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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Abu Dawud (الامام ابو داود) - 4590 Hadith

Hadith

Imam Abu Dawud : 101

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ وَأَبُو تَوْبَةَ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ ح و حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ أَخْبَرَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي حَيَّةَ قَالَ رَأَيْتُ عَلِيًّا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ تَوَضَّأَ فَذَكَرَ وُضُوءَهُ كُلَّهُ ثَلَاثًا ثَلَاثًا قَالَ ثُمَّ مَسَحَ رَأْسَهُ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ إِلَى الْكَعْبَيْنِ ثُمَّ قَالَ إِنَّمَا أَحْبَبْتُ أَنْ أُرِيَكُمْ طُهُورَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

म्हानै [मुसद्दाद] अर [अबू तौबा] नै बतायो गयो है कै वै दोनूं कैयो; म्हानै [अबू अल अह्वाश] बतायो है। अर दूजी ओळी रै मुजब; म्हानै बतायो है [अमरू बिन औन] म्हानै बतायो है [अबू अल अहवाह] सूं [अबू इशाक] सूं [अबू हैयाह] उण कह्यो; 'मैं एक बार [अली रदलियाल्लाहु 'अन्हू] नै वजू लेता देख्यो,' फेर बां आपरी वजू री सगळी हरकतां रो जिक्र तीन बार तीन बार करियो, फेर अबू हय्याह; फेर बो आपरो माथो पोंछ्यो, फेर आपरा पगां नै टखनां तांई धोयो, फेर बोल्यो; 'असल में, मैं थानै बस इत्तो दिखाणो चावूं कै पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम' नै कियां शुद्ध करियो जावै।

Hadith

Imam Abu Dawud : 102

حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ يَحْيَى الْحَرَّانِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ يَعْنِي ابْنَ سَلَمَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ طَلْحَةَ بْنِ يَزِيدَ بْنِ رُكَانَةَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ الْخَوْلَانِيُّ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَدَخَلَ عَلَيَّ عَلِيٌّ يَعْنِي ابْنَ أَبِي طَالِبٍ وَقَدْ أَهْرَاقَ الْمَاءَ فَدَعَا بِوَضُوءٍ فَأَتَيْنَاهُ بِتَوْرٍ فِيهِ مَاءٌ حَتَّى وَضَعْنَاهُ بَيْنَ يَدَيْهِ فَقَالَ يَا ابْنَ عَبَّاسٍ أَلَا أُرِيكَ كَيْفَ كَانَ يَتَوَضَّأُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قُلْتُ بَلَى قَالَ فَأَصْغَى الْإِنَاءَ عَلَى يَدِهِ فَغَسَلَهَا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى فَأَفْرَغَ بِهَا عَلَى الْأُخْرَى ثُمَّ غَسَلَ كَفَّيْهِ ثُمَّ تَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَيْهِ فِي الْإِنَاءِ جَمِيعًا فَأَخَذَ بِهِمَا حَفْنَةً مِنْ مَاءٍ فَضَرَبَ بِهَا عَلَى وَجْهِهِ ثُمَّ أَلْقَمَ إِبْهَامَيْهِ مَا أَقْبَلَ مِنْ أُذُنَيْهِ ثُمَّ الثَّانِيَةَ ثُمَّ الثَّالِثَةَ مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ أَخَذَ بِكَفِّهِ الْيُمْنَى قَبْضَةً مِنْ مَاءٍ فَصَبَّهَا عَلَى نَاصِيَتِهِ فَتَرَكَهَا تَسْتَنُّ عَلَى وَجْهِهِ ثُمَّ غَسَلَ ذِرَاعَيْهِ إِلَى الْمِرْفَقَيْنِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا ثُمَّ مَسَحَ رَأْسَهُ وَظُهُورَ أُذُنَيْهِ ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَيْهِ جَمِيعًا فَأَخَذَ حَفْنَةً مِنْ مَاءٍ فَضَرَبَ بِهَا عَلَى رِجْلِهِ وَفِيهَا النَّعْلُ فَفَتَلَهَا بِهَا ثُمَّ الْأُخْرَى مِثْلَ ذَلِكَ قَالَ قُلْتُ وَفِي النَّعْلَيْنِ قَالَ وَفِي النَّعْلَيْنِ قَالَ قُلْتُ وَفِي النَّعْلَيْنِ قَالَ وَفِي النَّعْلَيْنِ قَالَ قُلْتُ وَفِي النَّعْلَيْنِ قَالَ وَفِي النَّعْلَيْنِقَالَ أَبُو دَاوُد وَحَدِيثُ ابْنِ جُرَيْجٍ عَنْ شَيْبَةَ يُشْبِهُ حَدِيثَ عَلِيٍّ لِأَنَّهُ قَالَ فِيهِ حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ جُرَيْجٍ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ مَرَّةً وَاحِدَةً وَقَالَ ابْنُ وَهْبٍ فِيهِ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ ثَلَاثًا

म्हानै बतायो है [अब्दुल अजीज बिन याह्या अल हररानी] म्हानै बतायो है [मुहम्मद, यानी इब्न सलामा] नै [मुहम्मद बिन इशाक] सूं [मुहम्मद बिन थलहा बिन यजीद बिन रुकाना] सूं [उबैदुल्लाह अल-खौलानी] सूं [इब्न अब्बास] बतायो है; [अली बिन अबी तालिब] एक बार म्हारै सूं मिलिया, फेर बां वजू रो पाणी मांग्यो, तो म्हे बां रै वास्तै पाणी सूं भर्योड़ो एक बर्तन ल्याया जद तांई कै म्हे बां नै बां रै साम्हीं नीं राख दियो, फेर बां कैयो; हे इब्न अब्बास, कांई मैं थानै दिखाऊं कै रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम वजू कियां करियो? म्हैं जवाब दियो; जरूर। वो केवे है; बो आपरै हाथ मांय बर्तन घाल्यो, फेर धोयो, फेर आपरो दांयो हाथ घाल्यो, फेर दूजै हाथ मांय उण सूं पाणी घाल्यो, पछै आपरी दो हथेलियां धोई, पछै आपरो मुंडो कुल्ला करियो अर -बेरिस्टिंसक अर- बेरिस्टिंटसर, पछै दोनूं हाथ मांय घाल्या, पछै दोनूं हथेलियां जितो भर्योड़ो पाणी लीनो, पछै आपरै चेहरै माथै छिड़काव करियो, पछै आपरै दो अंगूठां माथै -रगड़्यो- कानां माथै, फेर बो तीजो कान करियो अर तीजो काम करियो। इणी भांत, पछै आपरै दांई हाथ री हथेली सूं एक मुट्ठी पाणी ली, फेर उणनै आपरै सिर रै ऊपर सूं ढाळ दियो अर आपरै चेहरै माथै बहण दियो, पछै आपरी दो बांह नै कोहनी तांई तीन बार तीन बार धोयो, पछै आपरै सिर नै अर आपरै दो कानां रै बारै नै रगड़्यो अर पछै आपरी दो आंगळियां उण मांय घाल दी, पछै दोनूं हथेलियां जित्तो पाणी लीनो अर उणरै पगां माथै चप्पल ढाळ दियो, जिणनै म्हे उण बगत मोड़ दियो, जिणनै म्हे उण बगत मोड़ दियो। बांनै अर दूजै पगां माथै भी। वो - अब्दुल्ला अल-खौलानी - कह्यो; मैं इब्न अब्बास सूं पूछ्यो; कांई दोनूं पगां माथै अजै ई चप्पल है? उण -इब्न अब्बास- जवाब दियो; हां, दोनूं पगां माथै अजै ई चप्पल है। वो - अब्दुल्ला अल-खौलानी - कह्यो; मैं इब्न अब्बास सूं पूछ्यो; कांई दोनूं पगां माथै अजै ई चप्पल है? उण -इब्न अब्बास- जवाब दियो; हां, दोनूं पगां माथै अजै ई चप्पल है। वो - अब्दुल्ला अल-खौलानी - कह्यो; मैं इब्न अब्बास सूं पूछ्यो; कांई दोनूं पगां माथै अजै ई चप्पल है? उण -इब्न अब्बास- जवाब दियो; हां, दोनूं पगां माथै अजै ई चप्पल है। अबू दाऊद कह्यो; स्याबा सूं इब्न जुरैज री हदीस अली री हदीस सूं मिलती जुलती है, क्यूंकै हज्जाज बिन मुहम्मद बिन जुरैर उणनै बतायो हो; अर बो आपरो माथो एक बार रगड़्यो। इण बीच, इब्नू वाहब उणनै इब्न जुरैर सूं कह्यो; अर बो आपरो माथो तीन बार रगड़्यो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 103

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى الْمَازِنِيِّ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ قَالَ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَاصِمٍ وَهُوَ جَدُّ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى الْمَازِنِيِّهَلْ تَسْتَطِيعُ أَنْ تُرِيَنِي كَيْفَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ زَيْدٍ نَعَمْ فَدَعَا بِوَضُوءٍ فَأَفْرَغَ عَلَى يَدَيْهِ فَغَسَلَ يَدَيْهِ ثُمَّ تَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ يَدَيْهِ مَرَّتَيْنِ مَرَّتَيْنِ إِلَى الْمِرْفَقَيْنِ ثُمَّ مَسَحَ رَأْسَهُ بِيَدَيْهِ فَأَقْبَلَ بِهِمَا وَأَدْبَرَ بَدَأَ بِمُقَدَّمِ رَأْسِهِ ثُمَّ ذَهَبَ بِهِمَا إِلَى قَفَاهُ ثُمَّ رَدَّهُمَا حَتَّى رَجَعَ إِلَى الْمَكَانِ الَّذِي بَدَأَ مِنْهُ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا خَالِدٌ عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى الْمَازِنِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدِ بْنِ عَاصِمٍ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ مِنْ كَفٍّ وَاحِدَةٍ يَفْعَلُ ذَلِكَ ثَلَاثًا ثُمَّ ذَكَرَ نَحْوَهُ

म्हानै [अब्दुल्ला बिन मसलमा] [मलिक] सूं [अमरू बिन यह्या अल-मजिनी] सूं [उणरै पिता] सूं बतायो है कै उण [अब्दुल्ला बिन जैद बिन 'अशिम] नै कैयो हो कै वो अमरू बिन यह्या अल-मजीनी रो दादा हो; कांई थै म्हनै बता सको हो कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कियां वजू करता हा? तो अब्दुल्ला बिन जैद जवाब दियो; हां। फेर वुजूद रो पाणी ल्याबा रो कैयो, फेर दोनूं हाथां माथै ढाळ दियो, हाथ धोया, फेर तीन बार मुंह धोया अर - बेरसितिस्याक अर - बेरिस्टिंत्सर तीन बार, फेर तीन बार मुँह धोया, फेर दो बार दो बार कोहनी तक हाथ धोया, फेर दोनूं हाथां सूं सिर रगड़्या; बो दोनूं नै आगै-पाछै रगड़तो रैयो, बो आपरै सिर रै आगै सूं सरू करियो अर पछै दोनूं नै आपरी गर्दन रै नाक तांई रगड़तो रैयो, पछै बां दोनूं नै पाछो कर दियो जद तांई बो उण जगै माथै नीं पूगग्यो जठै बो सरू करियो हो, पछै आपरा दोनूं पगां नै धोया। म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [खालिद] नै [अमरू बिन याह्या अल-मजीनी] सूं [उणरै पिता] सूं [अब्दुल्ला बिन जैद बिन 'अशिम] नै इण हदीस रै साथै बतायो है, उण बतायो; फेर बां आपरो मुंह धोयो अर एक हथेली सूं बेरिस्टिंसक -अर बेरिस्टिंटसर- करियो, बां तीन बार करियो, फेर बां ऊपर री तरै लाफाज बोल्यो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 104

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ أَنَّ حَبَّانَ بْنَ وَاسِعٍ حَدَّثَهُ أَنَّ أَبَاهُ حَدَّثَهُ أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ زَيْدِ بْنِ عَاصِمٍ الْمَازِنِيَّ يَذْكُرُأَنَّهُ رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ وُضُوءَهُ وَقَالَ وَمَسَحَ رَأْسَهُ بِمَاءٍ غَيْرِ فَضْلِ يَدَيْهِ وَغَسَلَ رِجْلَيْهِ حَتَّى أَنْقَاهُمَا

म्हानै बतायो है [अहमद बिन अमरू बिन अस-सर्ज] म्हानै [इब्नू वाहब] नै [अमरू बिन अल हरिथ] सूं बतायो है कै [हब्बान बिन वासी] उणनै बतायो हो कै [उणरै पिता] उणनै बतायो हो कै उणनै [अब्दुल्लाह बिन जैद बिन 'अशिम अल-मजीनी] नै सुण्यो हो कै उणनै रल्लुल्लाह री समारोह मिली ही। अलैहि वसल्लम, फेर उण आपरी वजू रो जिक्र करियो अर उण मांय कैयो; अर बो आपरा माथा नै उण पाणी सूं पोंछ्यो जको बां रै हाथां सूं नीं बच्यो हो अर आपरा पगां नै धोया जद तांई कै बै साफ नीं हुयग्या।

Hadith

Imam Abu Dawud : 105

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ حَنْبَلٍ حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا حَرِيزٌ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَيْسَرَةَ الْحَضْرَمِيُّ سَمِعْتُ الْمِقْدَامَ بْنَ مَعْدِي كَرِبَ الْكِنْدِيَّ قَالَ أُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِوَضُوءٍ فَتَوَضَّأَ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ تَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ ثَلَاثًا وَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ ذِرَاعَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا ثُمَّ مَسَحَ بِرَأْسِهِ وَأُذُنَيْهِ ظَاهِرِهِمَا وَبَاطِنِهِمَا

म्हानै बतायो है [अहमद बिन मुहम्मद बिन हनबल] म्हानै बतायो है [अबू अल-मुघिराह] म्हानै बतायो है [हरिज़] म्हानै बतायो है [अब्दुर्रहमान बिन मैसरह अल हदरामी] म्हैं [अल-मिकदाम बिन म'दी करीब अल-किंदी] नै कैता सुण्यो है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै वजू रो पाणी ल्यायो गयो, फेर वजू करियो, हाथां री हथेलियां नै तीन बार धोयो, फेर मुंह नै कुल्ला करियो अर तीन बार इस्तिंस्याक करियो, फेर तीन बार मुंडो धोयो, फेर तीन बार बांह धोई, फेर सिर अर दोनूं कान पोंछ्या; बारै अर मांय।

Hadith

Imam Abu Dawud : 106

حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ وَيَعْقُوبُ بْنُ كَعْبٍ الْأَنْطَاكِيُّ لَفْظُهُ قَالَا حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ عَنْ حَرِيزِ بْنِ عُثْمَانَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَيْسَرَةَ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ مَعْدِي كَرِبَ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَلَمَّا بَلَغَ مَسْحَ رَأْسِهِ وَضَعَ كَفَّيْهِ عَلَى مُقَدَّمِ رَأْسِهِ فَأَمَرَّهُمَا حَتَّى بَلَغَ الْقَفَا ثُمَّ رَدَّهُمَا إِلَى الْمَكَانِ الَّذِي بَدَأَ مِنْهُقَالَ مَحْمُودٌ قَالَ أَخْبَرَنِي حَرِيزٌ حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ وَهِشَامُ بْنُ خَالِدٍ الْمَعْنَى قَالَا حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ قَالَ وَمَسَحَ بِأُذُنَيْهِ ظَاهِرِهِمَا وَبَاطِنِهِمَا زَادَ هِشَامٌ وَأَدْخَلَ أَصَابِعَهُ فِي صِمَاخِ أُذُنَيْهِ

म्हानै [महमूद बिन खालिद] अर [याकूब बिन काअब अल अंथाकी] नै लफाज बतायो है: उण कैयो; म्हानै [अल-वलिद बिन मुस्लिम] नै [हरिज़ बिन उथमान] सूं [अब्दुर्रहमान बिन मैसरह] सूं [अल-मिकदाम बिन म'दी करीब] सूं बतायो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै वजू करता देख्यो, जद बात आपरै माथा नै पोंछण री ही, तो बां आपरा हाथां री हथेलियां नै आपरै सिर रै आगै राख्या, फेर बां दोनूं नै आपरै गळै रै नाक तांई चलाया, फेर बां नै उण जगै पाछो कर दियो जठै बां रो उपयोग शुरू करियो हो। [महमूद] कह्यो; म्हानै [हरिज़] बतायो है। म्हानै [महमूद बिन खालिद] अर [हिस्याम बिन खालिद] नै एक ई अरथ रै साथै बतायो है। वे दोनूं बोल्या; [अल-वालिद] इण सनाद सूं म्हानै बतायो है, बां कैयो; बो आपरा दो कानां नै रगड़्यो; बारै अर मांय। हिशम जोड़्यो; अर दोनूं कानां रै छेदां मांय आपरी आंगळियां घाली।

Hadith

Imam Abu Dawud : 107

حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ الْفَضْلِ الْحَرَّانِيُّ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَزْهَرِ الْمُغِيرَةُ بْنُ فَرْوَةَ وَيَزِيدُ بْنُ أَبِي مَالِكٍأَنَّ مُعَاوِيَةَ تَوَضَّأَ لِلنَّاسِ كَمَا رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ فَلَمَّا بَلَغَ رَأْسَهُ غَرَفَ غَرْفَةً مِنْ مَاءٍ فَتَلَقَّاهَا بِشِمَالِهِ حَتَّى وَضَعَهَا عَلَى وَسَطِ رَأْسِهِ حَتَّى قَطَرَ الْمَاءُ أَوْ كَادَ يَقْطُرُ ثُمَّ مَسَحَ مِنْ مُقَدَّمِهِ إِلَى مُؤَخَّرِهِ وَمِنْ مُؤَخَّرِهِ إِلَى مُقَدَّمِهِحَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ قَالَ فَتَوَضَّأَ ثَلَاثًا ثَلَاثًا وَغَسَلَ رِجْلَيْهِ بِغَيْرِ عَدَدٍ

म्हानै बतायो है [मुअम्मल बिन अल-फदल अल हररानी] म्हानै बतायो है [अल-वलिद बिन मुस्लिम] म्हानै बतायो है [अब्दुल्लाह बिन अल-अला] म्हानै [अबू अल अजहर अल-मुघिराह बिन फरवाह] अर [यजीद बिन अबू मलिक] नै बतायो है कै [मुआविया] एक बार लोगां रै साम्हीं वजूद करियो हो। वसल्लम वजू लेवेला। जद बो आपरो माथो पोंछण री बात माथै पूगग्यो, तो बो एक चम्मच पाणी ले लियो, फेर बांया हाथ सूं लेयग्यो अर आपरै माथा रै बिचाळै छिड़क दियो, जद तांई कै पाणी नीं निकळग्यो या लगैटगै निकळग्यो। फेर बो आपरो माथो आगै सूं पाछै तांई अर पाछै सूं आगै तांई रगड़्यो। म्हानै बतार [महमूद बिन खालिद] म्हानै [अल-वालिद] नै इण सनाद रै साथै बतायो है, बां कैयो; उण तीन बार- तीन बार वजू लिया अर बिना गिणती रै आपरा पग धोया।

Hadith

Imam Abu Dawud : 108

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ عَنْ الرُّبَيِّعِ بِنْتِ مُعَوِّذٍ ابْنِ عَفْرَاءَ قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَأْتِينَا فَحَدَّثَتْنَا أَنَّهُ قَالَ اسْكُبِي لِي وَضُوءًا فَذَكَرَتْ وُضُوءَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ فِيهِ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثَلَاثًا وَوَضَّأَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا وَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ مَرَّةً وَوَضَّأَ يَدَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ مَرَّتَيْنِ بِمُؤَخَّرِ رَأْسِهِ ثُمَّ بِمُقَدَّمِهِ وَبِأُذُنَيْهِ كِلْتَيْهِمَا ظُهُورِهِمَا وَبُطُونِهِمَا وَوَضَّأَ رِجْلَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا قَالَ أَبُو دَاوُد وَهَذَا مَعْنَى حَدِيثِ مُسَدَّدٍ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ ابْنِ عَقِيلٍ بِهَذَا الْحَدِيثِ يُغَيِّرُ بَعْضَ مَعَانِي بِشْرٍ قَالَ فِيهِ وَتَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثَلَاثًا

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [बिसिर बिन अल-मुफद्दलाल] म्हानै बतायो है [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन 'अकील] नै [अर-रूबैयी' बिंत मुअवविद्ज बिन 'अफरा`] सूं बतायो है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार म्हारै कनै आया, फेर बां म्हानै बतायो कै बां कैयो- 'म्हारै वास्तै वजू रो पाणी डाळो'। फेर उणनै -अर-रुबैय'- नै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रो वजू याद आयो, उणसूं कह्यो; बां आपरा हाथां री हथेलियां नै तीन बार धोया, तीन बार आपरो मुंडौ धोयो, आपरो मुंह धोयो, एक बार प्रार्थना करी, आपरा दो हाथ तीन बार धोया, दो बार आपरो माथो रगड़्यो, आपरै सिर रै सिरै माथै, पछै आपरै आगै अर आपरै दो कानां माथै; बारै अर मांय, फेर बांका दो पगां नै तीन बार तीन बार धोवो। अबू दाऊद कह्यो; ओ हदीस रो अरथ है [मुसाददाद] जिणनै [इशाक बिन इस्माइल] म्हानै [इब्न अकील] सूं बतायो है [सुफियान] इण हदीस रै साथै, फगत उण बिसिर हदीस रो कीं अरथ बदळ दियो, उण उणनै बतायो; उण आपरो मुंह धोयो अर आपरी पैली सांस तीन बार ली।

Hadith

Imam Abu Dawud : 109

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ وَيَزِيدُ بْنُ خَالِدٍ الْهَمْدَانِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ عَنْ الرُّبَيِّعِ بِنْتِ مُعَوِّذٍ ابْنِ عَفْرَاءَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ عِنْدَهَا فَمَسَحَ الرَّأْسَ كُلَّهُ مِنْ قَرْنِ الشَّعْرِ كُلِّ نَاحِيَةٍ لِمُنْصَبِّ الشَّعْرِ لَا يُحَرِّكُ الشَّعْرَ عَنْ هَيْئَتِهِ

म्हे [कुतैबा बिन सईद] अर [यजीद बिन खालिद अल हमदानी] नै बतायो है कै वे दोनूं कैयो; म्हानैं [अल-लैट्स] सूं [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अकिल] सूं [अर-रुबैयी' बिन मुअवविद् बिन अफरा`] सूं बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार उणरै कनै वजूद करता हा, अर उणरै सिर री नोक माथै, उणरै सिर री नोक सूं। हरेक कानी बां रै बाळां रै नीचै तांई, बां रै बाळां नै आपरी मूळ स्थिति सूं हटवायां बिना।

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Imam Abu Dawud : 110

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا بَكْرٌ يَعْنِي ابْنَ مُضَرَ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ أَنَّ رُبَيِّعَ بِنْتَ مُعَوِّذٍ ابْنِ عَفْرَاءَ أَخْبَرَتْهُ قَالَتْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ قَالَتْ فَمَسَحَ رَأْسَهُ وَمَسَحَ مَا أَقْبَلَ مِنْهُ وَمَا أَدْبَرَ وَصُدْغَيْهِ وَأُذُنَيْهِ مَرَّةً وَاحِدَةً

म्हानै बतायो है [कुतैबा बिन सईद] म्हानै [बकर इब्न मुदलर] सूं [इब्न अजलान] सूं [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अकिल] सूं बतायो है कै [रूबैयी बिंत मुअवविद् बिन अफरा] उणनै सूचित कर दियो है, उण कैयो; मैं एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै वजू लेता देख्यो, बां कैयो; बो आपरो माथो रगड़्यो, आगै, पाछै, दोनूं मंदिरां अर दोनूं कानां नै एक बार रगड़्यो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 111

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ دَاوُدَ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ سَعِيدٍ عَنْ ابْنِ عَقِيلٍ عَنْ الرُّبَيِّعِ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ بِرَأْسِهِ مِنْ فَضْلِ مَاءٍ كَانَ فِي يَدِهِ

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [अब्दुल्लाह बिन दाऊद] सूं [सुफियान बिन सईद] सूं [इब्न 'अकिल] सूं [अर-रुबैयी'] सूं बतायो है कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम आपरै हाथां मांय बच्योड़ा पाणी सूं आपरो माथो पोंछ लियो।

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Imam Abu Dawud : 112

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ عَنْ الرُّبَيِّعِ بِنْتِ مُعَوِّذٍ ابْنِ عَفْرَاءَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَأَدْخَلَ إِصْبَعَيْهِ فِي حُجْرَيْ أُذُنَيْهِ

आपां नै बतायो है [इब्राहिम बिन सईद] आपां नै बतायो है [वाकी] आपां नै [अल हसन बिन सालिह] सूं [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन 'अकील] सूं [अर-रूबैयी' बिन मुअवविद्ज बिन 'अफरा`] सूं बतायो है कै जद पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपरी दोई आंगळियां रै मांय छेद करियो, तो कान।

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Imam Abu Dawud : 113

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى وَمُسَدَّدٌ قَالَا حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ عَنْ لَيْثٍ عَنْ طَلْحَةَ بْنِ مُصَرِّفٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ رَأْسَهُ مَرَّةً وَاحِدَةً حَتَّى بَلَغَ الْقَذَالَ وَهُوَ أَوَّلُ الْقَفَا وَقَالَ مُسَدَّدٌ مَسَحَ رَأْسَهُ مِنْ مُقَدَّمِهِ إِلَى مُؤَخَّرِهِ حَتَّى أَخْرَجَ يَدَيْهِ مِنْ تَحْتِ أُذُنَيْهِ قَالَ مُسَدَّدٌ فَحَدَّثْتُ بِهِ يَحْيَى فَأَنْكَرَهُ قَالَ أَبُو دَاوُد و سَمِعْت أَحْمَدَ يَقُولُ إِنَّ ابْنَ عُيَيْنَةَ زَعَمُوا أَنَّهُ كَانَ يُنْكِرُهُ وَيَقُولُ إِيشْ هَذَا طَلْحَةُ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ

म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन ईसा] अर [मुसद्दाद] वे दोनूं कह्यो; म्हानै [अब्दुल वारित्स] नै [लैट्स] सूं [थल्हाह बिन मुशर्रीफ] सूं [उणरै पिता] सूं [उणरै दादा] सूं बतायो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै एक बार आपरो माथो रगड़ता देख्यो जद तांई कै वो आपरी गर्दन रै नाक तांई नीं पूगग्यो। अर मुसद्दाद बोल्यो; वो आपरो माथो आगै सूं पाछै तांई रगड़तो रैयो जद तांई कै वो आपरा कानां रै तळै सूं आपरा हाथ नीं काढ लिया। मुसद्दाद कह्यो; फेर मैं यो हदीस याह्या नै बताई, तो वो इणनै नकार दियो। अबू दाऊद कह्यो; अर म्हैं अहमद नै कैता सुण्यो कै इब्न उयैना नै केई लोगां दावो करियो कै बो इण बात नै नकार दियो अर कैयो; कांई, यो तल्हा है बां रै पिता सूं बां रै दादा सूं।

Hadith

Imam Abu Dawud : 114

حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا عَبَّادُ بْنُ مَنْصُورٍ عَنْ عِكْرِمَةَ بْنِ خَالِدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ كُلَّهُ ثَلَاثًا ثَلَاثًا قَالَ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ وَأُذُنَيْهِ مَسْحَةً وَاحِدَةً

म्हानै बतायो गयो है [अल हसन बिन अली] म्हानै बतायो है [यजीद बिन हारून] म्हानै बतायो है ['अब्बाद बिन मंसूर] [इकरीमा बिन खालिद] सूं [सईद बिन जुबैर] सूं [इब्न अब्बास] कै उण एक बार अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै वजू करता देख्यो हो, तीन बार हल्लाम करियो। उण बतायो; अर बो आपरो माथो अर दोनूं कानां नै एक बार रगड़्यो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 115

حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ ح و حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ وَقُتَيْبَةُ عَنْ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ سِنَانِ بْنِ رَبِيعَةَ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ أَبِي أُمَامَةَ وَذَكَرَ وُضُوءَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ الْمَأْقَيْنِ قَالَ وَقَالَ الْأُذُنَانِ مِنْ الرَّأْسِ قَالَ سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ يَقُولُهَا أَبُو أُمَامَةَ قَالَ قُتَيْبَةُ قَالَ حَمَّادٌ لَا أَدْرِي هُوَ مِنْ قَوْلِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوْ مِنْ أَبِي أُمَامَةَ يَعْنِي قِصَّةَ الْأُذُنَيْنِ قَالَ قُتَيْبَةُ عَنْ سِنَانٍ أَبِي رَبِيعَةَ قَالَ أَبُو دَاوُد وَهُوَ ابْنُ رَبِيعَةَ كُنْيَتُهُ أَبُو رَبِيعَةَ

म्हानै बतायो है [सुलेमान बिन हरब] म्हानै [हम्मद] अल हदीस बतायो है। अर [मुसद्दाद] अर [कुतैबा] सूं [हम्मद बिन जैद] सूं [सिनान बिन रबिया] सूं [स्याहर बिन हौस्यब] सूं [अबू उमामा] सूं संबंधित करियां पछै, उण पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै वजू रो जिकर करियो अर कैयो; रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपरी आंख्यां रै नीचै रगड़्यो, बो बोल्यो; अर बो बोल्यो: 'दो कान सिर रो हिस्सो है'। सुलेमान बिन हरब कह्यो कै ये शब्द अबू उमामा बोल्या हा। कुतैबा कह्यो; हम्माद बोल्यो; मन्नै ठा कोनी कै आ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री बात है या अबू उमामा री बात है, यानी दो कानां रै बारै में। कुतैबा ने सिनान अबू रबिया सूं कह्यो। अबू दाऊद कह्यो; वो इब्न रबिया है जिणरी कुनिया अबू रबिया है।

Hadith

Imam Abu Dawud : 116

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ مُوسَى بْنِ أَبِي عَائِشَةَ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِأَنَّ رَجُلًا أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ الطُّهُورُ فَدَعَا بِمَاءٍ فِي إِنَاءٍ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ ذِرَاعَيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ مَسَحَ بِرَأْسِهِ فَأَدْخَلَ إِصْبَعَيْهِ السَّبَّاحَتَيْنِ فِي أُذُنَيْهِ وَمَسَحَ بِإِبْهَامَيْهِ عَلَى ظَاهِرِ أُذُنَيْهِ وَبِالسَّبَّاحَتَيْنِ بَاطِنَ أُذُنَيْهِ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ هَكَذَا الْوُضُوءُ فَمَنْ زَادَ عَلَى هَذَا أَوْ نَقَصَ فَقَدْ أَسَاءَ وَظَلَمَ أَوْ ظَلَمَ وَأَسَاءَ

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [अबू अवाना] नै [मूसा बिन अबू ऐसिया] सूं ['अमरू बिन स्यूअैब] अर [उणरै पिता नै] [उणरै दादा] सूं बतायो है कै एक आदमी हो जिको अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै आयो अर कह्यो; 'हे अल्लाह रा रसूल, थै खुद नै कियां शुद्ध करो हो? तो उण बर्तन मांय पाणी लावण रो हुकम दियो, पछै तीन बार हाथां री हथेलियां धोई, फेर तीन बार आपरो मुंडो धोयो, फेर तीन बार बांह धोई, फेर आपरो माथो पोंछ्यो अर आपरी दो तर्जनी आंगळियां आपरै दो कानां मांय घाली, अर आपरै दो अंगूठां सूं कानां रै बारै अर कानां रै मांयला नै आपरै दो पगां सूं रगड़्यो, पछै तीन बार अर आपरा पग धोया। कह्यो: 'इण भांत वजू करणो है, जिको कोई भी इण सूचना सूं घटाव करै है, तो बो बुराई अर अन्याय या अन्याय अर बुराई कर चुक्यो है'।

Hadith

Imam Abu Dawud : 117

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا زَيْدٌ يَعْنِي ابْنَ الْحُبَابِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ ثَوْبَانَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْفَضْلِ الْهَاشِمِيُّ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ مَرَّتَيْنِ مَرَّتَيْنِ

म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल-'अला`] म्हानै बतायो है [जैद बिन अल-हुबाब] म्हानै बतायो है [अब्दुर्रहमान बिन त्सौबन] म्हानै [अब्दुल्लाह बिन अल-फदल्ल अल-हसीमी] [अल-अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं बतायो है कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैह दो बार अस्वीकार करियो गयो हो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 118

حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ سَعْدٍ حَدَّثَنَا زَيْدٌ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ قَالَ قَالَ لَنَا ابْنُ عَبَّاسٍأَتُحِبُّونَ أَنْ أُرِيَكُمْ كَيْفَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ فَدَعَا بِإِنَاءٍ فِيهِ مَاءٌ فَاغْتَرَفَ غَرْفَةً بِيَدِهِ الْيُمْنَى فَتَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ ثُمَّ أَخَذَ أُخْرَى فَجَمَعَ بِهَا يَدَيْهِ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثُمَّ أَخَذَ أُخْرَى فَغَسَلَ بِهَا يَدَهُ الْيُمْنَى ثُمَّ أَخَذَ أُخْرَى فَغَسَلَ بِهَا يَدَهُ الْيُسْرَى ثُمَّ قَبَضَ قَبْضَةً مِنْ الْمَاءِ ثُمَّ نَفَضَ يَدَهُ ثُمَّ مَسَحَ بِهَا رَأْسَهُ وَأُذُنَيْهِ ثُمَّ قَبَضَ قَبْضَةً أُخْرَى مِنْ الْمَاءِ فَرَشَّ عَلَى رِجْلِهِ الْيُمْنَى وَفِيهَا النَّعْلُ ثُمَّ مَسَحَهَا بِيَدَيْهِ يَدٍ فَوْقَ الْقَدَمِ وَيَدٍ تَحْتَ النَّعْلِ ثُمَّ صَنَعَ بِالْيُسْرَى مِثْلَ ذَلِكَ

म्हानै बतायो है [उथमान बिन अबू स्याबा] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन बिसिर] म्हानै बतायो है [हिस्याम बिन सद] म्हानै बतायो है [जैद] नै ['अथा` बिन यासर] सूं बो बोल्यो; [इब्न अब्बास] एक बार म्हानै कैयो हो; कांई मैं थानै दिखाऊं कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कियां वजू करता हा? उण पाणी सूं भर्योड़ो एक बर्तन लावण सारू कैयो, पछै उणनै आपरै दांई हाथ सूं एक बार उठायो, पछै आपरो मुंडो धोयो अर प्रार्थना करी, पछै उणनै पाछो ले लियो, पछै दोनूं हाथां नै एक कटोरै मांय जोड़ दियो, पछै आपरो मुंडो पोंछ लियो। इणरै बाद बो एक और स्कूप लीनो, फेर उणसूं आपरो दांयो हाथ धोयो, फेर बो फेरूं ले लियो, फेर बांयो हाथ धोयो। इणरै बाद उण एक मुट्ठी पाणी ली, फेर हाथ हिलाया, फेर सिर अर कानां माथै रगड़ दियो। इणरै बाद, उणनै एक और मुट्ठी ली, फेर उणनै आपरै दांया पगां माथै छिड़क दियो, जको चप्पल रै मांय हो, फेर दोनूं हाथां सूं रगड़ दियो, एक हाथ आपरै पगां माथै अर दूजो हाथ आपरै चप्पल रै तळै। फेर बां आपरै बांया पग रै साथै भी ओ ई करियो।

Hadith

Imam Abu Dawud : 119

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ حَدَّثَنِي زَيْدُ بْنُ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَأَلَا أُخْبِرُكُمْ بِوُضُوءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَوَضَّأَ مَرَّةً مَرَّةً

म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [यह्या] सूं [सुफ्यान] म्हानै बतायो है [जैद बिन असलम] सूं ['अथा` बिन यासर] सूं [इब्न अब्बास] उण कैयो; कांई मैं थानै रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै वजू रै बारै में बताऊं? फेर एक बार वजू कर लिया।

Hadith

Imam Abu Dawud : 120

حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ قَالَ سَمِعْتُ لَيْثًا يَذْكُرُ عَنْ طَلْحَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ قَالَدَخَلْتُ يَعْنِي عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَتَوَضَّأُ وَالْمَاءُ يَسِيلُ مِنْ وَجْهِهِ وَلِحْيَتِهِ عَلَى صَدْرِهِ فَرَأَيْتُهُ يَفْصِلُ بَيْنَ الْمَضْمَضَةِ وَالِاسْتِنْشَاقِ

म्हानै बतायो है [हुमैद बिन मसदह] म्हानै बतायो है [मुतमीर] बो बोल्यो; म्हैं एक बार [लैट्स] नै [थलहा] सूं [उणरै पिता] सूं [उणरै दादा] सूं एक हदीस रो जिक्र करता सुण्यो, बां कैयो; मैं एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं उण बगत मिल्यो जद वै वजू कर रैया हा अर बां रै चेहरै अर दाढ़ी सूं पाणी बां री छाती माथै बह रैयो हो, अर म्हैं बां नै गरारा करण अर इस्तीन करण मांय भेद करता देख्यो।