Imam Nasa'i : 5541
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ قَالَنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْجِرَارِ وَالدُّبَّاءِ وَالظُّرُوفِ الْمُزَفَّتَةِ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [अल औजाई] रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; मोसे कहिस है [यह्या] कहिस, मोसे कहिस है [अबू सलामा] उ कहिस; मोका [अबू हुरैरा] बताइन हैं, उ कहिन, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम माटी के बर्तन, अद दुबा अऊर अल मुजफत के बर्तनन का निषिद्ध किहिन'।
Imam Nasa'i : 5542
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ عَوْنِ بْنِ صَالِحٍ الْبَارِقيِّ عَنْ زَيْنَبَ بِنْتِ نَصْرٍ وَجُمَيْلَةَ بِنْتِ عَبَّادٍ أَنَّهُمَا سَمِعَتَا عَائِشَةَ قَالَتْسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَنْهَى عَنْ شَرَابٍ صُنِعَ فِي دُبَّاءٍ أَوْ حَنْتَمٍ أَوْ مُزَفَّتٍ لَا يَكُونُ زَيْتًا أَوْ خَلًّا
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] से [जैनब बिन नहसर] अऊर [जुमैला बिन अब्बाद] से [आउन बिन सलीह अल बाकी] अऊर [जुमैला बिन अब्बाद] से रिपोर्ट किहिन है कि ओन दुइनौ ने ['ऐस्याह] का कहत सुना है, 'मैंने सुना है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अद दुबा, या अल हंतम, या अल हंतम मा बनावा गा पेय पदार्थन से मना किहिन; जवन तेल या सिरका नाहीं बनत'।
Imam Nasa'i : 5543
أَخْبَرَنَا قُرَيْشُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ أَنْبَأَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحَسَنِ قَالَ أَنْبَأَنَا الْحُسَيْنُ قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ الدُّبَّاءِ وَالْحَنْتَمِ وَالنَّقِيرِ وَالْمُزَفَّتِ
हमका [कुरैयस बिन अब्दुर्रहमान] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अली बिन अल हसन] रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अल हुसैन] बताइस है, उ कहिन; मुझसे [मुहम्मद बिन जियाद] कहिन है कि उ कहिन; हम [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहेन, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अद दुबा, अल हंतम, अन नकिर अऊर अल मुजफत का मना किहिन'।
Imam Nasa'i : 5544
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ الْفَضْلِ قَالَ حَدَّثَنَا ثُمَامَةُ بْنُ حَزْنٍ الْقُشَيْرِيُّ قَالَلَقِيتُ عَائِشَةَ فَسَأَلْتُهَا عَنْ النَّبِيذِ فَقَالَتْ قَدِمَ وَفْدُ عَبْدِ الْقَيْسِ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلُوهُ فِيمَا يَنْبِذُونَ فَنَهَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يَنْبِذُوا فِي الدُّبَّاءِ وَالنَّقِيرِ وَالْمُقَيَّرِ وَالْحَنْتَمِ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [अल कासिम बिन अल फदल] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हमसे कहिन है [त्सुमामह बिन हज़न अल कुरासी] उ कहिन, 'मैं एक बार ['ऐस्याह] से मिले रहेन फिर हम उनसे पैगम्बर -अरक- के भावनाओं के बारे मा पूछेन। फिर उ कहिन, 'अब्दु कैस' दूत एक बार रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले आए, उइ उनसे पैगम्बर के भावना के बारे मा पूछिन जवन उइ बनाइन रहैं, तब पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनका अद दुबा, अन नकीर, अल मुकय्यार अऊर अल हंतम मा बनावै से मना किहिन।
Imam Nasa'i : 5545
أَخْبَرَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عُلَيَّةَ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ سُوَيْدٍ عَنْ مُعَاذَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْنَهَى عَنْ الدُّبَّاءِ بِذَاتِهِ
हमका [जियाद बिन अय्यूब] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [इब्न उलेयाह] कहिन है, उ कहिन; हमका [इशाक बिन सुवैद] से [मुआदजाह] से ['ऐस्याह? रदलियाअल्लाहु अन्हुमा] उ कहिन, 'उ शुद्ध रूप से अद दुबा का मना किहिन'।
Imam Nasa'i : 5546
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ قَالَ سَمِعْتُ إِسْحَقَ وَهُوَ ابْنُ سُوَيْدٍ يَقُولُ حَدَّثَتْنِي مُعَاذَةُ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ نَبِيذِ النَّقِيرِ وَالْمُقَيَّرِ وَالدُّبَّاءِ وَالْحَنْتَمِفِي حَدِيثِ ابْنِ عُلَيَّةَ قَالَ إِسْحَقُ وَذَكَرَتْ هُنَيْدَةُ عَنْ عَائِشَةَ مِثْلَ حَدِيثِ مُعَاذَةَ وَسَمَّتْ الْجِرَارَ قُلْتُ لِهُنَيْدَةَ أَنْتِ سَمِعْتِيهَا سَمَّتْ الْجِرَارَ قَالَتْ نَعَمْ
हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अल मुतमीर] कहिन है, उ कहिन; हम [इशाक] का सुनेन - अर्थात् इब्न सुवैद - उ कहिन; ['ऐस्याह] से मोका [मुआदजाह] से वर्णित किहिन हैं, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अन नकीर, अल मुकय्यार, अद दुबा अऊर अल हंतम मा पैगम्बर के बयानन का मना किहिन'। [इब्न उलेयाह] के हदीस मा, [इशाक] कहिन, '[हुनैदा] ने ['ऐसियाह] से मुअदजाह के हदीस के रूप मा उल्लेख किहिन, अऊर उ ओका लफादज़ अल जिरार के साथ कहिन'। हम हुनैदा से पूछेन, 'का तुमने सुना -'ऐस्याह- अल जिरार -मिट्टी के बर्तन- जार- का जिक्र किहिन?' ऊ जवाब दिहिस, 'हाँ'।
Imam Nasa'i : 5547
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ طَوْدِ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ الْقَيْسِيِّ بَصْرِيٌّ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ هُنَيْدَةَ بِنْتِ شَرِيكِ بْنِ أَبَانَ قَالَتْلَقِيتُ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا بِالْخُرَيْبَةِ فَسَأَلْتُهَا عَنْ الْعَكَرِ فَنَهَتْنِي عَنْهُ وَقَالَتْ انْبِذِي عَشِيَّةً وَاشْرَبِيهِ غُدْوَةً وَأَوْكِي عَلَيْهِ وَنَهَتْنِي عَنْ الدُّبَّاءِ وَالنَّقِيرِ وَالْمُزَفَّتِ وَالْحَنْتَمِ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [थौद बिन अब्दुल मलिक अल कैसी] से एक व्यक्ति के रिपोर्ट किहिन है जे बसरा से आवा रहा, उ कहिन; [हुनैदा बिन्त स्यारिक बिन अबन] से [मेरे पिता] से कहिन है कि उ कहिन, 'मैं ['ऐस्याह] से मिला? खुरैबा मा रदलियाअल्लाहु अनहुमा, तब हम उनसे अल 'अकर के बारे मा पूछेन - जार मा खमेर के अवशेष -, तब उ हमका यहिसे मना किहिन। फिर कहिन- 'रात मा निचोड़ौ, फिर सबेरे दोपहर से पहिले पी लेव, जार के मुँह बंद करौ'। अऊर उ हमका अद दुबा, अन नकिर, अल मुजफत अऊर अल हंतम से प्रतिबंधित कइ दिहिन।
Imam Nasa'i : 5548
أَخْبَرَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ قَالَ سَمِعْتُ الْمُخْتَارَ بْنَ فُلْفُلٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الظُّرُوفِ الْمُزَفَّتَةِ
हमका [जियाद बिन अय्यूब] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [इब्न इदरीस] कहिन है, उ कहिन; हम [अनस] से [अल मुख्तार बिन फुलफुल] का सुनेन, उ कहिन, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अल मुजफत के बर्तन से मना किहिन - टार से रंगे बर्तन'।
Imam Nasa'i : 5549
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ قَالَ حَدَّثَنَا مَنْصُورُ بْنُ حَيَّانَ سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ جُبَيْرٍ يُحَدِّثُ أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عُمَرَ وَابْنَ عَبَّاسٍأَنَّهُمَا شَهِدَا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ نَهَى عَنْ الدُّبَّاءِ وَالْحَنْتَمِ وَالْمُزَفَّتِ وَالنَّقِيرِ ثُمَّ تَلَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَذِهِ الْآيَةَ{ وَمَا آتَاكُمْ الرَّسُولُ فَخُذُوهُ وَمَا نَهَاكُمْ عَنْهُ فَانْتَهُوا }
हमका [अहमद बिन सुलेमान] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [यजीद बिन हारून] कहिन है, उ कहिन; [मंसूर बिन हयान] ने हमसे कहा है कि उ [सैद बिन जुबैर] का बतावत सुने रहे कि उ [इब्नू उमर] अऊर [इब्नू अब्बास] का रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के खिलाफ गवाही देत सुने रहे, कि उ अद दुबा, अल हंतम, अल मुजफत अऊर अन नकीर का मना किहिन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने निम्न आयत पढ़ी-'-जो रसूल आपको देते है तो उसे स्वीकार कर लें। और जो मना करत है, छोड़ो..- ' -प्रश्न. अल हसीर: 7-'।
Imam Nasa'i : 5550
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ يَزِيدَ عَنْ ابْنِ عَمٍّ لَهَا يُقَالُ لَهُ أَنَسٌ قَالَ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍأَلَمْ يَقُلْ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ{ مَا آتَاكُمْ الرَّسُولُ فَخُذُوهُ وَمَا نَهَاكُمْ عَنْهُ فَانْتَهُوا }قُلْتُ بَلَى قَالَ أَلَمْ يَقُلْ اللَّهُ{ وَمَا كَانَ لِمُؤْمِنٍ وَلَا مُؤْمِنَةٍ إِذَا قَضَى اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَمْرًا أَنْ يَكُونَ لَهُمْ الْخِيَرَةُ مِنْ أَمْرِهِمْ }قُلْتُ بَلَى قَالَ فَإِنِّي أَشْهَدُ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ النَّقِيرِ وَالْمُقَيَّرِ وَالدُّبَّاءِ وَالْحَنْتَمِ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्ला] [सुलेमान अत तैमी] से [असमा बिंत यजीद] से अपने चाचा के बेटवा से बताइस है जेका [अनस] कहा जात रहा, उ कहिन; [इब्न अब्बास] ने कहा, 'क्या अल्लाह ने कहा है: '-रसूल आपको जो देते हैं तो उसे स्वीकार कर लें। और जौन मना करत है, तब छोड़ि द्या..- '? -प्रश्न अल हसीर: 7-, हम जवाब दिहेन, 'यह सही है'। इब्न अब्बास ने फिर से कहा, 'का अल्लाह ने नाहीं कहा है: '-अऊर ई पुरुषन के लिए उचित नाहीं है जे ईमानदार हैं अऊर न - औरतन के लिए भी जे ईमानदार हैं, कि अगर अल्लाह अऊर ओकर रसूल एक फरमान जारी किहिन हैं, तौ ओनके लिए - एक अउर - विकल्प होई..-? -प्रश्न अल हसीर: 36-, हम जवाब दिहेन, 'ई सही है'। इब्न अब्बास तब कहिन, 'वास्तव मा, मैं गवाही देत हउँ कि पैगम्बर अल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अन नकीर, अल मुकय्यार, अद दुबा अऊर अल हंतम का मना किहिन'।
Imam Nasa'i : 5551
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا بَهْزُ بْنُ أَسَدٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ مُرَّةَ قَالَ سَمِعْتُ زَاذَانَ قَالَ سَأَلْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَقُلْتُ حَدِّثْنِي بِشَيْءٍ سَمِعْتَهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْأَوْعِيَةِ وَفَسِّرْهُ قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْحَنْتَمِ وَهُوَ الَّذِي تُسَمُّونَهُ أَنْتُمْ الْجَرَّةَ وَنَهَى عَنْ الدُّبَّاءِ وَهُوَ الَّذِي تُسَمُّونَهُ أَنْتُمْ الْقَرْعَ وَنَهَى عَنْ النَّقِيرِ وَهِيَ النَّخْلَةُ يَنْقُرُونَهَا وَنَهَى عَنْ الْمُزَفَّتِ وَهُوَ الْمُقَيَّرُ
हमका [अमरू बिन यजीद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिस है [बहज बिन असद] कहिन, हमसे कहिन है [स्यूबाह] उ कहिन; मोका सूचित किहिन है [अमरू बिन मुर्राह] उ कहिन; हम [जाडज़ान] का कहत सुने रहेन; हम [अब्दुल्लाह बिन उमर] से पूछेन, हम कहेन, 'मुझे बतावा अऊर हमका कुछ समझावा जवन आपने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से औजारन के बारे मा सुना है?! अब्दुल्लाह बिन उमर ने जवाब दिया, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अल हंटम को मना किया, अर्थात् वह बर्तन जिसे आप अल जर्राह कहते हैं - एक माटी का बर्तन -; एड दुबा का निषेध करत है, अर्थात् उ पात्र जेका आप अल कारौ कहत हैं - कद्दू कंटेनर -; एक नकीर का निषिद्ध करत है, अर्थात् खजूर के तना जेकरे बीच मा आप आमतौर पर छेद बनावत हैं। अऊर उ अल मुजफत से भी मना किहिन, अर्थात् अल मुकय्यार - टार-' से रंगे जाय वाले बर्तन।
Imam Nasa'i : 5552
أَخْبَرَنَا سَوَّارُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَوَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنِ عَبْدِ الْمَجِيدِ عَنْ هِشَامٍ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَفْدَ عَبْدِ الْقَيْسِ حِينَ قَدِمُوا عَلَيْهِ عَنْ الدُّبَّاءِ وَعَنْ النَّقِيرِ وَعَنْ الْمُزَفَّتِ وَالْمَزَادَةِ الْمَجْبُوبَةِ وَقَالَ انْتَبِذْ فِي سِقَائِكَ أَوْكِهِ وَاشْرَبْهُ حُلْوًا قَالَ بَعْضُهُمْ ائْذَنْ لِي يَا رَسُولَ اللَّهِ فِي مِثْلِ هَذَا قَالَ إِذًا تَجْعَلَهَا مِثْلَ هَذِهِ وَأَشَارَ بِيَدِهِ يَصِفُ ذَلِكَ
हमका [सव्वर बिन अब्दुल्ला बिन सव्वर] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल वहाब बिन अब्दुल माजिद] से [हिस्याम] से [मुहम्मद] से [अबू हुरैरा] से कहिन है, 'जब अब्दु कैस के दूत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले आए, तौ उ ओनका अद दुबा, अन नकीर, अल मुजफत अऊर मजफत अऊर अलुबाह से मना किहिन कि नोबरेला ढक्कन-'। ऊ कहिस: 'अपने पीये के पानी के बर्तन मा रस बनावा, ऊपर से बाँधौ अऊर जब तक मीठा होय तब तक पियौ'। कुछ साथी बोले कि हे अल्लाह के रसूल हमें इजाजत दें कि ऐसे पात्र में रस बनाये ! उ कहिन: 'तब तौ वइसने बनावा,' ओनका इशारा करत हुए।'
Imam Nasa'i : 5553
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ قِرَاءَةً قَالَ وَقَالَ أَبُو الزُّبَيْرِ سَمِعْتُ جَابِرًا يَقُولُنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْجَرِّ وَالْمُزَفَّتِ وَالدُّبَّاءِ وَالنَّقِيرِ وَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا لَمْ يَجِدْ سِقَاءً يُنْبَذْ لَهُ فِيهِ نُبِذَ لَهُ فِي تَوْرٍ مِنْ حِجَارَةٍ
हमका [सुवैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुल्लाह] [इब्न जुरैज] से पढ़ै मा रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; [अबू अज जुबैर] कहिन; हम [जाबीर] का कहत सुने रहेन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने अल जरर -मिट्टी के बर्तन-, अल मुजफत, अद दुबा अऊर अन नकीर का मना किहिन। अऊर अगर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का पेयजल के बर्तन नाइ मिला जवने से रस बनावा जा सकै, तौ उ ओका पत्थर के बर्तन मा बनाइन'।
Imam Nasa'i : 5554
أَخْبَرَنِي أَحْمَدُ بْنُ خَالِدٍ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ يَعْنِي الْأَزْرَقَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُنْبَذُ لَهُ فِي سِقَاءٍ فَإِذَا لَمْ يَكُنْ لَهُ سِقَاءٌ نَنْبِذُ لَهُ فِي تَوْرِ بِرَامٍ قَالَ وَنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الدُّبَّاءِ وَالنَّقِيرِ وَالْمُزَفَّتِ
मोका [अहमद बिन खालिद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [इशाक] - अर्थात् अल अजरक - कहिन हैं; हमका [अब्दुल मलिक बिन अबू सुलेमान] [अबू अज जुबैर] से [जाबिर] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पीये के पानी के बर्तन मा नबीदज का रस बनावत रहें, अगर हमका पीये के पानी के बर्तन नाहीं मिलत रहें, तौ हम पत्थर के बर्तन मा बनावत रहें'। जाबीर कहिन, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अद दुबा, अन नकीर अऊर अल मुजफत का मना किहिन'।
Imam Nasa'i : 5555
أَخْبَرَنَا سَوَّارُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَوَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ الدُّبَّاءِ وَالنَّقِيرِ وَالْجَرِّ وَالْمُزَفَّتِ
हमका [सव्वर बिन अब्दुल्ला बिन सव्वर] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [खालिद इब्नुल हरिथ] कहिन है, उ कहिन; हमसे [अब्दुल मलिक] कहिन है, उ कहिन; हमका [अबू अज जुबैर] से [जाबिर? रदलियाहु अनहू] उ कहिन, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अद दुबा, अन नकीर, अल जरर अऊर अल मुजफत का मना किहिन'।
Imam Nasa'i : 5556
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ الْأَحْوَلُ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ أَبِي عِيَاضٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَخَّصَ فِي الْجَرِّ غَيْرَ مُزَفَّتٍ
हमका [इब्राहिम बिन सैद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [सुफयान] कहिन है, उ कहिन; हमसे [सुलेमान अल अहवाल] से [मुजाहिद] से [अबू इयादल] से [अब्दुल्ला] से कहिन है, कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने अल जर्र -मिट्टी के बर्तन- के उपयोग करै मा राहत दिहिन, मुजफत नाहीं।
Imam Nasa'i : 5557
أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ الْعَظِيمِ عَنْ الْأَحْوَصِ بْنِ جَوَّابٍ عَنْ عَمَّارِ بْنِ رُزَيْقٍ أَنَّهُ حَدَّثَهُمْ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ الزُّبَيْرِ بْنِ عَدِيٍّ عَنْ ابْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي كُنْتُ نَهَيْتُكُمْ عَنْ لُحُومِ الْأَضَاحِيِّ فَتَزَوَّدُوا وَادَّخِرُوا وَمَنْ أَرَادَ زِيَارَةَ الْقُبُورِ فَإِنَّهَا تُذَكِّرُ الْآخِرَةَ وَاشْرَبُوا وَاتَّقُوا كُلَّ مُسْكِرٍ
हमका [अल अब्बास बिन अब्दुल अजिम] से [अल अह्वाश बिन जवाब] से [अम्मर बिन जुरैक] से बतावा गा है कि उ ओनसे [इशाक] से [अज जुबैर बिन आदी] से [इब्नू बुरैदा] से [उनके पिता] से कहिन कि उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्ली इलाबाउस से कहिन: नौ का मांस -अदल्हा-, अब स्टॉक करा अऊर बचावा। जे कब्र के दर्शन करै चाहत है, तब ई ओका परलोक के याद दिलावै। पीओ, अऊर हर चीज से परहेज करो जवन नशा करत है'।
Imam Nasa'i : 5558
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ آدَمَ بْنِ سُلَيْمَانَ عَنْ ابْنِ فُضَيْلٍ عَنْ أَبِي سِنَانٍ عَنْ مُحَارِبِ بْنِ دِثَارٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي كُنْتُ نَهَيْتُكُمْ عَنْ زِيَارَةِ الْقُبُورِ فَزُورُوهَا وَنَهَيْتُكُمْ عَنْ لُحُومِ الْأَضَاحِيِّ فَوْقَ ثَلَاثَةِ أَيَّامٍ فَأَمْسِكُوا مَا بَدَا لَكُمْ وَنَهَيْتُكُمْ عَنْ النَّبِيذِ إِلَّا فِي سِقَاءٍ فَاشْرَبُوا فِي الْأَسْقِيَةِ كُلِّهَا وَلَا تَشْرَبُوا مُسْكِرًا
[मुहम्मद बिन आदम बिन सुलेमान] से [इब्नू फुदलैल] से [अबू सिनान] से [मुहरीब बिन दित्सर] से [अब्दुल्लाह बिन बुरैदा] से [अपने पिता] से रिपोर्ट करत हुए उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल, शान्ति अऊर बरकत ओनके ऊपर हो, कहिन: 'पहिले हम तोहरे कब्रन से जाय से मना करत रहेन, अब तीर्थयात्रा करब। हम तोहका तीन दिन से ज्यादा वध मांस -अदल्हा- खाए से भी मना करे हई, एहसे जवन देख सकत हई ओका रखौ। हम तोहका पैगम्बर के रस पियै से भी मना किहे रहेन सिवाय पानी के बर्तन मा, एहसे कौनो भी बर्तन से पियौ, अऊर नशीली चीजन से दूर रहौ।'
Imam Nasa'i : 5559
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَعْدَانَ بْنِ عِيسَى بْنِ مَعْدَانَ الْحَرَّانِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ أَعْيَنَ قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ قَالَ حَدَّثَنَا زُبَيْدٌ عَنْ مُحَارِبٍ عَنْ ابْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي كُنْتُ نَهَيْتُكُمْ عَنْ ثَلَاثٍ زِيَارَةِ الْقُبُورِ فَزُورُوهَا وَلْتَزِدْكُمْ زِيَارَتُهَا خَيْرًا وَنَهَيْتُكُمْ عَنْ لُحُومِ الْأَضَاحِيِّ بَعْدَ ثَلَاثٍ فَكُلُوا مِنْهَا مَا شِئْتُمْ وَنَهَيْتُكُمْ عَنْ الْأَشْرِبَةِ فِي الْأَوْعِيَةِ فَاشْرَبُوا فِي أَيِّ وِعَاءٍ شِئْتُمْ وَلَا تَشْرَبُوا مُسْكِرًا
हमका [मुहम्मद बिन मदन बिन ईसा बिन मदन अल हररानी] सूचित करत हुए उ कहिन; हमसे [अल हसन बिन अयून] कहिन है, उ कहिन; हमसे [जुहैर] कहिन है, उ कहिन; हमका [जुबैद] से [मुहरीब] से [इब्न बुरैदा] से [अपने पिता] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'मैं एक बार तोहका तीन चीजन से मना किहे रहेन; कब्र तीर्थयात्रा, अब तीर्थयात्रा करौ, उम्मीद है कि तीर्थयात्रा से अच्छाई बढी। तीन दिन से जादा हम तोहका वध मांस -अदल्हा- खाए से मना किहे रहेन, अब जइसे मन करे खाइ लेव। अऊर हम तोहका अलग-अलग बर्तनन मा पियै से भी मना किहे रहेन, अब जउने बर्तन मा तुमका पसंद है, वहिमा पियौ, अऊर कुछौ मादक न पियौ।'
Imam Nasa'i : 5560
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنِ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَجَّاجِ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ حَمَّادِ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُنْتُ نَهَيْتُكُمْ عَنْ الْأَوْعِيَةِ فَانْتَبِذُوا فِيمَا بَدَا لَكُمْ وَإِيَّاكُمْ وَكُلَّ مُسْكِرٍ
हमका [अबू बकर बिन अली] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [इब्राहिम बिन अल हज्जाज] कहिन है, उ कहिन; हमसे [हम्मद बिन सलामा] से [हम्मद बिन अबू सुलेमान] से [अब्दुल्लाह बिन बुरैदा] से [अपने पिता] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'मैं तोहका कईयो बर्तनन से मना कइ दिहे हउँ, अब तोहरे पास जउन बर्तन हैं, ओनके ऊपर एक नबीज़ निचोड़ौ, अऊर सब कुछ जहरीला से दूर रहौ'।