Imam Abu Dawud : 141
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ مَرْوَانَ وَمَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ الدِّمَشْقِيُّ الْمَعْنَى قَالَا حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ قَالَ مَحْمُودٌ أَخْبَرَنَا ثَوْرُ بْنُ يَزِيدَ عَنْ رَجَاءِ بْنِ حَيْوَةَ عَنْ كَاتِبِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَوَضَّأْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ فَمَسَحَ أَعْلَى الْخُفَّيْنِ وَأَسْفَلَهُمَاقَالَ أَبُو دَاوُد وَبَلَغَنِي أَنَّهُ لَمْ يَسْمَعْ ثَوْرُ هَذَا الْحَدِيثَ مِنْ رَجَاءٍ
म्हानै [मूसा बिन मरवान] अर [महमूद बिन खालिद अद-दिमासिकी] नै अरथ में बतायो है, म्हानै बतायो है [अल-वालिद] कैयो है कै महमूद म्हानै [त्सौर बिन यजीद] नै [राजा` बिन हैवाह] सूं [सेक्रेतिस अल-मुघिराह बिन स्यूबाह] सूं [मुघिराह बिन स्यूबाह] सूं बतायो है; मैं एक बार तबुक री लड़ाई रै दौरान पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै वजू सूं पाणी ढाळ दियो, उण आपरै दो खूफ रै ऊपर अर नीचलै हिस्सै नै पोंछ दियो। अबू दाऊद कह्यो; म्हारै मन मांय आ बात आई है कै त्सौर नै राजा सूं आ हदीस नीं सुणी।
Imam Abu Dawud : 142
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ هُوَ الثَّوْرِيُّ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ الْحَكَمِ الثَّقَفِيِّ أَوْ الْحَكَمِ بْنِ سُفْيَانَ الثَّقَفِيِّ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا بَالَ يَتَوَضَّأُ وَيَنْتَضِحُقَالَ أَبُو دَاوُد وَافَقَ سُفْيَانَ جَمَاعَةٌ عَلَى هَذَا الْإِسْنَادِ و قَالَ بَعْضُهُمْ الْحَكَمُ أَوْ ابْنُ الْحَكَمِ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन कतसीर] म्हानै बतायो है [सुफियान अत्स-त्सौरी] सूं [मंसूर] सूं [मुजाहिद] सूं [सुफियान बिन अल हाकम अत्स-तसाकाफी] या अल हाकम बिन सुफियान अत्स-त्सकाफी नै बतायो है; जद रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम पेशाब करियो, तो उण वजू करियो अर आपरै गुप्तांगां नै पाणी सूं धोयो। अबू दाऊद कह्यो; मंडली इण सनाद रै मांय सुफियान रै बयान सूं सहमत हुई अर बां मांय सूं केई लोगां कैयो; अल हाकम या इब्न अल हाकम।
Imam Abu Dawud : 143
حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ هُوَ ابْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ رَجُلٍ مِنْ ثَقِيفٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَالَ ثُمَّ نَضَحَ فَرْجَهُ
म्हानै बतायो है [इशाक बिन इस्माइल] म्हानै बतायो है [सुफियान बिन उयैना] सूं [इब्न अबी नजीह] सूं [मुजाहिद] सूं [एक आदमी त्साकिफ] सूं [उणरै पिता] सूं वो कह्यो; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार पेशाब करियो अर फेर बां रै गुप्तांगां माथै पाणी छिड़क दियो।
Imam Abu Dawud : 144
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ الْمُهَاجِرِ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو حَدَّثَنَا زَائِدَةُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ الْحَكَمِ أَوْ ابْنِ الْحَكَمِ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَالَ ثُمَّ تَوَضَّأَ وَنَضَحَ فَرْجَهُ
म्हानै बतायो गयो है [नशर बिन अल-मुहाजिर] म्हानै बतायो है [मुआविया बिन अमरू] म्हानै बतायो है [जाइदा] सूं [मंसूर] सूं [मुजाहिद] सूं [अल हाकम] या इब्न अल हाकम सूं [उणरै पिता] सूं कै रसूलल्लाह शल्लाहु अलैहि वसल्लम पेशाब करियो, फेर उणनै मूत्र करियो अर आपरी जिनानी माथै पाणी छिड़क दियो।
Imam Abu Dawud : 145
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ الْهَمْدَانِيُّ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ سَمِعْتُ مُعَاوِيَةَ يَعْنِي ابْنَ صَالِحٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ قَالَكُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خُدَّامَ أَنْفُسِنَا نَتَنَاوَبُ الرِّعَايَةَ رِعَايَةَ إِبِلِنَا فَكَانَتْ عَلَيَّ رِعَايَةُ الْإِبِلِ فَرَوَّحْتُهَا بِالْعَشِيِّ فَأَدْرَكْتُ رَسُولَ اللَّهِ يَخْطُبُ النَّاسَ فَسَمِعْتُهُ يَقُولُ مَا مِنْكُمْ مِنْ أَحَدٍ يَتَوَضَّأُ فَيُحْسِنُ الْوُضُوءَ ثُمَّ يَقُومُ فَيَرْكَعُ رَكْعَتَيْنِ يُقْبِلُ عَلَيْهِمَا بِقَلْبِهِ وَوَجْهِهِ إِلَّا قَدْ أَوْجَبَفَقُلْتُ بَخٍ بَخٍ مَا أَجْوَدَ هَذِهِ فَقَالَ رَجُلٌ مِنْ بَيْنِ يَدَيَّ الَّتِي قَبْلَهَا يَا عُقْبَةُ أَجْوَدُ مِنْهَا فَنَظَرْتُ فَإِذَا هُوَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَقُلْتُ مَا هِيَ يَا أَبَا حَفْصٍ قَالَ إِنَّهُ قَالَ آنِفًا قَبْلَ أَنْ تَجِيءَ مَا مِنْكُمْ مِنْ أَحَدٍ يَتَوَضَّأُ فَيُحْسِنُ الْوُضُوءَ ثُمَّ يَقُولُ حِينَ يَفْرُغُ مِنْ وُضُوئِهِ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ إِلَّا فُتِحَتْ لَهُ أَبْوَابُ الْجَنَّةِ الثَّمَانِيَةُ يَدْخُلُ مِنْ أَيِّهَا شَاءَ قَالَ مُعَاوِيَةُ وَحَدَّثَنِي رَبِيعَةُ بْنُ يَزِيدَ عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ عَنْ حَيْوَةَ وَهُوَ ابْنُ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِي عَقِيلٍ عَنْ ابْنِ عَمِّهِ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ أَمْرَ الرِّعَايَةِ قَالَ عِنْدَ قَوْلِهِ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ ثُمَّ رَفَعَ بَصَرَهُ إِلَى السَّمَاءِ فَقَالَ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِمَعْنَى حَدِيثِ مُعَاوِيَةَ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन सईद अल हमदानी] म्हानै बतायो है [इब्नू वाहब] म्हैं [मुआविया बिन सालिह] नै [अबू उथमान] सूं [जुबैर बिन नुफैर] सूं [उकबा बिन अमीर] सूं एक हदीस सुणी है, बां कैयो; म्हे अर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम खुद रा नौकर हां, यानी बारी-बारी सूं ऊंठां री देखभाळ करां हां। जद म्हारी बारी ऊंठां नै चरबा री आई, तो दोपहर रै बगत म्हैं बांनै बां रै कलम मांय घाल दियो, फेर म्हैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै भीड़ नै उपदेश देता पाया। तो म्हैं बांनै कैता सुण्यो: 'थारै मांय सूं कोई इसो कोनी है जिको वजू करै अर ठीक सूं वजू लेवै, पछै दो रकात री नमाज पढ़ण नै खड़्यो हुवै अर आपरो दिल अर मुंडो फेरै, पण वो जरूर स्वर्ग मांय प्रवेश करैला'। तो म्हैं कैयो, चोखो! अछ्या! ओ अभिव्यक्ति कित्ती अद्भुत है! फेर म्हारै साम्हीं एक आदमी बोल्यो, "पिछला हावभाव और भी चोखो हो, हे उकबा।" तो म्हैं उण मिनख नै देख्यो, तो ठाह लाग्यो कै वो [उमर बिन अल-खथब] हो, अल्लाह उणसूं राजी हुवै। मैं पूछ्यो, ओ कांई है, हे अबू हफसाह? उण जवाब दियो, "वास्तव में, थारै आवा सूं पैली उण कह्यो हो: 'थारै मांय सूं कोई भी वजू नीं करै अर आपरो वजू सिद्ध नीं करै, फेर वजू करण रै बाद वो प्रार्थना करै है: 'अशिहादु अन ला इलाह इल्लालाहु वदाहु ला शरीका लाहू, वा अन्ना मुहम्मदन अब्दुहु व रसूलहु - मैं इण बात रो साक्षी हूं कै अल्लाह री पूजा रै अलावा और कोई लायक कोनी है। अकेलो, उणरै वास्तै कोई साथी कोनी है अर मुहम्मद उणरो दास अर उणरो रसूल है-', पण उणरै वास्तै स्वर्ग रा आठ दरवाजा खुलग्या है, वो किणी भी दरवाजै सूं प्रवेश कर सकै है' [मुआविया] कह्यो है, [अबू इदरीस] सूं ['अमीर बिन] अलसाह बिन म्हानै बतायो है। [अब्दुल्लाह बिन यजीद अल-मुकरी] सूं [हैवाह बिन सूरैह] सूं [अबू अकील] सूं [उणरै चाचा रै बेटै] सूं ['उकबाह बिन अमीर अल-जुहानी] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं, चरवाही रै मुद्दे रो जिक्र किये बिना अस्या बयान रै साथै। वसल्लम: '... अर आपरो वजू पूरा करियो, फेर आपरी आंख्यां आकास री तरफ उठाई, फेर बोल्यो...' अर उण एक हदीस रो भी जिक्र करियो जो मुआविया री हदीस रै समान ही।
Imam Abu Dawud : 146
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ عَمْرِو بْنِ عَامِرٍ الْبَجَلِيِّ قَالَ مُحَمَّدٌ هُوَ أَبُو أَسَدِ بْنُ عَمْرٍو قَالَسَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ عَنْ الْوُضُوءِ فَقَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ لِكُلِّ صَلَاةٍ وَكُنَّا نُصَلِّي الصَّلَوَاتِ بِوُضُوءٍ وَاحِدٍ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन ईसा] म्हानै बतायो है [शारीक] सूं [अमरू बिन अमीर अल-बजाली] मुहम्मद कह्यो, यानी अबू असद बिन अमरू उण कह्यो; मैं एक बार [अनास बिन मलिक] सूं पूछ्यो कै वजू कियां करणो है। तो उण जवाब दियो; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम हर बार नमाज पढ़ता बगत वजू लेता हा। अर म्हे एक वजू रै साथै कई नमाजां भी पढ़ी।
Imam Abu Dawud : 147
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ أَخْبَرَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ حَدَّثَنِي عَلْقَمَةُ بْنُ مَرْثَدٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ الْفَتْحِ خَمْسَ صَلَوَاتٍ بِوُضُوءٍ وَاحِدٍ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ فَقَالَ لَهُ عُمَرُ إِنِّي رَأَيْتُكَ صَنَعْتَ الْيَوْمَ شَيْئًا لَمْ تَكُنْ تَصْنَعُهُ قَالَ عَمْدًا صَنَعْتُهُ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [यह्या] सूं [सुफियान] म्हानै बतायो है [अलकमाह बिन मार्टसाद] सूं [सुलेमान बिन बुरैदा] सूं [उणरै पिता] सूं बो बोल्यो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार फथू मक्का रै मौके माथै एक वजू रै साथै पांच नमाज पढ़ी अर दोनूं खूफ री ऊपरी हिस्सै नै पोंछ ली। फेर उमर उणसूं कह्यो, "साचैई, म्हैं थानै आज अैड़ो काम करता देख्यो जिणनै थै पैली कदैई नीं करियो हो।" उण सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दियो, 'मैं जाणबूझ'र करियो।'
Imam Abu Dawud : 148
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مَعْرُوفٍ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ جَرِيرِ بْنِ حَازِمٍ أَنَّهُ سَمِعَ قَتَادَةَ بْنَ دِعَامَةَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍأَنَّ رَجُلًا جَاءَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَدْ تَوَضَّأَ وَتَرَكَ عَلَى قَدَمِهِ مِثْلَ مَوْضِعِ الظُّفْرِ فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ارْجِعْ فَأَحْسِنْ وُضُوءَكَقَالَ أَبُو دَاوُد هَذَا الْحَدِيثُ لَيْسَ بِمَعْرُوفٍ عَنْ جَرِيرِ بْنِ حَازِمٍ وَلَمْ يَرْوِهِ إِلَّا ابْنُ وَهْبٍ وَحْدَهُ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ مَعْقِلِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ الْجَزَرِيِّ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ عَنْ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ قَالَ ارْجِعْ فَأَحْسِنْ وُضُوءَكَ حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ أَخْبَرَنَا يُونُسُ وَحُمَيْدٌ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَعْنَى قَتَادَةَ
म्हानै बतायो है [हारून बिन म'रुफ] म्हानै [जरीर बिन हाजिम] सूं [इब्नू वाहब] बतायो है कै उणनै सुण्यो है [कतादाह बिन दीआमा] म्हानै बतायो है [अनस बिन मलिक] कै एक आदमी हो जिको पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै आयो हो, जदकै बो वजू कर चुक्यो हो, पण उणरै पगां माथै नाखून री तरै बांया भाग हा - -, फेर अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उणसूं कह्यो: 'पाछो जा अर आपरो वजू पूरा कर'। अबू दाऊद कह्यो; आ हदीस जरीर बिन हाजिम सूं कोनी जाणी जावै है अर इणनै अकेलो इब्न वाहब नीं लिखी है। यो हदीस [मकिल बिन उबैदुल्लाह अल-जजारी] सूं [अबू अज-जुबैर] सूं [जाबिर] सूं [उमर] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं लिखी गई है, उदाहरण रै वास्तै, उण कह्यो: 'पाछै जावो अर आपरो वजू सुधारो'। म्हानै बतायो है [मूसा बिन इस्माइल] म्हानै बतायो है [हम्मद] म्हानै बतायो है [यूनुस] अर [हुमैद] नै [अल हसन] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं, कतादह हदीस रै अर्थ रै साथै - अनस सूं-।
Imam Abu Dawud : 149
حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ عَنْ بُجَيْرٍ هُوَ ابْنُ سَعْدٍ عَنْ خَالِدٍ عَنْ بَعْضِ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى رَجُلًا يُصَلِّ وَفِي ظَهْرِ قَدَمِهِ لُمْعَةٌ قَدْرُ الدِّرْهَمِ لَمْ يُصِبْهَا الْمَاءُ فَأَمَرَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يُعِيدَ الْوُضُوءَ وَالصَّلَاةَ
म्हानैं बतायो गयो है [हैवाह बिन सूरैह] नैं [बकिया] [बुजैर बिन साद] सूं [खालिद] सूं [कुछ साथियां] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं बतायो है कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार एक आदमी नैं देख्यो हो जिको उणरी पीठ माथै प्रार्थना कर रैयो हो, जदकै उणरै पैर रै आकार रो एक हिस्सो हो। एक दिरहम जिणनै पाणी रै संपर्क में नीं राख्यो गयो हो। सो पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम उणनै वजू अर नमाज दोहराबा रो हुकम दियो।
Imam Abu Dawud : 150
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أُبَيِّ بْنِ خَلَفٍ قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ وَعَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ عَنْ عَمِّهِ قَالَشُكِيَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الرَّجُلُ يَجِدُ الشَّيْءَ فِي الصَّلَاةِ حَتَّى يُخَيَّلَ إِلَيْهِ فَقَالَ لَا يَنْفَتِلْ حَتَّى يَسْمَعَ صَوْتًا أَوْ يَجِدَ رِيحًا
म्हे [कुतैबा बिन सईद] अर [मुहम्मद बिन अहमद बिन उबै बिन खलफ] नै बतायो है कै वे दोनूं कैयो; [सईद बिन अल-मुसैयब] सूं [अज-जुहरी] सूं अर [अब्बाद बिन तमीम] सूं [उणरै काकै] सूं [सुफियान] नै बतायो; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै बतायो गयो हो कै किणी नै आपरी नमाज रै मांय कोई इसी चीज मिली जिणसूं वो संकोच करतो हो, इण वास्तै उण कह्यो: 'उणनै आपरी नमाज सूं बारै नीं आणो चाइजै जिणसूं उणनै कोई आवाज सुणीजै या कोई गंध आवै'।
Imam Abu Dawud : 151
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ أَخْبَرَنَا سُهَيْلُ بْنُ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا كَانَ أَحَدُكُمْ فِي الصَّلَاةِ فَوَجَدَ حَرَكَةً فِي دُبُرِهِ أَحْدَثَ أَوْ لَمْ يُحْدِثْ فَأَشْكَلَ عَلَيْهِ فَلَا يَنْصَرِفْ حَتَّى يَسْمَعَ صَوْتًا أَوْ يَجِدَ رِيحًا
आपां नै बतायो है [मूसा बिन इस्माइल] आपां नै बतायो है [हम्मद] आपां नै [सुहैल बिन अबू सलीह] [आपरै पिता] सूं [अबू हुरैराह] सूं बतायो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'अगर थारै मांय सूं कोई नमाज पढ़ रैयो है तो उणनै आपरै गुदा मांय कीं हिलतो महसूस हुवै है, तो उणनै करणो चाइजै कै नीं, तो उणनै करणो चाइजै कै नीं करणो चाइजै। -उणरी प्रार्थना- नै छोड़ दो ताकि वो आपरी -गोज़- री आवाज सुण सकै या उणनै सूंघ सकै।
Imam Abu Dawud : 152
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَبِي رَوْقٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَبَّلَهَا وَلَمْ يَتَوَضَّأْقَالَ أَبُو دَاوُد كَذَا رَوَاهُ الْفِرْيَابِيُّ قَالَ أَبُو دَاوُد وَهُوَ مُرْسَلٌ إِبْرَاهِيمُ التَّيْمِيُّ لَمْ يَسْمَعْ مِنْ عَائِشَةَ قَالَ أَبُو دَاوُد مَاتَ إِبْرَاهِيمُ التَّيْمِيُّ وَلَمْ يَبْلُغْ أَرْبَعِينَ سَنَةً وَكَانَ يُكْنَى أَبَا أَسْمَاءَ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन बसिस्यार] म्हानै बतायो है [यह्या] अर [अब्दुर्रहमान] वे दोनूं कह्यो; म्हानै [सुफ्यान] नै [अबू रौक] सूं [इब्राहिम अत-तैमी] सूं [ऐस्याह] सूं बतायो गयो है कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार उणनै चूम्यो हो पण उणनै वजू नीं करियो हो। अबू दाऊद कह्यो; इणनै [अल-फिरियाबी] इण भांत बतायो हो। अबू दाऊद कह्यो; वो मुरसल है। इब्राहिम अत-तैमी नै ऐस्याह सूं हदीस कदैई कोनी सुणी। अबू दाऊद कह्यो; इब्राहिम अत-तैमी री मौत चालीस बरस री उमर सूं पैली ही हुयगी। उणरी कुनियाह अबू असमा है।
Imam Abu Dawud : 153
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ حَبِيبٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَبَّلَ امْرَأَةً مِنْ نِسَائِهِ ثُمَّ خَرَجَ إِلَى الصَّلَاةِ وَلَمْ يَتَوَضَّأْقَالَ عُرْوَةُ مَنْ هِيَ إِلَّا أَنْتِ فَضَحِكَتْ قَالَ أَبُو دَاوُد هَكَذَا رَوَاهُ زَائِدَةُ وَعَبْدُ الْحَمِيدِ الْحِمَّانِيُّ عَنْ سُلَيْمَانَ الْأَعْمَشِ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مَخْلَدٍ الطَّالْقَانِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ يَعْنِي ابْنَ مَغْرَاءَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ أَخْبَرَنَا أَصْحَابٌ لَنَا عَنْ عُرْوَةَ الْمُزَنِيِّ عَنْ عَائِشَةَ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ أَبُو دَاوُد قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ لِرَجُلٍ احْكِ عَنِّي أَنَّ هَذَيْنِ يَعْنِي حَدِيثَ الْأَعْمَشِ هَذَا عَنْ حَبِيبٍ وَحَدِيثَهُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ فِي الْمُسْتَحَاضَةِ أَنَّهَا تَتَوَضَّأُ لِكُلِّ صَلَاةٍ قَالَ يَحْيَى احْكِ عَنِّي أَنَّهُمَا شِبْهُ لَا شَيْءَ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرُوِيَ عَنْ الثَّوْرِيِّ قَالَ مَا حَدَّثَنَا حَبِيبٌ إِلَّا عَنْ عُرْوَةَ الْمُزَنِيِّ يَعْنِي لَمْ يُحَدِّثْهُمْ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ بِشَيْءٍ قَالَ أَبُو دَاوُد وَقَدْ رَوَى حَمْزَةُ الزَّيَّاتُ عَنْ حَبِيبٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ حَدِيثًا صَحِيحًا
म्हानै बतायो गयो है [उथमान बिन अबू स्याबा] म्हानै बतायो है [वाकी] म्हानै बतायो है [अल अमसी] नै [हबीब] सूं [उर्वाह] सूं [ऐस्या] सूं कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार आपरी एक लुगाई नै चूम्यो, फेर वो नमाज पढ़बा नै बारै गयो, जदकै वा अबै वजू नीं कर री ही। उर्वाह कह्यो; जे थै कोनी तो वो कुण है? तो वा -ऐस्याह- हँसगी। अबू दाऊद कह्यो; इण भांत [जा`इदा] अर [अब्दुल हमीद अल हिम्मानी] [सुलेमान अल अमसी] सूं बतायो है [इब्राहिम बिन मखलाद अल थलकानी] म्हानै बतायो है [अब्दुर्रहमान बिन मगरा] म्हानै बतायो है [अल अमसी] म्हानै [म्हारा साथियां] [उरवा] सूं अलअमसी रै साथै बतायो है। हदीस। अबू दाऊद कह्यो; याह्या बिन सईद अल-कथथान एक आदमी सूं कह्यो; म्हानै बताओ कै ये दो हदीस - यानी हबीब री अल अमसी हदीस अर मुस्तहदह लुगाई रै बारै में इण सनाद रै साथै हदीस, कै वा हर बार नमाज पढ़ता बगत वजू लेवै है - याह्या कह्यो; मन्नै बताओ कै ये दो हदीस कुछ भी कोनी -धाइफ-। अबू दाऊद कह्यो; आट्स-त्सौरी रै द्वारा सुणाई गई उण कह्यो; हबीब म्हानै उरवाह अल-मुजानी रै अलावा और कीं नीं बतायो, यानी; उण उरवाह बिन अज-जुबैर सूं बांनै कीं नीं बतायो। अबू दाऊद कह्यो; [हमजाह अज-जैयत] [हबीब] सूं [उर्वाह बिन अज-जुबैर] सूं [ऐस्याह] सूं एक प्रामाणिक हदीस सुणाई है।
Imam Abu Dawud : 154
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ أَنَّهُ سَمِعَ عُرْوَةَيَقُولُ دَخَلْتُ عَلَى مَرْوَانَ بْنِ الْحَكَمِ فَذَكَرْنَا مَا يَكُونُ مِنْهُ الْوُضُوءُ فَقَالَ مَرْوَانُ وَمِنْ مَسِّ الذَّكَرِ فَقَالَ عُرْوَةُ مَا عَلِمْتُ ذَلِكَ فَقَالَ مَرْوَانُ أَخْبَرَتْنِي بُسْرَةُ بِنْتُ صَفْوَانَ أَنَّهَا سَمِعَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ مَسَّ ذَكَرَهُ فَلْيَتَوَضَّأْ
म्हानै [अब्दुल्लाह बिन मसलमा] [मलिक] सूं [अब्दुल्लाह बिन अबू बकर] सूं बतायो है कै उण एक बार [उर्वाह] नै कैता सुण्यो हो; मैं एक बार [मरवान बिन अल हाकम] रो सामनो करियो, फेर म्हे एक बात रो जिक्र करियो जिणरै वास्तै वजू री जरूरत ही। फेर मारवान बोल्यो; अर जननांग नै छूबा रै वास्तै। तो उरवाह कह्यो; मन्नै इण बाबत ठा कोनी हो। इणरै बाद मारवान बोल्यो; [बुसराह बिन्त शफवान] म्हानै बतायो है कै बां एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो हो कै 'जो कोई भी आपरै गुप्तांग नै छूवैला, वो वजू लेवै'।
Imam Abu Dawud : 155
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا مُلَازِمُ بْنُ عَمْرٍو الْحَنَفِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بَدْرٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ طَلْقٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَدِمْنَا عَلَى نَبِيِّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَجَاءَ رَجُلٌ كَأَنَّهُ بَدَوِيٌّ فَقَالَ يَا نَبِيَّ اللَّهِ مَا تَرَى فِي مَسِّ الرَّجُلِ ذَكَرَهُ بَعْدَ مَا يَتَوَضَّأُ فَقَالَ هَلْ هُوَ إِلَّا مُضْغَةٌ مِنْهُ أَوْ قَالَ بَضْعَةٌ مِنْهُقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ وَسُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَشُعْبَةُ وَابْنُ عُيَيْنَةَ وَجَرِيرٌ الرَّازِيُّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جَابِرٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ طَلْقٍ حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَابِرٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ طَلْقٍ عَنْ أَبِيهِ بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ وَقَالَ فِي الصَّلَاةِ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [मुलाजिम बिन अमरू अल हनफी] म्हानै बतायो है [अब्दुल्ला बिन बदर] नै [कैस बिन थलक] सूं [उणरै पिता] नै बतायो है; म्हे एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै देखबा आया हा, फेर एक आदमी आयो जको भीतर सूं लाग्यो हो, फेर बो बोल्यो; 'हे अल्लाह रा पैगम्बर, थारो कांई विचार है कै कोई मिनख वजू लेयां पछै आपरै गुप्त अंगां नै छूवै। तो बो बोल्यो: 'कांई उणरा गुप्तांग उण मिनख रो मांस रो टुकड़ो कोनी है?' अबू दाऊद कह्यो; [हिस्याम बिन हसन] अर [सुफियान अत्स-त्सौरी] अर [स्यु'बाह] अर [इब्न उयैना] अर [जरीर अर-रज़ी] [मुहम्मद बिन जाबीर] सूं [कैस बिन थलक] रै द्वारा सुणाई गई है। म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [मुहम्मद बिन जाबिर] नै [कैस बिन थलक] सूं [उणरै पिता] नै उणरी सनाद अर उणरै अरथ रै साथै बतायो है, अर उण बतायो है; -प्रार्थना रै बगत जननांगां नै छूणो।
Imam Abu Dawud : 156
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الرَّازِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ قَالَسُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْوُضُوءِ مِنْ لُحُومِ الْإِبِلِ فَقَالَ تَوَضَّئُوا مِنْهَا وَسُئِلَ عَنْ لُحُومِ الْغَنَمِ فَقَالَ لَا تَوَضَّئُوا مِنْهَا وَسُئِلَ عَنْ الصَّلَاةِ فِي مَبَارِكِ الْإِبِلِ فَقَالَ لَا تُصَلُّوا فِي مَبَارِكِ الْإِبِلِ فَإِنَّهَا مِنْ الشَّيَاطِينِ وَسُئِلَ عَنْ الصَّلَاةِ فِي مَرَابِضِ الْغَنَمِ فَقَالَ صَلُّوا فِيهَا فَإِنَّهَا بَرَكَةٌ
म्हानै बतायो है [उथमान बिन अबू स्याबा] म्हानै बतायो है [अबू मुआविया] म्हानै बतायो है [अल अमसी] नै [अब्दुल्लाह बिन अब्दिल्लाह अर-रजी] सूं [अब्दुर्रहमान बिन अबू लैला] सूं [अल-बरा` बिन अजीब] नै बतायो है; एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं ऊंट रो मांस खाबा रै वास्तै वजू लेबा रै बारै में पूछ्यो गयो हो। सो उण सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'इणरै वास्तै वजू करो!' अर बां सूं बकरी रो मांस खाबा रै वास्तै वजू लेबा रै बारै में भी पूछ्यो गयो। सो उण सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'इणरै कारण वजू मत करो!' अर उणसूं ऊंट रै लंगर लगाबा री जगां माथै नमाज पढ़बा रै बारै मांय भी पूछ्यो गयो, सो उणसल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'उण जगै नमाज मत करो, क्यूंकै वाकई ओ शैतानां मांय सूं एक है'। अर बांनै बकरी रै बंधण री जगां माथै प्रार्थना करण रै बारै मांय भी पूछ्यो गयो, तो बां कैयो- 'इण मांय प्रार्थना करो, क्यूंकै वाकई उण जगां माथै आशीर्वाद है'।
Imam Abu Dawud : 157
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ وَأَيُّوبُ بْنُ مُحَمَّدٍ الرَّقِّيُّ وَعَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ الْحِمْصِيُّ الْمَعْنَى قَالُوا حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُعَاوِيَةَ أَخْبَرَنَا هِلَالُ بْنُ مَيْمُونٍ الْجُهَنِيُّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ قَالَ هِلَالٌ لَا أَعْلَمُهُ إِلَّا عَنْ أَبِي سَعِيدٍ وَقَالَ أَيُّوبُ وَعَمْرٌو أُرَاهُ عَنْ أَبِي سَعِيدٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَرَّ بِغُلَامٍ وَهُوَ يَسْلُخُ شَاةً فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَنَحَّ حَتَّى أُرِيَكَ فَأَدْخَلَ يَدَهُ بَيْنَ الْجِلْدِ وَاللَّحْمِ فَدَحَسَ بِهَا حَتَّى تَوَارَتْ إِلَى الْإِبِطِ ثُمَّ مَضَى فَصَلَّى لِلنَّاسِ وَلَمْ يَتَوَضَّأْقَالَ أَبُو دَاوُد زَادَ عَمْرٌو فِي حَدِيثِهِ يَعْنِي لَمْ يَمَسَّ مَاءً وَقَالَ عَنْ هِلَالِ بْنِ مَيْمُونٍ الرَّمْلِيِّ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرَوَاهُ عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ وَأَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ هِلَالٍ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُرْسَلًا لَمْ يَذْكُرْ أَبَا سَعِيدٍ
म्हानै [मुहम्मद बिन अल-'अला`] अर [अय्यूब बिन मुहम्मद अर रक्की] अर [अमरू बिन उत्समान अल-हिमशी] रो अरथ बतार बां कैयो; म्हानै बतायो है [मरवान बिन मुआविया] म्हानै बतायो है [हिलाल बिन मैमून अल-जुहानी] सूं ['अथा` बिन यजीद अल-लैत्सी] कैयो है [हिलाल]; म्हनैं इण बाबत [अबू सईद] रै अलावा कीं नीं ठाह हो। [अय्यूब] अर [अमरू] कह्यो; म्हनै लागै कै आ हदीस [अबू सईद] री है कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार एक टाबर रै कनै सूं गुजरियो जिको भेड़ री खाल उतार रैयो हो, सो पैगम्बर उणनै कैयो: 'एक कानी हट जा, मैं थानै सिखाऊंला -भेड़ री खाल काढणो-'। फेर हाथ खाल अर मांस रै बिचाळै घाल दियो, फेर जोर सूं दबायो जद तांई चामड़ी काढती रैयी जद तांई हाथ भेड़ री कांख रै तळै लुक नींग्यो, फेर जा’र लोगां नै अरदास करी अर वजू नीं करियो। अबू दाऊद कह्यो; अमरू आपरी हदीस रै इतिहास मांय जोड़ दियो; उण पाणी नै हाथ कोनी लगायो। अर हिलाल बिन मैमून अर-रामली सूं कह्यो। अबू दाउद कह्यो; अर यो [अब्दुल वाहिद बिन जियाद] अर [अबू मुआविया] सूं [हिलाल] सूं ['अथा`] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं अबू सईद रो जिक्र किये बिना मुरसल तरीके सूं सुणायो गयो है।
Imam Abu Dawud : 158
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ يَعْنِي ابْنَ بِلَالٍ عَنْ جَعْفَرٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَابِرٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَرَّ بِالسُّوقِ دَاخِلًا مِنْ بَعْضِ الْعَالِيَةِ وَالنَّاسُ كَنَفَتَيْهِ فَمَرَّ بِجَدْيٍ أَسَكَّ مَيِّتٍ فَتَنَاوَلَهُ فَأَخَذَ بِأُذُنِهِ ثُمَّ قَالَ أَيُّكُمْ يُحِبُّ أَنَّ هَذَا لَهُ وَسَاقَ الْحَدِيثَ
[अब्दुल्ला बिन मसलामा] म्हानै [सुलेमान बिन बिलाल] नै [जाफर] सूं [उणरै पिता] सूं [जाबीर] सूं बतायो है कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) एक बार ऊपरी सड़क रै एक हिस्से रै रास्ते एक बाजार में दाखिल हुया, जदकै घणकरा लोग उणरै दोनूं कानी सूं चालता हा। फेर बो एक बकरी रै लाश रै कनै सूं गुजरियो जिणरै कान छोटा हा, फेर बो बकरी रै बकरी नै कान पकड़र पकड़ लियो, फेर बोल्यो: 'थारै मांय सूं किण नै ओ चोखो लागै कै ओ उणरो है'। फेर उण हदीस नै आगै बधायो।
Imam Abu Dawud : 159
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَكَلَ كَتِفَ شَاةٍ ثُمَّ صَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ
म्हानैं बतायो गयो है [अब्दुल्लाह बिन मसलामा] म्हानैं [मलिक] [जैद बिन असलम] सूं ['अथा` बिन यासर] सूं [इब्न अब्बास] सूं बतायो है कै अल्लाह रा रसूल एक बार बकरी री जांघ रो मांस खायो, फेर नमाज पढ़ी अर फेरूं वजू नीं करी।
Imam Abu Dawud : 160
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَمُحَمَّدُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْأَنْبَارِيُّ الْمَعْنَى قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ مِسْعَرٍ عَنْ أَبِي صَخْرَةَ جَامِعِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَضِفْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَاتَ لَيْلَةٍ فَأَمَرَ بِجَنْبٍ فَشُوِيَ وَأَخَذَ الشَّفْرَةَ فَجَعَلَ يَحُزُّ لِي بِهَا مِنْهُ قَالَ فَجَاءَ بِلَالٌ فَآذَنَهُ بِالصَّلَاةِ قَالَ فَأَلْقَى الشَّفْرَةَ وَقَالَ مَا لَهُ تَرِبَتْ يَدَاهُ وَقَامَ يُصَلِّزَادَ الْأَنْبَارِيُّ وَكَانَ شَارِبِي وَفَى فَقَصَّهُ لِي عَلَى سِوَاكٍ أَوْ قَالَ أَقُصُّهُ لَكَ عَلَى سِوَاكٍ
म्हानै [उथमान बिन अबू स्याबा] अर [मुहम्मद बिन सुलेमान अल अंबारी] नै अरथ बतार बां कैयो; म्हानै [वाकी'] सूं [मिस'र] सूं [अबू शखराह जामी' बिन स्याददाद] सूं [अल-मुगीराह बिन अब्दुल्ला] सूं [अल-मुगीराह बिन शुबाह] सूं बतायो; एक रात मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै गयो, फेर बां म्हनै बकरी रै मांस रो एक मोटो टुकड़ो लेबा रो हुकम दियो, बांनै काटबा रै बाद, बां एक छुरी ली, फेर बां उण छुरी सूं म्हारै वास्तै टुकड़ा-टुकड़ा कर दिया। शुबा कह्यो; फेर बिलाल नमाज रै वास्तै अज़ान देबा आयो, फेर चाकू फेंक्यो, अर बोल्यो: 'ओ कितरो भाग्यशाली है, गंभीरता सूं!' -क्यूंकै बो लोगां नै प्रार्थना करण सारू बुलायो हो-- पछै बो प्रार्थना करण सारू खड़्यो हो। अल अंबारी जोड़्यो; उण बगत म्हारी मूंछ लांबी ही, सो बां बांनै मिसवाक रै आकार तांई काट दी। या फेर बो बोल्यो: 'मैं थारै वास्तै एक सिवाक रै आकार रो काट दूंला'।