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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 Hadith

Hadith

Imam Nasa'i : 21

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ أَبِي أَيُّوبَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَسْتَقْبِلُوا الْقِبْلَةَ وَلَا تَسْتَدْبِرُوهَا لِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ وَلَكِنْ شَرِّقُوا أَوْ غَرِّبُوا

हमका [मुहम्मद बिन मंसूर] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे [सुफयान] [अज़ जुहरी] से ['अथा बिन यजीद] से ['अबू अय्यूब अल अंसारी] से कहिन है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा है, 'क़िबला का सामना न करौ अऊर शौच या पेशाब करत समय ओसे पीठ न करौ, बल्कि पूरब या पश्चिम का मुँह करौ'।

Hadith

Imam Nasa'i : 22

أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا غُنْدَرٌ قَالَ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ شِهَابٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَتَى أَحَدُكُمْ الْغَائِطَ فَلَا يَسْتَقْبِلْ الْقِبْلَةَ وَلَكِنْ لِيُشَرِّقْ أَوْ لِيُغَرِّبْ

हमका [याकूब बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [घुंडर] बतावा गा है कहिन; हमका [मा'मर] बतावा गा है; ई हमका [इब्न शिहाब] [अथा बिन यजीद] से [अबू अयूब अल अंसारी] से बतावा गा है, उ कहिन; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब आप में से कोई शौच करना चाहते है तो क़िबला का सामना न करें, बल्कि पूरब या पश्चिम का सामना करें'।

Hadith

Imam Nasa'i : 23

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ عَنْ مَالِكٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ عَنْ عَمِّهِ وَاسِعِ بْنِ حَبَّانَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ قَالَلَقَدْ ارْتَقَيْتُ عَلَى ظَهْرِ بَيْتِنَا فَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى لَبِنَتَيْنِ مُسْتَقْبِلَ بَيْتِ الْمَقْدِسِ لِحَاجَتِهِ

हमका [कुतैबा बिन सैद] [मलिक] से [यह्या बिन सैद] से [मुहम्मद बिन यह्या बिन हब्बान] से अपने चाचा [वसी' बिन हब्बान] से [अब्दुल्ला बिन उमर] से रिपोर्ट किहिन हैं; 'मैं एक बार अपने घर के छत पर चढ़ा रहा, फिर देखा कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैतुल मकदीस के दिशा का सामना करत हुए दुई ईंटन पर शौच करत रहे।'

Hadith

Imam Nasa'i : 24

أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ دُرُسْتَ قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو إِسْمَعِيلَ وَهُوَ الْقَنَّادُ قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي قَتَادَةَ حَدَّثَهُ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا بَالَ أَحَدُكُمْ فَلَا يَأْخُذْ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ

हमका [यह्या बिन दुरुस्ता] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अबू इस्माइल, अर्थात् अल कन्नद] बतावा गा है कि; ने मुझसे [यह्या बिन अबू कतसीर] से कहा है कि [अब्दुल्ला बिन अबू कतादह] ने [अपने पिता] से कहा था, कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब तुममें से कोई पेशाब करत है, तो ओकरे दाहिने हाथ से ओकरे जननांगन का न छूवा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 25

أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ وَكِيعٍ عَنْ هِشَامٍ عَنْ يَحْيَى هُوَ ابْنُ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ أَحَدُكُمْ الْخَلَاءَ فَلَا يَمَسَّ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِ

हमका [हन्नाद बिन अस सरी] से [वाकी'] से [हिस्याम] से [यह्या अर्थात् इब्न कथिर] से [अब्दुल्ला बिन अबू कतदाह] से [उनके पिता] से रिपोर्ट किहिन हैं; कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'जब तुममें से कोई पेशाब करत है, तो ओकरे दाहिने हाथ से ओकरे जननांगन का न छूवा जाय'।

Hadith

Imam Nasa'i : 26

أَخْبَرَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ هِشَامٍ قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْمَعِيلُ قَالَ أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ عَنْ سُلَيْمَانَ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَتَى سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِمًا

हमका [मुआम्मल बिन हिशम] सूचित कइके उ कहिन; हमका बतावा गा है [इस्माइल] कहिन; हमका [स्यू'बाह] से [सुलेमान] से [अबू वैल] से [हुजैफा] से रिपोर्ट कीन गा है 'रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार एक लोगन के कूड़ादान का दौरा किहिन, फिर उ खड़ा होइके पेशाब किहिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 27

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ أَنْبَأَنَا مُحَمَّدٌ قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ مَنْصُورٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا وَائِلٍ أَنَّ حُذَيْفَةَ قَالَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَتَى سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِمًا

हमका [मुहम्मद बिन बसियार] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [मुहम्मद बिन जाफर] रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; हमका [मंसूर] से [स्युअबाह] से रिपोर्ट किहिन है कि; हम [अबू वैल] से सुनेन कि [हुजैफा] कहिन रहैं, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार लोगन के कूड़ादान मा गें रहैं, फिर खड़ा होइके पेशाब किहिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 28

أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ قَالَ أَنْبَأَنَا بَهْزٌ قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ سُلَيْمَانَ وَمَنْصُورٍ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَشَى إِلَى سُبَاطَةِ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِمًا قَالَ سُلَيْمَانُ فِي حَدِيثِهِ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ وَلَمْ يَذْكُرْ مَنْصُورٌ الْمَسْحَ

हमका [सुलेमान बिन उबैदिल्लाह] सूचित कइके उ कहिन; हमका [बहज़ुन] बतावा गा है; हमका [स्यूबाह] से [सुलेमान] अऊर [मंसूर] से [अबू वैल] से [हुजैफा] से ई बतावा गा है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार एक लोगन के कूड़ादान के ओर चले गें, फिर उ खड़ा होइके पेशाब किहिन। सुलैमान ने अपनी हदीस में कहा; 'अऊर ऊ आपन दुइ खूफ पोंछि लिहिस-दुनौ जूता- जबकि मंसूर जूता के खूफ पोंछै का जिक्र नाहीं किहिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 29

أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمَنْ حَدَّثَكُمْ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَالَ قَائِمًا فَلَا تُصَدِّقُوهُ مَا كَانَ يَبُولُ إِلَّا جَالِسًا

हमका [अली बिन हुजर] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [शारीक] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] से रिपोर्ट करत हुए उ कहिन: 'जो भी तुमसे कहे कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम खड़े होके पेशाब किहिन, तौ विश्वास न करौ, काहे से कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बैठे के अलावा पेशाब नाहीं किहिन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 30

أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ أَبِي مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ زَيْدِ بْنِ وَهْبٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ ابْنِ حَسَنَةَ قَالَخَرَجَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَفِي يَدِهِ كَهَيْئَةِ الدَّرَقَةِ فَوَضَعَهَا ثُمَّ جَلَسَ خَلْفَهَا فَبَالَ إِلَيْهَا فَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ انْظُرُوا يَبُولُ كَمَا تَبُولُ الْمَرْأَةُ فَسَمِعَهُ فَقَالَ أَوَ مَا عَلِمْتَ مَا أَصَابَ صَاحِبُ بَنِي إِسْرَائِيلَ كَانُوا إِذَا أَصَابَهُمْ شَيْءٌ مِنْ الْبَوْلِ قَرَضُوهُ بِالْمَقَارِيضِ فَنَهَاهُمْ صَاحِبُهُمْ فَعُذِّبَ فِي قَبْرِهِ

हमका [हन्नाद बिन अस सारी] से [अबू मुआविया] से [अल 'अमासी] से [जैद बिन वहाब] से [अब्दुर्रहमान बिन हसाना] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार हमसे मिले रहे, अऊर उनके हाथ मा कुछ अइसन रहा जवन चमड़ा के ढाल के तरह दिखत रहा। फिर उ ओका नीचे रखिन अऊर ओके पीछे बइठिन, फिर ढाल पर पेशाब किहिन। कुछ जने कमेंट करिन, 'देखौ, ऊ औरत के तरह पेशाब करत है! ' जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ई बात सुनी, त उ कहिन, 'का तुमका पता नाहीं है कि इजरायल के बच्चन के साथे का भवा रहा?! जब ओनमा से एक का पेशाब से दाग लाग रहा, तौ उ कपड़ा का काट दिहिन जवन पेशाब से दाग रहा रहा, फिर ओकरे दोस्त ओनका अइसन करै से मना किहिन, यहिसे ओका अपनी कब्र मा यातना दीन गै'।

Hadith

Imam Nasa'i : 31

أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ عَنْ وَكِيعٍ عَنْ الْأَعْمَشِ قَالَ سَمِعْتُ مُجَاهِدًا يُحَدِّثُ عَنْ طَاوُسٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَمَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى قَبْرَيْنِ فَقَالَ إِنَّهُمَا يُعَذَّبَانِ وَمَا يُعَذَّبَانِ فِي كَبِيرٍ أَمَّا هَذَا فَكَانَ لَا يَسْتَنْزِهُ مِنْ بَوْلِهِ وَأَمَّا هَذَا فَإِنَّهُ كَانَ يَمْشِي بِالنَّمِيمَةِ ثُمَّ دَعَا بِعَسِيبٍ رَطْبٍ فَشَقَّهُ بِاثْنَيْنِ فَغَرَسَ عَلَى هَذَا وَاحِدًا وَعَلَى هَذَا وَاحِدًا ثُمَّ قَالَ لَعَلَّهُ يُخَفَّفُ عَنْهُمَا مَا لَمْ يَيْبَسَاخَالَفَهُ مَنْصُورٌ رَوَاهُ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ وَلَمْ يَذْكُرْ طَاوُسًا

हमका [हन्नाद बिन अस-सरिया] [वाकी'] से [अल अमासी] से रिपोर्ट किहिन हैं; 'मैंने [मुजाहिद] का कहते सुना; [थावस] से [इब्न अब्बास] से उ कहिन; 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार दुई कब्रन से गुजरिन, फिर उ कहिन: 'इन कब्रन के दुइनौ निवासीन का यातना दीन गै रही अऊर दुइनौ का यातना दीन गै रही, बड़का पाप के कारण नाहीं। ई एक आपन पेशाब साफ नाहीं करत रहा, जबकि ई एक का यातना देत रहा काहे से कि ऊ हमेशा एक दूसरे से लड़त रहा।' फिर उ खजूर के तना का एक टुकड़ा माँगिन जवन अबहियों गीला रहा। दुई भाग मा काट के दुइ कब्रन मा चिपका दिहिन। फिर उ कहिन: 'उम्मीद है कि ई दुइनौ का राहत दे सकत है जब तक कि उ अभी तक सूखे नाहीं हैं। '

Hadith

Imam Nasa'i : 32

أَخْبَرَنَا أَيَّوبُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْوَزَّانُ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَتْنِي حُكَيْمَةُ بِنْتُ أُمَيْمَةَ عَنْ أُمِّهَا أُمَيْمَةَ بِنْتِ رُقَيْقَةَ قَالَتْكَانَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدَحٌ مِنْ عَيْدَانٍ يَبُولُ فِيهِ وَيَضَعُهُ تَحْتَ السَّرِيرِ

हमका [अय्यूब बिन मुहम्मद अल वज़ान] रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; हमका बताइस है [हज्जाज] कहिन; [इब्न जुरैज] कहिन; अपनी महतारी [उमैमा बिन्त रुकैका] से मोका [हुकैमा बिन्त उमैमा] बताइस है, उ कहिन; ' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास खजूर के लकड़ी से बना एक बर्तन रहा जेका उ पेशाब करै के लिए इस्तेमाल करत रहें। ऊ ओका बिस्तर के नीचे रख दिहिस'।

Hadith

Imam Nasa'i : 33

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ أَنْبَأَنَا أَزْهَرُ أَنْبَأَنَا ابْنُ عَوْنٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ الْأَسْوَدِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْيَقُولُونَ إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوْصَى إِلَى عَلِيٍّ لَقَدْ دَعَا بِالطَّسْتِ لِيَبُولَ فِيهَا فَانْخَنَثَتْ نَفْسُهُ وَمَا أَشْعُرُ فَإِلَى مَنْ أَوْصَىقَالَ الشَّيْخُ أَزْهَرُ هُوَ ابْنُ سَعْدٍ السَّمَّانُ

हमका [अम्र बिन अली] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका रिपोर्ट किहिन है [अजहर] हमका [इब्न औन] से [इब्राहिम] से [अल असवाद] से [ऐसिया] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; ' लोग बोले, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अली को वसीयत दी। ऊ एक बेसिन माँगिस जेहिमा ऊ पेशाब करत रहा, फिर ओकर अंग धीरे-धीरे कमजोर होइगा काहे से कि ऊ मौत के नजदीक आवत रहा, हमका ई महसूस नाहीं भवा, अऊर ऊ केकरे लिए वसीयत बनाइस?' अमर बिन अली कहिन; शेख अजहर का मतलब इब्नू सईद बिन सामन है।

Hadith

Imam Nasa'i : 34

أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ أَنْبَأَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ قَتَادَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَرْجِسَأَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَبُولَنَّ أَحَدُكُمْ فِي جُحْرٍقَالُوا لِقَتَادَةَ وَمَا يُكْرَهُ مِنْ الْبَوْلِ فِي الْجُحْرِ قَالَ يُقَالُ إِنَّهَا مَسَاكِنُ الْجِنِّ

हमका ['उबैदिल्लाह बिन सैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका रिपोर्ट किहिन है [मुआदज बिन हिशम] कहिन; [मेरे पिता] ने [कतादाह] से [अब्दुल्लाह बिन सरजीस] से बतावा है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'तुममें से केहू का छेद मा पेशाब न करै का चाही'। उन्होंने कतदाह से पूछा, छेद में पेशाब काहे मना है? उ जवाब दिहिस; खबर है कि ई उहै है जहाँ जिन्न रहत है।

Hadith

Imam Nasa'i : 35

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ نَهَى عَنْ الْبَوْلِ فِي الْمَاءِ الرَّاكِدِ

हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [अल-लैट्स] से [अबू जुबैर] से [जाबीर] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन है, उ स्थिर पानी मा पेशाब करै से मना किहिन - बहत नाहीं -'।

Hadith

Imam Nasa'i : 36

أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ الْأَشْعَثِ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَبُولَنَّ أَحَدُكُمْ فِي مُسْتَحَمِّهِ فَإِنَّ عَامَّةَ الْوَسْوَاسِ مِنْهُ

हमका [अली बिन हुजर] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [इब्न अल मुबारक] से [ममर] से [अल असियात बिन अब्दुल मलिक] से [अल हसन] से [अब्दुल्लाह बिन मुगफ्फल] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन: 'नहावै के जगह मा पेशाब न करौ, काहे से कि ज्यादातर चिंता यहिसे आवत है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 37

أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ وَقَبِيصَةُ قَالَا أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ عَنْ الضَّحَّاكِ بْنِ عُثْمَانَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَمَرَّ رَجُلٌ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَبُولُ فَسَلَّمَ عَلَيْهِ فَلَمْ يَرُدَّ عَلَيْهِ السَّلَامَ

हमसे कहिन [महमूद बिन घैलान] हमसे कहिन हैं [जैद बिन अल हुब्बाब] अऊर [कुबैशाह] दुइनौ कहिन; हमका [सुफयान] से [दलाहक बिन उथमान] से [नफी'] से [इब्न उमर] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; ' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास से एक आदमी गुजरा, अऊर उ पेशाब करत रहा। तब ऊ मनई ओसे नमस्ते कहिस, लेकिन ऊ जवाब नाहीं दिहिस।'

Hadith

Imam Nasa'i : 38

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ قَالَ أَنْبَأَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ حُضَيْنٍ أَبِي سَاسَانَ عَنْ الْمُهَاجِرِ بْنِ قُنْفُذٍأَنَّهُ سَلَّمَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَبُولُ فَلَمْ يَرُدَّ عَلَيْهِ حَتَّى تَوَضَّأَ فَلَمَّا تَوَضَّأَ رَدَّ عَلَيْهِ

हमका [मुहम्मद बिन बसियार] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे कहिस है [मुआदज़ बिन मुअदज़] कहिन; हमका [सैद] से [कतादाह] से [अल हसन] से [हुदलैन अबू सासन] से [अल मुहाजिर बिन कुनफुद्ज़] से रिपोर्ट किहिन है ' जब उ पेशाब करत रहें तौ उ एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का नमस्कार किहिन, अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम आपन नमस्कार नाहीं लौटाइन। वजू करै के बाद उ नमस्कार लौटाइन।

Hadith

Imam Nasa'i : 39

أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ بْنِ سَنَّةَ الْخُزَاعِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى أَنْ يَسْتَطِيبَ أَحَدُكُمْ بِعَظْمٍ أَوْ رَوْثٍ

हमका [अहमद बिन अमर बिन अस सरह] सूचित कइके उ कहिन; हमका रिपोर्ट किहिन है [इब्न वहाब] कहिन; [अबू उथमान बिन सनह अल खुजाई] से [अब्दुल्लाह बिन मसूद] से [इब्न शिहाब] से [यूनुस] से ई सूचना मिली है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हड्डी या जानवरन के गोबर से शुद्धिकरण से मना किहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 40

أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى يَعْنِى ابْنَ سَعِيدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَجْلَانَ قَالَ أَخْبَرَنِي الْقَعْقَاعُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّمَا أَنَا لَكُمْ مِثْلُ الْوَالِدِ أُعَلِّمُكُمْ إِذَا ذَهَبَ أَحَدُكُمْ إِلَى الْخَلَاءِ فَلَا يَسْتَقْبِلْ الْقِبْلَةَ وَلَا يَسْتَدْبِرْهَا وَلَا يَسْتَنْجِ بِيَمِينِهِ وَكَانَ يَأْمُرُ بِثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ وَنَهَى عَنْ الرَّوْثِ وَالرِّمَّةِ

हमका [याकूब बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [यह्या अर्थात् इब्न सईद] से [मुहम्मद बिन अजलान] कहिन; [अबू सलीह] से [अबू हुरैरा] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मोहि [अल काका'] बताइस है कि उ कहिन: 'मैं तोहरे लिए एक पिता के तरह हौं। मैं तोहका सिखावत हउँ कि जब तुम शौचालय जाय चाहत हौ, तौ क़िबला का सामना न करौ अऊर ओसे आपन पीठ न फेरौ, अऊर अपने आप का अपने दाहिने हाथ से न धोओ।' तीन पत्थरन से खुद का शुद्ध करै का भी आदेश दिहिन। उ जानवरन के मल अऊर हड्डियन से शुद्धिकरण से मना किहिन'।