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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Nasa'i (الامام النسائي) - 5662 Hadith

Hadith

Imam Nasa'i : 181

أَخْبَرَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ بْنِ دَاوُدَ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ بَكْرِ بْنِ مُضَرَ قَالَ حَدَّثَنِي بَكْرُ بْنُ مُضَرَ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ رَبِيعَةَ عَنْ بَكْرِ بْنِ سَوَادَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ مُسْلِمِ بْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي سُفْيَانَ بْنِ سَعِيدِ بْنِ الْأَخْنَسِ أَنَّ أُمَّ حَبِيبَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ لَهُوَشَرِبَ سَوِيقًا يَا ابْنَ أُخْتِي تَوَضَّأْ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ تَوَضَّئُوا مِمَّا مَسَّتْ النَّارُ

हमका [अर-रबी' बिन सुलेमान बिन दाउद] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन है [इशाक बिन बकर बिन मुदलर] कहिन; [बकर बिन मुदलर] से [जफर बिन रबीअह] से [बकर बिन सवदा] से [मुहम्मद बिन मुस्लिम बिन शिहाब] से [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] से [अबू सुफयान बिन सईद बिन अल अखनास बिन स्यारिक] से कहिन है, कि [उम्मू हबीबा] - रसूलुल्लाह अलैह वल्लाह के पत्नी - -अऊर अबू सुफयान ने अभी-अभी सविक खाया था -गेहूँ के आटे से बना भोजन- -: 'हे भतीजा! वजू करौ, काहे से कि हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहत सुने रहेन: 'वजू करौ काहे से कि तुम कुछ अइसन खात हौ जेका -आग से पकावा गा है''।

Hadith

Imam Nasa'i : 182

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْحُسَيْنِ عَنْ زَيْنَبَ بِنْتِ أُمِّ سَلَمَةَ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَكَلَ كَتِفًا فَجَاءَهُ بِلَالٌ فَخَرَجَ إِلَى الصَّلَاةِ وَلَمْ يَمَسَّ مَاءً

हमका [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [यह्या] से [जफर बिन मुहम्मद] से [अपने पिता] से [अली बिन हुसैन] से [जैनब बिन उम्म सलामा] से [उम्मू सलामा] से कहिन है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार जांघ का मांस खाए रहे, फिर बिलाल आए, फिर उ नमाज पढ़ै निकले अऊर उ कउनो अब्लोत नाहीं किहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 183

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يُوسُفَ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ قَالَدَخَلْتُ عَلَى أُمِّ سَلَمَةَ فَحَدَّثَتْنِي أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصْبِحُ جُنُبًا مِنْ غَيْرِ احْتِلَامٍ ثُمَّ يَصُومُ وَحَدَّثَنَا مَعَ هَذَا الْحَدِيثِ أَنَّهَا حَدَّثَتْهُ أَنَّهَا قَرَّبَتْ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَنْبًا مَشْوِيًّا فَأَكَلَ مِنْهُ ثُمَّ قَامَ إِلَى الصَّلَاةِ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ

हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिस है [खालिद] कहिन; हमका [इब्न जुरैज] से [मुहम्मद बिन यूसुफ] से [सुलेमान बिन यासर] से कहिन है; 'मैं एक बार [उम्मू सलामा] से मिला अऊर उ मोसे कहिन कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार भोर मा जुनब के स्थिति मा जाग गें, न कि सपना के कारण। फिर उ उपवास किहिन - सुलेमान बिन यासर के हमका ई हदीस बतावै के अलावा, लेकिन उम् सलामा ओनसे कहिन - कि उ ओनका कंधा अऊर जांघन से सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ग्रील्ड मीट परोसिन। खाइन, फिर बिना वजू किहे नमाज पढ़िन'।

Hadith

Imam Nasa'i : 184

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ ابْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَشَهِدْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَكَلَ خُبْزًا وَلَحْمًا ثُمَّ قَامَ إِلَى الصَّلَاةِ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ

हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिस है [खालिद] कहिन; हमसे कहिन है [इब्न जुरैज] कहिन; [इब्न यासर] से [इब्न अब्बास] से [मुहम्मद बिन यूसुफ] का बतावा है, उ कहिन; 'मैंने देखा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को रोटी और मांस खाते हुए, फिर बिना वजू किये नमाज पढ़ते हुए देखा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 185

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَيَّاشٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبٌ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ قَالَكَانَ آخِرَ الْأَمْرَيْنِ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَرْكُ الْوُضُوءِ مِمَّا مَسَّتْ النَّارُ

हमका [अम्र बिन मंसूर] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन है [अली बिन अय्यास] कहिन; हमका [स्यूअैब] से [मुहम्मद बिन मुनकादिर] कहिन हैं; 'मैंने [जाबिर बिन अब्दुल्ला] का कहते सुना; 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने जवन दुई चीजन का छोड़ दिहिन, ओनमा से एक वजू नाहीं करब काहे से कि उ कुछ अइसन खाइस जेका -आग से पकावा गा रहा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 186

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ وَاللَّفْظُ لَهُ عَنْ ابْنِ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ بُشَيْرِ بْنِ يَسَارٍ مَوْلَى بَنِي حَارِثَةَ أَنَّ سُوَيْدَ بْنَ النُّعْمَانِ أَخْبَرَهُأَنَّهُ خَرَجَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَامَ خَيْبَرَ حَتَّى إِذَا كَانُوا بِالصَّهْبَاءِ وَهِيَ مِنْ أَدْنَى خَيْبَرَ صَلَّى الْعَصْرَ ثُمَّ دَعَا بِالْأَزْوَادِ فَلَمْ يُؤْتَ إِلَّا بِالسَّوِيقِ فَأَمَرَ بِهِ فَثُرِّيَ فَأَكَلَ وَأَكَلْنَا ثُمَّ قَامَ إِلَى الْمَغْرِبِ فَتَمَضْمَضَ وَتَمَضْمَضْنَا ثُمَّ صَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ

हमका [मुहम्मद बिन सलामा] का उपदेश दिहिस है अऊर [अल हरिथ बिन मिस्किन] का पढ़ा गा है अऊर हम उनसे ई लफाज़ सुनेन, [इब्नू अल कासिम] से उ कहिन; [मलिक] ने मोका [यह्या बिन सैद] से [बुसैर बिन यासर] से बतावा रहा - बानी हरितसाह के एक गुलाम - कि [सुवैद बिन नुमान] ने ओसे कहा रहा कि उ खैबर युद्ध के साल रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे शहबान क्षेत्र - खैबर मा सबसे निचला क्षेत्र - फिर उ असार नमाज कहिन। फिर पूर्ति लावै का कहिस तौ सविक के अलावा कुछौ नहीं लावा गा। फिर उनसे कहा कि नरम कराओ, उ तुरंत मगरिब के नमाज पढ़ै के लिए खड़ा होइ गें, फिर उ आपन मुंह कुल्ला किहिन अऊर हमहूँ मुँह कुल्ला किहिन, फिर उ बिना वजू किहे नमाज पढ़िन।

Hadith

Imam Nasa'i : 187

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَرِبَ لَبَنًا ثُمَّ دَعَا بِمَاءٍ فَتَمَضْمَضَ ثُمَّ قَالَ إِنَّ لَهُ دَسَمًا

हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [अल-लैट्स] [उकैल] से [जुहरी] से [उबैदिल्लाह बिन अब्दुल्ला] से [इब्न अब्बास] से कहिन है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम दूध पियिन अऊर फिर गरारा करै के लिए पानी माँगिन। फिर कहिन, 'दूध मा चर्बी होत है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 188

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَغَرِّ وَهوَ ابْنُ الصَّبَّاحِ عَنْ خَلِيفَةَ بْنِ حُصَيْنٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ عَاصِمٍأَنَّهُ أَسْلَمَ فَأَمَرَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يَغْتَسِلَ بِمَاءٍ وَسِدْرٍ

हमसे कहिन है [अम्र बिन अली] हमसे कहिन हैं [यह्या] उ कहिन; हमसे [सुफयान] से [अल अघर, अर्थात् इब्न शबाह] से [खलीफा बिन हुशैन] से [कैस बिन अशिम] से कहिन है कि उ इस्लाम धर्म अपनाइन, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ओनसे पानी अऊर सिदर -लाइट लीव्स- से नहावै का कहिन।

Hadith

Imam Nasa'i : 189

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُإِنَّ ثُمَامَةَ بْنَ أُثَالٍ الْحَنَفِيَّ انْطَلَقَ إِلَى نَجْلٍ قَرِيبٍ مِنْ الْمَسْجِدِ فَاغْتَسَلَ ثُمَّ دَخَلَ الْمَسْجِدَ فَقَالَ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ يَا مُحَمَّدُ وَاللَّهِ مَا كَانَ عَلَى الْأَرْضِ وَجْهٌ أَبْغَضَ إِلَيَّ مِنْ وَجْهِكَ فَقَدْ أَصْبَحَ وَجْهُكَ أَحَبَّ الْوُجُوهِ كُلِّهَا إِلَيَّ وَإِنَّ خَيْلَكَ أَخَذَتْنِي وَأَنَا أُرِيدُ الْعُمْرَةَ فَمَاذَا تَرَى فَبَشَّرَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَمَرَهُ أَنْ يَعْتَمِرَ مُخْتَصَرٌ

हमका [कुतैबा] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [अल-लैट्स] [सैद बिन अबू सईद] से कहिन है कि उ [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहे; ' त्सुमाह बिन उत्सल अल हनफी नहावै के लिए मस्जिद के पास बहत पानी के पास गें, फिर मस्जिद मा घुसे अऊर कहिन 'मैं गवाही देत ​​हउँ कि अल्लाह के अलावा कौनो भगवान नाहीं है जेकर पूजा कीन जाय, ओकर कौनो साथी नाहीं है अऊर मैं गवाही देत ​​हउँ कि मुहम्मद उनकर सेवक अऊर दूत हैं। हे मुहम्मद! अल्लाह के कसम, ई धरती पर, कौनो चेहरा नाहीं रहा जेसे हम सबसे ज्यादा नफरत करत रहेन, लेकिन तोहार चेहरा, अऊर अब तोहार चेहरा उ चेहरा है जेसे हम सबसे ज्यादा प्यार करत हई। तोहार घोड़ा मोका ढोई अऊर मैं उमरा करै चाहत हउँ। का सोचत हौ?' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उन्हें खुशखबरी दी और उमरा पर जाने का आदेश दिया'।-संक्षेप में यही कहानी है-

Hadith

Imam Nasa'i : 190

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى عَنْ مُحَمَّدٍ قَالَ حَدَّثَنِي شُعْبَةُ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ قَالَ سَمِعْتُ نَاجِيَةَ بْنَ كَعْبٍ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّهُ أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّ أَبَا طَالِبٍ مَاتَ فَقَالَ اذْهَبْ فَوَارِهِ قَالَ إِنَّهُ مَاتَ مُشْرِكًا قَالَ اذْهَبْ فَوَارِهِ فَلَمَّا وَارَيْتُهُ رَجَعْتُ إِلَيْهِ فَقَالَ لِي اغْتَسِلْ

हमका [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] [मुहम्मद] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; [स्यूबाह] से [अबू इशाक] ने कहा है; हम [अली] रादलियाहुअनहु से [नजियाह बिन काब] सुने रहेन कि उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आए रहे अऊर ओनका सूचित करै कि अबू तालिब मर गए हैं! ऊ कहिस, 'वहाँ जाके दफनावा' अली कहिस; उ एक बहुदेववादी के रूप मा मरि गवा। प्रेरित कहिन; 'वहाँ जा अऊर ओका दफनावा' अली कहिन, 'ओका दफनावै के बाद मैं घरे गयौं, फिर उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मोसे कहिन; 'नहा लेव। ''

Hadith

Imam Nasa'i : 191

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ قَتَادَةَ قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي رَافِعٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا جَلَسَ بَيْنَ شُعَبِهَا الْأَرْبَعِ ثُمَّ اجْتَهَدَ فَقَدْ وَجَبَ الْغُسْلُ

हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [खालिद] कहिन है, उ कहिन; हमसे [स्यु'बाह] से [कतादाह] कहै से संबंधित है; 'मैंने [हसन] का कहते सुना; [अबू रफी'] से [अबू हुरैरा] से कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब उ दुइ हाथ अऊर दुइ गोड़ के बीच बैठा है - संभोग करत है-, तब यहिके बारे मा गंभीर होके, ओका नहलावै अनिवार्य है'।

Hadith

Imam Nasa'i : 192

أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ بْنِ إِسْحَقَ الْجَوْزَجَانِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ قَالَ حَدَّثَنَا أَشْعَثُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا قَعَدَ بَيْنَ شُعَبِهَا الْأَرْبَعِ ثُمَّ اجْتَهَدَ فَقَدْ وَجَبَ الْغُسْلُقَالَ أَبُو عَبْد الرَّحْمَنِ هَذَا خَطَأٌ وَالصَّوَابُ أَشْعَثُ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَقَدْ رَوَى الْحَدِيثَ عَنْ شُعْبَةَ النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ وَغَيْرُهُ كَمَا رَوَاهُ خَالِدٌ

हमका [इब्राहिम बिन याकूब बिन इशाक अल जौजाजानी] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [अब्दुल्ला बिन यूसुफ] कहिन हैं, उ कहिन; हमसे [ईसा बिन यूनुस] कहिन है, उ कहिन; हमका [अश'थ बिन अब्दुल मलिक] [इब्न सिरिन] से [अबू हुरैरा] से बतावा गा है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'जब उ दुइ हाथ अऊर दुइ गोड़ के बीच बैठा है अऊर फिर गंभीरता से मतलब है, तौ ओका नहवावै का अनिवार्य है'। अबू अब्दुर्रहमान कहिन; ई एक गलत है, सही है, अबू हुरैरा से अल हसन से अशत। ई हदीस, अन-नदलर बिन स्यूमैल, खालिद अऊर दूसरन ने स्यूबाह से सुनाई है।

Hadith

Imam Nasa'i : 193

أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ وَاللَّفْظُ لِقُتَيْبَةَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ عَنْ الرُّكَيْنِ بْنِ الرَّبِيعِ عَنْ حُصَيْنِ بْنِ قَبِيصَةَ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكُنْتُ رَجُلًا مَذَّاءً فَقَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا رَأَيْتَ الْمَذْيَ فَاغْسِلْ ذَكَرَكَ وَتَوَضَّأْ وُضُوءَكَ لِلصَّلَاةِ وَإِذَا فَضَخْتَ الْمَاءَ فَاغْتَسِلْ

हमका [कुतैबा बिन सैद] अऊर [अली बिन हुज्र] का कुतैबा से ई लफाज़ के रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; हमका [अबिदा बिन हुमैद] से [रुकैन बिन रबी'] से [हुसैन बिन काबीशाह] से [अली] से कहिस है, रदलियाल्लाहु'अन्हू ने कहा; 'मैं एक अइसन मनई हउँ जउन अक्सर मडज़ी का बाहर लावत हउँ। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे कहा: 'जब तुम मडज़ी देखौ, तब आपन जननांग धोवा अऊर नमाज के लिए वजू के तरह वजू करौ। अगर आप स्खलन करत हई, त नहावा।

Hadith

Imam Nasa'i : 194

أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ عَنْ زَائِدَةَ ح و أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَاللَّفْظُ لَهُ أَنْبَأَنَا أَبُو الْوَلِيدِ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ عَنْ الرُّكَيْنِ بْنِ الرَّبِيعِ بْنِ عَمِيلَةَ الْفَزَارِيِّ عَنْ حُصَيْنِ بْنِ قَبِيصَةَ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكُنْتُ رَجُلًا مَذَّاءً فَسَأَلْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِذَا رَأَيْتَ الْمَذْيَ فَتَوَضَّأْ وَاغْسِلْ ذَكَرَكَ وَإِذَا رَأَيْتَ فَضْخَ الْمَاءِ فَاغْتَسِلْ

हमका [उबैदुल्लाह बिन सैद] सूचित कइके उ कहिन; हमका [अब्दुर्रहमान] [जैदा] से बताइस है, अऊर हमका [इशाक बिन इब्राहिम] का ई लफाज़ बताइस है, हमका [अबू वालिद] बताइस है हमका [जैदा] का [रुकैन बिन रबी' बिन 'अमिलाह अल फजरी] से [हुसैन बिन कालीशाह] से [अलिहुल्लाहु] कहिस; 'मैं एक अइसन मनई हउँ जे अक्सर मडज़ी पैदा करत हउँ, एहसे हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछेन, फिर उ मोसे कहिन: 'जब तुम मडज़ी देखब त नमाज के लिए वजू के तरह वजू करा, फिर आपन जननांग धोवा। अगर आप वीर्य निकलत देखत हई, त नहावा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 195

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍأَنَّ أُمَّ سُلَيْمٍ سَأَلَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْمَرْأَةِ تَرَى فِي مَنَامِهَا مَا يَرَى الرَّجُلُ قَالَ إِذَا أَنْزَلَتْ الْمَاءَ فَلْتَغْتَسِلْ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमसे ['अब्दह] संबंधित होइके उ कहिन; का हमका [सैद] [कतदाह] से [अनस] से बतावा गा है कि उम्म सुलेम ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ओन औरतन के बारे मा पूछा जवन सपना देखत हैं जइसे पुरुष सपना देखत हैं? सो उ जवाब दिहेन कि जब उ वीर्य पैदा करत है। तौ नहावा'।

Hadith

Imam Nasa'i : 196

أَخْبَرَنَا كَثِيرُ بْنُ عُبَيْدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ حَرْبٍ عَنْ الزُّبَيْدِيِّ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُرْوَةَ أَنَّ عَائِشَةَ أَخْبَرَتْهُأَنَّ أُمَّ سُلَيْمٍ كَلَّمَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَعَائِشَةُ جَالِسَةٌ فَقَالَتْ لَهُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ اللَّهَ لَا يَسْتَحْيِي مِنْ الْحَقِّ أَرَأَيْتَ الْمَرْأَةَ تَرَى فِي النَّوْمِ مَا يَرَى الرَّجُلُ أَفَتَغْتَسِلُ مِنْ ذَلِكَ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعَمْ قَالَتْ عَائِشَةُ فَقُلْتُ لَهَا أُفٍّ لَكِ أَوَ تَرَى الْمَرْأَةُ ذَلِكَ فَالْتَفَتَ إِلَيَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ تَرِبَتْ يَمِينُكِ فَمِنْ أَيْنَ يَكُونُ الشَّبَهُ

हमका [कत्सिर बिन उबैद] से [अज़-जुबैदी] से [अज़-जुहरी] से [उर्वाह] से ई सूचना मिली है कि [ऐस्याह] ओनसे कहिन, वास्तव मा उम्म सुलेम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बात करत रहें अऊर हम बैठे रहेन, तब उम्म सुलेम कहिन; 'हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अल्लाह का सच्चाई से एक दम भी शर्म नाहीं आवत है, तौ आपका का लागत है कि अगर अइसन औरत हैं जे सपना देखत हैं जइसे पुरुष सपना देखत हैं? का ओका नहावै का चाही?' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया, 'हाँ'। आयशा कहिन; 'मैंने उम्म सुलेम से पूछा। 'आह, का मेहरारू भी अइसे सपना देखत हैं! ' तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मुझसे देखकर बोले, 'आह, तुम कैसी हो, फिर एक बच्चा कहाँ से आता है जो अपने माता-पिता से मिलता जुलता हो?'

Hadith

Imam Nasa'i : 197

أَخْبَرَنَا شُعَيْبُ بْنُ يُوسُفَ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ هِشَامٍ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي عَنْ زَيْنَبَ بِنْتِ أُمِّ سَلَمَةَ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَأَنَّ امْرَأَةً قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ اللَّهَ لَا يَسْتَحْيِي مِنْ الْحَقِّ هَلْ عَلَى الْمَرْأَةِ غُسْلٌ إِذَا هِيَ احْتَلَمَتْ قَالَ نَعَمْ إِذَا رَأَتْ الْمَاءَ فَضَحِكَتْ أُمُّ سَلَمَةَ فَقَالَتْ أَتَحْتَلِمُ الْمَرْأَةُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَفِيمَ يُشْبِهُهَا الْوَلَدُ

हमका [स्यूअैब बिन यूसुफ] सूचित कइके उ कहिन; हमका [यह्या] से [हिशम] से कहिके उ कहिन; [उम्म सलामा] से [जैनब बिन सलामा] से मोका [मेरे पिता] से ई सूचना मिली है कि एक औरत कहिस; 'हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अल्लाह का सच्चाई से जरा भी शर्म नहीं आवत है, का सपना देखत समय औरत का नहाना अनिवार्य है?' तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हाँ अगर वीर्य देखे तो। तौ उम्म सलामाह हँसिन अऊर पूछिन; का औरतन का भी गीला सपना आवत है? उ शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: 'अगर नाहीं, तौ बच्चा ओसे कहाँ से मिलत जुलत हो सकत है - ओसे मिलत जुलत -?'

Hadith

Imam Nasa'i : 198

أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ عَنْ شُعْبَةَ قَالَ سَمِعْتُ عَطَاءً الْخُرَاسَانِيَّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ خَوْلَةَ بِنْتِ حَكِيمٍ قَالَتْسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْمَرْأَةِ تَحْتَلِمُ فِي مَنَامِهَا فَقَالَ إِذَا رَأَتْ الْمَاءَ فَلْتَغْتَسِلْ

हमका [यूसुफ बिन सैद] सूचित कइके उ कहिन; [शुबा] से हमसे [हजाज] से संबंधित होइके उ कहिन; हम [सैद बिन मुसय्यब] से [खौला बिन हकीम] से [अथा' अल खुरासानी] सुनेन, उ कहिन; 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सपना देखै वाली औरतन के बारे मा पूछा? तब कहे : 'जब देखे पानी -मणि-, तब नहाय दे''।

Hadith

Imam Nasa'i : 199

أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْجَبَّارِ بْنُ الْعَلَاءِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ عَمْرٍو عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ ابْنِ سُعَادٍ عَنْ أَبِي أَيُّوبَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْمَاءُ مِنْ الْمَاءِ

ई हमका [अब्दुल जबर बिन अल 'अल्ला] द्वारा [सुफियान] से [अमर] से [अब्दुर्रहमान बिन अस-सैब] से [अब्दुर्रहमान बिन अस-सैब] से [अब्दुर्रहमान बिन सुअद] से [अबू अय्यूब] से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम से बतावा गा है, उ कहिन: 'पानी -बथिंग जुनुब-स्वार्जिंग के कारण है- मानी-

Hadith

Imam Nasa'i : 200

أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدَةُ قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَاءُ الرَّجُلِ غَلِيظٌ أَبْيَضُ وَمَاءُ الْمَرْأَةِ رَقِيقٌ أَصْفَرُ فَأَيُّهُمَا سَبَقَ كَانَ الشَّبَهُ

हमका [इशाक बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [अब्दह] रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमसे [सैद] से [कतदाह] से [अनस] से संबंधित होइके उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'पुरुषन का वीर्य गाढ़ा अऊर सफेद होत है, जबकि औरतन के वीर्य पतला अऊर पीला होत है। तौ दुइनौ के बीच, मजबूत उहै है जउन अपने बच्चा के समान या समान है-'।