बास, हम एक बार एक हरे जार मा नबीदज का रस बनाये रहेन, ई बहुत मीठा रहा, अऊर हम ओका तब तक पीयेन जब तक कि हमार पेट से आवाज नाइ आई?' इब्न अब्बास कहिन, 'शहद से मीठा होय के बावजूद भी ओसे मत पियौ'।

Hadith

Imam Nasa'i : 5597

أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَتَّابٍ وَهُوَ سَهْلُ بْنُ حَمَّادٍ قَالَ حَدَّثَنَا قُرَّةُ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو جَمْرَةَ نَصْرٌ قَالَ قُلْتُ لِابْنِ عَبَّاسٍ إِنَّ جَدَّةً لِي تَنْبِذُ نَبِيذًا فِي جَرٍّ أَشْرَبُهُ حُلْوًا إِنْ أَكْثَرْتُ مِنْهُ فَجَالَسْتُ الْقَوْمَ خَشِيتُ أَنْ أَفْتَضِحَ فَقَالَ قَدِمَ وَفْدُ عَبْدِ الْقَيْسِ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مَرْحَبًا بِالْوَفْدِ لَيْسَ بِالْخَزَايَا وَلَا النَّادِمِينَ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ بَيْنَنَا وَبَيْنَكَ الْمُشْرِكِينَ وَإِنَّا لَا نَصِلُ إِلَيْكَ إِلَّا فِي أَشْهُرِ الْحُرُمِ فَحَدِّثْنَا بِأَمْرٍ إِنْ عَمِلْنَا بِهِ دَخَلْنَا الْجَنَّةَ وَنَدْعُو بِهِ مَنْ وَرَاءَنَا قَالَ آمُرُكُمْ بِثَلَاثٍ وَأَنْهَاكُمْ عَنْ أَرْبَعٍ آمُرُكُمْ بِالْإِيمَانِ بِاللَّهِ وَهَلْ تَدْرُونَ مَا الْإِيمَانُ بِاللَّهِ قَالُوا اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ شَهَادَةُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَإِقَامُ الصَّلَاةِ وَإِيتَاءُ الزَّكَاةِ وَأَنْ تُعْطُوا مِنْ الْمَغَانِمِ الْخُمُسَ وَأَنْهَاكُمْ عَنْ أَرْبَعٍ عَمَّا يُنْبَذُ فِي الدُّبَّاءِ وَالنَّقِيرِ وَالْحَنْتَمِ وَالْمُزَفَّتِ

हमका [अबू दाऊद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अबू अत्ताब] - अर्थात् सहल बिन हम्माद - बताइन हैं - उ कहिन; हमसे [कुर्रा] सुनाइन है, उ कहिन; हमसे कहिन है [अबू जमराह नशर] उ कहिन, 'मैंने एक बार [इब्न अब्बास] से कहा, 'मेरी दादी ने एक माटी के बर्तन मा नबीदज़ का रस बनावा, फिर मैंने ओका मीठा पिया। अगर मैं बहुत ज्यादा पीत हउँ, तौ मैं लोगन के साथे घूमत हउँ - इधर-उधर बैठत हउँ - ताकि नशा मा न दिखै। इब्न अब्बास तब कहिन, 'अबू कैस से एक दूत रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास आवा अहै, तब उ ओनका ई कहिके अभिवादन किहिन: 'दूतन का स्वागत है, जे घृणित अऊर पछतावा करै वाले लोगन मा से नाहीं हैं'। उन्होंने कहा कि हे अल्लाह के रसूल हमरे और आपके बीच मूर्तिपूजक हैं और हम आपसे हराम महीनों के अलावा नहीं मिल सकत हैं। तौ हमका एक हुकुम दइ द्या, अगर हम यहिका निभाइब तौ हम स्वर्ग मा घुसब, अऊर हम यहिका अपने बाद के लोगन तक पहुँचा सकित है'। उ कहिन: 'मैं तोहका तीन चीजन के आज्ञा देत हउँ अऊर चार चीजन से मना करत हउँ। मैं तोहका अल्लाह पर भरोसा रखै का हुकुम देत हउँ। का तुम जानत हौ कि अल्लाह पर बिस्वास का होत है?' उइ जवाब दिहिन, 'अल्लाह अऊर उनके रसूल बेहतर जानत हैं'। उ कहिन: 'गवाही दइ द्या कि अल्लाह के अलावा पूजा के लायक कौनो भगवान नाहीं है, नमाज स्थापित करा, जकात अदा करा अऊर घनिमा के आय का पांचवां हिस्सा दइ द्या। अऊर हम तोहका चार चीजन से मना करत हई; अद दुबा, अन नकिर, अल हंतम अऊर अल मुजफत मा पैगम्बर के भावना बनाइन।

Hadith

Imam Nasa'i : 5598

أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ قَيْسِ بْنِ وَهْبَانَ قَالَ سَأَلْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ قُلْتُ إِنَّ لِي جُرَيْرَةً أَنْتَبِذُ فِيهَا حَتَّى إِذَا غَلَى وَسَكَنَ شَرِبْتُهُ قَالَ مُذْ كَمْ هَذَا شَرَابُكَ قُلْتُ مُذْ عِشْرُونَ سَنَةً أَوْ قَالَ مُذْ أَرْبَعُونَ سَنَةً قَالَ طَالَمَا تَرَوَّتْ عُرُوقُكَ مِنْ الْخَبَثِ وَمِمَّا اعْتَلُّوا بِهِ حَدِيثُ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ

हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [सुलेमान अत तैमी] से [कैस बिन वहबान] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन, 'मैंने [इब्न अब्बास] से पूछा, मैंने कहा, 'मेरे पास माटी के बर्तन का एक छोट जार है जेका मैं रस बनावै के लिए उपयोग करत हौं, अगर ई वाष्पित होइके बस गा है, तौ मैं ओका पी लेत हौं?' इब्न अब्बास ने जवाब दिया, 'तुम ऊ पेय कब से बनावत हौ?' हम जवाब दिहेन कि 'बीस साल से, या ऊ कहिस कि 'चालीस साल से'। इब्न अब्बास ने कहा, 'कितनी गन्दगी है कि तुम्हारी नसों उस गंदगी के सामने आ रही हैं -खमेर-'। जेहिमा उ बहाना के रूप मा उपयोग करत हैं, अब्दुल्ला बिन उमर से अब्दुल मलिक बिन नफी' के हदीस शामिल है।

Hadith

Imam Nasa'i : 5599

أَخْبَرَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ قَالَ أَنْبَأَنَا الْعَوَّامُ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ نَافِعٍ قَالَ قَالَ ابْنُ عُمَرَ رَأَيْتُ رَجُلًا جَاءَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِقَدَحٍ فِيهِ نَبِيذٌ وَهُوَ عِنْدَ الرُّكْنِ وَدَفَعَ إِلَيْهِ الْقَدَحَ فَرَفَعَهُ إِلَى فِيهِ فَوَجَدَهُ شَدِيدًا فَرَدَّهُ عَلَى صَاحِبِهِ فَقَالَ لَهُ رَجُلٌ مِنْ الْقَوْمِ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَحَرَامٌ هُوَ فَقَالَ عَلَيَّ بِالرَّجُلِ فَأُتِيَ بِهِ فَأَخَذَ مِنْهُ الْقَدَحَ ثُمَّ دَعَا بِمَاءٍ فَصَبَّهُ فِيهِ فَرَفَعَهُ إِلَى فِيهِ فَقَطَّبَ ثُمَّ دَعَا بِمَاءٍ أَيْضًا فَصَبَّهُ فِيهِ ثُمَّ قَالَ إِذَا اغْتَلَمَتْ عَلَيْكُمْ هَذِهِ الْأَوْعِيَةُ فَاكْسِرُوا مُتُونَهَا بِالْمَاءِ أَخْبَرَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي مُعَاوِيَةَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَقَ الشَّيْبَانِيُّ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِنَحْوِهِ قَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ نَافِعٍ لَيْسَ بِالْمَشْهُورِ وَلَا يُحْتَجُّ بِحَدِيثِهِ وَالْمَشْهُورُ عَنْ ابْنِ عُمَرَ خِلَافُ حِكَايَتِهِ

हमका [जियाद बिन अय्यूब] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [हुसैम] कहिन है, उ कहिन; हमका [अल अव्वाम] [अब्दुल मलिक बिन नफी'] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; [इब्नू उमर] ने कहा, 'मैंने एक आदमी को रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से मिलने आया देखा, जो पैगम्बर का रस वाला एक बर्तन लेकर आया था - वह उस समय रुकुन यामानी में था -। ऊ आदमी बर्तन ओनके हाथ मा थमाइस, फिर ऊ बर्तन का अपने मुँह के पास लाया अऊर एक तेज सुगंध देखिस, तौ ऊ बर्तन का ओकरे मालिक का वापस कइ दिहिस। तब जनता में से एक आदमी - जो वहाँ थे - ने उनसे कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, क्या वह पेय हराम है?' ऊ कहिस: 'आदमी का मोर पास लइ आवा'। त उ मनई जेकरे पास बर्तन रहा, ओका अल्लाह के रसूल के पास लाया गा रहा, उ फिर ओनके हाथ से बर्तन लइ लिहिस अऊर पानी माँगिस। फिर उ पानी का एक बर्तन मा डालिन जेहिमा नबीदज के रस रहा अऊर ओका अपने मुँह तक उठाइस। जब उ अउर पानी माँगिन तौ उ भ्रूभंग किहिन। फिर उ ओका बर्तन मा डालिन, जेकरे बाद उ कहिन: 'अगर इन बर्तनन के सुगंध आपके लिए बहुत मजबूत है, तौ ओका पानी से पतला करौ'। हमका [जियाद बिन अय्यूब] [अबू मुआविया] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अबू इशाक असी स्याबानी] से [अब्दुल मलिक बिन नफी'] से [इब्नू उमर] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से हदीस मा बतावा है'। अबू अब्दुर्रहमान कहिन, 'अब्दुल मलिक बिन नफी' कौनो प्रसिद्ध व्यक्ति नाहीं रहे अऊर ओनके हदीस का भी सबूत के रूप मा उपयोग नाहीं कीन जा सकत है। अऊर इब्न उमर से ई सब जानत हैं कि उनकर इतिहास अब्दुल मलिक बिन नफी के इतिहास से मेल खात है''।

Hadith

Imam Nasa'i : 5600

أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ أَبِي عَوَانَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ أَنَّ رَجُلًا سَأَلَ عَنْ الْأَشْرِبَةِ فَقَالَ اجْتَنِبْ كُلَّ شَيْءٍ يَنِشُّ

हमका [सुवैद बिन नसर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [अबू अरुबा] से [जैद बिन जुबैर] से [इब्न उमर] से रिपोर्ट किहिन है, कि एक आदमी पेय के बारे मा पूछिस?' तौ उ जवाब दिहिस, 'सब तरह के पेय पदार्थन से दूर जवन उबल गए हैं - किण्वन से गुजर रहे हैं-'।