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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Abu Dawud (الامام ابو داود) - 4590 Hadith

Hadith

Imam Abu Dawud : 161

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ حَدَّثَنَا سِمَاكٌ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَأَكَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَتِفًا ثُمَّ مَسَحَ يَدَهُ بِمِسْحٍ كَانَ تَحْتَهُ ثُمَّ قَامَ فَصَلَّى

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [अबू अल अह्वाश] म्हानै बतायो है [सुणो] [इकरीमा] सूं [इब्न अब्बास] सूं बो बोल्यो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार बकरी री जांघ रो मांस खायो, फेर बां आपरै तळै कपड़ो सूं हाथ साफ करिया, फेर उठ खड़्या हुया अर नमाज पढ़ी।

Hadith

Imam Abu Dawud : 162

حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ النَّمَرِيُّ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ يَحْيَى بْنِ يَعْمَرَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ انْتَهَشَ مِنْ كَتِفٍ ثُمَّ صَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ

म्हानै बतायो गयो है [हफ्श बिन उमर अन-नमीरी] म्हानै [हम्मम] [कतदाह] सूं [यह्या बिन यामर] सूं [इब्न अब्बास] बतायो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार बकरी री जांघ रो मांस काट लियो, फेर उण नमाज पढ़ी अर पैली वजू नीं ली।

Hadith

Imam Abu Dawud : 163

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ الْخَثْعَمِيُّ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُنْكَدِرِ قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ يَقُولُقَرَّبْتُ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خُبْزًا وَلَحْمًا فَأَكَلَ ثُمَّ دَعَا بِوَضُوءٍ فَتَوَضَّأَ بِهِ ثُمَّ صَلَّى الظُّهْرَ ثُمَّ دَعَا بِفَضْلِ طَعَامِهِ فَأَكَلَ ثُمَّ قَامَ إِلَى الصَّلَاةِ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ

म्हानै बतायो है [इब्राहिम बिन अल हसन अल-खतसामी] म्हानै बतायो है [हज्जज] कह्यो है [इब्न जुरैज] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल-मुनकादिर] उण कह्यो है; मैं एक बार [जाबिर बिन अब्दुल्ला] नै कैता सुण्यो हो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै रोटी अर मांस रो टुकड़ो चढ़ायो, फेर बां खा लियो। फेर वजू रो पाणी मांग्यो, फेर उण पाणी सूं वजू कर दियो। इणरै बाद उण धूहुर री नमाज पढ़ी। फेर बाकी रो खाणो मांग्यो, खायो, फेर बिना वजू रै नमाज पढ़बा नै खड़यो होग्यो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 164

حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ سَهْلٍ أَبُو عِمْرَانَ الرَّمْلِيُّ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَيَّاشٍ حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَكَانَ آخِرَ الْأَمْرَيْنِ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَرْكُ الْوُضُوءِ مِمَّا غَيَّرَتْ النَّارُقَالَ أَبُو دَاوُد هَذَا اخْتِصَارٌ مِنْ الْحَدِيثِ الْأَوَّلِ

म्हानै बतायो है [मूसा बिन साहल अबू 'इमरान अर-रामली] म्हानै बतायो है [अली बिन अय्यासी] म्हानै बतायो है [स्यूअैब बिन अबू हमजा] नै [मुहम्मद बिन अल-मुनकदिर] सूं [जाबीर] उण कह्यो; इण दोनूं मामलां रो अंत ओ है कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजू नीं करियो क्यूंकै बां आग सूं छूयोड़ी चीज खाई ही। अबू दाऊद कह्यो; यो पैली हदीस रो सारांश है।

Hadith

Imam Abu Dawud : 165

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ أَبِي كَرِيمَةَ قَالَ ابْنُ السَّرْحِ بْنُ أَبِي كَرِيمَةَ مِنْ خِيَارِ الْمُسْلِمِينَ قَالَ حَدَّثَنِي عُبَيْدُ بْنُ ثُمَامَةَ الْمُرَادِيُّ قَالَقَدِمَ عَلَيْنَا مِصْرَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْحَارِثِ بْنِ جَزْءٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَمِعْتُهُ يُحَدِّثُ فِي مَسْجِدِ مِصْرَ قَالَ لَقَدْ رَأَيْتُنِي سَابِعَ سَبْعَةٍ أَوْ سَادِسَ سِتَّةٍ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي دَارِ رَجُلٍ فَمَرَّ بِلَالٌ فَنَادَاهُ بِالصَّلَاةِ فَخَرَجْنَا فَمَرَرْنَا بِرَجُلٍ وَبُرْمَتُهُ عَلَى النَّارِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَطَابَتْ بُرْمَتُكَ قَالَ نَعَمْ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي فَتَنَاوَلَ مِنْهَا بَضْعَةً فَلَمْ يَزَلْ يَعْلُكُهَا حَتَّى أَحْرَمَ بِالصَّلَاةِ وَأَنَا أَنْظُرُ إِلَيْهِ

म्हानै बतायो है [अहमद बिन अमरू बिन अस-सर्ज] म्हानै बतायो है [अब्दुल मलिक बिन अबू करीमा] इब्न अस-सर्ज कह्यो; इब्न अबी करीमा अर चुणियोड़ा मुसलमानां मांय सूं, बां कैयो; म्हनैं [उबैद बिन त्सुमामह अल-मुरादी] बतार बां कैयो; [अब्दुल्लाह बिन हरिथ बिन जाजैन] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रा साथियां मांय सूं एक, मिस्र मांय म्हारै कनै आया। मैं उणनै मिस्र री मस्जिद मांय हदीस सुणाता सुण्यो, बो बोल्यो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै सागै किणी रै घरै सातवां या छठवां मिनख हो, फेर बिलाल पास सूं गुजरियो अर नमाज रै वास्तै अज़ान दी। तो म्हे बारै गया अर एक आदमी रै कनै सूं गुजरया जिणरो घड़ो आग माथै हो। फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बोल्या: 'थारो घड़ो आछो है के?' -मतलब, कांई थारै बर्तन मांय मांस पकग्यो है अर खाबा नै त्यार है?- आदमी जवाब दियो; हां, मैं थारै पिता अर मां नै थारी फिरौती बणाबा नै त्यार हूं। फेर बो उणसूं मांस रो एक टुकड़ो ले लियो - फेर खा लियो - अर चबातो रैयो जद तांई बो प्रार्थना मांय नीं गयो अर म्हैं उणनै देखतो रैयो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 166

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ شُعْبَةَ حَدَّثَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ حَفْصٍ عَنْ الْأَغَرِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْوُضُوءُ مِمَّا أَنْضَجَتْ النَّارُ

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [यह्या] नै [स्यूबाह] सूं बतायो है [अबू बकर बिन हफश] नै [अल अघर] सूं [अबू हुरैरा] बतायो है; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'आग सूं पकाया - भुना - भोजन खाबा रै वास्तै वजू करो'।

Hadith

Imam Abu Dawud : 167

حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا أَبَانُ عَنْ يَحْيَى يَعْنِي ابْنَ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ أَنَّ أَبَا سُفْيَانَ بْنَ سَعِيدِ بْنِ الْمُغِيرَةِ حَدَّثَهُأَنَّهُ دَخَلَ عَلَى أُمِّ حَبِيبَةَ فَسَقَتْهُ قَدَحًا مِنْ سَوِيقٍ فَدَعَا بِمَاءٍ فَتَمَضْمَضَ فَقَالَتْ يَا ابْنَ أُخْتِي أَلَا تَوَضَّأُ إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ تَوَضَّئُوا مِمَّا غَيَّرَتْ النَّارُ أَوْ قَالَ مِمَّا مَسَّتْ النَّارُقَالَ أَبُو دَاوُد فِي حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ يَا ابْنَ أَخِي

म्हानै बतायो गयो है [मुस्लिम बिन इब्राहिम] म्हानै [अबन] नै [यह्या बिन अबू कथिर] सूं [अबू सलामा] सूं बतायो है कै [अबू सुफयान बिन सईद बिन अल-मुगीराह] उणनै बतायो है कै वो एक बार [उम्म हबीबाह] सूं मिल्यो हो, फेर उणनै आटो रो एक कटोरो परोस्यो, फेर वा पाणी मांग्यो अर फेर वा आपरै मुंह सूं मारा करियो। तो उम्म हबीबा उणसूं कह्यो; हे म्हारी भाभी रो बेटो, कांई थूं वजू कोनी करै? दरअसल, पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'आग सूं बदली गई चीज नै खाबा रै वास्तै वजू करो, -या उण कह्यो- आग सूं छूयो गयो है'। अबू दाऊद कह्यो; अज़-जुहरी री हदीस रै मांय यो बतायो गयो है; ओ म्हारै भाई रो बेटो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 168

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَرِبَ لَبَنًا فَدَعَا بِمَاءٍ فَتَمَضْمَضَ ثُمَّ قَالَ إِنَّ لَهُ دَسَمًا

म्हानैं बतायो गयो है [कुतैबा बिन सईद] म्हानैं [अल-लैत्स] ['उकैल] सूं [अज-जुहरी] सूं [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्ला] सूं [इब्न अब्बास] बतायो है कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार दूध पीयो हो, जिणरै बाद उण पाणी मांग्यो हो, फेर आपरो मुंह धोयो हो, फेर दूध में कह्यो है: मोटो'।

Hadith

Imam Abu Dawud : 169

حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ الْحُبَابِ عَنْ مُطِيعِ بْنِ رَاشِدٍ عَنْ تَوْبَةَ الْعَنْبَرِيِّ أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَرِبَ لَبَنًا فَلَمْ يُمَضْمِضْ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ وَصَلَّىقَالَ زَيْدٌ دَلَّنِي شُعْبَةُ عَلَى هَذَا الشَّيْخِ

म्हानैं [उथमान बिन अबू सैयबा] सूं [जैद बिन अल हुबाब] सूं [मुथि' बिन रसीद] सूं [तौबा अल-'अनबारी] सूं बतायो है कै उण एक बार [अनस बिन मलिक] नैं कैता सुण्यो हो; बेशक रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार दूध पीयो, फेर न मुंह कुल्ला कर्यो अर ना वजू कर्यो अर फेर नमाज पढ़ी। जैद बोल्यो; स्यूबा ने मन्नै इण शेख रै बारै में दिखायो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 170

حَدَّثَنَا أَبُو تَوْبَةَ الرَّبِيعُ بْنُ نَافِعٍ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ حَدَّثَنِي صَدَقَةُ بْنُ يَسَارٍ عَنْ عَقِيلِ بْنِ جَابِرٍ عَنْ جَابِرٍ قَالَخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَعْنِي فِي غَزْوَةِ ذَاتِ الرِّقَاعِ فَأَصَابَ رَجُلٌ امْرَأَةَ رَجُلٍ مِنْ الْمُشْرِكِينَ فَحَلَفَ أَنْ لَا أَنْتَهِيَ حَتَّى أُهَرِيقَ دَمًا فِي أَصْحَابِ مُحَمَّدٍ فَخَرَجَ يَتْبَعُ أَثَرَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَنَزَلَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْزِلًا فَقَالَ مَنْ رَجُلٌ يَكْلَؤُنَا فَانْتَدَبَ رَجُلٌ مِنْ الْمُهَاجِرِينَ وَرَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ فَقَالَ كُونَا بِفَمِ الشِّعْبِ قَالَ فَلَمَّا خَرَجَ الرَّجُلَانِ إِلَى فَمِ الشِّعْبِ اضْطَجَعَ الْمُهَاجِرِيُّ وَقَامَ الْأَنْصَارِيُّ يُصَلِّ وَأَتَى الرَّجُلُ فَلَمَّا رَأَى شَخْصَهُ عَرِفَ أَنَّهُ رَبِيئَةٌ لِلْقَوْمِ فَرَمَاهُ بِسَهْمٍ فَوَضَعَهُ فِيهِ فَنَزَعَهُ حَتَّى رَمَاهُ بِثَلَاثَةِ أَسْهُمٍ ثُمَّ رَكَعَ وَسَجَدَ ثُمَّ انْتَبَهَ صَاحِبُهُ فَلَمَّا عَرِفَ أَنَّهُمْ قَدْ نَذِرُوا بِهِ هَرَبَ وَلَمَّا رَأَى الْمُهَاجِرِيُّ مَا بِالْأَنْصَارِيِّ مِنْ الدَّمِ قَالَ سُبْحَانَ اللَّهِ أَلَا أَنْبَهْتَنِي أَوَّلَ مَا رَمَى قَالَ كُنْتَ فِي سُورَةٍ أَقْرَؤُهَا فَلَمْ أُحِبَّ أَنْ أَقْطَعَهَا

म्हानै बतायो है [अबू तौबाह अर-रबी' बिन नफी'] म्हानै बतायो है [इब्न अल-मुबारक] सूं [मुहम्मद बिन इशाक] म्हानै बतायो है [शदाकाह बिन यासर] नै ['अकील बिन जाबीर] सूं [जाबीर] उण कह्यो; म्हे एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै साथै निकळ्या हा, यानी अर-रिका रै सार री लड़ाई रै दौरान, फेर कोई - मुसलमानां मांय सूं - मुशरकां मांय सूं एक आदमी री घरआळी नै पकड़ ली। तो बो - पति - कैय'र कसम खाई; 'मैं बदलो लेणो कदैई कोनी छोडूंला, ताकि मैं मुहम्मद रै दोस्तां मांय सूं किणी रो खून बहा सकूं'। तो वो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै नक्शेकदम माथै चालण नै गयो। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै एक जगै रुकबा रै बाद कह्यो कै म्हारी देखभाळ कुण करेला। सो एक मुहाजिरीन अर एक अंसार इणनै पूरा कर दियो। फेर बो बोल्यो, 'दोनां पहाड़ां रै बिचाळै री खाई रै मुहाणै माथै थै दोनूं सुरक्षित रैवो!' जाबीर बोल्यो; जद दो आदमी पहाड़ी रै फांक माथै गया, तो मुहाजिरीन रो आदमी -सोयोड़ो- लेटग्यो, जदकै अंसार रो आदमी खड़्यो हो -नमाज पढ़तो-, फेर मुशरक आदमी आयो। जद मूर्तिपूजक नै अंसार री आकृति देखी तो उणनै ठाह लागग्यो कै अंसार ही सेना रो सरदार है, सो उण माथै एक तीर फेंक्यो अर बो तीर उणनै लागग्यो। सो अंसार आदमी तीर काढ्यो, जद तांईं मुशरक उणनै तीन तीरां सूं नीं मारी, फेर अंसार आदमी प्रणाम करियो अर सजदा करियो। फेर बां रा दोस्त - मुहाजिरीन - जागग्या। जद मूर्तिपूजक नै ठाह लाग्यो कै बांरा दोस्तां नै ठाह लागग्यो है तो बो भागग्यो। जद मुहाजिरीन आदमी अंसार आदमी री लाश नै खून सूं लथपथ देख्यो तो बो बोल्यो; सुभानल्लाह -अल्लाह री महिमा-, जद बां थानै पैली बार गोळी मारी ही तो थै म्हनै क्यूं कोनी जगायो? उण जवाब दियो, उण बगत म्हैं एक सूरत पढ़ रैयो हो, जदकै म्हैं बांचण नै -अंत तांई- टोकणो पसंद कोनी करूं।

Hadith

Imam Abu Dawud : 171

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ حَنْبَلٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي نَافِعٌ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شُغِلَ عَنْهَا لَيْلَةً فَأَخَّرَهَا حَتَّى رَقَدْنَا فِي الْمَسْجِدِ ثُمَّ اسْتَيْقَظْنَا ثُمَّ رَقَدْنَا ثُمَّ اسْتَيْقَظْنَا ثُمَّ رَقَدْنَا ثُمَّ خَرَجَ عَلَيْنَا فَقَالَ لَيْسَ أَحَدٌ يَنْتَظِرُ الصَّلَاةَ غَيْرُكُمْ

म्हानै बतायो है [अहमद बिन मुहम्मद बिन हंबल] म्हानै बतायो है [अब्दुर्राज़ाक] म्हानै बतायो है [इब्न जुरैज] म्हानै बतायो है [नफी] म्हानै बतायो है [अब्दुल्लाह बिन उमर] कै एक रात अल्लाह रा रसूल इशै री नमाज सूं व्यस्त हा - इण वास्तै युद्ध री तैयारियां रो उपयोग करियो, इण वास्तै क्रियान्वयन, सो म्हे मस्जिद मांय सोया, फेर उठ्या, फेर पाछा सोया, फेर वो उठ्यो, फेर फेर सोग्यो, फेर वो म्हारै सूं मिलबा नै बारै आयो अर बोल्यो: 'थारै अलावा कोई नमाज री उडीक कोनी कर रैयो है'।

Hadith

Imam Abu Dawud : 172

حَدَّثَنَا شَاذُّ بْنُ فَيَّاضٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ الدَّسْتُوَائِيُّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ قَالَكَانَ أَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَنْتَظِرُونَ الْعِشَاءَ الْآخِرَةَ حَتَّى تَخْفِقَ رُءُوسُهُمْ ثُمَّ يُصَلُّونَ وَلَا يَتَوَضَّئُونَقَالَ أَبُو دَاوُد زَادَ فِيهِ شُعْبَةُ عَنْ قَتَادَةَ قَالَ كُنَّا نَخْفِقُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَوَاهُ ابْنُ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ قَتَادَةَ بِلَفْظٍ آخَرَ

म्हानै बतायो है [स्यादज बिन फैय्यादल] म्हानै [कतादाह] सूं [अनास] सूं [हिस्याम अद-दस्तुवा`ई] बतायो है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रा साथी ईशा री नमाज रै समाप्त होवण री उडीक करता हा जद तांई कै बां रो माथो हिल नीं जावै - बां नै नींद नीं आवै - पछै बै नमाज पढ़ता अर अबै वजू नीं लेता। अबू दाऊद कह्यो; [स्यूबाह] [कतदाह] सूं उणनै जोड़ दियो, उण [अनस] कह्यो; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै बगत म्हांनै नींद आगी ही। अर [इब्न अबी अरूबा] [कतादाह] सूं दूजा सबदां रै साथै सुणायो है।

Hadith

Imam Abu Dawud : 173

حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ وَدَاوُدُ بْنُ شَبِيبٍ قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ ثَابِتٍ الْبُنَانِيِّ أَنَّ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ قَالَأُقِيمَتْ صَلَاةُ الْعِشَاءِ فَقَامَ رَجُلٌ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لِي حَاجَةً فَقَامَ يُنَاجِيهِ حَتَّى نَعَسَ الْقَوْمُ أَوْ بَعْضُ الْقَوْمِ ثُمَّ صَلَّى بِهِمْ وَلَمْ يَذْكُرْ وُضُوءًا

म्हानै [मूसा बिन इस्माइल] अर [दाऊद बिन स्याबीब] बतायो है, वे दोनूं कह्यो; [हम्मद बिन सलामा] नै [थाबित अल-बुनानी] सूं बतायो है कै [अनास बिन मलिक] कह्यो है; ईशा री नमाज री इकामत पढ़ी गई ही, अचाणचक एक आदमी खड़्यो होयो अर बोल्यो, हे अल्लाह रा रसूल, मन्नै कीं चाइजै- थै-! तो वो सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उणसूं बात करता खड़्या रैया, जद तांई कै उणरा साथी या बां मांय सूं कोई नीं सोग्या, फेर वो बांरै सागै नमाज पढ़तो रैयो। अर उण -थाबित अल-बुनानी- इण इतिहास मांय वजूद रो जिकर कोनी करियो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 174

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ وَهَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ وَعُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ عَنْ عَبْدِ السَّلَامِ بْنِ حَرْبٍ وَهَذَا لَفْظُ حَدِيثِ يَحْيَى عَنْ أَبِي خَالِدٍ الدَّالَانِيِّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَبِي الْعَالِيَةِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَسْجُدُ وَيَنَامُ وَيَنْفُخُ ثُمَّ يَقُومُ فَيُصَلِّي وَلَا يَتَوَضَّأُ قَالَ فَقُلْتُ لَهُ صَلَّيْتَ وَلَمْ تَتَوَضَّأْ وَقَدْ نِمْتَ فَقَالَ إِنَّمَا الْوُضُوءُ عَلَى مَنْ نَامَ مُضْطَجِعًا زَادَ عُثْمَانُ وَهَنَّادٌ فَإِنَّهُ إِذَا اضْطَجَعَ اسْتَرْخَتْ مَفَاصِلُهُقَالَ أَبُو دَاوُد قَوْلُهُ الْوُضُوءُ عَلَى مَنْ نَامَ مُضْطَجِعًا هُوَ حَدِيثٌ مُنْكَرٌ لَمْ يَرْوِهِ إِلَّا يَزِيدُ أَبُو خَالِدٍ الدَّالَانِيُّ عَنْ قَتَادَةَ وَرَوَى أَوَّلَهُ جَمَاعَةٌ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ وَلَمْ يَذْكُرُوا شَيْئًا مِنْ هَذَا وَقَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَحْفُوظًا وَقَالَتْ عَائِشَةُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَنَامُ عَيْنَايَ وَلَا يَنَامُ قَلْبِي و قَالَ شُعْبَةُ إِنَّمَا سَمِعَ قَتَادَةُ مِنْ أَبِي الْعَالِيَةِ أَرْبَعَةَ أَحَادِيثَ حَدِيثَ يُونُسَ بْنِ مَتَّى وَحَدِيثَ ابْنِ عُمَرَ فِي الصَّلَاةِ وَحَدِيثَ الْقُضَاةُ ثَلَاثَةٌ وَحَدِيثَ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدَّثَنِي رِجَالٌ مَرْضِيُّونَ مِنْهُمْ عُمَرُ وَأَرْضَاهُمْ عِنْدِي عُمَرُ قَالَ أَبُو دَاوُد وَذَكَرْتُ حَدِيثَ يَزِيدَ الدَّالَانِيِّ لِأَحْمَدَ بْنِ حَنْبَلٍ فَانْتَهَرَنِي اسْتِعْظَامًا لَهُ وَقَالَ مَا لِيَزِيدَ الدَّالَانِيِّ يُدْخِلُ عَلَى أَصْحَابِ قَتَادَةَ وَلَمْ يَعْبَأْ بِالْحَدِيثِ

यो म्हानै [यह्या बिन माइन] अर [हन्नाद बिन अस सरी] अर [उथमान बिन अबू स्याबा] [अब्दुस्सलाम बिन हरब] सूं बतायो है अर यो याह्या री हदीस रो लफाज है [अबू खालिद अद-दलानी] सूं [कतादाह] सूं [अबू अल-अलिया] सूं [इल्लाह अब्बासल्लाह] सूं। अलैहि वसल्लम एक बार सजदा करियो अर सोयो अर आवाज करी, फेर नमाज पढ़बा नै उठ्यो अर फेरूं वजू नीं करियो। वो - इब्न अब्बास - कह्यो; तो म्हैं उणसूं पूछ्यो; राजा नमाज पढ़ी अर वजू कोनी लिया, भलांई राजा सोया हा। तो बां कैयो: 'वास्तव में वजू फगत उण लोगां रै वास्तै ही जरूरी है जका लेट'र सोवै है'। [उस्मान] अर [हन्नाद] लाफादल रै साथै जोड़िया; 'क्यूंकै जद बो लेट्योड़ो सोवै है तो बां रा सगळा जोड़ कमजोर पड़ जावै है'। अबू दाऊद कह्यो; लेट'र सोबा आळा लोगां नै वजू लेबा री हदीस एक बुरी हदीस है, कतादाह रै यजीद अबू खालिद अद-दलानी रै अलावा कोई भी इणनै कोनी सुणायो। इण हदीस री शुरुआत इब्न अब्बास सूं जमात रै द्वारा बताई गई है, अर बां इण बाबत कीं नीं बतायो - जिका लोग लेट'र सोवै है बां रै वास्तै वजू-, अर बां कैयो; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै संरक्षित कर दियो गयो - बां रै दिल री नींद सूं -। अर ऐसिया, अल्लाह उणसूं राजी होवै, कह्यो; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'म्हारी आंख्यां सो री है पण म्हारो दिल नीं'। शुबा कह्यो; असल म्हं, कतदाह नै अबू अल अलिया सूं फगत च्यार हदीस सुणी, यानी: यूनुस बिन मत्ता री हदीस, नमाज रै बारै मांय इब्न उमर री हदीस, न्यायाधीशां रा तीन समूहां रै बारै मांय बताबा री हदीस अर इब्न अब्बास री हदीस, जिण म्हनै उमर समेत धन्य लोगां रै बारै मांय बतायो अर म्हारै विचार सूं उमर एक और धन्य है। अबू दाऊद कह्यो; म्हैं एक बार अहमद बिन हनबल नै यजीद अद-दलानी री हदीस बताई ही, सो उण इतिहास नै घणो नकारण रै कारण उण म्हानै जोरदार चेतावणी दी ही, अर उण कैयो; यजीद अद-दलानी नै कतादाह रै दोस्तां नै बताबा सूं कांई लेणो-देणो है कै बां कांई रिपोर्ट कोनी करी? उणनै -अहमद- नै हदीस री कोई परवाह कोनी ही।

Hadith

Imam Abu Dawud : 175

حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ الْحِمْصِيُّ فِي آخَرِينَ قَالُوا حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ عَنْ الْوَضِينِ بْنِ عَطَاءٍ عَنْ مَحْفُوظِ بْنِ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَائِذٍ عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وِكَاءُ السَّهِ الْعَيْنَانِ فَمَنْ نَامَ فَلْيَتَوَضَّأْ

म्हानै [हैवाह बिन सुरैह अल हिमशी] बतायो है ... म्हानै [बकिया] नै [अल-वादलिन बिन 'अथा'] सूं [महफुज बिन अलकमा] सूं [अब्दुर्रहमान बिन 'अइद्ज] सूं [अली बिन अबू तालिब] बतायो है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'नितंब दो आंखों है, सो जो सोवे वो वजू करे'।

Hadith

Imam Abu Dawud : 176

حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ أَبِي مُعَاوِيَةَ عَنْ أَبِي مُعَاوِيَةَ ح و حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنِي شَرِيكٌ وَجَرِيرٌ وَابْنُ إِدْرِيسَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شَقِيقٍ قَالَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِكُنَّا لَا نَتَوَضَّأُ مِنْ مَوْطِئٍ وَلَا نَكُفُّ شَعْرًا وَلَا ثَوْبًاقَالَ أَبُو دَاوُد قَالَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ أَبِي مُعَاوِيَةَ فِيهِ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ مَسْرُوقٍ أَوْ حَدَّثَهُ عَنْهُ قَالَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ وَقَالَ هَنَّادٌ عَنْ شَقِيقٍ أَوْ حَدَّثَهُ عَنْهُ

[हन्नाद बिन अस-सरी] अर [इब्राहिम बिन अबू मुआविया] नै [अबू मुआविया] सूं बतायो है। अर म्हानै बतायो कै [उथमान बिन अबू स्याबा] म्हानै [स्यारिक] अर [जरीर] अर [इब्न इदरीस] नै [अल अमसी] सूं [स्याकीक] सूं बतायो हो; [अब्दुल्ला] कह्यो; जद आपां रा पग -गंदगी- माथै पग राखां तो आपां फेरूं वजूद नीं करां अर आपां आपां रा बाळ या कपड़ा भी नीं उतारां -सजदा करतां बगत बांनै छोड़ देवां-। अबू दाउद कह्यो; [इब्राहिम बिन अबू मुआविया] उणनै कैयो, [अल अमसी] सूं [स्याक] सूं [मसरूक] या उणनै उणसूं बतायो हो, उणनै कैयो; [अब्दुल्ला] कह्यो, अर [हन्नाद] नै [शकीक] सूं कैयो या उणनै उणसूं बतायो हो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 177

حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ عَبْدِ الْحَمِيدِ عَنْ عَاصِمٍ الْأَحْوَلِ عَنْ عِيسَى بْنِ حِطَّانَ عَنْ مُسْلِمِ بْنِ سَلَّامٍ عَنْ عَلِيِّ بْنِ طَلْقٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا فَسَا أَحَدُكُمْ فِي الصَّلَاةِ فَلْيَنْصَرِفْ فَلْيَتَوَضَّأْ وَلْيُعِدْ الصَّلَاةَ

म्हानै बतायो है [उथमान बिन अबू स्याबा] म्हानै बतायो है [जरीर बिन अब्दुल हमीद] नै ['अशिम अल अहवाल] सूं [ईसा बिन हिथथान] सूं [मुस्लिम बिन सल्लम] सूं [अली बिन थलक] बतायो है; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अगर थारै मांय सूं कोई नमाज पढ़ता थकां हवा सूं गुजर जावै तो वजू करो अर उणनै फेरूं नमाज दोहराओ'।

Hadith

Imam Abu Dawud : 178

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ الْحَذَّاءُ عَنْ الرَّكِينِ بْنِ الرَّبِيعِ عَنْ حُصَيْنِ بْنِ قَبِيصَةَ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكُنْتُ رَجُلًا مَذَّاءً فَجَعَلْتُ أَغْتَسِلُ حَتَّى تَشَقَّقَ ظَهْرِي فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوْ ذُكِرَ لَهُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَفْعَلْ إِذَا رَأَيْتَ الْمَذْيَ فَاغْسِلْ ذَكَرَكَ وَتَوَضَّأْ وُضُوءَكَ لِلصَّلَاةِ فَإِذَا فَضَخْتَ الْمَاءَ فَاغْتَسِلْ

म्हानै बतायो है [कुतैबा बिन सईद] म्हानै बतायो है ['अबिदा बिन हुमैद अल हज़्ज़्ज़ा`] सूं [अर-रकीन बिन अर-रबी'] सूं [हुशैन बिन काबीशाह] सूं [अली रदलियाहु 'अन्हू] उण कह्यो; मैं एक असो मिनख हूं जको घणी बार बारै जाऊं हूं, सो मैं हमेशा स्नान करूं हूं, सो म्हारी पीठ नै लागै है कै वा फूट जावैला। इण वास्तै म्हैं आ बात पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तांई पूगाई या बां तांई पूगाई। सो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बोल्या: 'इयां मत करो, जे थानै मडजी दीखै तो फेर आपरा गुप्तांग नै धोओ, फेर वजू करो जियां थै नमाज रै वास्तै वजू करो हो। जद थै स्खलन कर दियो, तो फेर नहा ले!'

Hadith

Imam Abu Dawud : 179

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي النَّضْرِ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ عَنْ الْمِقْدَادِ بْنِ الْأَسْوَدِأَنَّ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَمَرَهُ أَنْ يَسْأَلَ لَهُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الرَّجُلِ إِذَا دَنَا مِنْ أَهْلِهِ فَخَرَجَ مِنْهُ الْمَذْيُ مَاذَا عَلَيْهِ فَإِنَّ عِنْدِي ابْنَتَهُ وَأَنَا أَسْتَحْيِي أَنْ أَسْأَلَهُ قَالَ الْمِقْدَادُ فَسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ إِذَا وَجَدَ أَحَدُكُمْ ذَلِكَ فَلْيَنْضَحْ فَرْجَهُ وَلْيَتَوَضَّأْ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِحَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ عُرْوَةَ أَنَّ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ قَالَ لِلْمِقْدَادِ وَذَكَرَ نَحْوَ هَذَا قَالَ فَسَأَلَهُ الْمِقْدَادُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِيَغْسِلْ ذَكَرَهُ وَأُنْثَيَيْهِ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرَوَاهُ الثَّوْرِيُّ وَجَمَاعَةٌ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ الْمِقْدَادِ عَنْ عَلِيٍّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ الْقَعْنَبِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ حَدِيثٍ حَدَّثَهُ عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ قَالَ قُلْتُ لِلْمِقْدَادِ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرَوَاهُ الْمُفَضَّلُ بْنُ فَضَالَةَ وَجَمَاعَةٌ وَالثَّوْرِيُّ وَابْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ وَرَوَاهُ ابْنُ إِسْحَقَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ الْمِقْدَادِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَذْكُرْ أُنْثَيَيْهِ

[अब्दुल्लाह बिन मसलामा] [मलिक] सूं [अबू अन-नदलर] सूं [सुलेमान बिन यासर] सूं [अल-मिकदाद बिन अल असवाद] सूं म्हानै बतायो है कै [अली बिन अबू तालिब अल्लाह उणसूं रस्व करै] एक बार उणनै कैयो हो कै वो रसूलुल्लाह सल्लाह अलैह अलैह रै बारै में पूछै जिको उणरै मलाजी रै बारै में उणरै मलाजी सूं संपर्क करियो हो, बारै आयो। बांनै कांई करणो चाइजै - नहाणो चाइजै कै बस जला लेणो चाइजै -? क्यूंकै म्हारी घरआळी बां री बेटी है, इण वास्तै म्हनैं बां सूं -सीधा- पूछण में शर्म आई। मिकदाद कह्यो; तो म्हैं इण बाबत रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो। फेर उणसल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जद थारै मांय सूं किणी नै आ मडजी मिलैला, तो बो आपरा गुप्त अंगां नै धोवैला अर वजू करैला जियां बो नमाज रै वास्तै वजू लेवै है'। म्हानै बतायो है [अहमद बिन यूनुस] म्हानै [जुहैर] नै [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उरवाह] सूं बतायो है कै [अली बिन अबू तालिब अल्लाह उणसूं रस्व करै] एक बार [अल-मिकदाद] नै कैयो हो, उणनै इण भांत रो लफाज बतायो हो, उण कैयो हो; तो मिकदाद इण बाबत पूछ्यो, तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'उणनै आपरा गुप्तांग अर आपरा दो गोळा धोबा दे'। अबू दाऊद कह्यो; अर यो [अत्स-त्सौरी] अर जमात [हिस्याम] सूं [उणरै पिता] सूं [अल-मिकदाद] सूं [अली] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं लिख्यो है। म्हानै बतायो है [अब्दुल्लाह बिन मसलामा अल-कानाबी] बो बोल्यो; म्हानै [म्हारा पिता] नै [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं एक हदीस बतार जिणनै वै [अली बिन अबू तालिब] सूं सुणाई ही, बां कैयो; मैं एक बार [अल-मिकदाद] सूं कह्यो, फेर उण हदीस रो अरथ बतायो। अबू दाऊद कह्यो; अर यो [अल-मुफदलाल बिन फदलालाह] अर जमात अर [अत्स-तसौरी] अर [इब्न उयैना] [हिशम] सूं [उणरै पिता] सूं [अली बिन अबू तालिब] सूं बतायो है। अर यो [इब्न इशाक] [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [अल-मिकदाद] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं बतायो हो, उण आपरै दो गुप्तांगां रो जिक्र नीं करियो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 180

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ يَعْنِي ابْنَ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَقَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ عُبَيْدِ بْنِ السَّبَّاقِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ سَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ قَالَكُنْتُ أَلْقَى مِنْ الْمَذْيِ شِدَّةً وَكُنْتُ أُكْثِرُ مِنْ الِاغْتِسَالِ فَسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ إِنَّمَا يُجْزِيكَ مِنْ ذَلِكَ الْوُضُوءُ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَكَيْفَ بِمَا يُصِيبُ ثَوْبِي مِنْهُ قَالَ يَكْفِيكَ بِأَنْ تَأْخُذَ كَفًّا مِنْ مَاءٍ فَتَنْضَحَ بِهَا مِنْ ثَوْبِكَ حَيْثُ تَرَى أَنَّهُ أَصَابَهُ

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [इस्माइल बिन इब्राहिम] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन इशाक] म्हानै बतायो है [सैद बिन उबैद बिन अस-सब्बाक] नै [उणरै पिता] सूं [सहल बिन हुनैफ] सूं बतायो है; मैं हमेशा माडजी काढूं हूं, इणी वास्तै मैं हमेशा स्नान करूं हूं। तो म्हैं इण बाबत रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो। उण जवाब दियो: 'वास्तव में, थारै वास्तै इणसूं वजू लेणो ई काफी है'। म्हैं फेरूं पूछ्यो; हे अल्लाह रा रसूल, फेर म्हारै कपड़ां नै छूबा आळा मडजी रो कांई? उण जवाब दियो: 'बस आपरै हाथ री हथेली माथै पाणी ले लो, फेर आपरै कपड़ां रै उण हिस्सै माथै छिड़को जिणनै थै जाणौ हो कै माडजी रो असर है'।