Imam Abu Dawud : 121
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا تَوَضَّأَ أَحَدُكُمْ فَلْيَجْعَلْ فِي أَنْفِهِ مَاءً ثُمَّ لِيَنْثُرْ
[अब्दुल्लाह बिन मसलमा] [मलिक] सूं [अबू अज-जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैराह] सूं बतायो है कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कह्यो है कै जद थारै मांय सूं कोई वजू करै है तो उणनै आपरी नाक मांय पाणी घालणो चाइजै अर पछै उणनै बारै काढणो चाइजै।
Imam Abu Dawud : 122
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ عَنْ قَارِظٍ عَنْ أَبِي غَطَفَانَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اسْتَنْثِرُوا مَرَّتَيْنِ بَالِغَتَيْنِ أَوْ ثَلَاثًا
म्हानै बतायो है [इब्राहिम बिन मूसा] म्हानै बतायो है [वाकी'] म्हानै बतायो है [इब्न अबी दज़ी`ब] सूं [करिज़] सूं [अबू गठफान] सूं [इब्न अब्बास] उण कह्यो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम कह्यो: 'बेरिस्टिन्स्याक्लाह - आपरी नाक रै मांय पाणी री सांस लेवो, फेर सांस छोड़ो - पूरी तरह सूं दो या तीन बार'।
Imam Abu Dawud : 123
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ فِي آخَرِينَ قَالُوا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سُلَيْمٍ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ كَثِيرٍ عَنْ عَاصِمِ بْنِ لَقِيطِ بْنِ صَبْرَةَ عَنْ أَبِيهِ لَقِيطِ بْنِ صَبْرَةَ قَالَكُنْتُ وَافِدَ بَنِي الْمُنْتَفِقِ أَوْ فِي وَفْدِ بَنِي الْمُنْتَفِقِ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَلَمَّا قَدِمْنَا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمْ نُصَادِفْهُ فِي مَنْزِلِهِ وَصَادَفْنَا عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ قَالَ فَأَمَرَتْ لَنَا بِخَزِيرَةٍ فَصُنِعَتْ لَنَا قَالَ وَأُتِينَا بِقِنَاعٍ وَلَمْ يَقُلْ قُتَيْبَةُ الْقِنَاعَ وَالْقِنَاعُ الطَّبَقُ فِيهِ تَمْرٌ ثُمَّ جَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ هَلْ أَصَبْتُمْ شَيْئًا أَوْ أُمِرَ لَكُمْ بِشَيْءٍ قَالَ قُلْنَا نَعَمْ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ فَبَيْنَا نَحْنُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جُلُوسٌ إِذْ دَفَعَ الرَّاعِي غَنَمَهُ إِلَى الْمُرَاحِ وَمَعَهُ سَخْلَةٌ تَيْعَرُ فَقَالَ مَا وَلَّدْتَ يَا فُلَانُ قَالَ بَهْمَةً قَالَ فَاذْبَحْ لَنَا مَكَانَهَا شَاةً ثُمَّ قَالَ لَا تَحْسِبَنَّ وَلَمْ يَقُلْ لَا تَحْسَبَنَّ أَنَّا مِنْ أَجْلِكَ ذَبَحْنَاهَا لَنَا غَنَمٌ مِائَةٌ لَا نُرِيدُ أَنْ تَزِيدَ فَإِذَا وَلَّدَ الرَّاعِي بَهْمَةً ذَبَحْنَا مَكَانَهَا شَاةً قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لِي امْرَأَةً وَإِنَّ فِي لِسَانِهَا شَيْئًا يَعْنِي الْبَذَاءَ قَالَ فَطَلِّقْهَا إِذًا قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لَهَا صُحْبَةً وَلِي مِنْهَا وَلَدٌ قَالَ فَمُرْهَا يَقُولُ عِظْهَا فَإِنْ يَكُ فِيهَا خَيْرٌ فَسَتَفْعَلْ وَلَا تَضْرِبْ ظَعِينَتَكَ كَضَرْبِكَ أُمَيَّتَكَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَخْبِرْنِي عَنْ الْوُضُوءِ قَالَ أَسْبِغْ الْوُضُوءَ وَخَلِّلْ بَيْنَ الْأَصَابِعِ وَبَالِغْ فِي الِاسْتِنْشَاقِ إِلَّا أَنْ تَكُونَ صَائِمًاحَدَّثَنَا عُقْبَةُ بْنُ مُكْرَمٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ حَدَّثَنِي إِسْمَعِيلُ بْنُ كَثِيرٍ عَنْ عَاصِمِ بْنِ لَقِيطِ بْنِ صَبْرَةَ عَنْ أَبِيهِ وَافِدِ بَنِي الْمُنْتَفِقِ أَنَّهُ أَتَى عَائِشَةَ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ قَالَ فَلَمْ يَنْشَبْ أَنْ جَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَقَلَّعُ يَتَكَفَّأُ وَقَالَ عَصِيدَةٌ مَكَانَ خَزِيرَةٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ فِيهِ إِذَا تَوَضَّأْتَ فَمَضْمِضْ
म्हे [कुतैबा बिन सईद] दूजी मंडळियां नै बतायो, बां कैयो; म्हानैं [यह्या बिन सुलैम] सूं [इस्माइल बिन कथिर] सूं ['अशिम बिन लकीथ बिन शबराह] सूं [उणरै पिता, लकीथ बिन शबरा] सूं बतायो है; मैं एक बार बानी मुन्ताफीक रो दूत हो या मैं एक बार अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै बानी मुन्ताफीक रो दूत हो, बां कैयो; लकीथ आगै कैयो, "जद म्हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै कनै गया, तो ओ ठाह लाग्यो कै म्हे उणनै उणरै घरै नीं मिलिया, पण म्हे फगत ऐस्याह उम्मुल मुकमिनिन सूं मिलिया।" फेर वा -'ऐसिया- म्हारै वास्तै खजीरा रो खाणो बणायो - एक भांत रो दलिया जिणनै मांस रै साथै मिलायो गयो हो जिणनै छोटा-छोटा टुकड़ा कर दियो गयो हो -। म्हारै वास्तै खाणो बणाबा रै बाद म्हारै वास्तै खजूर रो एक पात्र ल्यायो गयो, फेर अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) आया अर कह्यो कै थानै कोई खाणो मिल्यो है या थानै थारै वास्तै कोई खाणो बणाबा रो हुकम दियो गयो है? उण -लकीथ- कह्यो, म्हे जवाब दियो, हां, हे अल्लाह रा रसूल। लकीथ जारी राख्यो; जद म्हे पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै सागै बैठ्या हा, अचाणचक बकरी रो चरवाहो आयो अर आपरी बकरी नै एक फुफकारता मेमना रै साथै आपरै कलम मांय घाली। तो उण सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'ओ फलाणै अर फलाणां, थै कांई ढूंढ रैया हो?' ग्वाल जवाब दियो; एक बकरी नै एक बच्चा पैदा कर दियो। बो बोल्यो: 'इणरै बजाय एक बकरी काट दो'। फेर बो फेरूं बोल्यो: 'कदैई मत सोचो कै म्हे इण बकरी नै इण वास्तै काट दी क्यूंकै थूं मौजूद है। म्हारै कनै सौ बकरियां है, म्हांनै इणसूं बेसी नीं चाइजै। जे ग्वाल रै कनै एक सूं बेसी बकरी है - क्यूंकै कोई पैली सूं ई टाबर नै जलम दे चुक्यो है - तो आपां नूंवै जलम्या बकरी रै बदलै एक बकरी नै काट देवां। लकीथ जारी राख्यो; म्हैं कैयो; हे अल्लाह रा रसूल, साची में म्हारी एक लुगाई है जिकी बोलण में माड़ी है। बो बोल्यो: 'फेर बांनै तलाक दे दो'। लकीथ कह्यो; म्हैं कैयो; हे अल्लाह रा रसूल, वाकई वो एक जीवन मित्र बणग्यो है अर म्हनै बां सूं संतान हुया है। बो बोल्यो, 'इणनै सलाह दे! जे वो आछो है तो बेशक वो थारी सलाह मानैला अर थारी घरआळी नै इसा मत मारो, जियां थै थारी दासी नै मारो हो। तो म्हैं बोल्यो, हे अल्लाह रा रसूल, मन्नै वजू करण रा तरीका बताओ। उण जवाब दियो, 'आपरी वजू पूरी करो, आपरी आंगळियां रै बिचाळै राखो अर जद तांई थै व्रत नीं राखोला, आपरी पालन-पोषण में घणी सख्त रैवो'। ['उकबाह बिन मुकरीम] म्हानै बतायो है [यह्या बिन सईद] म्हानै बतायो है [इब्नू जुरैज] म्हानै [इस्माइल बिन कतसीर] नै ['अशिम बिन लकीथ बिन शबराह] सूं [उणरै पिता, बनी मुन्ताफीक रा दूत] सूं बतायो है कै वो एक बार ऐस्या सूं मिल्यो हो, फेर उण उणी हदीस रो जिक्र करियो हो। उण बतायो; इणरै थोड़ी ताळ पछै रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जोर-जोर सूं चालता आया। उणां खजीरा री जगां 'अशीदाह' रो भी जिकर करियो। म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन याह्या बिन फारिस] म्हानै बतायो है [अबू अशिम] म्हानै बतायो है [इब्न जुरैज] नै इण हदीस रै साथै, उणनै उणनै बतायो है; जद थै जला लेवो हो तो आपरो मुंह कुल्ला करो।
Imam Abu Dawud : 124
حَدَّثَنَا أَبُو تَوْبَةَ يَعْنِي الرَّبِيعَ بْنَ نَافِعٍ حَدَّثَنَا أَبُو الْمَلِيحِ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ زَوْرَانَ عَنْ أَنَسٍ يَعْنِي ابْنَ مَالِكٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا تَوَضَّأَ أَخَذَ كَفًّا مِنْ مَاءٍ فَأَدْخَلَهُ تَحْتَ حَنَكِهِ فَخَلَّلَ بِهِ لِحْيَتَهُ وَقَالَ هَكَذَا أَمَرَنِي رَبِّي عَزَّ وَجَلَّقَالَ أَبُو دَاوُد وَالْوَلِيدُ بْنُ زَوْرَانَ رَوَى عَنْهُ حَجَّاجُ بْنُ حَجَّاحٍ وَأَبُو الْمَلِيحِ الرَّقِّيُّ
म्हानैं बतायो गयो है [अबू तौबा, अर-रबी' बिन नफी'] म्हानै [अबू अल-मलिह] [अल-वलिद बिन ज़ौरान] सूं [अनस बिन मलिक] बतायो है कै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजू लेता बगत आपरै हाथ री हथेली सूं पाणी लीधो, फेर उणनैं आपरी ठोड़ी रै तळै राख दियो अर पछै उणनैं आपरै नार्ड रै बिचाळै राख दियो। म्हारै रब्ब 'अज्जा वजल्ला म्हानै हुकम दियो'। अबू दाऊद कह्यो: हज्जाज बिन हज्जाज अल-वलिद बिन ज़ौरान अर अबू अल-मलिह अर-रकी सूं सुणी है।
Imam Abu Dawud : 125
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ حَنْبَلٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنْ ثَوْرٍ عَنْ رَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ ثَوْبَانَ قَالَبَعَثَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَرِيَّةً فَأَصَابَهُمْ الْبَرْدُ فَلَمَّا قَدِمُوا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَرَهُمْ أَنْ يَمْسَحُوا عَلَى الْعَصَائِبِ وَالتَّسَاخِينِ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन मुहम्मद बिन हनबल] म्हानै बतायो है [यह्या बिन सईद] नै [तसौर] सूं [रशीद बिन सद] नै [तसौबान] सूं बतायो है; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक बार एक सेना भेजी - उणरै बिना लड़बा रै वास्तै -, फेर वे ठंड रै मौसम रै मांय ढकग्या। तो पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै कनै आवा रै बाद बांनै आपरी पगड़ी अर खूफ पोंछबा रो हुकम दियो।
Imam Abu Dawud : 126
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ حَدَّثَنِي مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ مُسْلِمٍ عَنْ أَبِي مَعْقِلٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ وَعَلَيْهِ عِمَامَةٌ قِطْرِيَّةٌ فَأَدْخَلَ يَدَهُ مِنْ تَحْتِ الْعِمَامَةِ فَمَسَحَ مُقَدَّمَ رَأْسِهِ وَلَمْ يَنْقُضْ الْعِمَامَةَ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन सालिह] म्हानै बतायो है [इब्नू वाहब] म्हानै बतायो है [मुआविया बिन शालिह] सूं [अब्दुल अजीज बिन मुस्लिम] सूं [अबू मकिल] सूं [अनस बिन मलिक] उण कह्यो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै किथरिया पगड़ी पैहरता थका वजू करता देख्यो, बां आपरी पगड़ी रै तळै सूं हाथ बारै काढ्या अर पछै पगड़ी नै उतारियां बिना ई आपरै सिर रै आगै रो हिस्सो पोंछ लियो।
Imam Abu Dawud : 127
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيِّ عَنْ الْمُسْتَوْرِدِ بْنِ شَدَّادٍ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا تَوَضَّأَ يَدْلُكُ أَصَابِعَ رِجْلَيْهِ بِخِنْصَرِهِ
म्हानै बतायो है [कुतैबा बिन सईद] म्हानै बतायो है [इब्न लाहीआह] सूं [यजीद बिन अमरू] सूं [अबू अब्दिरहमान अल हुबुली] सूं [अल-मस्तौरिद बिन स्यादद] उण कैयो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै वजू लेता बगत देख्यो, वे आपरी छोटी आंगळी सूं दोनूं पगां री उंगलियां नै रगड़ता।
Imam Abu Dawud : 128
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ حَدَّثَنِي عَبَّادُ بْنُ زِيَادٍ أَنَّ عُرْوَةَ بْنَ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُ الْمُغِيرَةَ يَقُولُعَدَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَنَا مَعَهُ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ قَبْلَ الْفَجْرِ فَعَدَلْتُ مَعَهُ فَأَنَاخَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَبَرَّزَ ثُمَّ جَاءَ فَسَكَبْتُ عَلَى يَدِهِ مِنْ الْإِدَاوَةِ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثُمَّ حَسَرَ عَنْ ذِرَاعَيْهِ فَضَاقَ كُمَّا جُبَّتِهِ فَأَدْخَلَ يَدَيْهِ فَأَخْرَجَهُمَا مِنْ تَحْتِ الْجُبَّةِ فَغَسَلَهُمَا إِلَى الْمِرْفَقِ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ ثُمَّ تَوَضَّأَ عَلَى خُفَّيْهِ ثُمَّ رَكِبَ فَأَقْبَلْنَا نَسِيرُ حَتَّى نَجِدَ النَّاسَ فِي الصَّلَاةِ قَدْ قَدَّمُوا عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ فَصَلَّى بِهِمْ حِينَ كَانَ وَقْتُ الصَّلَاةِ وَوَجَدْنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ وَقَدْ رَكَعَ بِهِمْ رَكْعَةً مِنْ صَلَاةِ الْفَجْرِ فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَصَفَّ مَعَ الْمُسْلِمِينَ فَصَلَّى وَرَاءَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ الرَّكْعَةَ الثَّانِيَةَ ثُمَّ سَلَّمَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي صَلَاتِهِ فَفَزِعَ الْمُسْلِمُونَ فَأَكْثَرُوا التَّسْبِيحَ لِأَنَّهُمْ سَبَقُوا النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالصَّلَاةِ فَلَمَّا سَلَّمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَهُمْ قَدْ أَصَبْتُمْ أَوْ قَدْ أَحْسَنْتُمْ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन सालीह] म्हानै बतायो है [अब्दुल्ला बिन वाहब] म्हानै बतायो है [यूनुस बिन यजीद] सूं [इब्न शिहाब] म्हानै बतायो है ['अब्बाद बिन जियाद] कै ['उर्वाह बिन अल-मुघिराह बिन स्यूबाह] उणनै बतायो है, कै उणनै एक बार [उणरै पिता नै अल-मुघिराह] कैयो है; उण कैयो, भोर सूं पैली तबुक री लड़ाई रै दौरान, अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार आपरै साथियां रै रास्तै सूं भटकग्या, इण वास्तै म्हैं भी बां रै साथै रास्तै सूं हटग्यो। फेर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै अपणा वाहन चालू करया, फेर उसनै शौच करया। जद म्हैं काम पूरो कर लियो, तो म्हैं बर्तन सूं पाणी बां रै हाथां मांय ढाळ दियो। बो आपरी हथेलियां नै धोयो अर पछै आपरो मुंडो धोयो। इणरै बाद उण आपरै चोगा री दो आस्तीनां नै लुढ़का दी जिकी खुली ही अर कसगी, सो उणनै पाछी घाल ली अर चोगा रै तळै सूं बारै काढ ली, फेर उण आपरा हाथ कोहनी तांई धोया, अर आपरो माथो पोंछ लियो, फेर आपरै खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछ दियो। इणरै बाद वो वाहन मांय बैठग्यो, अर म्हे आपणी यात्रा जारी राखी, जद तांई कै म्हांनै लोग - दोस्त - नीं मिलिया, जका नमाज पढ़ रैया हा, बां अब्दुर्रहमान बिन औफ नै इमाम बणायो, बां बगत री सरूआत मांय बां रै सागै नमाज पढ़ी अर म्हे पायो कै अब्दुर्रहमान बिन औफ बां रै सागै एक रकात फजर री नमाज करी ही। तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम आया अर मुसलमानां रै सागै शाफ मांय दाखिल हुया अर अब्दुर्रहमान बिन औफ रै लारै दूजी रकात री नमाज पढ़ी। अब्दुर्रहमान रै नमस्कार रै बाद पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नमाज पूरी करण सारू खड़ा हुया। तो अचाणचक मुसलमानां नै चकित कर दियो, फेर बां मांय सूं घणकरा लोगां नै 'सुभानल्लाह' पढ़ी, क्यूंकै बां पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम सूं पैली ई नमाज पढ़ी ही। रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै नमस्कार रै बाद बां सूं कह्यो कै थै जो कर रिया हो वो ठीक है या फेर थै जो कर रिया हो वो आछो है।
Imam Abu Dawud : 129
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى يَعْنِي ابْنَ سَعِيدٍ ح و حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ عَنْ التَّيْمِيِّ حَدَّثَنَا بَكْرٌ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ ابْنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ نَاصِيَتَهُ وَذَكَرَ فَوْقَ الْعِمَامَةِقَالَ عَنْ الْمُعْتَمِرِ سَمِعْتُ أَبِي يُحَدِّثُ عَنْ بَكْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ ابْنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَعَلَى نَاصِيَتِهِ وَعَلَى عِمَامَتِهِ قَالَ بَكْرٌ وَقَدْ سَمِعْتُهُ مِنِ ابْنِ الْمُغِيرَةِ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [यह्या बिन सईद] अल हदीस बतायो है। अर म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [अत-तैमी] सूं [अल-मुतमीर] बतायो है [बकर] नै [अल-हसन] सूं [इब्न अल-मुगीराह बिन स्यूबाह] सूं [अल-मुघिराह बिन स्यूबाह] सूं बतायो है कै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अर उणरै सिर नै पोंछ दियो। अर मुघिराह बतायो कै उण आपरी पगड़ी माथै पोंछ लीनो। उण [अल-मुतमीर] सूं कैयो कै म्हैं [म्हारै पिता] नै [बकर बिन अब्दुल्ला] सूं [अल हसन] सूं [इब्नू अल-मुगीराह बिन स्यूबाह] सूं [अल-मुगीरा] सूं एक हदीस सुणी है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दो खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछता हा अर साथै ई आपरै मुकुट रै ऊपरी हिस्सै नै भी पोंछता हा। पगड़ी। बकर कह्यो; साची, म्हैं इब्न अल-मुगीराह सूं सुणी है
Imam Abu Dawud : 130
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ الشَّعْبِيِّ قَالَ سَمِعْتُ عُرْوَةَ بْنَ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ يَذْكُرُ عَنْ أَبِيهِ قَالَكُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي رَكْبِهِ وَمَعِي إِدَاوَةٌ فَخَرَجَ لِحَاجَتِهِ ثُمَّ أَقْبَلَ فَتَلَقَّيْتُهُ بِالْإِدَاوَةِ فَأَفْرَغْتُ عَلَيْهِ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ وَوَجْهَهُ ثُمَّ أَرَادَ أَنْ يُخْرِجَ ذِرَاعَيْهِ وَعَلَيْهِ جُبَّةٌ مِنْ صُوفٍ مِنْ جِبَابِ الرُّومِ ضَيِّقَةُ الْكُمَّيْنِ فَضَاقَتْ فَادَّرَعَهُمَا ادِّرَاعًا ثُمَّ أَهْوَيْتُ إِلَى الْخُفَّيْنِ لِأَنْزَعَهُمَا فَقَالَ لِي دَعْ الْخُفَّيْنِ فَإِنِّي أَدْخَلْتُ الْقَدَمَيْنِ الْخُفَّيْنِ وَهُمَا طَاهِرَتَانِ فَمَسَحَ عَلَيْهِمَاقَالَ أَبِي قَالَ الشَّعْبِيُّ شَهِدَ لِي عُرْوَةُ عَلَى أَبِيهِ وَشَهِدَ أَبُوهُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَدَّثَنَا هُدْبَةُ بْنُ خَالِدٍ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ الْحَسَنِ وَعَنْ زُرَارَةَ بْنِ أَوْفَى أَنَّ الْمُغِيرَةَ بْنَ شُعْبَةَ قَالَ تَخَلَّفَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ هَذِهِ الْقِصَّةَ قَالَ فَأَتَيْنَا النَّاسَ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ يُصَلِّ بِهِمْ الصُّبْحَ فَلَمَّا رَأَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَرَادَ أَنْ يَتَأَخَّرَ فَأَوْمَأَ إِلَيْهِ أَنْ يَمْضِيَ قَالَ فَصَلَّيْتُ أَنَا وَالنَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَلْفَهُ رَكْعَةً فَلَمَّا سَلَّمَ قَامَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَصَلَّى الرَّكْعَةَ الَّتِي سُبِقَ بِهَا وَلَمْ يَزِدْ عَلَيْهَا قَالَ أَبُو دَاوُد أَبُو سَعِيدٍ الْخُدْرِيُّ وَابْنُ الزُّبَيْرِ وَابْنُ عُمَرَ يَقُولُونَ مَنْ أَدْرَكَ الْفَرْدَ مِنْ الصَّلَاةِ عَلَيْهِ سَجْدَتَا السَّهْوِ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [ईसा बिन यूनुस] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] नै [अश-शाबी] सूं बो बोल्यो; म्हैं एक बार [उर्वाह बिन अल-मुघिराह बिन स्यूबाह] नै [उणरै पिता] सूं इण रो जिकर करता सुण्यो, बां कैयो; म्हे एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै सागै एक टोळी मांय हा, अर म्हैं पाणी रो पात्र ले जावण आळो हो। फेर वो खुद नै राहत देबा गयो। जद बो आयो, म्हैं पाणी रो पात्र ल्याता थकां उणसूं मिल्यो। मैं बां रै वास्तै पाणी ढाळ दियो, फेर बां आपरी हथेलियां अर चेहरो धोया। फेर वो आपरी दो बांह काढबा वाळो हो जदकै उण बगत वो रोमन ऊनी चोगा पैहर राख्यो हो जिणरी आस्तीन संकरी ही, सो वो दोनूं बांह छोड़ दी। इणरै बाद मैं बांनै उतारबा रै वास्तै बांरा दो खूफ कानी देख्यो। तो बां म्हनै कैयो, 'दो खूफ छोड दो, क्यूंकै म्हैं दोनूं खूफ रै मांय आपरा पग घाल्या जदकै वै दोनूं शुद्ध है, बां दो खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै ई रगड़्यो। म्हारा पिताजी कह्यो; अश-शाबी कह्यो; उरवाह आपरै पिता रै बारै में म्हनैं गवाही दी, अर उणरै पिता रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै बारै में गवाही दी, आपां नैं बतायो है [हुब्दह बिन खालिद] आपां नैं [हम्मम] सूं [कतदाह] सूं [अल हसन] सूं [जुरराह बिन औफा] बतायो है कै [अल-मुघिराह बिन शुबाह] कह्यो है; रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै एक बार लेट होया..., फेर उसनै इस कथा का जिक्र करया, वो बोल्या; फेर म्हे लोगां रै कनै गया तो ठाह लाग्यो कै अब्दुर्रहमान बिन औफ बां रै सागै फजर री नमाज पढ़ रैया हा। जद अब्दुर्रहमान पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै देख्यो तो वो पाछै हटबा नै त्यार हो, पण वो उणनै आपरी नमाज जारी राखण रो इशारो करियो। वो केवे है; सो म्हैं अर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अब्दुर्रहमान रै लारै एक रकत री नमाज पढ़ी, जद बांनै नमस्कार करियो तो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बां नमाज नै अंजाम देवण सारू खड़ा हुया जिकी लारै छोड़ी गई ही, अर बां इण मांय कीं और कीं नीं करियो। अबू दाऊद कह्यो; अबू सईद अल-खुदरी, इब्नू अज-जुबैर अर इबनू उमर कह्यो कै जो भी अकेलो नमाज पढ़ै है - इमाम रै साथै रैवण रै बाद - साहवी रै वास्तै सजदा जरूर करैला।
Imam Abu Dawud : 131
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي بَكْرٍ يَعْنِي ابْنَ حَفْصِ بْنِ عُمَرَ بْنِ سَعْدٍ سَمِعَ أَبَا عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ السُّلَمِيِّأَنَّهُ شَهِدَ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ يَسْأَلُ بِلَالًا عَنْ وُضُوءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ كَانَ يَخْرُجُ يَقْضِي حَاجَتَهُ فَآتِيهِ بِالْمَاءِ فَيَتَوَضَّأُ وَيَمْسَحُ عَلَى عِمَامَتِهِ وَمُوقَيْهِقَالَ أَبُو دَاوُد هُوَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ مَوْلَى بَنِي تَيْمِ بْنِ مُرَّةَ
म्हानै बतायो है [उबैदुल्लाह बिन मुआद्ज] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] म्हानै बतायो है [स्यूबाह] [अबू बकर बिन हफश बिन उमर बिन सद] सूं उणनै [अबू अब्दिल्लाह] नै [अबू अब्दिररहमान अस-सुलामी] सूं सुण्यो हो कै उणनै एक बार अब्दुर्रहमान बिन नै अब्दुर्रहमान बिन असुलुल्लाह रै अब्युल्लाह रै बारै में देख्यो हो। शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, फेर बिलाल कह्यो; वो एक बार शौच करण नै निकळ्यो, फेर मैं पाणी ल्यायो, फेर वुजू लिया अर पगड़ी अर दो जूता पोंछ लिया। अबू दाऊद कह्यो; वे अबू अब्दिल्लाह है, जो बनी तैम बिन मुर्राह रा पूर्व सहाय है।
Imam Abu Dawud : 132
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحُسَيْنِ الدِّرْهَمِيُّ حَدَّثَنَا ابْنُ دَاوُدَ عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَامِرٍ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ أَنَّ جَرِيرًابَالَ ثُمَّ تَوَضَّأَ فَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَقَالَ مَا يَمْنَعُنِي أَنْ أَمْسَحَ وَقَدْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ قَالُوا إِنَّمَا كَانَ ذَلِكَ قَبْلَ نُزُولِ الْمَائِدَةِ قَالَ مَا أَسْلَمْتُ إِلَّا بَعْدَ نُزُولِ الْمَائِدَةِ
म्हानै बतायो है [अली बिन हुसैन अद-दिरहामी] म्हानै [इब्नू दाऊद] नै [बुकैर बिन अमीर] सूं [अबू ज़ूरत बिन अमरू बिन जरीर] बतायो है कै [जरीर] एक बार पेशाब करियो, फेर वजू करियो, फेर आपरै खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछ दियो अर कह्यो, कांई है जिको म्हानै इणनै पोंछण सूं रोकै है, भलांई अल्लाह इसेन नै देख्यो है। (अल्लाह अलैहि वसल्लम) इणनै पोंछणो? साथियां कह्यो, दो खूफ पोंछणो सूरत अल-मैदा री आयत रै प्रकाशित होबा सूं पैली हुयो हो, इण वास्तै उण जवाब दियो, "मैं सूरत अल-मैदा रै प्रकाशन रै बाद इस्लाम धर्म अपनायो कोनी।"
Imam Abu Dawud : 133
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ وَأَحْمَدُ بْنُ أَبِي شُعَيْبٍ الْحَرَّانِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا دَلْهَمُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ حُجَيْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ ابْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ النَّجَاشِيَّ أَهْدَى إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خُفَّيْنِ أَسْوَدَيْنِ سَاذَجَيْنِ فَلَبِسَهُمَا ثُمَّ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَيْهِمَاقَالَ مُسَدَّدٌ عَنْ دَلْهَمِ بْنِ صَالِحٍ قَالَ أَبُو دَاوُد هَذَا مِمَّا تَفَرَّدَ بِهِ أَهْلُ الْبَصْرَةِ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] अर [अहमद बिन स्यूअैब अल हररानी] वे दोनूं कह्यो; म्हानै बतायो गयो है [वाकी'] म्हानै [डलहम बिन सालिह] सूं [हुजैर बिन अब्दुल्ला] सूं [इब्नू बुरैदा] सूं [उणरै पिता] सूं बतायो है कै नजसी रा राजा एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै एक जोड़ी चिकणी काळी जूता भेंट करी ही, सो उणनै बांनै पैहर दियो अर बां दोनूं नै पोंछ दियो। मुसद्दाद कह्यो; डलहम बिन सालिह सूं। अबू दाऊद कह्यो; इण मांय वै हदीस भी सामिल है जिका फगत बसरा रै रैवासियां रै द्वारा सुणाई गई है।
Imam Abu Dawud : 134
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا ابْنُ حَيٍّ هُوَ الْحَسَنُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَامِرٍ الْبَجَلِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي نُعْمٍ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنَسِيتَ قَالَ بَلْ أَنْتَ نَسِيتَ بِهَذَا أَمَرَنِي رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ
म्हानै बतायो गयो है [अहमद बिन यूनुस] म्हानै [बुकैर बिन अमीर अल-बजाली] सूं [अब्दुर्रहमान बिन अबू नुम] सूं [अल-मुघिराह बिन स्यूबा] सूं [इब्न हैय, यानी अल हसन बिन सालीह] सूं [अब्दुर्रहमान बिन अबू नुम] सूं [अल-मुघिराह बिन स्यूअबा] सूं बतायो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लाहु हिल्लाम री चोटी माथै हा। जला लेणो-, तो म्हैं कैयो; हे अल्लाह रा रसूल, कांई थै भूलग्या हो? उण जवाब दियो: 'थै भी जिका भूलग्या हो, ओ ईज है जिणनै म्हारै रब्ब अज्जा वा जल्ला म्हानै करण रो हुकम दियो हो'।
Imam Abu Dawud : 135
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ الْحَكَمِ وَحَمَّادٌ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ الْجَدَلِيِّ عَنْ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْمَسْحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ لِلْمُسَافِرِ ثَلَاثَةُ أَيَّامٍ وَلِلْمُقِيمِ يَوْمٌ وَلَيْلَةٌقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ مَنْصُورُ بْنُ الْمُعْتَمِرِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ بِإِسْنَادِهِ قَالَ فِيهِ وَلَوْ اسْتَزَدْنَاهُ لَزَادَنَا
म्हानै बतायो है [हफ्श बिन उमर] म्हानै [अल हक्कम] सूं [स्यू'बाह] अर [हम्मद] नै [इब्राहिम] सूं [अबू अब्दिल्लाह अल-जदाली] सूं [खुज़ैमान बिन थाबित] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं बतायो है, उण कह्यो है: 'एक जोड़ी खुफिया नै पोंछणो तीन दिनां रै वास्तै है अर किणी रै वास्तै एक दिन अर एक रात रैवणो है। अबू दाऊद कह्यो; [मंसूर बिन अल-मुतमीर] द्वारा [इब्राहिम अत-तैमी] सूं आपरी सनाद रै साथै सुणाई गई, उण उणनै बतायो; अर जे आपां उणसूं और कीं मांगांला तो वो आपां नै और बगत देसी।'
Imam Abu Dawud : 136
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ الرَّبِيعِ بْنِ طَارِقٍ أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ رَزِينٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ أَيُّوبَ بْنِ قَطَنٍ عَنْ أُبَيِّ بْنِ عِمَارَةَقَالَ يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ وَكَانَ قَدْ صَلَّى مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِلْقِبْلَتَيْنِ أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ قَالَ نَعَمْ قَالَ يَوْمًا قَالَ يَوْمًا قَالَ وَيَوْمَيْنِ قَالَ وَيَوْمَيْنِ قَالَ وَثَلَاثَةً قَالَ نَعَمْ وَمَا شِئْتَقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ الْمِصْرِيُّ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَيُّوبَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ رَزِينٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ أَبِي زِيَادٍ عَنْ عُبَادَةَ بْنِ نُسِيٍّ عَنْ أُبَيِّ بْنِ عِمَارَةَ قَالَ فِيهِ حَتَّى بَلَغَ سَبْعًا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعَمْ وَمَا بَدَا لَكَ قَالَ أَبُو دَاوُد وَقَدْ اخْتُلِفَ فِي إِسْنَادِهِ وَلَيْسَ هُوَ بِالْقَوِيِّ وَرَوَاهُ ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ وَيَحْيَى بْنُ إِسْحَقَ السَّيْلَحِينِيُّ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَيَّوبَ وَقَدْ اخْتُلِفَ فِي إِسْنَادِهِ
म्हानै बतायो है [यह्या बिन मैन] म्हानै बतायो है ['अमरू बिन अर-रबी' बिन तारिक] म्हानै बतायो है [यह्या बिन अय्यूब] सूं [अब्दुर्रहमान बिन रज़िन] सूं [मुहम्मद बिन यजीद] सूं [अय्यूब बिन काथान] सूं [उबय बिन इमाराह] कह्यो है याह्या बिन अयूसुलु, हेजुल्लाह उण व्यक्ति रै साथै प्रार्थना करता हा। सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दोनूं किबला रै सामै, बां कैयो; हे अल्लाह रा रसूल, कांई मैं दोनूं खूफ पोंछ सकूं? उण जवाब दियो: 'हां'। बो फेरूं पूछ्यो; एक दिन? उण जवाब दियो: 'हां, एक दिन'। बो फेरूं पूछ्यो; दो दिन? उण जवाब दियो: 'हां, दो दिन'। बो फेरूं पूछ्यो; तीन दिन? उण जवाब दियो: 'हां, जियां थै चावो!' अबू दाऊद कह्यो: यो हदीस [इब्नू अबी मरियम अल-मिश्री] [यह्या बिन अय्यूब] सूं [अब्दुर्रहमान बिन रज़िन] सूं [मुहम्मद बिन यजीद बिन अबी जियाद] सूं [उबदह बिन नुसी] सूं [उबै बिन इम्मारह] सूं लिख्यो है, बां इण मांय कैयो; जद तांई सात संख्या रो जिक्र नीं हुयो अर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दियो: 'हां, जियां थै चावो'। अबू दाऊद कह्यो; इण हदीस री सनाद माथै विवाद हुयो है, अर आ हदीस मजबूत कोनी है, अर इणनै [इब्न अबी मरियम] अर [यह्या बिन इशाक अस-सैलाहिनी] [यह्या बिन अय्यूब] सूं भी लिखी है, अर इण हदीस माथै भी विवाद है।
Imam Abu Dawud : 137
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ عَنْ وَكِيعٍ عَنْ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ عَنْ أَبِي قَيْسٍ الْأَوْدِيِّ هُوَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ ثَرْوَانَ عَنْ هُزَيْلِ بْنِ شُرَحْبِيلَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى الْجَوْرَبَيْنِ وَالنَّعْلَيْنِقَالَ أَبُو دَاوُد كَانَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ لَا يُحَدِّثُ بِهَذَا الْحَدِيثِ لِأَنَّ الْمَعْرُوفَ عَنْ الْمُغِيرَةِ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرُوِيَ هَذَا أَيْضًا عَنْ أَبِي مُوسَى الْأَشْعَرِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ مَسَحَ عَلَى الْجَوْرَبَيْنِ وَلَيْسَ بِالْمُتَّصِلِ وَلَا بِالْقَوِيِّ قَالَ أَبُو دَاوُد وَمَسَحَ عَلَى الْجَوْرَبَيْنِ عَلِيُّ بْنُ أَبِي طَالِبٍ وَابْنُ مَسْعُودٍ وَالْبَرَاءُ بْنُ عَازِبٍ وَأَنَسُ بْنُ مَالِكٍ وَأَبُو أُمَامَةَ وَسَهْلُ بْنُ سَعْدٍ وَعَمْرُو بْنُ حُرَيْثٍ وَرُوِيَ ذَلِكَ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ وَابْنِ عَبَّاسٍ
[उथमान बिन अबू स्याबा] सूं [वाकी'] सूं [सुफयान अत्स-त्सौरी] सूं [अबू कैस अल औदी, अर्थात् अब्दुर्रहमान बिन त्सरवान] सूं [हुजैल बिन स्यूराहबिल] सूं [अल-मुघिराह बिन स्युअबा] सूं बतायो है कै रसूलुल्लाह शल्लाहु अलैह अलैह अलैलम री समाप्ति करी गई अर उणरी दो आत्मावां री चोट करी गई। अर सैंडल। अबू दाऊद कह्यो; अब्दुर्रहमान बिन महदी आ हदीस नीं बताई, क्यूंकै मुघिरा सूं जको ठाह हो बो ओ हो कै पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम दो खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै रगड़ दियो'। अबू दाऊद कह्यो; अर यो भी अबू मूसा अल अस्यारी सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं बतायो गयो है कै उण दोनूं मोजां रो ऊपरलो हिस्सो पोंछ दियो। हालांकि, आ हदीस लगातार कोनी है अर ना ही मजबूत है। अबू दाऊद कह्यो; दोनूं मोजां रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछबाळा दोस्त अली बिन अबी तालिब, इब्नू मसूद, अल-बरा` बिन अजीब, अनस बिन मलिक, अबू उमामाह, सहल बिन साद अर अमरू बिन हुरैत्स हा। इणीज भांत, ओ उमर बिन अल-खथब अर इब्न अब्बास सूं सुणीज्यो है।
Imam Abu Dawud : 138
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ وَعَبَّادُ بْنُ مُوسَى قَالَا حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ عَنْ يَعْلَى بْنِ عَطَاءٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ عَبَّادٌ قَالَ أَخْبَرَنِي أَوْسُ بْنُ أَبِي أَوْسٍ الثَّقَفِيُّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى نَعْلَيْهِ وَقَدَمَيْهِ وَقَالَ عَبَّادٌ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَتَى كِظَامَةَ قَوْمٍ يَعْنِي الْمِيضَأَةَ وَلَمْ يَذْكُرْ مُسَدَّدٌ الْمِيضَأَةَ وَالْكِظَامَةَ ثُمَّ اتَّفَقَا فَتَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى نَعْلَيْهِ وَقَدَمَيْهِ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] अर ['अब्बाद बिन मूसा] वे दोनूं कह्यो; म्हानै [हुसैम] [या'ला बिन 'अथा'] सूं [आपरै पिता] सूं बतायो है - अब्बाद कह्यो- म्हानै [अस बिन अबू औस अत्स-त्साकाफी] बतायो है कै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजू करियो अर आपरी दो चप्पलां अर दो पगां नै पोंछ दियो। अब्बाद कह्यो; मैं एक बार रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै एक लोगां रै वजू री जगां माथै जाता देख्यो, पण मुसद्दाद नै वजू री जगां रो जिकर कोनी करियो, फेर दोनूं लफाज माथै सहमत हुया; फेर उज्जो कर लियो अर आपरी दो चप्पलां अर पगां री चोटी पोंछ ली।
Imam Abu Dawud : 139
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّازُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَبِي الزِّنَادِ قَالَ ذَكَرَهُ أَبِي عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِو قَالَ غَيْرُ مُحَمَّدٍ عَلَى ظَهْرِ الْخُفَّيْنِ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अश-शब्बाह अल-बज्जाज] म्हानै बतायो है [अब्दुर्रहमान बिन अबू अज-जिनाद] उण कह्यो; [म्हारा पिताजी] ['उर्वाह बिन अज-जुबैर] सूं [अल-मुघिराह बिन स्यूबाह] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दोनूं खूफ नै पोंछता हा। इण बीच, मुहम्मद रै उल्लेख रै अलावा; बो दोनूं खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै रगड़्यो।
Imam Abu Dawud : 140
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا حَفْصٌ يَعْنِي ابْنَ غِيَاثٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ خَيْرٍ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَلَوْ كَانَ الدِّينُ بِالرَّأْيِ لَكَانَ أَسْفَلُ الْخُفِّ أَوْلَى بِالْمَسْحِ مِنْ أَعْلَاهُ وَقَدْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى ظَاهِرِ خُفَّيْهِحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ عَنْ الْأَعْمَشِ بِإِسْنَادِهِ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ مَا كُنْتُ أَرَى بَاطِنَ الْقَدَمَيْنِ إِلَّا أَحَقَّ بِالْغَسْلِ حَتَّى رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى ظَهْرِ خُفَّيْهِ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ الْأَعْمَشِ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ لَوْ كَانَ الدِّينُ بِالرَّأْيِ لَكَانَ بَاطِنُ الْقَدَمَيْنِ أَحَقَّ بِالْمَسْحِ مِنْ ظَاهِرِهِمَا وَقَدْ مَسَحَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى ظَهْرِ خُفَّيْهِ وَرَوَاهُ وَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ بِإِسْنَادِهِ قَالَ كُنْتُ أَرَى أَنَّ بَاطِنَ الْقَدَمَيْنِ أَحَقُّ بِالْمَسْحِ مِنْ ظَاهِرِهِمَا حَتَّى رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى ظَاهِرِهِمَا قَالَ وَكِيعٌ يَعْنِي الْخُفَّيْنِ وَرَوَاهُ عِيسَى بْنُ يُونُسَ عَنْ الْأَعْمَشِ كَمَا رَوَاهُ وَكِيعٌ وَرَوَاهُ أَبُو السَّوْدَاءِ عَنْ ابْنِ عَبْدِ خَيْرٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ رَأَيْتُ عَلِيًّا تَوَضَّأَ فَغَسَلَ ظَاهِرَ قَدَمَيْهِ وَقَالَ لَوْلَا أَنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَفْعَلُهُ وَسَاقَ الْحَدِيثَ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल-अला] म्हानै बतायो है [हफ्श बिन घियाट्स] सूं [अल अमसी] सूं [अबू इशाक] सूं ['अब्दु खैर] सूं [अली रदलियाअल्लाहु 'अन्हु] उण कह्यो; जे धर्म - इस्लाम - मन माथै आधारित होतो तो जूता रै नीचलै हिस्सै नै ऊपरी हिस्सै सूं बेसी पोंछणो उचित होतो अर साचाणी म्हैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै दोनूं खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछता देख्यो है। म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन रफी'] म्हानै बतायो है [यह्या बिन आदम] बो बोल्यो; आपां नै [यजीद बिन अब्दुल अजीज] नै [अल अमसी] सूं आपरी सस्नाद रै साथै, इण हदीस रै साथै बतायो, उण -अली- कह्यो; म्हैं कदैई नीं सोच्यो हो कै पगां री तलवार धोबा रै वास्तै ज्यादा उपयुक्त है, जद तांई कै म्हैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै आपरै दो खूफ रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछता नीं देख्यो। म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल-अला`] म्हानै [हफ्श बिन घियात्स] नै [अल अमसी] सूं इण हदीस रै साथै बतायो है, उण -अली- कैयो; जे धरम - इस्लाम - मन रै परिणामां माथै आधारित हो तो निस्चै ई पगां रै मांयलै हिस्सै नै ऊपरी हिस्सै सूं बेसी रगड़णो ठीक रैसी। अर साचाणी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दोनूं खुफन्या रै ऊपरी हिस्सै नै पोंछ दियो। अर [वाकी'] द्वारा [अल अमसी] सूं आपरी घरआळी रै साथै बतायो गयो है, वो -अली- कह्यो; म्हैं एक बार सोच्यो हो कै पगां रै तळवा रै नीचलै हिस्सै नै ऊपरी हिस्सै सूं बेसी रगड़णो उचित है, जद तांई कै म्हैं देख्यो कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै दोनूं रै बारै - ऊपरी हिस्सै नै रगड़ता देख्या। वाकी कह्यो; इणरो मतलब है एक जोड़ी खूफ। अर [ईसा बिन यूनुस] [अल अ'मसी] सूं वकी' रै द्वारा अर [अबू अस-सौदा] द्वारा [इब्नू अब्दी खैर] सूं [उणरै पिता] सूं वक्त कियो गयो; म्हैं एक बार अली नै वजू लेता देख्यो, बां आपरै पगां रै तळवा री बारै - ऊपरी हिस्सै नै धोयो अर कैयो, जे ओ तथ्य नीं होतो कै म्हैं रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै ओ काम करता देख्यो हो, ... तो बां उण हदीस रो जिक्र करियो।